Category: Madhya Pradesh

  • MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण

    MP Morning News: सड़कों की बड़ी सौगात से लेकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा , BJP का ‘सहयोग सेल’ और यूनियन कार्बाइड प्रांगण में CM का निरीक्षण


    भोपाल । मध्यप्रदेश के लिए आज शनिवार 17 जनवरी का दिन विकास राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद अहम रहने वाला है। एक ओर प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात मिलने जा रही है तो वहीं दूसरी ओर राहुल गांधी का इंदौर दौरा भाजपा का नया संगठनात्मक प्रयोग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यूनियन कार्बाइड प्रांगण भ्रमण सुर्खियों में रहेगा।

    प्रदेश को आज केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से बड़ी सौगात मिलने जा रही है। विदिशा में आयोजित कार्यक्रम में वे 4 400 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एवं प्रस्तावित 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। करीब 181 किलोमीटर लंबी इन परियोजनाओं से मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। भोपाल–विदिशा–सागर–राहतगढ़–ब्यावरा जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात पहले से कहीं अधिक सुगम होगा। चार-लेन चौड़ीकरण से यात्रा समय घटेगा ईंधन की बचत होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है। ब्लैक स्पॉट सुधार अंडरपास और ज्यामितीय सुधार जैसे कार्य सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाएंगे।

    राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा संगठन आज एक नई पहल की शुरुआत कर रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर ‘सहयोग सेल’ की स्थापना की जा रही है। इसका उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की समस्याओं को समयबद्ध तरीके से सुलझाना है। यदि किसी जिले में समस्या का समाधान नहीं होता है तो मामला सीधे प्रदेश संगठन तक पहुंचेगा। इस सेल में प्रदेश और जिला स्तर पर संयोजक नियुक्त किए जाएंगे। रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को भी इससे जोड़ने पर विचार किया जा रहा है ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिल सके। साथ ही जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन भी तय कर दिए गए हैं जिससे कार्यकर्ताओं को सीधा संवाद का मौका मिल सके।

    वहीं कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज इंदौर दौरे पर रहेंगे। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई त्रासदी ने पूरे देश का ध्यान खींचा है। दर्जनों मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने के बाद राहुल गांधी स्वयं पीड़ितों से मिलने आ रहे हैं। वे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों और बाद में भागीरथपुरा में प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करेंगे। करीब तीन घंटे के इस दौरे को कांग्रेस एक बड़े राजनीतिक और मानवीय संदेश के रूप में देख रही है। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सुबह लगभग 11 बजे यूनियन कार्बाइड प्रांगण का भ्रमण करेंगे। न्यायालय के निर्देश के बाद यूनियन कार्बाइड के ज़हरीले कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। मुख्यमंत्री वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वहां स्थिति की समीक्षा करेंगे। 1984 की गैस त्रासदी जिसे मानव इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में गिना जाता है आज भी भोपाल के लिए एक संवेदनशील अध्याय है और सरकार इसे लेकर सतर्क दिखाई दे रही है।

  • MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर

    MP: बिजली कर्मियों का अजीब कारनामा… रात ढाई बजे कनेक्शन काटने पहुंचे, महिला ने चोर समझ मारे पत्थर


    भिण्ड।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के भिंड जिले (Bhind district) के लहार में बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों का एक अनूठा कारनामा (Unique feat) सामने आया है। ये कर्मचारी गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात करीब ढाई बजे (Around 2:30 AM) एक महिला के घर कनेक्शन काटने पहुंच गए। रात के सन्नाटे में अचानक गेट खटकाने से महिला घबरा गई। जब उसने दरवाजा नहीं खोला तो कर्मचारी दीवार फांदकर छत पर चढ़ने की कोशिश करने लगे। ऐसे में बदमाशों का हमला समझकर महिला ने बचाव में ईंट-पत्थर फेंक दिए, जिससे सरकारी वाहन का कांच टूट गया। इसके बाद बिजली कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। उधर कर्मचारियों के इतनी रात को महिला के घर पहुंचने के पीछे जो वजह सामने आई है, वह और भी हैरान करने वाली है। दरअसल ये कर्मचारी उस अजीबोगरीब फरमान के बाद इतनी रात को वहां पहुंचे थे, जिसके अनुसार टारगेट पूरा करने का दबाव बनाते हुए उन्हें रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं।


