Category: National

  • जी-राम-जी पर राहुल गांधी के बयान से भड़की BJP, लोकसभा नेता विपक्ष को बताया राम विरोधी

    जी-राम-जी पर राहुल गांधी के बयान से भड़की BJP, लोकसभा नेता विपक्ष को बताया राम विरोधी

    नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि कृषि कानून के मुद्दे पर किसानों ने एक साथ आकर सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था। अगर हम मनरेगा के मुद्दे पर एक साथ आ जाते हैं, तो यह सरकार फिर से झुकने को मजबूर हो जाएगी और मनरेगा फिर से लागू होगी। मनरेगा के बदले में जी राम जी योजना लेकर आई केंद्र सरकार को इन दिनों नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तीखे हमलों का सामना करना पड़ रहा है। लोकसभा नेता विपक्ष ने जी राम जी योजना के आलोचकों को एक साथ आने और भाजपा के इस कानून का विरोध करने की अपील की है। इतना ही नहीं इस योजना के विरोध में आए राहुल गांधी ने यहां तक कह दिया कि उन्हें इसके नाम की जानकारी नहीं है, उन्हें नहीं पता कि आखिर यह ‘जी राम जी’ क्या है।

    राहुल गांधी के इस बयान के सामने आने पर भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें भगवान राम का विरोधी करार दिया। दरअसल, इस योजना के समर्थकों के मुताबिक इस योजना में महात्मा गांधी का नाम हटाकर भगवान राम का नाम जोड़ा गया है, इसी वजह से कांग्रेस को इससे परेशानी हो रही है। भाजपा ने यह भी कहा कि राहुल गांधी जिस तरीके से इस योजना के नाम का विरोध कर रहे हैं, वह कांग्रेस की राम और सनातन विरोधी मानसिकता को उजागर कर रहे हैं।

    क्या कहा था राहुल ने?
    इस योजना की शुरुआत से ही कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती नजर आ रही है। दिल्ली के जवाहर भवन में हुए एक सम्मेलन में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “यूपीए सरकार के समय आई मनरेगा योजना ने हर गरीब को रोजगार का अधिकार दिया था, इस अधिकार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खत्म करना चाहते हैं।”

    एक हो जाएं, तो पीछे हटेगी सरकार: राहुल गांधी
    इसके अलावा राहुल गांधी ने 2020 में संसद में पारित हुए विवादित कृषि कानूनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कुछ समय पहले किसानों ने सरकार को काले कृषि कानून वापस लेने पर मजबूर किया था… अगर हम एकजुट हो जाएं, तो यह कायर हैं, मोदी जी पीछे हट जाएंगे और मनरेगा फिर से शुरू होगी।” राहुल के साथ मौजूद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस योजना को महात्मा गांधी की सार्वजनिक स्मृति का मिटाने का प्रयास बताया।

    गौरतलब है कि राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय पर सामने आई हैं, जब विपक्ष जी राम जी योजना को लेकर सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश कर रही है। कर्नाटक और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी सरकार की इस योजना के संबंध में विरोध के संकेत मिले। कर्नाटक विधानसभा में आज राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार भाषण पढ़ने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस भाषण में जी राम जी योजना की आलोचना की गई थी। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने भी कहा था कि उनकी सरकार ऐसा ही एक प्रस्ताव लेकर आएगी।

  • यूपी में एक बार फिर पुलिस वालों की पिटाई, एसओजी टीम पर हमला, सिपाही का सिर फोड़ा

    यूपी में एक बार फिर पुलिस वालों की पिटाई, एसओजी टीम पर हमला, सिपाही का सिर फोड़ा

    नई दिल्ली।  यूपी में एक बार फिर पुलिस के इकबाल को चुनौती दी गई है। बरेली में चोरी की बैटरी ले जाने की सूचना पर एसओजी टीम ने वाहन की घेराबंदी की तो मौके पर पहुंचे उसके साथियों ने हमला कर दिया। पुलिस वालों की पिटाई कर पिस्टल भी छीनने की कोशिश की। इस दौरान एसओजी के एक सिपाही के सिर में रॉड से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके बाद पहुंची फोर्स ने घेराबंदी कर छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में थाना बिथरी चैनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।

    पिछले दिनों बिथरी चैनपुर में एक साइट पर खड़े पांच डंपर की नौ बैटरियां चोरी हुई थीं। पुलिस की टीमें इस घटना के खुलासे में लगी हुई हैं। इसी बीच गुरुवार रात सूचना मिली कि एक वाहन में चोरी की कुछ बैटरियां ले जाई जा रही हैं। इस पर एसओजी-टू के प्रभारी देवेंद्र सिंह धामा ने टीम के साथ पदारथपुर के उस वाहन की घेराबंदी कर ली। मगर गाड़ी में सवार दोनों व्यक्ति उससे उतरकर भागने लगे। एक व्यक्ति नहर में भागा, जिसे टीम के सिपाही मधुर ने दौड़ाकर पकड़ लिया। सड़क पर वाहन खड़ा होने से वहां जाम लगा तो इसी बीच सड़क से गुजर रहे एक डंपर के चालक ने पुलिसकर्मियों से अभद्रता शुरू कर दी।

