Category: Madhya Pradesh

  • MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल

    MP में मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की घटनाओं में दो बच्चों की मौत, चीनी मांझे से 7 घायल


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पतंगबाजी (Kite flying) के कारण हुए हादसों में 2 बच्चों (2 Children) की मौत हो गई जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल (7 People seriously injured) हो गए। रीवा में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने और पन्ना में चट्टान से गिरने के कारण 2 किशोरों की जान चली गई। इंदौर, उज्जैन और इटारसी में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कई लोगों के गले और पैर कट गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ड्रोन कैमरों से निगरानी कर रही है और मांझा बेचने वालों पर सख्ती बरत रही है, फिर भी लोग इसका उपयोग कर रहे हैं।

    उज्जैन में चार मामले
    उज्जैन में 4 दुर्घटनाएं हुईं। इन हादसों में दो लोगों को हल्की चोटें आईं जबकि एक युवक का गला कट गया और एक महिला के पैरों में गंभीर घाव हो गए। दोनों घायलों को इलाज के लिए सरकारी चरक भवन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ईंट भट्टे पर काम करने वाले एक शख्स के गले में बाइक चलाते समय मांझा फंस गया जिससे आठ टांके लगाने पड़े। वहीं सब्जी खरीदने निकलीं सीमा के पैरों में मांझा उलझने से गहरा कट लगा और उन्हें सात टांके लगाने पड़े।


    उज्जैन में दो की हालत गंभीर

    उज्जैन के शासकीय चरक भवन के ईएनटी सर्जन डॉ. विश्राम रत्नाकर ने बताया कि बुधवार को दोपहर तक चाइनीज मांझे से घायल होने के कुल चार मामले सामने आए। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई जबकि दो गंभीर घायल थे जिनका इलाज चल रहा है।


    रीवा में पतंगबाजी ने ली एक की जान

    रीवा जिले में बिछिया थाना क्षेत्र की चौरसिया कॉलोनी में 15 साल का कुश चौरसिया छत पर पतंग उड़ाते वक्त 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। उसकी पतंग कटकर बिजली की लाइन में फंस गई थी जिसे निकालने के लिए उसने लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया। जैसे ही रॉड बिजली के तारों से टच हुई उसे जोरदार करंट लगा। इससे वह बुरी तरह झुलस गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त परिवार मेला देखने गया था।


    पन्ना में भी एक ने गंवाई जान

    वहीं पन्ना जिले के धरमपुर थाना क्षेत्र के इचोलिया में मकर संक्रांति मेले के दौरान एक हादसा हो गया। पतंग उड़ाते समय चट्टान से गिरने से 15 साल के विभव सिंह की मौत हो गई। मृतक खोरा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पतंग उड़ाते समय चट्टान के किनारे संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया जिससे सिर में चोट आने से उसकी मौके पर मौत हो गई।


    इंदौर में 4 जख्मी

    इंदौर में चाइनीज मांझे से चार लोग घायल हुए। पहला हादसा भंवरकुआं क्षेत्र में हुआ जहां बाइक से जा रहे हेमराज चौरसिया का गला कट गया। नंदानगर निवासी महेश सोनी भी चीनी मांझे की चपेट में आकर घायल हुए। जूनी इंदौर में दूध बांटने जा रहे प्रेम भंडारी के गले में मांझा फंसने से 8 टांके आए हैं। चौथी घटना रामानंद नगर में हुई जहां पतंग लेने जा रहे घनश्याम वसुनिया की दाढ़ी पूरी तरह कट गई जिसके कारण उन्हें 10 टांके लगाने पड़े।


    नर्मदापुरम में एक घायल

    नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शाम साढ़े चार बजे के करीब चीनी मांझे से बाइक सवार का गला कट गया। गंभीर रूप से घायल हालत में युवक को इटारसी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुभम मोटरसाइकिल से बुधवार को शाम साढ़े चार बजे घर से लाइब्रेरी जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसके गले में चाइनीज मांझा फंस गया। मांझे से युवक का गला 3 इंच तक कट गया।

  • MP: छतरपुर में दो युवतियों ने कर ली आपस में शादी, थानें पहुंचे परिजन… जमकर हुआ बवाल

    MP: छतरपुर में दो युवतियों ने कर ली आपस में शादी, थानें पहुंचे परिजन… जमकर हुआ बवाल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दो बालिग युवतियों (Two Adult Women) के आपस में विवाह करने का एक मामला सामने आया है जिसके कारण थाने में काफी हंगामा हुआ। सोनी और मोनी (परिवर्तित नाम) पिछले 5 साल से प्रेम संबंध में थीं। उन्होंने 12 तारीख को एक-दूसरे से शादी कर ली। जब जानकारी परिजनों को मिली तो उन्होंने विरोध किया। एक परिवार ने अपनी लड़की मोनी को जबरन साथ ले जाने की कोशिश की जिससे थाने में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए हैं और आगे की कार्रवाई के लिए अधिकारियों से सलाह ले रही है।


