Category: Madhya Pradesh

  • बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप

    बैतूल में खाद्य विभाग का 'सफाई सर्जिकल स्ट्राइक': गंदगी मिलने पर दुकानें बंद, चौपाटी पर मचा हड़कंप


    बैतूल । आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों और लापरवाह दुकानदारों के खिलाफ बैतूल जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर के खान-पान के प्रमुख ठिकानों, विशेषकर चौपाटी क्षेत्र में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई दुकानों में गंदगी और अस्वच्छता का आलम देखकर अधिकारियों ने सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बंद करा दिया। विभाग की इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी खामियां छिपाते नजर आए।

    जांच दल ने विशेष रूप से चौपाटी पर लगने वाले स्टॉल्स को निशाने पर लिया। इस दौरान चलित खाद्य प्रयोगशाला को भी साथ रखा गया था, जिससे नमूनों की मौके पर ही जांच संभव हो सकी। टीम ने दुकानों से पानीपुरी का पानी, आलू मसाला, पनीर, मंचूरियन, सॉस और विभिन्न प्रकार की चटनियों के नमूने लिए। परीक्षण में कई खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता मानकों से कम पाई गई, वहीं कुछ स्थानों पर इस्तेमाल होने वाले सॉस और चटनी के रंग व गुणवत्ता संदेहास्पद मिली।

    सबसे गंभीर स्थिति स्वच्छता के मोर्चे पर देखी गई। कई दुकानों पर साफ-सफाई के बुनियादी मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। बर्तनों की गंदगी और कचरे के सही निपटान की व्यवस्था न होने के कारण खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद रवा दिया। अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि व्यापार अपनी जगह है लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ समझौता कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    विभाग ने सभी दुकानदारों को अंतिम और सख्त चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि यदि दोबारा जांच के दौरान परिसर में गंदगी पाई गई या खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि हुई तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा बल्कि संबंधित प्रतिष्ठान का खाद्य पंजीयन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। प्रशासन के इस कदम की आम नागरिकों ने सराहना की है क्योंकि बाहर मिलने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।

  • सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी

    सिंगरौली: शिकारियों पर कड़ा प्रहार, डॉग स्क्वाड की मदद से पकड़े गए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेने वाले 4 आरोपी


    सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बेजुबान वन्यजीवों के खिलाफ क्रूरता का एक बड़ा मामला सामने आया है। वन मंडल के गोरबी परिक्षेत्र अंतर्गत सिलफोरी बीट में करंट बिछाकर नीलगाय और लोमड़ी जैसे प्राणियों का शिकार करने वाले चार शातिर आरोपियों को वन विभाग ने गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सबसे अहम भूमिका संजय टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वाड टीम की रही जिसने गंध स्मेल के आधार पर आरोपियों के घर तक पहुंचकर वन अमले का काम आसान कर दिया।

    घटना 16 जनवरी की रात की है जब मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि सिलफोरी बीट के जंगलों में अवैध रूप से वन्य प्राणियों का शिकार किया गया है। सूचना मिलते ही बीट प्रभारी अनिल कुमार साकेत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान घटनास्थल का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। शिकारियों ने बड़ी ही चालाकी से 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर जमीन पर बाइंडिंग वायर बिछा रखा था। इसके लिए जमीन में सब्बल से छेद कर बांस की खूटियां गाड़ी गई थीं। इस जानलेवा जाल की चपेट में आने से एक नीलगाय एक लोमड़ी और एक सियार की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

    आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे लेकिन वन विभाग ने हार नहीं मानी। 17 जनवरी को सीधी से संजय टाइगर रिजर्व की विशेष डॉग स्क्वाड टीम को बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से मिले बाइंडिंग वायर की गंध पकड़ी और सीधे मुख्य आरोपी अमरेश कुमार के घर जा पहुंचा। तलाशी के दौरान घर से 250 ग्राम बाइंडिंग वायर बांस की खूटियां जीआई तार और चौंकाने वाली बात यह कि जंगली सूअर के बाल व हड्डियां भी बरामद हुईं।

