Category: Madhya Pradesh

  • इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब

    इंदौर में ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा: हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा, 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब


    इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर इंदौर महानगर में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य दृश्य देखने को मिला। पूरे शहर में दिनभर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जबकि शाम को दास हनुमान बगीची से निकली चरण पादुका यात्रा ने श्रद्धा और आस्था का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया। इस यात्रा में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने सहभागिता की और जय सियाराम व हनुमानजी के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

    करीब ढाई किलोमीटर लंबी यह भव्य यात्रा चार घंटे से अधिक समय में संपन्न हुई। यात्रा दास हनुमान बगीची से प्रारंभ होकर बड़ा गणपति, टोरी कार्नर, लोहारपट्टी, कैलाश मार्ग, पंचकुईया और भूतेश्वर महादेव होते हुए पुनः दास हनुमान बगीची पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्वागत मंच और भव्य तोरण द्वार बनाए गए थे। जगह-जगह पुष्पवर्षा, प्रसाद वितरण और फलाहार की व्यवस्था ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया।यात्रा का सबसे आकर्षक दृश्य हेलिकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। फूलों की वर्षा के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते, झूमते-थिरकते हुए भक्ति में लीन नजर आए। बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, हनुमत ढोल, धार्मिक झांकियां, अश्वारोही बालक और ऊंटों की उपस्थिति ने यात्रा को भव्य और अविस्मरणीय बना दिया।

    इस ऐतिहासिक चरण पादुका यात्रा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय सहित अनेक जनप्रतिनिधि शामिल हुए। संत-महंत, महामंडलेश्वर, किन्नर समाज की मंडली और गौशालाओं के प्रतिनिधियों की सहभागिता ने सामाजिक समरसता का संदेश दिया।इससे पहले सुबह से ही इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला शुरू हो गई थी। दूधिया ग्राम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए RSS के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक ने मातृ शक्ति और समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति शक्ति और करुणा का संतुलन सिखाती है और समय आने पर समाज को अपने धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए संगठित होना चाहिए।

    सम्मेलनों में संत-समाज ने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। मातृ शक्ति से जुड़े वक्ताओं ने पंच परिवर्तन और कुटुंब व्यवस्था को सशक्त बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गावाहिनी से जुड़ी बालिकाओं ने शस्त्र कला का प्रदर्शन कर लोगों का ध्यान खींचा।आयोजन के समापन पर भारत माता की आरती और समरसता भोज का आयोजन किया गया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार, महानगर में आयोजित 251 हिंदू सम्मेलनों में लगभग 12 लाख लोगों की सहभागिता रही। आगामी 18 जनवरी को शेष सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा, जबकि 14 से 20 जनवरी तक जय सियाराम बाबा की प्रतिमा का प्रकटोत्सव भी मनाया जाएगा। यह आयोजन इंदौर के सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक यादगार अध्याय बन गया है।

  • शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल

    शहडोल: जहां छात्राएं हो रही हैं लापता, उसी गर्ल्स हॉस्टल में अश्लील गानों पर रील, शिक्षा परिसर पर उठे गंभीर सवाल


    शहडोल । मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर कंचनपुर एक बार फिर विवादों में है। यहां के गर्ल्स हॉस्टल से दो छात्राओं के लापता होने की घटना के बाद अब एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक वायरल वीडियो में दिख रहा है कि एक शिक्षिका और छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम के अंदर अश्लील भोजपुरी गाने पर डांस करते हुए रील बना रही हैं। इस वीडियो ने न केवल शिक्षा परिसर की मर्यादा को सवालों के घेरे में डाल दिया है बल्कि परिसर की सुरक्षा और अनुशासन पर भी गंभीर चिंताएं उत्पन्न कर दी हैं।

    वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छात्राएं स्कूल ड्रेस में क्लासरूम में मौजूद हैं और एक शिक्षिका उनके साथ लोकप्रिय भोजपुरी गाने पतली कमरिया मोरी हाय-हाय पर ठुमके लगाती दिख रही हैं। क्लासरूम जैसा पवित्र शैक्षिक स्थान इस तरह की गतिविधियों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता जिससे अभिभावकों और समाज में नाराजगी फैल गई है। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब शिक्षिका खुद इस प्रकार का व्यवहार करेंगी तो छात्राओं पर इसका क्या असर पड़ेगा।

