Category: National

  • संसदीय समिति की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 50 फीसदी फ्लाइट्स में तकनीकी खामियां

    संसदीय समिति की चौंकाने वाली रिपोर्ट, 50 फीसदी फ्लाइट्स में तकनीकी खामियां


    नई दिल्ली। हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। संसदीय समिति की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देश की लगभग 50 प्रतिशत कमर्शियल फ्लाइट्स तकनीकी समस्याओं से जूझ रही हैं। पिछले साल हुए ऑडिट के दौरान 754 विमानों में से 377 में बार-बार तकनीकी खराबी पाई गई।

    रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा ऑडिट इंडिगो एयरलाइन की उड़ानों का किया गया, और तकनीकी खराबी के मामलों में भी यह सबसे आगे रही। 3 फरवरी तक इंडिगो की 405 फ्लाइट्स की जांच हुई, जिनमें से 148 में खामियां सामने आईं।

    इसके अलावा, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस भी इस सूची में पीछे नहीं हैं। एअर इंडिया की 166 उड़ानों में से 137 में बार-बार तकनीकी दिक्कतें दर्ज की गईं, जबकि एअर इंडिया एक्सप्रेस की 101 में से 54 उड़ानों में खराबी पाई गई।

    रिपोर्ट में 12 जून को हुए अहमदाबाद एअर इंडिया हादसे का भी उल्लेख किया गया है, जिसके बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने 1 से 4 जुलाई 2025 के बीच कई विमानों का विशेष ऑडिट किया था। इसमें बोइंग 787 और 777 विमानों के पायलटों की ट्रेनिंग में खामियां सामने आईं। साथ ही कम से कम चार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पर्याप्त केबिन क्रू की कमी भी पाई गई।

    संसदीय समिति ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन के उल्लंघन पर भी गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नियामक कार्रवाई के तहत एअर इंडिया को सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के लिए डीजीसीए की ओर से नौ कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

    इसके अलावा, 2025 के अंत तक एयरलाइंस को कुल 19 नोटिस दिए गए, जिनमें ड्यूटी नियमों का उल्लंघन, कॉकपिट में अनधिकृत प्रवेश और एक्सपायर्ड इमरजेंसी उपकरणों के साथ उड़ान भरने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

  • भारत में लॉकडाउन नहीं लगेगा, तीन मंत्रियों ने किया स्पष्ट और जमाखोरों को दी चेतावनी

    भारत में लॉकडाउन नहीं लगेगा, तीन मंत्रियों ने किया स्पष्ट और जमाखोरों को दी चेतावनी


    नई दिल्ली:  पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच भारत में लॉकडाउन और ईंधन की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों ने शुक्रवार को सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि केंद्र सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार करार देते हुए जनता को शांति बनाए रखने की अपील की है।

    सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरीने- स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और जनता को पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन देखा गया था, वैसा कोई प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

    इस अफवाह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए हालिया बयान के बाद हुई। प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के लंबे प्रभावों की चेतावनी दी थी और कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए एकजुट रहने की बात कही थी। इसे कुछ लोगों ने गलत तरीके से लॉकडाउन से जोड़कर प्रचारित कर दिया।

    संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो और कोई भी आवश्यक वस्तुओं की होर्डिंग न करे। उन्होंने जमाखोरों को भी सख्त चेतावनी दी।

    पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ईंधन की कमी की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने साफ किया कि सरकार के पास लॉकडाउन का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति लगातार बनी हुई है।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजनीतिक गलियारों में उठ रही इन चर्चाओं पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि कोविड के समय जैसा लॉकडाउन देखा गया, वैसा अब लागू नहीं होगा और अफवाहें केवल जनता में चिंता फैलाने के उद्देश्य से हैं।

    केंद्र सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध जारी है। इस प्रकार जनता को किसी भी तरह की घबराहट या अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए और शांत एवं जिम्मेदार बने रहना चाहिए।

