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  • दिल्ली का Indira Gandhi International Airport: तकनीकी गड़बड़ी के बीच विमान सुरक्षित उतरा

    नई दिल्ली: Indira Gandhi International Airport पर शनिवार सुबह हड़कंप मच गया जब विशाखापत्तनम से आ रही IndiGo फ्लाइट के लिए फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। विमान के इंजन में खराबी की आशंका के चलते एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत मानक संचालन प्रक्रिया के तहत रनवे 28 पर इमरजेंसी लागू कर दी।

    रनवे के आसपास दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और आपातकालीन बचाव दल तैनात कर दिए गए। इसके साथ ही, अन्य उड़ानों के मार्ग में बदलाव कर इस विमान को प्राथमिकता दी गई और कुछ फ्लाइट्स को होल्ड पर रखा गया। पूरी सुरक्षा तैयारियों के बीच, सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की।

    विमान में कुल 161 यात्री सवार थे। लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। मेडिकल जांच के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।

    IndiGo प्रशासन ने कहा कि विमान में तकनीकी खराबी के कारण यह इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। प्रारंभिक जांच में इसे इंजन में आई तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

    यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चेतावनी है। हालांकि, समय रहते उठाए गए कदमों से बड़ी अनहोनी टल गई। विमान के सुरक्षित उतरने से यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ दोनों ने राहत की सांस ली।

    शॉर्ट डिस्क्रिप्शन

    दिल्ली एयरपोर्ट पर IndiGo विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, 161 यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए, इंजन खराबी की आशंका, विमान के सुरक्षित उतरने से बड़ा हादसा टला

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    IndiGo Emergency Landing, IGI Airport Delhi, Flight Engine Failure, Air Travel Safety, Passenger Rescue

  • दिल्ली का नया बजट 2026-27: राजधानी में तेजी से डिलीवरी और प्रशासनिक सुधारों का रोडमैप

    दिल्ली का नया बजट 2026-27: राजधानी में तेजी से डिलीवरी और प्रशासनिक सुधारों का रोडमैप


    नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन 2026-27 का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि अब राजधानी में काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। उनका संदेश साफ था, यह नई सरकार है और काम करने का तरीका भी नया है। अब फोकस सिर्फ डिलीवरी पर होगा। सीएम ने भरोसा दिलाया कि अधूरे प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे, जनता के पैसे का सही हिसाब होगा और हर नागरिक को उसका हक मिलेगा।

    रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बुनियादी सुविधाएं अब उनकी सरकार की प्राथमिकता हैं। अब दिल्ली को बहाने नहीं, परिणाम चाहिए। अब हेडलाइन्स नहीं, गाइडलाइन्स के साथ काम होगा और हर नागरिक को उसका अधिकार दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। यह बयान प्रशासनिक बदलाव और तेज कामकाज का संकेत देता है।

    इस बजट की सबसे बड़ी खासियत पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर है। सीएम ने कहा, दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए इस बार पूंजीगत खर्च पर अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन किया गया है। उनका कहना है कि यह बजट केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में काम आएगा।

    सीएम ने पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए बताया कि दिल्ली पर ₹47,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज छोड़ा गया, जिसमें ₹27,547 करोड़ अब भी बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया, PWD के एक प्रोजेक्ट में बिना काम हुए ₹250 करोड़ का भुगतान कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता को दिखाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खिलाड़ियों, EWS वर्ग, स्कॉलरशिप, अवॉर्ड्स और किशोरी योजना से जुड़े लंबित भुगतान को साफ कर रही है।

    बजट में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया गया है। सीएम ने बताया कि मुनक नहर के साथ ₹5,000 करोड़ की एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है, जिससे ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी। इसके अलावा मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रांजिशन और सड़कों के बड़े निर्माण पर भी जोर दिया गया है।

    ग्रीन और एडमिनिस्ट्रेटिव सुधार भी इस बजट का अहम हिस्सा हैं। दिल्ली में पहली बार 4,200 हेक्टेयर रिज एरिया को फॉरेस्ट लैंड घोषित किया गया है और अगले चार साल में 35 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी, फायर NOC डिजिटल किया जाएगा और 1.5 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टीज को बिजली कनेक्शन देने की योजना है।

