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  • भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद

    भारत के इस दक्षिणी राज्य में खत्म हुआ तेल का स्टॉक … 400 से ज्यादा पेट्रोल पंप बंद


    विजयवाड़ा।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ी जंग की वजह से दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर संशय की स्थिति पैदा हो गई है। इसका असर अब भारत (India) में भी दिखने लगा है। दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश (Southern State Andhra Pradesh) के कई पेट्रोल पंपों (Petrol pumps) पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो जाने की खबर फैलने और लोगों की भारी भीड़ उमड़ने के बाद, रविवार को अलग-अलग जिलों में 400 से ज्यादा पंप बंद कर दिए गए हैं। वहीं इन पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने की सूचना दी जाने के बाद लोगों ने दूसरे पंपों पर धावा बोल दिया, जहां लंबी लाइनें देखी जा रही हैं।

    आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य में 4,510 पेट्रोल पंप हैं, जिनमें से 421 पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टॉक खत्म हो गया। वहीं अधिकांश पेट्रोल पंप दोपहिया वाहनों को सिर्फ 2 लीटर और कारों को 10 लीटर पेट्रोल ही बेच रहे हैं। आंध्र प्रदेश पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण ने बताया कि कई पेट्रोल पंपों पर डीजल की भारी कमी है। उन्होंने कहा कि औसतन वे 7000 लीटर से अधिक डीजल बेचते हैं, लेकिन अब घबराहट में हो रही खरीदारी के कारण 14,000 लीटर से अधिक डीजल बिक रहा है।


    कई जगहों पर कमी की खबरें

    पेट्रोल और डीजल की कमी ने विजयवाड़ा, गुंटूर, राजमुंद्री, कुरनूल और नेल्लोर सहित कई शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई जगह पर पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा स्टॉक खत्म होने के बोर्ड लगाने पर वाहन चालकों और पेट्रोल पंप कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। प्रसिद्ध पहाड़ी तीर्थ तिरुमाला में भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई। यहां दो पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया था। पेट्रोल भरवाने के लिए लाइन में खड़े कुछ लोगों ने मीडिया को बताया कि वे अपनी बाइकों में पेट्रोल भरवाने के लिए कई घंटे से इंतजार कर रहे हैं।


    क्यों बंद करने पड़े पंप?

    सूत्रों ने बताया कि वीकेंड पर, सोशल मीडिया पर कई ऐसी पोस्ट्स वायरल होने लगीं जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान अमेरिका युद्ध अभी और बढ़ने वाला है और ईंधन की कमी हो जाएगी। इसके कारण लोग घबराकर खरीदारी करने लगे। अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर हजारों लोग पेट्रोल पंपों के बाहर खड़े हो गए और जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगे जिसकी वजह से कमी हो गई। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने भी एक बयान में बताया कि रविवार दोपहर तक जो ज्यादातर आउटलेट्स बंद हुए, वे स्टॉक खत्म होने के कारण नहीं, बल्कि पैनिक में की जा रही खरीदारी को रोकने के लिए बंद किए गए थे।


    CM ने मांगी रिपोर्ट

    इस बीच, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister Chandrababu Naidu.) ने एक्शन लिया है। उन्होंने जिला कलेक्टरों को तेल की कमी की समस्या से निपटने के लिए तुरंत एक कार्य योजना लागू करने और समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों द्वारा उठाए गए कदमों पर सोमवार शाम तक रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव जी साई प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस भी की। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि शनिवार को डीलरों को 10,345 किलो लीटर पेट्रोल और 14,156 किलो लीटर डीजल की आपूर्ति की गई, लेकिन घबराहट में खरीदारी के कारण कई आउटलेट्स पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

    होर्मुज में नाकेबंदी
    गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई जंग के बाद से ही दुनिया के सबसे प्रमुख जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही प्रभावी रूप से बंद हो गई है। जंग खत्म होने से वैश्विक तेल व्यापार का 20 फीसदी हिस्सा यहां से होकर गुजरता था। यह इसीलिए अहम है क्योंकि भारत भी अपनी जरूरतों का 85 फीसदी से अधिक हिस्सा आयात करता है और इनमें से ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर ही भारत पहुंचता है। अब इस रास्ते के बंद होने के बाद ऊर्जा संकट बढ़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार ने कहा है कि भारत अपने आयात विकल्पों को बढ़ा रहा है और देश में ईंधन की कोई कमी फिलहाल नहीं है।

  • पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….

