Category: Madhya Pradesh

  • मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा

    मुरैना में तेज रफ्तार का कहर: घर के बाहर बैठी महिलाओं को कार ने रौंदा, CCTV में कैद खौफनाक हादसा


    मुरैना ।
    मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक खौफनाक मामला सामने आया है। स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के रामनगर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अनियंत्रित कार सकरी गली में तेज गति से घुस आई और घर के बाहर बैठी महिलाओं को टक्कर मार दी। यह दिल दहला देने वाली घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है।घटना रामनगर की एक संकरी गली की है, जहां रोज की तरह कुछ महिलाएं अपने घर के बाहर कुर्सियां डालकर बैठी थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार अचानक गली में दाखिल हुई।
    गली की चौड़ाई कम होने के बावजूद चालक ने न तो गति कम की और न ही वाहन पर नियंत्रण रखा। कुछ ही पलों में कार सीधे महिलाओं की ओर बढ़ गई और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुर्सी पर बैठी एक महिला उछलकर काफी दूर जा गिरी। आसपास बैठी अन्य महिलाएं भी कार की चपेट में आने से बाल-बाल बचीं। हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल महिला को संभाला। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

    पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि कार तेज रफ्तार में संकरी गली में प्रवेश करती है और सीधे महिलाओं को टक्कर मारती है। वीडियो में कार चालक की लापरवाही और तेज गति साफ नजर आ रही है। घटना के बाद कार कुछ दूरी पर जाकर रुकती दिखाई देती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर क्षेत्र की गलियां बेहद संकरी हैं और यहां अक्सर लोग घरों के बाहर बैठते हैं। इसके बावजूद कुछ वाहन चालक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से इस इलाके में गति नियंत्रण और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि कार चालक की पहचान की जा रही है और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही घायल महिला के इलाज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में तेज रफ्तार से वाहन चलाने पर आखिर कब सख्ती होगी। सीसीटीवी में कैद यह दृश्य न सिर्फ डरावना है, बल्कि सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की अनदेखी का गंभीर उदाहरण भी है।

  • सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे

    सीएम मोहन यादव ने किया आईपीएस सर्विस मीट का शुभारंभ, कहा- मध्य प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाएंगे


    भोपाल।  मध्य प्रदेश में संगठित अपराध के लिए कोई स्थान नहीं होगा और प्रदेश को आंतरिक सुरक्षा का आदर्श प्रदेश बनाने का लक्ष्य सरकार का प्रमुख एजेंडा है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित आईपीएस सर्विस मीट के शुभारंभ अवसर पर कही।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश पुलिस को जल्द ही पदोन्नति (प्रमोशन) की स्वीकृति का समाचार मिलेगा और पुलिस विभाग में पर्याप्त भर्तियां की जाएंगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की ड्यूटी में अनेक चुनौतियां हैं, फिर भी वे अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठापूर्वक निभाते हैं।

    सर्विस मीट का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना और भारतीय पुलिस सेवा संघ के अध्यक्ष चंचल शेखर ने पुष्प गुच्छ और पौधा भेंट कर स्वागत किया। डीजीपी कैलाश मकवाना ने स्वागत उद्बोधन भी दिया।

    डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 में मध्यप्रदेश सरकार और पुलिस ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश की पुलिस देश के लिए आदर्श उदाहरण बन चुकी है और नए कानूनों के क्रियान्वयन में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि नशा विरोधी अभियान में प्रदेश पुलिस निरंतर सफल रही है और संगठित अपराधियों और गिरोहों पर अंकुश लगाया जा रहा है।

    उन्होंने नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया करने के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी और देशभक्ति व जन सेवा की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश पुलिस हर कदम पर सरकार के साथ खड़ी है और लोकतंत्र तथा कानून व्यवस्था की मजबूती में अहम भूमिका निभा रही है। उनका यह संदेश है कि मध्यप्रदेश को सुरक्षित और आदर्श प्रदेश बनाए रखना हर अधिकारी और पुलिसकर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

  • Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान

    Rahul Gandhi 2026: 17 जनवरी को भागीरथपुरा पीड़ितों से मुलाकात, जल संकट पर जमीनी हकीकत जानने का पूरा प्लान