    इस बजट के साथ सीएम रेखा गुप्ता ने यह साफ कर दिया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ परिणाम होंगे। जमीनी बदलाव, बुनियादी सुविधाओं की तेजी और प्रशासनिक सुधार दिल्ली के नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाएंगे और राजधानी के विकास की दिशा को नई गति देंगे।

  • दिल्ली में राजनीतिक घमासान: केजरीवाल के ट्वीट पर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने जताई आपत्ति

    दिल्ली में राजनीतिक घमासान: केजरीवाल के ट्वीट पर कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिरसा ने जताई आपत्ति


    नई दिल्ली में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। नेपाल में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

    दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, नेपाल के पूर्व प्रधान मंत्री और गृह मंत्री अपने पुराने कुकर्मों की वजह से गिरफ्तार।

    केजरीवाल के इस बयान के कुछ ही देर बाद दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने जवाब दिया, दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री अपने कुकर्मों की वजह से जेल गया था, फिर जाएगा।

    इसी बीच, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली का भी पूर्व मुख्यमंत्री, एक उपमुख्यमंत्री और उनके मंत्री दिल्ली को लूटने के इल्जाम के चलते जेल गए थे और अब सजा भी होगी।

    मनजिंदर सिंह सिरसा के इस बयान का संदर्भ उनके उस पिछले बयान से जुड़ा है जिसमें उन्होंने कहा था कि आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल ने ‘अंडर द टेबल’ खूब पैसे कमाए। सिरसा ने आरोप लगाया कि पहले दिल्ली सरकार शराब पर एक्साइज लेती थी, लेकिन आप नेताओं ने ‘बाय वन गेट वन फ्री’ जैसे ऑफर्स के जरिए मुनाफा अपनी जेब में डाला।

    सिरसा ने आगे कहा, दिल्ली की जनता की खून-पसीने की कमाई को अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने अपने करीबियों की जेब भरने में बर्बाद कर दिया। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या यह पैसा उनकी बपौती थी? दिल्लीवासियों की गाढ़ी कमाई को इस तरह लुटाने का हक इन्हें किसने दिया?

    इस बयानबाजी ने दिल्ली की राजनीतिक गर्मी को और बढ़ा दिया है और दोनों दलों के बीच सोशल मीडिया और जनसभाओं में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह

    प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया उद्घाटन, स्थानीय लोगों में जबरदस्त उत्साह


    नई दिल्ली:जेवर एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की किस्मत बदलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित जनसभा में स्थानीय लोग और भाजपा कार्यकर्ता उत्साह के साथ मौजूद थे। उद्घाटन के मौके पर लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और एयरपोर्ट के निर्माण को प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    बुलंदशहर से आए एक भाजपा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का निर्माण आसपास के जिलों में विकास के नए अवसर लेकर आया है। होटल सेक्टर, व्यापारिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं। युवाओं और स्थानीय लोगों में उत्साह साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। बड़ी संख्या में जनता ने कार्यक्रम में हिस्सा लेकर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देने का संकल्प जताया।

    एक अन्य भाजपा समर्थक ने कहा कि पहले तो हम इस क्षेत्र में ऐसे एयरपोर्ट की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और मार्गदर्शन में जेवर में एयरपोर्ट का निर्माण संभव हुआ। यह क्षेत्रीय विकास के लिए एक अनमोल सौगात है। उन्होंने बताया कि यह न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ाएगा।

    स्थानीय नागरिकों ने भी जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन को ऐतिहासिक दिन बताया। उनका मानना है कि एयरपोर्ट के निर्माण से यहां के लोग नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। उनकी कमाई में वृद्धि होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। एयरपोर्ट के आने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

    एक युवा कार्यकर्ता ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस क्षेत्र के लोगों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल एक तोहफा है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल नोएडा और गौतम बुद्ध नगर को बल्कि आस-पास के जिलों को भी रोजगार, निवेश और बेहतर जीवन स्तर के अवसर देगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट की शुरूआत से उत्तर प्रदेश का लॉजिस्टिक नेटवर्क मजबूत होगा। यह एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय व्यापार और हवाई यात्रा के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान देगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार, व्यवसाय और निवेश के अवसर बढ़ेंगे, वहीं प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नया मुकाम मिलेगा।

    इस उद्घाटन के मौके पर जनता और कार्यकर्ताओं ने उत्साह और उम्मीद के साथ यह संदेश दिया कि जेवर एयरपोर्ट प्रदेश में विकास, अवसर और ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है।

  • पीएम मोदी का संवाद कार्यक्रम: असम और पुडुचेरी में जनता के साथ सीधा संवाद..