    वन परिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक सिंह के निर्देशन में 21 जनवरी को दबिश देकर मुख्य आरोपी अमरेश कुमार और उसके तीन साथियों बिहारी सिंह रामदुलारे सिंह व सिपाहीलाल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपी ग्राम सिलफोरी के ही निवासी हैं। रेंज कार्यालय में बयान दर्ज करने के बाद आरोपियों को वैढ़न न्यायालय में पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय न्यायाधीश विशाल रिछारिया ने आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी और उन्हें जिला जेल पचौर भेजने के आदेश दिए। इस कार्रवाई ने वन्यजीवों के शिकार में लिप्त गिरोहों के बीच कड़ा संदेश भेजा है।

  • दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस

    दमोह में सनसनी: कुएं में उतराती मिली मां और 3 माह के मासूम की लाश, हत्या या आत्महत्या के उलझाव में फंसी पुलिस


    दमोह । मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सरकारी कुएं के भीतर 35 वर्षीय महिला और उसके महज तीन महीने के दुधमुंहे बच्चे की लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के बीच भी गहरे शोक और संदेह का माहौल पैदा कर दिया है। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर एक मां और उसके मासूम बच्चे की जल समाधि के पीछे की असली वजह क्या है।

    घटना तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर एक स्थित एक सरकारी कुएं की है। शुक्रवार की सुबह जब नगर पालिका के सफाई कर्मचारी रोजाना की तरह अपने काम पर निकले और उनकी नजर कुएं के भीतर पड़ी, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुएं के ठहरे हुए पानी में एक महिला और एक छोटे बच्चे का शव उतरा रहा था। शोर मचते ही वहां भारी भीड़ जमा हो गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों शवों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय जयंती केवट और उसके 3 माह के पुत्र दीपांश केवट के रूप में हुई है।

    इस घटना ने कई अनसुलझे सवालों को जन्म दे दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं। पहली नजर में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है जिसमें मानसिक तनाव या पारिवारिक कलह के कारण मां ने आत्मघाती कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस हत्या के एंगल को भी पूरी तरह से खारिज नहीं कर रही है। क्या किसी ने जयंती और उसके मासूम बच्चे को कुएं में धकेला? या फिर यह किसी गहरे षड्यंत्र का हिस्सा है? इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस की टीम सघन जांच कर रही है।

    तेंदूखेड़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतिका के परिजनों और ससुराल पक्ष से भी पूछताछ की जा रही है ताकि जयंती के अंतिम घंटों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके। एक हंसते-खेलते परिवार की इस तरह दुखद समाप्ति ने क्षेत्र में मातम पसरा दिया है वहीं मासूम दीपांश की मौत ने लोगों की आंखों में आंसू ला दिए हैं। फिलहाल पुलिस की तहकीकात जारी है और जल्द ही इस गुत्थी के सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • भोपाल: गोमांस मिला मीट विवाद में शहर सरकार फिर घिरी, युवा कांग्रेस ने मेयर के बोर्ड पर गोमूत्र छिड़का, बर्खास्तगी की मांग तेज

    भोपाल: गोमांस मिला मीट विवाद में शहर सरकार फिर घिरी, युवा कांग्रेस ने मेयर के बोर्ड पर गोमूत्र छिड़का, बर्खास्तगी की मांग तेज



    भोपाल। भोपाल के जिंसी स्थित आधुनिक स्लॉटर हाउस से निकले मीट में गोमांस मिलने के मामले ने एक बार फिर नए रूप में तूल पकड़ लिया है। पहले हिंदूवादी संगठनों के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार को युवा कांग्रेस भी सड़कों पर उतर आई और उन्होंने मेयर मालती राय के बोर्ड पर गोमूत्र छिड़ककर उसे पवित्र करने का दावा किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने जमकर नारेबाजी की और मेयर के इस्तीफे की मांग भी की। इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया।

    युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहित सक्सेना और अंकित दुबे के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इसमें युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता गौरव अवस्थी, पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष निकी चौबे, NSUI जिला उपाध्यक्ष हर्षु सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।

    प्रदर्शनकारियों ने मेयर के बोर्ड को गोमूत्र और गोबर से पवित्र कर दिया और कहा कि यह कार्रवाई शहर की सफाई और धार्मिक भावनाओं के लिए की गई है।

