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  • Karnataka: तुमकुरु जिले में H5N1 बर्ड फ्लू वायरस से 44 मोरों की मौत… क्षेत्र में दहशत

    Karnataka: तुमकुरु जिले में H5N1 बर्ड फ्लू वायरस से 44 मोरों की मौत… क्षेत्र में दहशत


    तुमकुरु।
    कर्नाटक (Karnataka) के तुमकुरु जिले (Tumakuru district) में 44 मोरों की मौत हो गई है। इनके H5N1 बर्ड फ्लू वायरस (H5N1 Bird flu virus) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना सबसे पहले 16 अप्रैल को सामने आई थी और एक हफ्ते के भीतर तुमकुरु तालुका में अलग-अलग जगहों पर रहस्यमय परिस्थितियों में 44 मोर मृत पाए गए।

    वन विभाग के अनुसार, केसरामाडु, हिरेहल्लि और गुलूर ग्राम पंचायतों के खेतों में सर्च ऑपरेशन के दौरान इन मोरों के शव मिले। मृत पक्षियों के सैंपल भोपाल स्थित आईसीएआर (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीजेस) भेजे गए थे, जहां जांच में H5N1 वायरस को मौत का कारण बताया गया। हालांकि 23 अप्रैल के बाद से तुमकुरु तालुक में कोई नई मौत दर्ज नहीं की गई है।


    10 किमी दायरे में कंटेनमेंट जोन घोषित

    वन्यजीव के मुख्य वन संरक्षक कुमार पुष्कर ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन व पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के 10 किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है और सभी पोल्ट्री फार्मों को सतर्क कर दिया गया है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों को ILI (इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण) और SARI (गंभीर श्वसन संक्रमण) के मामलों की निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही PPE किट, ट्रिपल-लेयर मास्क, ओसेल्टामिविर दवा, वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम और थ्रोट स्वैब किट का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है।


    H5N1 बर्ड फ्लू संक्रमण क्या है

    H5N1 बर्ड फ्लू बेहद संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है। लेकिन, कभी-कभी मनुष्यों में भी संक्रमण फैला सकता है। यह इन्फ्लुएंजा A वायरस का एक प्रकार है, जो विशेष रूप से मुर्गियों, बतखों और जंगली पक्षियों में पाया जाता है। संक्रमित पक्षियों के संपर्क, उनके मल, लार या दूषित वातावरण से यह वायरस फैलता है। मनुष्यों में इसके लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं, जो गंभीर होने पर जानलेवा भी हो सकते हैं।

  • बंगाल में BJP को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद…. रिजल्ट बाद हिंसा से निपटने की तैयारियां शुरू…

    बंगाल में BJP को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद…. रिजल्ट बाद हिंसा से निपटने की तैयारियां शुरू…


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद के बीच भाजपा (BJP) ने चुनाव बाद की स्थितियों से निपटने के लिए कमर कसनी शुरू कर दी है। परिणाम जो भी हों, पार्टी के निर्वाचित विधायक बिना बुलाए अपना क्षेत्र नहीं छोंड़ेंगे। स्थानीय संगठन के नेताओं को भी नतीजों के बाद कुछ दिन तक अपने ही क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विरोधी खेमे की किसी भी तरह का संभावित हिंसा से निपटा जा सके।

    वर्ष 2021 में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पश्चिम बंगाल में कई हिंसक घटनाएं हुईं थी। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को निशाना बनाया था। इसी को देखते हुए भाजपा अपने समर्थकों की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरत रही है।

    सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने नतीजे आने के बाद की स्थितियों के लिए पूरे संगठन को जरूरी निर्देश दिए हैं। उसके निर्वाचित विधायक भी बिना बुलाए कोलकाता नहीं पहुंचेंगे। संगठन के प्रमुख लोग भी कुछ दिनों तक अपने क्षेत्रों में ही रहेंगे और सुरक्षा स्थितियों पर नजर रखेंगे। गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने भी अगले आदेश तक बड़ी संख्या में केंद्रीय बलों की विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती सुनिश्चित की है।

