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  • Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला

    Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव (Rajya Sabha Election) से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।


    बीजेपी कोर कमेटी की आज बैठक

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।


    बीजेपी चार सांसद भेज सकती है

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।


    महाविकास अघाड़ी के पास एक को भेजने की क्षमता

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग

    केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग


    कोलकाता। केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के फैसले के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के नाम‑परिवर्तन की मांग को पूरा नहीं करने को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने के प्रस्ताव को केंद्र ने वर्षों से लंबित रखा है, जबकि केरल को तुरंत मंजूरी दे दी गई. ममता ने एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य का नाम ‘West Bengal’ होने की वजह से पूरे देश में अल्फाबेटिकल ऑर्डर में बंगाल को हमेशा अंत में रखा जाता है. चाहे वह परीक्षाओं के इंटरव्यू हों, राष्ट्रीय बैठकें हों या औपचारिक कार्यक्रम. उन्होंने कहा कि “हमारे छात्र जब परीक्षा या इंटरव्यू में जाते हैं तो उन्हें आख़िर में बुलाया जाता है. मुझे भी राष्ट्रीय बैठकों में सबसे अंत में बोलने का अवसर मिलता है, क्योंकि हमारे राज्य का नाम ‘W’ से शुरू होता है.”
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल के प्रति “अनदेखी” का रवैया अपनाती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य विधानसभा 2018 से अब तक तीन बार नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन केंद्र ने उसे आगे नहीं बढ़ाया.
    बंगाल की मांग को अटकाया जा रहा है: ममता बनर्जी

    ममता ने केरल को बधाई देते हुए कहा कि केरलम का प्रस्ताव आसानी से पास होना “राजनीतिक समीकरणों” का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआई(एम) की “बढ़ती समझ” ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया, जबकि बंगाल की मांग लगातार अटकी हुई है.

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल के लिए ‘बांग्ला’ नाम उनकी सांस्कृतिक पहचान, भाषा और इतिहास को बेहतर तरीके से दर्शाता है.

    उन्होंने कहा कि ‘West’ शब्द विभाजन के दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों का बोझ ढोता है, जबकि आज ‘East Bengal’ अस्तित्व में ही नहीं है. कई विशेषज्ञों ने भी इस तर्क का समर्थन किया है कि ‘बांग्ला’ राज्य की आधुनिक और सांस्कृतिक पहचान के अधिक नज़दीक है.
    केंद्र पर ममता ने बोला हमला

    ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई. उन्होंने केंद्र पर “एंटी‑बंगाली” रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि जब राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलेंगी, तो राज्य का नाम बदलने का रास्ता भी साफ होगा.

  • अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विशेष सुरक्षा ऑडिट के बाद VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के चार विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड (उड़ान पर रोक) करने का आदेश दिया है। जांच में हवाई योग्यता, उड़ान संचालन और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं।

    बारामती हादसे के बाद शुरू हुई सख्त जांच
    यह कार्रवाई बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के बाद की गई। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
    हादसा दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान खराब दृश्यता में हुआ बताया गया था। यह कंपनी से जुड़ा पिछले कुछ वर्षों का तीसरा बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिससे विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।

    चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक
    DGCA ने जिन विमानों को ग्राउंड किया है, वे कंपनी के नॉन-शेड्यूल ऑपरेशन (चार्टर) बेड़े का हिस्सा थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी एयरवर्थनेस (Airworthiness) मानकों की पूरी तरह बहाली नहीं हो जाती, तब तक ये विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। कंपनी को कमी रिपोर्ट (Deficiency Report) जारी कर रूट-कॉज एनालिसिस जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    ऑडिट में क्या-क्या मिला?
    4 से 16 फरवरी के बीच DGCA की टीम ने विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया।

