Category: Madhya Pradesh

  • एमपी के रोजगार सहायकों के लिए राहत भरी खबर, 6 महीने में ट्रांसफर भत्ते और HRA की नीति बनाएगी सरकार

    एमपी के रोजगार सहायकों के लिए राहत भरी खबर, 6 महीने में ट्रांसफर भत्ते और HRA की नीति बनाएगी सरकार


    जबलपुर । मध्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों में काम करने वाले करीब 23 हजार ग्राम रोजगार सहायकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने उनके तबादले से जुड़े आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार यदि किसी ग्राम रोजगार सहायक का तबादला करती है तो उसे नियमानुसार अनिवार्य यात्रा भत्ता सहित यात्रा भत्ता और घरेलू भत्ता देना होगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को रोजगार सहायकों के लिए छह महीने के भीतर भत्तों से संबंधित नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले से प्रदेशभर के रोजगार सहायकों को भविष्य में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

    पांच रोजगार सहायकों ने दायर की थी याचिका

    इस मामले में सिंगरौली के अमित कुमार मिश्रा और शहडोल के शिवाकांत मिश्रा व राजेश कुमार सहित सागर के रानू राजपूत तथा टीकमगढ़ के अभिषेक पटेरिया ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पांचों याचिकाकर्ताओं ने 18 जुलाई 2025 को याचिका दायर कर तबादले से जुड़ी समस्याओं और आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया था। मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल धगट की एकलपीठ में हुई। अदालत ने 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब इस पर आदेश जारी कर दिया गया है।

    याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी ने पक्ष रखा। मामले में रोजगार सहायकों के वेतन और तबादले के बाद होने वाले अतिरिक्त खर्च का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले रोजगार सहायकों को सीमित वेतन में अपने परिवार और दूसरी जरूरतों का खर्च उठाना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी को मौजूदा कार्यस्थल से काफी दूर भेज दिया जाता है तो उसके सामने आवागमन और रहने की व्यवस्था से जुड़ी आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

    18 हजार रुपये वेतन में दूर तबादला बन सकता है परेशानी

    याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता के अनुसार ग्राम रोजगार सहायकों को लगभग 18 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है। ऐसी स्थिति में यदि किसी कर्मचारी का तबादला 100 किलोमीटर दूर कर दिया जाता है तो उसे आने जाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। सीमित आय के कारण यह खर्च कर्मचारी के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को यात्रा भत्ते और हाउस रेंट अलाउंस यानी एचआरए से संबंधित नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार राज्य रोजगार गारंटी परिषद के आयुक्त को छह महीने के भीतर इस संबंध में नीति तैयार करनी होगी। नीति तैयार होने से यह तय करने में मदद मिलेगी कि तबादले की स्थिति में रोजगार सहायकों को किस प्रकार के भत्ते और आर्थिक सुविधाएं दी जाएंगी।

    तबादले पर रोक नहीं लेकिन भत्तों पर बनानी होगी नीति

    हाईकोर्ट के आदेश में यह भी महत्वपूर्ण है कि रोजगार सहायकों की तबादले नहीं किए जाने की मांग को स्वीकार नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि राज्य सरकार प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार रोजगार सहायकों का तबादला कर सकेगी। हालांकि तबादले के कारण कर्मचारियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को देखते हुए भत्तों के संबंध में नीति तैयार करनी होगी।

    प्रदेश में करीब 23 हजार ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यों से जुड़े हैं। ऐसे में इस फैसले का असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों पर पड़ सकता है। अब सभी की नजर राज्य सरकार और राज्य रोजगार गारंटी परिषद की ओर से तैयार की जाने वाली नीति पर रहेगी। छह महीने की समयसीमा में बनने वाली यह नीति तय करेगी कि तबादले की स्थिति में कर्मचारियों को किन शर्तों पर आर्थिक लाभ मिलेगा।

  • तकनीक और आस्था का अद्भुत संगम, मैग्नेटिक रामायण में छूते ही सुनाई देती हैं रामचरितमानस की चौपाइयां

    तकनीक और आस्था का अद्भुत संगम, मैग्नेटिक रामायण में छूते ही सुनाई देती हैं रामचरितमानस की चौपाइयां


