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  • बिहार में सत्ता बदलाव के संकेत: BJP को CM पद, JDU के हिस्से दो डिप्टी CM की चर्चा तेज

    बिहार में सत्ता बदलाव के संकेत: BJP को CM पद, JDU के हिस्से दो डिप्टी CM की चर्चा तेज

    नई दिल्ली। बिहार की सियासत में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के बीच नई सत्ता व्यवस्था को लेकर सहमति बनती दिख रही है, जिसमें दोनों दलों की भूमिकाएं बदल सकती हैं।

    अब तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार में BJP ‘बड़े भाई’ की भूमिका में आ सकती है और मुख्यमंत्री पद उसके खाते में जाने की चर्चा है। वहीं, JDU को दो उपमुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    जल्‍द हो सकता है सत्ता परिवर्तन
    सूत्रों के अनुसार, इस सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है, जिससे राज्य की राजनीतिक संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार 10 अप्रैल से राज्यसभा सदस्य के रूप में अपना नया कार्यकाल शुरू करेंगे। इससे पहले वे मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता छोड़ सकते हैं। JDU सूत्रों का कहना है कि वे केंद्र सरकार में शामिल होने के बजाय राज्यसभा में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    नई व्यवस्था के तहत मंत्रालयों का बंटवारा भी तय माना जा रहा है। BJP के पास मुख्यमंत्री पद के साथ 15 मंत्री पद होंगे, जबकि JDU को दो डिप्टी CM समेत 16 मंत्री पद मिल सकते हैं। गृह मंत्रालय और विधानसभा अध्यक्ष का पद BJP के पास रहेगा, जबकि विधान परिषद के सभापति का पद JDU को दिए जाने की संभावना है।

    निशांत कुमार की एंट्री
    इस राजनीतिक बदलाव में निशांत कुमार की एंट्री भी अहम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि दूसरे डिप्टी CM के रूप में JDU के किसी वरिष्ठ नेता को जिम्मेदारी दी जाएगी।

    बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार सरकार को मार्गदर्शन देते रहेंगे और पार्टी संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने पर फोकस करेंगे। सहयोगी दलों के लिए भी पुराना फॉर्मूला जारी रहने की संभावना है, जिसमें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दो मंत्री पद, जबकि अन्य सहयोगियों को एक-एक पद मिल सकता है।

    नीतीश का सम्राट चौधरी की ओर इशारा
    इसी बीच, हाल ही में जमुई और सहारसा में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे बिहार को आगे बढ़ाएंगे। इसके बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं कि सम्राट चौधरी को भविष्य के मुख्यमंत्री के तौर पर देखा जा रहा है।

    हालांकि, JDU की ओर से इन अटकलों को खारिज किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय चौधरी ने साफ कहा कि नीतीश कुमार ने किसी को अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया है। इसके बावजूद बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव को लेकर चर्चाएं लगातार तेज बनी हुई हैं।

  • एलपीजी संकट: गुजरात के सूरत में प्रवासी मजदूर गांव लौटे, पलायन से कामगारों की बढ़ी कमी

    एलपीजी संकट: गुजरात के सूरत में प्रवासी मजदूर गांव लौटे, पलायन से कामगारों की बढ़ी कमी

    सूरत। गुजरात के सूरत में पश्चिम एशिया तनाव के असर से रसोई गैस (एलपीजी) की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। इसके चलते बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने गांव लौटने को मजबूर हैं। उधना रेलवे स्टेशन से घर जाने की तैयारी कर रहे मजदूरों ने बताया कि काम होने के बावजूद गैस की कमी ने जीवन बेहद मुश्किल बना दिया है। कई दिनों से खाना बनाने के लिए गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें भूखे रहने तक की स्थिति का सामना करना पड़ा।

    गैस की कीमत 500 रुपये प्रति किलो तक

    मजदूरों का आरोप है कि गैस की कीमत अब लगभग 500 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो उनकी पहुंच से बाहर है। एक मजदूर सचिन ने कहा कि पैसों की कमी और गैस न मिलने के कारण वे गांव लौटने को मजबूर हैं। वहीं, एक महिला मजदूर ने बताया कि गैस खत्म हुए एक सप्ताह हो गया है और लगातार प्रयास करने के बावजूद सिलिंडर नहीं मिल रहा। आर्थिक तंगी के चलते वह अपनी बेटी के साथ गांव जा रही हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सूरत में ही रहेंगे। मजदूरों ने स्पष्ट किया कि गैस आपूर्ति सामान्य होने पर वे काम पर लौटेंगे, लेकिन फिलहाल हालात ने उन्हें पलायन के लिए मजबूर कर दिया है।