    जांच में सामने आया कि—

    अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था
    रखरखाव प्रणाली में गंभीर खामियां थीं
    सुरक्षा मानकों की निगरानी कमजोर थी
    संचालन और दस्तावेजी अनुपालन में अनियमितताएं पाई गईं
    इन निष्कर्षों के बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई को जरूरी बताया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

    विमान दुर्घटना जांच अलग से जारी
    हादसे की तकनीकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है, जबकि DGCA ने नियामकीय और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों की पड़ताल की।

    अब नॉन-शेड्यूल उड़ानों पर कड़े नियम
    हालिया घटनाओं को देखते हुए DGCA ने गैर-निर्धारित (NSOP) उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम भी लागू करने की घोषणा की है।

    अब ऑपरेटरों को—
    विमानों का रखरखाव इतिहास सार्वजनिक करना होगा
    विमान की उम्र और स्वामित्व परिवर्तन की जानकारी देनी होगी
    सुरक्षा रैंकिंग जारी करनी होगी
    वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही तय होगी

    DGCA ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा चूक का दोष केवल पायलट पर नहीं डाला जा सकता; कंपनी का नेतृत्व भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पायलट का लाइसेंस पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है।

    संदेश साफ: बारामती हादसे के बाद भारत का एविएशन रेगुलेटर चार्टर और नॉन-शेड्यूल उड़ानों की निगरानी को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की ओर बढ़ रहा है।

  • असम में युवती से सात लोगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, दो आरोपी गिरफ्तार

    असम में युवती से सात लोगों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, दो आरोपी गिरफ्तार


    गुवाहाटी। असम के कछार जिला में एक युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 28 वर्षीय युवती अपने पुरुष मित्र के साथ घूमने गई थी, तभी सात लोगों ने उसे निशाना बनाया। घटना 19 फरवरी की बताई जा रही है, जिसके बाद पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

    सिलचर के पास हुई वारदात

    यह घटना सिलचर शहर के बाहरी इलाके में बाईपास रोड के पास हुई।

    आरोप है कि एसयूवी में सवार कुछ लोग वहां पहुंचे, युवती और उसके मित्र को रोका और दोनों से पूछताछ के बहाने हमला कर दिया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों ने युवक को काबू में कर लिया और उसके सामने ही युवती के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया।

    पैसे ट्रांसफर करने के लिए भी किया मजबूर

    पीड़िता ने आरोप लगाया कि अपराध के बाद आरोपियों ने उसे धमकाकर अपने एक साथी के बैंक खाते में 10,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। पुलिस इसे जबरन वसूली का मामला भी मान रही है।

    दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

    मामला सिलचर सदर पुलिस थाना में दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने पीड़िता द्वारा पहचान किए गए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में छापेमारी जारी है।
    अधिकारियों के मुताबिक, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है और उसका बयान भी दर्ज कर लिया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें सामूहिक दुष्कर्म, डकैती, आपराधिक धमकी और जबरन वसूली शामिल हैं।

    शुरुआत में चुप्पी, फिर मामला हुआ वायरल

    बताया जा रहा है कि घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। मामला तब चर्चा में आया जब एक पत्रकार पर कथित तौर पर आरोपियों के परिजनों ने हमला कर दिया।

    पत्रकार का दावा है कि उससे खबर प्रकाशित करने को लेकर सवाल किए गए और मारपीट की गई, हालांकि स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से वह बच गया।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज

    इस मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले को दबाने की कोई कोशिश नहीं होनी चाहिए और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
    तृणमूल कांग्रेस ने भी घटना की निंदा करते हुए पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।

    जांच जारी, सुरक्षा पर उठे सवाल

    पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जबकि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है।

