Category: National

  • नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत

    नोएडा: गड्ढे में गिरकर इंजीनियर की मौत का मामला, बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत


    नई दिल्ली । नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत का मामला नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है और उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.

    बचाव पक्ष की दलील

    आरोपी के अधिवक्ता एवं जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी बोड़ाकी व सचिव शोभाराम चंदीला ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं. FIR में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है. वह संबंधित कंपनी के निदेशक या की-मैनेजरियल पर्सन नहीं रहे हैं. कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा पहले ही अन्य कंपनी को हस्तांतरित किया जा चुका था. निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी.

    अदालत ने क्या पाया

    सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था. आरोपी के विरुद्ध किसी आपत्तिजनक वस्तु की बरामदगी प्रस्तावित नहीं है. संबंधित दस्तावेज प्राधिकरण या जांच एजेंसी के पास उपलब्ध हैं, जिनके लिए हिरासत में पूछताछ जरूरी नहीं.

    प्राधिकरण द्वारा लगी थी रोक

    घटना से पूर्व नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी. अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट संरचना, लीज, सब-लीज, शेयर ट्रांसफर और MOU जैसे लेन-देन के मामलों में केवल स्वामित्व संबंध के आधार पर आपराधिक दायित्व नहीं थोपा जा सकता. अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं. लेकिन अदालत ने कहा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता.

    जलभराव की समस्या

    अदालत ने यह भी नोट किया कि जलभराव की समस्या को लेकर विजटाउन प्लानर्स द्वारा 2022 में आवेदन दिया गया था और सिंचाई विभाग द्वारा 2023 में जलनिकासी के लिए प्रस्ताव रखा गया था. नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 18 जनवरी 2021 को संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई थी, जो जनवरी 2026 में हटाई गई. जब निर्माण और विकास कार्य पर वैधानिक रोक लागू थी, तब जलनिकासी या अन्य निर्माणात्मक हस्तक्षेप सीमित हो सकते थे.

    ऐसे में यह निष्कर्ष निकालना कि आरोपी ने जानबूझकर पानी जमा रहने दिया, इस स्तर पर उचित नहीं है. तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव और कस्टोडियल पूछताछ की आवश्यकता न होने को देखते हुए अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली.

  • भारत ने बनाई घातक मिसाइलों से लैस तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, नौसेना के बेड़े में जल्द होगी शामिल

    भारत ने बनाई घातक मिसाइलों से लैस तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी, नौसेना के बेड़े में जल्द होगी शामिल

    नई दिल्ली। भारत (India) अपनी समुद्री सैन्य शक्ति और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता

    submarine

    को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। देश की तीसरी स्वदेशी परमाणु-सक्षम पनडुब्बी (Indigenous Nuclear-Capable Submarine) (SSBN), INS अरिधमन (S4) इस साल अप्रैल-मई तक नौसेना (Navy) में शामिल होने की संभावना है।


    भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता में बड़ा इजाफा

    भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल डी.के. त्रिपाठी ने पिछले दिसंबर में संकेत दिया था कि INS अरिधमन को 2026 में कमीशन किया जाएगा। वर्तमान में यह पनडुब्बी अपने समुद्री परीक्षणों के अंतिम चरण में है।

    INS अरिधमन के शामिल होने के साथ ही भारत के पास पहली बार तीन परिचालन परमाणु पनडुब्बियां होंगी। यह भारत को ‘कंटीन्यूअस एट-सी डिटरेंस’ की रणनीति हासिल करने के करीब ले जाएगा, जिसका अर्थ है कि साल के 365 दिन भारत की कम से कम एक परमाणु पनडुब्बी समुद्र में गश्त पर तैनात रहेगी।


    INS अरिधमन: क्यों है यह खास?

