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  • समुद्री शक्ति और सहयोग का प्रदर्शन आईएनएस त्रिकंड का सेशेल्स अभियान

    समुद्री शक्ति और सहयोग का प्रदर्शन आईएनएस त्रिकंड का सेशेल्स अभियान


    नई दिल्ल:
    भारतीय नौसेना का अत्याधुनिक युद्धपोत आईएनएस त्रिकंड हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री कूटनीति और सामरिक सहयोग को मजबूत करते हुए सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से सफलतापूर्वक रवाना हो गया है यह यात्रा भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है

    यह पोर्ट कॉल 16 मार्च को शुरू हुआ था और इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली आईएनएस त्रिकंड भारतीय नौसेना का एक आधुनिक स्टेल्थ फ्रिगेट है जो अपनी उन्नत तकनीक और युद्ध क्षमताओं के लिए जाना जाता है सेशेल्स में अपने प्रवास के दौरान जहाज ने कई महत्वपूर्ण गतिविधियों में हिस्सा लिया और द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का कार्य किया

    जहाज के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन सचिन कुलकर्णी ने सेशेल्स सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और भारत के उच्चायुक्त से मुलाकात की इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने पर चर्चा हुई साथ ही सेशेल्स को आवश्यक स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी सामग्री भी सौंपी गई जो आपसी भरोसे और सहयोग का प्रतीक है

    इस यात्रा का सबसे अहम पहलू संयुक्त सैन्य अभ्यास लामितिये 2026 में भारतीय भागीदारी रही यह पहली बार था जब इस अभ्यास में भारतीय थल सेना नौसेना और वायुसेना तीनों की संयुक्त भागीदारी देखी गई इस अभ्यास को व्यापक स्तर पर आयोजित किया गया और इसमें भारत तथा सेशेल्स के सैनिकों ने मिलकर अपनी संयुक्त क्षमताओं का प्रदर्शन किया

    अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण सैन्य गतिविधियां आयोजित की गईं हार्बर चरण में विजिट बोर्ड सर्च एंड सीजर प्रशिक्षण कराया गया जिसमें संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशनों का अभ्यास हुआ इसके बाद समुद्री चरण में आईएनएस त्रिकंड ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के जहाज ले विजिलेंट के साथ मिलकर संयुक्त अभ्यास किया

    इस दौरान भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और सेशेल्स के विशेष बलों ने समुद्र में सफलतापूर्वक संयुक्त बोर्डिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया जिसमें जहाज पर चढ़ाई तलाशी और नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे इसके अलावा घुसपैठ रोकने ड्रोन से निगरानी छापेमारी और घायल सैनिकों को निकालने जैसे अभ्यास भी किए गए

    अभ्यास का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा प्रस्लिन द्वीप पर किया गया संयुक्त लैंडिंग ऑपरेशन था जिसमें दोनों देशों की सेनाओं ने मिलकर अपनी समन्वित क्षमता का प्रदर्शन किया इस दौरान सेशेल्स के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने पूरे अभ्यास का प्रत्यक्ष अवलोकन किया

    यह पूरा अभियान भारत की महासागर नीति का सशक्त उदाहरण है जो क्षेत्रीय सुरक्षा और सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है आईएनएस त्रिकंड की यह तैनाती भारत की इस प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय सुरक्षा भागीदार और प्रथम प्रतिक्रिया देने वाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा

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    Indian Navy, INS Trikand, Maritime Security, Defense Cooperation, Indo Pacific

  • प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि

    प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड सीएम योगी बोले जनविश्वास का प्रतीक है यह ऐतिहासिक उपलब्धि



    नई दिल्ली: 
    प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भारतीय राजनीतिक इतिहास में एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। वे अब भारत में सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं। इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक बताया है।

    सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि 145 करोड़ भारतीयों की सेवा में निरंतर समर्पित प्रधानमंत्री मोदी अब देश के सबसे लंबे समय तक शासन प्रमुख रहने वाले नेता बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के प्रति जनता के गहरे विश्वास और समर्थन को दर्शाती है।

    अपने संदेश में Yogi Adityanath ने यह भी उल्लेख किया कि Narendra Modi का नेतृत्व ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ जैसे मंत्रों को भारत की प्रगति का आधार बताया और कहा कि देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं।

