Category: National

  • नई दिल्ली डिक्लेरेशन: 88 देशों ने एआई के भविष्य के लिए किए हस्ताक्षर, भारत की ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली डिक्लेरेशन: 88 देशों ने एआई के भविष्य के लिए किए हस्ताक्षर, भारत की ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मोड़ पर संपन्न हुआ, जब 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन एआई इम्पैक्ट’ पर हस्ताक्षर किए। इस घोषणापत्र ने न केवल एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के भविष्य को दिशा देने का काम किया, बल्कि भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया।

    भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
    भारत के लिए यह समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। पिछले साल पेरिस में हुए ‘एआई एक्शन समिट’ में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने यूरोपीय नियामक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। लेकिन नई दिल्ली में भारत ने इन सभी देशों को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल की। भारत का मुख्य उद्देश्य एआई का “लोकतंत्रीकरण” करना है, ताकि यह तकनीक केवल कुछ बड़ी कंपनियों या व्यक्तियों के हाथों में न रहे, बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

    नई दिल्ली डिक्लेरेशन के मुख्य पहलू
    इस घोषणापत्र के माध्यम से हस्ताक्षर करने वाले देशों ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सहमति जताई है, जो एआई के प्रभाव और उपयोग को वैश्विक स्तर पर बेहतर और सुरक्षित बनाएंगे:

    डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन चार्टर:
    इस चार्टर के तहत एआई के बुनियादी संसाधनों तक सभी की पहुंच को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही स्थानीय नवाचारों को भी समर्थन मिलेगा।

    ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स:
    यह एक व्यावहारिक मंच होगा जो एआई के सफल उपयोगों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनाने और पुनरावृत्त करने में मदद करेगा।

    ट्रस्टेड एआई कॉमन्स:
    एआई प्रणालियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी संसाधनों, बेंचमार्क और सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा संग्रह बनाया जाएगा।

    इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ एआई फॉर साइंस इंस्टीट्यूशन्स:
    वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर के संस्थानों को जोड़ा जाएगा।

    समाज के उत्थान के लिए एआई का उपयोग
    इस घोषणापत्र में इस बात को स्वीकार किया गया है कि एआई समाज के सभी वर्गों के उत्थान की क्षमता रखता है। इसके लिए सोशल एम्पॉवरमेंट प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों को एआई के लाभ मिल सकें। साथ ही, एआई के कारण बदलते रोजगार स्वरूप को ध्यान में रखते हुए, ‘रीस्किलिंग’ और कार्यबल विकास के लिए स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भी सहमति बनी है।

    आगे की चुनौतियाँ और कार्यान्वयन
    हालांकि 88 देशों ने इस डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन वादों को वास्तविकता में बदलना होगी, क्योंकि ये सभी प्रतिबद्धताएं स्वैच्छिक प्रकृति की हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, यूरोपीय संघ (EU) ने शुरुआत में इस घोषणापत्र के कुछ अंशों पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि वे संयुक्त राष्ट्र के (UN) चार्टर से मिलते-जुलते थे। हालांकि, भारत को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक सहयोगी मानते हुए, यूरोपीय संघ अंततः इस पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया।

  • मुफ्त इलाज चाहिए? आयुष्मान कार्ड का ऐसे उठाएं लाभ, अस्पताल में क्या करना होगा..

    मुफ्त इलाज चाहिए? आयुष्मान कार्ड का ऐसे उठाएं लाभ, अस्पताल में क्या करना होगा..


    नई दिल्ली।जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने Ayushman Bharat Yojana शुरू की है इस योजना के तहत पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है जिसके माध्यम से वे सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं

    कई लोगों के मन में सवाल होता है कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद इसका उपयोग कैसे किया जाए और मुफ्त इलाज की प्रक्रिया क्या है दरअसल इसका लाभ उठाने के लिए कुछ आसान स्टेप फॉलो करने होते हैं

    सबसे पहले आपको यह पता करना होता है कि आपके शहर या जिले में कौन से अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं इसके लिए आप योजना की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए जानकारी ले सकते हैं केवल वही अस्पताल मुफ्त इलाज की सुविधा देते हैं जो योजना से जुड़े होते हैं

    इसके बाद आपको उसी पंजीकृत अस्पताल में जाना होता है अस्पताल पहुंचने पर आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क पर संपर्क करना होता है यहां मौजूद अधिकारी आपके आयुष्मान कार्ड की जांच करते हैं और आपकी पहचान व पात्रता को सत्यापित करते हैं सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित बीमारी या उपचार के अनुसार आपको कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है

    योजना के तहत लाभार्थी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकता है यह सीमा हर साल रिन्यू होती है यानी अगले वित्तीय वर्ष में फिर से पूरी लिमिट उपलब्ध हो जाती है इसमें कई प्रकार की गंभीर बीमारियों और सर्जरी को कवर किया गया है

    कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं यह भी जानना जरूरी है वे लोग जो गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं पीएफ या ईएसआईसी का लाभ नहीं लेते या जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है वे पात्रता मानदंड के अनुसार आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं पात्रता का निर्धारण सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर किया जाता है

    यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है जो गंभीर बीमारी के इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट में आ जाते थे अब आयुष्मान कार्ड के जरिए वे बिना पैसे की चिंता किए पंजीकृत अस्पतालों में उपचार करा सकते हैं

    यदि आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो समय समय पर इसकी स्थिति और पात्रता की जांच करते रहें और इलाज की जरूरत पड़ने पर केवल अधिकृत अस्पताल में ही जाएं ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके

  • अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग

    अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग


    नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी एसपी के नेता Rohit Pawar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादसे को लेकर कई सवाल उठाए और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में कथित सुरक्षा लापरवाही और निजी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    VSR वेंचर्स पर उठाए सवाल

    रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR Ventures कर रही थी। उनके अनुसार, इस कंपनी को “प्रभावशाली और ताकतवर लोगों का संरक्षण” प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों में चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रोहित पवार ने डीजीसीए के कुछ अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

    पीएम और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजेंगे। साथ ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की।

    तकनीकी पहलुओं पर भी संदेह
    हादसे की तकनीकी वजहों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान में कथित रूप से एक से अधिक धमाके हुए थे। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त ईंधन के डिब्बों को लेकर भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे जाने की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    हादसे का विवरण

    जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet 45 रजिस्ट्रेशन VT-SSK दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह चार्टर फ्लाइट मुंबई से बारामती जा रही थी। हादसे में अजित पवार समेत पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हो गई। विमान बारामती एयरस्ट्रिप से कुछ मीटर पहले सुबह लगभग 8:30 से 8:45 बजे के बीच क्रैश हुआ।

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आधिकारिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

  • भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’

    भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’


    नई दिल्ली । भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की द्विपक्षीय वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।

    व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”

    टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।

  • एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित

    एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित


    नई दिल्ली । भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुक्रवार को राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए समिट स्थल पर टी-शर्ट हटाकर नारेबाजी की। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता को प्रभावित किया बल्कि देशभर में राजनीतिक विवाद भी तेज कर दिया। इसके बाद बीजेपी के कई राज्यों में कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।

    पुलिस का दावा: नेपाल के GenZ आंदोलन से प्रेरित
    दिल्ली पुलिस ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को कहा कि यह प्रदर्शन नेपाल में सक्रिय GenZ आंदोलन से प्रेरित था। पुलिस के वकील ने कोर्ट में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने “देश को बांटने वाले” नारे लगाए और ऐसा वह स्थान चुनकर किया जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान धक्कामुक्की भी हुई और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।

    जब कोर्ट ने पुलिस से पांच दिन की रिमांड का कारण पूछा, तो पुलिस ने कहा कि उन्हें यह पता करना है कि इस साजिश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और विवादित टी-शर्ट कहां से छापी गई। आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया, उनका कहना था, “यह गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है। अगर प्रदर्शन के कारण गिरफ्तारी होने लगी, तो संसद में प्रदर्शन करने वाले सांसदों की भी गिरफ्तारी होगी।”

    गिरफ्तार प्रदर्शनकारी और पुलिस की दलील
    गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी थी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए और अलग-अलग राज्यों से होने के कारण हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया।

    कांग्रेस विवादों में घिरी
    इस घटना के बाद कांग्रेस राजनीतिक विवादों में घिर गई है। प्रदर्शन ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए हलचल मचा दी थी। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल मीडिया और राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा बल्कि देश-विदेश के कई दिग्गज प्रतिनिधियों के सामने भी राजनीतिक तनाव पैदा किया।

  • छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा

    छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा


    रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज से 10वीं बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़ हो गया। प्रदेशभर के 6,839 स्कूलों में पंजीकृत 3,21,571 विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्दी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की गई। इस वर्ष राज्य में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और गोपनीयता के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

    राजधानी रायपुर के जे एन पांडेय स्कूल में परीक्षार्थियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। परीक्षा केंद्र में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त परीक्षा पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    छात्रों ने परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल और स्पष्ट था। कई विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर अच्छा होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और बोर्ड परीक्षा का डर पहले दिन काफी हद तक कम हो गया। परीक्षार्थियों ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र में हल करने योग्य प्रश्नों की संख्या अधिक थी, जिससे समय प्रबंधन आसान रहा।

    अभिभावकों ने भी इस अवसर पर बच्चों को उत्साहित किया। कुछ अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के लिए बच्चों की तैयारी अच्छी रही और सुरक्षित और सुव्यवस्थित परीक्षा केंद्र से उनकी चिंता काफी कम हुई। शिक्षक और स्कूल प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें परीक्षा के दौरान शांत रहने की सलाह दी।

    परीक्षा अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। कैमरा और अन्य निगरानी उपायों के माध्यम से परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया गया है।

    प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा का यह पहला दिन छात्रों के लिए उत्साह और चुनौती दोनों लेकर आया। स्कूलों में शिक्षक और अधिकारियों का सहयोग, परीक्षा केंद्र की सुव्यवस्था और पारंपरिक स्वागत से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा। इसके साथ ही छात्रों ने आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बोर्ड परीक्षा की शुरुआत की।

    छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया है और कहा है कि पूरी तैयारी और ध्यान से परीक्षा देना महत्वपूर्ण है। प्रदेशभर में अगले हफ्तों तक विभिन्न विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को समय पर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

  • दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!

    दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!


    नई दिल्ली। दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    पहले सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह समय मात्र एक तिहाई रह जाएगा। नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।

    कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है, जिसे अब 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इसकी नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू है। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी संचालन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर संभव होगा।

    नई हाई-स्पीड ट्रेन सेवा के साथ दिल्ली आने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।

    सबसे बड़ा सवाल अब किराए को लेकर है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसके बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। किराया तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि दूरी और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किराया तय किया जाएगा। चूंकि यह हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सेवा है, इसलिए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा


    रायपुर । रायपुर से जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा का प्रथम सत्र यानी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और 20 मार्च 2026 तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्र की रूपरेखा की जानकारी साझा की।

    उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं जिनमें वित्तीय मामलों और शासकीय कार्यों के साथ-साथ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपादित किए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन में वित्तीय बजट और राज्य के विकासात्मक योजनाओं पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा सत्र में कानून-निर्माण और विधायी प्रस्तावों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन के प्रत्येक दिन की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगी और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि राज्य के विकास और जनता के हितों के लिए जरूरी निर्णय समय पर लिए जा सकें।

    सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सक्रिय भागीदारी करेंगे और सत्र के दौरान सभी प्रस्तावों पर प्रभावी चर्चा होगी।

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की आगामी वित्तीय योजनाओं नीतियों और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। राज्य सरकार के लिए यह सत्र नीति निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।

  • लखनऊ में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    लखनऊ में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    नई दिल्ली । लखनऊ में शनिवार 21 फरवरी को परिवर्तन चौक पर सवर्ण मोर्चा के सदस्यों ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सवर्ण समाज के कार्यकर्ता पहले शांतिपूर्वक धरने पर बैठे और नारेबाजी कर अपने विरोध की आवाज बुलंद की। उन्होंने शंखनाद करते हुए प्रशासन से मांग की कि यूजीसी के हालिया नियम सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें तुरंत वापस लिया जाए।

    प्रदर्शन में शामिल हुए कई कार्यकर्ता बदलाव की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि नए नियम उनके रोजगार और सामाजिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। इसी दौरान हाल ही में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी प्रदर्शन में पहुंचे। उनके आने के बाद प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौक से मार्च निकालने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक दिया।

    कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।

    सवर्ण मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल परिवर्तन चौक पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    इस प्रदर्शन के दौरान शहर में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल देखने को मिला लेकिन पुलिस की सतर्कता और नियंत्रण के कारण स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। प्रदर्शन में सवर्ण समाज की भारी उपस्थिति ने इस आंदोलन को और मजबूती दी है। प्रशासन ने भी पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखी।

  • यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, मायावती और BJP ने देश की गरिमा पर सवाल उठाया

    यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, मायावती और BJP ने देश की गरिमा पर सवाल उठाया



    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उस समय सियासी भूचाल आ गया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के भीतर अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल थे।

    क्या हुआ था?
    प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, 8‑10 प्रदर्शनकारी अचानक मुख्य सभागार के समीप पहुंच गए, टी‑शर्ट उतारकर नारेबाजी करने लगे और कथित तौर पर भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विरोध जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।

    सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और कार्यक्रम बाधित हुए बिना आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को कुछ ही मिनटों में नियंत्रित कर लिया गया और किसी प्रतिनिधि को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।

    मायावती की कड़ी प्रतिक्रिया
    घटना के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया मंच X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्रदर्शन को “अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय” बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
    मायावती ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति सभ्य और मर्यादित तरीके से होनी चाहिए।

    BJP का हमला
    सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह का प्रदर्शन भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
    BJP का कहना है कि जब दुनिया AI और तकनीकी प्रगति में भारत की भूमिका की सराहना कर रही है, तब ऐसे विरोध देश को बदनाम करने वाले हैं।

    कांग्रेस का पक्ष
    वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से कहा गया कि युवा कार्यकर्ताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत अपनी आवाज उठाई। पार्टी नेताओं ने सरकार से असहमति को देशविरोधी बताने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है।

    सियासी असर और आगे की राह
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावी माहौल में और गर्मी ला सकता है।

    सत्तापक्ष इसे “राष्ट्रीय गरिमा” का मुद्दा बनाकर विपक्ष को घेर सकता है।

    विपक्ष इसे “लोकतांत्रिक अधिकार” और “नीतिगत असहमति” का मामला बताकर राजनीतिक बहस को नई दिशा दे सकता है।

    दिल्ली AI समिट में हुआ यह प्रदर्शन केवल कुछ मिनटों की घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक प्रतीक बन गया है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तकनीकी छवि, तो दूसरी ओर घरेलू राजनीति का टकराव—दोनों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना रखता है।