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल (ATV) प्रोजेक्ट के तहत विशाखापत्तनम में निर्मित यह पनडुब्बी अपने पूर्ववर्तियों (INS अरिहंत और INS अरिघात) की तुलना में अधिक घातक और एडवांस है।

    बड़ा आकार और क्षमता: अरिधमन का वजन 7,000 टन है, जबकि पिछली पनडुब्बियां 6,000 टन की थीं।

    हथियार प्रणाली: यह पनडुब्बी K-4 बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस होगी, जिसकी मारक क्षमता 3,500 किलोमीटर है। इसके अलावा, यह 24 K-15 ‘सागरिका’ मिसाइलों (750 किमी रेंज) को भी ले जा सकती है।

    इंजन और तकनीक: इसमें 83 मेगावाट का प्रेशराइज्ड वॉटर रिएक्टर लगा है। दुश्मन की नजरों से बचने के लिए इसमें उन्नत ‘एनेकोइक टाइल्स’ लगाई गई हैं, जो शोर को कम करती हैं और इसे रडार की पकड़ से दूर रखती हैं।

    स्वदेशी सेंसर: बेहतर लक्ष्य पहचान के लिए इसमें भारत में विकसित ‘उषस’ (USHUS) और ‘पंचेंद्रिय’ सोनार सिस्टम लगाए गए हैं।


    क्षेत्रीय सुरक्षा जरूरी

    भारत की यह तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में सैन्य संतुलन बदल रहा है।
    पाकिस्तान की तैयारी: पाकिस्तान चीन से $5 बिलियन के सौदे के तहत आठ उन्नत ‘हंगोर-क्लास’ पनडुब्बियां खरीद रहा है।
    रूस से मदद: भारत रूस से एक अकुला-क्लास परमाणु हमलावर पनडुब्बी (चक्र-III) को भी लीज पर लेने की प्रक्रिया में है, जो 2027-28 तक आने की उम्मीद है।
    जर्मनी के साथ डील: भारत और जर्मनी के बीच $8-10 बिलियन का प्रोजेक्ट-75(I) समझौता अंतिम चरण में है, जिसके तहत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक वाली छह अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां बनाई जाएंगी।
    एक बार चालू होने के बाद, INS अरिधमन को विशाखापत्तनम के पास ‘प्रोजेक्ट वर्षा’ नामक एक उच्च-सुरक्षा वाले भूमिगत बेस पर तैनात किया जाएगा। यह विकास भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में मजबूती से खड़ा करता है जिनके पास समुद्र के नीचे से परमाणु हमले को विफल करने और उसका जवाब देने की अचूक क्षमता है।

  • देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया

    देश के 12 राज्यों में SIR का तीसरा चरण इसी माह से….शेष 22 में अप्रैल से शुरू होगी प्रक्रिया


    नई दिल्ली।
    देश में मतदाता सूची (Voter list) को अपडेट और शुद्ध करने की प्रक्रिया को तेज करते हुए चुनाव आयोग (ईसीआई) Election Commission – ECI) ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (Special Intensive Revision- SIR) के तीसरे चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आयोग ने गुरुवार को शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को पत्र लिखकर संकेत दिया है कि SIR प्रक्रिया अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही अधिकारियों से तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा गया है।


    अब तक का सफर: चरण 1 और 2

    मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने की यह प्रक्रिया चरणों में चल रही है। SIR का पहला चरण बिहार में लागू किया गया था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2025 को आयोग ने दूसरे चरण की घोषणा की, जिसमें 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे। इन दोनों चरणों में मिलाकर लगभग 60 करोड़ मतदाता कवर किए जा चुके हैं।

    हालांकि, आयोग ने पहले भी बिहार को छोड़कर सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा था, लेकिन दूसरे चरण में केवल 12 को शामिल किया गया। इससे संकेत मिलता है कि तीसरे चरण में भी सभी 22 शेष राज्यों/यूटी को शामिल किया जाना तय नहीं है। इन 22 राज्यों/यूटी का कुल निर्वाचन क्षेत्र लगभग 39 करोड़ मतदाताओं का है।


    कौन से राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं शामिल?