  • मप्र को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिल रही है निरंतर सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मप्र को नई रेल और रेल सुविधाओं की मिल रही है निरंतर सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को नई रेलों और रेल सुविधाओं की निरंतर सौगात मिल रही है। राजधानी भोपाल से ऊर्जा राजधानी सिंगरौली तक सप्ताह के सातों दिन सीधी रेल की सुविधा प्रारंभ हो रही है, जो मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के यात्रियों के लिये भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार की रात भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन से भोपाल-धनबाद-चौपन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन सीधी-सिंगरौली तक, तीन दिन धनबाद तक और एक दिन चौपन तक जाएगी। इस ट्रेन का रूट बीना-सागर-मुड़वारा होकर रहेगा।


    प्रदेश में निरंतर बढ़ रही रेल सुविधाएं, नई रेल भविष्य के विकास का नया रास्ता

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय कैबिनेट ने जबलपुर-गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। इसके पहले मध्य प्रदेश को इंदौर-मनमाड रेल लाइन सहित सिंहस्थ के दृष्टिगत अनेक सौगातें मिली हैं। वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन की स्पीड भी बढ़ रही है। मध्य प्रदेश में विदेशों की तरह आधुनिक रेल सुविधाएं विकसित हो रही हैं। रेल बजट में भी 24 गुना अधिक बजट मिला है। छह अमृत भारत स्टेशन कटनी साउथ, नर्मदापुरम ओरछा, सिवनी शाजापुर और श्रीधाम के पुनर्विकास का कार्य हो रहा है। प्रदेश के 80 स्टेशनों का कायाकल्प हो रहा है। करीब पौने तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं का लाभ यात्रियों को दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज के दिन को भी यादगार बना दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के पिछड़े माने गये सीधी-सिंगरौली क्षेत्र को भोपाल से प्रतिदिन की रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। यह ट्रेन सातों दिन चलेगी, भले गंतव्य तीन हों। यह युक्ति और बुद्धि का खेल ही नहीं बल्कि भविष्य के विकास का नया रास्ता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ट्रेन से राज्यों के पर्यटन विकास में सहयोग मिलेगा। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। धनबाद तक जाने वाली त्रि-साप्ताहिक ट्रेन 30 स्टेशनों को और चौपन तक जाने वाली साप्ताहिक ट्रेन 15 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगी। व्यापार, खनन और उद्योग क्षेत्र को नई गति मिलेगी।


    रेल लाइन का दोहरीकरण विकास में होगा सहायक, महाकौशल क्षेत्र का महत्व बढ़ेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यदि जबलपुर से गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण के व्यापक फायदों की चर्चा करें तो पर्यटन, धार्मिक गतिविधियों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दृष्टि से प्रभाव दिखाई देंगे। वन क्षेत्र जहां कभी नक्सलवाद का ग्रहण लगा था, वहां सुगम यातायात सुविधा से विकास को नई गति मिलेगी।

    उन्होंने कहा कि एक समय नक्सलवादियों ने निर्वाचित जनप्रतिनिधि की सरेआम हत्या कर लोकतंत्र को लजाया था। अनेक वर्ष ऐसी घटनाओं पर सभी मौन रहते थे। प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छा शक्ति से दरिंदगों से निपटने का कार्य किया गया है। मध्य प्रदेश में केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्धारित डेड लाइन के पहले नक्सली समाप्त किये गये। महाकौशल क्षेत्र का महत्व दिनोंदिन बढ़ता जायेगा।

