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  • सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी विकास पर राजनीति नहीं चलेगी ममता सरकार को फटकार

    नई दिल्ली: कोलकाता मेट्रो परियोजना से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को कड़ी फटकार लगाई इस सुनवाई की अध्यक्षता कर रहे Surya Kant ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को चुनाव या त्योहारों के बहाने टालना संवैधानिक कर्तव्य की अवहेलना है और इस तरह की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है

    मामला कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना में हो रही देरी से जुड़ा था राज्य सरकार की ओर से अदालत में यह दलील दी गई कि चुनाव और त्योहारों के कारण प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं जिससे परियोजना की गति प्रभावित हो रही है इसके साथ ही सरकार ने यह भी अनुरोध किया कि मेट्रो कार्यों के लिए ट्रैफिक ब्लॉक को मई तक टाल दिया जाए

    राज्य सरकार ने यह तर्क भी दिया कि संबंधित क्षेत्र से एंबुलेंस और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े वाहनों की आवाजाही होती है इसलिए वहां काम रोकने या सीमित करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि ये केवल बहाने हैं और वास्तविकता में विकास कार्यों को टालने का प्रयास किया जा रहा है

    सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने भी सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि चुनाव आयोग जैसे संस्थान चुनाव के दौरान भी अपने काम को जारी रख सकते हैं तो राज्य सरकार को भी विकास परियोजनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए उन्होंने कहा कि जनता के हित से जुड़े कामों को त्योहारों या अन्य कारणों से रोकना उचित नहीं है

    कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में पहले ही हाईकोर्ट ने राज्य को पर्याप्त छूट दी थी लेकिन इसके बावजूद परियोजना में कोई खास प्रगति नहीं हुई अदालत ने राज्य सरकार के रवैये को कर्तव्य में लापरवाही और जिद्दी व्यवहार का उदाहरण बताया

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रशासनिक देरी का मामला नहीं है बल्कि यह जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाता है अदालत ने यहां तक संकेत दिया कि इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है

    इसके साथ ही अदालत ने कोलकाता हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका को खारिज कर दिया कोर्ट ने कहा कि परियोजना को तय समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए और इसमें किसी भी तरह की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी

    सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कोलकाता मेट्रो की ओर से याचिका वापस लेने की कोशिश की गई लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी और मामले को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया

    कोलकाता मेट्रो की ऑरेंज लाइन परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी बल्कि शहर में ट्रैफिक दबाव को भी कम करेगी ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह सख्त टिप्पणी इस परियोजना को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखी जा रही है

    इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायपालिका अब विकास परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की ढिलाई या राजनीतिक बहाने को स्वीकार करने के मूड में नहीं है और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर और भी सख्त रुख अपनाया जा सकता है

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  • ‘बाहुबली’ Anant Singh की रिहाई आज, कल मंदिर में पूजा और शक्ति प्रदर्शन

    ‘बाहुबली’ Anant Singh की रिहाई आज, कल मंदिर में पूजा और शक्ति प्रदर्शन


    नई दिल्ली। बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह आज 23 मार्च को बेऊर जेल से रिहा होंगे। उन्हें दुलारचंद हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। जानकारी के मुताबिक दोपहर 2 बजे के बाद उनकी रिहाई हो सकती है।

    समर्थकों का जुटान, भव्य स्वागत की तैयारी
    अनंत सिंह की रिहाई को लेकर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जेल के बाहर और उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे हैं। स्वागत के लिए खास तैयारियां की गई हैं और माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। प्रशासन भीड़ को देखते हुए सतर्क है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    मोकामा में रोडशो और मंदिर में पूजा
    रिहाई के बाद 24 मार्च को मोकामा में अनंत सिंह का भव्य रोडशो होगा। इस दौरान वे बड़हिया महारानी स्थान मंदिर में पूजा-अर्चना भी करेंगे। रास्ते में कई जगह समर्थकों द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा, जिससे इलाके का राजनीतिक माहौल गरमा सकता है। यह मामला पिछले साल 30 अक्टूबर का है, जब चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद 1 नवंबर को पुलिस ने बाढ़ स्थित विधायक आवास से अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था और 2 नवंबर को उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया था। करीब चार महीने जेल में रहने के बाद अब उन्हें जमानत मिली है।