    सीएम योगी ने अपने संदेश के अंत में भगवान श्रीराम से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे।

    इससे पहले भाजपा के आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अब 8931 दिनों तक सार्वजनिक पद पर रहते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

    Amit Malviya के अनुसार, इस अवधि में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यकाल गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि दशकों की निरंतर जनसेवा और मजबूत नेतृत्व को दर्शाती है।

    उन्होंने आगे प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि वे गुजरात के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं और स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। साथ ही वे 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में लगातार विजेता रहे हैं, जो उनके प्रति जनता के भरोसे को दर्शाता है।

    यह उपलब्धि न केवल राजनीतिक इतिहास में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि नेतृत्व, अनुभव और जनसमर्थन मिलकर किसी भी नेता को एक नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं। Narendra Modi का यह रिकॉर्ड भारतीय राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

  • मई जून में बदलेगा देश का सैन्य नेतृत्व, CDS समेत कई शीर्ष पदों पर होंगी नई नियुक्तियां

    मई जून में बदलेगा देश का सैन्य नेतृत्व, CDS समेत कई शीर्ष पदों पर होंगी नई नियुक्तियां


    नई दिल्ली। देश के शीर्ष सैन्य ढांचे में अगले कुछ महीनों में बड़े बदलाव होने वाले हैं। इसकी शुरुआत नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) की नियुक्ति से होगी। वर्तमान सीडीएस जनरल अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो रहा है जिसके बाद सरकार अप्रैल में नए सीडीएस के नाम पर फैसला ले सकती है। इसके साथ ही सेना प्रमुख नौसेना प्रमुख और डीआरडीओ अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव तय माने जा रहे हैं।

    जनरल अनिल चौहान जो देश के दूसरे सीडीएस हैं लगभग चार वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं और उनका विस्तारित कार्यकाल मई के अंत में खत्म होगा। वहीं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी भी 62 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद मई के अंत तक सेवानिवृत्त हो जाएंगे। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून को 62 वर्ष की अधिकतम आयु पूरी कर पद छोड़ेंगे।

    इसी क्रम में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत भी 31 मई को रिटायर होने जा रहे हैं। हालांकि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह का कार्यकाल अभी जारी रहेगा जो इस वर्ष अक्टूबर में समाप्त होगा।

    रक्षा मंत्रालय के संशोधित नियमों के अनुसार नए सीडीएस के चयन के लिए पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। तीनों सेनाओं के वे सभी थ्री स्टार अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एयर मार्शल और वाइस एडमिरल जो वर्तमान में सेवारत हैं या पिछले दो वर्षों में रिटायर हुए हैं इस पद के लिए योग्य माने जाएंगे। हालांकि चयन के समय उनकी आयु 62 वर्ष से कम होना अनिवार्य है।

    सरकार के पास करीब 150 से अधिक अधिकारियों का विकल्प मौजूद है जिनमें से नए सीडीएस का चयन किया जाएगा। संभावना है कि अप्रैल के अंत तक कैबिनेट की नियुक्ति समिति इस पर अंतिम निर्णय ले लेगी।

  • वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र

    वाशिंगटन एक्सामिनर का दावा- भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर बन सकता है एक समृद्ध राष्ट्र


    नई दिल्ली।
    भारत (India) को दुनिया एक उभरती हुई आर्थिक शक्ति (Emerging Economic Power) के रूप में देख रही है। 2047 में अपनी आजादी के 100 साल पूरा करने पर देश एक समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। यह दावा वाशिंगटन एक्सामिनर की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार पिछले दो दशक में भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि दर्ज की है।

    2003 से अब तक भारतीय अर्थव्यवस्था ने औसतन 7 फीसदी से अधिक वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है। अगर यह आर्थिक गति अगले 20 साल तक बनी रहती है तो भारत उच्च-आय श्रेणी को पार कर सकता है। 2025 की कीमतों पर प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर के पार निकल सकती है। लगातार इस स्तर पर वृद्धि करने से भारत मध्य-आय के जाल यानी मध्य आय वर्ग से बाहर निकलने में सफल हो सकता है। ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की जैसी विकासशील अर्थव्यवस्थाएं इस जाल में उलझकर रह गई हैं।