    पीएम मोदी का संवाद कार्यक्रम: असम और पुडुचेरी में जनता के साथ सीधा संवाद..


    नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को असम और पुडुचेरी में ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद’ कार्यक्रम में सीधे जनता से संवाद करेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने दोनों राज्यों में हुए विकास कार्यों की सराहना की और जोर देकर कहा कि जनता अगले पांच साल भी ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार के साथ बिताने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    असम में कार्यक्रम दोपहर एक बजे आयोजित होगा। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 30 तारीख की दोपहर को वे ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत संवाद- असम’ में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में असम ने जो प्रगति की है, वह सभी के सामने है और राज्य सभी क्षेत्रों में अपनी विकास यात्रा के लिए जाना जाता है। उनका कहना था कि इसलिए असम का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और यहां पूरी तरह से एनडीए का ही दबदबा है।

    पुडुचेरी में पीएम मोदी का कार्यक्रम शाम 5:30 बजे आयोजित होगा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में ‘डबल-इंजन’ वाली एनडीए सरकार ने पुडुचेरी की जनता की आकांक्षाओं को पूरा किया है। यही कारण है कि पुडुचेरी की जनता एक बार फिर एनडीए को अपना आशीर्वाद देने के लिए तैयार है।

    प्रधानमंत्री मोदी के X अकाउंट ‘narendramodi.in’ ने जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और नमो ऐप के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री से जुड़ने के लिए अभी पंजीकरण करें। इस कार्यक्रम के जरिए जनता अपने विचार साझा कर सकती है और ‘विकसित असम’ तथा ‘मजबूत पुडुचेरी’ के लिए सुझाव दे सकती है।

    यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री और एनडीए सरकार के विकास और जन संपर्क को बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। असम और पुडुचेरी की जनता इस संवाद में अपनी उम्मीदों और सवालों के साथ शामिल होगी, जिससे दोनों राज्यों में सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर सीधे संवाद स्थापित होगा।

  • केन्द्र ने ईरान संकट से उपजी स्थिति से निपटने के लिए गठित किया मंत्रियों का अनौपचारिक समूह

    केन्द्र ने ईरान संकट से उपजी स्थिति से निपटने के लिए गठित किया मंत्रियों का अनौपचारिक समूह


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संघर्ष (West Asia conflict) के कारण उत्पन्न मुद्दों पर गौर करने के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) के नेतृत्व में मंत्रियों का एक ‘अनौपचारिक समूह’ (IGOM) गठित किया है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी मंत्रियों के अनौपचारिक समूह के सदस्यों में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव से उत्पन्न होने वाले मुद्दों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    अमेरिका-इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमले के बाद तेहरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी हमले किए। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज हो गया है। इस संघर्ष ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है, जिसमें तेल और गैस की आपूर्ति बाधित हुई हैं और कीमतें बढ़ी हैं। इसका असर देश भर के नागरिकों के जीवन पर पड़ा है।


    पीएम ने मुख्यमंत्रियों संग की बैठक

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने शुक्रवार की शाम चुनावी राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटल माध्यम से आयोजित इस बैठक का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना के तहत समन्वय सुनिश्चित करना था। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद पहली बार मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की है।


