Category: Madhya Pradesh

  • सीहोर 2026 में होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने सड़कों पर उतरेगा कृषि रथ

    सीहोर 2026 में होगा ‘कृषि वर्ष’, किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाने सड़कों पर उतरेगा कृषि रथ


    सीहोर । सीहोर जिले में वर्ष 2026 को विशेष रूप से ‘कृषि वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। किसानों को खेती की आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और नवाचारों की सीधी जानकारी देने के उद्देश्य से जिलेभर में कृषि रथ अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान रबी सीजन के दौरान जिले के हर विकासखंड में संचालित होगा, जिससे अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।

    मंगलवार को कलेक्टर बालागुरु के. ने कृषि विभाग के अधिकारियों को राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप कृषि रथों के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना है।

    कृषि रथ बताएगा खेती के नए रास्ते
    कृषि रथ के माध्यम से किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, उन्नत बीजों का चयन, कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। इसके साथ ही फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता, ई-तकनीक से जुड़ी योजनाएं और पराली प्रबंधन जैसे अहम विषयों पर भी मार्गदर्शन किया जाएगा।

    अभियान की शुरुआत जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कृषि रथों को हरी झंडी दिखाकर की जाएगी, जिससे गांव-गांव तक इसका प्रभावी संदेश पहुंचे।

    जिला और ब्लॉक स्तर पर होगी सख्त निगरानी
    अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में और विकासखंड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में विशेष क्रियान्वयन समितियों का गठन किया गया है। ये समितियां रथों के संचालन, कार्यक्रमों की रूपरेखा और पूरे अभियान की निगरानी करेंगी।

    तकनीकी विशेषज्ञ देंगे मौके पर समाधान
    प्रत्येक कृषि रथ के साथ एक तकनीकी दल रहेगा, जिसमें कृषि विभाग के अधिकारी और विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे।

    यह दल गांवों में जाकर किसानों की समस्याएं सुनेगा और उन्हें मौके पर ही आधुनिक कृषि समाधान उपलब्ध कराएगा।

    कृषि रथ अभियान की दैनिक प्रगति की जिला स्तर पर समीक्षा की जाएगी और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी, कृषि उत्पादन बढ़ेगा और जिले में नवाचार आधारित खेती को नई दिशा मिलेगी।

    कृषि वर्ष 2026 सीहोर के किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और समृद्धि का नया अध्याय साबित होने की उम्मीद है।

  • खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    खंडवा में फ्लोराइड पानी से स्वास्थ्य संकट,बच्चों के दांत और हड्डियां कमजोर, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    खंडवा। जिले के किल्लौद विकासखंड के कई गांवों में पेयजल में अत्यधिक फ्लोराइड मिलने से स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीण और बच्चों में दांत पीले और कमजोर हो रहे हैं, वहीं हड्डियों से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्कूली बच्चे कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर ऋषव गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।

    बच्चों का शारीरिक विकास प्रभावित
    ज्ञापन में बताया गया कि फ्लोराइड युक्त पानी का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर पड़ रहा है। कम उम्र में ही उनके दांत खराब और पीले हो रहे हैं, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। साथ ही कई ग्रामीण हड्डियों की समस्याओं से जूझ रहे हैं। पूरे क्षेत्र में जनस्वास्थ्य की स्थिति गंभीर होने लगी है और स्थानीय प्रशासन की अनदेखी से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

    विधायक की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला
    कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी ने क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल की चुप्पी को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, जिम्मेदार विधायक के मौन से यह स्पष्ट होता है कि वह अपने कार्यों के प्रति कितने उत्तरदायी हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।

    प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें
    जनसुनवाई में कांग्रेस जिला अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह पुरनी और शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं:

    किल्लौद ब्लॉक के सभी गांवों के पेयजल स्रोतों की तत्काल गुणवत्ता जांच कराई जाए।

    प्रभावित लोगों के लिए फ्लोराइड मुक्त और सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र की जाए।

    बच्चों और नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं।

    समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालीन ठोस कार्ययोजना बनाई जाए और उसे लागू किया जाए।

    स्थानीय स्थिति और प्रशासनिक कदम
    ग्रामीणों का कहना है कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से न केवल स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को भी खतरे में डाल रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने और स्वास्थ्य, शिक्षा और जल सुरक्षा के लिए विशेष पहल करने की मांग की।

    सभी गांवों में नियमित जल परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई है। स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी गई कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस और ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