    बच्चों के साथ रहने वाली महिला डरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बिजली घर इलाके की निवासी पूनम बघेल अपने घर में 16 वर्षीय बेटी और एक बेटे के साथ अकेली रहती हैं। उनके पति गुजरात के अहमदाबाद में निजी नौकरी करते हैं। 15 जनवरी की रात करीब ढाई बजे गली के बाहर एक वाहन आकर रुका। वाहन से चार-पांच युवक उतरे और सीधे पूनम बघेल के घर की कुंडी खटकाने लगे। तेज आवाज से महिला की नींद खुल गई, युवकों ने खुद को बिजली विभाग का बताते हुए दरवाजा खोलने को कहा। महिला ने इतनी रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह उन्हें नहीं जानती। इस पर कर्मचारियों ने कहा सीढ़ी लाओ छत पर चढ़ते हैं। यह सुनकर महिला और अधिक डर गई। आशंका में महिला छत पर चढ़ गई और बचाव में ईंट-पत्थर फेंकने लगी। छत से पथराव होता देख बिजली कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस दौरान कुछ ईंट-पत्थर सरकारी वाहन पर लगे जिससे उसका कांच टूट गया।

    कर्मचारियों ने की मामले को दबाने की कोशिश
    रात की घटना के बाद कर्मचारियों ने जेई नवीन शुक्ला के कहने पर मामले को दबा लिया और किसी को जानकारी नहीं दी। जब वाहन सरकारी कार्यालय पहुंचा और टूटा कांच दिखाई दिया, तब कर्मचारियों से सवाल किए गए। इसके बाद रात की घटना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी भड़क गईं और महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।


    रिपोर्ट लिखाने पहुंचे तो उल्टा पुलिस ने दागे सवाल

    शुक्रवार दोपहर में पुलिस थाने में शिकायत दी गई। जब मामला लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने सवाल किया कि रात ढाई बजे बकायादार के घर कौन जाता है। पुलिस के सवालों पर बिजली कर्मचारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी थाने बुलाया। महिला ने पुलिस को बताया कि वह घर में अकेली रहती है। रात में कुछ लोग नशे जैसी हालत में उसके घर की कुंडी खटका रहे थे और जबरन छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे। डर के कारण उसने आत्मरक्षा में ईंट-पत्थर फेंके। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी पुलिस को दी है।


    कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव

    इसी बीच सूत्रों के अनुसार उप महाप्रबंधक लक्ष्मी सोनवानी ने मार्च क्लोजिंग के नाम पर बिजली कर्मचारियों पर टारगेट पूरा करने का दबाव बना रखा है। इसके तहत रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक कनेक्शन काटने के आदेश दिए गए हैं। कर्मचारियों के अनुसार, रात की टीम का नेतृत्व जेई करते हैं और कई बार कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी पर रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि आदेश न मानने पर कार्रवाई की धमकी दी जाती है, जिससे वे भयभीत हैं।

    जिले के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला ने बताया कि रात में टीम पर हमला हुआ और वाहन क्षतिग्रस्त हुआ है। आवेदन थाने में दिया गया है और पूरे मामले की जानकारी भिण्ड एसपी को देकर निष्पक्ष जांच का आग्रह किया गया है। लहार थाना टीआई शिवसिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों से आवेदन मिले हैं। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा

    MP: छिंदवाड़ा में खौफनाक वारदात… मां ने पिता के लिए रो रही बच्ची का गला घोंटा


    छिंदवाड़ा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा जिले (Chhindwara district) के चांद थाना क्षेत्र के परसगांव में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने गुस्से में आकर अपनी ढाई साल की मासूम बेटी (Innocent Daughter) की गला घोंटकर हत्या कर दी। मिली जानकारी के अनुसार मृत बच्ची के पिता रामदास चौरिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी ढाई साल की बेटी की अज्ञात कारणों से मौत हो गई है। पिता ने बताया कि करीब 3 बजकर 25 मिनिट पर जब वह घर लौटे तो बेटी को अचेत अवस्था में मिली। उन्होंने तुरंत पड़ोसियों को बुलाया और बच्ची को स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    बेटी की मौत पर संदेह जताते हुए पिता थाने पहुंचे। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत गला घोंटने से हुई है। इसके बाद पुलिस का शक बच्ची की मां संगीता चौरिया पर गया।पुलिस ने सख्ती से संगीता चौरिया से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मां को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी या अन्य परेशानी नहीं थी।

    पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मां ने बतया की बच्ची पूरी तरह सामान्य थी और खाना खाकर घर पर मौजूद थी। इसी दौरान पिता ट्रैक्टर में हवा भरवाने के लिए बच्ची को साथ ले गए। हवा भरवाने के बाद वह बच्ची को घर छोड़कर अपने काम पर निकल गए। पिता के जाते ही बच्ची रोने लगी। बच्ची को शांत कराने की कोशिश की लेकिन लगातार पिता के लिए रोने से वह गुस्से में आ गई। इसी दौरान उसने कान में बांधने वाले रूमाल से बच्ची का गला घोंट दिया और बाद में हाथ से भी गला दबाया, जिससे मासूम की मौत हो गई।

    चांद थाना प्रभारी प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक ललित बैरागी ने बताया कि घटना दोपहर 3 बजे से 3:25 बजे के बीच की है। जांच में सामने आया कि घटना के समय घर में मां के अलावा कोई और मौजूद नहीं था। उस दौरान किसी के आने-जाने के सबूत भी नहीं मिले। पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को आरोपी मां संगीता चौरिया के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जिला जेल छिंदवाड़ा भेज दिया गया है।

  • हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस

    हे राम! गौमांस कांड पर सन्नाटा: न पुलिस के पास जवाब, न नगर निगम को खबर, स्लॉटर हाउस ट्रक से मिले मांस


    भोपाल । मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सामने आए गौमांस कांड ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि स्लॉटर हाउस के ट्रक में मिला गौमांस आखिर कहां से आया और जिन गायों का वध किया गया वे कहां से लाई गई थीं। न तो नगर निगम के पास इसका कोई ठोस जवाब है और न ही पुलिस इस दिशा में कोई ठोस प्रगति दिखा पा रही है। मामला 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात का है जब भोपाल के स्लॉटर हाउस से जुड़े एक ट्रक में गौमांस मिलने की पुष्टि हुई थी। इस खुलासे के बाद शहर में हड़कंप मच गया था और हिंदू संगठनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने मामले में 24 दिसंबर को स्लॉटर हाउस संचालक असलम कुरैशी को गिरफ्तार जरूर किया लेकिन जांच की रफ्तार शुरुआत से ही सवालों के घेरे में है।

    सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने असलम कुरैशी का रिमांड तक नहीं मांगा। न्यायालय में पेशी के दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग नहीं की जिसके चलते कोर्ट ने असलम को सीधे जेल भेज दिया। जानकारों का मानना है कि रिमांड न लेने से कई अहम जानकारियां सामने आने का मौका गंवा दिया गया जिससे पूरे मामले की तह तक पहुंचना अब और मुश्किल हो गया है। मध्यप्रदेश में गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत गौहत्या या गौमांस के परिवहन जैसे मामलों में सात साल तक की सजा का प्रावधान है। ऐसे में जांच में हो रही ढिलाई सीधे तौर पर आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि गायें किस जिले या किस राज्य से लाई गई थीं उनके परिवहन की अनुमति थी या नहीं और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह की भूमिका है।

    नगर निगम की भूमिका भी इस पूरे मामले में संदेह के घेरे में आ गई है। स्लॉटर हाउस नगर निगम के अधीन आता है इसके बावजूद निगम की ओर से अब तक असलम कुरैशी के खिलाफ स्लॉटर हाउस के दुरुपयोग को लेकर कोई अलग से एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या निगम प्रशासन जानबूझकर मामले को हल्का रखने की कोशिश कर रहा है या फिर आंतरिक लापरवाही इसके पीछे कारण है। राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा गरमाता जा रहा है। विपक्ष सरकार और प्रशासन पर आरोप लगा रहा है कि जानबूझकर जांच को कमजोर किया जा रहा है जबकि सत्तापक्ष इसे कानून के तहत कार्रवाई का मामला बता रहा है। फिलहाल भोपाल में गौमांस कहां से आया कौन जिम्मेदार है और इसके पीछे कौन-सी बड़ी साजिश छिपी है इन सभी सवालों के जवाब अभी अधर में लटके हुए हैं।

  • MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार

    MP: इंदौर में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क का सरगना निकला स्कूल प्रिंसिपल… 2 युवतियों के साथ गिरफ्तार


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इंटरस्टेट ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क (Interstate Drug Smuggling Network) का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि भोपाल (Bhopal) के एक स्कूल का प्रिंसिपल इस नेटवर्क का सरगना निकला। लग्जरी लाइफ का शौकीन यह प्रिंसिपल थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। उसे दो लड़कियों के साथ इंदौर में गिरफ्तार किया गया है।

    इंदौर में शिक्षा की गरिमा को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब भोपाल के एक स्कूल के प्रिंसिपल अबान शकील को कनाड़िया पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया। लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन अबान शकील दरअसल नशे के इंटरस्टेट नेटवर्क का अहम किरदार निकला, जो थार गाड़ी से ड्रग्स की तस्करी करता था। पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है और पूछताछ में कई अन्य तस्करों के नाम सामने आए हैं। इससे पूरे नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।


    इवेंट कंपनी की आड़ में पार्टियों का आयोजन

    कनाड़िया पुलिस ने नेटवर्क के सरगना वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा को दो युवतियों के साथ धर दबोचा। डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध इको स्पोर्ट कार से पकड़े गए इस गिरोह के पास से एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह इवेंट कंपनी की आड़ में हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आयोजन कर, वहीं से युवाओं को महंगे दामों में एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे किया जाता था, ताकि शक की सुई उन पर न जाए।


    पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई

    पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गोवा सहित कई राज्यों के पब, बार और क्लबों में ड्रग्स की सप्लाई करते थे। गिरफ्तार युवतियों ने कबूल किया कि वे बड़े क्लबों और पार्टियों में जाकर युवाओं को एमडी ड्रग्स की पुड़िया महंगी कीमत पर बेचती थीं। प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार इंदौर के कई क्लबों और ठिकानों से जुड़े पाए गए हैं, जिससे शहर के नाइट लाइफ नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


    32 लाख रुपए की सामग्री जब्त

    पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन, थार और इको स्पोर्ट सहित करीब 32 लाख रुपए की सामग्री जब्त की है। पुलिस रिमांड में आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थी और किन-किन बार व क्लब संचालकों की इसमें भूमिका है।


    थार गाड़ी से तस्करी करता था प्रिंसिपल

    पुलिस ने सबसे पहले भोपाल निवासी अबान शकील को गिरफ्तार किया। आरोपी एक स्कूल का प्रिंसिपल है और लग्जरी लाइफस्टाइल का शौकीन बताया गया है। जांच में सामने आया कि वह थार गाड़ी से एमडी ड्रग्स की तस्करी करता था। आरोपी के पास से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग बरामद की गई।अबान शकील से पूछताछ के दौरान पुलिस को वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा नामक तस्कर के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद थाना कनाड़िया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वैभव शर्मा को दो लड़कियों के साथ एमडी ड्रग्स सहित गिरफ्तार किया।


    बिना नंबर की इको स्पोर्ट्स कार से हो रही थी सप्लाई

    पुलिस को डीपीएस स्कूल बायपास के पास बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट्स कार संदिग्ध हालत में खड़ी मिली। कार की जांच करने पर चालक भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली। पुलिस जांच में कार में बैठी दो लड़कियों नेहा उर्फ रिशु झा (मुंबई निवासी) और अलीशा मसीह उर्फ जैनी (रतलाम निवासी) के पास से भी एमडी ड्रग्स बरामद की गई। दोनों ने कबूल किया कि वे क्लब और बार पार्टियों में महंगे दामों पर ड्रग्स सप्लाई करती थीं।

    गोवा और अन्य राज्यों तक फैला नेटवर्क
    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इवेंट कंपनी के नाम पर बड़ी पार्टियों का आयोजन करते थे और इन्हीं पार्टियों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी। पुलिस चेकिंग से बचने के लिए गिरोह में युवतियों को आगे रखा जाता था। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार गोवा सहित कई अन्य राज्यों से जुड़े हुए हैं। आरोपी वहां के पब, बार और क्लबों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते थे। इंदौर के कई क्लब संचालकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।