    गौरतलब है कि इसी शिक्षा परिसर से 28 दिसंबर 2025 को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची। इस मामले में तत्कालीन हॉस्टल अधीक्षिका सुलोचना बट्टे की शिकायत पर सोहागपुर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस अभी तक इस मामले की जांच कर रही थी कि 8 जनवरी 2026 को कक्षा 10वीं की एक और छात्रा के लापता होने की घटना सामने आई। इस छात्रा ने अपने नाना और दो सहेलियों के साथ हॉस्टल में प्रवेश किया था लेकिन छात्रा बाद में सहेलियों से कहकर बाहर निकली और फिर लौटकर नहीं आई।

    रोल कॉल के दौरान उसकी अनुपस्थिति का पता चलने पर प्रबंधन में हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने भी सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई जिस पर पुलिस ने फिर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी।इन घटनाओं के बीच शिक्षिका का यह वायरल वीडियो पूरे शिक्षा परिसर की साख पर बट्टा लगा रहा है। इस मामले पर सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा का कहना है कि वीडियो संभवत 26 जनवरी की तैयारी के दौरान का हो सकता है जब बच्चे प्रैक्टिस कर रहे थे। हालांकि उन्होंने मामले की गंभीरता से लिया और कहा कि जांच की जाएगी और उचित कार्यवाही की जाएगी।

  • जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    जन्मदिन की पार्टी बनी जानलेवा: नशे में युवक ने चढ़ा हाईटेंशन लाइन टावर, घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन


    अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दूधमनिया में एक युवक के जन्मदिन की पार्टी ने जानलेवा मोड़ ले लिया। शराब के नशे में धुत होकर युवक हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया। यह घटना उस वक्त हुई जब युवक अपने रिश्तेदार के यहां जन्मदिन मनाने गया था और अत्यधिक शराब सेवन के बाद उसने पास ही गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ने की साहसिक, लेकिन खतरनाक हरकत कर दी।

    युवक इतनी ऊंचाई तक पहुंच गया कि नीचे उतरने से इंकार कर दिया। इस घटना को देखकर गांववाले घबराए और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। जैसे ही पुलिस को खबर मिली, राजेन्द्रग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उतरा। स्थिति गंभीर होते देख पुलिस ने विद्युत विभाग से संपर्क किया और हाईटेंशन लाइन की सप्लाई बंद कराई। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाया गया।

    घंटों की कड़ी मशक्कत और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा गया। अंत में युवक को समझाइश देने के बाद उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। पुलिस और प्रशासन की तत्परता से जान बचाई जा सकी, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि नशे में युवकों को किसी भी तरह की जोखिम से बचाना कितना जरूरी है।

  • गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी

    गूगल रिव्यू से कमाई का झांसा: ठगों ने वर्किंग वुमन ऐश्वर्या से की 5 लाख की ठगी


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक और साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें ठगों ने एक महिला को गूगल रिव्यू के नाम पर बड़ी रकम का लालच देकर ठग लिया। बरेला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें महिला ने बताया कि साइबर ठगों ने उन्हें गूगल रिव्यू के बदले अच्छी कमाई का वादा किया और धीरे-धीरे करीब 5 लाख रुपये की ठगी कर ली।

    पीड़िता, ऐश्वर्या नामदेव, एक वर्किंग वुमन हैं जो हैदराबाद की एक निजी कंपनी में डाटा एनालिस्ट के तौर पर काम करती हैं और वर्क फ्रॉम होम करती हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि गूगल पर रिव्यू लिखकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इस लालच में फंसकर ऐश्वर्या ने ठगों के साथ संपर्क किया और एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ीं।

    शुरुआत में ठगों ने उन्हें छोटे-मोटे मुनाफे का वादा कर विश्वास जीता। इसके बाद ठगों ने ऐश्वर्या को और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे उन्होंने करीब 5 लाख रुपये निवेश कर दिए। लेकिन जब उन्हें एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो चुकी हैं तो उन्होंने बरेला थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस अब साइबर ठगों की तलाश कर रही है। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसे किसी भी ऑफर पर विश्वास न करें जो घर बैठे बड़ी कमाई का वादा करता हो। साथ ही साइबर ठगी से बचने के लिए अनजान लिंक या ग्रुपों में निवेश करने से बचें।

  • ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी

    ग्वालियर: रिटायर्ड अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1 करोड़ 12 लाख की ठगी, पुलिस जांच में जुटी


    ग्वालियर । साइबर क्राइम के प्रति पुलिस और सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर का सामने आया है, जहां रिटायर्ड रजिस्ट्रार अधिकारी से एक करोड़ 12 लाख रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।