    भारत की वृद्धि के प्रमुख कारण

    भारत की आर्थिक संभावनाओं को कई सकारात्मक बातों से समर्थन मिल रहा है। इसमें सरकार की प्रगतिशील नीतियां, जनसांख्यिकीय ताकत और बढ़ता हुआ तकनीकी आधार है। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। इसकी औसत आयु लगभग 28 साल है। यह अमेरिका और चीन के मुकाबले काफी कम है। आने वाले दशक में बड़ी संख्या में युवा श्रम बाजार में प्रवेश करेंगे। इससे उत्पादकता में वृद्धि होगी और उपभोक्ता मांग बढ़ेगी। यह जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति घरेलू बाजार को मजबूत करेगी और भारत को निर्यात पर कम निर्भर रहना पड़ेगा।


    बुनियादी ढांचे में निवेश

    भारत के नीति निर्माता उत्पादकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। सड़कें, हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचों में निवेश तेजी से हो रहा है। एक कुशल परिवहन नेटवर्क आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करेगा और घरेलू अर्थव्यवस्था के विस्तार में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में बदलाव भी भारत के पक्ष में जा रहा है। अमेरिकी कंपनियां चीन से अपना कारोबार बाहर निकाल रही हैं। एपल जैसी बड़ी कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति बढ़ा रही हैं। इससे पूंजी और तकनीक के साथ विशेषज्ञता भारत में आ रही है। ये उत्पादकता और नवाचार को बढ़ा सकती है।


    भारत की डिजिटल ताकत

    भारत का डिजिटल बुनियादी ढांचा भी इसकी वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है। नागरिक पहचान प्रणालियां, मोबाइल भुगतान और ऑनलाइन सार्वजनिक सेवाएं लाखों लोगों को अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद कर रही हैं। यह डिजिटल दक्षता को बढ़ा रहा है। कर राजस्व में सुधार हो रहा है और छोटे व्यवसायों को फंडिंग मजबूत हो रही है।


    स्टार्टअप इकोसिस्टम से बड़े बदलाव

    भारत का बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम एक बड़ी ताकत है। ये नई टेक्नोलॉजी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और ई-कॉमर्स जैसे क्षेत्रों में नए प्रयोगों को बढ़ावा दे रही है। ये विकास भारत को उच्च मूल्य वाली चीजों की ओर ले जा रहे हैं।

  • एयरलाइंस को संकट के समय बड़ी राहत… सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर से हटाया प्राइस कैप

    एयरलाइंस को संकट के समय बड़ी राहत… सरकार ने घरेलू उड़ानों के टिकटों पर से हटाया प्राइस कैप


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) की वजह से बढ़ते ऊर्जा संकट पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हुई हैं। इसी बीच एयरलाइंस (Airlines) को इस संकट से उबारने के लिए सरकार (Government) ने एक राहत दी है। उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Aviation) ने दिसंबर में घरेलू उड़ानों के टिकटों पर लगाई गई अस्थायी मूल्य सीमा को हटा लिया है। मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि दिसंबर में स्थिति बिगड़ने की वजह से ऐसा किया गया था, अब जबकि स्थिति सामान्य है, और पश्चिम एशिया में जारी संकट की वजह से इसे हटाया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि अगर इसका गलत इस्तेमाल किया गया, तो फिर से लागू किया जाएगा।

    मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि 23 मार्च से यह प्राइस कैप आधिकारिक तौर पर हट जाएगा। इसके साथ ही डीजीसीए ने आदेश दिया है कि सभी एयरलाइंस के किराए पर बराबर नजर रखी जाएगी। आदेश में कहा गया, “वर्तमान स्थिति अब स्थिर हो चुकी है, क्षमता बहाल हो गई है और पूरे सेक्टर में संचालन सामान्य हो गया है, इसलिए समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 23 मार्च 2026 से किराया सीमा हटा दी जाए।” इसके साथ ही आदेश में जोड़ा गया कि अगर हवाई यात्रियों की संख्या वृद्धि के दौरान एयरलाइंस ने गलत तरीके से टिकटों की कीमत में वृद्धि की तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा।”

