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  • नागपुर में उपराष्ट्रपति का पहला कदम संघ की प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा पर जोर

    नागपुर में उपराष्ट्रपति का पहला कदम संघ की प्रेरणा और निस्वार्थ सेवा पर जोर


    महाराष्ट्र उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का महाराष्ट्र दौरा कई मायनों में विशेष रहा जहां उन्होंने नागपुर में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते हुए देश और समाज के प्रति निस्वार्थ सेवा के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया यह दौरा उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद राज्य का पहला आधिकारिक दौरा था जिससे इसे और अधिक महत्व मिला

    नागपुर पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और नागपुर नगर निगम की मेयर नीता राजेंद्र ठाकरे सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनका अभिनंदन किया इस स्वागत ने उनके दौरे को गरिमामय शुरुआत दी

    अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने विक्रम संवत 2083 के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख समृद्धि की कामना की उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराएं और सांस्कृतिक मूल्य हमें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और समाज को एकजुट रखते हैं

    उन्होंने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके होने के कारण नागपुर आना उनके लिए घर वापसी जैसा अनुभव है यह शहर केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि वैचारिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी देश में विशेष स्थान रखता है

    उपराष्ट्रपति ने नागपुर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जन्मभूमि बताते हुए कहा कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के पावन अवसर पर डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने यहां संघ की स्थापना की थी उन्होंने कहा कि संघ ने समाज में सेवा समर्पण और अनुशासन की भावना को मजबूत किया है और उनका स्वयं का जुड़ाव भी इस विचारधारा से रहा है जिससे उन्हें निस्वार्थ सेवा का संस्कार मिला

    दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने डॉ हेडगेवार स्मृति भवन पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को स्मरण किया उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों के विचार आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं

    अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने मंच पर उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों का अभिवादन किया जिनमें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय दिल्ली के कुलपति प्रो श्रीनिवासु वरेकेडी भारतीय युवा संसद के राष्ट्रीय संयोजक वासुदेव जोशी और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे

    उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उन्हें जीवन में जो भी जिम्मेदारियां मिली हैं उन्होंने हमेशा उन्हें निस्वार्थ भाव से निभाने का प्रयास किया है और यही भावना राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है उनका यह संदेश स्पष्ट करता है कि सेवा और समर्पण ही समाज को आगे ले जाने की सबसे बड़ी शक्ति है

  • बिल्ली पालने की जिद और पिता से तकरार: हैदराबाद में 23 साल की एमबीबीएस छात्रा ने की आत्महत्या, टूट गया डॉक्टर बनने का सपना!

    बिल्ली पालने की जिद और पिता से तकरार: हैदराबाद में 23 साल की एमबीबीएस छात्रा ने की आत्महत्या, टूट गया डॉक्टर बनने का सपना!

    ई दिल्ली: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के अलवाल इलाके से एक बेहद दुखद और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ एक 23 वर्षीय युवती, जिसने हाल ही में अपनी एमबीबीएस (MBBS) की पढ़ाई पूरी की थी और डॉक्टर बनने की दहलीज पर खड़ी थी, उसने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह घर में ‘बिल्ली पालने’ को लेकर हुआ पारिवारिक विवाद बताया जा रहा है। युवती ने करीब तीन महीने पहले एक बिल्ली पाली थी, जिसे लेकर उसके माता-पिता खुश नहीं थे और इसी बात को लेकर घर में अक्सर बहस होती थी।

    घटना वाले दिन भी बिल्ली को रखने या न रखने के मुद्दे पर युवती का अपने माता-पिता से कड़ा विरोध हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि मानसिक रूप से आहत होकर युवती ने सुसाइड कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि क्या विवाद के पीछे कोई और गंभीर कारण था या महज पालतू जानवर का मुद्दा ही इस चरम कदम की वजह बना। एक होनहार डॉक्टर की इस तरह अचानक मौत से इलाके में शोक की लहर है और यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ते तनाव की ओर इशारा करती है।

    हैरानी की बात यह है कि हैदराबाद में पालतू जानवरों से जुड़ी खुदकुशी का यह पिछले कुछ दिनों में दूसरा मामला है। इससे पहले 18 मार्च को भी शहर के मीरपेट इलाके से ऐसी ही एक घटना सामने आई थी, जहाँ एक 20 वर्षीय युवती ने अपनी पालतू बिल्ली की मौत से दुखी होकर आत्महत्या कर ली थी। पालतू जानवरों के प्रति अत्यधिक लगाव और फिर परिवार के साथ उपजे संघर्ष के कारण होने वाली ये मौतें समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

  • कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

    नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी ने सिर्फ नौ महिला उम्मीदवारो को टिकट दिया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महिला सीटें बढाने की अपील की।

    कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हमें नकारा गया है, लेकिन हम हारे नहीं हैं। मैं अपने नेता राहुल गांधी से आग्रह करती हूं कि केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिए गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 16 टिकटों में सिर्फ एक महिला को मौका मिला था। अगर कोई महिला प्रतिभाशाली हो, तब भी हालात बेहद खराब हैं। यह बहुत दुखद है।

    डॉ. शमा मोहम्मद ने कहा कि महिलाओं के प्रतिभाशाली होने के बावजूद भी उनको नाकारा जा रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी से अपील की है कि इस पर ध्यान दिया जाए ताकि कांग्रेस की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी अवसर मिले।

    उल्लेखनीय है कि, डॉ. शमा मोहम्मद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। केरल में जन्मी और पेशे से दंत चिकित्सक है, शमा मोहम्मद 2015 में कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी के मीडिया पैनल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, साथ ही महिला शिक्षा व सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाती हैं।

  • देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं

    देशभर में मनाई जा रही ‘Eid’, अलग-अलग शहरों में अदा की गई नमाज; Narendra Modi ने दी शुभकामनाएं


    नई दिल्ली। पूरे देश में ईद-उल-फितर का पर्व हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाया गया। रमजान के पवित्र महीने के समापन के बाद सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नए कपड़े पहनकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” कहा।

    अलग-अलग शहरों में नमाज

    देश के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और पटना में ईद की नमाज अदा की गई। मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों की संख्या में लोग नमाज अदा और देश में अमन, शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी।

    पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई देते हुए कहा कि यह त्योहार भाईचारे, करुणा और इंसानियत का संदेश देता है। वे सभी नागरिकों के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना की।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    ईद के मौके पर देशभर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। राजधानी दिल्ली में पुलिस द्वारा बहु-स्तरीय सुरक्षा तैनात की गई, जहां ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। पटना के गांधी मैदान में मुख्य नमाज अदा की गई, जहां बड़ी संख्या में नमाजी पहुंचे और नीतीश कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

    कानपुर में हाई अलर्ट

    कानपुर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। पुलिस, पीएसी, स्वाट और साइबर टीम को तैनात किया गया, जबकि पूरे शहर की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी के जरिए की गई।

    सौहार्द और एकता का संदेश

    ईद-उल-फितर का यह पर्व देशभर में प्रेम, एकता और भाईचारे का प्रतीक बनकर सामने आया। नमाज, दुआ और मिलन के इस खास दिन ने एक बार फिर समाज में सकारात्मकता और सद्भाव का संदेश दिया।

  • ‘धुरंधर 2’ पर सियासी विवाद तेज, बैन की मांग; डायरेक्टर-प्रोड्यूसर पर कार्रवाई की उठी आवाज

    ‘धुरंधर 2’ पर सियासी विवाद तेज, बैन की मांग; डायरेक्टर-प्रोड्यूसर पर कार्रवाई की उठी आवाज


    मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर तेजी से आगे बढ़ रही फिल्म धुरंधर 2 अब राजनीतिक विवादों में घिरती नजर आ रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने फिल्म पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसके प्रदर्शन पर रोक लगाने और निर्माताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    अल्वी का कहना है कि फिल्म में माफिया अतीक अहमद की सार्वजनिक हत्या को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, जो समाज और न्याय व्यवस्था के लिए गलत संदेश देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या फिल्मों के जरिए इस तरह की घटनाओं को उचित ठहराना सही है।

    “ऐसी फिल्मों से माहौल खराब होता है”

    राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि इस तरह की फिल्मों से देश का माहौल खराब होता है। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है ऐसी फिल्मों को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का समर्थन या फंडिंग मिलती हो, हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया।

    उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अगर फिल्मों के जरिए हत्याओं को जायज ठहराया जाएगा, तो क्या देश में अदालतों की जरूरत ही खत्म हो जाएगी?