    जमानत की शर्तें क्या हैं?
    पटना हाईकोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ जमानत दी है गवाहों को प्रभावित या धमकाने पर जमानत रद्द हो सकती है हर सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहना अनिवार्य कानून-व्यवस्था का पालन करना होगा अनंत सिंह की रिहाई से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मोकामा में होने वाला रोडशो आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। सभी की नजर अब उनकी रिहाई के बाद की गतिविधियों पर टिकी हुई है।

  • पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बड़ा कदम: आज लोकसभा में देंगे बयान, ईरान-इजरायल जंग के बीच भारत की 'सुरक्षा कवच' रणनीति तैयार!

    नई दिल्ली:  पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के बादलों के बीच भारत सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर दो बजे लोकसभा में एक महत्वपूर्ण वक्तव्य देने वाले हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी इस भीषण संघर्ष से वैश्विक स्तर पर पैदा हुए ऊर्जा संकट और इसके भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर संसद को संबोधित करेंगे। इस संबोधन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार सुबह ही प्रधानमंत्री ने संसद भवन परिसर में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ एक बड़ी बैठक की, जिसमें मौजूदा हालातों की विस्तृत समीक्षा की गई।

    इससे पहले रविवार शाम को प्रधानमंत्री मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिम एशिया में जारी जंग के कारण पेट्रोलियम, बिजली, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और खाद सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभावों पर गहन चर्चा की गई। कैबिनेट सचिव ने एक विशेष प्रेजेंटेशन के जरिए वैश्विक स्थिति और भारत सरकार द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि युद्ध का प्रभाव केवल अल्पकालिक नहीं, बल्कि मध्यम और दीर्घकालिक भी हो सकता है। ऐसे में भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को इस झटके से बचाने के लिए तत्काल और दूरगामी, दोनों तरह के जवाबी उपायों पर काम शुरू कर दिया है।

    आम आदमी की बुनियादी जरूरतों, जैसे भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा को लेकर सरकार ने विस्तृत आकलन किया है। विशेष रूप से किसानों के लिए खरीफ सीजन के दौरान खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ वर्षों में खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए जो कदम उठाए गए थे, उनसे फिलहाल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित रहेगी। साथ ही, भविष्य में उपलब्धता बनाए रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की भी तलाश शुरू कर दी गई है। ऊर्जा के मोर्चे पर राहत की बात यह है कि सभी पावर प्लांट्स में कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जिससे देश में बिजली की कमी होने की आशंका नहीं है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस संकट से निपटने के लिए ‘संपूर्ण सरकार’ (Whole-of-Government) के दृष्टिकोण पर बल दिया है। उन्होंने मंत्रियों और सचिवों के एक विशेष समूह के गठन का निर्देश दिया है, जो सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा। पीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस बदलते वैश्विक घटनाक्रम के बीच भारतीय नागरिकों को कम से कम असुविधा होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों के साथ उचित समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि युद्ध की आड़ में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके। केमिकल, फार्मास्यूटिकल और औद्योगिक कच्चे माल के आयात के लिए नए और विविध स्रोतों की पहचान की जा रही है, ताकि भारतीय उद्योगों की गति धीमी न पड़े। आज लोकसभा में पीएम का बयान इस पूरी रणनीति का खाका देश के सामने रखेगा।

  • BSEB Bihar Board 12th Result 2026: कुछ पलों में आने वाला है बिहार बोर्ड 12th का रिजल्ट, इस लिंक पर क्लिक कर जानें रिजल्ट

    BSEB Bihar Board 12th Result 2026: कुछ पलों में आने वाला है बिहार बोर्ड 12th का रिजल्ट, इस लिंक पर क्लिक कर जानें रिजल्ट


    नई दिल्ली। BSEB Bihar Board 12th के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। छात्रों के 12वी क्लास का परिणाम आने वाला है। छात्र-छात्राएं जो कई दिनों से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे वह दोहपर 1:30 बजे अपना रिजल्ट देख पाएंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि BSEB Bihar Board 12th Result 2026 का रिजल्ट 23 मार्च को जारी किया जाएगा।

    BSEB ने दी आधिकारिक जानकारी
    बिहार बोर्ड की 12वी क्लास की परीक्षा के परिणाम पर टकटकी लगाए छात्रों ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ट्वीट के बाद राहत की सांस ली है। बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि रिजल्ट दोपहर 1:30 बजे जारी किया जाएगा।