    बहुप्रतिक्षित थी भोपाल से सीधी-सिंगरौली के लिये सीधी रेल सुविधा: वैष्णव

    रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात से भोपाल से सीधी-सिंगरौली क्षेत्र तक रेल सुविधा की मांग चल रही थी। मध्य प्रदेश में रेल सुविधाओं का विस्तार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश में रेल सुविधाएं बढ़ाने के लिये निरंतर ध्यान आकर्षित करते हैं। आने वाले समय में मध्य प्रदेश की तीव्र औद्योगिक विकास में नई रेल सुविधाएं उपयोगी सिद्ध होंगी, जहां 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की इंदौर-मनमाड रेल लाइन अर्थव्यवस्था बदलेगी, वहीं 5200 करोड़ लागत से जबलपुर-गोदिंया रेल लाइन का दोहरीकरण कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, धुआंधार जल प्रपात और अन्य स्थानों के पर्यटन महत्व में वृद्धि करेगा। नागरिकों को समृद्धि का भरपूर लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री मोदी के विजन से फ्रेट कॉरिडोर का क्रियान्वयन
    केन्द्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि दानकुनी-सूरत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई का रेल प्रोजेक्ट है जो पश्चिम बंगाल से गुजरात को जोड़ेगा। इस वर्ष के बजट के बाद इस पर तेजी से कार्य प्रारंभ हो गया है। देश का पश्चिम क्षेत्र भी मध्य प्रदेश से बेहतर कनेक्ट होगा, यह प्रधानमंत्री जी का विजन है। हजीरा सहित अन्य पोर्ट विकसित होंगे। नये पोर्ट भी बनेंगे। औद्योगिक प्रगति की दृष्टि से मध्य प्रदेश के उद्योगों को अधिक से अधिक लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश इस प्रोजेक्ट से लाभांवित होगा। आयात-निर्यात भी आसान होगा।

    वैष्णव ने कहा कि मालगाड़ियों की गति बढ़ाने, मौजूदा लाइनों से भीड़ कम करने और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाने के उद्देश्य से क्रियान्वित किये जाने वाले इस प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट पर वे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विस्तृत चर्चा के लिये मध्य प्रदेश आयेंगे। रेल मंत्री ने मध्य प्रदेश के लिये उपयोगी करीब 48 हजार करोड़ लागत की रेल परियोजनाओं की जानकारी भी दी।

    कार्यक्रम को भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा व राजेन्द्र शुक्ल, राज्य मंत्री कृष्णा गौर ल राधा सिंह, सांसद राजेश मिश्रा, विधायक कुंवर सिंह टेकाम, शरद कोल, विश्वमित्र पाठक, भोपाल के अनेक जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रारंभ में भोपाल रेल मंडल, पश्चिम मध्य रेलवे के मंडल प्रबंधक पंकज त्यागी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और सभी अतिथियों का स्वागत किया।

  • ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!

    ट्रंप के दूत के एक बयान ने हिला दी अरब दुनिया: इजरायल का अधिकार पूरे रीजन पर, भड़का पाकिस्तान; ओआईसी ने जताई गहरी चिंता!


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में शांति बहाली की कोशिशों के बीच इजरायल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी के एक हालिया बयान ने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। हकाबी ने एक साक्षात्कार के दौरान संकेत दिया कि यदि इजरायल पश्चिम एशिया के एक बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर लेता है, तो उन्हें इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी। इस टिप्पणी के बाद सऊदी अरब, मिस्र, जॉर्डन और पाकिस्तान सहित दर्जनों मुस्लिम देशों ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया है।

    साक्षात्कार जिसने मचाया बवाल
    यह विवाद तब शुरू हुआ जब माइक हकाबी प्रसिद्ध रूढ़िवादी टिप्पणीकार टकर कार्लसन के साथ एक साक्षात्कार में शामिल हुए। बातचीत के दौरान जब कार्लसन ने ‘बाइबिल’ के संदर्भों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या अब्राहम के वंशजों (इजरायल) को वह पूरी भूमि मिलनी चाहिए जो आज के लगभग पूरे पश्चिम एशिया को कवर करती है, तो हकाबी ने जवाब दिया, “अगर वे सब कुछ ले लें तो भी ठीक होगा।” हालांकि, उन्होंने बाद में संतुलित करते हुए यह भी कहा कि इजरायल फिलहाल अपने क्षेत्र का विस्तार नहीं कर रहा है, बल्कि केवल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    सऊदी और पाकिस्तान की तीखी प्रतिक्रिया