    भाजपा ने अपने नेताओं से कहा है कि नतीजे आने के बाद भी उसका वार रूम काम करेगा और वहां पर हर क्षेत्र की स्थिति के बार में जानकारी दी जा सकेगी, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। पार्टी नेता इस बारे में लगातार बैठकें कर भावी स्थितियों से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। दो मई को कोलकाता में होने वाली पार्टी की बड़ी बैठक में मुख्य मुद्दा मतगणना को लेकर रहेगा, लेकिन उसके बाद की स्थिति को लेकर भी चर्चा संभव है।


    मतगणना केंद्रों पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं : चुनाव आयोग

    पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में किसी भी मतगणना केंद्र पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। सीईओ ने स्ट्रांगरूमों में ईवीएम से कथित छेड़छाड़ और गड़बड़ियों के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया।

    कोलकाता में गुरुवार को मतगणना केंद्रों पर जमकर हंगामा हुआ था। तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता और प्रत्याशी कुणाल घोष व शशि पांजा ने धरना दिया था। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर के सखावत स्कूल में बने मतगणना केंद्र में पहुंच गई थीं।


    टीएमसी की याचिका पर आज होगी सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट शनिवार को तृणमूल कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई करेगा। याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें बंगाल में मतगणना केंद्रों पर सिर्फ केंद्रीय कर्मियों की पर्यवेक्षकों के तौर पर तैनाती के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की पीठ सुनवाई करेगी।

  • भीषण गर्मी में श्रमिकों की सेहत पर खतरा, हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

    भीषण गर्मी में श्रमिकों की सेहत पर खतरा, हीटवेव से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

    नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के प्रकोप ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर उन श्रमिकों पर पड़ रहा है जो खुले आसमान के नीचे काम करने को मजबूर हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर यह मुद्दा और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है कि मेहनतकश वर्ग को केवल अधिकार और सम्मान ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और स्वस्थ कार्य वातावरण भी मिलना चाहिए।
    तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच निर्माण कार्य, खेतों में मेहनत और सड़कों पर काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। दिनभर की कड़ी मेहनत के दौरान वे सीधे सूर्य की गर्मी के संपर्क में आते हैं, जिससे उनके शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। लू लगने की स्थिति में चक्कर आना, उल्टी, तेज बुखार और बेहोशी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं, जो समय पर इलाज न मिलने पर खतरनाक साबित हो सकते हैं।
    विशेषज्ञों के अनुसार, हीटवेव से बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि श्रमिक अपने काम के दौरान कुछ बुनियादी सावधानियों को अपनाएं। जहां तक संभव हो, काम छाया में किया जाए और अगर धूप में काम करना अनिवार्य हो, तो सिर को अच्छी तरह ढककर रखा जाए। टोपी, गमछा या हल्के कपड़े का इस्तेमाल शरीर को सीधे धूप से बचाने में मदद करता है।
    पानी का पर्याप्त सेवन भी इस मौसम में बेहद जरूरी है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना चाहिए, भले ही प्यास न लगी हो। छोटे-छोटे घूंट में पानी पीना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसके विपरीत, ज्यादा मीठे या कैफीन युक्त पेय पदार्थों से दूरी बनाना बेहतर होता है, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकते हैं।
    कपड़ों का चयन भी गर्मी से बचाव में अहम भूमिका निभाता है। हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना आसानी से सूखता है। लगातार लंबे समय तक धूप में काम करने से बचना चाहिए और हर कुछ समय बाद थोड़ी देर आराम करना जरूरी होता है। यह शरीर को संतुलित रखने में मदद करता है और थकान को कम करता है।
    खानपान पर भी ध्यान देना उतना ही आवश्यक है। हल्का और सुपाच्य भोजन शरीर को गर्मी से लड़ने में मदद करता है, जबकि ज्यादा तला-भुना या मसालेदार खाना शरीर के तापमान को और बढ़ा सकता है। ऐसे में संतुलित आहार अपनाना जरूरी है।
    यदि किसी श्रमिक में लू के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत उसे छाया में ले जाकर ठंडक पहुंचानी चाहिए और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। समय पर उपचार मिलने से गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
    इस समय यह भी जरूरी है कि नियोक्ता और संबंधित संस्थाएं श्रमिकों के लिए पर्याप्त सुविधाएं सुनिश्चित करें। काम के घंटों में लचीलापन, पीने के पानी की उपलब्धता और आराम के लिए छाया जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। जागरूकता और सहयोग के माध्यम से ही श्रमिकों को इस भीषण गर्मी से सुरक्षित रखा जा सकता है।
  • रक्षा उत्पादन को नई दिशा देंगे रवि, एचएएल के नए प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी..