    पश्चिम बंगाल में गरजे मोदी, घुसपैठियों को दी चेतावनी…… बोले- दूसरे फेज से पहले देश छोड़ दो वरना….


    कोलकाता।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने रविवार को पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दूसरे चरण के मतदान से पहले घुसपैठियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि मैं घुसपैठियों को चेतावनी देता हूं कि वे बंगाल चुनाव के दूसरे चरण से पहले देश को छोड़ दें, वरना परिणाम आने के बाद उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव के पहले चरण में तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) का अहंकार चकनाचूर हो गया, दूसरे चरण में भाजपा की जीत सुनिश्चित होगी।

    पीएम मोदी ने चुनावी रैली में कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के शासन में छोटे से छोटा नेता और गुंडे भी खुद को सरकार समझते हैं। भाजपा को वोट दीजिए, मैं आपको तृणमूल कांग्रेस के ‘महा जंगलराज’ से मुक्ति दिलाऊंगा। तृणमूल कांग्रेस की ‘निर्मम सरकार’ बंगाल की महिलाओं पर अत्याचार करने वाले गुंडों के साथ खड़ी है। अब यह कहने का समय आ गया है कि इसे और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”संदेशखलि के पीड़ित एवं आर जी कर अस्पताल की पीड़िता की मां को चुनाव में टिकट देने के फैसले में बंगाल की महिलाओं के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता झलकती है। बंगाल की नई भाजपा सरकार महिलाओं के साथ बलात्कार और उन्हें प्रताड़ित करने वाले बदमाशों को चार मई के बाद न्याय के कठघरे में लाएगी।” वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि मैं मतुआ नामशुद्र समुदाय के सदस्यों के समक्ष यह प्रतिज्ञा करता हूं कि उन्हें सीएए के माध्यम से नागरिकता प्राप्त होगी।

    इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य सचिवालय से नहीं बल्कि पार्टी द्वारा संरक्षित गुंडों और अपराधियों द्वारा चलाई जा रही है। चुनाव प्रचार समाप्त होने से एक दिन पहले, हुगली जिले के आरामबाग में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार चलाने के लिए टीएमसी की ”असामाजिक तत्वों पर निर्भरता” के कारण अक्सर कलकत्ता उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा है। मोदी ने कहा, ”टीएमसी की ‘निर्मम सरकार’ नबान्न (राज्य सचिवालय) से नहीं चलती। इसे गुंडे और अपराधी चलाते हैं, और सरकार को पटरी पर लाने के लिए उच्च न्यायालय और देश की शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता पड़ी है।”

    उन्होंने वादा किया कि राज्य में भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट बैठक में केंद्र की प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के कार्यान्वयन को मंजूरी दी जाएगी। ममता बनर्जी प्रशासन की विश्वसनीयता ”पूरी तरह से खत्म” होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि केवल भाजपा ही ऐसी सरकार बना सकती है जो राज्य के लोगों को न्याय और सुरक्षा प्रदान करेगी। राज्य के आलू किसानों की ”दुर्दशा” के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि टीएमसी सरकार से जुड़ा ‘सिंडिकेट राज’ उपज को कम दाम पर खरीदकर कहीं और ऊंचे दाम पर बेचता है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसक अपराध अपने चरम पर पहुंच गए। उन्होंने सत्ताधारी पार्टी पर ”अपराधियों को संरक्षण देने” का आरोप लगाया, जिसके चलते अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।

  • कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा- ट्रंप पर गोली चलनी ही थी, भारत में भी जनता का मूड ऐसा है

    कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा- ट्रंप पर गोली चलनी ही थी, भारत में भी जनता का मूड ऐसा है


