Category: National

  • भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी से निवेश और तकनीक के नए रास्ते खुलने की संभावना, एशिया में बढ़ी हलचल

    भारत और दक्षिण कोरिया की साझेदारी से निवेश और तकनीक के नए रास्ते खुलने की संभावना, एशिया में बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का भारत आगमन एशिया की बदलती राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है। रविवार को उनका विशेष प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के लिए प्रस्थान हुआ और सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी उच्च स्तरीय शिखर वार्ता प्रस्तावित है। इस बैठक को दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला अवसर माना जा रहा है, जहां व्यापार, तकनीक, रक्षा और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।

    वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है, जिसका प्रभाव दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर देखा जा रहा है। ऐसे में भारत और दक्षिण कोरिया के बीच सहयोग को ऊर्जा स्थिरता और वैकल्पिक आपूर्ति नेटवर्क विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देश मिलकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को अधिक सुरक्षित और संतुलित बनाने की कोशिशों पर जोर दे सकते हैं।

    भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं और अब यह साझेदारी केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहकर रणनीतिक सहयोग के व्यापक दायरे में प्रवेश कर चुकी है। विशेष रूप से शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की रुचि बढ़ी है। इन क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग और निवेश को लेकर नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती प्रदान करेंगी।

    इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत में कार्यरत कोरियाई कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात कर सकते हैं। भारत वर्तमान में दक्षिण कोरियाई कंपनियों के लिए एक प्रमुख उत्पादन केंद्र और विशाल उपभोक्ता बाजार के रूप में तेजी से उभर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में कोरियाई निवेश पहले से ही मजबूत स्थिति में है और आने वाले समय में इसमें और विस्तार की संभावना है। इस साझेदारी से भारत में रोजगार सृजन और तकनीकी हस्तांतरण को भी गति मिल सकती है।

    शिखर वार्ता के बाद दोनों देश ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की अनिश्चितताओं को कम करने के लिए साझा रणनीति पर विचार कर सकते हैं। इसके साथ ही महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों की उपलब्धता और उनके प्रसंस्करण में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा आगे बढ़ने की उम्मीद है। यह पहल वैश्विक स्तर पर औद्योगिक उत्पादन और तकनीकी विकास को नई मजबूती दे सकती है।

    इसके बाद राष्ट्रपति ली जे म्युंग का वियतनाम दौरा भी प्रस्तावित है जहां वे नई सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ऊर्जा सहयोग, व्यापार विस्तार और आवश्यक खनिजों की आपूर्ति जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे। दक्षिण कोरिया अपनी विदेश नीति के तहत तेजी से उभरती एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के साथ साझेदारी को गहरा करने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास दोनों को बढ़ावा मिल सके।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ने संसद में राजनीतिक तापमान बढ़ाया, विपक्ष एकजुट

    मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ने संसद में राजनीतिक तापमान बढ़ाया, विपक्ष एकजुट


    नई दिल्ली। संसद के मौजूदा सत्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गरमाता जा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक संयुक्त रणनीति के तहत नए रिमूवल नोटिस की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके सहित INDIA गठबंधन के प्रमुख दल इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि हाल के समय में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठे हैं और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में सामने आई शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है।

    विपक्षी दलों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार की पक्षपात की आशंका लोकतंत्र की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर विपक्ष संसद में इस विषय को औपचारिक रूप से उठाने की तैयारी कर रहा है ताकि आयोग की भूमिका और कार्यशैली पर व्यापक चर्चा हो सके। विपक्षी नेताओं का तर्क है कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि संस्थागत पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ा हुआ है।

    संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया अत्यंत सख्त और जटिल मानी जाती है। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव लाना आवश्यक होता है और उसे पारित करने के लिए विशेष बहुमत की जरूरत होती है। विपक्ष इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए अपने सांसदों का समर्थन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम का उद्देश्य केवल हटाने की प्रक्रिया शुरू करना नहीं बल्कि सरकार और आयोग पर नैतिक और राजनीतिक दबाव बनाना भी हो सकता है।