    उद्योगों में श्रमिकों की कमी

    सूरत के टेक्सटाइल उद्योगों में मजदूरों के पलायन से कामगारों की कमी बढ़ गई है। मजदूर कमल पाल ने बताया कि मकान मालिकों ने लकड़ी से खाना बनाने पर भी रोक लगा दी है, जिससे हालात और कठिन हो गए हैं। मजदूरों का कहना है कि जैसे ही एलपीजी की आपूर्ति सामान्य होगी, वे वापस लौटेंगे। फिलहाल यह संकट उद्योगों और मजदूरों दोनों के लिए चुनौती बन चुका है।

  • मोदी जी कह देंगे तो पापा खा लेंगे दवा…. बेटे की भावुक अपील से इमोशनल हुए लोग….

    मोदी जी कह देंगे तो पापा खा लेंगे दवा…. बेटे की भावुक अपील से इमोशनल हुए लोग….


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की एक इंस्टाग्राम स्टोरी (Instagram story) सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस स्टोरी में एक युवक अपने पिता को लेकर ऐसी अपील करता नजर आता है, जिसने लोगों को मुस्कुराने के साथ-साथ भावुक भी कर दिया।

    वीडियो में युवक हल्के-फुल्के अंदाज में कहता है कि उसके पिता प्रधानमंत्री मोदी के ‘जबरदस्त फैन’ हैं और उनकी हर बात मानते हैं। इसी भरोसे के साथ वह पीएम मोदी से अनुरोध करता है कि वे अपने लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में उसके पिता को खास तौर पर संदेश दें कि पापा, डायबिटीज की दवा समय पर लिया करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।

    युवक की इस अनोखी गुहार को पीएम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और उस पर लिखा कि युवराज के निवेदन पर मैं उनके पिता से कम चीनी खाने और सेहत का ध्यान रखने की अपील करूंगा। लोग इसे एक बेटे की चिंता और प्रधानमंत्री के प्रति आम लोगों के गहरे जुड़ाव के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। इस स्टोरी से पीएम मोदी का एक अलग, मानवीय पक्ष भी सामने आता है, जहां वे आम नागरिकों की छोटी-छोटी लेकिन दिल से जुड़ी बातों को भी मंच देते हैं।

    पीएम ने दिया मीठा कम योग ज्यादा का संदेश
    पीएम मोदी ने अगली स्टोरी में मीठा कम और योग ज्यादा का भी संदेश दिया। इस स्टोरी में पीएम ने लिखा, अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दें, अच्छा खाएं, स्वस्थ भोजन करें। साथ ही ज्यादा चीनी के नुकसान, मोटापे के खतरे और योग को जीवन का हिस्सा बनाने की सलाह भी दी गई।

  • अलर्ट…. LPG गैस बुकिंग में जल्दबाजी कहीं पड़ न जाए भारी… एक्टिव हुए साइबर ठग..

    अलर्ट…. LPG गैस बुकिंग में जल्दबाजी कहीं पड़ न जाए भारी… एक्टिव हुए साइबर ठग..


    नई दिल्ली।
    देश (Country) के कई हिस्सों में LPG गैस को लेकर संकट की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं सप्लाई में देरी हो रही है तो कहीं लोगों को सिलेंडर (Cylinder) पाने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे माहौल में लोग जल्दी-जल्दी गैस बुकिंग (Gas booking) करने की कोशिश कर रहे हैं, और यही जल्दबाजी अब उनके लिए खतरा बनती जा रही है। LPG इस कमी का फायदा उठाकर साइबर ठग एक्टिव (Cyber ​​Thugs Active) हो गए हैं और गैस सिलेंडर बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हाल ही में “Gas Bill Update APK” नाम का एक नया स्कैम सामने आया है, जिसमें ठग WhatsApp या SMS के जरिए फर्जी मैसेज भेजते हैं और लोगों से एक ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं।

    सरकार ने इसको लेकर हाई अलर्ट जारी किया है और साफ कहा है कि ऐसी किसी भी फाइल को डाउनलोड करना बेहद खतरनाक हो सकता है। एक छोटी सी गलती आपके मोबाइल को हैक कर सकती है और बैंक अकाउंट तक खाली हो सकता है। ऐसे में LPG संकट के इस समय में सतर्क रहना बेहद जरूरी है, ताकि आप ठगी का शिकार बनने से बच सकें। ऐसे में अगर आप भी LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।


    क्या है पूरा मामला?

