Category: Madhya Pradesh

  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • MP: शक्कर की कीमतों पर कैलाश विजयवर्गीय का अजीब तर्क… बोले- खूब महंगी होनी चाहिए चीनी

    MP: शक्कर की कीमतों पर कैलाश विजयवर्गीय का अजीब तर्क… बोले- खूब महंगी होनी चाहिए चीनी


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक सीनियर मंत्री (Senior Minister) ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों की चिंता को खारिज करते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने तर्क दिया कि चीनी ‘बहुत महंगी’ (Sugar ‘Very Expensive’) होनी चाहिए और जोर देकर कहा कि 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को चीनी बिल्कुल नहीं मिलनी चाहिए।

    राज्य के संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने बुधवार को त्योहारों के मौसम से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों पर विपक्षी दलों की आलोचना के जवाब में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि आजकल 90 प्रतिशत लोग मिठाइयां पसंद नहीं करते हैं, और उन्होंने खुद भी ऐसी चीज़ें खाना पूरी तरह बंद कर दिया है।

    पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी नेता ने दावा किया कि चीनी की कीमतें लगातार कम हो रही हैं. उन्होंने कहा, “वैसे भी, आजकल 90 प्रतिशत लोग मिठाइयां पसंद नहीं करते हैं. मैं आपको बता दूं, मैं बिल्कुल भी मिठाई नहीं खाता हूं.”

    मंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मेरा कहना है कि (चीनी) बहुत महंगी होनी चाहिए. (चीनी) सिर्फ़ बच्चों के लिए सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ती दरों पर मिलनी चाहिए… बुजुर्गों को चीनी बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए.”

    उन्होंने कहा कि डॉक्टर, खासकर आयुर्वेदिक डॉक्टर, 40 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए चीनी का सेवन अच्छा नहीं मानते हैं. उन्होंने कहा, “अगर आप 40 साल से ज़्यादा उम्र के हैं, तो कभी-कभी गुड़ खा सकते हैं, लेकिन चीनी से पूरी तरह परहेज करें।


    ‘बीजेपी नेता गरीबों का मजाक उड़ा रहे हैं’

    राज्य कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर सत्ताधारी बीजेपी पर निशाना साधने के लिए विजयवर्गीय के बयानों का सहारा लिया. उन्होंने कहा कि महंगाई कम करने के वादे के साथ सत्ता में आए बीजेपी नेता चीनी पर अपने “बेतुके” बयानों से गरीबों और मध्यम वर्ग का अपमान और मज़ाक उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “देश बीजेपी नेताओं को देख रहा है. लोग आने वाले चुनावों में उनकी हंसी का मुंहतोड़ जवाब देंगे. तब देखेंगे कि उनकी मुस्कान बनी रहती है या वे आंसू बहाते हैं.”


    पेट्रोल में इथेनॉल और चीनी की कीमतें

    विपक्षी दल पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की मात्रा बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे हैं. उनका आरोप है कि इस नीति से चीनी की कीमतें बढ़ रही हैं और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है. सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है और इसके बजाय कीमतों में बढ़ोतरी के लिए इंडस्ट्री को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि देश में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने के कारण बुधवार को लगातार दूसरे दिन खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई।

    सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने के बाद मिल-गेट कीमतों में लगभग 20 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद, चीनी की खुदरा कीमतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं. उपभोक्ता मामलों के विभाग (मूल्य निगरानी प्रभाग) द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत भाव 65.05 रुपये प्रति किलोग्राम था, जबकि मंगलवार को यह 63.97 रुपये प्रति किलोग्राम था।

  • इंदौर से धार्मिक और पर्यटन शहरों तक नई कनेक्टिविटी, भोपाल उज्जैन मांडू समेत 5 रूट पर दौड़ेंगी ई-बसें

    इंदौर से धार्मिक और पर्यटन शहरों तक नई कनेक्टिविटी, भोपाल उज्जैन मांडू समेत 5 रूट पर दौड़ेंगी ई-बसें