    इधर, नगर निगम में विपक्षी पार्षदों ने भी महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के पार्षद नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के नेतृत्व में पार्षदों ने महापौर मालती राय को बर्खास्त करने की मांग की और कहा कि गोमांस मामले में जिम्मेदारी तय की जाए। पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग मामले में जिम्मेदार हैं, उन्हें बचाया जा रहा है और कम वेतन वाले विनियमित कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।

    पार्षदों का कहना है कि यह पूरा मामला मेयर-इन-काउंसिल (MIC) के सदस्यों की जानकारी और सहमति से हुआ, लेकिन जांच में उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है।

    इसी बीच, पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, प्रवीण सक्सेना, जीत सिंह राजपूत, लक्ष्मण राजपूत, जहीर खान आदि भी मौजूद रहे।

    वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए अब उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी बनाए जाने की तैयारी है। निगम के अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी के आदेश पर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के आयुक्त को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का अनुरोध किया है, ताकि निगम के जिम्मेदारों की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो सके।

    मामला एक महीने से अधिक समय से चल रहा है, लेकिन शांत होने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को हिंदूवादी संगठनों ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव किया और उन्हें “मुल्ला” कहकर संबोधित किया। वहीं, गुरुवार को हिंदू उत्सव समिति ने स्लॉटर हाउस पहुंचकर जांच-पड़ताल की, लेकिन पुलिस ने किसी को अंदर नहीं जाने दिया।

    अब यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव के बीच उच्च स्तरीय जांच की ओर बढ़ रहा है, जिससे जल्द ही असली जिम्मेदारों का खुलासा हो सकता है।

  • उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात

    उज्जैन के तराना में फिर भड़की हिंसा: घरों पर पथराव, बस में आग, 300 पुलिस जवान तैनात



    नई दिल्ली। उज्जैन जिले के तराना कस्बे में गुरुवार शाम शुरू हुआ विवाद शुक्रवार को हिंसक रूप ले गया। सोहेल ठाकुर पर हमले के बाद उपद्रवियों ने कई घरों पर पत्थरबाजी की और एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में भय का माहौल बन गया। पुलिस-प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए पूरे कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया है।

    सोहेल ठाकुर पर हमला, माहौल हुआ तनावपूर्ण
    पुलिस के अनुसार गुरुवार शाम तराना में कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान सोहेल ठाकुर नामक युवक पर प्राणघातक हमला किया गया।

    इस घटना के विरोध में शुक्रवार को तनाव बढ़ा और कुछ शरारती तत्वों ने उग्र होकर हिंसा की।

    घरों पर पथराव, बस में आग
    उपद्रवियों ने मोहल्लों में घुसकर कई घरों पर पथराव किया, जिससे कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके बाद भीड़ ने एक बस में आग लगा दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    300 से ज्यादा जवान तैनात, ड्रोन और CCTV से निगरानी
    उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने खुद मोर्चा संभाला और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने सोहेल की शिकायत पर 6 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला दर्ज किया है, जिनमें से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी की तलाश अभी जारी है।

    शांति बहाल करने के लिए प्रशासन ने तराना में 300 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए हैं। साथ ही ड्रोन कैमरा और CCTV फुटेज के जरिए संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

    सोहेल की हालत स्थिर, अस्पताल में उपचार
    हमले में घायल सोहेल ठाकुर का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

  • प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि

    प्रखर राष्ट्रवाद के प्रतीक: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाला साहेब ठाकरे की जयंती पर अर्पित की श्रद्धांजलि


    भोपाल। प्रखर हिंदुत्व और सशक्त राष्ट्रवादी विचारधारा के ध्वजवाहक शिवसेना के संस्थापक स्वर्गीय बाला साहेब ठाकरे की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने बाला साहेब के व्यक्तित्व को अदम्य साहस और निर्भीकता का पर्याय बताते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का स्मरण किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि बाला साहेब ठाकरे मात्र एक राजनेता नहीं, बल्कि एक प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन वंचितों श्रमिकों और समाज के गरीब तबकों के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बाला साहेब का जीवन साहस स्वाभिमान और बिना किसी समझौते के की गई निर्भीक राष्ट्र सेवा का एक अनुपम उदाहरण है जो आज भी करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र है।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि देश की एकता और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए बाला साहेब द्वारा उठाए गए कदम सदैव इतिहास में दर्ज रहेंगे। उनके ओजस्वी विचार और जनहित के प्रति उनकी कटिबद्धता ने भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने एक बार फिर बाला साहेब की उन स्मृतियों को ताजा कर दिया है जहाँ उन्होंने सदैव राष्ट्र प्रथम की भावना को सर्वोपरि रखा।

  • विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं

    विद्या की देवी का आशीष: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बसंत पंचमी पर प्रदेशवासियों को दीं मंगलकामनाएं


    भोपाल। ऋतुराज बसंत के आगमन और ज्ञान, कला एवं संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व ‘बसंत पंचमी’ के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और नागरिकों के बौद्धिक उत्कर्ष की मंगलकामना की है।

    अपने शुभकामना संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसंत पंचमी का यह उत्सव हमारे जीवन में नवीन ऊर्जा और नई चेतना का संचार करता है। उन्होंने विशेष रूप से प्रार्थना की कि अक्षर, स्वर और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। मुख्यमंत्री ने कामना की कि मां शारदे का आशीर्वाद सभी के जीवन को अगाध ज्ञान, अद्भुत सृजनशीलता, अपार सुख और स्थायी समृद्धि से परिपूर्ण करे।

    मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान ही वह प्रकाश है जो समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि बसंत पंचमी का दिन हमें विद्या और शिक्षा के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है। मध्यप्रदेश की धरती, जो सदा से ही ज्ञान और अध्यात्म का केंद्र रही है वहां यह पर्व नई ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लेने का अवसर है।

    राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश के शिक्षण संस्थानों और घरों में आज सुबह से ही उल्लास का माहौल है। बसंती परिधानों और पीले फूलों के साथ मां सरस्वती का पूजन अर्चन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की इन शुभकामनाओं ने उत्सव के आनंद को और बढ़ा दिया है जो प्रदेश की सांस्कृतिक और शैक्षिक विरासत को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान करती हैं।

  • तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई

    तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा': मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेताजी की जयंती पर दी पराक्रम दिवस की बधाई


    भोपाल। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर समूचा देश आज उन्हें नमन कर रहा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेताजी की जयंती यानी ‘पराक्रम दिवस’ पर उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने नेताजी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और राष्ट्रभक्ति का जज्बा आज भी हर भारतीय के रगों में जोश भर देता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का व्यक्तित्व अद्वितीय साहस और अप्रतिम त्याग की प्रतिमूर्ति था। उन्होंने जिस ओजस्वी नेतृत्व के साथ ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी, वह भारतीय इतिहास का सबसे गौरवशाली अध्याय है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नेताजी का जीवन और उनके द्वारा दी गई कुर्बानियां राष्ट्रभक्ति का एक ऐसा शाश्वत स्रोत हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सदैव मार्गदर्शित करती रहेंगी।

    डॉ. यादव ने कहा कि आज का यह पराक्रम दिवस हमें नेताजी के उन सिद्धांतों की याद दिलाता है, जहाँ राष्ट्रहित सर्वोपरि था। उनका प्रेरक व्यक्तित्व प्रत्येक भारतीय को साहस कर्तव्य बोध और देश के प्रति पूर्ण समर्पण के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे नेताजी के संघर्षों से सीख लें और देश को सशक्त बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं।

    उल्लेखनीय है कि नेताजी की अदम्य भावना को सम्मान देने के लिए भारत सरकार उनकी जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाती है। मध्यप्रदेश में भी इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक और सामाजिक संस्थाओं में देशभक्ति से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो नेताजी के जय हिंद और ‘चलो दिल्ली’ जैसे नारों की गूँज को आज भी जीवंत रखे हुए हैं।

  • मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन

    मंदसौर के हर घर तक पहुँचेगा शुद्ध जल: उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने किया 11 करोड़ के फिल्टर प्लांट का भूमि-पूजन


