Category: National

  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार


    नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम DMK से 45 सीटों की मांग की है जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी इस बार भी पिछले चुनाव की तरह केवल 25 सीट देने को तैयार है। इस साल अप्रैल मई में राज्य में चुनाव होने की संभावना है।

    कांग्रेस ने बढ़ाई मांग
    कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर स्टालिन से चर्चा की लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों की समीक्षा के आधार पर उन्हें अधिक सीटें मिलनी चाहिए।

    स्रोतों के अनुसार पिछले चुनाव में DMK ने कुल 234 सीटों में से 173 पर चुनाव लड़ा जिसमें 133 जीत और 40 हार मिली। अधिकांश हार AIADMK और बीजेपी से हुई थी।

    कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्हें अधिक सीटें दी जाएं तो पिछली बार हारी हुई कम से कम 20 सीटें जीती जा सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि 45 सीट की मांग का उद्देश्य जीत की संभावनाओं में सुधार गठबंधन को मजबूत करना और 2026 से पहले संतुलित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला सुनिश्चित करना है।

    बातचीत का दौर जारी

    रविवार को चेन्नई में स्टालिन और वेणुगोपाल के बीच बैठक हुई जिसमें दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के कादर मोहिदीन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ DMK नेताओं से मुलाकात की।
  • Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी

    Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी


    रांची।
    रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई।

    चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश (Air ambulance crash.) होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई जो ढाबे में भीषण आग लगने के कारण झुलस गए थे और दिल्ली इलाज करवाने के लिए जा रहे थे।

    आग की भयावह लपटों से जूझते हुए जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे संजय की कहानी अब एक मार्मिक त्रासदी बन चुकी है। पेशे से ढाबा चलाने वाले संजय कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उन्हें इलेक्ट्रिक बर्न हुआ था, जिससे उनका शरीर 65 फीसदी बुरी तरह जल गया था। परिजनों ने उन्हें तुरंत रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले करीब दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

    दस दिनों में परिवार ने हर संभव कोशिश की। डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन संजय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलते परिवार ने अंततः बड़ा फैसला लिया-संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। पैसों की परवाह किए बिना परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। ढाबा चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले संजय की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग दिया।


    जिंदगी बचाने का सफर बनी आखिरी उड़ान

    एयर एंबुलेंस की बुकिंग के बाद परिवार में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी। सभी को भरोसा था कि राजधानी में बेहतर इलाज से संजय की जिंदगी बच जाएगी। इसी उम्मीद के साथ मरीज को एयर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। उनके साथ परिजन भी इस उड़ान में सवार हुए, दिल में दुआ और आंखों में उम्मीद लिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की ओर बढ़ती यह उड़ान अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पलक झपकते ही जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे सभी लोग मौत के आगोश में समा गए। जिस उड़ान से जीवन की नई शुरुआत की उम्मीद थी, वही अंतिम सफर साबित हुई।

    इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। संजय, जो रोज सैकड़ों लोगों को अपने ढाबे में खाना खिलाते थे, आज खुद नियति के हाथों हार गए। परिवार, जिसने हर संभव कोशिश की, अब गहरे शोक में डूबा है। बेहतर इलाज की उम्मीद में भरी उड़ान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। उम्मीद, संघर्ष और नियति की इस दर्दनाक कहानी ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

    संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में चंदवा स्थित गायत्री मोहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया था। वहीं हादसे के शिकार हुए डॉ. विकास गुप्ता पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

    देवकमल में 16 फरवरी को मरीज भर्ती हुआ था
    लातेहार के चंदवा का मरीज संजय (41 वर्ष) 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती हुआ था। बिजली से वह 65 फीसदी जल गया था और उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। देवकमल अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था। सोमवार को मरीज के परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुक किया और इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा, एयर एंबुलेंस के दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा।


    कैसे टूटा संपर्क

    जानकारी के मुताबिक विमान रांची से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही क्रैश हो गया। विमान में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो सहायक, एक पायलट और एक सह-पायलट सवार थे। पायलट का नाम विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे। विमान ने न तो वाराणसी एटीसी से संपर्क किया और न ही लखनऊ एटीसी से जुड़ पाया। विमान का संपर्क वाराणसी के दक्षिण-पूर्व इलाके के आसपास टूटा। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ था। इसके बाद बात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान ने खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने की इजाजत मांगी थी। उड़ान के दौरान कुछ देर तक एटीसी से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में अचानक संपर्क टूट गया। 7:07 बजे शाम में विमान ने रांची से उड़ान भरी थी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। रेडबर्ड एयरवेज का छोटा मेडिकल विमान था, जो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था।