    खंडवा के किल्लौद में इस पहल से यह संदेश गया कि स्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल को प्राथमिकता देना सरकार की जिम्मेदारी है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन जनता की इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

  • आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें

    आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें


    भोपाल ! मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में अभी किसी भी स्तर पर कोई भर्ती नहीं की जा रही है। विभिन्न जिलों में भर्ती के सम्बंध में एक निराधार पत्र के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूरी तरह असत्य है।


    वायरल पत्र उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस. के. मिश्रा, के नाम से हस्ताक्षरित है। जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव नहीं है। इस जाली पत्र में सन्दर्भ भारत सरकार का पत्र क्रमांक F/2479  दिनांक 27.12.2025 उल्लेखित है, जो पूर्णतः निराधार है। आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं की जा रही है न ही यह पत्र विभाग से संबंधित है।


  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोहड़ी पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई फसल के स्वागत और हर्ष व उल्लास के पावन पर्व 
    लोहड़ी की  शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा  कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, सौभाग्य और खुशहाली लेकर आए तथा समाज में प्रेम, एकता और सद्भाव के भाव को और सुदृढ़ करे, यही मंगलकामना है।

  • भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप

    भोपाल में शुरू हुई 'जल सुनवाई', लोगों ने लगाया कार्बाइड वाले पानी का आरोप



    भोपाल। शहर के 85 वार्डों में मंगलवार को पहली बार ‘जल सुनवाई’ आयोजित की गई। यह सुनवाई सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चली। इस दौरान आमजन ने पानी से जुड़ी अपनी शिकायतें सीधे नगर निगम अधिकारियों के सामने रखीं।
    ब्रिज विहार और निशातपुरा के रहवासियों ने निगम के आईएसबीटी स्थित कार्यालय में पहुंचकर नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि नगर निगम उन्हें कार्बाइड का जहरीला पानी पीने को मजबूर कर रहा है। मोहल्ले के लोगों ने अपने मांगपत्र के साथ कार्यालय के बाहर नारेबाजी भी की।
    प्रदेश में पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है।
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से लगभग 23 लोगों की मौत हो चुकी है। भोपाल के आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव जैसे क्षेत्रों में भी पानी दूषित पाया गया है, जिसके चलते भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
    सरकार ने इस समस्या को देखते हुए हर मंगलवार को ‘जल सुनवाई’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान अधिकारी और एक्सपर्ट्स मिलकर लोगों की शिकायतें सुनेंगे और जल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देंगे।
    जल सुनवाई में क्या होगा शामिल
    जल के नमूनों का परीक्षण विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं
    रंग, स्वाद, गंध
    पीएच, कुल क्षारीयता, क्लोराइड
    कुल कठोरता, कैल्शियम कठोरता, मैग्नेशियम कठोरता
    टीडीएस, टरबीडिटी
    रेसिडुअल क्लोरीन, कोलीफार्म, ई-कोलाई

    हर वार्ड में होगी सुनवाई
    नगर निगम के कमिश्नर संस्कृति जैन ने निर्देश दिया है कि सभी वार्ड कार्यालय में जल सुनवाई आयोजित की जाए। लोग अपने पानी के नमूने भी संबंधित वार्ड कार्यालय में जमा करवा सकेंगे।
    इस पहल से जनता को यह सुविधा मिलेगी कि वे सीधे अधिकारियों को अपनी शिकायतें बता सकें और जल की गुणवत्ता पर निगरानी रख सकें। यह कदम भोपाल में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

  • मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं

    मध्यप्रदेश पुलिस की चोरी, डकैती एवं नकबजनी केविरूद्ध बड़ी सफलताएं


    भोपाल
    । मध्यप्रदेश पुलिस ने विगत चार दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संपत्ति संबंधी गंभीर अपराधों पर त्वरित, प्रभावीएवंसमन्वितकार्रवाईकरतेहुए उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने चोरी, डकैती, नकबजनीएवं संगठित आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए लगभग 89 लाख 40 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की हैं। यह उपलब्धियां न केवल पुलिस की सतर्कता, बल्कि आधुनिक तकनीक, मजबूत मुखबिर तंत्र एवं जमीनी स्तर पर किए गए सतत प्रयासों का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं।

    विदिशा

    जिले की कोतवाली पुलिस ने अरिहंत ज्वैलर्स डकैती कांड का सफल खुलासा किया। 260 से अधिक सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, 180 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ एवं 08 विशेष टीमों की संयुक्त कार्रवाई के परिणामस्वरूप 03 आरोपियों एवं 02 विधि विरुद्ध बालकों को गिरफ्तार किया। इस प्रकरण में लगभग 13 लाखरूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

