Category: Madhya Pradesh

  • बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट

    बड़ा रेल हादसा टला: मक्सी के पास मालगाड़ी के 2 टुकड़े, पटरी टूटने से हुआ एक्सीडेंट


    इंदौर। मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते रह गया। उज्जैन से गुना की ओर जा रही एक मालगाड़ी मक्सी रेलवे स्टेशन के पास अचानक पटरी से उतर गई। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रेन झटके के साथ दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत यह रही कि यह एक मालगाड़ी थी जिसके कारण कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यही स्थिति किसी यात्री ट्रेन के साथ होती तो परिणाम भयावह हो सकते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण रेलवे पटरी का टूटना माना जा रहा है। कड़ाके की ठंड के कारण अक्सर पटरियों में दरार आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं अंदेशा है कि यहाँ भी ऐसा ही कुछ हुआ होगा।

    घटनाक्रम और वर्तमान स्थिति

    लोकेशन मक्सी रेलवे स्टेशन के पास, शाजापुर जिला। रूट उज्जैन-गुना रेल खंड। प्रभाव मालगाड़ी के पटरी से उतरते ही वैगनों के बीच का कपलिंग टूट गया और ट्रेन दो अलग-अलग हिस्सों में विभाजित हो गई। इससे इस रूट पर रेल यातायात आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।

    रेलवे की कार्रवाई

    हादसे की सूचना मिलते ही रतलाम और भोपाल मंडल के वरिष्ठ रेलवे अधिकारी अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। तकनीकी जांच रेलवे की टीम ट्रैक और वैगनों की बारीकी से जांच कर रही है। पटरी टूटने के दावों की पुष्टि के लिए फोरेंसिक नमूने लिए जा रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन क्रेन और हाइड्रोलिक मशीनों की मदद से पटरी से उतरे वैगनों को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। यातायात बहाली अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता ट्रैक को जल्द से जल्द क्लियर कर यातायात सामान्य करने की है। अधिकारियों का बयान: “हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह पटरी टूटने के कारण हुआ या किसी तकनीकी खराबी की वजह से। फिलहाल कोई हताहत नहीं है।

  • कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर

    कुबरेश्वर धाम में भिखारियों से ठगी नकली नोट देकर हजारों की चिल्लर ले उड़े शातिर


    सीहोर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले स्थित प्रसिद्ध कुबरेश्वर धाम में ठगी की एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है जहां मंदिर परिसर में जीवनयापन करने वाले गरीब वृद्ध और दिव्यांग भिखारियों को शातिर ठग ने अपना शिकार बनाया आरोपी ने नकली दो सौ रुपये के नोट देकर उनसे हजारों रुपये की चिल्लर ऐंठ ली और मौके से फरार हो गयायह मामला मंडी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम कुछ अज्ञात लोग कुबरेश्वर धाम परिसर में पहुंचे और वहां मौजूद भिखारियों से बातचीत करने लगे इसी दौरान काले कोट में आए एक व्यक्ति ने कहा कि उसकी पत्नी मंदिर में चिल्लर चढ़ाना चाहती है और उसे छोटे नोटों व सिक्कों की जरूरत है

    भिखारियों ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया आरोपी ने उन्हें दो सौ रुपये के नकली नोट थमाए और बदले में उनसे करीब आठ से दस हजार रुपये की चिल्लर ले ली इसके बाद वह तेजी से वहां से निकल गयाकुछ समय बाद जब पीड़ितों ने उन नोटों का उपयोग करने की कोशिश की तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ एक भिखारी जब नाश्ता खरीदने दुकान पर पहुंचा तो दुकानदार ने नोट को नकली बताकर लौटा दिया इसके बाद अन्य भिखारियों ने भी अपने पास मौजूद नोटों की जांच की तो सभी नोट नकली निकले

    पीड़ितों का कहना है कि आरोपी ने उनकी मजबूरी और लाचारी का फायदा उठाया उन्होंने बताया कि गरीबी असहायता और डर के कारण वे पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करा सके जिससे आरोपी बेखौफ होकर भाग निकलास्थानीय लोगों का कहना है कि कुबरेश्वर धाम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं इसी भीड़ में कई गरीब लोग भीख मांगकर गुजारा करते हैं और इसी भीड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व अपराध को अंजाम देते हैं