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 17 जनवरी को इंदौर एक दिवसीय दौरे पर आएंगे। उनका दौरा पूरी तरह से भागीरथपुरा जल प्रदूषण त्रासदी से प्रभावित लोगों को समर्पित रहेगा। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी सीधे मौके पर जाकर हालात समझना चाहते हैं और पीड़ित परिवारों की समस्याएं खुद सुनेंगे।राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
    राहुल गांधी सुबह 9:30 बजे दिल्ली से विशेष विमान से रवाना होंगे और करीब 11 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल जाएंगे, जहां 11:45 से 12:15 तक जल प्रदूषण पीड़ितों से मुलाकात की जाएगी। इसके बाद वे भागीरथपुरा क्षेत्र में जाकर प्रभावित परिवारों से 12:45 से 1:45 तक बातचीत करेंगे और उनकी समस्याओं को समझेंगे। दोपहर 2:30 बजे वे इंदौर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

    दौरे के मद्देनजर सीआरपीएफ और स्थानीय प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर चुके हैं। इसके साथ ही राहुल गांधी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ चुके कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करेंगे और जमीनी हालात व संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं ने पहले ही रणनीति तय कर ली है। कांग्रेस का उद्देश्य इस दौरे के माध्यम से सरकार पर जल संकट और पीने के पानी के मुद्दे को उजागर करना है। भागीरथपुरा के लोग लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं और राहुल गांधी के दौरे से उन्हें उम्मीद है कि उनकी आवाज केवल इंदौर तक नहीं, बल्कि दिल्ली तक पहुंचेगी।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह घटना सिस्टम की नाकामी है और राहुल गांधी जमीनी हकीकत खुद जाकर समझना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पानी आम जनता का संवैधानिक अधिकार है और इस मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।

    राहुल गांधी का यह दौरा न केवल जल प्रदूषण पीड़ितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी आगामी राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक मजबूती का अवसर माना जा रहा है।
  • बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील

    बस हादसों पर RTO की सख्ती: जबलपुर में बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापे. एक यूनिट सील


    जबलपुर । हाल के दिनों में यात्री बसों में आग लगने की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इन हादसों में कई मासूम लोगों की जान जा चुकी है और कई परिवार उजड़ गए हैं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए अब जबलपुर का परिवहन विभाग पूरी तरह सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आरटीओ ने बस बॉडी मेकिंग कारखानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में आरटीओ संतोष पॉल के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने महानद्दा क्षेत्र स्थित ‘दिक्षु बस बॉडी मेकिंग’ कारखाने पर अचानक छापा मारा। जांच के दौरान कारखाने में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
    सबसे अहम बात यह रही कि यूनिट के पास अनिवार्य सर्वे रिपोर्ट उपलब्ध नहीं थी. जो बस बॉडी निर्माण के लिए जरूरी मानी जाती है। इसके अलावा मौके पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी देखी गई।जांच में यह भी पाया गया कि कारखाने में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे और निर्माण प्रक्रिया में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन गंभीर खामियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस बॉडी मेकिंग यूनिट को सील कर दिया। आरटीओ की इस सख्त कार्रवाई से बस बॉडी निर्माताओं में हड़कंप मच गया है।

    जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कई बस बॉडी सेंटर्स ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तय मापदंडों की अनदेखी कर रहे हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसों की वजह बन रही है। नियमों के उल्लंघन के तहत घटिया क्वालिटी की वायरिंग. ज्वलनशील मटेरियल का उपयोग. इमरजेंसी गेट की कमी और फायर सेफ्टी मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि कुछ कारखाने बिना ARAI सर्टिफिकेशन के ही बस बॉडी का निर्माण कर रहे हैं. जो सीधे तौर पर यात्रियों की जान को खतरे में डालता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बसों में लगने वाली आग की बड़ी वजह शॉर्ट सर्किट और खराब वायरिंग होती है. जिसकी जड़ इन्हीं अवैध और लापरवाह निर्माण प्रक्रियाओं में छिपी है।

    परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आरटीओ का कहना है कि जो भी बस बॉडी निर्माता नियमों का पालन नहीं करेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. चाहे वह सीलिंग हो या कानूनी कार्रवाई। आने वाले दिनों में जबलपुर के अन्य बस बॉडी मेकिंग सेंटर्स पर भी इसी तरह की जांच और छापेमारी की जाएगी। विभाग की इस सख्ती से यह उम्मीद की जा रही है कि बस निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होगा और भविष्य में बसों में होने वाली अग्नि दुर्घटनाओं पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी। यात्रियों की जान बचाने के लिए उठाया गया यह कदम परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार

    रतलाम में एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़: आधी रात पुलिस का छापा. लाखों की ड्रग्स और हथियार जब्त. 10 से ज्यादा आरोपी गिरफ्तार


    रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के कालूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिकलाना में संचालित एक गुप्त एमडी ड्रग मेफेड्रोन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। यह कार्रवाई आधी रात को की गई. जिसमें भारी मात्रा में तैयार ड्रग्स. कच्चा माल. मशीनरी और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया है।जानकारी के अनुसार. कालूखेड़ा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम चिकलाना में एक मकान के भीतर अवैध रूप से एमडी ड्रग बनाने का काम चल रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए जावरा और कालूखेड़ा थाने की संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया। पूरी योजना के साथ पुलिस बल ने रात के समय मकान पर छापा मारा। जब पुलिस टीम अंदर पहुंची तो वहां ड्रग बनाने की पूरी फैक्ट्री सक्रिय हालत में मिली।

    मकान के भीतर बड़ी मात्रा में केमिकल. ड्रग तैयार करने की मशीनें. उपकरण और तैयार एमडी ड्रग्स रखी हुई थीं। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स जब्त की हैं. जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक बताई जा रही है। इसके अलावा छापेमारी के दौरान कुछ अवैध हथियार भी बरामद किए गए हैं. जिससे इस नेटवर्क की गंभीरता और आपराधिक पृष्ठभूमि का अंदाजा लगाया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मौके से करीब 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह ड्रग फैक्ट्री कब से संचालित हो रही थी. इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क किन-किन जिलों या राज्यों तक फैला हुआ है।

    पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं. बल्कि अन्य जिलों में भी एमडी ड्रग की सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है। इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। एसपी रतलाम और संबंधित थाना प्रभारी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
    फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि ड्रग बनाने का कच्चा माल कहां से आता था. तैयार ड्रग्स की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जाती थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन बड़े सरगना हैं। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।रतलाम पुलिस की इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है और इसे ड्रग माफिया के खिलाफ एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।

  • इंदौर दूषित पानी कांड: 24 मौतों में से 15 गंदे पानी से. MGM कॉलेज की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा. 5 माह का मासूम भी शिकार

    इंदौर दूषित पानी कांड: 24 मौतों में से 15 गंदे पानी से. MGM कॉलेज की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा. 5 माह का मासूम भी शिकार


    इंदौर । देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचाने जाने वाले इंदौर में दूषित पानी कांड ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले इस जलजनित संक्रमण ने अब तक 24 लोगों की जान ले ली है। इस दर्दनाक सूची में मात्र 5 महीने का एक मासूम बच्चा भी शामिल है. जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।इस मामले में अब एमजीएम मेडिकल कॉलेज की विशेष टीम द्वारा तैयार की गई डेथ एनालिसिस रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। टीम ने कुल 21 मौतों का विस्तृत डेथ ऑडिट किया. जबकि बाकी मामलों की जानकारी अलग से संकलित की गई। रिपोर्ट के अनुसार. 15 लोगों की मौत सीधे तौर पर दूषित पानी के सेवन और उससे फैले उल्टी-दस्त जैसे संक्रमण के कारण हुई है। इस तथ्य की पुष्टि खुद शासन स्तर पर भी कर दी गई है।

    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2 मौतें उस समय हुई थीं. जब क्षेत्र में महामारी जैसे हालात शुरू भी नहीं हुए थे। वहीं 4 लोगों की मौत अन्य चिकित्सकीय कारणों से होना सामने आया है। कुछ मामलों में मौत का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हो सका. जिस पर आगे जांच की जरूरत बताई गई है। एमजीएम कॉलेज की यह रिपोर्ट कलेक्टर शिवम वर्मा को सौंप दी गई है. जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार. 29 दिसंबर से अब तक इस दूषित पानी की चपेट में 436 से अधिक लोग आ चुके हैं। इनमें से अधिकांश मरीजों का इलाज कर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. लेकिन हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। फिलहाल 33 मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं. जिनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में रखा गया है। चिंता की बात यह है कि मंगलवार को भी 5 नए मरीज सामने आए हैं. जिससे संक्रमण के पूरी तरह थमने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में पेयजल पाइपलाइन में लंबे समय से लीकेज था. जिसके चलते सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी में मिल गया। लोगों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत कई बार संबंधित विभागों से की. लेकिन समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यदि शुरुआत में ही पाइपलाइन की मरम्मत और जल की जांच कर ली जाती. तो इतनी बड़ी त्रासदी को रोका जा सकता था।यह मामला न सिर्फ इंदौर की स्वच्छता की छवि पर सवाल खड़े करता है. बल्कि शहरी बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगे की कार्रवाई. जिम्मेदारों की जवाबदेही और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हैं।

  • राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की बधाई. बोले– देश के युवा अब जॉब सीकर नहीं. जॉब क्रिएटर बन रहे

    राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस: सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की बधाई. बोले– देश के युवा अब जॉब सीकर नहीं. जॉब क्रिएटर बन रहे


    भोपाल । राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश और देश के युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए स्टार्टअप संस्कृति की सराहना की है। उन्होंने कहा कि आज का युवा आत्मनिर्भर भारत की नींव को मजबूत कर रहा है और रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने वाला बनकर सफलता के नए अध्याय लिख रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2016 में आज ही के दिन राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में ‘स्टार्टअप इंडिया’ की शुरुआत की थी।
    यह पहल देश में नवाचार. उद्यमिता और निवेश आधारित विकास को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर साबित हुई है। सीएम ने लिखा कि राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हमारे देश के युवा नौकरी मांगने वाले नहीं. बल्कि नौकरी देने वाले बनकर सफलता के नित नए अध्याय लिख रहे हैं। स्टार्टअप के लिए समर्पित सभी युवाओं के लिए मेरी मंगलकामनाएं हैं।सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्टार्टअप इंडिया अभियान ने युवाओं की सोच को बदला है। आज युवा अपने विचारों और नवाचार के दम पर न केवल स्वयं आगे बढ़ रहे हैं. बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में मजबूत कदम है।

    उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस की शुरुआत देश में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने और इसे महानगरों से निकालकर दूरदराज और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। इसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित करना. नए रोजगार के अवसर पैदा करना और भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। स्टार्टअप दिवस के माध्यम से सरकार नवाचार आधारित सोच. तकनीकी विकास और निवेश को प्रोत्साहित करती है।स्टार्टअप इंडिया के तहत अब तक हजारों स्टार्टअप्स को मान्यता मिल चुकी है. जिससे लाखों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। शिक्षा. स्वास्थ्य. कृषि. आईटी. फिनटेक और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में भारतीय स्टार्टअप्स ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश सरकार स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में स्टार्टअप नीति. इनक्यूबेशन सेंटर और फंडिंग सपोर्ट के जरिए युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में प्रदेश के युवा नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।कुल मिलाकर. राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं. बल्कि यह युवाओं की सोच. आत्मविश्वास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक है. जिसमें देश का युवा भविष्य की अर्थव्यवस्था को आकार दे रहा है।

  • एक क्लिक में जानिए आज भोपाल में क्या खास: आंदोलन से लेकर उत्सव, परीक्षा, फ्लाइट और बिजली कटौती तक

    एक क्लिक में जानिए आज भोपाल में क्या खास: आंदोलन से लेकर उत्सव, परीक्षा, फ्लाइट और बिजली कटौती तक


    भोपाल । आज राजधानी भोपाल में दिनभर हलचल भरा माहौल रहेगा। शिक्षा. संस्कृति. सामाजिक सरोकार और प्रशासनिक गतिविधियों के चलते शहर कई महत्वपूर्ण आयोजनों का गवाह बनेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों से लेकर स्थानीय मुद्दों पर होने वाले आंदोलनों तक. हर क्षेत्र में गतिविधियां देखने को मिलेंगी। शाम 5 बजे से जागरण लेक यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टोरीटेलिंग फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें देश और विदेश से आए स्टोरीटेलर्स हिस्सा लेंगे। इस दौरान कहानी कहने की कला. उसके सामाजिक प्रभाव और आधुनिक स्वरूप पर विशेष सत्र होंगे। साहित्य और संस्कृति से जुड़े लोगों के लिए यह कार्यक्रम खास आकर्षण का केंद्र रहेगा।वहीं सुबह 11 बजे से स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर में सीपीटीईडी सम्मेलन आयोजित होगा। क्राइम प्रिवेंशन थ्रू एनवायरनमेंटल डिजाइन विषय पर विशेषज्ञ मंथन करेंगे और शहरी सुरक्षा को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा होगी।