    सऊदी अरब ने हकाबी के इस बयान को ‘कट्टरपंथी’ करार देते हुए पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। वहीं, मिस्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया। रविवार को इस विरोध की लहर में पाकिस्तान भी शामिल हो गया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि ओमान, कुवैत, कतर, तुर्किये और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ मिलकर वे इस टिप्पणी की ‘कड़ी निंदा’ करते हैं।

    संयुक्त बयान में विशेष रूप से उल्लेख किया गया कि हकाबी की यह सोच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस घोषित दृष्टिकोण के विपरीत है, जो गाजा संघर्ष को समाप्त करने और एक स्वतंत्र फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण (Two-State Solution) की वकालत करता है।

    दो-राष्ट्र समाधान के धुर विरोधी हैं हकाबी

    माइक हकाबी का रिकॉर्ड हमेशा से इजरायल के पक्ष में बेहद झुका हुआ रहा है। वे लंबे समय से फलस्तीनी राष्ट्र के विचार का विरोध करते रहे हैं। पिछले वर्ष उन्होंने यहाँ तक कह दिया था कि वे ब्रिटिश शासन के दौरान रहने वाले अरब वंशजों को ‘फलस्तीनी’ कहने में विश्वास नहीं रखते। उनकी यह वैचारिक पृष्ठभूमि अब अरब देशों के बीच अमेरिका की मध्यस्थता की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही है।

    इतिहास और वर्तमान का संघर्ष
    1967 के ‘छह दिवसीय युद्ध’ के बाद से ही वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गोलान हाइट्स पर इजरायल के कब्जे को लेकर विवाद बना हुआ है। हाल के वर्षों में इजरायल ने वेस्ट बैंक में बस्तियों का तेजी से विस्तार किया है, जिसे लेकर फलस्तीनी लोग और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार चिंता जताते रहे हैं। हकाबी का यह नया बयान उन जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका है।

  • गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!

    गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ की कायराना हरकत: पाकिस्तान से जारी हुआ पुलिस की हत्या का वीडियो, पंजाब में सुरक्षा और सियासत दोनों गर्म!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: पंजाब के गुरदासपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास तैनात दो पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या के मामले ने अब एक अंतरराष्ट्रीय और आतंकी मोड़ ले लिया है। इस जघन्य हत्याकांड के अगले ही दिन पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो पोस्ट किया है। इस अपुष्ट वीडियो में एक अज्ञात शूटर को बेहद करीब से ड्यूटी पर तैनात एएसआई गुरनाम सिंह पर गोलियां बरसाते हुए देखा जा सकता है।

    हैरानी की बात यह है कि इसी वीडियो कोतहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान TTH नामक संगठन ने भी साझा किया है। इसी संगठन ने रविवार को हुई इन हत्याओं की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि पंजाब पुलिस ने अब तक इन दावों और वीडियो की सत्यता पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इसटेरर-गैंगस्टर लिंक समेत सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रहे हैं।

    शहादत को सलाम: 2-2 करोड़ की आर्थिक सहायता
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कायराना हमले में शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार के परिवारों के लिए भारी अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नेएक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि पंजाब सरकार दोनों शहीदों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये देगी। इसके अतिरिक्त, एचडीएफसी HDFC बैंक की ओर से भी बीमा कवर के रूप में 1-1 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। यानी प्रत्येक शहीद परिवार को कुल 2 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

    ड्रोन तस्करी के लिए संवेदनशील है यह इलाका
    यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज दो किलोमीटर दूरअधियान चेकपोस्ट पर हुई। फॉरेंसिक टीम ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया। शुरुआती जांच में पता चला कि एएसआई गुरनाम सिंह का शव कुर्सी पर मिला, जबकि होमगार्ड अशोक कुमार का शव चारपाई पर था। जिस शांति और अचानक तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया गया, वह किसी पेशेवर शूटर की संलिप्तता की ओर इशारा करता है। बता दें कि यह क्षेत्र सीमा पार से ड्रोन के जरिए होने वाली हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए बेहद संवेदनशील माना जाता है।