    घटना के बाद ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कुबरेश्वर धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और गरीबों को न्याय मिल सकेइस मामले में मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि अभी तक किसी भी भिखारी की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है हालांकि पुलिस क्षेत्र में निगरानी बढ़ाएगी ताकि ऐसे शातिरों पर नजर रखी जा सके

  • एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार

    एमपी एसटीएफ का बड़ा प्रहार: इंदौर में पकड़ी गईं 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें, खरगोन के दो तस्कर गिरफ्तार


    भोपाल/इंदौर। मध्यप्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने अवैध हथियारों के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। शनिवार, 24 जनवरी को एसटीएफ इंदौर की दो विशेष टीमों ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें और मैगजीन जब्त की हैं। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है, जो अवैध हथियारों की बड़ी खेप खपाने की फिराक में थे।

    यह पूरी कार्रवाई एसटीएफ इंदौर के उप पुलिस अधीक्षक श्री राजेश सिंह चौहान के कुशल निर्देशन में अंजाम दी गई। एसटीएफ को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि अवैध शस्त्रों की तस्करी से जुड़े कुछ लोग शहर में सक्रिय हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष टीमों का गठन किया गया और संदिग्धों की घेराबंदी शुरू की गई।

    एसटीएफ की सर्जिकल स्ट्राइक

    एसटीएफ की टीमों ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया और दो संदिग्धों को रोककर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 5 अत्याधुनिक पिस्तौलें मई मैगजीन बरामद हुईं।आरोपियों की पहचान: पकड़े गए दोनों आरोपी ग्राम बोराड़िया, थाना भिकनगांव जिला खरगोन के रहने वाले हैं। अवैध व्यापार जब आरोपियों से हथियारों के संबंध में दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी वैध लाइसेंस पेश नहीं कर सके। खरगोन का यह क्षेत्र अवैध हथियार निर्माण के लिए कुख्यात रहा है, ऐसे में एसटीएफ अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

    टीम में शामिल जांबाज अधिकारी

    प्रथम टीम इंस्पेक्टर रमेश चौहान, प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुप्ता और आरक्षक विवेक द्विवेदी।द्वितीय टीम प्रधान आरक्षक आदर्श दीक्षित, आरक्षक देवराज बघेल और आरक्षक देवेन्द्र सिंह।

    जांच के दायरे में सप्लाई नेटवर्क

    एसटीएफ अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि ये अत्याधुनिक हथियार किसे सप्लाई किए जाने थे। पुलिस को अंदेशा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए किया जा सकता था। आरोपियों से पूछताछ में उनके अंतरराज्यीय नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • सशक्त बेटी, समृद्ध मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटियों को दी शुभकामनाएं

    सशक्त बेटी, समृद्ध मध्य प्रदेश: राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटियों को दी शुभकामनाएं


    भोपाल । राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सभी बेटियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मुख्यमंत्री ने बेटियों को राष्ट्र और समाज की आधारशिला बताते हुए उनके सशक्तिकरण के प्रति अपनी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। शनिवार 24 जनवरी को जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियाँ केवल हमारे घरों की रौनक ही नहीं बल्कि हमारी गौरवशाली संस्कृति मानवीय संवेदनाओं और भविष्य के उज्ज्वल भारत की नींव हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि जब बेटियों को सही शिक्षा सुरक्षा और समान अवसर मिलते हैं तो वे अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का सामर्थ्य रखती हैं।

    बेटियां हमारी संस्कृति और भविष्य की आधारशिला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देते हुए कहा आज हमारी बेटियां शिक्षा और तकनीक से लेकर खेल के मैदान तक हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। मैं कामना करता हूँ कि वे पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करें। मध्य प्रदेश सरकार हर बेटी को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।

    मध्य प्रदेश: बेटियों के लिए अनुकूल नीतियां

    मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार लाड़ली लक्ष्मी जैसी अभिनव योजनाओं के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह तक सहायता सुनिश्चित कर रही है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां हर बालिका स्वयं को सुरक्षित महसूस करे और उसे विकास के पर्याप्त अवसर मिलें। राष्ट्रीय बालिका दिवस के इस मौके पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बेटियों के अधिकारों, उनके पोषण और शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

  • जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

    जननायक को नमन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न स्व. कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर दी श्रद्धांजलि