    दरअसल, रिटायर्ड अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता 75 को साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर फंसाया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट करने का डर दिखाते हुए उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर डाली। ठगी का एहसास तब हुआ जब गुप्ता साहब ने हाल ही में साइबर जागरूकता से संबंधित एक वीडियो देखा। वीडियो में ठगी के तरीके और सावधानियां बताई गई थीं, जिससे उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

    16 नवंबर 2025 को ठगों का पहला कॉल आया था, जबकि गुप्ता साहब ने 3 जनवरी 2026 तक ठगों के साथ आखिरी ट्रांजैक्शन किया।जब गुप्ता साहब को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और उदाहरण है, जो साइबर अपराधियों के बढ़ते मंसूबों को दर्शाता है।

  • इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग

    इंदौर की रेशम केंद्र गौशाला में भूख-प्यास से 20 गायों की मौत, कांग्रेस ने सरकार से की जांच की मांग


    इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में गोवंश संरक्षण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। शहर के रेशम केंद्र स्थित गौशाला में करीब 20 गायों की मौत हो गई जिसे कांग्रेस ने सरकार की लापरवाही और गोवंश संरक्षण नीति की असफलता करार दिया है। मृत गायों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया गया है, जिसमें कई गायों के शव जमीन पर पड़े हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनकी हालत बेहद दयनीय है। कांग्रेस का आरोप है कि ये गायें भूख और प्यास के कारण मरी हैं क्योंकि उन्हें पर्याप्त चारा और पानी नहीं मिला था।

    कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को गंभीर लापरवाही और राज्य सरकार की नाकामी का परिणाम बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गोवंश संरक्षण की जो योजनाएं बनाई गई हैं वे अब तक प्रभावी साबित नहीं हुई हैं। कांग्रेस ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री को एक ईमेल भेजकर मामले की तत्काल जांच की मांग की है। ईमेल में यह भी कहा गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह घटना केवल लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि यह सरकार की गोवंश प्रेम की राजनीति की असफलता को भी उजागर करती है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यदि गौशालाओं में सही प्रबंधन होता और सरकार की ओर से पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाते, तो इस प्रकार की घटनाएं नहीं होतीं। गौशाला में गायों की यह मौत न केवल इंदौर बल्कि पूरे राज्य में एक बड़ा मुद्दा बन गई है। गौवंश संरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। वहीं अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या इस बार गोवंश संरक्षण की नीति में सुधार किया जाएगा।

  • इंदौर पानी त्रासदी: सिर्फ ‘ट्रेलर’, देश के छह बड़े शहरों में भी दूषित पानी से बढ़ रही स्वास्थ्य आपातस्थिति

    इंदौर पानी त्रासदी: सिर्फ ‘ट्रेलर’, देश के छह बड़े शहरों में भी दूषित पानी से बढ़ रही स्वास्थ्य आपातस्थिति


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत और कई गंभीर बीमारियों की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह मामला सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य प्रमुख शहरों में भी दूषित पानी पीने से नागरिकों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इंदौर की यह त्रासदी एक चेतावनी की तरह है, जिससे पता चलता है कि कई शहरों में पानी की गुणवत्ता पर नियंत्रण की व्यवस्था गंभीर रूप से कमजोर है।

    इंदौर हादसे की जांच में सामने आया कि देश के सात बड़े शहर पानी की गुणवत्ता मानकों पर फेल हो गए हैं।

    इन शहरों में गुजरात का गांधीनगर, तेलंगाना का हैदराबाद, उत्तर प्रदेश का ग्रेटर नोएडा, मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल, और हरियाणा के रोहतक और झज्जर शामिल हैं। गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड के 108 मामले दर्ज किए गए, और दो लोगों की मौत भी हुई। हैदराबाद में छह सैंपल में से चार में सीवेज, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और औद्योगिक वेस्ट पाए गए।
     इसके चलते नगर निगम ने जमीन के नीचे के पानी पर रोक लगा दी है।

    दूषित पानी के सेवन से आम लोगों में दस्त, उल्टी, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियां देखी जा रही हैं।

