Category: Madhya Pradesh

  • MP: सौगातें लेकर आएगा कृषक कल्याण वर्ष…. हर किसान के पास होगा सोलर पंप

    MP: सौगातें लेकर आएगा कृषक कल्याण वर्ष…. हर किसान के पास होगा सोलर पंप


    भोपाल।
    कृषक कल्याण वर्ष (Farmers’ Welfare Year) किसानों के लिए कई सौगातें लेकर आएगा. सौर ऊर्जा (Solar energy) से संचालित सिंचाई पंपों से न केवल किसान दिन में ही खेतों में सिंचाई कर पाएंगे अपितु इससे बचने वाली बिजली से प्रदेश ऊर्जा में सरप्लस हो जाएगा. हर किसान के पास सोलर पंप होगा.किसान सौर ऊर्जा से खेती करेंगे।

    प्रदेश में 52 हजार किसानों के खेत में सोलर पंप स्थापित करने की योजना प्रारंभ की गई है। सोलर पंप स्थापित हो जाने से अब प्रदेश का किसान अन्नदाता के साथ ऊर्जादाता भी बनेगा। अब प्रदेश के किसान सूरज से खेती करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) की इस अभिनव पहल के तहत 34 हजार 600 इकाइयों को लेटर ऑफ अवार्ड जारी कर 33 हजार कार्यदेश जारी किए जा चुके हैं। किसान के खेत में सोलर पम्प स्थापित होने से अब उन्हें विद्युत प्रदाय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं करना पड़ेगा। सोलर पम्प से उत्पादित अतिरिक्त ऊर्जा को किसान सरकार को बेच कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा लगातार किसानों को सोलर प्रोजेक्ट लगाने के लिए विभिन्न योजनाओं में लाभ प्रदान कर सक्षम बनाया जा रहा है।


    प्रदेश की सिंचाई क्षमता 100 लाख हैक्टयर तक बढ़ाएंगे

    किसान कल्याण वर्ष में प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा. विभिन्न सिंचाई परियोजना और सिंचाई की आधुनिकतम तकनीकी के प्रयोग से सिंचाई का रकबा अधिक से अधिक बढ़ाने का प्रयास रहेगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संकल्प है प्रदेश में सिंचाई क्षमता को आगामी वर्षों में 100 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाना.

    प्रदेश में गत दो वर्ष में 7.31 लाख हैक्टयर क्षेत्र में नई सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हैक्टयर की वृद्धि होगी। प्रदेश की सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा प्रधानमंत्री गतिशक्ति पोर्टल का प्रयोग कर की जाएगी। पार्वती-काली-सिंध और चम्बल अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना, केन-बेतवा अंतर्राज्यीय लिंक परियोजना की स्वीकृति केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. महाराष्ट्र राज्य के साथ क्रियान्वित होने वाली मेगा तापी भूजल भरण परियोजना विश्व की अनूठी परियोजना है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में भी विभिन्न नदियों को जोड़ने के लिए नदी जोड़ो परियोजना के क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं।

    राज्य में नदी जोड़ो परियोजना अंतर्गत उज्जैन जिले में कान्ह-गंभीर, मंदसौर, नीमच और उज्जैन में कालीसिंध-चंबल, सतना जिले में केन और मंदाकिनी, सिवनी एवं छिंदवाड़ा जिले में शक्कर पेंच और दूधी तामिया, रायसेन जिले में जामनेर नेवन और नेवन-बीना नदियों का सर्वेक्षण किया गया है। इस सभी के क्रियान्वयन से कुल 5 लाख 97 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। इनकी अनुमानित लागत 9870 करोड़ रुपए होगी। सात जिलों के हजारों किसान इन योजनाओं से लाभान्वित होंगे। राज्य की नदियों में बाढ़, जल प्रबंधन, जल के समुचित उपयोग नदी कछारों में पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से राज्य की नदियों को आपस में जोड़ने के लिए तकनीकी दल का गठन भी गया।

    भोपाल की झील की प्राचीन तकनीक का अध्ययन कर इस तर्ज पर कम लागत में सुरक्षित जलाशय एवं बांध निर्माण की अवधारणा पर भी कार्य किया जा रहा है. राज्य में जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