    पाकिस्तान-चीन एंगल पर भी सवाल

    कांग्रेस नेता ने फिल्म की कहानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें केवल पाकिस्तान के खिलाफ माहौल दिखाया गया है, जबकि चीन का जिक्र नहीं किया गया। उनके मुताबिक, यह एकतरफा सोच को दर्शाता है।

    नोटबंदी को लेकर भी उठे सवाल

    अल्वी ने दावा किया कि फिल्म में नोटबंदी जैसे मुद्दे को भी सही ठहराने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के चित्रण से उन लोगों की पीड़ा नजरअंदाज होती है, जो उस फैसले से प्रभावित हुए थे।

    बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन

    विवादों के बीच धुरंधर 2 की कमाई लगातार बढ़ रही है। फिल्म ने रिलीज के शुरुआती दो दिनों में ही 200 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है। इससे पहले इसके पहले भाग धुरंधर ने 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की थी।

    प्रोपेगैंडा बनाम एंटरटेनमेंट की बहस

    फिल्म को लेकर देश में दो धड़े बनते दिख रहे हैं। एक पक्ष इसे प्रोपेगैंडा करार दे रहा है, जबकि दूसरा इसे मनोरंजन और देशभक्ति से जुड़ी कहानी बता रहा है।

    फिलहाल, धुरंधर 2 पर बैन को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन इस विवाद ने फिल्म को लेकर राजनीतिक बहस जरूर तेज कर दी है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम


    नई दिल्ली: द्रौपदी मुर्मू का मथुरा प्रवास गहरी आस्था और भारतीय संस्कृति की झलक के रूप में सामने आया जहां उन्होंने शनिवार को गिरिराज गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की यह परिक्रमा न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि भारतीय परंपरा में श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक भी मानी जाती है राष्ट्रपति ने पूरे मार्ग में भक्तिभाव के साथ यात्रा की और इस दौरान आम श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला

    परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति दान घाटी मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की इस दौरान उनके साथ आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन इसके बावजूद वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत रहा

    राष्ट्रपति का यह दौरा तीन दिनों का है जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव किया शुक्रवार को वे केली कुंज आश्रम पहुंचीं जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका सत्संग सुना इस दौरान राष्ट्रपति ने संत से एकांत में संवाद भी किया जिसमें अध्यात्म सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई इस मुलाकात ने उनके प्रवास को और भी विशेष बना दिया राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत समाज देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

    इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रपति प्रेम मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने राधा कृष्ण के दर्शन कर पूजा अर्चना की मंदिर का भव्य वातावरण और लेजर शो उन्हें बेहद आकर्षक लगा उन्होंने इसकी सराहना भी की मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गर्भगृह के सामने पहुंचकर दिव्य युगल विग्रह के दर्शन किए और विधिपूर्वक पूजा संपन्न की

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मथुरा प्रवास केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से उनका गहरा जुड़ाव दर्शाता है उनके इस दौरे ने यह संदेश दिया कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत आज भी उतनी ही जीवंत और प्रेरणादायक है जितनी सदियों पहले थी
  • “पत्नी नौकरानी नहीं, बराबर की साथी है” — सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी

    “पत्नी नौकरानी नहीं, बराबर की साथी है” — सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी


    नई दिल्ली। वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पति को कड़ी फटकार लगाते हुए साफ कहा कि शादी किसी नौकरानी से नहीं, बल्कि जीवनसाथी से की जाती है। अदालत ने दो टूक कहा कि घर के कामों में पति को भी बराबरी से हाथ बंटाना होगा।

    कोर्ट ने टिप्पणी की कि खाना बनाना, कपड़े धोना या घर संभालना सिर्फ पत्नी की जिम्मेदारी नहीं है। समय बदल चुका है और पति-पत्नी दोनों को मिलकर जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।

    तलाक की मांग पर कोर्ट सख्त

    मामले में पति ने ‘क्रूरता’ के आधार पर तलाक की मांग की थी। उसका आरोप था कि पत्नी घर का काम नहीं करती और उसके साथ दुर्व्यवहार करती है। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि पत्नी घरेलू काम ठीक से नहीं करती, तो इसे क्रूरता नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने कहा कि इस आधार पर तलाक देना उचित नहीं है और पति को अपने नजरिए में बदलाव लाना चाहिए।

    2017 में हुई थी शादी

    दोनों की शादी वर्ष 2017 में हुई थी और उनका एक आठ साल का बेटा भी है। पति का कहना था कि शादी के कुछ ही समय बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह उसके माता-पिता के प्रति भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करती है।