    इनकी गई जान

    इस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें मरीज 40 साल के संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।

  • मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

    मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    फरवरी (February) जाते-जाते मौसम (Season) में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी महीन में ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि गर्मी का एहसास होने लगा है। पहाड़ी इलाको में अब बर्फबारी भी कम हो रही है। वहीं उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बीते दिनों हल्की बूंदा-बांदी हुई है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी अधिकतम तापमान इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अभी से पारा 30 के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

    12 राज्यों में हल्की बारिश के आसार
    मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में सुबह कोहरा छाया रहेगा। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऐक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण के राज्यों में तेज हवाओ के साथ बारिश हो सकती है। 24 से 26 फरवरी तक ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड. पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, असम, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    पंजाब में कोहरा
    मौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा देखा जाएगा। इसके अलावा तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल बारिश की सभावना नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।


    दिल्ली का मौसम

    राजधानी दिल्ली में सोमवार को सामान्य से अधिक गर्मी रही और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश की कोई सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से पांच डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र 31 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद आयानगर 30.4 डिग्री सेल्सियस और लोदी रोड 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत कम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


    कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी

    कश्मीर घाटी में गर्मियों का मौसम आने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में घाटी में और तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि अगले पांच दिनों में घाटी में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस महीने के अंत तक घाटी में बड़े पैमाने पर बर्फबारी के आसार नहीं हैं और 23 से 26 फरवरी तक घाटी में मौसम सूखा रहने की संभावना है, जबकि 27 तथा 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।


    राजस्थान में बारिश

    राजस्थान में बीते चौबीस घंटे में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 5.0 मिलीमीटर बारिश चोमू में दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक के वनस्थली में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान बाड़मेर में 34.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान अलवर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव के कारण सोमवार सुबह राजधानी जयपुर और आसपास के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे।

  • वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा – सरकार के पास बैंकों के विलय की फिलहाल कोई रूपरेखा नहीं

    वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा – सरकार के पास बैंकों के विलय की फिलहाल कोई रूपरेखा नहीं


    नई दिल्ली।
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि सरकार के पास सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (Banks) के विलय की कोई रूपरेखा नहीं है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट (Union Budget) में प्रस्तावित विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर एक उच्च-स्तरीय समिति इस विषय और अन्य पहलुओं पर गौर करेगी।

    वित्त मंत्री ने क्या कहा
    आरबीआई (RBI) के केंद्रीय निदेशक मंडल को बजट के बाद संबोधित करने के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ”मैं किसी भी रूपरेखा से परिचित नहीं हूं… ऐसी कोई योजना अभी मौजूद नहीं है। बैंकों का विलय यहां चर्चा का विषय नहीं था, न ही बजट से पहले था। लेकिन अब जो समिति बनाई जा रही है, उसके कार्यक्षेत्र तय होने के बाद, वह भारतीय बैंकिंग को मजबूत बनाने के हर पहलू पर ध्यान देंगी।”

    बजट में सीतारमण ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने और इसे देश के विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालने के लिए उच्च स्तरीय बैंकिंग समिति’ स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बैंक बेहतर तरीके से पूंजीकृत हैं और वे अगले चार-पांच साल तक ऋण वृद्धि को संभाल सकते हैं।


    बैंकों को दिए ये आदेश

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों द्वारा बीमा सहित वित्तीय उत्पादों की गलत तरीके से बिक्री पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोमवार को कहा कि उन्हें (बैंकों को) अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में सीतारमण ने कहा, ” बैंकों को अपने मुख्य कारोबार पर ध्यान देना चाहिए…। मैंने हमेशा से इस बात पर आपत्ति जतायी है कि आप उस बीमा को बेचने में अधिक समय लगा रहे हैं जिसकी आवश्यकता ही नहीं है और यह मामला आरबीआई और बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के बीच फंसा रहा।”