    गौरतलब है कि सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट की वजह से एयरलाइंस को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से इस मुद्दे पर बातचीत करने के लिए 18 मार्च को एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट के अधिकारी मंत्रालय पहुंचे थे। वहां पर इन्होंने किराए सीमा को हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन एजेंसियों ने इस संबंध में सरकार को पत्र भी लिखा था।

    आपको बता दें, सरकार की तरफ से घरेलू उड़ानों के किराए पर यह मूल्य सीमा 6 दिसंबर को लगाई गई थी। इस दौरान सरकार द्वारा लागू किए गए एक नियम की वजह से इंडिगो की बहुत सारी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई थीं, जिसकी वजह से अव्यवस्था फैल गई थी। उस समय सरकार ने सीमित क्षमता के दौर में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया था। अधिकतम एकतरफा किराया ₹18,000 तय किया गया था।

  • राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि

    राजनाथ सिंह का बड़ा ऐलान… बोले- देश में खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल… NCC कैडेटों की संख्या में होगी भारी वृद्धि


    नई दिल्ली।
    देश की रक्षा तैयारियों (Country Defense Preparedness) और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी को नया आयाम देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने बड़ी घोषणाएं की हैं। सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (Sainik School Ghorakhal) के डायमंड जुबली समारोह (Diamond Jubilee Celebration) को संबोधित करते हुए उन्होंने देश भर में 100 नए सैनिक स्कूल खोलने और एनसीसी (NCC) कैडेटों की संख्या में भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया। रक्षा मंत्री ने युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और देशभक्ति के मूल्यों को समाहित करने के उद्देश्य से नेशनल कैडेट कोर (NCC) के विस्तार की घोषणा की।

    उन्होंने कहा, “हमने एनसीसी में रिक्तियों की संख्या बढ़ा दी है। पहले जहां भर्ती का लक्ष्य 17 लाख (1.7 मिलियन) था, अब इसे बढ़ाकर 20 लाख (2 मिलियन) करने का निर्णय लिया गया है। इससे अधिक से अधिक बच्चों को राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक संस्कार सीखने का अवसर मिलेगा।”

    सैन्य उन्मुख शिक्षा के दायरे को बढ़ाते हुए राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत देश में 100 नए सैनिक स्कूल स्थापित करने जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये संस्थान न केवल रक्षा सेवाओं के लिए युवाओं को तैयार करते हैं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए भी उन्हें सक्षम बनाते हैं।

    रक्षा मंत्री ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश की अनुमति देने के सरकार के फैसले को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बताया। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर करार देते हुए कहा कि महिला कैडेटों के प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के बराबर हैं।

    घोड़ाखाल सैनिक स्कूल की गौरवशाली विरासत
    समारोह के दौरान उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की विरासत की सराहना की। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि इस अकेले स्कूल ने अब तक 800 से अधिक छात्र नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) को दिए हैं। इसके अलावा, सीडीएस (CDS) और एएफसीएटी (AFCAT) जैसे विभिन्न माध्यमों से 2,000 से अधिक कैडेट यहां से निकलकर देश की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्टता की जमकर तारीफ की।

    कैडेटों में जोश भरते हुए राजनाथ सिंह ने अनुशासन और तत्परता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए कहा, “मैं सभी बच्चों से कहना चाहता हूं- ‘तैयार रहें, हमेशा तैयार रहें।’ हर परिस्थिति के लिए खुद को तैयार रखें। चुनौतियों से पार पाने के लिए मानसिक मजबूती और शारीरिक फिटनेस अनिवार्य है।”

    उन्होंने अंत में कहा कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब उसके नागरिक किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों।

  • गुजरात में सुरक्षा को नई ताकत वडोदरा में हाईटेक पुलिस कंट्रोल सेंटर शुरू

    गुजरात में सुरक्षा को नई ताकत वडोदरा में हाईटेक पुलिस कंट्रोल सेंटर शुरू


    नई दिल्ली: गुजरात में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात के वडोदरा में नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है इस आधुनिक केंद्र का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस भवन में किया

    यह सेंटर नेटवर्क फॉर टेक्नोलॉजी इनेबल्ड रैपिड एश्योरेंस एंड मॉनिटरिंग यानी नेट्रा एम परियोजना के तहत विकसित किया गया है इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस की कार्यक्षमता को तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाना है