    यह नया साइबर फ्रॉड बेहद चालाकी से डिजाइन किया गया है। इसमें ठग खुद को गैस एजेंसी या किसी सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते हैं और लोगों को मैसेज भेजते हैं। मैसेज में लिखा होता है कि आपका गैस बिल अपडेट नहीं हुआ है या KYC अधूरा है, और इसे तुरंत पूरा करना जरूरी है। इसके साथ एक APK फाइल या लिंक दिया जाता है, जिसे डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। यही सबसे बड़ा जाल होता है। जैसे ही यूजर उस फाइल को डाउनलोड करता है, उसका फोन खतरे में आ जाता है।


    ऐसे काम करता है यह APK स्कैम

    इस फ्रॉड का तरीका बहुत ही स्मार्ट है। ठग पहले यूजर को डराते हैं कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई तो गैस सेवा बंद हो सकती है। फिर वे एक लिंक या APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही यह ऐप इंस्टॉल होता है, यह फोन की कई जरूरी परमिशन ले लेता है। इसके बाद यह ऐप आपके फोन से OTP, मैसेज, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी तक एक्सेस कर सकता है। कई मामलों में यह स्क्रीन रिकॉर्डिंग और रिमोट एक्सेस भी हासिल कर लेता है।

    इस तरह के फ्रॉड में नुकसान बहुत बड़ा हो सकता है। एक बार फोन हैक हो जाने के बाद ठग आपके बैंक अकाउंट, UPI और वॉलेट तक पहुंच बना सकते हैं। कई मामलों में लोगों के हजारों से लेकर लाखों रुपये तक गायब हो चुके हैं। इसलिए इसे हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है।


    सरकार की क्या है चेतावनी

    सरकार ने साफ तौर पर लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड न करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि LPG से जुड़ी कोई भी जानकारी या अपडेट केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें। अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज या कॉल आता है, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें।


    ऐसे रखें खुद को सुरक्षित

    इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले, किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक या डाउनलोड न करें। दूसरा, गैस बुकिंग हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही करें। तीसरा, OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN किसी के साथ भी शेयर न करें, चाहे वह खुद को अधिकारी ही क्यों न बताए।

  • NCERT किताब विवाद सुलझा…. केन्द्र ने न्यायपालिका पर आधारित चैप्टर री-ड्राफ्ट करने के लिए गठित की कमेटी

    NCERT किताब विवाद सुलझा…. केन्द्र ने न्यायपालिका पर आधारित चैप्टर री-ड्राफ्ट करने के लिए गठित की कमेटी


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार (Central Government) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को सूचित किया कि उसने एनसीईआरटी (NCERT) की पाठ्यपुस्तकों में न्यायपालिका पर आधारित चैप्टर को फिर से तैयार यानी री-ड्राफ्ट (Re-draft) करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा, पूर्व जज जस्टिस अनिरुद्ध बोस और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल शामिल होंगे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वीएम पंचोली की पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने केंद्र की ओर से यह जानकारी दी।

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया, “हमने चैप्टर का मसौदा तैयार करने के लिए समिति बनाई है। वेणुगोपाल और जस्टिस इंदु मल्होत्रा समिति का हिस्सा होंगे। हमने राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी से जस्टिस अनिरुद्ध बोस से भी अनुरोध किया है और वे भी इसमें शामिल होंगे। इस आश्वासन और समिति के गठन की जानकारी के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने विवादित चैप्टर पर दर्ज किए गए अपने स्वतः संज्ञान मामले का निपटारा कर दिया।


    क्या है पूरा विवाद?