    5 साल से प्रेम संबंध

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनी रैकवार और मोनी कुशवाहा के बीच पिछले करीब 5 साल से प्रेम संबंध था। ये दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ रहने और शादी करने का मन बना रही थीं। सोनी ने पुलिस को दिए अपने बयान में स्पष्ट किया कि वे दोनों बालिग हैं और पूरी समझ-बूझ के साथ अपना जीवन एक-दूसरे के साथ बिताना चाहती हैं।


    परिजनों का विरोध

    सोनी के अनुसार, 12 तारीख को दोनों युवतियां एक धाम पहुंचीं जहां उन्होंने अपनी आपसी सहमति से विवाह कर लिया। शादी करने के बाद वे दोनों साथ रहने लगीं लेकिन जैसे ही इस विवाह की जानकारी मोनी के परिवार वालों को मिली तो उन्होंने रिश्ते का कड़ा विरोध किया।


    मोनी को घर ले जाने पर अड़े थे परिजन

    सोनी का आरोप है कि मोनी के परिवार वाले उसे जबरन घर ले जाने के इरादे से सिविल लाइन थाने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर थाने के अंदर ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। इसने देखते ही देखते हंगामे का रूप ले लिया।


    युवतियां साथ रहने पर अड़ीं

    सूत्रों के अनुसार, परिजन रिश्ते को सामाजिक रूप से स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं जबकि दोनों युवतियां अपनी मर्जी से साथ रहने की बात पर अड़ी हुई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए दोनों युवतियों को थाने में बैठाया और उनके परिवार वालों को समझाने की कोशिश की।


    मोनी को ले गए परिजन, मार्गदर्शन ले रही पुलिस

    पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से एक-दूसरे के साथ रहने की बात कह रही हैं। फिलहाल किसी भी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस ने लड़की मोनी को उसके परिजनों के साथ भेजा है। वहीं समलैंगिक विवाह से जुड़े कानूनी पहलुओं पर पूरी स्पष्टता नहीं होने के कारण पुलिस उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन ले रही है ताकि कानून सम्मत निर्णय लिया जा सके।

  • धीरेंद्र शास्त्री ने वेदों की शिक्षा को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- इन्‍हें न मानने वालों के बच्चे बनेंगे जावेद-नावेद

    धीरेंद्र शास्त्री ने वेदों की शिक्षा को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- इन्‍हें न मानने वालों के बच्चे बनेंगे जावेद-नावेद


    नई दिल्‍ली। मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुत्व और वेदों की परंपरा को आगे बढ़ाने की अपनी योजना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि धाम में जल्द ही एक गुरुकुल की स्थापना की जाएगी, जहां बच्चों को वेदों और शास्त्रीय विद्या की शिक्षा दी जाएगी।

    धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान कहा “भोजन एक दिन तक, पानी एक घंटे तक टिकता है, लेकिन विद्या जीवन भर हमारे साथ रहती है। इसी कारण हम गुरुकुल के माध्यम से बच्चों में सनातनी शिक्षा का प्रचार करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि देशभर में ऐसे गुरुकुल खुलें और अधिक से अधिक बच्चे वेदों की सीख प्राप्त करें।” इस बीच, उन्होंने विवादित टिप्पणी भी की कि वेद न मानने वाले लोगों के बच्चे भविष्य में जावेद और नावेद जैसे नामों से पहचाने जाएंगे। धीरेंद्र शास्त्री ने यह बातें राजस्थान के जयपुर में साझा कीं और अपने गुरुकुल प्रोजेक्ट के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।

    छतरपुर में सुंदरकाण्ड मंडल की स्थापना का किया ऐलान
    छतरपुर के बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशभर में हिंदुत्व और सनातनी विचारधारा को फैलाने के लिए सुंदरकाण्ड मंडल की स्थापना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुंदरकाण्ड कार्यालय का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है और मंडल के सभी सदस्य लगातार इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। शास्त्री ने कहा कि ये मंडल पूरे देश में सनातनी विचारों को व्यापक रूप से पहुंचाने और लोगों के हृदय में बदलाव लाने का माध्यम हैं। उनका कहना है कि भारत में हिंदुत्व और सनातनी संस्कारों को मजबूत करने का एक ही रास्ता है साधु-संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम के सुंदरकाण्ड मंडल।

    इस साल कन्या विवाह में होंगे तीन दिवसीय उत्सव और संतों का संगम
    बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस साल होने वाले कन्या विवाह कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार बेटियों के विवाह उत्सव में खास बात यह है कि इसमें संतों का समागम भी होगा। यह उत्सव तीन दिन तक चलेगा और गरीब बेटियों को भी भव्य और दिव्य विवाह का पूरा अवसर मिलेगा।