    आयोग द्वारा संपर्क किए गए राज्यों की सूची में वे राज्य भी शामिल हैं जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं (जैसे मणिपुर और उत्तराखंड, जिनका कार्यकाल मार्च 2027 में समाप्त हो रहा है)।


    सूची में शामिल प्रमुख नाम हैं:

    राज्य: उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना।

    केंद्र शासित प्रदेश: दिल्ली, चंडीगढ़, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव।
    हालांकि 22 राज्यों को पत्र लिखा गया है, लेकिन पिछले अनुभवों को देखते हुए यह माना जा रहा है कि तीसरे चरण में इन सभी को एक साथ शामिल नहीं किया जाएगा; कुछ को अगले चरणों के लिए रोका जा सकता है।


    जनगणना 2027 के साथ टकराव की स्थिति

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SIR का तीसरा चरण जनगणना 2027 के ‘हाउसलिस्टिंग’ (मकानों की सूची बनाना) चरण के साथ टकरा सकता है।
    समय सीमा: जनगणना का हाउसलिस्टिंग कार्य इस वर्ष 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच 45 दिनों की अवधि में होना है।
    चुनौती: दिल्ली, हरियाणा और ओडिशा जैसे राज्यों ने पहले ही अपनी हाउसलिस्टिंग समय सीमा अधिसूचित कर दी है।
    ऐसे में इन राज्यों को या तो अपनी जनगणना की तारीखों को संशोधित करना होगा या चुनाव आयोग से अनुरोध करना होगा कि उन्हें SIR के अगले चरण में रखा जाए। वहीं, जिन राज्यों ने अभी तारीखें तय नहीं की हैं, वे जनगणना को जून-जुलाई के बाद टाल सकते हैं।
    यह तीसरा चरण संभवतः जून या जुलाई की शुरुआत तक खिंच सकता है, खासकर यदि प्रक्रियाओं में विस्तार दिया जाता है।

    स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूचियों से मृत, स्थानांतरित या अयोग्य नामों को हटाना और पात्र नए मतदाताओं को जोड़ना है। आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के आम चुनावों को देखते हुए यह प्रक्रिया अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगामी महीनों में यह स्पष्ट होगा कि तीसरे चरण में कितने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को वास्तविक रूप से शामिल किया जाता है और जनगणना के कार्यक्रम के साथ तालमेल कैसे बैठाया जाता है।

  • राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठन चुनाव घोषित, 22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन, पढ़ें शेड्यूल

    राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठन चुनाव घोषित, 22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन, पढ़ें शेड्यूल


    नई दिल्ली । राजस्थान यूथ कांग्रेस संगठनात्मक चुनाव की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है. यूथ कांग्रेस प्रदेश संगठन में चल रही गुटबाज़ी और निष्क्रियता के चलते चुनावी तारीखों का ऐलान किया गया है. इस चुनाव के लिए रविवार (22 फरवरी) से एक मार्च तक नामांकन होंगे और 6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. उसके बाद 11 मार्च को फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी होगी. उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जो कि18,19 मार्च से शुरू हो सकता है.

    यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी ने दी यह जानकारी

    राजस्थान यूथ कांग्रेस चुनाव अधिकारी सज्जाद तारिक ने बताया कि प्रदेश में यूथ कांग्रेस की चुनाव प्रक्रिया 22 फरवरी से शुरू होने जा रही है. उन्होंने आगे बताया कि इस बार ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर भी प्रत्यक्ष रूप से चुनाव होगा. वहीं चुनावी मेंबरशिप की राशि को 50 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया है. इसी के साथ 6 ज़िलों में जिलाध्यक्ष के पद SC ST के लिए रिज़र्व किए गए हैं.