    देश में तेल और गैस के पर्याप्त भंडार

    23 मार्च को लोकसभा में दिए गए बयान में प्रधानमंत्री ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रह सकते हैं और देश को एकजुट व तैयार रहने की जरूरत है, जैसे कोविड-19 महामारी के दौरान रहा था। वहीं, 24 मार्च को मोदी ने संघर्ष के संभावित दीर्घकालिक प्रभावों से निपटने के लिए सात अधिकार प्राप्त समूहों के गठन की घोषणा की और राज्यों से संकट को टालने के लिए एकजुट दृष्टिकोण के तहत केंद्र के साथ काम करने का आग्रह किया। इससे पहले बुधवार को सरकार ने पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और देशवासियों को भरोसा दिया था कि देश में तेल और गैस के पर्याप्त भंडार हैं और घबराने की जरूरत नहीं है।

  • सीजेआई सूर्यकांत का बड़ा कदम: हाईकोर्ट में जजों की जल्द बहाली और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर

    सीजेआई सूर्यकांत का बड़ा कदम: हाईकोर्ट में जजों की जल्द बहाली और महिला प्रतिनिधित्व पर जोर


    नई दिल्ली:
    देश की न्यायपालिका में जजों के खाली पदों और लंबित मामलों की समस्या किसी से छिपी नहीं है. सुनवाई का बारी आने तक कई मामलों में न्याय मिलने में लंबा समय लग जाता है. यही नहीं, न्यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी भी हमेशा चर्चा का विषय रही है. इस गंभीर स्थिति को देखते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सीजेआई सूर्यकांत ने बड़ा कदम उठाया है.

    सीजेआई ने हाल ही में देश के सभी 25 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को विस्तृत पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने हाईकोर्ट्स में जजों की जल्द नियुक्ति करने का निर्देश दिया और महिला जजों के प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी जज के रिटायर होने तक खाली पद का इंतजार न किया जाए, बल्कि नियुक्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी जाए ताकि न्यायपालिका में काम बाधित न हो.

    सीजेआई सूर्यकांत ने हाईकोर्ट कॉलेजियम से आग्रह किया है कि वे महिलाओं के लिए नियुक्तियों पर गंभीरता से विचार करें. उन्होंने कहा कि यह अपवाद नहीं बल्कि नियम होना चाहिए कि योग्य और मेधावी महिला वकीलों को उच्च न्यायपालिका में स्थान मिले. इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जिन महिला वकीलों का संबंध संबंधित राज्यों से है लेकिन वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही हैं, उन्हें भी इस दिशा में देखा जाना चाहिए.

    महिला जजों की नियुक्तियों में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिला है. वर्तमान में कई हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में महिलाएं कार्यरत हैं. उदाहरण के लिए, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 18 महिला जज काम कर रही हैं, जबकि मद्रास और बॉम्बे हाईकोर्ट में लगभग एक दर्जन महिला जज अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. जिला स्तर पर न्यायिक अधिकारियों में भी लगभग 36.3 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं, जिसे सीजेआई ने पीढ़ीगत बदलाव का संकेत बताया है.

    केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा फरवरी में लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2014 के बाद से हाईकोर्ट में 170 महिला जजों की नियुक्ति हुई है, जिनमें से 96 पिछली पांच वर्षों में हुईं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट में कुल 6 महिला जज नियुक्त हुई हैं. वर्तमान में देश के सभी हाईकोर्ट में कुल 116 महिला जज कार्यरत हैं. हाईकोर्ट में 1122 स्वीकृत पदों में से 308 पद खाली हैं, जबकि कार्यरत जजों की संख्या 814 है. सुप्रीम कोर्ट में 33 जज हैं, जिनमें फिलहाल एक महिला शामिल हैं.

    सीजेआई सूर्यकांत का यह पत्र न्यायपालिका में सुधार और महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. उनका कहना है कि न्यायपालिका में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी समय की मांग है और इसके लिए उच्च न्यायालयों को सक्रिय और त्वरित कदम उठाने चाहिए. इस पहल से न केवल जजों के खाली पदों की समस्या हल होगी, बल्कि न्यायपालिका में महिलाओं की भूमिका भी मजबूत होगी और लंबित मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी.

    यह कदम देश की न्यायपालिका में नए युग की शुरुआत का संकेत देता है, जिसमें महिला प्रतिनिधित्व और कार्यकुशलता को प्राथमिकता दी जाएगी.