    ग्वालियर । ग्वालियर के स्वदेशी मेले में इस बार धार्मिक आस्था और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले में रखी गई मैग्नेटिक रामायण लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस खास पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें लिखी रामचरितमानस की चौपाइयों और श्रीमद्भागवत के श्लोकों को छूते ही उनका पाठ सुनाई देने लगता है। इससे श्रद्धालुओं को धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने के साथ साथ सुनने का अवसर भी मिल रहा है। पारंपरिक धार्मिक साहित्य को तकनीक की मदद से लोगों तक पहुंचाने का यह प्रयास खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

    छूते ही सुनाई देने लगता है चौपाइयों का पाठ

    बोलने वाली रामायण की खासियत के बारे में वंदना भदौरिया ने बताया कि इसमें रामचरितमानस की चौपाइयां और श्रीमद्भागवत के श्लोक मुद्रित हैं। पुस्तक में विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसके माध्यम से पाठक किसी चौपाई या श्लोक को छूते हैं तो उससे संबंधित पाठ सुनाई देने लगता है। इस सुविधा के कारण लोगों को धार्मिक ग्रंथों का पाठ सुनने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे अपनी पसंद की चौपाई या श्लोक चुनकर उसका पाठ सुन सकते हैं।

    धार्मिक ग्रंथों में कई बार शब्दों के सही उच्चारण और उनके भाव को समझना लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में यह तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है। पाठ सुनने से लोगों को शब्दों का उच्चारण समझने और धार्मिक साहित्य से जुड़ने में मदद मिलती है। जो लोग नियमित रूप से रामचरितमानस या श्रीमद्भागवत का पाठ करना चाहते हैं उनके लिए भी यह पुस्तक एक अलग अनुभव प्रदान करती है।

    बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास सुविधा

    मैग्नेटिक रामायण की यह तकनीक अलग अलग उम्र के लोगों के लिए उपयोगी है। छोटे बच्चों को धार्मिक चौपाइयों और श्लोकों से परिचित कराने में यह तरीका मददगार हो सकता है। बच्चे पुस्तक में लिखे पाठ को देखकर और उसे सुनकर धार्मिक साहित्य के प्रति रुचि विकसित कर सकते हैं। वहीं बुजुर्गों और उन लोगों के लिए भी यह सुविधा लाभकारी है जिन्हें धार्मिक ग्रंथ पढ़ने में कठिनाई होती है।

    पुस्तक को छूकर पाठ सुनने की सुविधा धार्मिक साहित्य को अधिक सहज और सरल बनाती है। इसमें पाठक अपनी पसंद के हिस्से को सुन सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार समय दे सकते हैं। इस तरह पढ़ने और सुनने का मेल धार्मिक ग्रंथों को समझने का एक नया तरीका प्रस्तुत करता है।

    परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास

    आमतौर पर धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन पढ़कर या किसी व्यक्ति से पाठ सुनकर किया जाता है। लेकिन मैग्नेटिक रामायण इस अनुभव को तकनीक के माध्यम से अलग रूप देती है। इसमें धार्मिक ग्रंथों की पारंपरिक सामग्री के साथ ऐसी सुविधा जोड़ी गई है जिससे पाठक सीधे चौपाइयों और श्लोकों का पाठ सुन सकते हैं।

    स्वदेशी मेले में इस पुस्तक को देखने और इसकी कार्यप्रणाली समझने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। यह पहल दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए भी किया जा सकता है। मैग्नेटिक रामायण केवल एक पुस्तक के रूप में ही नहीं बल्कि पढ़ने और सुनने को जोड़ने वाले माध्यम के रूप में भी लोगों का ध्यान खींच रही है।

  • पति की मौत के बाद महिला को फिर करने लगा परेशान, अश्लील तस्वीरें भेजने और वायरल करने की धमकी का केस दर्ज

    पति की मौत के बाद महिला को फिर करने लगा परेशान, अश्लील तस्वीरें भेजने और वायरल करने की धमकी का केस दर्ज