    भोपाल। सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

     सामाजिक न्याय के पुरोधा और जननायक के नाम से विख्यात भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर की जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने कर्पूरी ठाकुर के सादगीपूर्ण जीवन और पिछड़ों के उत्थान के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक संघर्ष को याद करते हुए उन्हें सामाजिक समानता का सच्चा प्रतीक बताया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को मुख्यधारा में लाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा गरीबों, शोषितों और वंचितों के कल्याण के लिए जननायक कर्पूरी ठाकुर जी द्वारा किया गया त्याग और अटूट समर्पण हम सभी के लिए एक मार्गदर्शक की तरह है। उनका सादगीपूर्ण राजनीतिक जीवन हमें सदैव निष्काम समाज सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

    सामाजिक न्याय के प्रणेता थे कर्पूरी ठाकुर

    स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर का भारतीय राजनीति में स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें उनकी ईमानदारी और दलितों-पिछड़ों के अधिकारों की वकालत के लिए जाना जाता है।सामाजिक समानता: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि कर्पूरी ठाकुर ने शासन व्यवस्था में समानता लाने के जो बीज बोए थे, उन्हीं पर चलते हुए आज की सरकारें वंचितों के सशक्तिकरण का कार्य कर रही हैं।

    भारत रत्न का सम्मान मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें भारत रत्न मरणोपरांत से सम्मानित करना, उनके संघर्षों और भारतीय लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। मुख्यमंत्री के इस नमन ने प्रदेश के सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में कर्पूरी ठाकुर की विरासत और उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता को पुन दोहराया है।

  • MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार

    MP में ड्रग माफियाओं पर कसेगा शिंकजा, मोहन सरकार ने 3 साल का बड़ा एक्शन प्लान किया तैयार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में ड्रग माफियाओं के खिलाफ मोहन यादव सरकार ने तीन साल का विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख शहरों में ड्रग सप्लाई नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस महानिदेशक डीजीपी कैलाश मकवाना की अध्यक्षता में गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक हुई। उन्होंने बताया कि पिछले साल शुरू किया गया राज्य पुलिस का ड्रग्स आर ए डिस्टेंस अभियान काफी सफल रहा। डीजीपी ने कहा जिस तरह राज्य नक्सलवाद से मुक्त हुआ वैसे ही ड्रग्स के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई करनी होगी।

    डिमांड और सप्लाई चेन पर फोकस

    डीजीपी ने बताया कि अगले तीन साल में मंदसौर, नीमच, रतलाम, भोपाल, इंदौर और अन्य प्रभावित इलाकों में ड्रग तस्करी की डिमांड और सप्लाई चेन तोड़ी जाएगी। शैक्षणिक संस्थानों के पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगाने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग और सामाजिक संगठनों के सहयोग से रोडमैप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले कैमिकल्स का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए भी सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इस तीन वर्षीय योजना में ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ना, ड्रग डिमांड को कम करना और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना प्रमुख लक्ष्य हैं।

    तस्करों की संपत्ति जब्त

    डीजीपी के अनुसार 2025 में राज्य में 1,44,025 किलोग्राम ड्रग्स कुल कीमत 347 करोड़ रुपए जब्त कर नष्ट किया गया। इसके अलावा ड्रग तस्करों के खिलाफ SAFEMA एक्ट के तहत 301.41 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। मंदसौर और नीमच जिले इस कार्रवाई से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।

  • सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार

    सतना में चांदी की चमक पर चोरों की टेढ़ी नजर: दो मंदिरों में सेंधमारी, डेढ़ किलो वजनी छत्र और मुकुट पार


    सतना । चांदी की आसमान छूती कीमतों ने अब चोरों को मंदिरों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। मध्यप्रदेश के सतना शहर में गुरुवार-शुक्रवार की दरम्यानी रात अज्ञात बदमाशों ने आस्था पर प्रहार करते हुए दो प्रमुख मंदिरों को निशाना बनाया। चोरों ने बड़ी सफाई से देवताओं के सिर से चांदी के मुकुट और छत्र पार कर दिए। इस दोहरी वारदात से न केवल पुलिस की गश्त पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि शहर के श्रद्धालुओं में भी गहरा रोष है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के दो अलग-अलग इलाकों में हुई राजेंद्र नगर देवी मंदिर: यहाँ बदमाशों ने मंदिर का ताला तोड़कर माता रानी के ऊपर लगा चांदी का छत्र और अन्य आभूषण चोरी कर लिए। सुबह जब पुजारी और भक्त मंदिर पहुंचे, तब उन्हें इस चोरी की जानकारी हुई। हनुमान मंदिर: इसी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हनुमान मंदिर में भी बदमाशों ने हाथ साफ किया। यहाँ पवनपुत्र हनुमान जी का चांदी का मुकुट चोरी हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, दोनों मंदिरों से चोरी की गई चांदी का कुल वजन लगभग डेढ़ किलो बताया जा रहा है।