    हालांकि, कोर्ट ने इस विवाद को सुलझाने के लिए पहले मध्यस्थता (मेडिएशन) का रास्ता सुझाया था, लेकिन दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। अब मामले की अगली सुनवाई तय की गई है।

    दूसरे मामले में भी दिलचस्प टिप्पणी

    इसी दिन एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक फरार जोड़े की सुरक्षा याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें सीधे राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे इसके लिए संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख करें।

    बताया गया कि यह जोड़ा सोशल मीडिया से प्रभावित होकर इस गलतफहमी में सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था कि वह परिसर में शादी कर सकता है और तुरंत सुरक्षा मिल जाएगी। अदालत ने इस पर अप्रत्यक्ष रूप से नाराजगी जताते हुए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी।

  • अग्निपथ भर्ती में बड़ा बदलाव: नेपाली गोरखाओं की एंट्री बंद, केवल भारतीय गोरखा ही पात्र

    अग्निपथ भर्ती में बड़ा बदलाव: नेपाली गोरखाओं की एंट्री बंद, केवल भारतीय गोरखा ही पात्र

    आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जून से शुरू होने वाली भर्ती के लिए जारी नोटिफिकेशन में ‘गोरखा’ की जगह केवल ‘भारतीय गोरखा’ का उल्लेख किया गया है। इससे स्पष्ट है कि अब सिर्फ भारत में रहने वाले गोरखा युवा ही आवेदन कर सकेंगे।

    नेपाल के रुख का असर

    इस बदलाव के पीछे नेपाल का पहले से चला आ रहा विरोध अहम माना जा रहा है। जब अग्निपथ योजना लागू की गई थी, तब नेपाल ने इसे भारत, ब्रिटेन और नेपाल के बीच हुए पुराने त्रिपक्षीय समझौते के खिलाफ बताया था।

    नेपाल के विरोध के बाद वहां स्थित भारतीय सेना के दो भर्ती केंद्र भी बंद हो गए थे, जहां से लंबे समय से गोरखा सैनिकों की भर्ती होती थी। भारत ने कई बार बातचीत के जरिए स्थिति सुलझाने की कोशिश की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।

    सुरक्षा और अवसर भी वजह

    सूत्रों के अनुसार, नेपाल में बढ़ते भारत-विरोधी माहौल और बदलते सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा नेपाली गोरखाओं के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निजी सुरक्षा एजेंसियों और विदेशी सेनाओं में काम करने के बेहतर अवसर भी मौजूद हैं।

    बताया जाता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भी कई गोरखा सैनिकों को रूसी सेना में काम करने के मौके मिले। वहीं, ब्रिटेन की सेना में गोरखाओं की भर्ती पहले से जारी है।

    भारतीय सेना में पहले से बड़ी मौजूदगी

    फिलहाल भारतीय सेना की गोरखा राइफल्स में करीब 30 हजार से अधिक नेपाली गोरखा सैनिक सेवा दे रहे हैं। इसके अलावा नेपाल में बड़ी संख्या में पूर्व गोरखा सैनिक भी हैं, जिन्हें भारत सरकार हर साल लगभग 500–600 करोड़ रुपये पेंशन के रूप में देती है।

    भारतीय गोरखा युवाओं को फायदा

    इस फैसले से भारत में रह रहे गोरखा युवाओं के लिए सेना में भर्ती के अवसर बढ़ने की संभावना है। अब वे सीमित प्रतिस्पर्धा के बीच ज्यादा मौके हासिल कर सकेंगे।

    कुल मिलाकर, अग्निपथ योजना के तहत यह बदलाव भारत-नेपाल सैन्य सहयोग के लंबे इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

  • गाजियाबाद में ISI जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 नाबालिग समेत 9 और गिरफ्तार; 15 तक पहुंची संख्या

    गाजियाबाद में ISI जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़, 5 नाबालिग समेत 9 और गिरफ्तार; 15 तक पहुंची संख्या


    गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए पुलिस ने शुक्रवार को 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 5 नाबालिग भी शामिल हैं। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। नाबालिग आरोपियों को बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया है।

    पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह आईएसआई के इशारे पर देश के सैन्य ठिकानों और संवेदनशील स्थानों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। इतना ही नहीं, आरोपियों ने देश के बड़े उद्योगपतियों जैसे गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के घरों की लोकेशन और वीडियो भी साझा किए थे।