    इस तरह रहेगा यूथ कांग्रेस के संगठन का चुनाव

    21 फरवरी तक प्रदेश अध्यक्ष पद के परफॉर्मेंस की सूची होगी जारी
    22 फरवरी से 1 मार्च तक होंगे नामांकन दाखिल
    6 मार्च से 10 मार्च तक नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी
    11 मार्च को प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी होगी
    सूची जारी होने के करीब 1 हफ्ते बाद मेंबरशिप शुरु होगी
    18 मार्च से 18 अप्रैल तक एक महीने तक मेंबरशिप चल सकती है
    मेंबरशिप के करीब साढ़े 3 महीने बाद अगस्त में रिजल्ट आएगा
    इस बार संगठन चुनाव में कई बदलाव किए गए
    पहली बार होगा ब्लॉक अध्यक्ष पद के लिए चुनाव
    प्रदेश अध्यक्ष पद प्रत्याशी को 100 ब्लॉक अध्यक्ष के नॉमिनेशन कराने होंगे
    प्रदेश महासचिव प्रत्याशी को 41 ब्लॉक अध्यक्ष नामांकन कराने होंगे
    इस बार मेंबरशिप 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए की गई
    सारी चुनावी प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा

    छह पदों के लिए होगा चुनाव
    संगठन चुनाव के तहत कुल 6 पदों के लिए चुनाव होगा. इसमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महासचिव, जिला अध्यक्ष, जिला महासचिव, विधानसभा अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा. सारी चुनाव प्रक्रिया को ऑनलाइन अंजाम दिया जाएगा. इस बार नामांकन फीस में भी काफी बढोतरी की गई है. सभी छह पदों के लिए एक साथ वोट डाले जाएंगे. वहीं चुनाव प्रभारी ने कहा कि अगर मार्च में पंचायत और निकाय चुनाव घोषित हो जाता है तो फिर हम मेंबरशिप को होल्ड कर देंगे.

  • बिहार से पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा, लटकेगा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य? सियासी गलियारे में चर्चा

    बिहार से पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा, लटकेगा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य? सियासी गलियारे में चर्चा


    नई दिल्ली । राज्यसभा चुनाव की तारीख सामने आ गई है. अगले महीने 16 मार्च को चुनाव होंगे. 10 राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव होने हैं. इस चुनाव से सदन में बीजेपी का आंकड़ा तो बढ़ेगा ही, साथ ही यह कई दिग्गजों का भविष्य भी तय करेगा. कई बड़े नेता नंबर के फेर में फंसकर सियासी रूप से पैदल हो सकते हैं. वहीं, कई नेताओं की लॉटरी भी लग सकती है.

    राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की तारीख जारी होने के साथ ही सियासी गलियारों में कई चर्चित चेहरों के भविष्य को लेकर चर्चा अब होने लगी है. माना जा रहा है कि सबसे दिलचस्प बिहार का चुनाव रहने वाला है. क्योंकि यहां राज्यसभा की जिन 5 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से 2 आरजेडी की सीटें हैं. मौजूदा नंबर के हिसाब से तेजस्वी यादव किसी को भेज नहीं पाएंगे.

    पवन सिंह जाएंगे राज्यसभा!

    ऐसे में बीजेपी के खाते में 2 सीटें जा सकती हैं. राजनीतिक गलियारों में जो चर्चा है उसके मुताबिक नितिन नबीन विधायक बने रहेंगे. ऐसे में एक नाम जो रेस में है वो भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह का है. विधानसभा चुनाव के वक्त पवन सिंह ने खूब प्रचार किया था. इस दौरान माना गया था कि राज्यसभा की ही डील हुई थी.

    लटक सकता है उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य
    आंकड़ों के हिसाब से जेडीयू अपने दोनों सदस्यों को फिर से रिपीट कर सकती है. क्योंकि हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा में बड़ा कद है और रामनाथ ठाकुर मंत्री हैं. रही बात पांचवीं सीट की तो नंबर के हिसाब से चिराग पासवान का दावा बनेगा. लिहाजा उपेंद्र कुशवाहा का भविष्य लटक सकता है.