  • मोदी सरकार ने साफ किया रुख, लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह फर्जी, घबराने की जरूरत नहीं

    मोदी सरकार ने साफ किया रुख, लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह फर्जी, घबराने की जरूरत नहीं


    नई दिल्ली:
    देश में एक बार फिर लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। हाल ही में वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव विशेषकर ईरान और इजराइल से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल संकट की आशंका ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी थी। इसी के चलते सोशल मीडिया पर यह चर्चा तेज हो गई कि भारत में फिर से कोविड जैसी पाबंदियां लागू की जा सकती हैं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और देश में हालात पूरी तरह सामान्य हैं।

    केंद्रीय मंत्रियों किरण रिजिजू और हरदीप सिंह पुरी ने सामने आकर इन अफवाहों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को लेकर जो भी खबरें फैलाई जा रही हैं वे पूरी तरह निराधार हैं और सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांत एवं जिम्मेदार व्यवहार बनाए रखें।

    किरण रिजिजू ने संसद के बाहर बातचीत में साफ कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी स्वयं स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा आम जनता को न हो। उन्होंने जमाखोरी करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे और कृत्रिम संकट पैदा न हो।

    वहीं पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने तेल की कीमतों को लेकर सरकार की रणनीति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद सरकार ने ऐसा रास्ता चुना है जिससे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार के पास विकल्प था कि अन्य देशों की तरह कीमतें बढ़ाई जाएं या फिर खुद वित्तीय भार उठाया जाए और सरकार ने नागरिकों के हित में दूसरा विकल्प चुना।

    पुरी ने यह भी कहा कि भारत ने पहले भी वैश्विक संकटों के दौरान अपनी मजबूती दिखाई है और इस बार भी समय पर और संतुलित निर्णय लिए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातें पूरी तरह गलत हैं और इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर जिम्मेदाराना है।दरअसल यह भ्रम उस समय बढ़ा जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में वैश्विक हालात को देखते हुए सतर्क रहने और तैयार रहने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि दुनिया में बने कठिन हालात का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें मिलकर इसका सामना करना होगा। इस बयान को कुछ लोगों ने गलत तरीके से समझ लिया और सोशल मीडिया पर लॉकडाउन को लेकर अटकलें शुरू हो गईं।

    सरकार ने अब साफ कर दिया है कि देश में किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की योजना नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि लोग अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित कर रही है कि देश में सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

  • श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल

    श्रीरामपुर में रामनवमी जुलूस बना निशाना मस्जिद के पास पथराव से बिगड़ा माहौल


    नई दिल्ली:  महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान उस समय अचानक तनाव फैल गया जब जुलूस पर पथराव की घटना सामने आई यह घटना गुरुवार शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है जब श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ जुलूस में शामिल होकर भजन कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे

    जानकारी के अनुसार जुलूस जब सय्यद बाबा चौक से होते हुए एक स्थानीय मस्जिद के पास पहुंचा तभी अचानक मस्जिद के पीछे की ओर से कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया इस अप्रत्याशित पथराव से जुलूस में अफरा तफरी मच गई और लोग इधर उधर भागने लगे इस घटना में तीन लोग घायल हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है घायल व्यक्ति को तुरंत श्रीरामपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है

    घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया हालांकि स्थिति को बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाल लिया पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की इसके बाद स्थिति धीरे धीरे सामान्य हुई

    पुलिस ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए मस्जिद के मौलाना सहित 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी गई है अधिकारियों के अनुसार घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके

    इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है जिनमें धारा 190 191(1) 191(2) 192 110 और 118(1) शामिल हैं इन धाराओं के तहत आरोपियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी

    घटना के बाद पूरे श्रीरामपुर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है

    गौरतलब है कि श्रीरामपुर में हर वर्ष रामनवमी का त्योहार बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है इस अवसर पर शहर में विशाल जुलूस निकाला जाता है जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे शहर में मेले जैसा माहौल रहता है हालांकि इस बार हुई इस घटना ने उत्सव के माहौल को कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर किया लेकिन प्रशासन की तत्परता से हालात पर काबू पा लिया गया

    फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और शहर में शांति बनी हुई है पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके प्रशासन का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी

  • रामनवमी उत्सव में अनोखी भेंट, जग्गा रेड्डी ने श्रीराम-सीता को अर्पित किए सोने-चांदी के गहने

    रामनवमी उत्सव में अनोखी भेंट, जग्गा रेड्डी ने श्रीराम-सीता को अर्पित किए सोने-चांदी के गहने


    नई दिल्ली:देशभर में रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और इस पावन अवसर पर भक्ति के कई अद्भुत दृश्य सामने आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अयोध्या से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों तक भगवान भगवान राम के जन्मोत्सव की धूम देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में तेलंगाना के सांगारेड्डी से आस्था और समर्पण का एक विशेष उदाहरण सामने आया है जहां वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी जग्गा रेड्डी ने भगवान राम और माता माता सीता को करोड़ों रुपये के आभूषण भेंट कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

    इस अवसर पर जग्गा रेड्डी ने भक्तों के साथ मिलकर भव्य आयोजन किया जिसमें भगवान राम और माता सीता को लगभग ढाई करोड़ रुपये मूल्य के सोने और चांदी से बने आभूषण अर्पित किए गए। इन आभूषणों का कुल वजन करीब ढाई किलो बताया गया है जिसमें लगभग 2.25 किलो सोने का उपयोग किया गया। इन विशेष गहनों में मुकुट हार कमरबंद धनुष बाण शंख चक्र सहित कई पारंपरिक और धार्मिक महत्व के प्रतीक शामिल हैं।

    माता सीता के लिए विशेष रूप से मंगलसूत्र और कमल के आकार के आभूषण तैयार किए गए जबकि भगवान राम के लिए प्रतीकात्मक बाण धारण करने वाला विशेष आभूषण भी बनाया गया। इसके अलावा चांदी का उपयोग कर आदिशेष और एक औपचारिक कल्याण पीठ भी तैयार की गई जो इस आयोजन को और अधिक भव्य बनाती है।

    इन आभूषणों को सीधे मंदिर में चढ़ाने से पहले विधि विधान के साथ विशेष पूजा और अनुष्ठान किया गया। यह अनुष्ठान राम नगर स्थित जग्गा रेड्डी के आवास पर आयोजित किया गया जहां पहले इन गहनों की विधिवत प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद एक भव्य जुलूस निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

    जुलूस के पश्चात मंदिर में हवन और आहुति का आयोजन हुआ और फिर भगवान राम और माता सीता को ये सभी आभूषण समर्पित किए गए। इस पूरे आयोजन ने न केवल स्थानीय लोगों बल्कि व्यापक स्तर पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और यह दर्शाया कि भगवान राम के प्रति लोगों की आस्था कितनी गहरी और अटूट है।

    इस प्रकार रामनवमी के इस पावन अवसर पर तेलंगाना में देखने को मिला यह आयोजन भक्ति श्रद्धा और परंपरा का अनूठा संगम बन गया जिसने यह संदेश दिया कि भगवान राम आज भी जन जन के हृदय में बसते हैं और उनके प्रति श्रद्धा समय के साथ और भी प्रगाढ़ होती जा रही है।

  • क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? हरदीप पुरी के बयान से साफ हुआ सरकार का प्लान

    क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? हरदीप पुरी के बयान से साफ हुआ सरकार का प्लान


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में छिड़े युद्ध संकट के चलते दुनियाभर में कच्चे तेल से लेकर पेट्रोल-डीजल तक की कमी से हाहाकार मच गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने तेल की कीमतें बढ़ने को लेकर एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं। देश में लॉकडाउन (Lockdown In India) को लेकर चल रही अफवाहों पर भी विराम लगाने का काम किया है।