    यह विवाद कक्षा 8 की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ (वॉल्यूम 2) से जुड़ा है। इसमें ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ नामक चैप्टर के तहत कथित तौर पर ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ पर एक हिस्सा शामिल किया गया था। इस मुद्दे को सबसे पहले 25 फरवरी को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत के सामने उठाया था, जिस पर कोर्ट ने बताया था कि उसने पहले ही इसका स्वतः संज्ञान ले लिया है। विवाद बढ़ने पर NCERT ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा था कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी। उन्होंने विवादित हिस्से को किताब से वापस लेने और उचित परामर्श के बाद इसे फिर से लिखने की बात कही थी।


    सुप्रीम कोर्ट की पिछली कार्रवाइयां और नाराजगी

    किताब पर बैन: 26 फरवरी को हुई विस्तारपूर्ण सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने इस किताब के उत्पादन और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। अवमानना का नोटिस: अदालत ने स्कूल शिक्षा विभाग और NCERT के निदेशक डॉ. दिनेश प्रसाद सकलानी को अवमानना अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि विवादित चैप्टर को लिखने या मंजूरी देने वालों के खिलाफ उपयुक्त कार्रवाई क्यों न की जाए।

    NCERT डायरेक्टर के जवाब पर आपत्ति: पिछली सुनवाई में कोर्ट ने NCERT निदेशक के उस जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसमें कहा गया था कि चैप्टर को फिर से लिख लिया गया है। कोर्ट ने इस जवाब को परेशान करने वाला बताया था क्योंकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि किन विशेषज्ञों ने इसे दोबारा लिखा है या किसने इसे मंजूरी दी है।

    इसके बाद अदालत ने केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर एक समिति बनाने का निर्देश दिया था, जिसमें एक सेवानिवृत्त जज, एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और एक प्रख्यात वकील शामिल हों। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि कानूनी अध्ययन की सामग्री तैयार करने के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी को भी भरोसे में लिया जाना चाहिए।


    पुराने लेखकों से दूर रहने का निर्देश

    अदालत ने यह भी कड़ा निर्देश दिया है कि केंद्र और राज्य सरकारें प्रोफेसर मिशेल डैनिनो, सुपर्णा दिवाकर और आलोक प्रसन्ना कुमार के साथ भविष्य में कोई जुड़ाव न रखें। यह निर्देश तब आया जब NCERT निदेशक ने कोर्ट को बताया था कि पिछला विवादित चैप्टर मुख्य रूप से प्रोफेसर डैनिनो द्वारा तैयार किया गया था और दिवाकर व कुमार ने इस कार्य में उनकी सहायता की थी।


    सोशल मीडिया पर भी सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त

    इस मामले में अदालत ने सोशल मीडिया पर गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करने वाले कुछ तत्वों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। पीठ ने कड़े शब्दों में कहा: तथाकथित सोशल मीडिया पर कुछ तत्वों ने गैर-जिम्मेदाराना हरकतें की हैं। हम समस्याओं का डटकर सामना करने में विश्वास रखते हैं। हम भारत सरकार को निर्देश देते हैं कि वह ऐसे प्लेटफार्मों और उन लोगों की पहचान करे जो इसमें लिप्त हैं, ताकि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। कानून अपना काम करेगा। भले ही वे इस देश में कहीं भी छिपे हों, हम उन्हें नहीं छोड़ेंगे।

  • देशभर में आज ईद-उल-फितर की धूम…. समाजन एक दूसरे को दे रहे मुबारकबाद

    देशभर में आज ईद-उल-फितर की धूम…. समाजन एक दूसरे को दे रहे मुबारकबाद


    नई दिल्ली।
    आज पूरे देश में ईद-उल-फितर (Eid Ul Fitr 2026) का त्योहार पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। एक महीने के रोज़ों (Roza) के बाद मुस्लिम समाज (Muslim Brotherhood) में खुशी का माहौल है और ईदगाहों व मस्जिदों (Eidgahs and Mosques) में विशेष नमाज़ अदा की जा रही है। सभी जगह ईद का खास उत्साह देखने को मिल रहा है. सुबह फज्र की नमाज़ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