    सरकारी पक्ष की ओर से इस मुद्दे पर अब तक संयमित रुख अपनाया गया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि संवैधानिक संस्थाओं पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाने से पहले ठोस और प्रमाणित आधार होना चाहिए। वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक निगरानी और जवाबदेही का हिस्सा बताते हुए संसद के भीतर और बाहर दोनों स्तरों पर इस मुद्दे को उठाने की तैयारी में है।

    राजनीतिक माहौल में यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब देश में आगामी चुनावी गतिविधियों की तैयारियां भी तेज हैं। ऐसे में चुनाव आयोग की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। विपक्ष का मानना है कि यदि संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कमजोर होता है तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। यही कारण है कि यह मुद्दा अब संसद में एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता जा रहा है।

  • पहलगाम में हाईटेक सुरक्षा: अब ‘QR कोड’ से होगी पहचान

    पहलगाम में हाईटेक सुरक्षा: अब ‘QR कोड’ से होगी पहचान

    नई दिल्ली। पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले साल हुए आतंकी हमले के बाद अब यहां पारंपरिक आईकार्ड की जगह QR कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू की जा रही है।

    इस नई व्यवस्था के तहत टैक्सी ड्राइवर, पोनी हैंडलर, गाइड, दुकानदार और घुमंतू कामगारों को QR कोड दिया जा रहा है, जिसे उन्हें आईकार्ड की तरह पहनना होगा। इस कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही व्यक्ति की पूरी जानकारी तुरंत सामने आ जाएगी।

    स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

    QR कोड स्कैन करने पर संबंधित व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पिन कोड और पेशे जैसी अहम जानकारी मिल जाएगी। इसे Google Lens जैसे सामान्य ऐप से भी आसानी से स्कैन किया जा सकता है।

    आतंकी हमले के बाद लिया गया फैसला

    गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके में निगरानी बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने के लिए तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया।

    बड़े स्तर पर पहचान अभियान

    स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह देश का सबसे बड़ा पहचान अभियान माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य करीब 25 हजार लोगों को एक सिस्टम से जोड़ना है। अब तक लगभग 7 हजार लोगों को QR कोड जारी किए जा चुके हैं।

    इस प्रक्रिया में पहले आवेदनकर्ता को वेरिफिकेशन फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद पुलिस उसका बैकग्राउंड चेक करती है। पूरी जांच के बाद ही QR कोड जारी किया जाता है। जिन लोगों का आपराधिक रिकॉर्ड होता है, उन्हें यह सुविधा नहीं दी जाती।

    ‘खिदमत’ सेंटर से जारी हो रहे कोड

    यह QR कोड स्थानीय ‘खिदमत’ सेवा केंद्रों के जरिए बनाए जा रहे हैं। पर्यटन के लिहाज से अहम 17–18 प्रमुख स्थानों पर रहने और काम करने वाले लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है।

    पर्यटक भी कर सकेंगे स्कैन

    इस सिस्टम की खास बात यह है कि सिर्फ सुरक्षाबल ही नहीं, बल्कि पर्यटक भी QR कोड स्कैन कर सकते हैं, जिससे वे सेवाएं देने वाले व्यक्ति की पहचान आसानी से सत्यापित कर सकें।

    पहले उठे थे सवाल

    आतंकी हमलों के बाद कुछ स्थानीय लोगों पर भी संदिग्ध भूमिका के आरोप लगे थे।

    पुलिस ने करीब 20 पोनी हैंडलर, गाइड और दुकानदारों से पूछताछ की थी, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने वेरिफिकेशन सिस्टम में खामियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए अब QR कोड जैसी डिजिटल व्यवस्था अपनाई गई है।

    हजारों लोग जुड़े इस सिस्टम से

    पहलगाम में करीब 3500 पोनी सर्विस से जुड़े लोग हैं, इसके अलावा बड़ी संख्या में गाइड, फोटोग्राफर और छोटे व्यापारी भी काम करते हैं। अब इन सभी को एक डिजिटल पहचान के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है।

    कुल मिलाकर, पहलगाम में यह नई व्यवस्था सुरक्षा के साथ-साथ पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