    ”भारतीयों के लिए प्रतिबद्ध सरकार”
    केंद्रीय मंत्री हरदीर पुरी ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीयों के हित के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार के पास दो विकल्प थे- एक तो कीमतों में बढ़ोतरी करे या फिर अपने वित्त पर बोझ उठाए। सरकार ने दूसरे उपाय को प्रयोग किया। हरदीप पुरी ने कहा कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं जिसके कारण निर्यात टैक्स भी लगाया है और विदेशी देशों को निर्यात करने वाली किसी भी रिफाइनरी को एक्सपोर्ट टैक्स देना होगा

    Lockdown In India को लेकर स्थिति स्पष्ट की
    हरदीप पुरी ने कहा कि इस समय मीडिल ईस्ट का तनाव वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखा रहा है जिसके चलते ऊर्जा, सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। हालांकि उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार सुनिश्चि कर रही है कि ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी चीजों की आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे। लॉकडाउन को लेकर चल रही अटकलों पर भी हरदीप पुरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की बातें निराधार हैं। सरकार ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है। इस तरह की स्थिति में अफवाह फैलाना और बेवजह डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।

  • किचन का बजट कैसे बचाएं? PNG और LPG में कौन है ज्यादा किफायती, जानिए पूरा गणित

    किचन का बजट कैसे बचाएं? PNG और LPG में कौन है ज्यादा किफायती, जानिए पूरा गणित


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान के रास्ते गैस और तेल की सप्लाई प्रभावित होने से भारत में भी गैस को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत में सरकार लोगों को राहत देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। केंद्र सरकार ने लोगों से अपील की है कि जहां सुविधा उपलब्ध है, वहां PNG का इस्तेमाल करें।

    PNG और LPG क्या होते हैं?
    PNG पाइपलाइन के जरिए घर तक आने वाली गैस LPG सिलेंडर में मिलने वाली गैस दोनों का इस्तेमाल खाना बनाने में होता है, लेकिन इनका उपयोग और बिलिंग तरीका अलग-अलग है।

    1 किलो गैस में कितने दिन बनता है खाना?
    अगर सामान्य परिवार 4 सदस्य का हिसाब देखें रोजाना लगभग 0.5 SCM PNG की खपत होती है महीने में करीब 15 SCM PNG इस्तेमाल होता है इसे LPG में बदलें तो: यह लगभग 11–12 किलो LPG के बराबर है वहीं 14.2 किलो LPG सिलेंडर लगभग 25 से 35 दिन तक चलता है

    कौन है ज्यादा किफायती?
    PNG की कीमत लगभग 45 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति SCM महीने का PNG खर्च है करीब ₹700 LPG सिलेंडर की कीमत करीब 800 रुपये से लेकर 1100 रुपये यानी दोनों का खर्च लगभग बराबर है, लेकिन PNG में फायदा यह है कि आप जितनी गैस इस्तेमाल करते हैं, उतना ही भुगतान करते हैं।

    सुविधा के मामले में कौन बेहतर?
    PNG के फायदे 24 घंटे गैस की सप्लाई सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं आसान और नियमित बिलिंग LPG की दिक्कतें बार-बार सिलेंडर बुक करना पड़ता है खत्म होने पर तुरंत परेशानी हो सकती है PNG सही है जिनके घर में पाइपलाइन कनेक्शन है। जो स्थायी रूप से एक ही जगह रहते हैं LPG सही है किराए के घर में रहने वाले जिनका ट्रांसफर होता रहता है PNG और LPG दोनों ही अपने-अपने तरीके से उपयोगी हैं। खर्च में ज्यादा फर्क नहीं है, लेकिन सुविधा और लगातार सप्लाई के कारण PNG थोड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है। हालांकि, आपकी जरूरत और रहने की स्थिति के अनुसार सही विकल्प चुनना सबसे जरूरी है।