    कहां देख सकते हैं BSEB Bihar Board 12th Result 2026
    results.biharboardonline.com
    biharboardonline.bihar.gov.in
    interbiharboard.com
    secondary.biharboardonline.com

    कैसे देख पाएंगे BSEB Bihar Board 12th Result 2026
    स्टेप 1: सबसे पहले छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाना होगा।
    स्टेप 2: इसके बाद छात्र अपना रोल कोड और रोल नंबर डालें और कैप्चा भरें।
    स्टेप 3: फिर छात्र ‘View’ बटन पर क्लिक करें।
    स्टेप 4: इसके बाद छात्रों को स्क्रीन पर उनका रिजल्ट दिखने लग जाएगा।
    स्टेप 5: फिर छात्र मार्कशीट डाउनलोड करें।
    स्टेप 6: अंत में भविष्य के लिए छात्र इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं।

    2 से 13 फरवरी के बीच आयोजित हुई थी BSEB Bihar Board 12th की परीक्षा
    साल 2026 में बिहार बोर्ड की 12वीं क्लास की परीक्षा का आयोजन 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित किया गया था। यह परीक्षा राज्यभर के 1,762 केंद्रों पर आयोजित की गईं। परीक्षा दो शिफ्ट में हुई, जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली। हालांकि अब इसका रिजल्ट के साथ समापन हो जाएगा।

  • कोलकाता पोर्ट सीट पर चर्चा में प्रियदर्शिनी हकीम कौन हैं और क्यों बनीं कोलकाता में

    कोलकाता पोर्ट सीट पर चर्चा में प्रियदर्शिनी हकीम कौन हैं और क्यों बनीं कोलकाता में

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में कोलकाता पोर्ट विधानसभा सीट इन दिनों खास चर्चा में है और इसकी मुख्य वजह हैं Priyadarshini Hakim जो तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी की उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरी हैं

    प्रियदर्शिनी हकीम को मुख्यमंत्री Mamata Banerjee की करीबी और भरोसेमंद युवा नेता माना जाता है उनकी राजनीतिक सक्रियता और संगठन में बढ़ती पकड़ ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है खास बात यह है कि वे अपने पिता और राज्य सरकार में मंत्री तथा कोलकाता के मेयर Firhad Hakim के साथ भी लगातार प्रचार करती नजर आती हैं

    प्रियदर्शिनी हकीम की पहचान केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें टीएमसी के भीतर एक उभरते हुए युवा चेहरे के रूप में देखा जा रहा है पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें एक महत्वपूर्ण सीट कोलकाता पोर्ट से चुनावी मैदान में उतारा है जो राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है

    चुनाव प्रचार के दौरान प्रियदर्शिनी की छवि एक विनम्र और जमीन से जुड़ी नेता के रूप में उभर रही है वह लोगों से हाथ जोड़कर मिलती हैं और सीधे जनता से संवाद स्थापित करने की कोशिश करती हैं उनके प्रचार शैली में सादगी और संपर्क पर जोर दिया जा रहा है जिससे वे मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रही हैं

    माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का इस सीट पर खास फोकस है और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटने के निर्देश दिए हैं भवानीपुर को चुनावी प्रचार का मुख्य केंद्र बनाया गया है जहां से रणनीति तैयार की जा रही है

    प्रियदर्शिनी हकीम की चर्चा का एक बड़ा कारण उनका राजनीतिक परिवार भी है क्योंकि उनके पिता फिरहाद हकीम राज्य की राजनीति में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता हैं इस वजह से उन्हें राजनीतिक अनुभव और मार्गदर्शन दोनों मिल रहा है जो उनके चुनावी अभियान को मजबूती देता है

    टीएमसी के भीतर उन्हें एक ऐसे चेहरे के रूप में देखा जा रहा है जो आने वाले समय में पार्टी की युवा नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं उनकी सक्रियता और पार्टी के प्रति निष्ठा उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है

    इस प्रकार कोलकाता पोर्ट सीट न केवल एक चुनावी मुकाबला बन गई है बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए चेहरों का उदय हो रहा है और प्रियदर्शिनी हकीम जैसे युवा नेता भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं

  • मंच पर फूट-फूट कर रो पड़े संजय निषाद, क्या छोड़ेंगे BJP का साथ? जानिए सपा में जाने को लेकर खुद ही कैसे साफ की तस्वीर

    मंच पर फूट-फूट कर रो पड़े संजय निषाद, क्या छोड़ेंगे BJP का साथ? जानिए सपा में जाने को लेकर खुद ही कैसे साफ की तस्वीर


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब संजय निषाद का गोरखपुर रैली में रोते हुए वीडियो सामने आया। गोरखपुर में आयोजित इस रैली के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

    क्या सपा में वापसी करेंगे?
    वीडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा था कि क्या संजय निषाद फिर से समाजवादी पार्टी में लौटेंगे? इस पर खुद संजय निषाद ने साफ कहा कि सपा ने उनके लिए पहले ही दरवाजे बंद कर दिए थे। ऐसे में उनके वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है।

    BJP के साथ रहने का किया ऐलान
    संजय निषाद ने साफ तौर पर कहा कि वे भारतीय जनता पार्टी के साथ ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि जब सबने उनका साथ छोड़ दिया था, तब BJP ने उनका साथ दिया और वे 2019 से लगातार पार्टी को समर्थन दे रहे हैं। इस बयान से यह साफ हो गया है कि फिलहाल वे NDA के साथ ही रहेंगे।

    आरक्षण को लेकर उठाई आवाज
    रैली के दौरान संजय निषाद ने अपने मुख्य मुद्दे यानी आरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि निषाद समाज को SC आरक्षण मिलना चाहिए और इसके लिए वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने BJP से भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

    संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि निषाद समाज का हक इन पार्टियों ने छीना है, जबकि अब वे अपने समाज को एकजुट करने में लगे हैं। संजय निषाद के रोने वाले वीडियो ने भले ही सियासी अटकलों को हवा दी हो, लेकिन उन्होंने खुद साफ कर दिया है कि वे BJP के साथ ही रहेंगे। अब देखना होगा कि आने वाले चुनावी माहौल में उनका अगला कदम क्या होता है और इसका यूपी की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

  • Political Kissa: शादी से पहले ही कह दिया था…एक दिन CM बनूंगा”, 30 साल बाद सच हुआ सपना; जानिए हिमंता बिस्वा सरमा का ये दिलचस्प किस्सा

    Political Kissa: शादी से पहले ही कह दिया था…एक दिन CM बनूंगा”, 30 साल बाद सच हुआ सपना; जानिए हिमंता बिस्वा सरमा का ये दिलचस्प किस्सा


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की जिंदगी का एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों चर्चा में है। करीब 30 साल पहले उन्होंने अपनी पत्नी से कहा था कि वह एक दिन मुख्यमंत्री बनेंगे। उस समय यह सिर्फ एक सपना था, लेकिन अब वह सच हो चुका है।

    पत्नी ने सुनाया खास पल
    उनकी पत्नी रिनिकी भुयान सरमा ने बताया कि 9 मई को जब हिमंता घर लौटे तो उन्होंने कहा- मुझे मुख्यमंत्री नामित किया गया है। यह सुनकर वह हैरान रह गईं और पूछा, कौन? इस पर उन्होंने जवाब दिया मैं। यह पल उनके परिवार के लिए बेहद खास था। इसके अगले दिन 10 मई को हिमंता बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान उनका पूरा परिवार मौजूद रहा।

    छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर
    हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक करियर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। AASU से जुड़े 1994 में सक्रिय राजनीति में आए युवाओं और छात्रों के लिए कई काम किए 1996 में उन्होंने जलुकबारी से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और 2001 में पहली जीत हासिल की। इसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और उनका कद राजनीति में बढ़ता गया।

    कांग्रेस से BJP तक का सफर
    हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने करियर में बड़ा राजनीतिक बदलाव भी किया। पहले कांग्रेस में रहे 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए इसके बाद उनका राजनीतिक ग्राफ तेजी से ऊपर गया 2021 में वह असम के मुख्यमंत्री बने। हिमंता बिस्वा सरमा की कहानी यह दिखाती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सपने जरूर पूरे होते हैं। एक युवा नेता का सपना आज मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच चुका है, जो लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव से ऊर्जा संकट गहराया होर्मुज स्ट्रेट बना वैश्विक चिंता का केंद्र