    नई दिल्‍ली । अमेरिका में वाइट हाउस संवाददाताओं (WHCA) के वार्षिक रात्रिभोज कार्यक्रम में गोलीबारी की चर्चाएं दुनियाभर में हैं। इधर, भारत में कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने विवादित बयान दे दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर गोलियां चलनी ही थीं। साथ ही कहा है कि भारत में भी लोगों की यही भावना है। हमले में ट्रंप सुरक्षित हैं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वडेट्टीवार ने कहा, ‘ट्रंप दुनिया में दबदबना बनाना चाहते थे और दूसरे देशों को अस्थिर करना चाहते थे। जैसी करनी वैसी भरनी…। चूंकि चीजें ऐसी नहीं हुईं, जैसी उन्होंने उम्मीद की थी तो ये होना ही था।’ उन्होंने कहा कि भारत में भी जनता का मूड कुछ अलग नहीं है। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘चूंकि यहां लोग बाहर नहीं आ रहे हैं, तो भ्रम बना हुआ है कि सब ठीक है। लेकिन लोगों की भावना वैसी ही है कि भारत को तबाह किया जा रहा है।’

    कांग्रेस विधायक ने घटना की निंदा की। उन्होंने कहा, ‘इतने उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था, लेकिन जनता की प्रतिक्रिया आमतौर पर दिखाती है कि नेतृत्व कैसा है।’

    वाइट हाउस में गोलीबारी
    यह घटना शनिवार रात करीब 8:34 बजे की है, जब मेहमानों को रात्रिभोज परोसा जा रहा था। उस समय राष्ट्रपति ट्रंप, एसोसिएशन की अध्यक्ष वेइजिया जियांग और ‘मेंटलिस्ट’ ओज पर्लमैन के साथ बातचीत करते नजर आ रहे थे। पर्लमैन वॉशिंगटन हिल्टन में आयोजित इस मुख्य कार्यक्रम में अपना शो पेश करने वाले थे। खुफिया सेवा के अधिकारियों और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने राष्ट्रपति, प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और द्वितीय महिला उषा वेंस को सुरक्षा घेरा बना कक्ष से बाहर ले गए।

    कुछ घंटों बाद, ट्रंप ने वाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और घोषणा की कि सुरक्षाकर्मियों ने कैलिफोर्निया के एक व्यक्ति को पकड़ लिया है। ट्रंप ने रविवार को कहा कि रात्रिभोज में हथियारों के साथ घुसने की कोशिश करने वाला आरोपी प्रशासन के अधिकारियों को निशाना बनाना चाहता था और उसके परिवार ने पहले ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समक्ष इसे लेकर चिंता जताई थी।

    हमलावर की हुई पहचान
    अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध की पहचान कैलिफोर्निया निवासी 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे सोमवार को अमेरिका के न्याय विभाग की ओर से आपराधिक आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। न्याय विभाग के कार्यवाहक प्रमुख टोड ब्लैंच ने बताया कि आरोपी ट्रेन से कैलिफोर्निया से वाशिंगटन आया था और कार्यक्रम से कुछ दिन पहले ही उस होटल में ठहरा था, जहां यह समारोह आयोजित किया गया था।

  • यूपी : मुरादाबाद में चेतावनी वाले पोस्टरों से बढ़ा विवाद: ‘हिंदू सोसाइटी’ की अपील ने छेड़ी नई बहस

    यूपी : मुरादाबाद में चेतावनी वाले पोस्टरों से बढ़ा विवाद: ‘हिंदू सोसाइटी’ की अपील ने छेड़ी नई बहस


    मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के लाजपत नगर स्थित श्रीराम सोसाइटी में घरों के बाहर लगाए गए ‘हिंदू सनातनी सोसाइटी’ लिखे पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। साथ ही, दो साल पहले शिव मंदिर वाली गली में लगे पलायन संबंधी पोस्टरों की घटना भी एक बार फिर लोगों को याद आ रही है।