    ग्वालियर । ग्वालियर में तीन बच्चों की परवरिश कर रही एक महिला को परेशान करने और उस पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के इनकार करने पर उसका पुराना परिचित उसे अश्लील मैसेज और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने लगा। इतना ही नहीं उसने तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर महिला को बदनाम करने की धमकी भी दी। लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर महिला ने पुलिस से शिकायत की। माधौगंज थाना पुलिस ने गुरुवार रात आरोपी बलदेव शर्मा उर्फ गोलू के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक पीड़िता 36 वर्षीय महिला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के इटावा की रहने वाली है। वह ग्वालियर के माधौगंज इलाके में किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रहती है। महिला ने पुलिस को बताया कि कुछ साल पहले एक शादी समारोह के दौरान उसकी पहचान बलदेव शर्मा उर्फ गोलू से हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती थी। धीरे धीरे परिचय बढ़ा और बातचीत का सिलसिला जारी रहा। हालांकि जब महिला के पति को इस दोस्ती के बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद महिला ने आरोपी से दूरी बना ली और बातचीत बंद कर दी।

    महिला के पति का 18 जनवरी 2025 को बीमारी के कारण निधन हो गया था। पति की मौत के बाद तीनों बच्चों की जिम्मेदारी महिला के कंधों पर आ गई। वह अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में जुटी थी। शिकायत के मुताबिक 28 जून 2026 से आरोपी ने एक बार फिर महिला से संपर्क करना शुरू कर दिया। वह फोन करके बातचीत करने और अकेले मिलने का दबाव बनाने लगा। महिला का आरोप है कि आरोपी उस पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी दबाव डाल रहा था।

    महिला ने जब उसकी मांगों को मानने से इनकार कर दिया तो आरोपी का व्यवहार और परेशान करने वाला हो गया। शिकायत के अनुसार वह महिला को अश्लील संदेश और आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने लगा। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल करने और उसे समाज में बदनाम करने की धमकी दी। इस तरह की धमकियों से महिला परेशान हो गई और उसने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया।

    पीड़िता माधौगंज थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर बलदेव शर्मा उर्फ गोलू के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब महिला के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। डिजिटल संदेशों और तस्वीरों से संबंधित तथ्यों की पड़ताल भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है।

    माधौगंज थाना प्रभारी दिव्या तिवारी के मुताबिक महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से ही पूरे घटनाक्रम के सभी पहलू स्पष्ट हो सकेंगे।

  • बिछिया किसने दी? इसी सवाल पर भड़का पति, करवाचौथ के अगले दिन पत्नी की हत्या कर खुद पुलिस को बुलाया

    बिछिया किसने दी? इसी सवाल पर भड़का पति, करवाचौथ के अगले दिन पत्नी की हत्या कर खुद पुलिस को बुलाया


    ग्वालियर । ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र में करवाचौथ के दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। त्यागी नगर में रहने वाले आनंद श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी मधु श्रीवास्तव की हत्या कर दी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। करवाचौथ पर मधु को किसी ने बिछिया उपहार में दी थी। आनंद को संदेह था कि ये बिछिया उसके बड़े भाई ने दी हैं। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। गुरुवार सुबह पत्नी के सिरहाने बिछिया देखकर उसका गुस्सा फिर भड़क गया। आरोप है कि इसके बाद उसने बिस्तर पर लेटी मधु के सिर और चेहरे पर मूसल से 17 बार वार किए। घटना के बाद आरोपी ने खुद पुलिस हेल्पलाइन 112 पर फोन कर हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    पुलिस के मुताबिक आनंद और मधु ने वर्ष 2010 में प्रेम विवाह किया था। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार में करवाचौथ की तैयारियां चल रही थीं। घटना से एक रात पहले मधु ने अपने पति के नाम की मेहंदी लगाई थी और देर रात तक जागती रही थी। सुबह उठने के बाद उसने घर की सफाई की। बेटे के अनुसार मां ने कहा था कि आज उसका उपवास है और काम करने से प्यास लगेगी इसलिए वह फिलहाल काम नहीं करेगी। इसके बाद आनंद ने पोहा बनाया और खुद खाने के साथ बेटे को भी खिलाया। कुछ समय बाद घर में हुई घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