    विपक्ष का तीखा हमला: यह शासन नहीं, आत्मसमर्पण है
    इस घटना ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता का क्या होगा? उन्होंने इसे राज्य सरकार का गैंगस्टरों के आगेआत्मसमर्पण करार दिया। वहीं कांग्रेस ने भी इस मामले की केंद्रीय जांच Central Investigation की मांग की है ताकि सीमा पार की साजिशों का पर्दाफाश हो सके।

    राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
    शहीद होमगार्ड अशोक कुमार का उनके पैतृक गांव कैलाशपुर में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पंजाब पुलिस के आला अधिकारी और भारी जनसैलाब मौजूद था, जिन्होंने नम आंखों से अपने वीर जवान को विदाई दी। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है।

  • मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!

    मेटा को बड़ा झटका: 213 करोड़ का जुर्माना और डेटा शेयरिंग पर रोक बरकरार, CJI की पीठ के सख्त रुख के आगे झुकी ग्लोबल टेक दिग्गज!


    नई दिल्ली: वैश्विक तकनीकी दिग्गज मेटा और उसके लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने सोमवार 23 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत में एक बड़ा नीतिगत बदलाव करते हुए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। मुख्य न्यायाधीश CJI जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष व्हाट्सएप ने स्पष्ट किया कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण NCLT के उन सभी निर्देशों का पालन करेगा, जो भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI द्वारा निर्धारित गोपनीयता और सहमति मानकों से संबंधित हैं।

    मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ दिसंबर 2025 में आए NCLT के आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान व्हाट्सएप के इस ‘यू-टर्न’ ने सबको चौंका दिया, क्योंकि कंपनी ने पहले इन निर्देशों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। अब व्हाट्सएप ने अपनी वह अर्जी वापस ले ली है जिसमें उसने नियामक निर्देशों पर रोक लगाने की मांग की थी।

    कपिल सिब्बल ने रखी दलील: 16 मार्च तक होगा अनुपालन

    व्हाट्सएप की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को भरोसा दिलाया कि कंपनियां आगामी 16 मार्च तक न्यायाधिकरण के सभी निर्देशों को पूरी तरह से लागू कर देंगी। इस पर पीठ ने न केवल स्थगन याचिकाओं को खारिज कर दिया, बल्कि कंपनियों से एक विस्तृत ‘अनुपालन रिपोर्ट’ Compliance Report भी तलब की है। हालांकि, अदालत ने यह साफ कर दिया कि इस सहमति का मुख्य अपील में उठाए गए कानूनी मुद्दों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उन पर अलग से विचार किया जाएगा।

    213 करोड़ का जुर्माना और ‘डेटा’ का खेल
    यह पूरा विवाद व्हाट्सएप की 2021 की विवादास्पद गोपनीयता नीति से शुरू हुआ था। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग CCI ने व्हाट्सएप पर अपनी प्रधान स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए 213.14 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया था। CCI का आरोप था कि व्हाट्सएप ‘टेक इट ऑर लीव इट’ मानो या छोड़ो की तर्ज पर उपयोगकर्ताओं को अपना डेटा मेटा की अन्य कंपनियों के साथ साझा करने के लिए मजबूर कर रहा है।

    यद्यपि NCLT ने अपने नवंबर 2025 के आदेश में उस हिस्से को हटा दिया था जिसमें विज्ञापन के लिए डेटा साझा करने पर पांच साल की पूर्ण रोक लगाई गई थी, लेकिन 213 करोड़ रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में 3 फरवरी को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि “नागरिकों के निजता के अधिकार के साथ ‘डेटा साझा करने’ के नाम पर खिलवाड़ नहीं किया जा सकता।”

    क्या होगा असर?
    व्हाट्सएप के इस फैसले का सीधा मतलब यह है कि अब उसे भारतीय उपयोगकर्ताओं के डेटा का उपयोग विज्ञापनों के लिए करने से पहले उनकी स्पष्ट सहमति लेनी होगी और पारदर्शिता के कड़े मानकों का पालन करना होगा। यह फैसला भारत में डिजिटल नागरिक अधिकारों और डेटा सुरक्षा की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जहां बड़ी टेक कंपनियों को भारतीय नियामकों के प्रति जवाबदेह बनाया गया है।

  • बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!