    रक्षा उत्पादन को नई दिशा देंगे रवि, एचएएल के नए प्रमुख के रूप में संभाली जिम्मेदारी..

    नई दिल्ली। भारत की अग्रणी एयरोस्पेस और रक्षा निर्माण कंपनी Hindustan Aeronautics Limited में नेतृत्व परिवर्तन के साथ एक नए दौर की शुरुआत हुई है। अनुभवी अधिकारी Ravi K ने कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक का पद संभाल लिया है। उन्होंने यह जिम्मेदारी D. K. Sunil से ग्रहण की, जिनका कार्यकाल पूर्ण होने के बाद यह बदलाव हुआ।

    रवि के पास तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है, जिसमें उन्होंने रक्षा और विमानन क्षेत्र के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर काम किया है। संगठन में उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं रही, बल्कि उन्होंने तकनीकी और रणनीतिक दोनों स्तरों पर कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। एचएएल में निदेशक (ऑपरेशन्स) के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुधार लागू किए।

    उनका नाम विशेष रूप से स्वदेशी लड़ाकू विमान HAL Tejas कार्यक्रम से जुड़ा रहा है। इस परियोजना में उन्होंने नेतृत्व करते हुए उत्पादन और आपूर्ति प्रणाली को मजबूत किया, जिससे भारतीय वायुसेना को समय पर विमानों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकी। इसके अलावा उन्नत हेलीकॉप्टर कार्यक्रमों में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही, जहां उन्होंने रक्षा बलों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया।

    रवि ने अपने कार्यकाल के दौरान स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए। उन्होंने विमान निर्माण में स्थानीय उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों को शामिल किया, जिससे एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित हुई। इस पहल का परिणाम यह हुआ कि देश में रक्षा उत्पादन का दायरा बढ़ा और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिली।

    कंपनी के संचालन को अधिक तेज और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने कई तकनीकी और प्रबंधन सुधार लागू किए। विशेष रूप से वायुसेना के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए डेटा कनेक्टिविटी और सेवा प्रणाली को उन्नत किया गया, जिससे किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान तेजी से किया जा सके। इन सुधारों से विमानों की सेवा क्षमता में भी सुधार देखने को मिला।

    नए चेयरमैन के रूप में रवि का लक्ष्य एचएएल को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके लिए वे आधुनिक तकनीकों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत डिजिटल प्रणालियों के उपयोग पर जोर दे रहे हैं। उनका मानना है कि भविष्य में सफलता के लिए नवाचार और कुशल कार्यबल दोनों का संतुलन आवश्यक होगा।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि कंपनी आने वाले समय में नागरिक विमानन और रखरखाव सेवाओं के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करेगी। इससे न केवल नए व्यापारिक अवसर खुलेंगे बल्कि कंपनी की आर्थिक स्थिति भी और सुदृढ़ होगी।

    शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी रवि का मजबूत आधार रहा है, जिसने उन्हें तकनीकी और प्रबंधकीय दोनों दृष्टियों से सक्षम बनाया है। उनके नेतृत्व में एचएएल से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह न केवल देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।

  • कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, विदेश यात्रा पर रोक सहित कई शर्तें लागू

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, विदेश यात्रा पर रोक सहित कई शर्तें लागू

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मानहानि और कथित गलत आरोपों से जुड़े एक मामले में अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है, हालांकि इसके साथ कई सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। यह मामला असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगाए गए आरोपों से जुड़ा हुआ है, जिसमें कथित रूप से विदेशी संपत्तियों और पासपोर्ट को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था।

    सुप्रीम कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए पवन खेड़ा को राहत दी जा सकती है, लेकिन जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की बाधा न आए, इसके लिए कुछ आवश्यक शर्तें लागू करना जरूरी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जांच में पूरा सहयोग करना होगा और आवश्यकता पड़ने पर जांच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होना होगा।

    अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि पवन खेड़ा किसी भी तरह से साक्ष्यों को प्रभावित करने या जांच में हस्तक्षेप करने का प्रयास नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्हें यह अनुमति नहीं होगी कि वे बिना संबंधित अदालत की अनुमति के देश से बाहर यात्रा करें। यह शर्त इस उद्देश्य से लगाई गई है ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष और बिना किसी दबाव के पूरी हो सके।

    सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत की कुछ टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए। अदालत का मानना था कि उपलब्ध तथ्यों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया और कुछ टिप्पणियां ऐसी थीं जो आरोपी पर अनावश्यक रूप से भार डालती प्रतीत होती हैं। अदालत ने यह भी कहा कि किसी स्पष्ट कानूनी आधार के बिना निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता।

    यह मामला उस समय शुरू हुआ था जब मुख्यमंत्री की पत्नी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से गलत और भ्रामक जानकारी फैलाई गई है, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद यह मामला कानूनी प्रक्रिया में चला गया और विभिन्न स्तरों पर इसकी सुनवाई होती रही।

    इससे पहले पवन खेड़ा को कुछ समय के लिए ट्रांजिट अग्रिम जमानत भी मिली थी, लेकिन बाद में उस पर रोक से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया सामने आई। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां अंतिम रूप से अग्रिम जमानत पर फैसला सुनाया गया।

    सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद अब पवन खेड़ा को राहत तो मिल गई है, लेकिन जांच प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उन्हें आगे भी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा और अदालत द्वारा तय की गई शर्तों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

    यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जहां एक तरफ इसे अभिव्यक्ति और आरोपों के संदर्भ में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे कानूनी प्रक्रिया और जांच की निष्पक्षता से जोड़ा जा रहा है। अब आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और अदालत की आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगी।

  • प्रकृति का कहर: यूपी में भारी बारिश और तूफान से 24 की मौत, प्रशासन राहत कार्य में जुटा”

    प्रकृति का कहर: यूपी में भारी बारिश और तूफान से 24 की मौत, प्रशासन राहत कार्य में जुटा”

    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी मौसम का कहर अब एक बड़े संकट के रूप में सामने आया है। तेज आंधी, लगातार बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक कम से कम 24 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है।

    राज्य के विभिन्न जिलों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे रास्ते बाधित हो गए और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

    खेतों में काम कर रहे किसान और खुले क्षेत्रों में मौजूद लोग इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके।

    सरकारी स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता पहुंचाई जाए और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी न हो।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यह आदेश दिया गया है कि मृतकों के परिवारों, घायलों और पशुहानि का मुआवज़ा 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाए।

    जिला प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। कई स्थानों पर अस्थायी राहत केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं।

    इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में अभी भी तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। कुछ स्थानों पर बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई इलाकों में यह राहत एक गंभीर आपदा में बदल गई है।

  • भगवान बुद्ध का ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक, अमित शाह ने बताया शांति का मार्ग

    भगवान बुद्ध का ज्ञान आज भी उतना ही प्रासंगिक, अमित शाह ने बताया शांति का मार्ग

    नई दिल्ली। लद्दाख की शांत और पवित्र वादियों में उस समय एक विशेष आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला जब भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों के दर्शन के लिए लोगों की बड़ी संख्या एकत्र हुई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में Amit Shah ने कहा कि भगवान बुद्ध का संदेश केवल अतीत की धरोहर नहीं है, बल्कि यह आज भी उतना ही जीवंत और प्रासंगिक है जितना वह 2500 साल पहले था।

    उनके अनुसार बुद्ध का ज्ञान मानव जीवन के हर दौर में दिशा दिखाने वाला प्रकाश है।

    अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बुद्ध पूर्णिमा का यह अवसर केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक गहरी आध्यात्मिक अनुभूति का क्षण है। जब इतने लंबे अंतराल के बाद पवित्र अवशेषों का पुनः आगमन लद्दाख की धरती पर हुआ, तो यह न केवल आस्था का विषय बना, बल्कि लोगों के लिए एक भावनात्मक और ऐतिहासिक क्षण भी साबित हुआ। इस आयोजन ने क्षेत्र में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित किया।