    वारदात की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थलों का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के लिए फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस घटना के पीछे किसी ऐसे गिरोह का हाथ हो सकता है जो केवल कीमती धातुओं के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहा है चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का सुराग लग सके। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मंदिरों की सुरक्षा के लिए रात के समय गश्त बढ़ाई जाए।

  • शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार

    शाहजहांनाबाद मासूम हत्याकांड: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी अतुल निहाले का तिहरा मृत्युदंड बरकरार


    जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी को झकझोर देने वाले शाहजहांनाबाद मासूम बलात्कार और हत्याकांड मामले में न्याय की जीत हुई है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोषी अतुल निहाले 30 को मिली फांसी की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत सेशन कोर्ट के फैसले के खिलाफ आरोपी के परिजनों द्वारा दायर की गई अपील को पूरी तरह खारिज कर दिया।

    यह मामला न केवल अपनी संवेदनशीलता के लिए, बल्कि कानूनी इतिहास के लिए भी विशेष है। भोपाल की विशेष अदालत ने दोषी अतुल निहाले को अपहरण बलात्कार और हत्या, इन तीनों अलग-अलग धाराओं में ‘तिहरा मृत्युदंड सुनाया था। यानी उसे प्रत्येक जघन्य अपराध के लिए अलग से फांसी की सजा दी गई थी। भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है जहां किसी अपराधी को एक साथ तीन मृत्युदंड मिले हों।

    क्या थी दिल दहला देने वाली वह घटना

    घटना भोपाल के शाहजहांनाबाद क्षेत्र की है, जहां एक 5 वर्षीय मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई थी। सघन तलाशी के बाद बच्ची का शव पड़ोस में रहने वाले मजदूर अतुल निहाले के घर में पानी की टंकी से बरामद हुआ था। जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने बच्ची का अपहरण किया, उसके साथ हैवानियत की और पकड़े जाने के डर से उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को छिपा दिया।

    हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर दुर्लभ से दुर्लभतम की श्रेणी में माना। न्यायालय ने कहा कि ऐसे जघन्य कृत्य समाज के लिए खतरा हैं और मासूमों की सुरक्षा के प्रति कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। आरोपी के परिजनों ने उसकी पृष्ठभूमि और कम उम्र का हवाला देकर सजा कम करने की गुहार लगाई थी जिसे अदालत ने अपराध की वीभत्सता को देखते हुए ठुकरा दिया। भोपाल पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इस मामले में बेहद कम समय में वैज्ञानिक साक्ष्य और पुख्ता गवाह पेश किए थे, जिसकी बदौलत यह सजा बरकरार रह सकी। इस फैसले के बाद पीड़िता के परिवार और स्थानीय नागरिकों ने न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है।

  • भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है

    भ्रष्टाचार का 'संस्थागत मॉडल': जीतू पटवारी ने ग्वालियर में सरकार को घेरा, बोले- हर कलेक्टर चोर है


    ग्वालियर । मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को ग्वालियर दौरे के दौरान प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए पटवारी ने सनसनीखेज आरोप लगाया कि प्रदेश के जिलों में स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि “हर कलेक्टर चोर है।” उन्होंने दावा किया कि यह केवल विपक्ष का आरोप नहीं है, बल्कि स्वयं मुख्य सचिव ने इसे स्वीकार किया है।

    जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव दोनों इस सच्चाई से वाकिफ हैं कि जिलों में बिना पैसे लिए कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने ग्वालियर में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा मुख्य सचिव ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान यह स्वीकार किया है कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम नहीं करता। यदि प्रशासन का सर्वोच्च अधिकारी यह मान रहा है तो मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