    आरबीआई ने ग्राहक को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद की बिक्री पर दिशानिर्देशों का मसौदा 11 फरवरी को जारी किया था। इसमें कहा गया है कि यदि किसी ग्राहक को गलत तरीके से उत्पाद या सेवा दी जाती है, तो बैंक को ग्राहक द्वारा चुकाई गई पूरी राशि लौटानी होगी और स्वीकृत नीति के अनुसार हुए नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इस पर चार मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई हैं।

    आरबीआई ने कहा कि गलत तरीके से बिक्री पर कड़े नियम एक जुलाई से लागू होंगे। सीतारमण ने कहा, ”मुझे खुशी है कि आरबीआई यह स्पष्ट मार्गदर्शन दे रहा है कि गलत तरीके से बिक्री क्यों बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदेश, बैंकों तक जाना चाहिए कि आप गलत बिक्री नहीं कर सकते। यह शब्द ‘गलत बिक्री’, किसी को ठेस पहुंचाने के बजाय, शब्दकोश में एक और शब्द बनकर रह गया है।”

  • कनाडा के PM मार्क कार्नी आएंगे भारत दौरे पर…..इन मुद्दों पर होगी चर्चा, द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत

    कनाडा के PM मार्क कार्नी आएंगे भारत दौरे पर…..इन मुद्दों पर होगी चर्चा, द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत


    नई दिल्ली।
    कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian Prime Minister Mark Carney) 26 फरवरी 2026 को भारत का दौरा (India Visit) करने जा रहे हैं। कनाडाई सरकार (Canadian Government) की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह यात्रा भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के तीन देशों की एक व्यापक इंडो-पैसिफिक यात्रा का हिस्सा है, जो 26 फरवरी से 7 मार्च तक चलेगी। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य कनाडा-भारत द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, व्यापार को बढ़ावा देना तथा रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), प्रतिभा, संस्कृति और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई महत्वाकांक्षी साझेदारियां स्थापित करना है। कार्नी पहले मुंबई पहुंचेंगे, जहां वे प्रमुख कारोबारियों से मुलाकात करेंगे ताकि कनाडा में निवेश के अवसरों की खोज की जा सके और दोनों देशों के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा मिले। इसके बाद वे नई दिल्ली जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात होगी। दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे।

    यह दौरा कनाडा-भारत संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, क्योंकि 2023 में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो द्वारा भारत पर लगाए गए आरोपों के बाद संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए थे। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “बेतुका” करार दिया था। इस विवाद के चलते अक्टूबर 2024 में भारत ने अपने उच्चायुक्त सहित कई राजनयिकों को वापस बुला लिया था और कनाडा ने भी समान संख्या में भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया था। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध न्यूनतम स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि, अप्रैल 2025 में हुए कनाडाई संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के नेता मार्क कार्नी की जीत ने संबंध सुधार की प्रक्रिया शुरू की। कार्नी ने मार्च 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था और उसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे की राजधानियों में उच्चायुक्तों की नियुक्ति की, जिससे तनाव कम हुआ और बातचीत का रास्ता खुला।


    किन मुद्दों पर होगी बातचीत

    कार्नी की यह यात्रा न केवल संबंधों को पटरी पर लाने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच कनाडा को अमेरिका पर निर्भरता कम करने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नए साझेदारों के साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाने की रणनीति का हिस्सा भी है। दोनों नेताओं के बीच होने वाली चर्चाओं में व्यापार समझौते, रक्षा समझौते, एआई और प्रौद्योगिकी सहयोग, ऊर्जा क्षेत्र (जैसे क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी) तथा रक्षा साझेदारी पर फोकस रहने की उम्मीद है। कार्नी प्रमुख भारतीय उद्योगपतियों से भी मिलेंगे, जिससे निवेश और संयुक्त उद्यमों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

    यह दौरा दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि यह निज्जर विवाद के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा है। इससे उम्मीद है कि पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर दोनों राष्ट्र भविष्योन्मुखी सहयोग पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