    सिंहस्थ- 2028 में दुनिया भर से उज्जैन में आने वाले श्रद्धालुओं को शिप्रा के शुद्ध जल में स्नान कराने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं. सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना उज्जैन निर्माणाधीन है, जिसकी लागत 614.53 करोड़ रुपए है। इसी तरह कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना उज्जैन की लागत 919.94 करोड़ है। सिंहस्थ: 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट निर्माण एवं संबद्ध कार्य भी किए जा रहे हैं, जिनकी लागत 778.91 करोड़ है।

  • ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करने से न करें गलती, मुआवजे का दावा हो सकता है खारिज

    ट्रेन लेट होने पर टिकट कैंसिल करने से न करें गलती, मुआवजे का दावा हो सकता है खारिज


    भोपाल । भोपाल ट्रेन देरी से चलने पर यात्री जल्दबाजी में टिकट कैंसिल करने की गलती न करें क्योंकि ऐसा करने से उन्हें न तो पूरा रिफंड मिलेगा और न ही मानसिक क्षतिपूर्ति का दावा स्वीकार होगा। भोपाल के एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने यह स्पष्ट किया कि यदि यात्री ट्रेन के लेट होने के कारण बिना रेलवे की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए टिकट कैंसिल कर देते हैं तो वे मुआवजे से हाथ धो सकते हैं। यह फैसला उन लाखों यात्रियों के लिए एक अहम संदेश है जो ट्रेन के समय से लेट होने पर बिना सही प्रक्रिया का पालन किए जल्दबाजी में टिकट कैंसिल कर देते हैं।

    क्या है पूरा मामला

    भोपाल के एक निवासी ने सितंबर 2023 में भोपाल से नई दिल्ली जाने के लिए आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस में AC-2 श्रेणी का टिकट बुक किया था। ट्रेन निर्धारित समय से करीब तीन घंटे की देरी से नई दिल्ली पहुंची। इस देरी के कारण यात्री की आगे की यात्रा भी प्रभावित हुई, क्योंकि उसे नई दिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस का कनेक्शन छूट गया। इस स्थिति में यात्री ने दोनों यात्रा टिकट कैंसिल करवा दिए। लेकिन, जब उसे पूरा रिफंड नहीं मिला तो उसने रेलवे पर सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट किया कि सिर्फ ट्रेन की देरी के आधार पर टिकट कैंसिल करना और रिफंड की मांग करना सही नहीं है। यदि यात्री ने रेलवे द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है, तो उसे पूरा रिफंड और मानसिक क्षतिपूर्ति का दावा नहीं मिल सकता।

    उपभोक्ता आयोग का फैसला

    उपभोक्ता आयोग ने यह कहा कि जब भी ट्रेन की देरी हो, तो यात्री को पहले रेलवे द्वारा दी जाने वाली अन्य सुविधाओं और विकल्पों का लाभ उठाना चाहिए, जैसे कि मुआवजे के लिए आवेदन करना या ट्रेनों का अन्य विकल्प तलाशना। सिर्फ टिकट कैंसिल करके और बिना प्रक्रिया का पालन किए मुआवजे का दावा करना गलत है और यह न केवल यात्रियों के लिए बल्कि रेलवे के लिए भी एक बड़ी चुनौती बन सकता है। यह फैसला यात्रियों को यह सिखाता है कि ट्रेन लेट होने पर घबराहट में कोई जल्दबाजी का कदम न उठाएं और सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का नुकसान न हो।

  • पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर

    पदोन्नति नियम 2025 के दो प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने की मांग, हाई कोर्ट में याचिका दायर


    जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के तहत कुछ प्रावधानों को असंवैधानिक करार देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में यह दावा किया गया है कि इन नियमों का पालन सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है। यह मामला अब हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए रखा गया है और कोर्ट ने 13 जनवरी को मामले की सुनवाई निर्धारित की है।