    ईद-उल-फितर (Eid Ul Fitr 2026) इस्लाम धर्म का बेहद खास त्योहार माना जाता है. पूरे महीने रोजे रखने के बाद जब नया चांद दिखाई देता है, तब शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी के पहले दिन ईद मनाई जाती है. इस दिन सुबह लोग ईद की नमाज अदा करते हैं और इसके साथ ही रोजों का सिलसिला समाप्त हो जाता है. यह त्योहार खुशियां बांटने और आपसी भाईचारे को बढ़ाने का संदेश देता है।


    ईद-उल-फितर का महत्व (Eid ul Fitr 2026 significance)

    इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान का महीना बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान पहली बार कुरान शरीफ आई थी. माना जाता है कि इसी दिन से पैगंबर हजरत मुहम्मद के मक्का से मदीना आने के बाद ईद-उल-फितर मनाने की परंपरा शुरू हुई थी. तभी से यह दिन खुशियों के त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा।

    ईद के मौके पर घरों में तरह-तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं, खासकर सेवइयां. मेहमानों का स्वागत मिठाई से किया जाता है और बच्चों व अपनों को ईदी दी जाती है. लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते हैं. इस दिन दान का भी खास महत्व होता है, इसलिए जरूरतमंदों की मदद करना बेहद शुभ माना जाता है.


    ईद-उल-फितर क्यों मनाई जाती है?

    इस्लाम धर्म में ईद-उल-फितर का खास महत्व होता है. रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें इबादत करने की ताकत दी. मान्यता है कि सच्चे मन से रखे गए रोजों से अल्लाह खुश होते हैं और अपनी रहमत बरसाते हैं. इसी खुशी और आशीर्वाद को ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है.


    ईद-उल-फितर कैसे मनाई जाती है?

    ईद के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर साफ-सुथरे और नए कपड़े पहनते हैं और मस्जिद या ईदगाह में जाकर नमाज अदा करते हैं. इसके बाद परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां बांटते हैं. घरों में सेवइयां और शीर खुरमा जैसे स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं और एक-दूसरे को मिठाई व तोहफे देकर ईद की मुबारकबाद दी जाती है. यह त्योहार प्यार, भाईचारे और खुशी का संदेश देता है।

  • एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली

    एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली


    नई दिल्ली।
    एयर इंडिया (Air India) की वैंकूवर (Vancouver) जाने वाली फ्लाइट AI185 से एक बड़ी गलती हो गई। इसने उड़ान के लगभग चार घंटे बाद यू-टर्न (U-turn after Four Hours) लिया और दिल्ली वापस लौट आई। यह घटना तब हुई जब विमान को गलती से बोइंग 777-200LR मॉडल का इस्तेमाल किया गया, जबकि एयर इंडिया को कनाडाई हवाई क्षेत्र में केवल बोइंग 777-300ER फ्लीट को ही ऑपरेट करने की मंजूरी है। दिल्ली से दोपहर 11:34 बजे उड़ान भरने के बाद प्लेन पूर्व दिशा में आगे बढ़ा, लेकिन चीनी हवाई क्षेत्र में कुन्मिंग के पास पहुंचने पर एयरलाइन को यह गलती का एहसास हुआ। इस कारण विमान को वापस बुला लिया गया और कुल 7 घंटे 54 मिनट की उड़ान के बाद यह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया।

    यह ऑपरेशनल चूक काफी महंगी साबित हुई क्योंकि बोइंग 777 जैसे बड़े विमान प्रति घंटे 8-9 टन ईंधन जलाते हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। एविएशन नियमों में विभिन्न एयरलाइंस के लिए अलग-अलग एयरक्राफ्ट टाइप की मंजूरी होती है और यहां यह नियमित चेक न होने से समस्या पैदा हुई। गनीमत रही कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स को कोई चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतरे। एयर इंडिया ने इसे ऑपरेशनल इश्यू बताते हुए स्टैंडर्ड प्रोसीजर के अनुसार फैसला लिया।


    यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद

    एयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। इसकी ओर से कहा गया, ‘विमान सुरक्षित उतर आया। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स उतर गए। हम अपने मेहमानों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त करते हैं।’ दिल्ली में ग्राउंड टीम ने तुरंत सहायता मुहैया कराई, जिसमें होटल में ठहरने की व्यवस्था शामिल थी। प्रभावित यात्रियों को अगले दिन सुबह एक रिप्लेसमेंट फ्लाइट से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें सभी पैसेंजर शामिल थे।

    यह घटना एयर इंडिया की ऑपरेशनल प्लानिंग और एयरक्राफ्ट असाइनमेंट में सख्ती की जरूरत को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ऐसे छोटे-छोटे नियमों की अनदेखी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों का समय और विश्वास भी प्रभावित होता है। एयरलाइन को भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए बेहतर सिस्टम और चेकलिस्ट लागू करने की सलाह दी गई है।

  • बिना UPSC पास किए भी बन पाएंगे IAS अधिकारी, जानिए कैसे होगा ये संभव?