    उद्घाटन के दौरान पुलिस महानिदेशक केएलएन राव और नगर पुलिस आयुक्त नरसिम्हा कुमार ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया समारोह में पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया और केंद्र के उद्घाटन की स्मृति में एक पट्टिका का अनावरण किया गया

    यह अत्याधुनिक सेंटर रियल टाइम में अपराध की निगरानी करने प्रमुख आयोजनों और त्योहारों के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पुलिस संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने में सक्षम है इसके जरिए शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सकती है जिससे किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी

    उपमुख्यमंत्री ने सेंटर का दौरा कर यहां स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क और अन्य तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया उन्हें बताया गया कि यह प्रणाली किस प्रकार शहर की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में मदद कर रही है उन्होंने पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया और इसे और मजबूत बनाने के सुझाव दिए

    यह नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर वडोदरा में पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है इसका उद्देश्य अपराध की रोकथाम को बेहतर बनाना यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली प्रदान करना है

    यह पहल स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीक के माध्यम से शहरी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गुजरात पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिससे शहर के नागरिकों को अधिक सुरक्षित और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं दीं यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच संघर्ष लगातार जारी है

    प्रधानमंत्री ने अपनी बातचीत में पश्चिम एशिया में शांति स्थिरता और समृद्धि की उम्मीद जताई उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं और क्षेत्र में सकारात्मक माहौल तैयार कर सकते हैं

    पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को भी बाधित कर सकते हैं उन्होंने ऐसे कदमों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की

    समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित और निर्बाध रहना बेहद जरूरी है भारत ने इस दौरान ईरान का आभार भी जताया कि वह वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रख रहा है

    इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच 12 मार्च को बातचीत हुई थी जिसमें क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की गई थी उस समय भी प्रधानमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया था और चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह की रुकावट भारत और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है

    भारत लगातार इस पूरे संकट के दौरान “डायलॉग और डिप्लोमेसी” की नीति पर जोर दे रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कई देशों के नेताओं से बातचीत कर शांति की पहल को आगे बढ़ाया है उन्होंने कुवैत के क्राउन प्रिंस ओमान के सुल्तान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मलेशिया के प्रधानमंत्री और कतर के अमीर से भी बातचीत की थी

    इन सभी बातचीतों में भारत का संदेश एक ही रहा है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत और सहयोग ही स्थायी शांति का सबसे प्रभावी रास्ता है

    वर्तमान में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और व्यापार बाधित होने की आशंका बढ़ गई है ऐसे में भारत का यह कूटनीतिक प्रयास न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    प्रधानमंत्री मोदी की यह बातचीत शांति संवाद और सहयोग पर आधारित भारत की विदेश नीति को दर्शाती है जो मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है
  • समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा 3 अप्रैल को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी

    समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा 3 अप्रैल को नौसेना में शामिल होगा स्वदेशी स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी


    नई दिल्ली: भारतीय नौसेना अपनी समुद्री ताकत को लगातार मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और इसी क्रम में स्वदेशी तकनीक से तैयार एक और अत्याधुनिक युद्धपोत को बेड़े में शामिल किया जा रहा है गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी को आगामी 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया जाएगा इस अवसर पर राजनाथ सिंह स्वयं इस युद्धपोत को राष्ट्र को समर्पित करेंगे

    यह युद्धपोत प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स का हिस्सा है जो भारतीय नौसेना को वर्ष 2047 तक पूर्ण आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है इससे पहले इसी श्रृंखला के तहत आईएनएस नीलगिरी को जनवरी 2025 में शामिल किया गया था जबकि हिमगिरी और उदयगिरी भी नौसेना के बेड़े में शामिल हो चुके हैं अब तारागिरी इस श्रृंखला का चौथा फ्रिगेट बनकर तैयार है

    तारागिरी को अत्याधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों से लैस किया गया है इसमें सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल लगी है जो दुश्मन के जहाजों और सतही लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है इसके अलावा इसमें लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली बराक 8 मिसाइल प्रणाली भी है जो हवाई हमलों से रक्षा प्रदान करती है