    याचिकाकर्ता सिवनी निवासी ज्वाइंट डायरेक्टर सुरेश कुमरे हैं, जो मध्य प्रदेश शासन के पदोन्नति नियम 2025 के दो महत्वपूर्ण प्रावधानों को चुनौती दे रहे हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार इन नियमों में उल्लेखित कुछ बातें आरक्षित वर्ग और अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के लिए भेदभावपूर्ण हैं और इससे संविधान की मूल भावना का उल्लंघन हो रहा है। विशेष रूप से पदोन्नति के संबंध में नियम 11 में कहा गया है कि पहले आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों की सूची बनाई जाएगी, उसके बाद अनारक्षित वर्ग की सूची बनेगी। इसके कारण, अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी यदि मेरिट में बेहतर हैं, तो भी वे आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों से पीछे रह सकते हैं और उन्हें पदोन्नति का मौका नहीं मिल सकता।

    इस नियम को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ बताया गया है, जिनमें यह साफ किया गया था कि पदोन्नति के लिए आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को प्राथमिकता देना एक सीमा तक ही उचित है, और यदि अनारक्षित वर्ग के कर्मचारी मेरिट में बेहतर हैं तो उन्हें पदोन्नति का अवसर दिया जाना चाहिए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह नियम अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों के साथ अन्यायपूर्ण भेदभाव करता है और इसे संविधान के अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार के तहत असंवैधानिक करार दिया जाना चाहिए।
    इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करेंगे।

    हाई कोर्ट ने इस मामले को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ संलग्न कर दिया है जिससे यह मामला एक व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।सुरेश कुमरे ने कहा कि यदि यह नियम लागू होता है तो यह न केवल उन कर्मचारियों के लिए अन्यायपूर्ण होगा बल्कि यह सरकारी प्रशासन में भी असंतुलन पैदा कर सकता है। इसलिए वे इस नियम को चुनौती देने के लिए कोर्ट पहुंचे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी कर्मचारियों को समान अवसर मिले और कोई भी वर्ग अपने मेरिट के आधार पर पदोन्नति से वंचित न रहे। हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 13 जनवरी को तय की गई है और अब सबकी निगाहें इस सुनवाई पर टिकी हैं।

  • मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 भोपाल में 15 जनवरी को

    मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 भोपाल में 15 जनवरी को


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल स्थित ताज लेकफ्रंट होटल में आयोजित ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026′ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए राज्य के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। कांफ्रेंस “AI-enabled Governance for an eMPowered Bharat” की थीम पर आयोजित होगी। मध्यप्रदेश शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस कॉन्फ्रेंस में आईआईटी इंदौर नॉलेज पार्टनर, आईआईटीआई-दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन प्रदर्शनी भागीदार के रूप में सहयोग करेंगे। इससे एआई आधारित शासन और प्रौद्योगिकी के लिए अकादमिक और उद्योग समन्वय सशक्त होगा।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश इनोवेशन एक्सपो का उद्घाटन किया जाएगा। इस एक्सपो में इंडियाएआई पवेलियन, मध्यप्रदेश पवेलियन, स्टार्टअप शोकेस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्टअप प्रतियोगिता शामिल होंगे। कांफ्रेंस के शुरूआती सत्र में अपर सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह, निदेशक आईआईटी इंदौर श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल, प्लेनेट एंड प्रोग्रेस-मध्यप्रदेश रोडमैप टू इम्पेक्ट” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। सत्र का समापन पोर्टल्स के शुभारंभ, समझौता ज्ञापनों, नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ होगा।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। जिनमें Technology led governance for all, AI for economic growth and social good, Resilience, innovation and digital infrastructure शामिल हैं। इन सत्रों में Digital India-BHASHINi, UIDAI, NeGD, विभिन्न राज्य सरकारों और Google, Microsoft ,Deloitte, EY सहित अग्रणी तकनीकी और उद्योग संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इस अवसर पर MP Innotech Startup Pitch contest और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी,जो जमीनी स्तर पर एआई नवाचार को प्रोत्साहन देगी।

    कांफ्रेंस इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इंडिया–एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फ्रांस एआई एक्शन समिट में की थी। यह सम्मेलन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। यह ऐतिहासिक सम्मेलन वैश्विक दक्षिण में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें विश्व के नेता, नीति निर्माता, उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अग्रदूत एकत्र होकर जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-संचालित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के भविष्य को आकार देंगे। इसका आयोजन भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडियाएआई मिशन द्वारा मध्यप्रदेश सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस- 2026 के माध्यम से राज्य और राष्ट्र में एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने, एआई-संचालित आर्थिक विकास को दिशा देने और जिम्मेदार एआई के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

  • अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के विजेताओं का मुख्यमंत्री आज करेंगे सम्मान

    भोपाल। भय नहीं, भ्रम नहीं, पूरा विश्वास, विरासत के साथ विकास के मूलमंत्र पर आयोजित डॉ. मोहन यादव का अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज के 24 विजेताओं का सम्मान मंगलवार, 13 जनवरी, सायं 4 बजे मुख्यमंत्री के निवास पर आयोजित सम्मान समारोह में किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं विजेता अभ्यर्थियों को सम्मानित करेंगे एवं सभी विजेताओं के साथ चाय पर चर्चा करेंगे।


    वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह गौरव का झण है जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के पथ पर अग्रसर है। सेवा भाव, सुशासन और दायित्वबोध के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास के दो सफल वर्ष पूर्ण किए हैं। परंपरा, धार्मिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों के सम्मान के साथ संस्कृति को केंद्र में रखकर प्रदेश निरंतर नई ऊँचाइयों की ओर अग्रसर है।


    अभ्युदय मध्य प्रदेश क्विज़ इसी दृष्टि का सशक्त माध्यम बना, जो युवाओं को हमारी सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक चेतना और विकास यात्रा से जोड़ता है। इस आयोजन ने ज्ञान, उत्तरदायित्व और सहभागिता को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इसी का परिणाम है कि प्रदेश के विभिन्न आयुवर्ग, हर समुदाय, दूरस्थ अंचलों से अभ्युदय मध्यप्रदेश क्विज में लाखों लोगों ने भागीदारी की। इसी कड़ी में 13 जनवरी को मुख्यमंत्री के निवास स्थित समत्व भवन में सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री भव्य पुरस्कारों – लैपटॉप, ई-बाइक, ई-स्कूटी, 24 विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को पुरस्कार स्वरूप विजेताओं को प्रदान करेंगे।

  • खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां

    खजुराहो में आकार ले रहा ‘विरासत वन’, 17 एकड़ में प्रकृति-संस्कृति का अनूठा संगम; बंगाल के कलाकार गढ़ रहे जीवंत मूर्तियां


    खजुराहो /पर्यटन नगरी खजुराहो अब केवल अपने विश्वप्रसिद्ध मंदिरों के लिए ही नहीं बल्कि प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी पहल के लिए भी पहचानी जाने वाली है। खजुराहो के खर्रोही क्षेत्र में 17 एकड़ भूमि पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है जो हरियाली जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बनेगा। यह वन खास तौर पर बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है ताकि वे घूमते-घूमते जंगल पर्यावरण और प्रकृति के महत्व को खुद समझ सकें।

    विरासत वन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पारंपरिक उद्यान की तरह नहीं बल्कि एक लिविंग क्लासरूम के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां लगाए गए पेड़-पौधे वन्यजीवों की आकृतियां और थीम आधारित वन क्षेत्र बच्चों को किताबों से बाहर निकलकर सीखने का अवसर देंगे। वन विभाग की इस पहल के तहत एक समय के बंजर भू-भाग को हरित स्वरूप में बदल दिया गया है जो अब पर्यावरण संरक्षण का मिसाल बन रहा है।विरासत वन में आधुनिक तकनीक का भी खास इस्तेमाल किया गया है। यहां पेड़ों और प्रमुख स्थलों पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। जैसे ही कोई बच्चा या पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन करेगा उससे जुड़ी जानकारी सीधे मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें उस पेड़ या पौधे का नाम उसकी प्रजाति औषधीय गुण पर्यावरण में भूमिका और उससे जुड़े रोचक तथ्य डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे। इससे बच्चों में तकनीक के माध्यम से सीखने की रुचि भी बढ़ेगी।