    शास्त्री ने बताया कि 13 फरवरी को हल्दी और मंडप की व्यवस्था की जाएगी, 14 फरवरी को संगीत और मेहंदी का आयोजन होगा, जबकि 15 फरवरी को करीब 300 बेटियों का कन्यादान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम उन माता-पिताओं को ढूंढ रहे हैं जिनके घर बेटियां नहीं हैं, और वहीं, जिन बेटियों के माता-पिता नहीं हैं, उनका विवाह बागेश्वर धाम करवा रहा है ताकि उन्हें धर्मज माता-पिता मिलें। बेटियां किसी की भी हों, बेटी तो बेटी होती है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल


    भोपाल!
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल,प्लेनेट एंड प्रोग्रेस – मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट ” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र—टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल, एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी, यूआईडीएआई, एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी।

    यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।

  • श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर की पूजा

    उज्‍जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक मकर संक्रांति पर्व पर उज्जैन स्थित प्रसिद्ध श्रीमहाकालेश्वर मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दरबार में भक्ति भाव से पूजा कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना कर प्रदेश के विकास, शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने विधि-विधान के साथ पूजा सम्पन्न कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में भक्तों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएँ दीं।

    इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, जन-प्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

  • प्रदेश में देश का आईजीबीसी नेस्ट प्लस रेटिंग से प्रमाणित पहला प्रधानमंत्री आवास

    प्रदेश में देश का आईजीबीसी नेस्ट प्लस रेटिंग से प्रमाणित पहला प्रधानमंत्री आवास


    भोपाल!
    मध्यप्रदेश के प्रधानमंत्री आवास (Prime Minister’s Residence) को देश के आईजीबीसी एनईएसटी प्लस रेटिंग में सबसे पहले प्रमाणित होने की ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। यह देश का पहला प्रधानमंत्री आवास है, जिसे यह उपलब्धि हासिल हुई है।

    मध्यप्रदेश को यह गौरव गुना जिले के आरोन क्षेत्र की ग्राम पंचायत पतलेश्वर के हितग्राही श्री प्राणचंद के प्रधानमंत्री आवास के कारण मिला है। यह प्रमाणन ग्रामीण क्षेत्रों में सतत, पर्यावरण-अनुकूल एवं ऊर्जा-दक्ष आवास निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है। इस प्रधानमंत्री आवास में ऊर्जा संरक्षण, जल दक्षता, बेहतर आंतरिक पर्यावरण गुणवत्ता तथा संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे ग्रीन बिल्डिंग मानकों को प्रभावी रूप से अपनाया गया है।

    गुना कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने बताया कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे और अन्य अधिकारियों द्वारा विभिन्न स्तरों पर बेहतर कार्य किया जा रहा है। जिले में विकास कार्यों को बेहतर अंजाम दिये जाने के लिये नवाचार भी किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि न केवल ग्राम पंचायत पतलेश्वर और आरोन नगर के लिए, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश की है। यह उपलब्धि अब प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले नवीन आवासों को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल एवं भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • एमपी में 'भविष्य' की दस्तक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लांच करेंगे प्रदेश की पहली 'स्पेसटेक नीति' AI के जरिए बदलेगी गवर्नेंस

    एमपी में 'भविष्य' की दस्तक: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लांच करेंगे प्रदेश की पहली 'स्पेसटेक नीति' AI के जरिए बदलेगी गवर्नेंस


    भोपाल /मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासनतकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन मध्यप्रदेश पेवेलियन स्टार्ट-अप शो-केस हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा एआई फॉर पीपलप्लेनेट एंड प्रोग्रेस- मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र-टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी यूआईडीएआई एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल माइक्रोसॉफ्ट डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी।यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।

  • हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा

    हैवानियत पर कानून का प्रहार: बैतूल में नाबालिग से गैंगरेप के दो दोषियों को मरते दम तक जेल की सजा


    बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मानवता को शर्मसार करने वाले सामूहिक दुष्कर्म के एक मामले में न्यायपालिका ने कड़ा संदेश दिया है। जिले की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग छात्रा के साथ दरिंदगी करने वाले दो युवकों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट के इस फैसले ने न केवल पीड़िता को न्याय दिलाया है बल्कि समाज में महिलाओं और बच्चियों के विरुद्ध अपराध करने वालों के मन में कानून का खौफ भी पैदा किया है।