  • राम मंदिर और संसद भवन को निशाना बनाने की साजिश नाकाम, दिग्ध गिरफ्तार

    राम मंदिर और संसद भवन को निशाना बनाने की साजिश नाकाम, दिग्ध गिरफ्तार

    नई दिल्ली। देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए चार कट्टरपंथी संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की इस कार्रवाई में महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से जुड़े इन आरोपियों के तार सामने आए हैं।
    जांच में खुलासा हुआ है कि ये लोग देश में कथित ‘खिलाफत’ और ‘गजवा-ए-हिंद’ के नाम पर आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहे थे।

    बड़े ठिकाने थे निशाने पर

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के निशाने पर राम मंदिर अयोध्या, संसद भवन और कई सैन्य प्रतिष्ठान थे। इनके पास से आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी बरामद की गई है।

    दिल्ली में की थी रेकी

    जांच में सामने आया है कि एक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए ग्रुप बनाकर कट्टर विचारधारा से जुड़ी चर्चाएं करता था। इसी प्लेटफॉर्म पर संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की योजना साझा की जा रही थी।

    बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 में आरोपी ने दिल्ली आकर लाल किला और इंडिया गेट की रेकी भी की थी।

    क्राउडफंडिंग से जुटा रहे थे पैसे

    जांच एजेंसियों के अनुसार, मॉड्यूल के कुछ सदस्य रिमोट कंट्रोल से चलने वाले IED तैयार करने के लिए स्थानीय स्तर पर सामान जुटा रहे थे। वहीं एक अन्य आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को हथियार और विस्फोटक इकट्ठा करने के लिए उकसा रहा था।
    क्राउडफंडिंग के लिए बैंक अकाउंट और QR कोड भी साझा किए जा रहे थे।

    सोहेल के मोबाइल से खुला राज

    इस पूरे नेटवर्क में बिहार के कटिहार जिले का एक युवक सोहेल भी शामिल बताया जा रहा है, जिसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया।
    जांच में उसका मोबाइल सबसे बड़ा सबूत बना। कॉल डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट और चैट्स की फॉरेंसिक जांच में कई संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले हैं।

    कटिहार के पुलिस अधीक्षक शिखर चौधरी के मुताबिक, केंद्रीय एजेंसी को मिले इनपुट के आधार पर पहले सोहेल को स्थानीय स्तर पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। उसके मोबाइल की वैज्ञानिक जांच के बाद उसे दिल्ली बुलाया गया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    गांव और परिवार पर निगरानी

    पुलिस अब आरोपी के गांव और उसके संपर्क में आने वाले लोगों पर भी नजर रख रही है। जांच एजेंसियां बैंक खातों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं।

    सूत्रों के अनुसार, सोहेल पेशे से प्लंबर है और उसकी गतिविधियां लंबे समय से संदिग्ध बताई जा रही थीं।

    कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत

    फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार कर रहे थे और किसी बड़े हमले की साजिश रच रहे थे। एजेंसियां अब इनके संभावित नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।

    कुल मिलाकर, समय रहते इस साजिश का खुलासा होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

  • वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?

    वाराणसी चोरी केस में अजब मोड़: चोरों ने मालिक से ही पूछा, 7 कमरों में ताले क्यों नहीं लगाए?


    वाराणसी। वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र में हुई 40 लाख रुपये के गहनों की चोरी का मामला अब एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सभी गहने बरामद कर लिए हैं, लेकिन थाने में हुई एक बातचीत ने सभी को चौंका दिया।

    गिरफ्तारी और बरामदगी

    पुलिस के मुताबिक, बजरडीहा इलाके के रहने वाले मो. शारिक जमाल अंसारी और रेयाज अंसारी को सीर गोवर्धन क्षेत्र से गहनों से भरे बैग के साथ पकड़ा गया। इस पूरी कार्रवाई की जानकारी एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने दी।