    इस वन को और आकर्षक बनाने के लिए जंगल के जानवरों की जीवंत मूर्तियां भी स्थापित की जा रही हैं। खास बात यह है कि इन मूर्तियों को अंतिम रूप देने के लिए बंगाल से आए अनुभवी कलाकार काम कर रहे हैं। कलाकारों द्वारा बनाई जा रही ये मूर्तियां इतनी वास्तविक होंगी कि देखने वालों को जंगल में होने का अहसास कराएंगी। अधिकारियों के अनुसार इस मूर्तिकला का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और जल्द ही यह वन पूरी तरह तैयार होकर लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।विरासत वन में 200 से अधिक प्रजातियों के 25 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। यहां अलग-अलग विषयों पर आधारित वन विकसित किए गए हैं जिनमें नवग्रह वन नक्षत्र वन सप्तऋषि वन लक्ष्मी वन औषधीय वन और जैव विविधता वन शामिल हैं। हर वन का अपना अलग महत्व और उद्देश्य है जिससे भारतीय संस्कृति ज्योतिष आयुर्वेद और प्रकृति के गहरे संबंध को समझा जा सके।

    वन विभाग का मानना है कि विरासत वन न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम देगा। खजुराहो आने वाले पर्यटक अब मंदिरों के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण से जुड़े इस विशेष केंद्र का भी अनुभव ले सकेंगे। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने में अहम भूमिका निभाएगी।

  • खंडवा के 7 गांवों में ज़हरीला पानी बना अभिशाप, फ्लोराइड संकट पर कांग्रेस हमलावर; बीजेपी विधायक मीडिया सवालों से बचते नजर आए

    खंडवा के 7 गांवों में ज़हरीला पानी बना अभिशाप, फ्लोराइड संकट पर कांग्रेस हमलावर; बीजेपी विधायक मीडिया सवालों से बचते नजर आए


    खंडवा । मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पीने के पानी को लेकर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट सामने आया है। किल्लौद ब्लॉक के सात गांवों में लोग लंबे समय से फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। पानी में फ्लोराइड की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बावजूद न तो प्रशासन ने ठोस कदम उठाए और न ही जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई स्पष्ट जवाब सामने आया है। इस मुद्दे को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है।

    कांग्रेस ने खंडवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किल्लौद ब्लॉक के ग्रामीण कई दिनों से दूषित और फ्लोराइड युक्त पानी पी रहे हैं जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकता निभाते हुए हैंडपंप और ट्यूबवेल पर लाल निशान लगाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। न तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से ग्रामीणों की मेडिकल जांच कराई गई और न ही पीने के सुरक्षित पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई।कांग्रेस ने सवाल उठाया कि क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है जैसा कि हाल ही में इंदौर में देखने को मिला। नेताओं ने कहा कि हादसे के बाद नेता और अधिकारी पीड़ित परिवारों के यहां पहुंचकर संवेदनाएं जताते हैं लेकिन समय रहते अगर व्यवस्था सुधारी जाए तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है। कांग्रेस का आरोप है कि ग्रामीणों की सेहत के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।

    इस पूरे मामले पर जब स्थानीय बीजेपी विधायक नारायण पटेल से मीडिया ने सवाल पूछे तो उनका रवैया और भी विवादों में आ गया। पहले अन्य मुद्दों पर मीडिया से बातचीत करने वाले विधायक जैसे ही किल्लौद ब्लॉक में फ्लोराइड युक्त पानी का सवाल सामने आया बिना कोई जवाब दिए वहां से चले गए। मीडियाकर्मी लगातार सवाल पूछते रहे लेकिन विधायक ने चुप्पी साधे रखी। उनके इस रवैये ने न केवल विपक्ष बल्कि आम लोगों में भी नाराजगी बढ़ा दी है।ग्रामीणों का कहना है कि फ्लोराइड की अधिक मात्रा ने उनकी जिंदगी मुश्किल कर दी है। कई गांवों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा 2.0 से 5.0 पीपीएम तक पाई गई है जबकि सुरक्षित सीमा इससे कहीं कम मानी जाती है। इसके चलते लोग फ्लोरोसिस दांत गिरने आंखों की रोशनी कमजोर होने बाल सफेद होने और जोड़ों में असहनीय दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई परिवारों में बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। साफ पानी की मांग और स्वास्थ्य जांच की अपील सिर्फ आश्वासनों तक सीमित रह गई है।यह मामला केवल पानी की गुणवत्ता का नहीं बल्कि शासन-प्रशासन की जवाबदेही और संवेदनशीलता का भी है। सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी जनहानि के बाद ही कार्रवाई होगी या फिर समय रहते ग्रामीणों को इस धीमे जहर से बचाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल किल्लौद के गांवों में रहने वाले लोग उम्मीद और चिंता के बीच अपनी जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

  • ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े

    ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े


    ग्वालियर /मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में देर रात बाइक सवार बदमाशों ने जमकर आतंक मचाया। थाना क्षेत्र में रात करीब एक बजे तीन बदमाशों ने सड़कों पर उत्पात मचाते हुए घरों के बाहर और सड़क किनारे खड़ी एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। अचानक हुई इस तोड़फोड़ से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो टूटे कांच देखकर सन्न रह गए।

    घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के रामटापुरा इलाके से शुरू हुई, जहां से बाइक सवार बदमाश सेवा नगर होते हुए किला गेट तक पहुंचे। इस पूरे रास्ते में जहां-जहां उन्हें कार, लोडिंग वाहन या अन्य गाड़ियां खड़ी मिलीं, उन्होंने बिना किसी डर के डंडों से उनके शीशे तोड़ दिए। बदमाश लगातार चलते रहे और पीछे तबाही के निशान छोड़ते गए।सुबह जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियों को देखा तो कई कारों के आगे और साइड के कांच टूटे हुए थे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    इस मामले में एक अहम सुराग उस समय मिला जब रामटापुरा इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश बाइक से उतरकर हाथ में डंडा लिए दौड़ रहे हैं और एक घर के बाहर खड़ी लोडिंग गाड़ी के कांच बेरहमी से तोड़ रहे हैं। वीडियो में बदमाशों की हरकतें इतनी बेखौफ नजर आईं कि लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में बदमाशों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई आपसी रंजिश, नशे की हालत या किसी अन्य कारण की भूमिका तो नहीं है।

    गाड़ी मालिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उनका आरोप है कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी मजबूत होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों के खिलाफ वाहन क्षति और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

  • राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ

    राष्ट्रीय युवा दिवस पर मध्यप्रदेश में सामूहिक सूर्य नमस्कार: सीएम बोले—नशा छोड़ो, योग और अध्ययन को जीवन का हिस्सा बनाओ


    भोपाल। स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश में युवा जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक प्रदेशभर के शासकीय और निजी शिक्षण संस्थानों में एक साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम कराया गया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में योग अनुशासन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा।

    राजधानी भोपाल के सुभाष एक्सीलेंस स्कूल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार किया। इस अवसर पर सीएम ने युवाओं को नशे और बुरी आदतों से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि आज का युवा तेजी से गलत आदतों की ओर बढ़ रहा है जो न केवल उनके व्यक्तिगत विकास बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है। उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा योग करने की सलाह दी और कहा कि अगर पूरा योग संभव न हो तो केवल सूर्य नमस्कार को भी दैनिक जीवन में शामिल करना पर्याप्त है।सीएम मोहन यादव ने युवाओं में घटती पढ़ाई की आदत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग के बीच पुस्तकें पढ़ने की आदत कमजोर हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल पाठ्यक्रम की किताबें ही नहीं बल्कि रुचि और प्रेरणा के अनुसार साहित्य पढ़ें। उन्होंने युवाओं को खेलकूद योग और अध्ययन को संतुलित जीवनशैली का हिस्सा बनाने की भी सलाह दी।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद करते हुए सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कह-गर्व से कहिए हम हिंदू हैं। इस बयान पर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। रायसेन में लगभग तीन हजार बच्चों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया उज्जैन के दशहरा मैदान में करीब 1500 विद्यार्थियों ने योगाभ्यास किया। ग्वालियर में 2000 से अधिक स्थानों पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कराया गया जिसमें प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने भी भाग लिया।

    हालांकि कुछ जिलों में आयोजन में अधिकारियों की उपस्थिति कम रही। रतलाम में जिला स्तरीय कार्यक्रम में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी अनुपस्थित रहे जबकि भिंड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दूरी बनाए रखी। इसके बावजूद प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों सामाजिक संगठनों और युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी ने कार्यक्रम की सफलता और महत्व को रेखांकित किया।राष्ट्रीय युवा दिवस के इस अवसर पर सामूहिक सूर्य नमस्कार और योगाभ्यास ने युवाओं को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए प्रेरित किया बल्कि अनुशासन अध्ययन और सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने का संदेश भी दिया।