    इंदौर। इंदौर और आसपास के शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। सिटी बस सेवा के बाद अब धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने के लिए ग्रीन लाइन इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है। एमआईसीटीएसएल ने इंदौर रीजन में कुल 26 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना तैयार की है। इन बसों का संचालन इंदौर से भोपाल उज्जैन मांडू खरगोन खंडवा और सेंधवा जैसे प्रमुख शहरों के लिए किया जाएगा। नई ई-बस सेवा शुरू होने से यात्रियों को सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि बसों में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

    ग्रीन लाइन सेवा के तहत इंदौर से पांच प्रमुख रूट तय किए गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ बसें इंदौर से भोपाल और आठ बसें इंदौर से खरगोन खंडवा रूट पर चलाने की योजना है। इंदौर से उज्जैन के लिए छह इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं जबकि इंदौर से मांडू और सेंधवा के लिए दो दो बसें संचालित की जाएंगी। इस तरह कुल 26 बसें पांच रूट पर यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इन रूट का चयन धार्मिक पर्यटन और आसपास के प्रमुख शहरों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के उद्देश्य से किया गया है।

    इन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटरों को सौंपी जाएगी। ऑपरेटर करीब आठ साल तक बसों के संचालन और रखरखाव का काम संभालेंगे। सेवा को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत संचालित किए जाने की योजना है। इसके तहत कंपनी प्रीमियम लेकर ऑपरेटरों को निर्धारित रूट आवंटित करेगी। इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग जैसी सुविधा यात्रियों के लिए सफर को और आसान बना सकती है।

    इंदौर से दूरस्थ शहरों को जोड़ने की दिशा में भी परिवहन सेवा का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के तहत 20 से अधिक रूट के लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इंदौर से सागर जबलपुर शहडोल और बालाघाट सहित कई अन्य शहरों के लिए ऑपरेटर नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के अलग अलग हिस्सों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

    इसके अलावा पीएम ई-बस सेवा के तहत भी नए रूट तैयार किए जा रहे हैं। इंदौर में सिटी बस सेवा के 14 रूट पर पीएम ई-बस सेवा शुरू हो चुकी है। अगले महीने से करीब 150 और बसें चलाने की योजना है। प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभागों में 170 से ज्यादा बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इन सेवाओं के विस्तार से शहरों के साथ धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो सकती है। आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

  • दलालों के जरिए भारत में घुसे, डेढ़ साल से ग्वालियर में रह रहे थे, पुलिस ने 13 बांग्लादेशी पकड़े

    दलालों के जरिए भारत में घुसे, डेढ़ साल से ग्वालियर में रह रहे थे, पुलिस ने 13 बांग्लादेशी पकड़े


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस ने ग्वालियर में अवैध रूप से रह रहे 13 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के तहत दस्तावेजों और नागरिकता की जांच के बाद यह कार्रवाई की गई।

    क्राइम ब्रांच के डीएसपी मनीष यादव ने बताया कि 4 अगस्त को मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 13 संदिग्धों की पहचान की। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने सभी को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए वैध दस्तावेज पेश करने का मौका दिया, लेकिन वे दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके।

    पूछताछ में इन लोगों ने पुलिस को बताया कि वे दलालों की मदद से अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। इसके बाद पिछले करीब डेढ़ साल से ग्वालियर में रहकर काम कर रहे थे। पकड़े गए लोगों में 7 पुरुष, 3 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल हैं।

    डीएसपी के मुताबिक, जांच के बाद सभी को बांग्लादेशी नागरिक घोषित किया गया है। अब एक केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बीएसएफ पश्चिम बंगाल सीमा के जरिए इन्हें बांग्लादेश भेजेगी।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा।

  • MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर

    MP के 17 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, सागर-रीवा और शहडोल संभाग में रहेगा ज्‍यादा सर


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पूर्वी और उत्तरी हिस्से के 17 जिलों में गुरुवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसूनी सिस्टम सक्रिय रहेगा। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश हो सकती है।

    इन 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    शिवपुरी, विदिशा, गुना, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, उमरिया, शहडोल, मंडला और अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, डिंडौरी, पांढुर्णा, सिंगरौली और मैहर में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    निवाड़ी में नाले में बही 8 साल की बच्ची

    इससे पहले निवाड़ी, भोपाल, ग्वालियर, छतरपुर और मंदसौर समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। निवाड़ी में बकरियों के लिए चारा लेने खेत की ओर जा रही 8 साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई।