    अमित शाह ने भगवान बुद्ध के जीवन को मानवता के लिए एक आदर्श उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ से तथागत बनने की यात्रा करुणा, त्याग और आत्मज्ञान की ऐसी मिसाल है, जो हर व्यक्ति को जीवन में सही दिशा अपनाने की प्रेरणा देती है। बुद्ध का संदेश अहिंसा, मध्यम मार्ग और संतुलित जीवन पर आधारित था, जो आज के समय में पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास में बहुत कम ऐसे व्यक्तित्व हुए हैं जिनके जीवन की घटनाएं इतनी गहराई से प्रतीकात्मक हों। जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण जैसे महत्वपूर्ण पड़ावों का एक ही आध्यात्मिक अर्थ में जुड़ जाना उनके जीवन की विशिष्टता को दर्शाता है। यह अपने आप में मानवता के लिए एक दुर्लभ और प्रेरणादायक उदाहरण है।

    लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सदियों से बौद्ध धम्म का केंद्र रहा है। यहां न केवल बौद्ध विचारधारा को संरक्षित किया गया, बल्कि उसे आगे भी बढ़ाया गया। यह भूमि शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की जीवंत मिसाल है, जो आज के समय में और भी प्रासंगिक हो गई है।

    अंत में उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में जब दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, तब भगवान बुद्ध का संदेश समाधान का मार्ग दिखाता है। उनका विचार आज भी उतना ही प्रभावशाली है और मानवता को एक बेहतर, शांत और संतुलित दिशा की ओर ले जाने की क्षमता रखता है।

  • Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए

    Harbhajan Singh की सुरक्षा पर HC सख्त: कहा- परिवार को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए


    नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व क्रिकेटर Harbhajan Singh की सुरक्षा को लेकर पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि हरभजन सिंह और उनके परिवार को किसी भी प्रकार की शारीरिक क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। यह आदेश उनकी सुरक्षा बहाल करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।

    दरअसल, 24 अप्रैल को हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party (BJP) का दामन थामा। इसके तुरंत बाद पंजाब पुलिस ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी। हालांकि, बाद में केंद्र सरकार ने जालंधर स्थित उनके घर के बाहर CRPF की तैनाती कर दी। लेकिन कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पर्याप्त नहीं है और परिवार की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

    याचिका में हरभजन सिंह ने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा बिना किसी नोटिस और खतरे के ताजा आकलन के हटा दी गई, जिसे उन्होंने मनमाना निर्णय बताया। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 12 मई को होगी। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि हरभजन सिंह और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को शारीरिक नुकसान न पहुंचे।

    सुरक्षा हटने के बाद उनके घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ। AAP कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिखा। याचिका में यह भी कहा गया कि 25 और 26 अप्रैल को उनके घर पर भीड़ ने हमला किया, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उस समय हरभजन सिंह मुंबई में थे और उन्हें इस घटना की जानकारी फोन के जरिए मिली।

    याचिका में यह भी कहा गया कि सुरक्षा हटाने के बाद पुलिस को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जमीन पर ऐसा कुछ नहीं हुआ। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अब पंजाब सरकार को हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

    इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बदलाव के बीच संतुलन के सवाल को भी उजागर किया है। हरभजन सिंह की याचिका और कोर्ट के आदेश ने साफ कर दिया कि किसी भी नागरिक, खासकर सार्वजनिक जीवन से जुड़े नेताओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।

  • गैस कीमतों में बड़ा बदलाव, व्यापारियों की लागत बढ़ी, आम उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

    गैस कीमतों में बड़ा बदलाव, व्यापारियों की लागत बढ़ी, आम उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

    नई दिल्ली।  एलपीजी कीमतों में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसने व्यावसायिक क्षेत्र की लागत को सीधे प्रभावित किया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 993 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद राजधानी सहित देश के कई हिस्सों में इसकी कीमत 3,071.5 रुपए के स्तर तक पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और कच्चे तेल तथा गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

    इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग जैसे व्यवसायों पर पड़ने की संभावना है, जहां रोजाना बड़ी मात्रा में एलपीजी का उपयोग होता है। लागत बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में संचालन खर्च में वृद्धि हो सकती है, जिसका अप्रत्यक्ष असर सेवाओं और उत्पादों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी एक अतिरिक्त आर्थिक दबाव के रूप में सामने आई है।

    हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर पहले की तरह ही पुराने दामों पर उपलब्ध रहेंगे। इससे करोड़ों परिवारों को महंगाई के इस दौर में कुछ राहत मिली है और घरेलू बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