    छतरपुर

    जिला के थाना लवकुश नगर क्षेत्र में ग्राम प्रतापपुरा की चोरी का पुलिस ने24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.6 तोला सोना, 1.435 किलोग्राम चांदी एवं नगद राशि सहित लगभग 5 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     इंदौर

    शहर में थाना हीरानगरपुलिस ने मोबाइल टावरों से 5G नेटवर्क उपकरण चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश कर चोरी किए गए नेटवर्क उपकरण एवं घटना में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 9 लाख 30हजार का सामान बरामद किया है। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्यवाही में थाना द्वारकापुरी पुलिस ने नकबजनी की 04 वारदातों में संलिप्त शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लगभग 5 लाख 20हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

     देवास

    जिलेमें ऑपरेशन “त्रिनेत्रम” के अंतर्गत लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से सूने घरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश कर 03 चोरी की घटनाओं का खुलासा किया। इन घटनाओं को अंजाम देने वाले 04 आरोपियों एवं 01 नाबालिग को पुलिस ने गिरफ्तार कर 10 लाखरूपए के सोने-चांदी के आभूषण एवं नगद राशि जब्‍त की है।

     उज्जैन

    पुलिस ने लॉकर चोरी की घटना पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए 24 घंटे के भीतरएक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 35 लाखरूपए230 ग्राम सोना जब्‍त कियाहै।

     सीहोर

    जिले के थाना रेहटी पुलिस द्वारा ग्राम कोसमी से चोरी हुई धान से भरी ट्रैक्टर–ट्रॉली को मात्र तीन दिनों के भीतर बरामद करते हुए लगभग 10 लाख रूपए की संपत्ति शत-प्रतिशत जब्‍त की गई।

     मुरैना

    जिले की थाना पोरसा पुलिस ने क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 80 हजार रूपए के चोरी किए सोने–चांदी के आभूषणजब्त किए।  

    मंडला

    थाना कोतवाली पुलिस ने केबल वायर चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1लाख 10हजार रूपएका चोरी गया सामान जब्‍त किया है।

    इन कार्यवाहियों से यह स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश पुलिस गंभीर अपराधों पर नियंत्रण एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी के प्रति पूर्णतः सक्रिय, तत्पर और संवेदनशील है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, उत्कृष्ट टीम वर्क और त्वरित फील्ड एक्शन के माध्यम से पुलिस ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। ऐसी कार्यवाहियाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ एवं नागरिकों के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत बना रही हैं।

  • संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार

    संक्रांति के बाद मध्य प्रदेश में मौसम बदलेगा करवट, उत्तर में मावठे के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में शीतलहर का असर अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि संक्रांति के बाद मौसम की चाल बदल सकती है। भारतीय मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जनवरी से उत्तरी हिमालय क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में दो से तीन दिन बाद मावठे की स्थिति बन सकती है।
    इस बीच ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में तेज सर्दी के साथ मध्यम स्तर का कोहरा छाए रहने की संभावना है। मंगलवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में कोहरे का असर दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, गुना, शिवपुरी, शाजापुर और सीहोर में भी सुबह के समय धुंध देखने को मिली। अधिकतर क्षेत्रों में दृश्यता घटकर 1 से 2 किलोमीटर के बीच रही।

    उत्तरी भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के सीधे असर के चलते प्रदेश के उत्तर हिस्सों में ठंड और ज्यादा तीखी हो गई है। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, वहीं दतिया और श्योपुर में भी सर्दी का असर बरकरार है। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में रात का पारा लगातार 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया जा रहा है।

    रविवार और सोमवार की रात बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में 9 डिग्री, इंदौर में 9.6 डिग्री, उज्जैन में 9.4 डिग्री और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। वहीं शहडोल जिले के कल्याणपुर में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में 5.4 डिग्री, राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री और खजुराहो में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है।

    दिन के तापमान की बात करें तो सोमवार को दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री, नौगांव में 21.6 डिग्री, रीवा में 22.2 डिग्री, खजुराहो और श्योपुर में 22.6 डिग्री तथा मलाजखंड में 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    नए साल की शुरुआत से ही प्रदेश में घना कोहरा और तेज ठंड का दौर जारी है, जिसका सीधा असर रेल सेवाओं पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इनमें मालवा एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित बताई जा रही है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस सहित करीब एक दर्जन ट्रेनें अपने तय समय से विलंब से पहुंच रही हैं।