    छतरपुर के जयशंकर धाम में बारिश का शानदार नजारा देखने को मिला। इसे बुंदेलखंड का केदारनाथ भी कहा जाता है। वहीं भोपाल में दोपहर बाद तेज बारिश हुई। सीहोर में भी जोरदार बारिश के दौरान काले घने बादलों से दिन में अंधेरा छा गया।

    27-28 अगस्त को बारिश, 29 से ब्रेक

    मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 अगस्त को प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 29 और 30 अगस्त को कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। यानी प्रदेश में दो दिन बारिश के बाद ब्रेक के आसार हैं। सितंबर की शुरुआत में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    तीन सिस्टम करा रहे बारिश

    मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में मानसून ट्रफ, लो प्रेशर एरिया और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इनके प्रभाव से अगले दो दिन तक बारिश होने की संभावना है। इसके बाद सिस्टम कमजोर होने से बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है।

    39 जिलों में 3% से 50% तक कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी समेत कई जिलों में 3% से 50% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में औसत से 3% से 49% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के अनुसार अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • भोपाल से शुरू Ayurozena Ayurveda, 12 साल के फार्मास्युटिकल अनुभव के साथ आयुर्वेदिक पर्सनल केयर में नई पहल

    भोपाल से शुरू Ayurozena Ayurveda, 12 साल के फार्मास्युटिकल अनुभव के साथ आयुर्वेदिक पर्सनल केयर में नई पहल

    भोपाल: से शुरू हुआ Ayurozena Ayurveda पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक फार्मास्युटिकल गुणवत्ता और पर्सनल केयर की जरूरतों के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रहा है। ब्रांड की शुरुआत फार्मास्युटिकल क्षेत्र में करीब 12 वर्षों का अनुभव रखने वाले विजय मिश्रा ने की है। उनका उद्देश्य ऐसे आयुर्वेद आधारित उत्पाद विकसित करना है, जिनमें पारंपरिक सामग्री के साथ गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

    Ayurozena Ayurveda की शुरुआत के पीछे विजय मिश्रा की फार्मेसी शिक्षा और पेशेवर अनुभव महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उन्होंने भोपाल के Technocrats Institute of Technology से B.Pharm तथा RKDF College of Pharmacy से M.Pharm की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने फार्मास्युटिकल और मेडिकल क्षेत्र में लगभग 12 वर्षों तक काम किया।

    अपने पेशेवर अनुभव के दौरान मिश्रा ने formulations, active ingredients और quality processes को नजदीक से समझा। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने पर्सनल केयर उत्पादों के निर्माण में केवल बाहरी प्रस्तुति के बजाय formulation और manufacturing process को महत्वपूर्ण मानते हुए ब्रांड की दिशा तय की।

    ब्रांड को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न स्तरों पर उत्पादों और निर्माण प्रक्रियाओं को समझने की कोशिश की गई। इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद कई manufacturing units का दौरा किया गया। उत्पादन प्रक्रियाओं को देखने के साथ विभिन्न formulations को source, test और compare किया गया।

    ब्रांड के अनुसार, कई formulations को ingredients की गुणवत्ता, consistency और भारतीय त्वचा तथा जलवायु के अनुरूप उपयोगिता जैसे मानकों के आधार पर परखा गया। इस प्रक्रिया के बाद शुरुआती उत्पाद श्रृंखला में Baby Care Soap, Royal Ubtan Bar और Charcoal Detox Bar को शामिल किया गया।

    Ayurozena Ayurveda की कार्यप्रणाली में आयुर्वेदिक ingredients और आधुनिक pharmaceutical approach को साथ लेकर चलने पर जोर दिया गया है। ब्रांड की सोच के अनुसार पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक गुणवत्ता प्रक्रियाएं एक-दूसरे के विकल्प के बजाय पूरक भूमिका निभा सकती हैं।

    उत्पादों के निर्माण के लिए third-party manufacturing partner की सेवाएं ली जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार निर्माण प्रक्रिया में GMP-aligned practices का पालन किया जाता है। उत्पादन से पहले प्रत्येक formulation की Founder स्तर पर व्यक्तिगत approval प्रक्रिया भी रखी गई है।