  • नासिक का श्री कालाराम मंदिर: भगवान राम की पवित्रता और अंबेडकर आंदोलन का केंद्र

    नासिक का श्री कालाराम मंदिर: भगवान राम की पवित्रता और अंबेडकर आंदोलन का केंद्र


    नई दिल्ली।महाराष्ट्र के नासिक जिले के पंचवटी क्षेत्र में स्थित श्री कालाराम मंदिर अपने प्राचीन और ऐतिहासिक महत्व के कारण पूरे भारत में प्रसिद्ध है। यह मंदिर प्रभु श्री राम को समर्पित है और काले पत्थरों से निर्मित होने के कारण इसे कालाराम कहा जाता है। मंदिर की अनूठी वास्तुकला और मूर्तियां श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। मंदिर में भगवान राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण की काली प्रतिमाएं विराजमान हैं, जिन्हें गोदावरी नदी से प्राप्त पत्थरों से बनाया गया था।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास काल से जुड़ा हुआ है। पंचवटी क्षेत्र को रामायण के अनुसार भगवान राम के वनवास का स्थान माना जाता है, जहां उन्होंने माता सीता और लक्ष्मण के साथ समय बिताया। यही कारण है कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    मंदिर का निर्माण 1782 ईस्वी में हुआ था। यह 74 मीटर लंबा और 32 मीटर चौड़ा है। मंदिर के चारों दिशाओं में चार प्रवेश द्वार हैं और महाद्वार से प्रवेश करने पर भव्य सभामंडप दिखाई देता है, जिसकी ऊँचाई 12 फीट है। मुख्य मंदिर में 14 सीढ़ियां हैं, जो भगवान राम के वनवास के 14 वर्षों का प्रतीक हैं। मंदिर के चारों ओर 84 स्तंभ खड़े हैं, जो 84 लाख प्रजातियों के चक्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। मंदिर में हनुमान जी की एक काली मूर्ति भी है, जो भगवान राम के चरणों की ओर देखती हुई नजर आती है।

    श्री कालाराम मंदिर में धार्मिक उत्सवों का आयोजन विशेष धूमधाम से होता है। रामनवमी, दशहरा और चैत्र पड़वा यहां प्रमुख त्योहार हैं, जिनमें देश-दुनिया से हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं। ये उत्सव न केवल आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान भी बनाते हैं।

    इस मंदिर की खासियत केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है। यह सामाजिक इतिहास में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। 1930 में डॉ. भीम राव अंबेडकर ने यहां दलितों के मंदिर प्रवेश आंदोलन का नेतृत्व किया था। उस समय दलितों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में आंदोलन के बाद दलितों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिली, जिससे सामाजिक असमानता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश गया। यह आंदोलन आज भी सामाजिक न्याय और समानता के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।

    श्री कालाराम मंदिर का महत्व धार्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक तीनों दृष्टियों से देखा जा सकता है। इसकी वास्तुकला, धार्मिक मान्यताएं, उत्सव और सामाजिक आंदोलन इसे नासिक की पहचान और भारतीय संस्कृति का अनमोल हिस्सा बनाते हैं।

  • शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में सियासत तेज, अखिलेश यादव ने दिया खुला समर्थन

    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मामले में सियासत तेज, अखिलेश यादव ने दिया खुला समर्थन


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ झूंसी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई। इस घटनाक्रम के बाद मामला धार्मिक दायरे से निकलकर सियासी अखाड़े में पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने इसे गंभीर विषय बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।

    अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा हमला

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सच्चे संतों का अपमान कर भाजपा ने अपनी कार्यशैली उजागर कर दी है। उनके मुताबिक जो भी व्यक्ति या संत सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है उसे झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की जाती है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा का मकसद सत्ता के जरिए धन अर्जित करना है और इसके लिए वह किसी भी स्तर तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के भीतर भी आपसी मतभेद हैं जिनकी आहट समय-समय पर सुनाई देती रहती है।

    कार्रवाई उन पर होनी चाहिए थी जिन्होंने रोका
    अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि जिस धार्मिक आयोजन में अविमुक्तेश्वरानंद शामिल होना चाहते थे उस दौरान प्रशासन को उनके तय मार्ग पर आपत्ति थी। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी ने उन्हें स्नान से रोका तो कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए थी न कि संत पर।उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक भगवाधारी संत के साथ ऐसा व्यवहार तब हो रहा है जब राज्य में खुद भगवाधारी मुख्यमंत्री सत्ता में हैं।

    भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार

    फिलहाल इस मामले में भाजपा की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। धार्मिक आस्था कानून और राजनीति के बीच खिंची इस रेखा ने उत्तर प्रदेश की सियासत को नया मोड़ दे दिया है। अब नजर इस बात पर है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपों की सच्चाई क्या सामने आती है। वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का प्रयास बता रहा है तो सत्ता पक्ष कानून की प्रक्रिया का हवाला दे रहा है।