    कुछ मामलों में गिलियन बैरे सिंड्रोम जैसे न्यूरोलॉजिकल रोग भी सामने आए हैं। इसके मुख्य लक्षणों में लगातार दस्त और उल्टी, तेज बुखार और कमजोरी, चक्कर आना या पेशाब कम होना, शरीर या आंखों में पीलापन और बच्चों एवं बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन के संकेत शामिल हैं।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इन शहरों में पानी की शुद्धता पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो यह केवल स्वास्थ्य आपात स्थिति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर सामाजिक और आर्थिक संकट भी पैदा कर सकता है। नागरिकों को साफ और सुरक्षित पानी सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम और राज्य सरकारों की ओर से तत्काल कदम उठाना बेहद जरूरी है।

    इंदौर की घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि दूषित पानी सिर्फ एक शहर की समस्या नहीं है, बल्कि देश के कई शहरों में स्वास्थ्य सुरक्षा की गंभीर चुनौती बन गई है। इसलिए प्रशासन को अब निष्क्रियता छोड़कर, सख्त निरीक्षण और त्वरित सुधार लागू करना होगा, ताकि लोगों की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रहे।

  • भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ

    भोपाल में 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली, CM मोहन यादव ने किसानों को हरी झंडी दिखाकर किया ‘कृषक कल्याण वर्ष’ का शुभारंभ




    भोपाल।
    भोपाल में रविवार का दिन किसानों के नाम रहा, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोकता बायपास स्थित आरटीओ कार्यालय के पास से 1101 ट्रैक्टरों की भव्य रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री खुद ट्रैक्टर की स्टेयरिंग संभालते नजर आए और रैली में शामिल होकर किसानों के साथ कदम से कदम मिलाया। उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना और विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार रहे। सैकड़ों ट्रैक्टरों की कतार और किसानों का उत्साह राजधानी की सड़कों पर एक अलग ही दृश्य रच रहा था।

    रैली को रवाना करने से पहले कोकता बायपास क्षेत्र ‘बोल बम’ और भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए इतिहास और आस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन आज वही सोमनाथ मंदिर फिर से अपने वैभव में भोलेनाथ के जयकारों से गूंज रहा है।

    उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके संकल्प से सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर निर्माण को 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम बताया।

    ट्रैक्टर रैली के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पिछले वर्ष पूरे प्रदेश में ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ मनाया गया था, उसी तर्ज पर अब सरकार ने पूरे साल को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। यह केवल एक दिन या एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सालभर किसानों के हित में योजनाबद्ध और निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि इस वर्ष के अंत तक किसानों की आय, खेती की लागत और उत्पादन से जुड़े कई ठोस और सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि कृषक कल्याण वर्ष केवल कृषि विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। अब प्रदेश के 16 विभाग मिलकर किसानों के लिए काम करेंगे, ताकि खेती से जुड़े हर पहलू को मजबूत किया जा सके।

    उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की कृषि विकास दर इस समय लगभग 16 प्रतिशत की गति से बढ़ रही है और इसे और आगे ले जाने के लिए किसानों की आय बढ़ाने तथा लागत घटाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने रैली के दौरान कहा कि हेलिकॉप्टर से आते समय जहां नजर गई, वहां ट्रैक्टर ही ट्रैक्टर दिखाई दे रहे थे। यह तो सिर्फ झांकी है, आने वाले समय में किसान कल्याण की तस्वीर और भी बड़ी होगी।

    रैली के बाद मुख्यमंत्री जंबूरी मैदान पहुंचे, जहां ‘कृषक कल्याण वर्ष-2026’ के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को सरकार की आगामी योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य खेती को केवल परंपरागत कार्य न मानकर उसे लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार का माध्यम बनाना है।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत सरकार का विशेष फोकस उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, उच्च उत्पादकता और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, हाइड्रोपोनिक्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसी कारण राज्य सरकार लगातार कृषि बजट में बढ़ोतरी कर रही है। समर्थन मूल्य पर फसलों की खरीदी, सोयाबीन उत्पादकों के लिए भावांतर योजना, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना जैसी कई योजनाएं पहले से संचालित हैं।

    कृषक कल्याण वर्ष-2026 के माध्यम से इन सभी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा।

    इस भव्य ट्रैक्टर रैली और कार्यक्रम के चलते भोपाल की कई सड़कों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कोकता बायपास, मिसरोद-सलैया क्षेत्र, खजूरी कला, पटेल नगर चौराहा, प्रेस्टीज कॉलेज के आसपास और जंबूरी मैदान तक जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक प्लान लागू रहा। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें।

    कुल मिलाकर, 1101 ट्रैक्टरों की यह रैली केवल एक शक्ति प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह संदेश भी थी कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों को केंद्र में रखकर विकास की नई कहानी लिखने जा रही है। ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के जरिए सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के सम्मान, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