    शुरुआती चरण में तीन उत्पादों के साथ बाजार में मौजूदगी बनाने के बाद ब्रांड का लक्ष्य अपनी Ayurvedic skincare और personal care range का विस्तार करना है। इस विस्तार में ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिनमें पारंपरिक आयुर्वेदिक सोच के साथ आधुनिक manufacturing practices और गुणवत्ता पर ध्यान रखा जाए।

    भोपाल से शुरू हुई यह पहल मध्य प्रदेश में आयुर्वेद आधारित पर्सनल केयर क्षेत्र में स्थानीय उद्यमिता और फार्मास्युटिकल अनुभव के मेल का उदाहरण प्रस्तुत करती है। ब्रांड के आगे बढ़ने के साथ उत्पादों की संख्या, श्रेणी और बाजार पहुंच में विस्तार इसकी आगामी दिशा का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।

  • रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप

    रात 3 बजे भोपाल में दहशत! दो बदमाशों ने खुलेआम चलाई गोलियां, CCTV में कैद हुई वारदात; FIR में देरी का आरोप


    भोपाल भोपाल में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में रात करीब 3 बजे दो बदमाशों ने कथित तौर पर फायरिंग की। घटना का वीडियो भी सामने आया है जिसमें दोनों आरोपी फायरिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। देर रात हुई इस वारदात के बाद आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया। पुलिस अब वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच में जुटी है।

    बताया जा रहा है कि फायरिंग की यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई है। घटना के बाद फरियादी अजय बैरागी शिकायत दर्ज कराने कजलीखेड़ा थाने पहुंचा। फरियादी ने आरोप लगाया कि उसने पुलिस को घटना की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की लेकिन तत्काल FIR दर्ज नहीं की गई और उसे थाने से वापस भेज दिया गया। इस आरोप के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं।

    हालांकि कजलीखेड़ा थाना प्रभारी पल्लवी पांडे ने पुलिस पर लगे आरोपों को खारिज किया है। थाना प्रभारी के मुताबिक मामले में FIR दर्ज करने में पुलिस की ओर से किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने बताया कि फरियादी पक्ष थाने में मौजूद है और मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

    पुलिस के मुताबिक फायरिंग का आरोप बैरागढ़ चीचली निवासी जीतू यादव पर लगाया गया है। दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद और पुरानी रंजिश होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पुरानी रंजिश की वजह क्या थी और इसी विवाद के चलते फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया या इसके पीछे कोई दूसरा कारण भी था।

    घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिला है। वीडियो में दो लोग फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस वीडियो की सत्यता और उसमें नजर आ रहे लोगों की पहचान की जांच कर रही है। इसके साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा सकती है ताकि वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फायरिंग के समय घटनास्थल पर कितने लोग मौजूद थे और आरोपियों के पास हथियार कहां से आया। घटना के बाद आरोपी मौके से किस दिशा में भागे और उन्हें किसी अन्य व्यक्ति ने मदद पहुंचाई या नहीं इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

    आधी रात करीब 3 बजे हुई इस फायरिंग ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के लिए देर रात खुलेआम गोली चलने की घटना डर का कारण बनी हुई है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना और फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाना है। फिलहाल पुलिस वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

  • कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में सियासत तेज, पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र; CM समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग

    कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में सियासत तेज, पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र; CM समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में मंत्री विजय शाह से जुड़ा कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मामले को लेकर राष्ट्रपति को पत्र लिखकर विजय शाह को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है। पटवारी ने अपने पत्र में मध्य प्रदेश सरकार के उस फैसले पर भी सवाल उठाए हैं जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित विशेष जांच दल द्वारा मांगी गई अभियोजन की मंजूरी को राज्य सरकार ने कथित तौर पर स्वीकार नहीं किया। कांग्रेस ने इसे न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बताया है।

    जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि मंत्री विजय शाह को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं बल्कि सेना की गरिमा से जुड़ा मामला है। पटवारी ने कहा कि सेना का सम्मान किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं बल्कि पूरे देश के नागरिकों का राष्ट्रीय स्वाभिमान है। इसी आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए उनसे इस मामले में स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की।