    बेटे ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10 बजे घर में शोर सुनकर उसकी नींद खुली। बाहर पुलिसकर्मी मौजूद थे। जब वह कमरे में पहुंचा तो मां का शव कंबल से ढका हुआ था। बेटे ने बताया कि उसे जानकारी नहीं है कि रात या सुबह माता पिता के बीच कोई झगड़ा हुआ था या नहीं। घटना के बाद दोनों बच्चे गहरे सदमे में हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी इस घटना से टूट गए हैं।

    पुलिस पूछताछ में आनंद ने बिछिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उसके मुताबिक करवाचौथ की शाम मधु नई बिछिया लेकर आई थी। उसने पत्नी से कई बार पूछा कि बिछिया किसने दी हैं लेकिन मधु ने केवल इतना बताया कि किसी ने उपहार में दी हैं। आनंद को शक था कि ये बिछिया उसके बड़े भाई ने दी हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी को यह संदेह भी था कि पत्नी परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ मिलकर संपत्ति हड़पने की योजना बना रही है। उसे पत्नी के अन्य लोगों से बातचीत करने पर भी शक था। हालांकि परिजनों ने बताया कि मधु के पास मोबाइल फोन तक नहीं था। इन आरोपों और संदेहों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

    मधु की बेटी ने भी पिता के व्यवहार को लेकर गंभीर बातें बताई हैं। उसके मुताबिक पिता उसे पीटते थे और पढ़ाई करने से रोकते थे। इसी वजह से वह पिता के पास जाने से बचती थी और अपने ताऊ ताई के साथ रहती थी। घटना के बाद परिवार के दोनों बच्चे अपने बुजुर्ग दादा को संभालते दिखाई दिए। घर में पसरे मातम के बीच बच्चों को भी इस दुखद घटना का सामना करना पड़ रहा है।

    सिटी एसपी संदीप बांगरे के मुताबिक पुलिस को सुबह 112 पर कॉल मिला था। फोन करने वाले आनंद श्रीवास्तव ने अपनी पत्नी की हत्या करने की जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही मुरार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया मूसल भी जब्त किया है। आरोपी ने पूछताछ में पत्नी के प्रति नफरत होने की बात कही और हत्या पर पछतावा नहीं होने का दावा किया।

    पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बात भी सामने आई है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के जरिए मौत से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस अब पारिवारिक विवाद और घटना की परिस्थितियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी।

  • पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच

    पत्नी की मौत के बाद घर से निकला पति, सुबह पेड़ पर मिला शव, प्रेम विवाह करने वाले दंपती की मौत की जांच


    भोपाल । भोपाल के बरखेड़ा बोंदर इलाके में करवा चौथ के बाद पति पत्नी की मौत का मामला सामने आया है। 22 वर्षीय शिवानी और उसके 26 वर्षीय पति सूरज अहिरवार की मौत से परिवार में मातम छा गया। गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात पहले शिवानी का शव घर के बेडरूम में फंदे से लटका मिला। इसके कुछ घंटे बाद सूरज का शव घर से करीब 100 मीटर दूर एक पेड़ पर लटका हुआ मिला। दोनों ने वर्ष 2021 में प्रेम विवाह किया था। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के मुताबिक शिवानी ने करवा चौथ पर अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा था। रात में दोनों ने साथ बैठकर व्रत खोला और भोजन किया। इसके बाद सूरज रात करीब 11:30 बजे पत्नी को बिना बताए घर से बाहर चला गया। बताया जा रहा है कि शिवानी चाहती थी कि करवा चौथ के दिन उसका पति उसके साथ समय बिताए। सूरज के अचानक घर से चले जाने के कारण वह नाराज थी। हालांकि इस घटनाक्रम और दोनों की मौत के बीच संबंध को लेकर पुलिस जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार रात करीब 2:30 बजे सूरज घर लौटा तो बेडरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उसने कई बार आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उसने एक छेद से कमरे के अंदर झांककर देखा। वहां शिवानी का शव फंदे से लटका हुआ था। पत्नी को इस हालत में देखकर सूरज ने घर में मौजूद अपनी दादी को जानकारी दी। इसके बाद परिजनों की मदद से कमरे का दरवाजा खोला गया और शिवानी को नीचे उतारा गया। घटना की सूचना मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

