Category: Madhya Pradesh

  • MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट

    MP में बदला मौसम, कोहरे और ठंडी हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, 27-28 जनवरी को बारिश का अलर्ट



    भोपाल।  मध्य प्रदेश में मौसम ने फिर से बदलती मार दिखाई है। रविवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड और बढ़ गई और आम जीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर कम दृश्यता के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के लगभग आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक के आसार हैं।

    विभाग के अनुसार, 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस काफी मजबूत है, जिसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ेगा। ग्वालियर-चंबल संभाग में पहले से ही बादल, हल्की बारिश और कोहरे का दौर जारी है।

    विभाग ने बताया कि उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन, एक लो प्रेशर एरिया और ट्रफ लाइन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों की वजह से पिछले 24 घंटों में ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।

    शनिवार को भी प्रदेश में मौसम ठंडा बना रहा। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से अधिक जिलों में तेज हवाओं ने ठंडक बढ़ाई। भोपाल में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं, शनिवार देर शाम नरसिंहपुर के सालीचौका क्षेत्र में 20-25 मिनट तक तेज बारिश हुई।

    मौसम विभाग ने 27 जनवरी को भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम तथा 28 जनवरी को जबलपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया, कटनी, दमोह, सागर, नरसिंहपुर, विदिशा और रायसेन में बारिश की संभावना जताई है।

    शनिवार की रात मंदसौर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। राजगढ़ में 7.4, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9, कल्याणपुर में 8.2, पचमढ़ी में 8.2 और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल 12.5, इंदौर 12.2, ग्वालियर 13.3, उज्जैन 12.8 और जबलपुर 15.3 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहे।

    सर्द हवाओं और कोहरे की वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग में दिन के तापमान में तेज गिरावट देखी गई। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान केवल 18.6 डिग्री था। खजुराहो में तापमान 21.4 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि गुना 18.7, टीकमगढ़ 19, श्योपुर 19.4, ग्वालियर-धार 20, उज्जैन 21.5, रतलाम 21.2, इंदौर 22, नौगांव 22.5 और भोपाल 23.1 डिग्री सेल्सियस पर था। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट की संभावना जताई है।

  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात

    राष्ट्रीय मतदाता दिवस और नर्मदा जयंती आज, उज्जैन को सीएम की करोड़ों की सौगात, महाकाल लोक में 488 होमगार्ड तैनात


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज का दिन धार्मिक, प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां पूरे प्रदेश में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है वहीं दूसरी ओर जीवनदायिनी मां नर्मदा का पावन जन्मोत्सव भी श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज उज्जैन जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात देंगे और कई कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

    सीएम डॉ. मोहन यादव का उज्जैन दौरा

    तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 10 बजे उज्जैन के हामुखेड़ी पहुंचेंगे। यहां वे विकलांग आवासीय विद्यालय में आयोजित हर क्षमता को उड़ान कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम मन की बात का श्रवण भी करेंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री फ़ाज़लपुरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचकर उसका लोकार्पण करेंगे। इसके बाद दोपहर 2 बजे हरिफाटक ब्रिज पहुंचकर रेलवे ओवरब्रिज के भूमिपूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। दोपहर 3:05 बजे और 3:45 बजे वे दो अलग-अलग स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। शाम 4:30 बजे एसजीएमएल अस्पताल, हासामपुरा पहुंचकर एक अन्य कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।

    सिंहस्थ और महाकाल लोक को लेकर सुरक्षा तैयारी

    सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। महाकाल लोक और महाकाल मंदिर की सुरक्षा के लिए 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। ये जवान केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में ही अपनी सेवाएं देंगे। जवानों का वेतन महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा दिया जाएगा और उनकी ड्यूटी तीन शिफ्टों में लगाई जाएगी। इसके साथ ही ESB के माध्यम से मंदिर सुरक्षा के लिए भर्ती भी की जाएगी और इन जवानों का अन्यत्र ट्रांसफर नहीं हो सकेगा।

    लोकभवन तीन दिन आमजन के लिए खुला

    गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी भोपाल स्थित लोकभवन आम नागरिकों के लिए खोला जा रहा है। आम लोग 25 जनवरी से 27 जनवरी 2026 तक लोकभवन का भ्रमण कर सकेंगे। 25 और 27 जनवरी को दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक तथा 26 जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोकभवन आमजनों के लिए खुला रहेगा। वाहन पार्किंग की सुविधा कुशाभाऊ ठाकरे सभागार परिसर में उपलब्ध रहेगी।

    आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस

    आज प्रदेशभर में 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के 71,930 मतदान केंद्रों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहेंगे। कार्यक्रम दोपहर 12 बजे शुरू होगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट निर्वाचन कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, BLO मास्टर ट्रेनर्स और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 में योगदान देने वाले अधिकारियों को भी पुरस्कार दिए जाएंगे।

    नर्मदा जयंती आज

    आज मध्यप्रदेश की आस्था की धुरी मां नर्मदा का जन्मोत्सव है। अमरकंटक, नर्मदापुरम, जबलपुर, ओंकारेश्वर, नरसिंहपुर, महेश्वर, बड़वानी, धार और भोपाल सहित कई शहरों में भव्य आयोजन किए जा रहे हैं। नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर विशेष पूजन-अर्चन और भंडारे का आयोजन किया गया है।

    डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय जिम्मेदारी

    इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. ए.के. द्विवेदी को राष्ट्रीय स्तर की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने उन्हें शिलांग स्थित पूर्वोत्तर आयुर्वेद एवं होम्योपैथी संस्थान की वैज्ञानिक सलाहकार समिति में तीन वर्षों के लिए सदस्य मनोनीत किया है।

  • मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़

    मां नर्मदा प्रकटोत्सव: कड़ाके की ठंड में भी नहीं डिगी आस्था, बरमान घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़


    नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश में मां नर्मदा प्रकटोत्सव का पावन पर्व रविवार को पूरे श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नजर नहीं आई। नरसिंहपुर जिले के प्रसिद्ध और पवित्र बरमान घाट पर रविवार तड़के से ही नर्मदा भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
    नर्मदा जन्मोत्सव को लेकर बरमान घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शनिवार रात से ही शुरू हो गई थी। आधी रात के बाद से ही घाट पर भक्तों का सैलाब उमड़ने लगा। जैसे ही सुबह सूर्य की पहली किरण मां नर्मदा के जल पर पड़ी श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ पवित्र स्नान कर पूजा-अर्चना प्रारंभ की। पूरा घाट नर्मदे हर के जयघोष से गूंज उठा।

    कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़ों में घाट पहुंचे लेकिन स्नान के समय आस्था ने ठंड पर जीत हासिल कर ली। श्रद्धालुओं का कहना था कि मां नर्मदा में स्नान मात्र से तन-मन दोनों पवित्र हो जाते हैं और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरमान घाट का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इसी स्थान पर सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने कठोर तपस्या की थी। यही कारण है कि नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर यहां स्नान और पूजन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते आज लाखों की संख्या में श्रद्धालु मां रेवा के दर्शन और पूजन के लिए बरमान घाट पहुंचे।

    घाट पर सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा की आरती की, दीपदान किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल यात्रा कर यहां पहुंचे। भक्तों का कहना है कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं बल्कि जीवनदायिनी मां हैं जिनके दर्शन मात्र से मन को शांति मिलती है। प्रशासन की ओर से भी आयोजन को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात रहा, वहीं गोताखोरों की टीम और स्वास्थ्य अमला भी घाट पर मौजूद रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल और यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया।

    नर्मदा प्रकटोत्सव को लेकर पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई और कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। दोपहर तक घाट पर श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहने की संभावना है। कुल मिलाकर, मां नर्मदा प्रकटोत्सव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आस्था के आगे ठंड, दूरी और कठिनाइयां कोई मायने नहीं रखतीं। मां नर्मदा के प्रति श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास हर साल इसी तरह बरमान घाट पर उमड़ता रहता है।

  • अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी

    अपनी बात मनवाने के लिए जान जोखिम में डालने का ट्रेंड: प्रेमी और नाराज पत्नी मोबाइल टावर पर चढ़े, समाज के लिए चेतावनी


    सिंगरौली । अपनी बात मनवाने और भावनात्मक दबाव बनाने के लिए जान जोखिम में डालने का चलन अब चिंताजनक रूप लेता जा रहा है। सिंगरौली जिले में बीते दो दिनों के भीतर सामने आई दो अलग-अलग घटनाओं ने न केवल लोगों को चौंकाया है, बल्कि समाज के सामने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। परिस्थितियां भले ही अलग रही हों, लेकिन दोनों मामलों में तरीका एक ही थामोबाइल टावर पर चढ़कर आत्मघाती कदम जैसा खतरनाक विरोध।