    मिडिल ईस्ट तनाव से ऊर्जा संकट गहराया होर्मुज स्ट्रेट बना वैश्विक चिंता का केंद्र


    नई दिल्ली:
    पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक स्तर पर चिंता को बढ़ा दिया है इस स्थिति को लेकर International Energy Agency के प्रमुख फतिह बिरोल ने कड़ी चेतावनी जारी की है उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय समस्या नहीं हैं बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ना तय है

    बिरोल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है और यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो इसके परिणाम बेहद व्यापक होंगे उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता बढ़ सकती है जिससे कई देशों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी

    उन्होंने खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट की अहमियत पर जोर दिया जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है लेकिन मौजूदा तनाव के कारण यहां से शिपिंग प्रभावित हो रही है जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ गया है

    आईईए प्रमुख ने यह भी चेतावनी दी कि इस संकट का असर किसी एक देश तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हर देश इसकी चपेट में आएगा उन्होंने कहा कि चाहे विकसित देश हों या विकासशील सभी को इस ऊर्जा संकट के प्रभाव का सामना करना पड़ेगा

    इसी बीच ईरान की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है और वहां से समुद्री यातायात जारी है हालांकि तनावपूर्ण हालात के चलते सुरक्षा उपायों को सख्त किया गया है जिससे शिपिंग की गति प्रभावित हुई है

    आईईए ने पहले भी सरकारों और नागरिकों को ऊर्जा खपत कम करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं इनमें घर से काम करना अनावश्यक यात्रा से बचना और ऊर्जा की बचत करने वाले आधुनिक उपाय अपनाना शामिल है इन कदमों का उद्देश्य ऊर्जा की मांग को कम करना और संकट के प्रभाव को सीमित करना है

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा यह स्थिति वैश्विक मंदी के खतरे को भी जन्म दे सकती है

    फतिह बिरोल ने अपने बयान में यह भी कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर रहा है और यदि समय रहते इसका समाधान नहीं हुआ तो इसके प्रभाव आने वाले समय में और अधिक गंभीर हो सकते हैं

    इस प्रकार पश्चिम एशिया का यह तनाव अब केवल एक क्षेत्रीय संघर्ष न रहकर वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा जोखिम बन गया है जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है

  • वित्त विधेयक और कॉर्पोरेट कानून संशोधन 2026-27 पर सरकार का बड़ा कदम संसद में पेश होंगी अहम नीतियां

    वित्त विधेयक और कॉर्पोरेट कानून संशोधन 2026-27 पर सरकार का बड़ा कदम संसद में पेश होंगी अहम नीतियां


    नई दिल्ली:
    केंद्र सरकार आर्थिक और कॉर्पोरेट ढांचे में बड़े सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman सोमवार को संसद में वित्त विधेयक 2026-27 और कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक 2026 पेश करेंगी इन विधेयकों का उद्देश्य देश की वित्तीय प्रणाली को मजबूत बनाना और व्यावसायिक वातावरण को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है

    वित्त विधेयक 2026-27 का मुख्य उद्देश्य आगामी वित्तीय वर्ष के लिए केंद्र सरकार की वित्तीय योजनाओं और कर संबंधी प्रावधानों को लागू करना है यह विधेयक सरकार की बजटीय घोषणाओं को कानूनी रूप देने के साथ-साथ आर्थिक नीतियों को व्यवहार में लाने का आधार प्रदान करता है इसके पारित होने के बाद देश की राजकोषीय व्यवस्था और विकास योजनाओं को नई दिशा मिलेगी

    इसके साथ ही कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक 2026 भी पेश किया जाएगा जिसमें कंपनी अधिनियम 2013 और सीमित देयता भागीदारी अधिनियम 2008 में बदलाव का प्रस्ताव है यह विधेयक कॉर्पोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने निवेशकों के हितों की रक्षा करने और कंपनियों के संचालन को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    कंपनी अधिनियम कंपनियों के गठन संचालन और विघटन को नियंत्रित करता है जबकि सीमित देयता भागीदारी अधिनियम साझेदारों को सीमित देयता के साथ एक लचीला ढांचा प्रदान करता है इन दोनों कानूनों में प्रस्तावित संशोधन व्यवसायों के लिए अधिक अनुकूल और आधुनिक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है