    मंदिर पर बैठे दबंगों ने किया हमला
    बताया जा रहा है कि डंपर अवैध खनन का था और उसके साथी पास ही एक मंदिर पर बैठे थे। डंपर चालक ने आवाज देकर वहां बैठे साथियों को बुलाया तो उन सभी ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। मारपीट कर पिस्टल छीनने की कोशिश की और सिर में लोहे की रॉड से प्रहार कर मधुर नाम के सिपाही को घायल कर दिया। इस पर एसओजी टीम ने उच्च अधिकारियों को सूचना दी।

    दबिश देकर छह हिरासत में लिए
    पुलिस पर हमले की सूचना से हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में बिथरी चैनपुर और कैंट पुलिस मौके पर पहुंच गई। हमलावरों की जानकारी करने के साथ ही ताबड़तोड़ दबिश देकर छह आरोपियों को रात में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।

  • चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज

    चुनावी मोड में आयी भाजपा, नए अध्यक्ष की ताजपोशी के बाद शीर्ष नेताओं के दौरे तेज



    नई दिल्ली । भाजपा ने नए अध्यक्ष नितिन नवीन की ताजपोशी के बाद चुनावी गतिविधियों को तेज कर दिया है। दो महीने में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के शीर्ष नेताओं के दौरे जारी हैं। इस महीने के बाकी दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन अलग-अलग राज्यों का दौरा करेंगे।
    मोदी केरल और तमिलनाडु जाएंगे, नवीन पश्चिम बंगाल और अमित शाह असम तथा पश्चिम बंगाल का दौरा करेंगे। दक्षिण भारत में भाजपा एनडीए के सहयोग से चुनावी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जबकि पूर्वी राज्यों में पश्चिम बंगाल पर पांच साल पहले का सपना पूरा करना चाह रही है।

    तमिलनाडु में गठबंधन को पुख्ता करना:
    भाजपा ने तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन विस्तार कर लिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एएमएमके को एनडीए में शामिल कराया। पीएम मोदी की शुक्रवार को होने वाली रैली में एनडीए की एकजुटता और ताकत का प्रदर्शन होगा।

    द्रमुक के गढ़ से अन्नाद्रमुक को आगे रखते हुए मोदी राज्य में सत्तारूढ़ दल को चुनौती देंगे।

    केरल में चुनावी रणनीति:
    प्रधानमंत्री मोदी केरल में रोड शो करेंगे, नई विकास योजनाओं और नई ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में पहला मेयर बनाया था, इसलिए यह दौरा विशेष महत्व रखता है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में अमित शाह की सक्रियता:
    गृह मंत्री अमित शाह 29-30 जनवरी को असम में बैठकें और चुनावी रणनीति की समीक्षा करेंगे। इसके बाद 30-31 जनवरी को कोलकाता में संगठन की गतिविधियों और नए अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देंगे। भाजपा की यह रणनीति दक्षिण और पूर्वी भारत में दोनों मोर्चों पर चुनावी स्थिति मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है।

  • दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक


    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी

    मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 8 जिलों में बारिश की संभावना, ठंडक बनी रहेगी



    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर अपना रंग बदला है। अगले 24 घंटों में प्रदेश के आठ जिलों – ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादलों के छाए रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव दिखाई दे रहा है और शुक्रवार को उत्तरी जिलों में हल्की-से-मध्यम बारिश हो सकती है।

    26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी बारिश के रूप में दिख सकता है। फिलहाल अगले दो दिनों तक तेज ठंड के आसार नहीं हैं, लेकिन सुबह के समय कोहरा रहने की संभावना बनी हुई है।

    गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव और सिवनी में कोहरा देखा गया। वहीं, भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन और विदिशा में दिनभर बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं का असर महसूस किया गया।

    मौसम विभाग ने बताया कि अगर बारिश हुई, तो यह इस सीजन का पहला मावठा होगा, क्योंकि नवंबर और दिसंबर में प्रदेश में बारिश नहीं हुई थी।

    गुरुवार रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा छतरपुर के नौगांव में 6.5, उमरिया में 6.9, रीवा में 7, खजुराहो में 7.4, दतिया में 7.6, दमोह और सतना में 8.8, मंडला में 9 और राजगढ़ व सीधी में 9.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रमुख शहरों में ग्वालियर 9, जबलपुर 10.9, भोपाल 11.2, इंदौर 13.6 और उज्जैन 13.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ ठंडक महसूस हुई। 

    दिल्ली-NCR में बारिश और तेज हवाओं के बीच मौसम अलर्ट, श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानों पर रोक
    नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में शुक्रवार को मौसम ने अचानक बदलाव दिखाया। राजधानी में सुबह हल्की बारिश के साथ तेज हवाओं का असर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कई इलाकों के लिए नाउकास्ट चेतावनी जारी की है।
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 घंटों के दौरान इन राज्यों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है, और हवाओं की रफ्तार 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर कुछ जगहों पर बारिश जारी रहने की संभावना है। बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
    पंजाब, हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के कई शहरों में भी मौसम का मिज़ाज बिगड़ सकता है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। वाहन चालक कम दृश्यता और जलभराव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतें।