    पटवारी ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव समेत पूरे मंत्रिमंडल की बर्खास्तगी की मांग भी की है। उनका आरोप है कि यदि सरकार किसी मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में अभियोजन की मंजूरी रोकती है तो इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सत्ता में बैठे लोगों को कानून से अलग कोई संरक्षण हासिल है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को मध्य प्रदेश के राजनीतिक इतिहास का शर्मनाक अध्याय बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।

    इस विवाद की शुरुआत 11 मई 2025 को इंदौर के महू के रायकुंडा गांव में हुए हलमा कार्यक्रम के दौरान हुई थी। यहां जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उनके बयान को लेकर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक विरोध हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष जांच दल यानी SIT के जरिए जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। जांच के बाद मंत्री के खिलाफ अभियोजन की अनुमति को लेकर राज्य सरकार के सामने मामला पहुंचा।

    अब राज्य सरकार की ओर से अभियोजन की मंजूरी नहीं दिए जाने के आरोप ने विवाद को फिर हवा दे दी है। कांग्रेस का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT की कार्रवाई के बावजूद सरकार का रुख कई सवाल खड़े करता है। वहीं मामले में अगली सुनवाई 31 अगस्त को होनी है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की ओर से अभियोजन की मंजूरी में देरी को लेकर सख्त रुख अपनाए जाने की बात भी सामने आई है।

    मामले में अब सरकार के सामने कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तर पर चुनौती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यदि अभियोजन की मंजूरी दी जाती है तो सरकार को इसकी जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष देनी होगी और इसके बाद नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। वहीं अभियोजन की मंजूरी नहीं मिलने की स्थिति में भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं होता। मंत्री पद से हटने के बाद विजय शाह के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूर्व सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं रहने की स्थिति बन सकती है।

    ऐसे में 31 अगस्त की सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले जीतू पटवारी की राष्ट्रपति को चिट्ठी ने इस मामले को एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में ला दिया है। कांग्रेस जहां इसे सेना के सम्मान और संवैधानिक जवाबदेही से जोड़ रही है वहीं अब सबकी नजर राज्य सरकार के अगले कदम और सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी है।

  • MP BJP का बड़ा संगठन महामंथन, ओरछा में 30-31 अगस्त को प्रदेश कार्यसमिति बैठक, 20 समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

    MP BJP का बड़ा संगठन महामंथन, ओरछा में 30-31 अगस्त को प्रदेश कार्यसमिति बैठक, 20 समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी

    मध्य प्रदेश : भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक 30 और 31 अगस्त को धार्मिक नगरी ओरछा में आयोजित होने जा रही है। बैठक को लेकर पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए 20 विशेष समितियों का गठन किया गया है। इन समितियों में 180 से अधिक कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पार्टी का जोर बैठक के दौरान व्यवस्थाओं के साथ-साथ संगठनात्मक अनुशासन और आगामी रणनीति पर भी रहेगा।

    ओरछा में होने वाली इस बैठक को भाजपा के लिए संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के अनुसार, बैठक के माध्यम से बूथ स्तर से लेकर संगठन के विस्तार तक की आगामी रणनीति पर व्यापक मंथन किया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी के संगठन को अधिक सक्रिय, मजबूत और प्रभावी बनाने से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

    बैठक में आने वाले वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश पदाधिकारियों और अन्य प्रमुख अतिथियों की व्यवस्थाओं को लेकर अलग-अलग समितियों को जिम्मेदारी दी गई है। ओरछा की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को देखते हुए मंदिर दर्शन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए मंदिर दर्शन व्यवस्था समिति का गठन किया गया है, जिसमें नौ प्रमुख कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह समिति वरिष्ठ अतिथियों को भगवान रामराजा के दर्शन कराने से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालेगी।

    पार्टी ने बैठक के दौरान चिकित्सा सुविधाओं को लेकर भी व्यवस्था सुनिश्चित की है। चिकित्सा समिति में डॉक्टरों की टीम को जिम्मेदारी दी गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसी तरह मीडिया और प्रचार-प्रसार से संबंधित जिम्मेदारियों के लिए अलग टीम बनाई गई है। आयोजन स्थल की साज-सज्जा, पार्किंग, कार्यकर्ता व्यवस्था और साउंड सिस्टम के लिए भी समितियां गठित की गई हैं।