    इसके अतिरिक्त सरकार ने हाल ही में दिवालियापन और दिवालिया संहिता में संशोधन को मंजूरी दी है जिससे देश में संकटग्रस्त कंपनियों के समाधान की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है इस पहल का उद्देश्य देरी को कम करना और वित्तीय अनुशासन को मजबूत करना है

    इस संबंध में एक संसदीय समिति ने भी महत्वपूर्ण सिफारिशें दी हैं जिसका नेतृत्व भाजपा सांसद Baijayant Panda ने किया था समिति ने मौजूदा दिवालियापन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए यह सुझाव दिया कि मामलों के निपटान के लिए सख्त समयसीमा निर्धारित की जाए इससे समाधान प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी हो सकेगी

    समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि लेनदारों की समिति को अधिक अधिकार दिए जाएं ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी ला सकें और ऋणदाताओं के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सके इसके अलावा सीमा पार दिवालियापन के लिए एक समर्पित ढांचे की सिफारिश की गई है जिससे अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्तियों और विदेशी लेनदारों से जुड़े मामलों को बेहतर तरीके से संभाला जा सके

    इन विधेयकों और संशोधनों का उद्देश्य भारत के वित्तीय और कॉर्पोरेट ढांचे को अधिक मजबूत पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाना है यदि ये प्रस्ताव पारित हो जाते हैं तो आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक नीतियों और निवेश वातावरण पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है

  • सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार

    सामाजिक न्याय के पुरोधा को राष्ट्र का नमन लोहिया जयंती पर पीएम मोदी ने याद किए उनके क्रांतिकारी विचार


    नई दिल्ली:
    देश के प्रखर समाजवादी चिंतक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राम मनोहर लोहिया की जयंती के अवसर पर राष्ट्रभर में उन्हें रक्षाबंधन के अवसर पर इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके विचारों और योगदान को याद करते हुए कहा कि गरीबों और संप्रदायों के संप्रदाय के प्रति उनकी विचारधारा आज भी देश को प्रेरित करती है।

    प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने केवल स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट नहीं किया बल्कि आजादी के बाद भारत के सामाजिक और राजनीतिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि समाजवादी विचारधारा केवल आर्थिक समानता तक सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने लैंगिक समानता और सहभागी शासन जैसे सिद्धांतों पर भी गहनता से अपने सिद्धांत पर जोर दिया, आज भी समग्र विकास और लोकतांत्रिक विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में सुझाव दिए गए हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रयोगशाला को याद दिलाते हुए कहा कि वे आजादी के आंदोलन से लेकर समाज सुधार तक हर क्षेत्र में सक्रिय हैं, उन्होंने शिक्षा और स्वभाषा के लिए वकालत की और अपने आचरण से सामाजिक जीवन में शुचिता का उदाहरण प्रस्तुत किया।

    स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नडडा ने उन्हें सामाजिक न्याय का संदेश देते हुए कहा कि छोटू ने अपना पूरा जीवन समूह के विकास के लिए अपना विचार समर्पित किया है और आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं।

    कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों के केंद्र उनके प्रयासों को हमेशा प्रेरणा देते रहे हैं, वहीं किरण रिजिजू ने कहा कि समाज के शोषित और कृषि उत्पादों की दिशा में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

    विपक्ष के अध्यक्ष ओम बिरला ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉली ने अपने जीवन में असंगत सामाजिक न्याय और जनभागीदारी के सिद्धांतों को स्वीकार किया है और अंतिम व्यक्ति तक विकास की दिशा तय की है, उनके विचार आज भी एक समावेशी और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण में प्रेरणा देते हैं।

    देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने भी इस अवसर पर अपने विचारों को याद किया, योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, भजन लाल शर्मा, नायब सिंह सैनी और पुष्कर सिंह धामी सहित कई लोगों ने अपने विचारों को याद करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति को याद किया। तक विकास संकल्प के संकल्प को परिभाषित करें

    राम मनोहरला का जीवन और उनके विचार भारतीय राजनीति और समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कहा कि वे आज भी देश के विकास के लिए समान विचारधारा वाले हैं और उनकी विरासत हमें सिखाती है कि सच्चा लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब समाज का हर वर्ग और सहभागी बने।