  • बीमा की गलत बिक्री अब अपराध: बैंकों को वित्त मंत्री की दो टूक चेतावनी, 1 जुलाई से सख्त नियम

    बीमा की गलत बिक्री अब अपराध: बैंकों को वित्त मंत्री की दो टूक चेतावनी, 1 जुलाई से सख्त नियम


    नई दिल्ली । में बैंकिंग क्षेत्र को स्पष्ट संदेश देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा सहित अन्य वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री मिस-सेलिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि भ्रामक तरीके से बीमा बेचने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह भारतीय न्याय संहिता के तहत दंडनीय अपराध है। बजट के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल को संबोधित करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंकों को अपने मूल कार्य जमा जुटाने और ऋण देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए न कि ग्राहकों पर अनावश्यक बीमा उत्पाद थोपने पर।

    मिस-सेलिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
    वित्त मंत्री ने कहा कि कई मामलों में ग्राहकों को ऐसे बीमा उत्पाद बेचे जा रहे हैं जिनकी उन्हें जरूरत ही नहीं होती। खासकर गृह ऋण के मामलों में संपत्ति पहले से गिरवी होने के बावजूद अतिरिक्त बीमा लेने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि अब स्पष्ट संदेश जाना चाहिए गलत बिक्री कानूनन अपराध है और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

    1 जुलाई से लागू होंगे कड़े प्रावधान

    आरबीआई ने 11 फरवरी को मिस-सेलिंग रोकने के लिए नए दिशानिर्देशों का मसौदा जारी किया था। प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि किसी ग्राहक को भ्रामक जानकारी देकर उत्पाद बेचा जाता है तो संबंधित बैंक को पूरी राशि लौटानी होगी और नुकसान की भरपाई भी करनी होगी। इन नियमों पर 4 मार्च तक सार्वजनिक टिप्पणियां मांगी गई थीं और अब 1 जुलाई से कड़े प्रावधान लागू किए जाएंगे। इससे ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    नियामकीय खामियों पर भी उठे सवाल

    सीतारमण ने माना कि अब तक आरबीआई और बीमा नियामक के बीच समन्वय की कमी के कारण कुछ मामलों में ग्राहकों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि नियामकीय अंतर रेगुलेटरी गैप का फायदा उठाकर गलत बिक्री की घटनाएं हुईं जिसे अब सख्ती से रोका जाएगा।

    जमा और कासा मजबूत करें बैंक

    वित्त मंत्री ने बैंकों को सलाह दी कि वे गैर-बैंकिंग उत्पादों की आक्रामक बिक्री से बचें और कम लागत वाली जमा व कासा चालू खाता-बचत खाता आधार को मजबूत करें। ग्राहकों की वास्तविक जरूरतों और उनकी वित्तीय क्षमता को समझना प्राथमिकता होनी चाहिए।

    इस बीच आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि बैंकिंग प्रणाली में जमा वृद्धि दर लगभग 12.5% है जबकि ऋण वृद्धि करीब 14.5% बनी हुई है। फरवरी 2025 से अब तक रेपो दर में 1.25% की कटौती कर इसे 5.25% किया जा चुका है। हालांकि हालिया समीक्षा में वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया।

    आरबीआई ने भरोसा दिलाया है कि बाजार में पर्याप्त नकदी बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे। स्पष्ट है कि 1 जुलाई के बाद बैंकिंग क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परीक्षा शुरू होने जा रही है।

  • AI समिट में शर्टलेस विरोध पर दिल्ली कोर्ट का सख्‍त रूख, कहा- देश की कूटनीतिक छवि को पहुंचा नुकसान

    AI समिट में शर्टलेस विरोध पर दिल्ली कोर्ट का सख्‍त रूख, कहा- देश की कूटनीतिक छवि को पहुंचा नुकसान


    नई दिल्ली । दिल्ली की अदालत ने एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस आईवाईसी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस विरोध प्रदर्शन को सार्वजनिक व्यवस्था पर सीधा हमला करार दिया। कोर्ट ने कहा कि यह असहमति जताने का उचित तरीका नहीं था और इससे भारत की डिप्लोमैटिक इमेज को नुकसान पहुंचा।