    बिना UPSC पास किए भी बन पाएंगे IAS अधिकारी, जानिए कैसे होगा ये संभव?

    नई दिल्ली देश में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो देश सेवा के लिए UPSC का रास्ता चुनते हैं और दिन रात एक करने पढ़ने के बाद IAS नियुक्त होते हैं। हालांकि बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि बिना UPSC पास किए भी IAS की पदवी हासिल की जा सकती है। कई सरकारी अधिकारी अपने अनुभव और काम के आधार पर प्रमोशन के जरिए भी IAS कैडर में शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह सुनने में जितना आसान लग रहा है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल काम है। इसके लिए कई शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं।
    बिना UPSC कैसे बनें IAS?
    बहुत सीमित मात्रा में लोग जानते हैं कि स्टेट सिविल सर्विस के अधिकारी भी बिना यूपीएससी पास किए IAS बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। यह सफर PCS से शुरु होता है जो IAS तक पहुंचती है। उत्तर प्रदेश में UP PCS,मध्य प्रदेश में State Administrative Service,अन्य राज्यों में भी इसी तरह की प्रशासनिक सेवाएं होती हैं, इन सेवाओं में चयनित अधिकारी शुरुआत में SDM, डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर काम करते हैं और जिलों में प्रशासनिक अनुभव हासिल करते हैं।

    राज्य के सिविल सर्विस अधिकारी कब बन सकते हैं IAS?
    राज्य के जो सिविल सर्विस अधिकारी 10 से 12 साल तक अपनी सेवा पूरी कर लेते हैं तो वह प्रमोशन के लिए पात्र हो जाते हैं। हालांकि इसके लिए एक कड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए कई जरूरी शर्तें होती हैं और पूरी प्रक्रिया नियमानुसार होती है। PCS से IAS बनने के लिए इस बिंदुओं को ध्यान में रखा जाता है।

    अधिकारी का काम और प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए।
    सेवा रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए।
    IAS कैडर में खाली पद होना जरूरी है।
    राज्य सरकार की सिफारिश महत्वपूर्ण होती है।
    इन सभी चीजों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है।
    हालांकि, IAS प्रमोशन का फैसला चयन समिति करती है। इस समिति में आमतौर पर राज्य के मुख्य सचिव ,वरिष्ठ IAS अधिकारी,UPSC का प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

  • नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार

    नासिक में बाबा ने ‘ज्योतिष’ की आड़ में कई महिलाओं से किया दुष्‍कर्म, आरोपी गिरफ्तार


    नासिक
    । महाराष्ट्र के नासिक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आध्यात्मिकता और ज्योतिष के नाम पर महिलाओं के साथ कथित यौन शोषण किए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में 67 वर्षीय ज्योतिषी अशोक खरात को गिरफ्तार किया है, जिस पर 35 वर्षीय महिला के साथ बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप है।

    पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने अनुष्ठान के बहाने उसे अपने पास बुलाया, नशीला पदार्थ पिलाया और सम्मोहित कर उसकी आस्था का फायदा उठाते हुए यौन उत्पीड़न किया। जांच में यह भी सामने आया है कि यह मामला केवल एक महिला तक सीमित नहीं है, बल्कि कई अन्य महिलाओं के साथ भी इसी तरह की वारदातें की गईं।

    एफआईआर के अनुसार, अशोक खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और मर्चेंट नेवी से सेवानिवृत्त होने का दावा करता था। वह महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नशीला पदार्थ देकर काबू में कर लिया जाता था और फिर डर तथा अंधविश्वास का सहारा लेकर उनका शोषण किया जाता था। आरोपी महिलाओं को उनके पतियों की मौत या तंत्र-मंत्र से जुड़े भय दिखाकर चुप रहने के लिए मजबूर करता था।