    इंदौर पुलिस की लोगों से अपील

    चारों आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस रिमांड लेकर यह पता लगाया जाएगा कि ड्रग्स कहां से लाई जाती थीं और किन-किन क्लबों में सप्लाई होती थी। इंदौर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

  • आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप

    आधी रात का विद्रोह: हरदा एकलव्य विद्यालय के 400 बच्चों का पैदल मार्च, अधीक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना और बदइंतजामी के आरोप


    हरदा । हरदा जिले के रहटगांव तहसील स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में उस समय सनसनी फैल गई, जब सैकड़ों छात्र-छात्राएं आधी रात को हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल मार्च पर निकल पड़े। यह घटना न सिर्फ प्रशासन के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गई। बच्चों का आरोप है कि विद्यालय में लंबे समय से उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब थी और शिकायत करने पर डराया-धमकाया जाता था।बताया जा रहा है कि विद्यालय में अध्ययनरत करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं तड़के करीब चार बजेअचानक एकजुट हुए और हॉस्टल परिसर की दीवार फांदकर जिला मुख्यालय हरदा की ओर पैदल निकल पड़े। बच्चों का कहना था कि उन्होंने कई बार अधीक्षिका सोनिया आनंद और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से अपनी समस्याएं साझा कीं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया। मजबूर होकर बच्चों ने यह अनोखा और साहसिक कदम उठाया।
    पैदल मार्च के दौरान बच्चों में गुस्सा और पीड़ा साफ नजर आ रही थी। वे प्राचार्य हाय-हाय मानसिक प्रताड़ना बंद करोऔर ऐसा भोजन नहीं चलेगा जैसे नारे लगाते हुए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। करीब दस किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद ग्राम सोडलपुर के पास फोरलेन मार्ग पर जिला प्रशासन को इस असाधारण घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन स्वयं मौके पर पहुंचे। कलेक्टर के पहुंचते ही सभी बच्चे सड़क किनारे बैठ गए और खुलकर अपनी समस्याएं बताईं। बच्चों ने बताया कि उन्हें समय पर पौष्टिक भोजन नहीं दिया जाता, साफ-सफाई की हालत खराब है और अनुशासन के नाम पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है, जिससे वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
    कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बच्चों को शांत करते हुए भरोसा दिलाया कि उनकी सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने मौके पर ही पालकों की एक निगरानी समिति गठित करने की घोषणा की, जो विद्यालय की व्यवस्थाओं, भोजन और अनुशासन पर नजर रखेगी। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बच्चों ने अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद जिला प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था कर सभी बच्चों को सुरक्षित वापस हॉस्टल पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना एकलव्य आवासीय विद्यालयों की कार्यप्रणाली और बच्चों के अधिकारों को लेकर एक बड़ी चेतावनी के रूप में सामने आई है, जिस पर समय रहते ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है।

  • समाधान योजना की बड़ी सफलता: 11.88 लाख उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन, अब 31 जनवरी तक मिलेगा 100% सरचार्ज माफी का लाभ

    समाधान योजना की बड़ी सफलता: 11.88 लाख उपभोक्ताओं ने कराया पंजीयन, अब 31 जनवरी तक मिलेगा 100% सरचार्ज माफी का लाभ


    भोपाल । समाधान योजना 2025-26 के प्रथम चरण में अब तक 11 लाख 88 हजार 240 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। अब तक 632 करोड़ 92 लाख रूपये मूल राशि जमा हुई है। साथ ही 276 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बकायादार उपभोक्‍ताओं की सतत भागीदारी और उनके उत्‍साह को देखते हुए समाधान योजना के प्रथम चरण की अवधि में 31 जनवरी 2026 तक विस्‍तार किया गया है। पिछले साल 3 नवंबर से शुरू हुई समाधान योजना 2025-26 में शामिल होकर लाखों बकायादार उपभोक्‍ताओं ने सौ फीसदी तक छूट का लाभ लिया। उन्होंने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्‍ता योजना के प्रथम चरण में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करके 100 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 3 लाख 84 हजार 130 बकायादार उपभोक्‍ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 403 करोड़ 69 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 215 करोड़ 95 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 3 लाख 98 हजार 470 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। मूल राशि 122 करोड़ 79 लाख रूपये जमा हुई है तथा 43 करोड़ रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत 4 लाख 5 हजार 640 उपभोक्ताओं ने पंजीयन कराया है। कुल मूल राशि 106 करोड़ 44 लाख रूपये जमा हुई है। साथ ही 16 करोड़ 77 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।