  • इंदौर में बीआरटीएस हटाने में अधिकारी दिखा रहे हैं बहाने, हाई कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी

    इंदौर में बीआरटीएस हटाने में अधिकारी दिखा रहे हैं बहाने, हाई कोर्ट ने दी सख्त चेतावनी


    इंदौर। इंदौर में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम बीआरटीएस को हटाने के मामले में अधिकारियों की बहानेबाजी पर हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने यह कहते हुए सख्त चेतावनी दी कि आदेशों को हल्के में मत लीजिए, हमें सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर मत करिए। इस मामले में अब हाई कोर्ट सतत निगरानी करेगा और अधिकारियों के कामकाजी तरीकों पर पैनी नजर रखेगा।

    क्या है मामला

    सोमवार को कोर्ट की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने यह तर्क दिया कि बीआरटीएस हटाने के बाद डिवाइडर की जगह एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जिस ब्रिज के नाम पर डिवाइडर का काम रोका जा रहा है उसका कार्य केवल कागजों पर चल रहा है और सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं दिख रही है। याचिकाकर्ता का कहना था कि प्रशासन की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं और यह मामला लगातार लटका हुआ है। कोर्ट ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अधिकारियों का रवैया बिल्कुल असंतोषजनक है और वह कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं। कोर्ट ने इस पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

    कोर्ट की प्रतिक्रिया

    कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि वह अब मामले की निगरानी करेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा। अदालत ने अधिकारियों से इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा और कहा कि यदि इस प्रक्रिया में और देरी होती है तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। कोर्ट का यह आदेश अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटें और काम को जल्द पूरा करें। यह मामला बीआरटीएस को हटाने और उसके स्थान पर डिवाइडर और अन्य संरचनाओं के निर्माण से जुड़ा है जो शहर के यातायात सुधार के लिए अहम है। हालांकि प्रशासन द्वारा किए गए विलंब से नगरवासियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

  • MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    MP: बच्चे चीनी मांझे से पतंग उड़ाते पकड़े गए तो माता-पिता होंगे जिम्मेदार, HC के सख्त निर्देश

    भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने चीनी मांझे (Chinese kite string) पर लगे प्रतिबंध को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि यदि कोई बच्चा इस घातक डोर से पतंग उड़ाते पकड़ा गया तो उसके माता-पिता (Parents) को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। साथ ही चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) (लापरवाहीपूर्ण कृत्य के कारण होने वाली मृत्यु) के तहत कार्रवाई होगी।


    बेचने वालों पर भी चलेगा लापरवाही से मौत का केस

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने आदेश दिया है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि चीनी मांझे को बेचने या इस्तेमाल करने पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत मामला दर्ज हो सकता है। यह धारा लापरवाही के कारण होने वाली मृत्यु से संबंधित है। अदालत ने पिछले साल 11 दिसंबर को चीनी मांझे से होने वाली मौतों और हादसों पर चिंता जताते हुए खुद जनहित याचिका के तौर पर संज्ञान लिया।


    सरकार ने कहा- चलाएंगे अभियान

    मध्य प्रदेश सरकार ने न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की अदालत को बताया कि चीनी मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। चीनी मांझे से होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। चीनी मांझे के इस्तेमाल और बिक्री को हतोत्साहित करने के लिए अखबारों और टीवी चैनलों के माध्यम से एक बड़ा जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।


    अभिभावक को भी ठहराया जा सकता है जिम्मेदार

    अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि जागरूकता अभियान में यह साफ बताया जाए कि चीनी मांझे की बिक्री या इस्तेमाल करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (1) के तहत केस चलेगा। यदि कोई नाबालिग बच्चा इस खतरनाक मांझे से पतंग उड़ाता पाया गया तो इसके लिए उसके माता-पिता या अभिभावक को भी कानूनन जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।


    आसपास के जिलों में भी किया जाएगा लागू

    इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि प्रशासन जल्द निर्देशों का पालन करते हुए जरूरी आदेश जारी करेगा। अदालत को यह भी भरोसा दिया गया कि निर्देशों को इंदौर आसपास के जिलों में भी लागू किया जाएगा। बता दें कि पिछले डेढ़ महीने में इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने के कारण दो लोगों की जान जा चुकी है। प्रशासन ने चीनी मांझे पर पूरी तरह रोक लगा रखी है फिर भी कई लोग चोरी से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।