    यह हृदयविदारक घटना वर्ष 2023 में आठनेर थाना क्षेत्र में घटित हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार दोनों दोषियों ने एक नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया था। वारदात के बाद डरी-सहमी पीड़िता ने जब परिजनों को आपबीती सुनाई तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस ने विवेचना के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों के बयान एकत्रित कर न्यायालय में पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की सुनवाई स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में चली जहाँ अभियोजन ने प्रभावी पैरवी करते हुए दोषियों के कृत्य को जघन्य श्रेणी का बताया।

    विशेष न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपियों ने न केवल कानून का उल्लंघन किया बल्कि एक मासूम के भविष्य और उसकी गरिमा को भी गंभीर चोट पहुँचाई। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया। सजा सुनाते हुए अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध समाज के लिए कलंक हैं और अपराधियों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती। दोषियों को ‘अंतिम सांस तक’ जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया गया है। साथ ही अदालत ने दोनों पर 21-21 हजार रुपए का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि अदा न करने पर उन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। बैतूल पुलिस और अभियोजन की इस सफलता को महिला सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी जीत माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे त्वरित और सख्त फैसलों से अपराधियों के हौसले पस्त होंगे और पीड़ित परिवारों का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

  • एमपी में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर मंथन तेज: पूर्व मंत्री-विधायक रेस में इसी महीने हो सकता है फैसला

    एमपी में निगम-मंडलों की नियुक्तियों पर मंथन तेज: पूर्व मंत्री-विधायक रेस में इसी महीने हो सकता है फैसला

    भोपाल। मध्य प्रदेश में निगम मंडल प्राधिकरण और आयोगों में लंबे समय से अटकी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि प्रदेश में जल्द ही इन नियुक्तियों का ऐलान किया जा सकता है। हाल ही में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के उस बयान के बाद उम्मीदों को और बल मिला है जिसमें उन्होंने निगम-मंडलों की सूची तैयार होने और शीघ्र नियुक्तियां किए जाने की बात कही थी। इसके बाद से ही सत्ता और संगठन से जुड़े कई नेता सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार इसी महीने निगम-मंडलों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष प्राधिकरण और विभिन्न आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियां की जा सकती हैं। इसे लेकर पार्टी के भीतर कवायद और लॉबिंग तेज हो गई है। कई ऐसे नेता जिन्हें हालिया चुनावों या राज्यसभा में मौका नहीं मिल पाया अब निगम-मंडलों के जरिए संगठन और सरकार में भूमिका की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

    बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य जिन्हें राज्यसभा में स्थान नहीं मिल सका निगम या प्राधिकरण में अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। इसके अलावा पूर्व कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त विनोद गोटिया पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया और कांग्रेस से बीजेपी में आए पूर्व मंत्री रामनिवास रावत के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी संगठन इन नेताओं को समायोजित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। पूर्व मंत्रियों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। सूत्रों के मुताबिक पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता कमल पटेल रामपाल सिंह इमरती देवी भी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं अंचल सोनकर संजय शुक्ला अलकेश आर्य और कलसिंह भाबर जैसे नेताओं के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं। संगठनात्मक संतुलन क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

    पूर्व मंत्रियों के साथ-साथ मौजूदा और पूर्व विधायकों को भी निगम-मंडलों में जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। इस रेस में विधायक अजय बिश्नोई अर्चना चिटनीस शैलेंद्र जैन प्रदीप लारिया और पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जिन विधायकों को संगठन या सरकार में फिलहाल कोई बड़ा पद नहीं मिला है उन्हें निगम-मंडलों के जरिए संतुलित किया जा सकता है।गौरतलब है कि फरवरी 2024 में प्रदेश सरकार ने 46 निगम-मंडलों की राजनीतिक नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। इसके बाद से ही नए सिरे से नियुक्तियों का इंतजार किया जा रहा था। अब जब पार्टी नेतृत्व की ओर से संकेत मिल चुके हैं तो माना जा रहा है कि जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। आने वाले दिनों में घोषित होने वाली यह सूची मध्य प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण भी तय कर सकती है।

  • डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन यानी प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाएं फिर से सक्रिय हुई हैं। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वय से पीएमजी की उपलब्धियों को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के चरण में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और समन्वय का प्रमाण है।इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास इसका उदाहरण है। वहीं धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी सहयोग से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणाम आधारित और जवाबदेह बनाया है, जहां हर परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने पुरानी प्रणाली को जड़ से बदल दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम विकसित हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास – तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से भू-गर्भ संपदा का दोहन अब देशहित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।

    रेलवे क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ है। डिजिटल और जवाबदेही आधारित इस मंच ने “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान” की भावना को साकार किया है।

    उन्होंने बताया कि पीएमजी पोर्टल पर निगरानी में चल रही 209 परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया है, जबकि प्रगति पोर्टल पर सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का निराकरण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के कारण मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो देश की समग्र प्रगति को गति दे रही हैं।