  • फ्लाइट बुक करने से पहले सावधान! 50% उड़ानों में तकनीकी खराबी, संसदीय रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

    फ्लाइट बुक करने से पहले सावधान! 50% उड़ानों में तकनीकी खराबी, संसदीय रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता


    नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक चिंताजनक खबर सामने आई है। संसदीय समिति की हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की लगभग 50 प्रतिशत कमर्शियल फ्लाइट्स में तकनीकी खराबियां पाई गई हैं। इस रिपोर्ट ने एविएशन सेक्टर की सुरक्षा और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    क्या कहती है रिपोर्ट?
    रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 754 फ्लाइट्स का ऑडिट किया गया, जिनमें से 377 फ्लाइट्स में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई। यानी हर दूसरी फ्लाइट किसी न किसी तकनीकी समस्या से जूझ रही थी। IndiGo की 405 फ्लाइट्स का ऑडिट हुआ, जिनमें से 148 में खराबी मिली। Air India की 166 फ्लाइट्स में से 137 में बार-बार तकनीकी दिक्कत सामने आई। Air India Express की 101 फ्लाइट्स में से 54 में खराबी पाई गई।

    DGCA ऑडिट में सामने आईं गंभीर खामियां
    DGCA द्वारा 1 से 4 जुलाई 2025 के बीच किए गए ऑडिट में कई बड़ी कमियां सामने आईं पायलट ट्रेनिंग में कमी खासकर Boeing 787 और 777 विमानों में कुछ इंटरनेशनल फ्लाइट्स में पर्याप्त केबिन क्रू की कमी फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिट का उल्लंघन कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश एक्सपायर्ड समय सीमा खत्म इमरजेंसी उपकरण का इस्तेमाल रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि DGCA में 48.3% पद खाली हैं। स्टाफ की कमी के कारण एविएशन सेक्टर की प्रभावी निगरानी करना मुश्किल हो रहा है, जिससे सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।

    एयरलाइंस पर कार्रवाई
    एयर इंडिया को 9 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए 2025 के अंत तक कुल 19 नोटिस अलग-अलग एयरलाइंस को भेजे गए संसदीय समिति ने कई जरूरी सुधार सुझाए हैं सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन बेहतर निगरानी तंत्र स्टाफ की भर्ती बढ़ाना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में तेजी से बढ़ते एविएशन सेक्टर के साथ-साथ सुरक्षा और निगरानी में सुधार बेहद जरूरी है। यात्रियों को भी टिकट बुक करते समय सतर्क रहने और एयरलाइन की सुरक्षा रिकॉर्ड पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

  • ADR रिपोर्ट में खुलासा: BSP को 19 साल से नहीं मिला बड़ा चंदा, BJP को मिला भारी फंड

    ADR रिपोर्ट में खुलासा: BSP को 19 साल से नहीं मिला बड़ा चंदा, BJP को मिला भारी फंड

     
    नई दिल्ली। देश की राजनीति में फंडिंग को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। Association for Democratic Reforms (ADR) की ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें बताया गया है कि Bahujan Samaj Party (बसपा) ने पिछले 19 वर्षों से 20,000 रुपये से अधिक का कोई चंदा मिलने की जानकारी नहीं दी है। यह लगातार एक जैसा दावा अब पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

    19 साल से एक जैसा दावा, चर्चा तेज

    रिपोर्ट के मुताबिक, बसपा ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी यही बताया कि उसे 20,000 रुपये से अधिक का कोई दान नहीं मिला। पिछले करीब दो दशकों से पार्टी का यह रुख बना हुआ है, जो राजनीतिक हलकों में चर्चा और जांच का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने लंबे समय तक ऐसा दावा होना असामान्य है और इससे फंडिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।

    कुल चंदे में 161% की बड़ी बढ़ोतरी

     रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 में राष्ट्रीय दलों को मिलने वाले कुल चंदे में 161% की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान 11,343 दानदाताओं से कुल 6,648.56 करोड़ रुपये का योगदान मिला। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 4,104.28 करोड़ रुपये ज्यादा है, जो राजनीतिक फंडिंग में तेजी को दर्शाता है।