    26 फरवरी से शुरू होगी राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया
    बता दें कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया 26 फरवरी 2026 को शुरू होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च रखी गई है. नामांकनों की जांच 6 मार्च को होगी और उम्मीदवार 9 मार्च तक नाम वापस ले सकते हैं.
  • यूपी चुनाव से पहले मुख्तार अंसारी परिवार में बगावती सुर! विधायक भाई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

    यूपी चुनाव से पहले मुख्तार अंसारी परिवार में बगावती सुर! विधायक भाई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार में राजनीतिक कलह की बात खुलकर सामने आने लगी है. समाजवादी पार्टी के विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी के बड़े भाई सलमान अंसारी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी तूफान आ गया है. उन्होंने पोस्ट के जरिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

    सोशल मीडिया पोस्ट से मची हलचल

    सलमान अंसारी, जो सिबगतुल्लाह अंसारी के बड़े बेटे और विधायक सुहैब अंसारी के भाई हैं, ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी शेयर की है, जिससे पारिवारिक कलह की बात की है.राजनीति के जानकार इस घटनाक्रम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के तौर पर देख रहे हैं. परिवार के भीतर उठी यह बगावत विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए राजनीतिक मायने रखती है. क्षेत्रीय राजनीति में इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है.

    भाई पर लगाए करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप

    सलमान अंसारी ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि 30 हजार रुपये की स्ट्रीट लाइट के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया. विधायक निधि के लगभग 20 करोड़ रुपये में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.

    उन्होंने कहा कि साल 2022 में जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा गया था, लेकिन अब वह जनता को जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं. उनके इस बयान से साफ है कि मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत असंतोष से भी जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है.

    कौन हैं सिबगतुल्लाह अंसारी?

    सिबगतुल्लाह अंसारी, जो मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं. उनके छोटे भाई अफजाल अंसारी भी सक्रिय राजनीति में हैं. मुख्तार अंसारी की 60 वर्ष की उम्र में बांदा जेल में 2024 में मौत हो चुकी है. वर्तमान में सुहैब अंसारी मोहम्मदाबाद सीट से विधायक हैं.

    वहीं, एमआईएम के पूर्वांचल प्रवक्ता अफसर महमूद ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जो सपा आजम खान के साथ नहीं रही, वह नसीमुद्दीन के साथ क्या होगी. साथ ही आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री रहते समय नसीमुद्दीन ने बड़े घोटाले किए थे.

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माफिया मुख्तार अंसारी के परिवार में राजनीतिक कलह की बात खुलकर सामने आने लगी है. समाजवादी पार्टी के विधायक सुहैब उर्फ मन्नू अंसारी के बड़े भाई सलमान अंसारी के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सियासी तूफान आ गया है. उन्होंने पोस्ट के जरिए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

    सोशल मीडिया पोस्ट से मची हलचल

    सलमान अंसारी, जो सिबगतुल्लाह अंसारी के बड़े बेटे और विधायक सुहैब अंसारी के भाई हैं, ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट शेयर कर मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. उन्होंने एक ऑडियो क्लिप भी शेयर की है, जिससे पारिवारिक कलह की बात की है.राजनीति के जानकार इस घटनाक्रम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बदलते राजनीतिक समीकरणों के तौर पर देख रहे हैं. परिवार के भीतर उठी यह बगावत विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के लिए राजनीतिक मायने रखती है. क्षेत्रीय राजनीति में इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है.

    भाई पर लगाए करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप
    सलमान अंसारी ने आरोप लगाया कि पिछले चार सालों में मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. उन्होंने कहा कि 30 हजार रुपये की स्ट्रीट लाइट के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया. विधायक निधि के लगभग 20 करोड़ रुपये में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है.

    उन्होंने कहा कि साल 2022 में जनता से विकास के नाम पर वोट मांगा गया था, लेकिन अब वह जनता को जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं. उनके इस बयान से साफ है कि मामला सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत असंतोष से भी जुड़ा हुआ है. सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है.