    समाधान योजना 2025-26 : एक नजर में

    समाधान योजना 2025-26 का उद्देश्य 3 माह से अधिक अवधि के उपभोक्ताओं को बकाया विलंबित भुगतान के सरचार्ज पर छूट प्रदान करना है। यह योजना जल्दी आएं, एकमुश्‍त भुगतान कर ज्यादा लाभ पाएं के सिद्धांत पर आधारित है। इस योजना में उपभोक्ता को प्रथम चरण में एकमुश्‍त भुगतान करने पर सबसे अधिक लाभ हो रहा है जबकि द्वितीय चरण के दौरान छूट का प्रतिशत क्रमशः कुछ कम हो जाएगा। यह योजना दो चरणों में प्रारंभ होकर प्रथम चरण की शुरुआत 3 नवंबर 2025 से हुई जो कि 31 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें बकाया बिल एकमुश्‍त जमा करने पर 60 से लेकर 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जा रहा। इसके बाद द्वितीय और अंतिम चरण शुरू होगा जो कि 01 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। दूसरे चरण में 50 से 90 फ़ीसदी तक सरचार्ज माफ किया जाएगा। समाधान योजना 2025-26 का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को कंपनी के ऐप एवं कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) तथा एमपी ऑनलाइन पर भी पंजीयन की सुविधा उपलब्‍ध है। पंजीयन के दौरान अलग-अलग उपभोक्ता श्रेणी के लिए पंजीयन राशि निर्धारित की गई है। घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत तथा गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत भुगतान कर पंजीयन कराकर योजना में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं। विस्तृत विवरण तीनों कंपनियों की वेबसाइटों पर भी देखा जा सकता है। साथ ही विद्युत वितरण केंद्र में पहुंचकर भी योजना के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

  • पीएम सूर्य घर योजना की रफ्तार: 29 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिली 227 करोड़ की सब्सिडी, 3kW प्लांट पर मिल रही ₹78,000 की भारी छूट

    पीएम सूर्य घर योजना की रफ्तार: 29 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को मिली 227 करोड़ की सब्सिडी, 3kW प्लांट पर मिल रही ₹78,000 की भारी छूट


    भोपाल । मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा अपने क्षेत्रान्तर्गत ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना में अब तक कुल 29 हजार 174 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 227 करोड़ 39 लाख रूपये से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं। देश के करोड़ों घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएम सूर्य घर योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, 2 किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा 3 किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

    योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट https://www.pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट www.portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्सऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

    कंपनी ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। गौरतलब है कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है। कंपनी ने कहा कि जिन रूफटॉप सोलर प्लांट में नेट मीटर के साथ मोडेम व सिम लगे होने के बाद भी अगर डाटा कम्युनिकेशन का अभाव है, तो संबंधित सोलर वेंडर को नोटिस जारी किए गए हैं। कम्युनिकेशन फिर भी स्थापित नहीं होने की अवस्था में वेंडर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल

    पेसा एक्ट के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का हो व्यापक जनजागरण: राज्यपाल श्री पटेल


    भोपाल । राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में पेसा, अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल ने जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन को विकास के नए आयाम दिए हैं। जनजातीय समुदाय और ग्राम सभाओं में पेसा नियम की जन जागरूकता आवश्यक है। संबंधित विभाग पेसा नियम के सफल क्रियान्वयन और उपलब्धियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। ग्राम सभा और समितियों की विशेष सफलताओं को जन-जन तक पहुंचाने नवाचार करें। राज्यपाल श्री पटेल ने यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक में कहीं। उन्होंने पेसा ग्राम सभाओं और पेसा समितियों द्वारा किए गए विशेष कार्यों की जानकारी ली और सराहना की। लोक भवन में शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद रहे।

    राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पेसा नियमों के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समितियों द्वारा स्थानीय स्तर पर विवाद निवारण की सफलता अत्यंत उत्साहवर्धक है। यह सामाजिक सौहार्द्र एवं भाईचारे की भावना को मजबूत कर रही है। जनजातीय समुदाय को अनावश्यक मुकदमों एवं आर्थिक बोझ से मुक्ति दिलाने का सराहनीय कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाया जाना चाहिए। संबंधित विभाग इन सफलताओं की बुकलेट बनाएं और वितरित करें। बैठक में पेसा ग्राम सभाओं के वित्तीय पक्ष, वन ग्रामों को राजस्व में परिवर्तन, ग्राम सभाओं के नजरी नक्शा, लंबित प्रस्ताव, पट्टों की स्थिति, तेंदुपत्ता संग्रहण भुगतान आदि विभिन्न बिन्दुओं की विस्तार से समीक्षा की।

    राज्यपाल श्री पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने पेसा नियमों के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आगामी लक्ष्यों, उपलब्धियों, कठिनाईयों और उनके व्यावहारिक समाधान के विभागीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पेसा मोबेलाइजर्स के मानदेय के भुगतान संबंधी आगामी नवाचार प्रयासों को बताया। राज्यपाल श्री पटेल को बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्धारित बिन्दुओं पर विस्तार से जानकारी दी।

    समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री गुलशन बामरा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आयुक्त सह-संचालक श्री छोटे सिंह, जनजातीय कार्य विभाग के आयुक्त सह-संचालक डॉ. सतेन्द्र सिंह, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

  • भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार

    भोपाल में फर्जी पुलिस बनकर लूट और किडनैपिंग की वारदात, चार गिरफ्तार


    भोपाल । भोपाल की अरेरा कॉलोनी में 11 जनवरी की शाम एक सनसनीखेज वारदात हुई, जब पांच-छह बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बताकर मेघना अपार्टमेंट के एक फ्लैट में घुसे। घटना ई-7 सेक्टर, हबीबगंज थाना क्षेत्र में हुई। फ्लैट में राहुल गुप्ता, अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार मौजूद थे। बदमाशों ने युवकों को धमकी दी कि उन्हें एनडीपीएस केस में फंसा दिया जाएगा और उनके साथ मारपीट की। डर के मारे युवकों ने विरोध नहीं किया। बदमाशों ने तुरंत लूट की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने चारों से 79,800 रुपये नकद और तीन कीमती घड़ियां लूट लीं। इसके बाद बदमाशों ने चारों युवकों को उनकी ही कार में जबरन बैठा लिया और मिसरोद बाइपास टोल रोड की ओर ले गए, जहां उन्होंने और पैसे की मांग की।

    इस दौरान पीड़ित राहुल गुप्ता ने अपने परिचित आनंद रघुवंशी को फोन कर मदद मांगी। आनंद होशंगाबाद से एक लाख रुपये लेकर भोपाल पहुंचे। बदमाशों ने आनंद को पांच नंबर पेट्रोल पंप पर बुलाया। वहीं आनंद ने चतुराई दिखाते हुए बदमाशों का फोन छीन लिया और शोर मचाया कि वह असली पुलिस के साथ है। डर के मारे बदमाश मोबाइल छीनकर वहां से भाग निकले। घबराए हुए युवक तुरंत हबीबगंज थाने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने मामले को चार दिन तक दबाकर रखा, जिससे पीड़ितों में नाराजगी बनी रही। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज की और चार बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।

    इस वारदात ने इलाके में सनसनी फैलाकर लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के रूप में पेश होकर अपराध करना और लोगों को धमकी देकर लूट करना एक गंभीर मामला है। अधिकारियों ने अब कहा कि सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अन्य शामिल व्यक्तियों की तलाश की जा रही है। वारदात ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि नागरिकों को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है और संदिग्ध पुलिसकर्मियों से सावधान रहना चाहिए। CCTV फुटेज और मोबाइल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने घटना का खुलासा किया, जिससे इलाके में भय का माहौल तो बना, लेकिन अपराधियों की गिरफ्तारी से राहत भी मिली।