    पनडुब्बी रोधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इसमें स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र और रॉकेट लॉन्चर लगाए गए हैं साथ ही यह आधुनिक सोनार कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम और मल्टी फंक्शन डिजिटल रडार से लैस है जो लंबी दूरी से आने वाले खतरों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम बनाते हैं इस युद्धपोत में हेलिकॉप्टर हैंगर भी मौजूद है जिसमें दो हेलिकॉप्टर एक साथ संचालन कर सकते हैं

    करीब 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की गति से चल सकता है और इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका स्टेल्थ डिजाइन है जो इसे दुश्मन के रडार से बचाने में मदद करता है प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे इन युद्धपोतों में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से लिए गए हैं जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है

    इन फ्रिगेट्स का डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा तैयार किया गया है जबकि इनके निर्माण में मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही है प्रोजेक्ट 17ए के तहत कुल सात युद्धपोत बनाए जा रहे हैं जिनमें से अधिकांश को 2019 से 2022 के बीच लॉन्च किया जा चुका है और शेष के समुद्री परीक्षण जारी हैं

    तारागिरी के नौसेना में शामिल होने से न केवल भारत की समुद्री सुरक्षा और युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी बल्कि यह देश के स्वदेशी रक्षा निर्माण के बढ़ते सामर्थ्य का भी प्रतीक है आने वाले समय में जब सभी नीलगिरी क्लास फ्रिगेट पूरी तरह सेवा में आ जाएंगे तब भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में और अधिक सशक्त और प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराएगी

  • कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड कायम भारत ने फिर रचा इतिहास ऊर्जा सुरक्षा को मिली नई मजबूती

    कोयला उत्पादन में रिकॉर्ड कायम भारत ने फिर रचा इतिहास ऊर्जा सुरक्षा को मिली नई मजबूती


    नई दिल्ली: भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य पूरा कर लिया है यह उपलब्धि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत संकेत मानी जा रही है कोयला मंत्रालय के अनुसार यह लक्ष्य 20 मार्च को हासिल किया गया जो देश के औद्योगिक और ऊर्जा ढांचे के लिए बेहद अहम है

    इस उपलब्धि के पीछे कोयला क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों का समन्वित प्रयास और निरंतर मेहनत रही है बेहतर योजना प्रभावी कार्यान्वयन और आपूर्ति शृंखला में मजबूत तालमेल ने इस लक्ष्य को संभव बनाया है इससे न केवल बिजली उत्पादन में स्थिरता आई है बल्कि उद्योगों को भी निरंतर ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित हुई है

    देश के कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट्स में रिकॉर्ड स्तर का कोयला स्टॉक बनाए रखने में भी इस उपलब्धि ने अहम भूमिका निभाई है मंत्रालय के अनुसार यह स्थिति बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और संभावित संकटों से निपटने में सहायक साबित हो रही है

    वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो जाती है इसके बावजूद देश के थर्मल पावर प्लांट्स के पास लगभग 53.41 मिलियन टन कोयला स्टॉक उपलब्ध है जो मौजूदा खपत के अनुसार करीब 23 दिनों के लिए पर्याप्त माना जा रहा है इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोयला खदानों के पास भी अतिरिक्त भंडारण किया जा रहा है

    आर्थिक दृष्टि से भी यह उपलब्धि सकारात्मक संकेत देती है वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार फरवरी में देश के आठ प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का संयुक्त इंडेक्स 2.3 प्रतिशत बढ़ा है इसी अवधि में कोयला उत्पादन में भी 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई जबकि बिजली उत्पादन में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है

    कोयला मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह एक स्थिर पारदर्शी और प्रदर्शन आधारित प्रणाली विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है इसके तहत नीतिगत सुधार नियमित निगरानी और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल पर लगातार जोर दिया जा रहा है

    इस बीच कोल इंडिया लिमिटेड भी छोटे मध्यम और बड़े सभी उपभोक्ताओं को पर्याप्त कोयला उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रही है कंपनी की भूमिका देश में ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण मानी जाती है

    लगातार दूसरे वर्ष 1 अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जो यह दर्शाता है कि देश न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रहा है बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी अपने ऊर्जा ढांचे को मजबूत बनाए रखने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है