    कौन हैं सिबगतुल्लाह अंसारी?

    सिबगतुल्लाह अंसारी, जो मुख्तार अंसारी के बड़े भाई हैं, दो बार विधायक रह चुके हैं. उनके छोटे भाई अफजाल अंसारी भी सक्रिय राजनीति में हैं. मुख्तार अंसारी की 60 वर्ष की उम्र में बांदा जेल में 2024 में मौत हो चुकी है. वर्तमान में सुहैब अंसारी मोहम्मदाबाद सीट से विधायक हैं.

    वहीं, एमआईएम के पूर्वांचल प्रवक्ता अफसर महमूद ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के समाजवादी पार्टी में शामिल होने पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि जो सपा आजम खान के साथ नहीं रही, वह नसीमुद्दीन के साथ क्या होगी. साथ ही आरोप लगाया कि आबकारी मंत्री रहते समय नसीमुद्दीन ने बड़े घोटाले किए थे.

  • रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना

    रमजान में दिल्ली की शराब दुकानें हों बंद', AIMIM नेता शोएब जमाई की मांग, सावन माह से की तुलना


    नई दिल्ली । में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन यानी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने रमजान के महीने में सभी शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है. यह अपील 19 फरवरी को की गई, जब से रमजान शुरू होने की घोषणा हुई है. उन्होंने सावन महीने का जिक्र करते हुए दिल्ली सरकार से सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और खपत पर रोक लगाने की भी बात कही है.

    शोएब जमाई ने ये मांग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए की है जिसमें उन्होंने सरकार से कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि रमजान मुसलमानों का पवित्र महीना है, इसलिए इस दौरान शराब की दुकानें बंद की जानी चाहिए.

    उन्होंने अपने पोस्ट में सावन महीने का उदाहरण देते हुए लिखा कि जब सावन में नॉन वेज दुकानों को बंद कर सम्मान दिखाया जाता है, तो रमजान में भी उसी तरह सम्मान मिलना चाहिए. उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग रखी.

  • शाम 5 बजे से दिल्ली के ये रास्ते रहेंगे बंद! निकलने से पहले चेक करें ट्रैफिक एडवाइजरी

    शाम 5 बजे से दिल्ली के ये रास्ते रहेंगे बंद! निकलने से पहले चेक करें ट्रैफिक एडवाइजरी


    नई दिल्ली । AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आज चौथा दिन है. इस बड़े आयोजन के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. भारत मंडपम और एयरपोर्ट के आसपास वीवीआईपी मूवमेंट्स के कारण राजधानी की कई अहम सड़कों पर आवाजाही सीमित रहेगी. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सड़कों पर निकलने से पहले लोगों से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके.

    इन मार्गों पर पड़ेगा असर

    सरदार पटेल मार्ग मदर टेरेसा क्रेसेंट तीन मूर्ति मार्ग अकबर रोड जनपथ विंडसर प्लेस तीस जनवरी मार्ग पृथ्वीराज रोड राजेश पायलट मार्ग सुभ्रमण्यम भारती मार्ग मथुरा रोड भैरों मार्ग शांति पथ अफ्रीका एवेन्यू सत्य मार्ग डॉ. जाकिर हुसैन मार्ग गुरुग्राम रोड और परेड रोड जैसे रास्तों पर प्रतिबंध रह सकता है.

    एआई समिट में इमैनुएल मैक्रों

    पहले जॉगिंग फिर स्टेशन पर तफरी अब जय हो इंडिया में अलग ही दिखा मैक्रों का स्वैगसुविधा के लिए ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक रास्ते इस्तेमाल करने की सलाह दी है. इनमें सैन मार्टिन मार्ग पंचशील मार्ग डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड कमाल अतातुर्क मार्ग औरोबिंदो मार्ग लोदी रोड बरापुल्ला रोड रिंग रोड तिलक मार्ग फिरोज शाह रोड रफी मार्ग संसद मार्ग के. कामराज मार्ग साउथ एवेन्यू रोड वंदे मातरम मार्ग एनएच-48 राव तुला राम मार्ग ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और यूईआर-II NH-48 सर्विस रोड शामिल हैं.