    नाबालिग भी साजिश में शामिल

    गिरफ्तार नाबालिगों की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

    इनमें एक 9वीं कक्षा का छात्र भी शामिल है, जो संवेदनशील जगहों की रेकी और कैमरे लगाने के काम में लगा था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तानी नंबरों के अलावा मलेशिया और यूके के वर्चुअल नंबर के जरिए अपने हैंडलर्स से संपर्क में थे।

    कई राज्यों से जुड़े साजिश के तार

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में मेरठ, कौशांबी और नवी मुंबई से जुड़े लोग शामिल हैं। वहीं, गिरोह के मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार बिहार और अन्य राज्यों से भी जुड़े पाए गए हैं।

    बड़े आतंकी हमले की थी साजिश

    जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क देश के कई राज्यों—जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश—में सिलसिलेवार हमलों की साजिश रच रहा था। यह साजिश करीब दो साल से चल रही थी और दूसरे चरण में ही आरोपियों को पकड़ लिया गया।

    सूत्रों के मुताबिक, साजिश के तहत 50 से ज्यादा जगहों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाने की योजना थी, ताकि संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी की जा सके।

    समुद्री रास्तों की भी रेकी

    एक आरोपी ने मुंबई पोर्ट की रेकी कर वहां की फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजे थे। जांच एजेंसियां इसे बेहद गंभीर मान रही हैं, क्योंकि पहले भी 26/11 जैसे आतंकी हमलों में समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया जा चुका है।

    अगला निशाना जालंधर था

    पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली के बाद जालंधर को निशाना बनाने की तैयारी थी। हालांकि, एक आरोपी निजी कारणों से तय समय पर वहां नहीं पहुंच सका, जिससे संभावित बड़ा हमला टल गया।

    फिलहाल, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं और आरोपियों पर कड़े कानूनों के तहत कार्रवाई की तैयारी है।

  • 'सच दिखाया तो हो रही तकलीफ', 'धुरंधर 2' के विरोध पर पूर्व DGP एस.पी. वैद का पलटवार

    'सच दिखाया तो हो रही तकलीफ', 'धुरंधर 2' के विरोध पर पूर्व DGP एस.पी. वैद का पलटवार

    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने फिल्म धुरंधर 2 का खुलकर समर्थन किया है और इसके आलोचकों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि फिल्म में अतीक अहमद और दाऊद इब्राहिम जैसे गैंगस्टरों को लेकर जो दिखाया गया है, वह कड़वी लेकिन वास्तविक सच्चाई है।

    वैद ने कहा कि अतीक अहमद के पाकिस्तान से संबंध और अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़े मामले किसी से छिपे नहीं हैं। उनके मुताबिक, “अतीक अहमद भले ही सांसद रहा हो, लेकिन वह एक कुख्यात गैंगस्टर था। उसके पास अवैध हथियार कैसे पहुंचते थे और पाकिस्तान से उसके क्या रिश्ते थे, यह जगजाहिर है। फिल्म इसी हकीकत को सामने लाती है।”

    पूर्व डीजीपी ने यह भी आरोप लगाया कि देश में कुछ नेता जाली नोटों के रैकेट में शामिल रहे हैं और पाकिस्तान तक मशीनें पहुंचाने में उनकी भूमिका रही। उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों के चलते ही नोटबंदी जैसा कड़ा कदम उठाना पड़ा था।

    विपक्षी दलों द्वारा फिल्म को “सरकारी प्रोपेगेंडा” बताए जाने पर वैद ने पलटवार करते हुए कहा, “जब तक दाऊद इब्राहिम के पैसे से फिल्में बनती थीं, तब तक किसी को समस्या नहीं थी। अब जब सच्चाई दिखाई जा रही है, तो लोगों को मिर्ची लग रही है।” उन्होंने साफ किया कि इस फिल्म में किसी सरकारी फंड का इस्तेमाल नहीं हुआ है और यह वास्तविक घटनाओं से प्रेरित एक साहसिक प्रयास है।

    फिल्म को लेकर देश में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां एक तरफ इसे समर्थन मिल रहा है, वहीं कुछ राजनीतिक दल इसे प्रोपेगेंडा करार देकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, एस.पी. वैद का मानना है कि फिल्म की कहानी वास्तविक तथ्यों के काफी करीब है और इसे उसी नजरिए से देखा जाना चाहिए।