    जांच एजेंसियों को आरोपी के ठिकाने से एक पेन ड्राइव बरामद हुई है, जिसमें कथित तौर पर 58 महिलाओं से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो क्लिप मिले हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह एक सुनियोजित और लंबे समय से चल रहा अपराध हो सकता है।

    आरोपी नासिक के पॉश कैनेडा कॉर्नर इलाके में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ के नाम से कार्यालय चलाता था, लेकिन पुलिस के अनुसार वहां असल में आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। उसने समाज में खुद को एक प्रभावशाली ज्योतिषी और ‘दैवीय शक्तियों’ के जानकार के रूप में स्थापित कर रखा था।

    मीरगांव में उसके पास ईशान्येश्वर मंदिर और एक आलीशान विश्राम गृह भी है, जहां कथित तौर पर प्रभावशाली लोग आते-जाते थे। सिन्नर स्थित श्री ईशान्येश्वर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में भी उसकी पहचान थी और कई राजनेताओं, व्यवसायियों तथा अन्य चर्चित लोगों से उसके संबंध होने की चर्चा है।

    गिरफ्तारी का नाटकीय घटनाक्रम
    पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए बेहद गोपनीय अभियान चलाया। जानकारी लीक न हो, इसके लिए टीम ने रात के अंधेरे में ‘चोर-चोर’ का शोर मचाकर उसके फार्महाउस के बाहर अफरा-तफरी पैदा की और इसी दौरान घर में घुसकर उसे शयनकक्ष से गिरफ्तार कर लिया।

    छापेमारी के दौरान फार्महाउस से एक पिस्तौल, जिंदा कारतूस और कई खाली खोखे बरामद हुए। इसके अलावा मंदिर और आश्रम में भी तलाशी ली गई, जहां से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अब आरोपी की अन्य संपत्तियों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

    एसआईटी गठित, जांच जारी
    मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। नासिक क्राइम ब्रांच की टीम बरामद वीडियो और दस्तावेजों की विस्तृत जांच में जुटी है।

    राजनीतिक बयानबाजी तेज
    घटना सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

    फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं तथा कितनी महिलाएं इसका शिकार बनीं।

  • Eid 2026: भारत में ईद-उल-फितर 21 मार्च को, पूरे 30 रोजे रखे गए

    Eid 2026: भारत में ईद-उल-फितर 21 मार्च को, पूरे 30 रोजे रखे गए


    नई दिल्ली। भारत में ईद उल फितर 2026 की तारीख तय हो गई है। इस बार रमजान के पूरे 30 रोजे रखे गए हैं। 20 मार्च को 30वां रोजा रखा गया और अगले दिन यानी 21 मार्च शनिवार को देशभर में ईद मनाई जाएगी। यह घोषणा धार्मिक कमेटी और जामा मस्जिद दिल्ली के नायब इमाम सैयद उसामा शाबान बुखारी ने की।

    भारत में ईद की तारीख चांद दिखने पर निर्भर करती है। इस बार 19 मार्च को शव्वाल का चांद नजर नहीं आया जिससे रमजान का आखिरी रोजा बढ़ गया। इसके बाद 20 मार्च को चांद देखने के बाद ईद 21 मार्च को मनाने का फैसला लिया गया। वहीं सऊदी अरब में 20 मार्च को ही ईद उल फितर मनाई जा रही है।

    ईद उल फितर का महत्व 

    ईद उल फितर इस्लाम धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। इसका मतलब है रोजा खोलने का त्योहार । यह रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है और अल्लाह का धन्यवाद अदा करने का अवसर होता है। यह पर्व खुशियों और भाईचारे का प्रतीक है।

    इतिहास में ईद उल फितर की शुरुआत 624 ईस्वी में पैगंबर हजरत मुहम्मद ने मदीना में की थी। हिजरत के बाद मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया और तब ईद उल फितर और ईद उल अजहा दो पर्व तय किए गए। इस बार के ईद समारोह के लिए तैयारियां जोरों पर हैं। मस्जिदों और सार्वजनिक स्थानों पर नमाज़ की व्यवस्था की जा रही है। लोग अपने घरों में भी सजावट और ईद की मिठाइयों की तैयारी में जुटे हैं।