    बीजेपी सबसे आगे, रिकॉर्ड फंडिंग

    Bharatiya Janata Party (बीजेपी) को सबसे ज्यादा चंदा मिला है। पार्टी को 5,522 दानदाताओं से 6,074.01 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो अन्य सभी राष्ट्रीय दलों के कुल चंदे से करीब 10 गुना ज्यादा है। यह बढ़त भारतीय राजनीति में बीजेपी की मजबूत फंडिंग स्थिति को दिखाती है।

    कांग्रेस और अन्य दलों में भी उछाल

    Indian National Congress (कांग्रेस) को भी चंदे में बड़ा इजाफा देखने को मिला है। 2023-24 में जहां पार्टी को 281.48 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 517.39 करोड़ रुपये हो गया यानी करीब 84% की वृद्धि। वहीं Aam Aadmi Party (आप) को 27.04 करोड़ रुपये (244% वृद्धि) और National People’s Party (एनपीपी) को 1.94 करोड़ रुपये (1313% वृद्धि) का चंदा मिला है, जो छोटे दलों के लिए उल्लेखनीय उछाल है।

    पारदर्शिता पर उठे सवाल

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बीजेपी का चंदा अन्य प्रमुख दलों—कांग्रेस, आप, माकपा और एनपीपी—के संयुक्त चंदे से भी कई गुना ज्यादा है। वहीं, बसपा द्वारा लगातार 19 वर्षों से 20,000 रुपये से अधिक का चंदा न दिखाना राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ एक पार्टी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे राजनीतिक फंडिंग सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत को उजागर करता है।

    बहस का बना मुद्दा

    राजनीतिक फंडिंग में पारदर्शिता लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। ADR की यह रिपोर्ट एक बार फिर इस मुद्दे को केंद्र में ले आई है। आने वाले समय में इस पर राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस तेज होने की संभावना है।

  • योगी सरकार का बड़ा फैसला: 25 हजार करोड़ का MoU रद्द, Puch AI डील पर ब्रेक

    योगी सरकार का बड़ा फैसला: 25 हजार करोड़ का MoU रद्द, Puch AI डील पर ब्रेक


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश के दावों को उस वक्त झटका लगा, जब राज्य सरकार ने ‘Puch AI’ कंपनी के साथ हुआ 25,000 करोड़ रुपये का समझौता (MoU) महज चार दिनों के भीतर रद्द कर दिया। जांच में कंपनी की वित्तीय स्थिति और दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया।

    जांच में खुली कंपनी की सच्चाई
    Invest UP के CEO विजय किरन आनंद ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर MoU की समीक्षा की गई। कंपनी को नोटिस भेजकर उसका बिजनेस प्लान, वित्तीय स्थिति और DPR (Detailed Project Report) मांगी गई थी। जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया गया, लेकिन कंपनी की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

    समय पर नहीं दिए जरूरी दस्तावेज
    सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, 23 मार्च 2026 को समझौते के बाद जब कंपनी की गहराई से जांच की गई तो कई खामियां सामने आईं। कंपनी जरूरी दस्तावेज समय पर जमा नहीं कर सकी वित्तीय स्थिति कमजोर पाई गई निवेश के लिए फंड का स्रोत स्पष्ट नहीं था इन वजहों से सरकार को MoU रद्द करना पड़ा। इस निवेश को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। अखिलेश यादव ने 25,000 करोड़ रुपये के इस निवेश पर सरकार को घेरा था और इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे।

    सरकार ने क्यों लिया फैसला
    सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना के लिए कंपनी के पास न तो पर्याप्त वित्तीय क्षमता थी और न ही भरोसेमंद दस्तावेज। सभी पहलुओं की जांच के बाद राज्य सरकार ने फिलहाल इस समझौते को रद्द कर दिया है, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से बचा जा सके।

    क्या है पूरा मामला
    उत्तर प्रदेश सरकार निवेश बढ़ाने के लिए बड़े-बड़े समझौते कर रही है। इसी कड़ी में ‘Puch AI’ के साथ 25,000 करोड़ रुपये का MoU किया गया था। लेकिन शुरुआती जांच में ही कंपनी की विश्वसनीयता पर सवाल उठ गए, जिसके चलते यह बड़ा निवेश प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही रद्द हो गया।