    पब्लिक एडवाइजरी जारी:

    प्रभावित रास्तों पर जाने से बचें. अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और थोड़ा अतिरिक्त समय रखें. ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें. लेन अनुशासन और ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग करें.

  • मानसिक अवसाद का खौफनाक अंत: बेंगलुरु में ISRO के पूर्व अधिकारी ने पत्नी की गला घोंटकर की हत्या, खुद भी मरने की थी योजना

    मानसिक अवसाद का खौफनाक अंत: बेंगलुरु में ISRO के पूर्व अधिकारी ने पत्नी की गला घोंटकर की हत्या, खुद भी मरने की थी योजना


    नई दिल्ली । बेंगलुरु कर्नाटक : कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ देश की प्रतिष्ठित संस्था भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO के एक पूर्व अधिकारी ने अपनी ही पत्नी की निर्मम हत्या कर दी। अवाल्हाली थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य की गंभीरता और उसके विनाशकारी परिणामों पर एक नई बहस छेड़ दी है। ६५ वर्षीय नागेश्वर राव ने कथित तौर पर अपनी जीवनसंगिनी की तौलिए से गला घोंटकर जान ले ली। पुलिस के अनुसार, इस खौफनाक कदम के पीछे वर्षों से चला आ रहा गहरा अवसाद डिप्रेशन मुख्य कारण बनकर उभरा है।

    शव के पास बैठकर मौत का इंतजार करता रहा हत्यारा

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह वारदात सुबह लगभग ११ बजे घटित हुई। नागेश्वर राव ने अचानक अपनी पत्नी पर हमला बोला और घर में मौजूद एक तौलिए से उनका गला तब तक दबाए रखा, जब तक कि उनके शरीर की हलचल पूरी तरह शांत नहीं हो गई। विचलित करने वाली बात यह है कि हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी भागने के बजाय घंटों अपनी पत्नी के बेजान शरीर के पास ही बैठा रहा। वह खुद भी आत्महत्या करने की फिराक में था, लेकिन मानसिक द्वंद्व और साहस की कमी के कारण वह ऐसा नहीं कर सका। अंततः कई घंटों बाद उसने अपने एक मित्र को फोन कर पूरी कहानी बयां की, जिसने तुरंत पुलिस को इस त्रासदी की जानकारी दी।
    अवसाद की गिरफ्त में टूटा खुशहाल परिवार
    नागेश्वर राव इसरो जैसे संस्थान से सेवानिवृत्त होने के बाद एक प्रतिष्ठित जीवन जी रहे थे, लेकिन भीतर ही भीतर वह गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे। पुलिस हिरासत में नागेश्वर ने स्वीकार किया कि वह मानसिक रूप से इतना परेशान था कि उसे अपना और अपनी पत्नी का जीवन बोझ लगने लगा था। वह खुद को खत्म करना चाहता था, लेकिन उसने पहले अपनी पत्नी को मारना उचित समझा। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या इस हत्याकांड के पीछे कोई तात्कालिक घरेलू विवाद था या यह पूरी तरह से अनियंत्रित डिप्रेशन का ही नतीजा है।