    पिछले कुछ महीनों के आंकड़े देखें तो यह स्पष्ट होता है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी दो बार कीमतों में इजाफा हो चुका है, जिससे व्यावसायिक क्षेत्र पहले से ही दबाव में चल रहा था। लगातार बढ़ती लागत ने कारोबारियों के लिए चुनौतियां और अधिक बढ़ा दी हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुनाफा पहले से ही सीमित रहता है।

    दूसरी ओर, ऊर्जा क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के प्रयास भी जारी हैं। पेट्रोल, डीजल और अन्य प्रमुख ईंधनों की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके साथ ही सरकार और संबंधित व्यवस्था यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि घरेलू ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहें।

    यह स्थिति दो अलग-अलग प्रभाव दिखाती है, जहां एक ओर व्यापारिक क्षेत्र पर लागत का दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा ही यह तय करेगी कि एलपीजी की कीमतों में आगे क्या रुझान देखने को मिलेगा।

  • गोरखपुर में प्रेमी की खातिर मौत से खेल गई किशोरी, बिजली के टावर पर चढ़कर घंटों मचाया कोहराम

    गोरखपुर में प्रेमी की खातिर मौत से खेल गई किशोरी, बिजली के टावर पर चढ़कर घंटों मचाया कोहराम


    नई दिल्ली। गोरखपुर के ग्रामीण अंचल में गुरुवार की सुबह एक ऐसी घटना घटी जिसने कानून व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े कर दिए। चिलुआताल इलाके के एक गांव में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब ग्रामीणों ने एक किशोरी को जान जोखिम में डालकर बिजली के ऊंचे हाईटेंशन पोल पर चढ़ते हुए देखा। यह नजारा इतना खौफनाक था कि लोगों की रूह कांप गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और हर कोई किशोरी से नीचे उतरने की मिन्नतें करने लगा। मामला प्रेम संबंधों से जुड़ा था, जहाँ किशोरी समाज और कानून की बंदिशों को तोड़कर अपने उस साथी के पास जाने की जिद कर रही थी जिसे पुलिस ने पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था।

    इस पूरे प्रकरण की पटकथा मार्च के महीने में शुरू हुई थी, जब किशोरी की मां ने एक युवक पर अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की और लड़की को बरामद कर युवक को जेल की कालकोठरी में डाल दिया था। किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था, लेकिन उसके मन में उपजा विद्रोह शांत नहीं हुआ। गुरुवार की सुबह वह घर से निकली और सीधे बिजली के टावर पर चढ़ गई। उसकी केवल एक ही मांग थी कि उसे उसके प्रेमी के घर जाने दिया जाए। इस जिद्दी रवैये ने पुलिस प्रशासन को भी मुश्किल में डाल दिया क्योंकि बिजली की लाइन चालू होने की स्थिति में कोई भी बड़ी अनहोनी घट सकती थी।

    लगभग ढाई घंटे तक चले इस ‘हाई-वोल्टेज’ ड्रामे के दौरान पुलिस की टीम ने सूझबूझ का परिचय दिया। जमीन पर खड़े अधिकारी लगातार फोन के जरिए किशोरी से बातचीत करते रहे और उसे यह यकीन दिलाने की कोशिश की गई कि उसकी हर बात सुनी जाएगी। जब पुलिस ने उसे भविष्य में मदद का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर उसके तेवर नरम पड़े और वह धीरे-धीरे पोल से नीचे उतरी। इस दौरान पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा और लोग अपनी सांसें थामे रहे। नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और थाने ले जाकर आवश्यक पूछताछ की, जिसके बाद उसे दोबारा उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया।

    दूसरी ओर, इसी क्षेत्र में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस का एक सख्त चेहरा भी देखने को मिला। एक अन्य आपराधिक मामले में जहाँ एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था, पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी को न केवल गिरफ्तार किया बल्कि महज 24 घंटे के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दी। अधिकारियों का कहना है कि वे महिला अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं और इस मामले में कड़ी सजा दिलाने के लिए न्यायालय में मजबूत पैरवी करेंगे। इन दोनों घटनाओं ने एक तरफ जहाँ युवाओं में बढ़ते आवेश को उजागर किया है, वहीं दूसरी ओर पुलिस की मुस्तैदी को भी रेखांकित किया है।