    बैंकिंग जगत में हड़कंप: हरियाणा सरकार के 590 करोड़ के गबन पर RBI की पैनी नजर, IDFC फर्स्ट बैंक के शेयर 20% टूटे!


    नई दिल्ली/चंडीगढ़: हरियाणा के प्रशासनिक और सियासी गलियारों में इन दिनों 590 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले को लेकर भारी हलचल मची हुई है। IDFC फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में हुई वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे ने हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि “जनता का एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा” और इस महाघोटाले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

    यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब एक सरकारी विभाग ने अपने खाते को बंद कर धनराशि को दूसरे बैंक में स्थानांतरित Transfer करने की प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के होश उड़ गए जब उन्होंने पाया कि कागजों पर दर्ज राशि और बैंक खाते के वास्तविक बैलेंस के बीच जमीन-आसमान का अंतर है। बैंक की आंतरिक जांच में पता चला कि यह गड़बड़ी केवल एक खाते तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसी शाखा से जुड़े कई अन्य सरकारी खातों में भी सेंध लगाई गई थी।

    विधानसभा में गूंजा मुद्दा, विपक्ष ने घेरा
    23 फरवरी को हरियाणा विधानसभा में इस घोटाले की गूंज सुनाई दी। विपक्ष के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सरकार को घेरते हुए सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी राशि की हेराफेरी कैसे संभव हुई और अब तक दोषियों पर क्या कार्रवाई की गई है? हुड्डा के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य की एंटी-करप्शन ब्यूरो ACB और विजिलेंस विभाग इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा, चाहे वह बैंक का कर्मचारी हो या कोई रसूखदार सरकारी अधिकारी, जिसने भी जनता की कमाई पर हाथ साफ किया है, उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

    बैंकिंग प्रणाली और बाजार पर असर
    घोटाले की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में IDFC फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को बैंक का शेयर 20 प्रतिशत तक लुढ़ककर 66.85 रुपये पर आ गया। बैंक के एमडी और सीईओ वी. वैद्यनाथन ने स्वीकार किया कि यह धोखाधड़ी बैंक के कुछ कर्मचारियों और बाहरी पक्षों की मिलीभगत का परिणाम है। हालांकि, उन्होंने यह साफ किया कि यह कोई तकनीकी या प्रणालीगत त्रुटि Systemic Error नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी जो केवल हरियाणा सरकार के विशिष्ट खातों तक सीमित थी।

    RBI की पैनी नजर
    भारतीय रिजर्व बैंक RBI भी इस पूरे घटनाक्रम पर सतर्कता बनाए हुए है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दिल्ली में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि केंद्रीय बैंक इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकिंग सिस्टम में कोई बड़ी “प्रणालीगत समस्या” नहीं है और यह मामला एक विशेष इकाई और ग्राहक समूह तक ही सीमित है।

    हरियाणा सरकार ने अब अपनी वित्तीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी न हो सके। मुख्यमंत्री के सख्त लहजे ने यह साफ कर दिया है कि सरकार इस मामले को ठंडे बस्ते में डालने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

  • PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!

    PM मोदी की इजरायल यात्रा और 'गोल्डन हेरोइजन' का दांव: सुखोई के साथ मिलकर अभेद्य किलों को खाक कर देगी यह मिसाइल!


    नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी इजरायल यात्रा को लेकर देश और दुनिया के रक्षा गलियारों में जबरदस्त हलचल है। पिछले आठ वर्षों में पीएम मोदी की यह पहली इजरायल यात्रा होगी, जिसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के क्षेत्रों में ऐतिहासिक समझौते हो सकते हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा इजरायल की उस ‘सीक्रेट’ मिसाइल प्रणाली की हो रही है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। खबरें हैं कि इजरायल ने भारत को अपनी सबसे शक्तिशाली एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम गोल्डन हेरोइजन Golden Horizon देने की पेशकश की है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, परंतु यदि यह सौदा सिरे चढ़ता है, तो भारतीय वायुसेना की ताकत में कई गुना इजाफा होना तय है।

    गोल्डन हेरोइजन कोई साधारण मिसाइल नहीं है; यह इजरायल की उस उन्नत सैन्य तकनीक का हिस्सा है जिसे उसने हमास और ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच विशेष रूप से विकसित किया है। अक्टूबर 2024 में ईरान पर हमले से ठीक पहले लीक हुए अमेरिकी दस्तावेजों ने दुनिया को इस मिसाइल के वजूद से रूबरू कराया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एक ऐसी मिसाइल है जिसे फाइटर जेट्स से हवा में ही दागा जा सकता है। इसकी मारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी अनुमानित रेंज 1,500 से 2,000 किलोमीटर के बीच है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस रेंज के साथ भारतीय विमान बिना दुश्मन की सीमा में प्रवेश किए उनके गहरे ठिकानों को तबाह कर सकते हैं।

    इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ़्तार और भेदने की क्षमता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्डन हेरोइजन गहरे भूमिगत बंकरों और भारी सुरक्षा वाले ढांचों को भी मिट्टी में मिलाने की शक्ति रखती है। जब इसे फाइटर जेट से छोड़ा जाता है, तो यह पहले एक निश्चित ऊंचाई तक बैलिस्टिक प्रक्षेपवक्र Trajectory का पालन करती है और फिर सीधे लक्ष्य पर काल बनकर गिरती है। अपने अंतिम चरण में इसकी गति 5 मैक ध्वनि की गति से पांच गुना से भी अधिक हो जाती है, जो इसे ‘हाइपरसोनिक’ श्रेणी के करीब खड़ा करती है। तुलनात्मक रूप से देखें तो भारत की शान कही जाने वाली ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल की गति 2.8 मैक है। यानी गोल्डन हेरोइजन न केवल रफ़्तार में बल्कि मारक क्षमता में भी एक नया बेंचमार्क स्थापित करती है।

    भारतीय परिप्रेक्ष्य में यह मिसाइल गेम-चेंजर साबित हो सकती है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल सुखोई-30 MKI Su-30MKI जैसे शक्तिशाली विमान इस मिसाइल को ढोने और दागने के लिए पूरी तरह अनुकूल बताए जा रहे हैं। पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसियों के साथ बढ़ते सीमा विवादों के बीच, यह तकनीक भारत को एक ऐसा ‘स्टैंड-ऑफ’ लाभ देगी जिससे दुश्मन का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह नाकाम हो जाएगा। गाजा युद्ध में हमास के सुरंग नेटवर्क को ध्वस्त करने वाली इस तकनीक ने अपनी उपयोगिता पहले ही साबित कर दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में केवल हथियारों की खरीद ही नहीं, बल्कि तकनीक के हस्तांतरण Technology Transfer पर भी बात होगी। यदि गोल्डन हेरोइजन भारतीय शस्त्रागार का हिस्सा बनती है, तो यह न केवल भारत की मारक क्षमता को बढ़ाएगी बल्कि दक्षिण एशिया के सैन्य संतुलन को भी पूरी तरह भारत के पक्ष में झुका देगी। हालांकि, दुनिया की निगाहें अब नई दिल्ली और यरुशलम से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर टिकी हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह दोस्ती आने वाले समय में दुश्मनों के लिए ‘काल’ साबित होने वाली है।