    इस पूरे विवाद की वजह सोसाइटी में कुछ मकानों की खरीद-फरोख्त बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग अपने घर बेचना चाहते हैं और इन मकानों को खरीदने के लिए एक विशेष समुदाय के खरीदारों ने अधिक कीमत की पेशकश की है, जबकि अन्य खरीदार कम दाम दे रहे हैं। इसी स्थिति को लेकर सोसाइटी के कुछ निवासियों में यह आशंका पैदा हुई है कि नए समुदाय के आने से इलाके की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना बदल सकती है।

    विरोध का यह तरीका शनिवार को कुछ घरों से शुरू हुआ, जो रविवार तक बढ़कर 25 से ज्यादा घरों तक पहुंच गया। भगवान राम की तस्वीर वाले इन पोस्टरों में लिखा है कि यह क्षेत्र “पूर्णतः हिंदू सनातनी सोसाइटी” है और अन्य पक्ष के लोग यहां मकान न लें।

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कटघर थाना पुलिस को मौके पर भेजकर लोगों से बातचीत करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्टरों में सीधे किसी धर्म का नाम नहीं लिया गया है और ‘दूसरे पक्ष’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह मामला कानूनी दृष्टि से जटिल हो जाता है। फिलहाल, क्षेत्र में माहौल संवेदनशील जरूर है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

  • अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    अमित शाह का बड़ा ऐलान: सत्ता में आते ही खत्म करेंगे टीएमसी का सिंडिकेट सिस्टम

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली, जब एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की मौजूदा सरकार और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए। अपने संबोधन में उन्होंने दावा किया कि राज्य में जनता अब बदलाव चाहती है और मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनता जा रहा है।

    अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद राजनीतिक स्थिति तेजी से बदल रही है और विपक्ष को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। उनके अनुसार कई क्षेत्रों में जनता ने मौजूदा सरकार के खिलाफ मतदान किया है, जो आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की जनता अब एक नई दिशा और नई सरकार चाहती है।

    अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विशेष रूप से टीएमसी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में एक प्रकार की सिंडिकेट व्यवस्था सक्रिय है, जो प्रशासन और विकास कार्यों को प्रभावित कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में भाजपा को सत्ता मिलती है, तो इस तरह की व्यवस्थाओं को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा और पारदर्शी शासन स्थापित किया जाएगा।

    अमित शाह ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाएगी। उनके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था को बेहतर बनाना और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण पाना प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद राज्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    अपने भाषण में उन्होंने महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बनने पर महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी और युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी योजनाएं लागू की जाएंगी, जिससे राज्य में आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके।

    किसानों की स्थिति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर भी गंभीर चुनौतियां मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है और बाजार व्यवस्था में असंतुलन की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नई सरकार बनने पर किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और उनकी आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

    इसके अलावा उन्होंने राज्य में अधूरे विकास कार्यों का भी उल्लेख किया और कहा कि कई परियोजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने वादा किया कि यदि भाजपा को अवसर मिलता है, तो इन लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा ताकि जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

    पूरे भाषण में अमित शाह ने मौजूदा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य में एक नए प्रशासनिक मॉडल की जरूरत है, जो पारदर्शिता, विकास और सुशासन पर आधारित हो। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है और आने वाले चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है।

  • टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    टेकऑफ के दौरान तकनीकी गड़बड़ी से मचा हड़कंप, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी घोषित, सभी यात्री सुरक्षित

    नई दिल्ली। दिल्ली एयरपोर्ट पर रविवार को एक गंभीर विमान हादसा टल गया, जब एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान टेकऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी का शिकार हो गई। उड़ान भरने की तैयारी कर रहे विमान में अचानक गड़बड़ी के संकेत मिले, जिसके बाद चालक दल ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए बड़ा निर्णय लिया और उड़ान को रोक दिया। इस दौरान विमान के एक हिस्से से धुआं उठता देखा गया, जिससे मौके पर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई।