    फेरी लगाकर करते थे रेकी

    पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे साड़ी बेचने के बहाने कॉलोनियों में फेरी लगाते थे और इसी दौरान घरों की रेकी भी करते थे।
    गायत्री नगर कॉलोनी में उन्हें एक मकान कई दिनों से बंद मिला, जिसके गेट पर सिर्फ एक छोटा ताला लगा था। इससे उन्हें शक हुआ कि घर खाली है और उन्होंने चोरी की योजना बना ली।

    मंकी कैप पहनकर दिया वारदात को अंजाम

    आरोपियों ने मंकी कैप पहनकर घर में घुसकर सात कमरों से कीमती गहने चुरा लिए। चोरी के बाद उन्हें अंदाजा हुआ कि माल की कीमत बहुत ज्यादा है, जिससे वे घबरा गए।

    गहने बेचने में फंसे चोर

    चोरी के बाद दोनों आरोपी गहने बेचने के लिए भटकते रहे। वे अलग-अलग जिलों में रिश्तेदारों और परिचितों के यहां छिपते रहे, लेकिन गहनों की बिक्री नहीं कर पाए। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।

    थाने में चोरों का ‘शिकायती सवाल’

    मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू तब सामने आया जब थाने में चोरों का सामना मकान मालिक से हुआ।
    आरोपियों ने उल्टा मालिक से ही सवाल कर दिया—“इतने बड़े घर के गेट पर छोटा ताला क्यों लगाया था? सात कमरों में सिर्फ कुंडी बंद थी, ताले क्यों नहीं लगाए?”

    पुलिस की अपील

    पुलिस का कहना है कि यह मामला लोगों के लिए सबक भी है कि घर खाली छोड़ते समय सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूर करें।

    कुल मिलाकर, यह घटना न सिर्फ पुलिस की सफलता की कहानी है, बल्कि लापरवाही और अपराधियों की चालाकी का अनोखा उदाहरण भी बन गई है।

  • देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.

    देश में बिगड़ी LPG की सप्लाई हुई नार्मल….वापस लौटे पुराने दिन, बुकिंग में गिरावट.


    नई दिल्ली।
    एलपीजी बुकिंग (LPG Booking) को लेकर अबतक की सबसे अच्छी खबर आई है। जब से युद्ध शुरू हुआ है उसके बाद से ही एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। लेकिन सरकार के नए आकंड़े राहत दे रहे हैं। सरकार की तरफ से दी जानकारी में बताया गया है कि एलपीजी की बुकिंग में गिरावट आई है। वहीं, सप्लाई नॉर्मल हो गई है। इसके अलावा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स की तरफ से एक बार फिर से गावों में होम डिलीवरी शुरू कर दी गई है। जोकि ग्राहकों के लिए बड़ी राहत है।

    सरकार ने एलपीजी बुकिंग पर क्या कुछ बताया? (LPG booking Status)
    शुक्रवार को मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एंड ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट देखने को मिली है। उन्होंने बताया है कि एलपीजी बुकिंग गिरकर 46 लाख से 50 लाख के बीच आ गया है। इसके पहले 50 लाख से अधिक एलपीजी बुकिंग हो रही थी। सुजाता शर्मा का कहना है कि इस गर्मियों के सीजन में डिमांड मध्यम स्तर पर रह सकता है।


    पर्याप्त मात्रा में एलपीजी सिलेंडर

    सुजाता शर्मा ने दी जानकारी में कहा है कि डिस्ट्रीब्यूटर्स स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कमी कोई खबर नहीं आई है। डिलीवरी पूरी तरह से सामान्य है। उन्होंने कहा, “हमारा एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की तरफ से सामान्य है। कहीं से भी कमी की कोई खबर नहीं आई है।”


    किन राज्यों में एलपीजी की बिक्री में हुआ इजाफा (LPG demand in States)

    सुजाता शर्मा ने कहा कि फरवरी के महीने में प्रतिदिन कंपनियां 177 टन एलपीजी बेचती थी। जोकि अप्रैल के महीने में 296 टन प्रति दिन पहुंच गया है। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में एलपीजी की बिक्री बढ़ी है।

    एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम क्या हैं? (LPG Cylinder booking new rule)
    सरकार ने एलपीजी बुकिंग के लिए नियम लगा दिए हैं। शहरों में एलपीजी बुकिंग 25 दिन में ही की जा सकती है। वहीं, गावों में एलपीजी की बुकिंग कम से कम 45 दिन में ही की जा सकती है।

    ओटीपी के जरिए ही होगी एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग (LPG cylinder Booking OTP Rule)
    सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के लिए ओटीपी आधारित नियम लगाया है। ग्राहक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। इसके बाद उनके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। उसी आधार पर उन्हें गैस सिलेंडर मिलेगा। सरकार इस महीने अबतक घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया है।

  • पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत

    पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह- हर स्थिति से निपटने की तैयारी जरूरी…. सतर्क रहे भारत


    नई दिल्ली।
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने शनिवार को पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी संघर्ष को अस्थिर बताते हुए कहा कि इससे हालात अचानक बिगड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। राजनाथ सिंह ने यह टिप्पणी पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह (आईजीओएम) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा, उपभोक्ता मामले के मंत्री प्रह्लाद जोशी, नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू, पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल शामिल हुए।


    राजनाथ सिंह ने मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल की तारीफ की

    रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह ने कहा कि ‘जमीनी स्थिति अनिश्चित और अस्थिर है और भारत को किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।’ सोशल मीडिया पोस्ट में सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जोखिमों को कम करने के लिए तेजी और प्रभावी ढंग से कदम उठा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ के गठन को मंजूरी दिए जाने का भी उल्लेख किया, जिसे 12,980 करोड़ रुपये की गारंटी के साथ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अस्थिर समुद्री मार्गों के बीच भी भारतीय व्यापार के लिए निरंतर और सस्ती बीमा सुविधा सुनिश्चित करना है।

    रक्षा मंत्री ने कहा, यह अहम फैसला भारत के समुद्री व्यापार को सस्ती और निरंतर बीमा कवरेज देगा, जिससे आयात-निर्यात संचालन की सुरक्षा और स्थिरता मजबूत होगी। यह देश के व्यापार तंत्र को और मजबूत, सुरक्षित और लचीला बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।’ बैठक में बताया गया कि वैश्विक आपूर्ति में झटकों के बावजूद भारत ने ईंधन का पर्याप्त भंडार बनाए रखा है और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिशें जारी हैं।


    भारत के पास ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

    वर्तमान में भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) का 60 दिनों से अधिक का स्टॉक है। वहीं एलएनजी का करीब 50 दिन और एलपीजी का लगभग 40 दिन का भंडार उपलब्ध है, जिसमें घरेलू उत्पादन का भी योगदान है। सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करने के लिए आयात स्रोतों में विविधता हासिल की है और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तथा लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है। अप्रैल और मई 2026 के लिए आयात की जरूरतें काफी हद तक सुरक्षित कर ली गई हैं, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहेगी।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से श्रीलंका के दो दिनी दौरे पर, भारतीय मूल के तमिलों से भी मिलेंगे


    कोलंबो।
    कूटनीतिक (Diplomatic) और जन-केंद्रित गतिविधियों के तहत, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (Vice President CP Radhakrishnan) 19 अप्रैल से श्रीलंका के दो दिवसीय दौरे (Sri Lanka two-day Visit) पर रहेंगे। यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति की श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व से भी मुलाकात होगी। साथ ही वे भारतीय मूल के तमिल समुदाय से भी जुड़ेंगे।


    भारतीय मूल के 15 लाख तमिलों को संबोधित करेंगे

    यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। वह श्रीलंका निवासी करीब 15 लाख भारतीय मूल के तमिलों को संबोधित कर उनसे चर्चा भी करेंगे।


    क्या रहेगा उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम?