    प्रेम प्रसंग में उठाया फिल्मी कदम

    पहली घटना 23 जनवरी की है। देवसर जियावन थाना क्षेत्र के धनहा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रवि कुशवाहा नामक युवक गांव में बने मोबाइल टावर पर चढ़ गया। बताया गया कि युवक प्रेम प्रसंग और अंतरजातीय विवाह को लेकर अपने परिजनों की सहमति चाहता था। परिवार के विरोध से आहत युवक ने परिजनों को मनाने के लिए खतरनाक रास्ता चुना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने फिल्म शोले की तर्ज पर यह कदम उठाया जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और परिजन मौके पर पहुंचे। घंटों की समझाइश और भावनात्मक संवाद के बाद युवक

  • पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार

    पॉवर गॉशिप: नेताजी ने बदले ‘देवता’, ‘गौभक्त’ की आड़ में उलझी जांच और उत्तरायण से बचते सियासी दावेदार


    भोपाल । प्रदेश की सियासत में इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। सत्ता और संगठन के गलियारों में ऐसी कई कहानियां तैर रही हैं जिनमें नाम कम और इशारे ज्यादा हैं। राजनीतिक नियुक्तियों से लेकर जांच एजेंसियों की चाल और आगामी विधानसभा चुनाव की दावेदारी तक हर मोर्चे पर असमंजस और समीकरणों की नई पटकथा लिखी जा रही है।

    नेताजी के बदले देवता नई भक्ति नई उम्मीद

    राजनीतिक नियुक्तियों की सूची में अपनी जगह पक्की कराने के लिए प्रदेश के एक चर्चित नेताजी पिछले काफी समय से ब्रह्मा, विष्णु और महेश यानी निर्णायककर्ताओं के चक्कर लगाते नजर आ रहे थे। नेताजी को पूरा भरोसा था कि नया साल शुरू होते ही उनके सितारे बुलंदी पर होंगे और मनचाही जिम्मेदारी उनके नाम लिखी जाएगी। लेकिन साल बदला, कैलेंडर पलटा, पर किस्मत ने अब तक उनका साथ नहीं दिया। इधर राष्ट्रीय स्तर पर समीकरणों में हलचल बढ़ी तो नेताजी ने भी अपनी रणनीति बदल ली। पुराने निर्णायककर्ता से दूरी बनाकर अब उन्होंने नए निर्णायककर्ता की शरण लेना शुरू कर दिया है। सत्ता की राजनीति में ‘देवता’ बदलना कोई नई बात नहीं, लेकिन इस बार नेताजी को पूरी उम्मीद है कि यह बदलाव उनके राजनीतिक भविष्य के लिए संजीवनी साबित होगा। फिलहाल नेताजी पूरी तरह आश्वस्त हैं कि देर-सवेर उनका नंबर जरूर आएगा।

    गौभक्त नेताजी की तलाश तेज जांच धीमी सच्चाई

    भोपाल के बहुचर्चित गौकशी मामले में जांच की रफ्तार कागजों पर भले ही तेज दिखाई दे रही हो, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी धुंध में है। हैरानी की बात यह है कि जांच एजेंसियां अब तक यह साफ नहीं कर पाई हैं कि गायें आखिर स्लॉटर हाउस तक पहुंचीं कैसे। सियासी गलियारों में चर्चा है कि इस पूरे मामले के पीछे एक प्रभावशाली ‘गौभक्त’ नेताजी की भूमिका बताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच दल कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन असली मुलजिमों तक पहुंचते-पहुंचते कदम ठिठक जा रहे हैं। ऐसा तंत्र बनाया गया है कि जांच भी चलती रहे और प्रभावशाली चेहरों पर आंच भी न आए। नतीजा यह है कि फाइलें आगे बढ़ रही हैं, बयान दर्ज हो रहे हैं, लेकिन सच्चाई तक पहुंचने का रास्ता अब भी टेढ़ा बना हुआ है। गौभक्ति और राजनीति के इस मेल में जांच की दिशा पर सवाल उठने लगे हैं।

    उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं

    इधर मकर संक्रांति के साथ भगवान सूर्य भले ही दक्षिणायन से उत्तरायण हो गए हों, लेकिन राजनीति में कुछ नेता अब भी उत्तरायण होने से बचते नजर आ रहे हैं। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जब बीजेपी नेताओं की अनौपचारिक जमावट हुई तो चर्चा का रुख भोपाल उत्तर विधानसभा सीट की ओर मुड़ गया। सवाल सीधा था 2028 में इस सीट से दावेदारी कौन करेगा सवाल सुनते ही नेताओं के बीच खामोशी छा गई। सब एक-दूसरे की ओर देखते रहे, लेकिन किसी ने भी खुलकर यह कहने की हिम्मत नहीं की कि वह चुनावी मैदान में उतरने को तैयार है। इसी बीच एक वरिष्ठ कार्यकर्ता ने माहौल को हल्का करते हुए तंज कस दिया 2028 में उत्तरायण होने को कोई नेता तैयार नहीं है। यह बात भले ही मजाक में कही गई हो, लेकिन इसके पीछे का सियासी डर और असमंजस साफ झलक रहा था। कुल मिलाकर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों देवता बदलने की कवायद, गौभक्ति की आड़ में उलझी जांच और कुछ सीटों पर चुनावी उत्तरायण से बचने की रणनीति, तीनों ही पॉवर गॉशिप का बड़ा हिस्सा बनी हुई हैं।

  • चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    चांदमारी पहाड़ी पर युवती से दुष्कर्म की सनसनीखेज वारदात, अपहरण कर घंटों बंधक बनाकर किया गया अत्याचार

    जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से महिला सुरक्षा को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। चांदमारी पहाड़ी क्षेत्र में एक युवती के साथ अपहरण के बाद दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। आरोपियों ने युवती को जबरन बंधक बनाकर रखा और उसके साथ बार-बार दैहिक शोषण किया। किसी तरह साहस जुटाकर पीड़िता आरोपियों के चंगुल से भाग निकली और घमापुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

    पुलिस के अनुसार यह घटना 21 जनवरी की बताई जा रही है। पीड़िता अपने बहन के घर पनागर जा रही थी तभी रास्ते में हर्ष कुशवाहा और उसका साथी कन्हैया ठाकुर ने उसे जबरन एक वाहन में बैठा लिया। आरोपियों ने युवती को चांदमारी पहाड़ी के सुनसान इलाके में ले जाकर बंधक बना लिया। वहां मुख्य आरोपी हर्ष कुशवाहा ने युवती के साथ कई बार दुष्कर्म किया।

    पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपियों की क्रूरता इतनी अधिक थी कि वह डर और शारीरिक पीड़ा के कारण बेहोश हो गई। इसके बावजूद आरोपियों ने मानवता को शर्मसार करते हुए उस पर पानी छिड़ककर होश में लाया और फिर उसके साथ दैहिक शोषण किया। पीड़िता लगातार अपनी जान की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने किसी तरह की दया नहीं दिखाई।

    पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी हर्ष कुशवाहा पिछले करीब पांच वर्षों से उसे परेशान कर रहा था। वह आए दिन उसका पीछा करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। आरोपी कंचनपुर आजाद नगर क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। लंबे समय से चल रही प्रताड़ना के बावजूद पीड़िता भय के कारण पहले शिकायत नहीं कर पाई थी।

    किसी तरह मौके का फायदा उठाकर पीड़िता आरोपियों के कब्जे से भाग निकली और सीधे घमापुर थाने पहुंची। घमापुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जीरो पर कायमी कर प्रकरण दर्ज किया और केस डायरी पनागर थाना भेज दी गई है, क्योंकि घटना स्थल पनागर थाना क्षेत्र में आता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।

    इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं और पुलिस प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ त्वरित न्याय की अपेक्षा की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

  • सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची

    सीहोर में 1.97 लाख मतदाताओं के नाम 2003 से बेमेल, निर्वाचन विभाग ने शुरू किया घर-घर सत्यापन सुधार का मौका, 7 फरवरी को अंतिम सूची