    मंदसौर। मंदसौर वासियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने शहर को बड़ी सौगात दी है। गुरुवार को रामघाट पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में उन्होंने अमृत 2.0 योजना के तहत 11 करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन फिल्टर प्लांट, वॉटर टैंक और डिस्ट्रीब्यूशन पाइप लाइन का भूमि-पूजन किया। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नगर की बढ़ती आबादी को आगामी कई दशकों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि सरकार का संकल्प हर परिवार की दहलीज तक शुद्ध पानी पहुँचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह नया फिल्टर प्लांट मंदसौर की पेयजल व्यवस्था को दीर्घकालिक रूप से मजबूती प्रदान करेगा। श्री देवड़ा ने प्रधानमंत्री के विजन का उल्लेख करते हुए बताया कि शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 और ग्रामीण इलाकों में ‘जल जीवन मिशन’ के माध्यम से जल क्रांति लाई जा रही है, जो वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का आधार है।

    उप मुख्यमंत्री ने केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रहते हुए नागरिकों से भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बिजली, स्वच्छता और जल जैसी मूलभूत सुविधाओं का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमें अपने शहर और संसाधनों को स्वच्छ व व्यवस्थित रखने के लिए सक्रिय सहभागिता निभानी होगी।

    विकास की अन्य कड़ियाँ: 16 MLD क्षमता और सौंदर्यीकरण कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद श्री बंशीलाल गुर्जर ने परियोजना की तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नया फिल्टर प्लांट 16 एमएलडी क्षमता का होगा। इसके साथ ही शहर में तीन नई जल टंकियों का निर्माण और प्रसिद्ध तेलिया तालाब का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। वर्तमान में शहर की 60% जलापूर्ति चंबल नदी से हो रही है लेकिन भविष्य की जरूरतों के लिए 3300 करोड़ रुपये की मंदसौर बैराज परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही शहर को गंदगी से मुक्त करने के लिए सीवरेज प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुका है।

    सामाजिक सरोकार: जागरूकता रथ की रवानगी विकास कार्यों की घोषणाओं के बीच उप मुख्यमंत्री ने सामाजिक उत्थान की ओर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदायों के शैक्षणिक और आर्थिक विकास के लिए संचालित एक विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ संबंधित समुदायों को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रमादेवी गुर्जर सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में उत्साहित नागरिक मौजूद रहे।

  • बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण

    बुजुर्गों को समर्पित 'संध्या छाया': मुख्यमंत्री डॉ. यादव कल करेंगे अत्याधुनिक वृद्धाश्रम का लोकार्पण


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी में बुजुर्गों के सम्मानजनक और सुविधापूर्ण जीवन की दिशा में शनिवार को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रातः 11 बजे भोपाल के पॉश इलाके पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड नंबर 3 में नवनिर्मित सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का भव्य लोकार्पण करेंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा तैयार किया गया यह वृद्धाश्रम आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है, जिसे विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिज़ाइन किया गया है जो सशुल्क आधार पर एक सुरक्षित और संभ्रांत वातावरण में रहना चाहते हैं।

    लोकार्पण का यह कार्यक्रम केवल एक भवन के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों का एक बड़ा संगम बनेगा। इसी मंच से मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य स्तरीय स्पर्श मेला-2026 की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर उनकी प्रतिभा का सम्मान करेंगे। साथ ही प्रदेश के लाखों बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए राहत की खबर यह है कि मुख्यमंत्री एक सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राहियों के खातों में 327 करोड़ रुपये की विशाल राशि सीधे अंतरित DBT करेंगे।

    इस गरिमामयी समारोह में शासन और प्रशासन के कई दिग्गज शामिल होंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण तथा उद्यानिकी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, भोपाल सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय और स्थानीय विधायक श्री भगवान दास सबनानी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।

    संध्या छाया वृद्धाश्रम का निर्माण इस सोच के साथ किया गया है कि ढलती उम्र में बुजुर्गों को न केवल आवास, बल्कि स्वास्थ्य मनोरंजन और आध्यात्मिक शांति का परिवेश भी मिले। यह केंद्र राजधानी में वरिष्ठ नागरिक सेवा का एक मॉडल बनकर उभरेगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और विभाग ने लोकार्पण समारोह को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध पूर्ण कर लिए हैं।