    शिवानी की मौत के बाद सूरज भी किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन तत्काल उसका पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे घर से लगभग 100 मीटर दूर एक पेड़ पर सूरज का शव फंदे से लटका मिला। एक ही रात में पति और पत्नी की मौत की खबर से परिवार के लोग सदमे में आ गए। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद दोनों घटनाओं की जांच शुरू की गई।

    प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि शिवानी की मौत के बाद सूरज बेहद दुखी था। यह भी बताया गया कि घर से निकलते समय उसने कथित तौर पर शिवानी नहीं तो मैं भी नहीं जैसी बात कही थी। हालांकि पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसलिए मौत के पीछे की वास्तविक वजह और घटनाओं के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    जानकारी के मुताबिक सूरज गांव में खेती किसानी के साथ मजदूरी भी करता था। शिवानी और सूरज की शादी को करीब पांच साल हो चुके थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। खबरों में यह भी बताया गया है कि संतान नहीं होने को लेकर शिवानी परेशान रहती थी। पुलिस इस पहलू समेत पारिवारिक परिस्थितियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

    खजूरी थाना पुलिस ने दोनों मौतों के मामलों में मर्ग कायम किया है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। घटनास्थल की परिस्थितियों और सामने आए बयानों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल दोनों की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है और किसी एक वजह को अंतिम रूप से जिम्मेदार नहीं माना गया है।

  • मेट्रो यात्रियों को मिली टिकट की नई सुविधा, हर स्टेशन पर लगीं दो मशीनें; बोर्ड ऑफिस में आई खराबी

    मेट्रो यात्रियों को मिली टिकट की नई सुविधा, हर स्टेशन पर लगीं दो मशीनें; बोर्ड ऑफिस में आई खराबी


    भोपाल । भोपाल और इंदौर मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों के लिए टिकट लेने की प्रक्रिया अब पहले से आसान होने जा रही है। दोनों शहरों के मेट्रो स्टेशनों पर गुरुवार 30 अक्टूबर से टिकट वेंडिंग मशीन यानी TVM की सुविधा शुरू कर दी गई है। अब यात्रियों को टिकट के लिए काउंटर पर लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं होगी। वे स्टेशन पर लगी मशीन के जरिए खुद ही टिकट प्राप्त कर सकेंगे। मेट्रो कॉरपोरेशन का दावा है कि मशीन से टिकट लेने की पूरी प्रक्रिया में करीब 30 सेकंड का समय लगेगा। हालांकि सुविधा शुरू होने के पहले ही दिन भोपाल के बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन पर मशीन में तकनीकी खराबी सामने आ गई।

    बोर्ड ऑफिस स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन से टिकट निकालने की कोशिश के दौरान दो बार टिकट जनरेट नहीं हुआ। इसके बाद मशीन में आई खराबी को ठीक किया गया और मेंटेनेंस के बाद टिकट निकल सका। इस दौरान मौके पर मशीन के पास कोई मेट्रो कर्मचारी मौजूद नहीं था। यात्रियों ने जब मशीन चलाने में मदद मांगी तो कर्मचारी ने भी मशीन की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कही। बाद में तकनीकी सुधार के बाद मशीन से करीब 30 सेकंड में टिकट प्राप्त हो गया। शुरुआती दिन ही आई इस परेशानी के बाद मशीनों के रखरखाव और यात्रियों की सहायता के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता पर सवाल उठने लगे हैं।

    मेट्रो प्रबंधन ने भोपाल और इंदौर के सभी स्टेशनों पर दो-दो टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई हैं। भोपाल के छह स्टेशनों पर कुल 12 मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से यात्री अपनी जरूरत के अनुसार टिकट ले सकेंगे। खास बात यह है कि दृष्टिबाधित यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मशीनों में ब्रेल लिपि का प्रावधान भी किया गया है। इससे तकनीक के इस्तेमाल में उन्हें भी मदद मिल सकेगी।