    पटवारी के आरोपों के मुख्य बिंदु

    भ्रष्टाचार की सीमा टूटी: पटवारी ने आरोप लगाया कि पहले सरकार पर ’50 प्रतिशत कमीशन’ के आरोप लगते थे, लेकिन अब भ्रष्टाचार ने संस्थागत स्वरूप ले लिया है और सभी सीमाएं तोड़ दी गई हैं। पैसे के दम पर पोस्टिंग उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि कलेक्टरों की नियुक्तियां योग्यता के आधार पर नहीं बल्कि लेन-देन और बोली के आधार पर होती हैं। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय CMO और PMO दोनों को है।

    नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग स्वतंत्र जांच की मांग: कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार की किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र समिति से निष्पक्ष जांच कराई जाए। सियासी भूचाल जीतू पटवारी का यह बयान मध्यप्रदेश की राजनीति में हड़कंप मचाने वाला है। ग्वालियर-चंबल संभाग की बैठक लेने पहुंचे पटवारी ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कांग्रेस ‘भ्रष्टाचार’ को सबसे बड़ा चुनावी और सामाजिक मुद्दा बनाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी कि जो भी अवैधानिक कार्यों में संलिप्त पाया जाएगा, कांग्रेस उसे जेल भिजवाकर ही दम लेगी।

  • खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा

    खरगोन: टंट्या मामा मूर्ति विवाद में बड़ी गाज, दो इंजीनियर निलंबित; भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनों ने ही खोला मोर्चा


    खरगोन । क्रांतिकारी आदिवासी नायक जननायक टंट्या मामा भील की मूर्ति स्थापना को लेकर उपजा विवाद अब शासन की कड़ी कार्रवाई और राजनीतिक घमासान में तब्दील हो चुका है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए खरगोन नगरपालिका में पदस्थ दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई बिस्टान नाका चौराहे पर स्थापित की गई मूर्ति में बरती गई भारी अनियमितताओं और लापरवाही के चलते की गई है।

    शासन की सख्त कार्रवाई

    नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे द्वारा जारी आदेश के तहत सहायक यंत्री मनीष महाजन और उपयंत्री जितेन्द्र मेढ़ा को निलंबित किया गया है। विभाग ने माना है कि मूर्ति स्थापना की प्रक्रिया में इन अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर चूक की और सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन किया।

    क्या है पूरा विवाद करोड़ों की मंजूरी, कौड़ियों की मूर्ति

    विवाद की जड़ मूर्ति के निर्माण में हुआ कथित भ्रष्टाचार है। नगरपालिका की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल PIC ने टंट्या मामा की भव्य कांस्य या पत्थर की मूर्ति के लिए 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने अधिकारियों की मिलीभगत से महज 75 हजार से 1 लाख रुपये की सस्ती की मूर्ति स्थापित कर दी। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, आदिवासी समाज और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश फैल गया।

    भाजपा पार्षदों का सद्बुद्धि यज्ञ और मोर्चा

    हैरान करने वाली बात यह है कि खरगोन नगरपालिका में भाजपा का ही परिषद अध्यक्ष छाया जोशी है, लेकिन अब भाजपा पार्षदों ने ही अपनी ही परिषद के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ट्रोलिंग का डर भाजपा पार्षदों का कहना है कि इस भ्रष्टाचार के कारण उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि धूमिल हो रही है। विरोध का तरीका: पार्षद भागीरथ बड़ोले के नेतृत्व में भाजपा पार्षदों ने गांधी प्रतिमा पर ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की।

    कांग्रेस का अल्टीमेटम और चक्का जाम की चेतावनी

    कांग्रेस इस मुद्दे पर और अधिक हमलावर हो गई है। जिला अध्यक्ष रवि नायक ने इसे आदिवासी अस्मिता का अपमान बताते हुए प्रशासन के 45 दिनों के आश्वासन को ठुकरा दिया है। उन्होंने 26 जनवरी 2026 से 60 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय में भव्य धातु की मूर्ति स्थापित नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन और चक्का जाम किया जाएगा।

    अब आगे क्या

    नगरपालिका ने अपनी गलती सुधारने के प्रयास शुरू कर दिए हैं नया टेंडर 19 जनवरी 2026 को धातु की नई मूर्ति के लिए ई-टेंडर जारी किया गया है। समय सीमा 2 फरवरी तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 45 दिनों के भीतर नई मूर्ति स्थापित करने का दावा किया गया है।