    सीहोर। सीहोर जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी विसंगति सामने आई है। जिले के लगभग 1 लाख 97 हजार मतदाताओं के नाम और डेटा 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे, जिससे निर्वाचन आयोग का पोर्टल इन प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं कर रहा है। यह गड़बड़ी जिले की चारों विधानसभाओंसीहोर, आष्टा, बुदनी और इछावर में पाई गई है।
    मुख्य कारण:
    मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम की वर्तनी में त्रुटि, डेटा एंट्री में तकनीकी खामी या गलत मिलान की वजह से पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अकेले सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 44 हजार से अधिक मतदाताओं का डेटा असंगत पाया गया है।

    निर्वाचन विभाग की कार्रवाई:
    निर्वाचन शाखा ने अब बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस दें और सही जानकारी एकत्रित करें। यह कार्य पहले से शुरू हो चुका है।

    आपत्ति की सुनवाई और अंतिम सूची:
    एसआईआर (दावा-आपत्ति) प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति की सुनवाई 31 जनवरी तक होगी। इसके बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

    मतदाता क्या करें:
    जिन मतदाताओं का डेटा 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है, वे बीएलओ को अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या अंकसूची जैसे दस्तावेज दिखाकर मौके पर नाम, पिता/पति का नाम और पता सुधारवा सकते हैं।

    तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने गणना पत्रक भरा था और जिनका डेटा पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

  • भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    भिंड के शहीद हवलदार की अंतिम विदाई: 6 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, पत्नी ने रोना-धोना बंद करने की दी हिम्मत

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में शहीद हुए भिंड के हवलदार शैलेंद्र सिंह भदौरिया का शनिवार सुबह उनके पैतृक गांव चितावली (अटेर) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान शहीद के 6 वर्षीय बेटे भावेश ने पिता को मुखाग्नि दी, वहीं शहीद की पत्नी शिवानी ने अदम्य साहस दिखाते हुए लोगों से कहा, “रोना-धोना बंद करो, कुछ नहीं होगा।”

    जब शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो अंतिम दर्शन के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

    सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। डोडा में सेना का वाहन खाई में गिरने से शैलेंद्र सिंह समेत 10 जवान शहीद हुए थे।

    पत्नी का दर्दनाक लेकिन साहसी रुख
    शहीद की पत्नी शिवानी ने अपने पति के शव के पास बैठकर बार-बार बलाएं लेकर अपने पति के गाल चूमा और सभी को हिम्मत दी। उनका यह साहस देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी की रात शैलेंद्र से आखिरी कॉल पर शैलेंद्र ने कहा था कि उन्हें डर लग रहा है। उन्होंने सपना देखा था कि उनकी बेटियाँ पढ़ाई के बावजूद सफल नहीं हो रही हैं, और परिवार शादी के लिए परेशान है। शिवानी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि रिटायरमेंट के बाद प्लॉट बेचकर बेटियों की शादी कर देंगे, लेकिन शैलेंद्र ने कहा, “मुझे बहुत डर लग रहा है, कुछ होने वाला है।”

    इसके बाद उनकी शहादत की खबर आई।

    परिवार की शौर्य गाथा: दादा भी थे शहीद
    शैलेंद्र के पिता हनुमत सिंह ने गर्व और आंसूओं के साथ बताया कि उनके तीनों बेटे सेना में हैं और शैलेंद्र उनके दूसरे बेटे थे। उन्होंने कहा कि उनका दादा भी 1972 में शहीद हुए थे, और आज उनका बेटा भी देश के लिए शहीद हुआ है।

    शहीद के बड़े भाई देव सिंह ने कहा कि परिवार को दुख है, लेकिन फौजी होने पर गर्व भी है। उन्होंने बताया कि वे तीनों भाई सेना में सेवा कर चुके हैं और देश रक्षा में शैलेंद्र की शहादत पर उन्हें गर्व है।

    अंतिम यात्रा में भावुक माहौल
    अंतिम यात्रा के दौरान लोगों ने फूलों की वर्षा की और “शैलेंद्र सिंह भदौरिया अमर रहें” के नारे लगाए। शमशान घाट पर जब मासूम भावेश ने पिता का शव देखा तो वह फूट-फूटकर रो पड़ा और मुखाग्नि देने से पहले पिता से लिपट गया। इस मौके पर मेजर अक्षय कुमार, एसडीएम शिवानी अग्रवाल, तहसीलदार जगन सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

    ब्रिगेडियर अमित वर्मा ने कहा कि पूरा आर्मी परिवार शहीद के परिजनों के साथ खड़ा है और परिवार को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

  • खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा

    खंडवा में हैवानियत: आदिवासी महिला से 2 महीने तक 'ब्लैकमेलिंग और रेप', विरोध करने पर बेटे को भी पीटा


    खंडवा । खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक 40 वर्षीय भील समाज की महिला को डरा-धमकाकर और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने का भय दिखाकर पिछले दो महीनों से लगातार अपनी हवस का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
    वारदात का घटनाक्रम: असीरगढ़ से बोरगांव तक दरिंदगी
    पुलिस जांच और पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी तसलीम खां (निवासी: खिराला) ने पिछले दो महीनों से महिला का जीवन नर्क बना रखा था
    दिसंबर 2025 आरोपी महिला को अपनी ईको कार में बैठाकर असीरगढ़ के जंगलों में ले गया। वहां जान से मारने की धमकी देकर पहली बार दुष्कर्म किया और चुपके से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें खींच लीं।
    ब्लैकमेलिंग का दौर: इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला को सुक्ता डेम के जंगलों में ले जाकर कई बार शारीरिक शोषण किया।
    23 जनवरी 2026 हैवानियत की हद तब पार हो गई जब आरोपी उसे बोरगांव स्थित एक चिप्स फैक्ट्री के पीछे ले गया और वहां फिर से दुष्कर्म किया।
    बेटे के साथ मारपीट और खुलासा
    लगातार हो रहे शोषण से टूट चुकी पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटे को आपबीती सुनाई। जब बेटे ने अपनी मां के सम्मान की रक्षा के लिए आरोपी से तस्वीरों के बारे में सवाल किया, तो तसलीम खां ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि उसके साथ बर्बरता से मारपीट भी की।

    पुलिस की सख्त कार्रवाई: इन धाराओं में फंसा आरोपी
    पंधाना टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई। चूंकि आरोपी जानता था कि महिला अनुसूचित जनजाति (ST) से है, इसलिए केस को और अधिक गंभीरता से लिया गया है।

    दर्ज की गई मुख्य धाराएं
    भारतीय न्याय संहिता (BNS) 64(1), 64(2)(M) दुष्कर्म और गंभीर प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (BNS) 115(2), 296(B), 351(3) मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी एट्रोसिटी एक्ट SC/ST अधिनियम जातिगत आधार पर उत्पीड़न पुलिस ने आरोपी तसलीम खां को गिरफ्तार कर लिया है और पीड़िता की काउंसलिंग व मेडिकल जांच कराई गई है।एक जागरूक नागरिक के तौर पर: अगर आपके आसपास ऐसी कोई भी घटना घटित हो रही है, तो चुप न रहें। पुलिस हेल्पलाइन नंबर 100 या महिला हेल्पलाइन 181 पर तुरंत सूचना दें।
  • तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज

    तराना में नमाज के बाद हंगामा: CCTV में कैद हुआ उपद्रव, 6 उपद्रवियों पर नामजद FIR दर्ज


    उज्जैन/तराना। मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले के तराना शहर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के बाद माहौल गरमा गया। शहर के नई बाखल क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों ने जमकर उपद्रव मचाया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि उपद्रवियों की यह पूरी करतूत पास ही लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने एकजुट होकर थाने का घेराव किया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है।

    घटना का विवरण और पुलिस की कार्रवाई

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नमाज के बाद अचानक कुछ युवकों ने क्षेत्र में हुड़दंग शुरू कर दिया।नामजद FIR पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर 6 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।पहचान की प्रक्रिया: पुलिस वीडियो फुटेज को खंगाल रही है ताकि भीड़ में शामिल अन्य उपद्रवियों के चेहरों की पहचान कर उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जा सके।वर्तमान स्थिति: घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।

    स्थानीय निवासियों में रोष

    नई बाखल के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ केवल कागजी कार्रवाई न हो बल्कि कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में शांति भंग न हो सके। पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

    एक अन्य दुखद घटना: कुएं में मिली मां-बेटे की लाश

    तराना में मचे उपद्रव के बीच जिले से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। एक महिला और उसके 3 माह के मासूम बच्चे की लाश कुएं में तैरती मिली है। जांच जारी: पुलिस इस मामले में उलझी हुई है कि यह आत्महत्या है, कोई दुखद हादसा या फिर सोची-समझी हत्या। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया गया है।