    नई सुविधा शुरू होने के बाद अब भोपाल और इंदौर मेट्रो में टिकट लेने के तीन विकल्प उपलब्ध होंगे। यात्री MPMRCL मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेशन पर मौजूद टिकट काउंटर से टिकट लेने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। तीसरा विकल्प अब टिकट वेंडिंग मशीन का होगा। डिजिटल टिकटिंग व्यवस्था में यात्रियों को UPI QR कोड और ई-वॉलेट के माध्यम से कैशलेस भुगतान करने की सुविधा भी दी गई है।

    मेट्रो यात्रियों को टिकट पर प्रमोशनल डिस्काउंट का लाभ भी मिल रहा है। यह छूट 11 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इसके तहत सिंगल जर्नी टिकट पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त छूट दी जा रही है। रिटर्न जर्नी टिकट पर कुल 30 प्रतिशत और ग्रुप टिकट पर कुल 35 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। ग्रुप टिकट की सुविधा को भी आसान बनाया गया है। अब इसके लिए कम से कम दो यात्री ही पात्र होंगे।

    टिकट वेंडिंग मशीन शुरू होने से यात्रियों को टिकट लेने के लिए एक और विकल्प मिल गया है। इससे काउंटर पर भीड़ कम करने और टिकट प्रक्रिया को तेज बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि पहले ही दिन मशीन में आई खराबी ने यह भी दिखाया है कि नई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए नियमित तकनीकी निगरानी और यात्रियों को सही जानकारी देने वाले कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी होगी।

  • मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ता 60% हुआ, जनवरी से मिलेगा फायदा और तीन किस्तों में आएगा 9 महीने का एरियर

    मध्यप्रदेश में महंगाई भत्ता 60% हुआ, जनवरी से मिलेगा फायदा और तीन किस्तों में आएगा 9 महीने का एरियर


    भोपाल। मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राज्य सरकार ने राहत भरा फैसला लिया है। केंद्र सरकार के बाद अब मध्यप्रदेश सरकार ने भी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनर्स की महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 12 लाख कर्मचारी अधिकारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। वहीं जनवरी से सितंबर तक के 9 महीने के एरियर का भुगतान तीन बराबर मासिक किस्तों में किया जाएगा। कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते का नकद लाभ अक्टूबर के वेतन के साथ नवंबर में मिलने लगेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अक्टूबर महीने के वेतन का भुगतान नवंबर में किया जाएगा और इसी वेतन के साथ बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि भी नकद दी जाएगी। सरकार ने पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। पेंशनर्स के लिए यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू होगी। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

    इस बढ़ोतरी के बाद मध्यप्रदेश के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं पेंशनर्स की महंगाई राहत में भी 2 प्रतिशत का इजाफा होगा। हालांकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में मध्यप्रदेश के कर्मचारी अभी भी पीछे रहेंगे। केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर इसे 63 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद मध्यप्रदेश में भी बढ़ोतरी की मांग तेज हो गई थी। राज्य सरकार के नए फैसले के बावजूद प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी केंद्रीय कर्मचारियों से 3 प्रतिशत कम महंगाई भत्ता प्राप्त करेंगे।

    महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग को लेकर पेंशनर्स संगठनों की ओर से भी लगातार आवाज उठाई जा रही थी। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर लंबित महंगाई राहत जारी करने की मांग की थी। एसोसिएशन ने 1 जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत और 1 जुलाई 2026 से 3 प्रतिशत महंगाई राहत का भुगतान जल्द करने की मांग रखी थी। संगठन के मुताबिक कुल 5 प्रतिशत महंगाई राहत लंबित थी।

    एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने कहा कि महंगाई राहत पेंशनर्स के लिए बढ़ती कीमतों के असर को कम करने का महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। दवाइयों से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक लगातार बढ़ते खर्च के बीच पेंशनर्स को मिलने वाली राहत उनकी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

    सरकार के ताजा फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स को कुछ आर्थिक राहत जरूर मिलेगी। अब कर्मचारियों की नजर एरियर की तीन किस्तों के भुगतान और बढ़े हुए भत्ते के वेतन में शामिल होने पर रहेगी। वहीं केंद्र और राज्य के महंगाई भत्ते के बीच बना अंतर भी कर्मचारियों के लिए आगे मांग का विषय बना रह सकता है।

  • इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    इंदौर में 25 वर्षीय युवक ने दी जान, आखिरी वीडियो में पत्नी और ससुराल पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक 25 वर्षीय युवक की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। युवक ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं। वहां युवक फंदे पर लटका हुआ मिला। परिजन उसे तत्काल नजदीकी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे। इसके बाद उसे एमवाय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सबसे अहम बात यह सामने आई है कि युवक ने जान देने से पहले एक वीडियो बनाया था। इसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के कुछ लोगों पर मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगाए हैं।

    लसूड़िया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान रवि सोलंकी उम्र 25 वर्ष के रूप में हुई है। वह जगदीश सोलंकी का बेटा था और श्रीराम नगर में रहता था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रवि देर रात ऑटो लेकर घर पहुंचा था। घर आने के बाद वह ऊपर बने अपने कमरे में चला गया। परिवार के लोगों को उस समय किसी अनहोनी की आशंका नहीं हुई। रात करीब दो बजे जब उसकी चाची उसे खाना खाने के लिए बुलाने कमरे में पहुंचीं तो वह फंदे पर लटका मिला। इसके बाद घर में अफरा तफरी मच गई और परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

    परिवार के मुताबिक रवि की पत्नी करीब आठ दिन पहले विवाद के बाद अपने मायके बागली चली गई थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौट रही थी। पत्नी के घर छोड़कर जाने और वापस नहीं आने की बात को लेकर रवि परेशान चल रहा था। परिजनों ने बताया कि इस पारिवारिक विवाद का असर उसकी मानसिक स्थिति पर भी पड़ रहा था। हालांकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    मामले में सामने आए वीडियो ने जांच को एक नया पहलू दे दिया है। बताया गया है कि रवि ने आत्महत्या से पहले अपना वीडियो रिकॉर्ड किया था। इसमें उसने पत्नी के अलावा भोपाल में रहने वाले अपने साढ़ू भाई और ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में उसने इन लोगों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार भी बताया है। युवक के इन आरोपों के सामने आने के बाद पुलिस वीडियो की सामग्री और उसमें कही गई बातों की जांच कर रही है।

    पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रवि और उसकी पत्नी के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। पत्नी के मायके जाने के बाद दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी और युवक ने वीडियो में जिन लोगों का उल्लेख किया है उनकी इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही। इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल युवक की मौत के मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। वीडियो में लगाए गए आरोपों को जांच के बाद ही प्रमाणित माना जा सकेगा।

  • पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप

    पार्षद पति पर हमले के बाद गरमाया मामला, एक पक्ष ने मारपीट तो दूसरे ने पिस्टल दिखाने का लगाया आरोप


    इंदौर । इंदौर के ऊषागंज इलाके में एक पार्षद के पति के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया है। गीतांजलि अपार्टमेंट में हुई इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रॉपर्टी कारोबारी और पार्षद पति सुमित तलरेजा ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर आरोपी उनके घर पहुंचे और गाली गलौज करते हुए हमला करने की कोशिश की। इस दौरान घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया गया। गमले और अन्य सामान भी तोड़ दिए गए। वहीं दूसरे पक्ष ने भी सुमित तलरेजा पर पिस्टल दिखाकर डराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोपों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक सुमित तलरेजा अपनी पत्नी पंखुड़ी तलरेजा के साथ थाने पहुंचे और घटना की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को वे अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान उनका पुराना परिचित प्रशांत करौसिया अपने तीन साथियों अंशए सुमित खरे और विशाल बौरासी के साथ वहां पहुंच गया। आरोप है कि चारों पुराने विवाद के समझौते को लेकर उनसे बातचीत करने आए थे लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी और उनके साथ मारपीट करने के लिए आगे बढ़े।

    सुमित की शिकायत के अनुसार आरोपियों ने घर के बाहर लगा पार्षद का बोर्ड चाकू से फाड़ दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुमित खुद को बचाने के लिए मल्टी की दूसरी मंजिल पर स्थित अपने फ्लैट में चले गए। इसके बाद भी आरोपियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने फ्लैट के दरवाजे पर लात मारी और बाहर रखे गमलों को तोड़ना शुरू कर दिया। आरोप है कि वहां खड़ी गाड़ियों और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। इस दौरान सुमित की ओर गमला फेंकने और उन्हें तथा उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई है।