    सामाजिक सरोकार से जुड़ा निःशुल्क कृत्रिम अंग माप शिविर मानस भवन. पॉलिटेक्निक चौराहे पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इस शिविर में जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा दोपहर 3 बजे मिंटो हॉल में ‘दिल की बात’ पुस्तक का विमोचन होगा. जिसमें साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति रहेगी।
    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में दोपहर 12 बजे से माह की विशेष प्रदर्शनी शुरू होगी. जो टिबरिल मेस्लांग पर आधारित है। कला और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए यह प्रदर्शनी खास रहेगी। उधर. कोहेफिजा स्थित बीसीसीआई भवन में सुबह 11 बजे से चैंबर चुनाव से जुड़ी नाम वापसी की प्रक्रिया होगी।

    प्रशासनिक मोर्चे पर मंत्रालय के सामने मंत्रालयीन कर्मचारियों का प्रदर्शन प्रस्तावित है। कर्मचारी चौथा समयमान वेतनमान. 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता और आउटसोर्स कर्मचारियों को डाइंग कैडर घोषित किए जाने के विरोध में आंदोलन करेंगे. जिससे क्षेत्र में यातायात और कामकाज प्रभावित हो सकता हैयात्रियों के लिए अहम सूचना यह है कि गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के चलते 19 से 26 जनवरी तक दिल्ली की दो फ्लाइट कैंसिल रहेंगी। इससे भोपाल-दिल्ली रूट पर 396 सीटें कम हो गई हैं और विजिटर पास की सुविधा भी बंद कर दी गई है।शिक्षा के क्षेत्र में 16 और 17 जनवरी को होने वाले एजुकेशनल ओलम्पियाड में करीब 2 लाख विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। कक्षा 2 से 8 तक के छात्र सभी विकासखंड मुख्यालयों पर परीक्षा देंगे।

    आज कई इलाकों में बिजली कटौती भी रहेगी। टीटी नगर. जवाहर चौक. टैगोर नगर. इंद्रा नगर. गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया समेत 35 से अधिक क्षेत्रों में 2 से 7 घंटे तक अलग-अलग समय पर बिजली बंद रहेगी।इसी बीच. नर्मदापुरम जिले के माखन नगर बाबई में राज्यस्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन आयोजित होगा. जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त का अंतरण करेंगे। प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में सीधे 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इस किस्त के तहत कुल 1836 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। कुल मिलाकर आज भोपाल में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ खास होने जा रहा है।

  • जल जीवन मिशन की समीक्षा : 3 अधीक्षण यंत्री और 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी

    जल जीवन मिशन की समीक्षा : 3 अधीक्षण यंत्री और 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी


    भोपाल। प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि ने जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। श्री नरहरि ने कार्यों में शिथिलता और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने 3 अधीक्षण यंत्रियों एवं 13 कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिये। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्यों की धीमी प्रगति के लिए संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रदेश के समस्त जिलों के अधीक्षण यंत्री, 
    कार्यपालन यंत्री एवं सहायक यंत्री स्तर तक के अधिकारी से जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की अद्यतन स्थिति की विस्तार से जानकारी ली।

    समीक्षा बैठक में एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की प्रगति की जिलेवार समीक्षा की गई। प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट के आधार पर यह पाया गया कि कई जिलों में घरों तक नल कनेक्शन प्रदान किए जाने की गति निर्धारित लक्ष्यों और तय समय-सीमा के अनुरूप नहीं है, जिससे मिशन के उद्देश्यों की पूर्ति प्रभावित हो रही है।

    प्रमुख सचिव ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि एकल नलजल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत शेष बचे कार्यों को निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से प्रगति की निगरानी की जाएगी।

    प्रमुख सचिव श्री नरहरि ने कहा कि जल जीवन मिशन राज्य शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कार्यों की प्रगति में किसी प्रकार की शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रमुख सचिव ने कहा कि फील्ड स्तर पर समन्वय बढ़ाते हुए गुणवत्ता, समय-सीमा और पारदर्शिता के साथ कार्यों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।