    चार कार्यकर्ताओं को पुलिस हिरासत में भेजा गया

    ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट रवि की अदालत ने शनिवार को गिरफ्तार चार कार्यकर्ताओं को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा। इनमें बिहार से राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिंह यादव शामिल हैं।

    प्रारंभिक जांच में बाहरी साजिश के संकेत

    कोर्ट ने बताया कि आरोपियों के दूर दराज के राज्यों से होने और प्रारंभिक जांच में बाहरी साजिश के संकेत मिलने के कारण उनके फरार होने का खतरा अधिक है। मजिस्ट्रेट ने कहा कि विरोध प्रदर्शन ने न केवल आयोजन की शुचिता को खतरे में डाला, बल्कि देश की कूटनीतिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित किया।

    क्‍या हैं आरोप?

    अदालत के अनुसार, आरोपियों ने वैश्विक प्रतिनिधियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में शर्टलेस प्रदर्शन किया, जिसमें भड़काऊ नारे लिखी हुई टी शर्ट पहनी गई थी। आरोप है कि उन्होंने सरकारी कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचाई और कुछ पर शारीरिक हमला भी किया।

    सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा
    मजिस्ट्रेट ने कहा, “ऐसा व्यवहार असहमति जताने की वैध सीमा से बाहर है और सार्वजनिक व्यवस्था पर स्पष्ट हमला है। इससे आयोजन की गरिमा और विदेशी हितधारकों के सामने भारत की कूटनीतिक छवि प्रभावित होती है।” कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि आरोपियों के कई सहयोगी संभावित रूप से फरार हैं और डिजिटल या वित्तीय सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

    कानूनी प्रावधान

    जांच में शामिल आरोप भारतीय न्याय संहिता की धारा 121 लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए चोट पहुंचाना और धारा 61(2) आपराधिक षड्यंत्र के तहत आते हैं, जिनमें तीन साल से अधिक की सजा का प्रावधान है।

  • कृषि विज्ञान मेलों का लाभ उठाएं उन्नत खेती करें किसान : कृषि मंत्री कंषाना

    कृषि विज्ञान मेलों का लाभ उठाएं उन्नत खेती करें किसान : कृषि मंत्री कंषाना


    भोपाल! किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसान कल्याण वर्ष 
    2026में कृषि नवाचार और उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में कृषि विज्ञान मेलों का आयोजन किया जा रहा है। कृषिउद्यानिकीतकनीक विस्तारण एवं तिलहन मिशन में जिला स्तर पर कृषि विज्ञान मेले आयोजित किया जा रहे हैं। इन मेलों का लाभ उठाकर किसान निरंतर उन्नत खेती करें और प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान दें।   

    कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि मेलों का उद्देश्य कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, मूल्य संवर्धन, विपणन, सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप एवं स्प्रिंकलर), नरवाई प्रबंधन, तिलहनी-दलहनी फसलों के विस्तार तथा आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी प्रदान करना है। “कृषि विज्ञान मेला” किसानों को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाने की दिशा में विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की समृद्धि और कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

    मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि शासन विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। उन्होंने मिश्रित खेती की पारंपरिक पद्धति को भूमि की उर्वरता के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि वर्तमान में एकल फसल प्रणाली एवं रासायनिक उर्वरकों-कीटनाशकों के अत्याधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता के साथ सभी का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने किसानों से नवीन तकनीकों एवं ज्ञान को व्यवहार में लाने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज एवं समृद्ध किसान के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।

    किसान, कृषि विज्ञान मेलों में केवल अवलोकन तक सीमित न रहें, बल्कि शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लें। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने बताया कि प्रदेश में जैविक खेती को व्यापक रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को उन्नत कृषि एवं उद्यानिकी की ओर प्रेरित करना आवश्यक है, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार एवं समृद्धि सुनिश्चित हो सके। किसान, कृषि विज्ञान मेलों में प्रदर्शनी को ध्यानपूर्वक देखें, समझें और प्राप्त जानकारी को अपनी खेती में लागू करें। उन्होंने कहा कि नरवाई जलाने से भूमि की उर्वरकता को हानि होती है तथा दंड का प्रावधान है। नरवाई का उपयोग जैविक खाद एवं अन्य उपयोगों में कर लाभ अर्जित किया जा सकता है।