    जानकारी के मुताबिक, विमान रनवे पर था और टेकऑफ की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, तभी इंजन में समस्या सामने आई। इसी बीच विमान के बाएं हिस्से से धुआं निकलने लगा, जबकि दूसरे हिस्से में भी असामान्य स्थिति महसूस की गई। हालात को गंभीर देखते हुए तुरंत आपातकाल घोषित किया गया और विमान को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    विमान में सवार सभी 232 यात्रियों और 13 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। एयरपोर्ट स्टाफ और आपातकालीन टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इमरजेंसी स्लाइड्स के जरिए सभी को बाहर निकाला। इस दौरान कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा।

    घटना के चलते संबंधित रनवे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा, जिससे उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा। लेकिन सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रबंधन की सतर्कता के कारण स्थिति को जल्द ही नियंत्रण में ले लिया गया और अन्य व्यवस्थाएं धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं।

    प्रारंभिक तौर पर इस घटना के पीछे तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसमें विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि इंजन में समस्या कैसे उत्पन्न हुई। इसके साथ ही विमान की पूरी तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    इस घटना ने एक बार फिर हवाई यात्रा के दौरान सुरक्षा उपायों और त्वरित कार्रवाई की अहमियत को उजागर किया है। समय पर लिए गए फैसलों और बेहतर समन्वय की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई।

  • गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ

    गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की उन प्रतिभाशाली छात्राओं की खुलकर प्रशंसा की, जिन्होंने फ्रांस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह भारत की युवा पीढ़ी की क्षमता और मेहनत को दर्शाता है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन गणितीय प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जहां प्रतिभागियों को सीमित समय में बेहद जटिल समस्याओं को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दबाव भरे माहौल में भी भारत की बेटियों ने आत्मविश्वास और धैर्य के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया, जो सराहनीय है।

    उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का उल्लेख किया जिन्होंने इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मुंबई की श्रेया मुंदड़ा, तिरुवनंतपुरम की संजना चाको, चेन्नई की शिवानी भरत कुमार और कोलकाता की श्रीमोई बेरा शामिल रहीं। इन छात्राओं ने मिलकर भारत को दुनिया में छठा स्थान दिलाया। वहीं व्यक्तिगत प्रदर्शन में श्रेया ने स्वर्ण पदक, संजना ने रजत और शिवानी ने कांस्य पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस ओलंपियाड के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और कई चरणों वाली होती है। छात्रों को पहले क्षेत्रीय स्तर, फिर राज्य स्तर और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद चुनी गई प्रतिभागियों को एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाता है, जहां उनकी क्षमता को और निखारा जाता है और अंतिम टीम का चयन किया जाता है।

    उन्होंने यह भी बताया कि हर साल लाखों छात्राएं इस गणित ओलंपियाड प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं और समय के साथ यह संख्या लगातार बढ़ रही है। यह इस बात का संकेत है कि देश की बेटियों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

    अंत में प्रधानमंत्री ने इन छात्राओं के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों की भी सराहना की, जिन्होंने इस सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारत को शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में और मजबूत करेगी।

  • ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    ग्रोक के जवाब ने बढ़ाई सियासी बहस, विकास और वंशवाद पर नई बहस शुरू..

    नई दिल्ली। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक एआई चैटबॉट की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को एक नया मोड़ दे दिया है। एक काल्पनिक प्रश्न के जवाब में दिए गए इस उत्तर ने इंटरनेट पर तेजी से ध्यान खींचा और कुछ ही समय में यह बातचीत व्यापक रूप से वायरल हो गई। इस संवाद में एआई से भारत के राजनीतिक नेतृत्व को लेकर एक राय पूछी गई थी, जिसके जवाब ने लोगों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया।

    एआई ने अपने उत्तर में यह स्पष्ट किया कि वह किसी भी प्रकार से मतदान करने या नागरिक होने की क्षमता नहीं रखता, लेकिन यदि काल्पनिक रूप से देखा जाए तो वह निर्णय विकास आधारित आंकड़ों और शासन के परिणामों के आधार पर लेगा। इसके बाद उसने अपने विश्लेषण में बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और आर्थिक प्रगति जैसे पहलुओं का उल्लेख किया, जिन्हें शासन की सफलता के प्रमुख मानक के रूप में बताया गया।

