शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
रजिस्ट्री-नामांतरण पर प्रतिबंध

कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

एक महीने में चार लोग घायल
चाइना डोर के कारण हुए हादसों की यह कोई पहली घटना नहीं है। एक महीने के भीतर चार लोग इस खतरनाक डोर की चपेट में आ चुके हैं। 20 दिसंबर को एग्रीकल्चर थर्ड सेमेस्टर के छात्र योगेश आंजना उम्र 20 वर्ष अपने गांव पिपलियाधूमा झारड़ा से उज्जैन परीक्षा देने आया था। परीक्षा के बाद वह बाइक से घर लौट रहा था जब उसे भी चाइना डोर से गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा पहले भी इस प्रकार की घटनाएं उज्जैन में हो चुकी हैं जिनमें लोग चाइना डोर से घायल हो चुके हैं।
गंभीर चिंता का विषय
चाइना डोर की इन घटनाओं ने शहरवासियों को गंभीर चिंता में डाल दिया है। हालाँकि प्रशासन ने इसके उपयोग पर रोक लगाने के लिए कई प्रयास किए हैं लेकिन इस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। यह जानलेवा डोर न केवल सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए खतरा बन गई है बल्कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग भी इसके खतरों से अनजान रहते हैं।
शहरवासियों और प्रशासन से अपील की जा रही है कि चाइना डोर के खतरों को लेकर जागरूकता फैलाई जाए और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि और किसी की जान को खतरा न हो।

शांतिपूर्ण लेकिन सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने 23 कॉलोनियों को रडार पर लिया
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
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सत्ता के दबाव का आरोप और पुलिस से तीखी झड़प
अधिकारियों में मचा हड़कंप
न्यायालय से नहीं मिली है राहत

बहादुर नाविक ने पेश की मानवता की मिसाल
खतरे का केंद्र बनता पुराना पुल

इस झूलाघर को एक नया रूप देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने 45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया था। लेकिन यह प्रस्ताव मंत्रालय की फाइलों में दबा हुआ है और प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इस मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या बच्चों के सुरक्षा और विकास से जुड़ी इस गंभीर समस्या को नज़रअंदाज किया जा सकता है और वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार करना एक लंबा 6 साल क्यों होना चाहिए?
बच्चों की सुरक्षा और विकास पर असर

सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

बता दें कि, कठिन ड्यूटी और काम के दबाव के चलते पुलिसकर्मी अक्सर परिवार के खास मौकों में शामिल नहीं हो पाते थे। इससे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता था। इसी को ध्यान में रखते हुए एसपी ने यह मानवीय निर्णय लिया है, ताकि जवान परिवार के साथ समय बिता सकें।
नए आदेश के अनुसार, पुलिसकर्मी अपने जन्मदिन, जीवनसाथी के जन्मदिन, बच्चों के जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर एक दिन का अनिवार्य आकस्मिक अवकाश ले सकेंगे।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी पुलिसकर्मी के परिवार में घनिष्ठ परिजन के निधन की स्थिति में मामले को संवेदनशील मानते हुए बिना किसी कागजी देरी के तुरंत अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। सभी थानों और कार्यालयों को कर्मचारियों की जन्मतिथि और विवाह वर्षगांठ का कैलेंडर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि छुट्टी स्वीकृति में कोई बाधा न आए।
एसपी अंकित सोनी के इस फैसले की जिले ही नहीं पूरे पुलिस विभाग में सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा और पुलिसकर्मियों व उनके परिवारों के बीच संबंध और मजबूत होंगे।

मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।
कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर
मावठा और बारिश की संभावना कम
ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर
जलवायु परिवर्तन का असर