    श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा के अनुसार, उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या और विपक्ष के नेता से मुलाकात के साथ-साथ श्रीलंकाई तमिल दलों और भारतीय मूल के तमिल राजनीतिक समूहों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शामिल है। झा ने कहा, उपराष्ट्रपति श्रीलंकाई विपक्ष के नेता से भी मिलेंगे।

  • गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप

    गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप


    भुवनेश्वर।
    शनिवार को भुवनेश्वर के केआईआईटी (KIIT, Bhubaneswar) में 61वें मिस इंडिया प्रतियोगिता (61st Miss India Grand Finale) का आयोजन हुआ जहां साल 2026 का मिस इंडिया वर्ल्ड खिताब (Miss India World title year 2026) गोवा की साध्वी सैल (Sadhvi sail) ने अपने नाम किया। साध्वी ने टॉप 3 में उत्तर प्रदेश की अद्वैता और महाराष्ट्र की राजनंदिनी को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में राजनंदिनी मिस इंडिया 2026 की फर्स्ट रनरअप और अद्वैता सेकंड रनरअप बनीं।


    कई सेलेब्स हुए शामिल, हुईं धमाकेदार परफॉर्मेंस

    इस इवेंट में सेलिना जेटली, मधुर भंडारकर, जीनत अमान, टेंरेस लुईस, अमाल मलिक, नेहा धूपिया शामिल नजर आए। इवेंट को मनीष पॉल और सारा जेन डियाज ने होस्ट किया। वहीं लॉरेन गॉटलिब और ईशान खट्टर की डांस परफॉर्म देखने को मिली। साथ ही जुबिन नौटियाल अपनी सुरीली आवाज से इवेंट में समा बांधते दिखे।


    ईशान खट्टर इवेंट में पहुंचे

    ईशान खट्टर अपने डांस परफॉर्म से पहले 61वें मिस इंडिया इवेंट में पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतियोगियों को शुभकामनाएं दीं। वह भी इस इवेंट का हिस्सा बनकर और अपनी डांस परफाॅर्मेंस को लेकर उत्साहित थे।


    जीनत अमान और नेहा धूपिया के अलावा कई सेलेब्स इवेंट में नजर आए

    मिस इंडिया इवेंट के रेड कारपेट पर जीनत अमान, नेहा धूपिया, डायरेक्टर मधुर भंडारकर, सिंगर अमाल मलिक जैसे कई सेलेब्स दिखाई दिए। कुछ सेलेब्स इस इवेंट के जज बने तो कुछ यहां पर परफाॅर्म करने पहुंचे।


    सेलिना जेटली भी ग्लैमरस लुक में दिखीं

    एक लंबे वक्त के बाद सेलिना जेटली ग्लैमर वर्ल्ड में एक्टिव हुईं। वह भी मिस इंडिया इवेंट में शामिल हुईं। उनका गाउन लुक काफी चर्चा में रहा।


    मनीष पॉल ने होस्ट किया इवेंट, सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाया गाना

    मिस इंडिया के स्टेज पर मनीष पॉल ने इवेंट को होस्ट किया। जज से सबको रूबरू करवाया। इसके बाद सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी मीठी, सुरीली आवाज में गाना गया। इस परफॉर्मेंस के दौरान मिस इंडिया का गाउन राउंड भी हुआ। मिस इंडिया का ताज जीतने के लिए प्रतियोगी काफी मेहनत करती दिखीं।


    मिस इंडिया टॉप 15 प्रतियोगियों ने दिया अपना परिचय

    मिस इंडिया इवेंट में 30 प्रतियोगी शामिल हुई थीं। एक अहम राउंड के बाद केवल 15 प्रतियोगी रह गईं। सबने जज के सामने अपना परिचय दिया।

    ब्यूटी पेजेंट में रह गईं टॉप 8 प्रतियोगी, ईशान खट्टर ने किया डांस
    आगे चलकर इस कॉम्पिटिशन में सिर्फ 8 प्रतियोगी ही बची थीं। इसके बाद लॉरेन गॉटलिब ने जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस दी। इसके बाद एक्टर ईशान खट्ट ने भी जबरदस्त डांस किया। इवेंट में समा ही बांध दिया।

    मिस इंडिया 2026 के फाइनल में फर्स्ट रनरअप राजनंदिनी पवार और सेकंड रनरअप डॉ. श्री अद्वैता बनी हैं। साध्वी सैल के सिर पर मिस इंडिया 2026 का ताज सजा। मिस इंडिया बनकर वह काफी खुश हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।