  • भोपाल में इनर व्हील क्लब राइज का 41वां जिला सम्मेलन ‘सिनर्जी’: अभिषेक बच्चन मुख्य अतिथि, महिलाओं और समाज के विकास पर होगी जोरदार रणनीति

    भोपाल में इनर व्हील क्लब राइज का 41वां जिला सम्मेलन ‘सिनर्जी’: अभिषेक बच्चन मुख्य अतिथि, महिलाओं और समाज के विकास पर होगी जोरदार रणनीति


    भोपाल। भोपाल में रविवार को इनर व्हील क्लब ऑफ भोपाल राइज का 41वां जिला सम्मेलन “सिनर्जी” आयोजित किया गया, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम होटल सयाजी में हुआ, जिसकी मेजबानी क्लब ने की। सम्मेलन का उद्देश्य पिछली छह महीनों की उपलब्धियों का मूल्यांकन करना और आने वाले छह महीनों के लिए रणनीति तय करना है।

    भोपाल राइज की प्रेसिडेंट रुखसाना मोहसिन ने बताया कि इनर व्हील क्लब दुनिया के प्रमुख महिला स्वैच्छिक संगठनों में से एक है, जो पिछले एक शताब्दी से समाज सेवा और सामुदायिक कल्याण में सक्रिय है। सम्मेलन में सदस्य अपने अनुभव साझा करेंगे, नए सामाजिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करेंगे और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आगे की योजना बनाएंगे।

    इस आयोजन में अभिषेक बच्चन ने उपस्थित सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज सेवा और सामुदायिक योगदान केवल एक पहल नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा होना चाहिए। सम्मेलन का नाम “सिनर्जी” इस बात का प्रतीक है कि सामूहिक प्रयास और सहयोग से ही सामाजिक बदलाव संभव है।

    सम्मेलन के दौरान इनर व्हील डिस्ट्रिक्ट-304 की पिछली छह महीनों की उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों के लिए किए गए विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का विवरण शामिल था। इसके साथ ही आगामी छह महीनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा होगी, जिसमें नए प्रोजेक्ट्स, सामाजिक जागरूकता अभियान और स्थानीय समुदायों के लिए विकासात्मक गतिविधियां शामिल होंगी।

    यह जिला सम्मेलन न केवल क्लब की उपलब्धियों का जश्न है, बल्कि आने वाले समय में महिलाओं और समाज के विकास के लिए नई पहल और दिशा तय करने का मंच भी साबित होगा।

  • छिंदवाड़ा में मवेशी विवाद हत्या: रिश्तेदारों ने लाठी-कल्हाड़ी से पीटकर की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

    छिंदवाड़ा में मवेशी विवाद हत्या: रिश्तेदारों ने लाठी-कल्हाड़ी से पीटकर की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली ।छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में मवेशी चराने को लेकर मामूली विवाद ने एक सगे परिवार में भयावह घटना का रूप ले लिया। सोमाटेकड़ी (टाटरवारा) गांव के 65 वर्षीय लखनलाल यादव अपने खेत में अपने ही रिश्तेदारों के मवेशी चराने के विरोध में बहस में उलझ गए। मृतक का आरोप था कि रिश्तेदारों के मवेशी उनकी फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे, जिस पर विवाद बढ़ गया।बात इतनी गंभीर हो गई कि मृतक के सगे रिश्तेदार धनलाल यादव, ज्ञानचंद यादव और राजकुमार राजा यादव ने गुस्से में आकर लखनलाल पर कुल्हाड़ी और डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना जानलेवा था कि वह मौके पर ही दम तोड़ बैठे।

    घटना की सूचना मिलते ही जुन्नारदेव थाना पुलिस सक्रिय हुई और महज तीन घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाड़ी और एक डंडा भी जब्त किया गया।पुलिस ने घटना स्थल का पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और फॉरेंसिक जांच के लिए साक्ष्य एकत्र करना शुरू किया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। मामूली विवाद के कारण रिश्तेदारों के बीच इतनी हिंसा होना गांव में चर्चा का विषय बन गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और आरोपी पहले ही हत्या के गंभीर अपराध के तहत जेल भेज दिए गए हैं।यह घटना यह संदेश देती है कि खेत और मवेशी जैसे मामूली झगड़े भी कभी-कभी अनियंत्रित होने पर जानलेवा परिणाम दे सकते हैं। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि विवाद को आपसी बातचीत और समझौते के जरिए हल करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।