  • रामनवमी पर अयोध्या में अद्भुत सूर्य तिलक से आलोकित हुआ रामलला का दरबार

    रामनवमी पर अयोध्या में अद्भुत सूर्य तिलक से आलोकित हुआ रामलला का दरबार


    नई दिल्ली:रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति और आस्था के अद्भुत संगम की साक्षी बनी जब रामनवमी के पावन अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का भव्य और दिव्य आयोजन संपन्न हुआ दोपहर ठीक 12 बजे अभिजीत मुहूर्त में जैसे ही सूर्य की किरणें मंदिर के गर्भगृह तक पहुंचीं वैसे ही रामलला के ललाट पर सूर्य तिलक का अलौकिक दृश्य साकार हो उठा यह क्षण न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था बल्कि इसे देखने वाले श्रद्धालुओं के लिए जीवन भर की अविस्मरणीय अनुभूति बन गया

    सूर्य तिलक का यह अद्भुत दृश्य करीब नौ मिनट तक बना रहा जिसमें सूर्य की किरणें सटीक कोण से रामलला के मस्तक पर केंद्रित रहीं मंदिर परिसर इस दौरान दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा और हर ओर जय श्रीराम के जयघोष गूंजने लगे इस विशेष आयोजन को भगवान श्रीराम के जन्म क्षण का प्रतीकात्मक पुनर्सृजन माना गया जिससे श्रद्धालुओं की आस्था और भी गहरी हो गई

    इस दिव्य क्षण को संभव बनाने के पीछे आधुनिक विज्ञान और प्राचीन आस्था का अद्भुत मेल देखने को मिला करीब 65 फीट लंबी विशेष प्रणाली के माध्यम से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक पहुंचाया गया इस प्रणाली में अष्टधातु के पाइप लेंस और दर्पणों का उपयोग किया गया जिनकी सहायता से सूर्य प्रकाश को परावर्तित कर सटीक स्थान तक लाया गया परिणामस्वरूप रामलला के ललाट पर लगभग 75 मिमी का तेजस्वी तिलक उभर कर सामने आया

    इससे पहले इस पूरी प्रक्रिया का लगातार तीन दिनों तक परीक्षण किया गया ताकि निर्धारित समय पर किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और सूर्य तिलक पूरी सटीकता के साथ संपन्न हो सके मंदिर प्रशासन और वैज्ञानिकों के संयुक्त प्रयास ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया

    धार्मिक अनुष्ठानों की बात करें तो गर्भगृह में 14 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पूजा अर्चना की और पंचामृत अभिषेक संपन्न कराया इसके बाद भगवान की भव्य आरती की गई और उन्हें स्वर्ण जड़ित पीतांबर मुकुट और आभूषणों से अलंकृत किया गया जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग भी अर्पित किया गया जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठा

    रामनवमी के इस विशेष अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा राम पथ भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर लंबी कतारें देखी गईं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जगह जगह एलईडी स्क्रीन लगाई गईं जिनके माध्यम से पूरे आयोजन का सीधा प्रसारण किया गया ताकि हर कोई इस दिव्य क्षण का साक्षी बन सके

    मंदिर प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्था करते हुए दर्शन का समय बढ़ा दिया जिससे अधिक से अधिक श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकें सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक मंदिर के द्वार खुले रहे इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए

    इस बार की रामनवमी को धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत विशेष माना जा रहा है क्योंकि रवि योग और सर्वार्थसिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बना जिसने इस पर्व की महत्ता को और अधिक बढ़ा दिया पूरे आयोजन के दौरान अयोध्या नगरी भक्ति उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई साधु संत और श्रद्धालु भजन कीर्तन में लीन रहे और हर ओर उत्सव का वातावरण छाया रहा इस प्रकार रामनवमी का यह पर्व अपने चरम उल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ

  • नई दिल्ली में मोदी धामी बैठक मार्गदर्शन के साथ भेंट हुई मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति

    नई दिल्ली में मोदी धामी बैठक मार्गदर्शन के साथ भेंट हुई मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति


    नई दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राजनीतिक संवाद के साथ सांस्कृतिक आस्था का भी सशक्त संदेश दिया। यह मुलाकात न केवल औपचारिक रही बल्कि इसमें मार्गदर्शन परंपरा और जनहित के विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस बैठक की जानकारी साझा की गई जिससे यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र और राज्य के बीच समन्वय और संवाद लगातार मजबूत हो रहा है।

    मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ जो राज्य के विकास और जनकल्याण के कार्यों में दिशा देने वाला है। उन्होंने इस मुलाकात के दौरान रामनवमी की शुभकामनाएं भी प्रधानमंत्री को दी जिससे यह भेंट केवल राजनीतिक न रहकर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भावनाओं से भी जुड़ गई।

    इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को मां सुरकंडा देवी की प्रतिकृति भेंट की जो उत्तराखंड की आस्था और परंपरा का प्रतीक मानी जाती है। इसके साथ ही उन्होंने बद्री गाय का घी पहाड़ी क्षेत्रों में उत्पादित विभिन्न प्रकार के राजमा और शहद भी उपहार स्वरूप दिए। ये सभी उपहार उत्तराखंड की समृद्ध जैविक परंपरा और स्थानीय उत्पादों की पहचान को दर्शाते हैं।

    मुख्यमंत्री धामी ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया जो देश को नई दिशा नई ऊर्जा और आत्मविश्वास प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व सेवा समर्पण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से प्रेरित है और वे गरीबों किसानों युवाओं और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में की गई कटौती को भी प्रधानमंत्री का दूरदर्शी और जनहितकारी निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों विशेषकर मिडिल ईस्ट संकट के बीच लिया गया यह निर्णय आम जनता को राहत देने वाला है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी से जहां आम नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा वहीं आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब भी देश ने किसी चुनौती का सामना किया है तब प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मजबूत नेतृत्व और प्रभावी निर्णयों से देशवासियों के हितों की रक्षा की है। डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क के माध्यम से देश में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार के संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

  • भारत में लॉकडाउन की अफवाहों को लेकर हरदीप पुरी ने की स्थिति स्पष्ट, जानिए क्‍या कहा ?

    भारत में लॉकडाउन की अफवाहों को लेकर हरदीप पुरी ने की स्थिति स्पष्ट, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज़ी देखी जा रही है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि पिछले एक महीने में कच्चे तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर करीब 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। इसके परिणामस्वरूप दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ गई हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में कीमतों में 30%-50%, उत्तरी अमेरिका में 30%, यूरोप में 20% और अफ्रीका में 50% तक की वृद्धि हुई है।

    हरदीप पुरी ने बताया कि मोदी सरकार के सामने दो विकल्प थे: या तो अन्य देशों की तरह भारतीय नागरिकों से अधिक शुल्क लें या फिर वित्तीय बोझ उठाकर जनता को अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता से सुरक्षित रखें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद पिछले चार सालों से निभाई जा रही प्रतिबद्धता के तहत देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय बोझ उठाने का निर्णय लिया है।

    सरकार ने राजस्व में कटौती की

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों के चलते तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान (पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये/लीटर और डीजल पर 30 रुपये/लीटर) को कम करने के लिए सरकार ने अपने राजस्व में बड़ा कटौती किया है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के कारण निर्यात पर टैक्स भी लगाया गया है, और किसी भी रिफाइनरी को विदेशी निर्यात के लिए एक्सपोर्ट टैक्स देना होगा।

    लॉकडाउन अफवाहों का खंडन

    हरदीप पुरी ने कहा कि वैश्विक हालात अभी भी अनिश्चित हैं, और सरकार ऊर्जा, सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर लगातार नजर रख रही है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुएँ बिना किसी बाधा के उपलब्ध रहें।

    केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि भारत ने पहले भी वैश्विक अनिश्चितताओं के दौरान स्थिरता दिखाई है और आगे भी सक्रिय और समन्वित कदम उठाता रहेगा। लॉकडाउन को लेकर फैली अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अफवाह फैलाना और डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है, और जनता को शांत, संयमित और एकजुट रहना चाहिए।