    विदेश में बैठी बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़

    इस दंपत्ति की इकलौती बेटी अमेरिका में रहती है। जिस समय उसे माता-पिता के सुरक्षित और शांत बुढ़ापे की उम्मीद थी, उस समय उसे अपनी माँ की हत्या और पिता की गिरफ्तारी की खबर मिली। खुशहाल और सफल माना जाने वाला यह परिवार एक झटके में उजड़ गया। पुलिस ने आरोपी नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले की विस्तृत चार्जशीट तैयार की जा रही है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानसिक बीमारियाँ किसी भी उम्र और ओहदे के व्यक्ति को अपना शिकार बना सकती हैं, जिसके परिणाम कभी-कभी असहनीय होते हैं।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीघटनास्थलअवाल्हाली क्षेत्र, बेंगलुरु कर्नाटक मृतक का नामनागेश्वर राव की पत्नी उम्र लगभग 60+ वर्ष आरोपी का नामनागेश्वर राव 65 वर्ष, पूर्व इसरो अधिकारी हत्या का तरीकातौलिए से गला घोंटकर Strangulation मुख्य कारणलंबे समय से चल रहा मानसिक अवसाद Depression पुलिस कार्रवाईआरोपी न्यायिक हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज

  • दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान

    दिनेशपुर में रिश्तों की बलि: जमीन के लालच और आपसी कलह में बहू ने मायके वालों के साथ मिलकर ली सास की जान


    नई दिल्ली । दिनेशपुर उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले में स्थित दिनेशपुर से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला, संध्या शाह की उनकी अपनी ही बहू और उसके मायके वालों ने मिलकर निर्मम हत्या कर दी। संपत्ति के लालच और घरेलू क्लेश के चलते हुई इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बहू समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।

    बच्ची की बीमारी बनी बहाना, जमीन पर था निशाना

    वारदात की जड़ें पिछले कई सालों से चल रहे पारिवारिक विवाद में दबी हुई थीं। घटना की रात मंगलवार को जब प्रसन्नजीत शाह की छोटी बेटी को बुखार आया, तो उसने अपनी पत्नी सुरभि पर बच्ची की देखभाल में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। यह छोटी सी बहस जल्द ही उग्र हो गई। दरअसल, असली विवाद प्रसन्नजीत द्वारा खरीदे गए एक प्लॉट और पैतृक संपत्ति के पैसों को लेकर था। पत्नी सुरभि चाहती थी कि संपत्ति उसके नाम पर हो, और इसी बात को लेकर घर में पिछले तीन-चार वर्षों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी।
    कमरे में कैद कर दी दर्दनाक मौत
    बहस के दौरान सुरभि ने अपने मायके वालों को फोन कर मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सुरभि की माँ सुजाता, बहन दिशा और भाई अमन अपने अन्य साथियों के साथ वहाँ पहुँचे और तांडव शुरू कर दिया। हमलावरों ने प्रसन्नजीत के साथ मारपीट की और ७० वर्षीय बुजुर्ग संध्या शाह को एक कमरे में बंद कर दिया। बंद कमरे के भीतर बुजुर्ग महिला को बेरहमी से पीटा गया। जब तक पड़ोसियों ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया और पुलिस को सूचना दी, तब तक संध्या शाह मरणासन्न स्थिति में पहुँच चुकी थीं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    सख्त कार्रवाई की मांग और पुलिसिया जांच
    घटना के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारी, एसएसपी अजय गणपति और एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने फॉरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। मृतका की बेटी रानी ने पुलिस के सामने बिलखते हुए आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने प्रसन्नजीत की तहरीर पर बहू सुरभि, सास सुजाता, साली दिशा और साले अमन समेत कुल छह लोगों पर हत्या धारा ३०२ का मामला दर्ज किया है। फिलहाल कुछ आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और पूरे वार्ड में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
    वारदात का संक्षिप्त विवरण:विवरणप्रमुख जानकारीस्थानवार्ड चार, दिनेशपुर, ऊधमसिंह नगर उत्तराखंड मृतकसंध्या शाह उम्र 70 वर्ष मुख्य आरोपीबहू सुरभि शाह और उसके मायके वाले कुल 6 नामजद विवाद की वजहसंपत्ति का लालच और बच्ची की बीमारी पर कहासुनीपुलिस कार्रवाईहत्या का केस दर्ज, फॉरेंसिक साक्ष्य संकलित, आरोपी हिरासत में