    मंच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पार्टी ने अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की हैं। मंच व्यवस्था समिति बैठक स्थल पर कार्यक्रम से जुड़ी तैयारियों को संभालेगी, जबकि सुरक्षा समिति आयोजन के दौरान सुरक्षा संबंधी समन्वय पर नजर रखेगी। इसके अलावा परिवहन व्यवस्था के लिए भी कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है, जो नेताओं और पदाधिकारियों के आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को संभालने का काम करेगी।

    प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में आगामी राजनीतिक अभियानों और महत्वपूर्ण संगठनात्मक प्रस्तावों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। जिला स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी बैठक के एजेंडे का हिस्सा रहेगी। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच अनुशासन और मितव्ययिता को लेकर भी चर्चा हो सकती है।

    भाजपा संगठन का लक्ष्य बैठक के माध्यम से आगामी गतिविधियों के लिए स्पष्ट दिशा तय करना है। बूथ स्तर पर संगठन की सक्रियता बढ़ाने, कार्यकर्ताओं की भूमिका मजबूत करने और विभिन्न अभियानों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। ओरछा में होने वाली बैठक के लिए जिम्मेदारियां पहले से तय किए जाने से पार्टी संगठन व्यवस्थाओं को लेकर किसी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहता। बैठक के दौरान लिए जाने वाले फैसलों का असर आने वाले समय में प्रदेश भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों और राजनीतिक कार्यक्रमों में दिखाई दे सकता है।

  • MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

    MP में शिक्षक भर्ती को लेकर दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, 5 सितंबर से भूख हड़ताल की चेतावनी; पदवृद्धि की मांग पर अड़े अभ्यर्थी


    भोपालमध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती 2025 को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में पदवृद्धि की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने इस दौरान सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अभ्यर्थियों की मांगों पर शिक्षक दिवस तक कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वे खुद 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

    दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य हमेशा महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए बड़ी संख्या में स्कूल खोले गए थे। उनके मुताबिक करीब 45 हजार नए स्कूल खोले गए और शिक्षकों की भर्ती का अधिकार भोपाल से स्थानीय स्तर पर दिया गया था। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की कमी को पूरा करना था।

    पूर्व मुख्यमंत्री ने मौजूदा शिक्षक भर्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था और सिलेबस में बदलाव का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है जिन्होंने वर्षों तक पुराने पाठ्यक्रम के आधार पर विद्यार्थियों को पढ़ाया है। अब उन्हें नए सिलेबस के अनुसार परीक्षा देने के लिए कहा जा रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब शिक्षकों के पद खाली हैं तो उन रिक्त पदों पर भर्ती क्यों नहीं की जा रही है।

    दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय दूसरे राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर ज्यादा है। उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधा और कई राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने अपनी उम्र का जिक्र करते हुए कहा कि 80 वर्ष की उम्र में भी वे खुद को नौजवान मानते हैं और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहेंगे।

    इस दौरान पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी उनके साथ मौजूद रहे। प्रदर्शन स्थल पर महिला अभ्यर्थियों ने दिग्विजय सिंह को राखी भी बांधी। अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों और आंदोलन की स्थिति से पूर्व मुख्यमंत्री को अवगत कराया। दिग्विजय सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए वे प्रयास करेंगे।

    नीलम पार्क में वर्ग 2 माध्यमिक और वर्ग 3 प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2025 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। एक दिन पहले आंदोलनकारी अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अलग अलग स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं निकला है।

    अभ्यर्थी 21 अगस्त को भी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन कर चुके हैं। प्रदेशभर से आए अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने प्रदर्शन और ज्ञापन देने के बाद रैली निकाली और नीलम पार्क पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। बुधवार को इस आंदोलन का छठवां दिन रहा।

    अभ्यर्थियों का कहना है कि नवंबर 2025 से जुलाई 2026 के बीच कई चरणों में आंदोलन किए गए लेकिन पदवृद्धि की मांग पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब वे तत्काल निर्णय की मांग कर रहे हैं। वहीं दिग्विजय सिंह की 24 घंटे की भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद शिक्षक भर्ती का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की सियासत में गरमाता नजर आ रहा है। अब निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।