    इस उत्तर में यह विचार भी सामने आया कि किसी भी सरकार का मूल्यांकन केवल राजनीतिक संरचनाओं या परंपराओं के आधार पर नहीं, बल्कि ठोस विकास परिणामों के आधार पर होना चाहिए। इसी संदर्भ में एआई की टिप्पणी में यह धारणा उभरी कि आंकड़ों और वास्तविक प्रगति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसने बहस को और अधिक तेज कर दिया।

    जैसे ही यह बातचीत सार्वजनिक हुई, सोशल मीडिया पर इसे लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने इसे एआई की विश्लेषण क्षमता का उदाहरण बताया, जबकि कुछ ने इसे डिजिटल युग में बदलती राजनीतिक चर्चाओं का संकेत माना। विशेष रूप से “वंशवाद से ऊपर आंकड़े” जैसी पंक्ति ने लोगों का ध्यान सबसे अधिक आकर्षित किया और यह विचार विभिन्न मंचों पर तेजी से फैल गया।

    यह एआई सिस्टम वास्तविक समय में उपलब्ध सार्वजनिक डेटा और ऑनलाइन चर्चाओं का विश्लेषण करके उत्तर तैयार करता है। इसकी खासियत यह है कि यह स्थिर जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय मौजूदा ट्रेंड और चर्चाओं के आधार पर प्रतिक्रियाएं उत्पन्न करता है, जिससे इसके उत्तर अधिक ताजगी और संदर्भ के साथ सामने आते हैं।

    हालांकि इस तरह के एआई मॉडल को लेकर अलग-अलग मत भी सामने आते हैं। कुछ विशेषज्ञ इसे सूचना को समझने और सरल बनाने का एक प्रभावी माध्यम मानते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि सोशल मीडिया पर मौजूद अधूरी या पक्षपाती जानकारी इसके उत्तरों को प्रभावित कर सकती है।

  • भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक प्रगति और सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के महत्व पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में विज्ञान हमेशा एक मजबूत आधार रहा है और देश के वैज्ञानिक इसी सोच के साथ लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम ने भारत के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि से जुड़े लोगों के साथ-साथ तकनीकी नवाचार करने वालों तक भी पहुंच रहा है, जिससे देश में विकास की गति और मजबूत हुई है।

    प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु के कलपक्कम में हासिल की गई वैज्ञानिक उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाता है। यह वह अवस्था होती है जब रिएक्टर अपने आप ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को स्थिर रूप से शुरू कर देता है।

    उन्होंने आगे बताया कि ब्रीडर रिएक्टर की विशेषता यह है कि यह न केवल ऊर्जा उत्पन्न करता है, बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक ईंधन भी तैयार करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है और आने वाले समय में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मार्च 2024 के उस अनुभव को भी याद किया, जब वे कलपक्कम में रिएक्टर की कोर लोडिंग प्रक्रिया के साक्षी बने थे। उन्होंने इसे देश की वैज्ञानिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण बताया।

    अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को बधाई दी, जिन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में लगातार मदद करेंगे।

  • यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार

    यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में किया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे देश के सबसे बड़े सड़क मार्गों में से एक माना जा रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

    करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी, जिसे तेजी से पूरा करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम कराया गया। पूरे एक्सप्रेस-वे को चार बड़े पैकेज में विभाजित किया गया, जिससे निर्माण कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ सका और समय पर पूरा किया जा सका।

    इस पूरी परियोजना में आधुनिक तकनीक और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है। निर्माण प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जा सकें। चारों हिस्सों में अलग-अलग लंबाई और लागत के पैकेज शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक भाग अपने आप में एक बड़ा निर्माण कार्य रहा है।

    गंगा एक्सप्रेस-वे को केवल एक सड़क परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। इसके किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों की योजना बनाई गई है, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

    यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत भी घटेगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने का अवसर मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क और तेज कनेक्टिविटी से राज्य में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास का एक बड़ा आधार साबित हो सकती है।