    घटना के दौरान सुमित और उनकी पत्नी ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। लोगों की मौजूदगी बढ़ने के बाद आरोपी वहां से भाग निकले। इसके बाद दंपति ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    हालांकि इस घटना में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष का आरोप है कि विवाद की शुरुआत सुमित तलरेजा ने की थी और उन्होंने पिस्टल दिखाकर डराने की कोशिश की थी। इस आरोप के सामने आने के बाद मामला और पेचीदा हो गया है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और उनके आरोपों की जांच कर रही है। घटना के पीछे पुराने विवाद और समझौते को लेकर हुई कहासुनी को अहम वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद किस बात से शुरू हुआ और घटना के दौरान किस पक्ष की क्या भूमिका रही।

  • अनुकंपा नियुक्ति के बाद रिश्वत का आरोप, लोकायुक्त के शिकंजे में आए उपयंत्री पर निगम करेगा कार्रवाई

    अनुकंपा नियुक्ति के बाद रिश्वत का आरोप, लोकायुक्त के शिकंजे में आए उपयंत्री पर निगम करेगा कार्रवाई


    इंदौर । इंदौर नगर निगम में रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त पुलिस के हाथों पकड़े गए उपयंत्री हर्ष गहलोत की मुश्किलें अब और बढ़ सकतीI हैं। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन ने भी उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के स्तर पर उसे फील्ड से हटाने को लेकर जल्द निर्णय लिया जा सकता है। हर्ष गहलोत को बुधवार को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया था। आरोप है कि उसने टैंकर के बिल का भुगतान कराने के लिए लॉग बुक का सत्यापन करने के बदले रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।

    लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक इस मामले में शिकायतकर्ता सोहेल पटेल नायता मुंडला क्षेत्र का निवासी है और पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करता है। उसके टैंकर नगर निगम के काम में लगाए जाते हैं। टैंकरों के बिल का भुगतान कराने के लिए लॉग बुक का सत्यापन जरूरी था। इसी सिलसिले में वह जोन कार्यालय पहुंचा था। आरोप है कि उपयंत्री हर्ष गहलोत ने लॉग बुक का सत्यापन करने के बदले उससे 6 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बातचीत के बाद दोनों के बीच 5 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद सोहेल ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की। शिकायत की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया के बाद बुधवार को जैसे ही हर्ष ने तय रकम ली लोकायुक्त की टीम ने उसे पकड़ लिया।

    इस कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन भी मामले को गंभीरता से देख रहा है। निगम के अधिकारी उपयंत्री के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। उसे फील्ड की जिम्मेदारी से हटाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय होना बाकी है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब विभागीय जांच और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी नजर रहेगी।

    बताया जाता है कि हर्ष गहलोत को पिता की मौत के बाद नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। बाद में कमिश्नर के आदेश पर उसे उपयंत्री के पद पर पदस्थ किया गया। वह जोन 13 में सहायक यंत्री प्रदीप के अधीन काम कर रहा था। नौकरी मिलने के बाद उसने निगम के अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी संभाली थी। हाल ही में उसका तबादला कर उसे जोन 13 में पदस्थ किया गया था।

    हर्ष की पिछली पदस्थापना वार्ड 75 में थी। यहां एक पार्षद के साथ उसका विवाद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसका तबादला वार्ड 74 के अंतर्गत आने वाले जोन 13 में कर दिया गया था। अब इसी जोन में रिश्वत लेने के आरोप में लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद उसका नाम फिर चर्चा में है।

    शिकायतकर्ता सोहेल पटेल अपने टैंकरों के भुगतान से जुड़ी लॉग बुक का सत्यापन कराने के लिए लंबे समय से जोन कार्यालय के चक्कर लगा रहा था। इसी काम के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि उसे फील्ड से हटाया जाता है तो यह लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद निगम स्तर पर उठाया गया पहला बड़ा कदम होगा।