    श्रीनगर में मौसम की अचानक खराब स्थिति के कारण इंडिगो एयरलाइंस ने ट्रैवल एडवाइजरी जारी की। बर्फबारी के चलते श्रीनगर एयरपोर्ट पर टेक-ऑफ और लैंडिंग पर अस्थायी रोक लगी है। एयरलाइन ने यात्रियों को आश्वस्त किया कि जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल अनुमति देगा, उड़ानें जल्द रवाना की जाएंगी।

  • नोएडा इंजीनियर मौत केस: CBI ने मामला लिया, नोएडा अथॉरिटी से फाइलें जब्त, अब तक 4 गिरफ्तार

    नोएडा इंजीनियर मौत केस: CBI ने मामला लिया, नोएडा अथॉरिटी से फाइलें जब्त, अब तक 4 गिरफ्तार



    नई दिल्ली। नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी को हुए दर्दनाक हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी। इस मामले में CBI की एंट्री 21 जनवरी की रात हुई, जब जांच एजेंसी ने नोएडा प्राधिकरण से MJ विजटाउन से जुड़े दस्तावेज और फाइलें अपने साथ ले लीं।

    यह कदम इस बात का संकेत है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि भूमि आवंटन, निर्माण मानक और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही से जुड़ा मामला बन चुका है।

    अब CBI इस केस में स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन और MJ विजटाउन की भूमिका की जांच करेगी।

    CBI की जांच का केंद्र: स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट और बिल्डर की भूमिका
    हादसा स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट नंबर-2 (ए-3) में हुआ था। यह वही जगह है जहाँ गहरे पानी से भरा गड्ढा था और युवराज की कार उसमें गिर गई थी।यह प्लॉट 27,185 वर्ग मीटर का है और लेआउट में इसे कॉमर्शियल उपयोग के लिए दिखाया गया था।
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, MJ विजटाउन को इस प्लॉट का एक हिस्सा आवंटित किया गया था और इस पर नोएडा अथॉरिटी का करीब 129 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है।

    यही वजह है कि CBI अब इस प्लॉट के आवंटन, उपविभाजन और बिल्डर के कर्ज के मसले की भी जांच करेगी।

    फॉरेंसिक टीम ने की गहन जांच
    घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने इंच-इंच माप कर जांच की और उस स्थान का निरीक्षण किया जहाँ कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी।

    जांच में यह बात सामने आई कि हादसे वाली जगह पर सुरक्षा रेलिंग या ठोस बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसे हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।पुलिस, NDRF और SDRF की टीमों ने कोहरे के बीच बचाव कार्य किया, लेकिन युवा इंजीनियर को बचाया नहीं जा सका।

    अभय कुमार की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत
    इस मामले में MJ विजटाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया और उन्हें सूरजपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की जांच पर कड़ी टिप्पणी की और निर्देश दिए कि यह स्पष्ट किया जाए कि लापरवाही किसकी हैनाली टूटने की जिम्मेदारी किसकी, और बैरिकेडिंग नहीं लगाने की जिम्मेदारी किसकी।

    क्या था पूरा मामला?
    गुरुग्राम में काम करने वाले इंजीनियर युवराज मेहता 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे। सेक्टर-150 में निर्माण स्थल के पास उनकी कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।
    कथित तौर पर उन्होंने लगभग दो घंटे तक मदद की गुहार लगाई, लेकिन मदद नहीं पहुंची और उनकी मौत हो गई।

    उनके पिता राज कुमार मेहता ने इस पूरी त्रासदी को अपनी आंखों के सामने देखा।

    अब तक 4 गिरफ्तार, 2 FIR दर्ज
    नोएडा पुलिस ने इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
    CBI की जांच के बाद यह संख्या बढ़ने की भी संभावना है, क्योंकि जांच का दायरा भूमि आवंटन और प्राधिकरण के फैसलों तक पहुंच गया है।

    यह मामला अब सिर्फ हादसा नहीं रहा। CBI की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि किसकी लापरवाही और किसके स्वार्थ ने एक युवा की जान ली।
    अब सभी की निगाहें CBI की जांच पर टिकी हैं—क्योंकि इस केस में न सिर्फ बिल्डर, बल्कि प्राधिकरण के अधिकारियों की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में है।

  • BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मेयर पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के जरिए यह तय किया गया कि बीएमसी मेयर की कुर्सी सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होगी। जैसे ही यह फैसला सामने आया, मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई। सभी दलों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की कमान किस महिला नेता को मिलेगी।

    बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार

    आरक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार बीएमसी मेयर की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो सकता है। नगर निगम चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। ऐसे में पार्टी की ओर से महिला मेयर उम्मीदवार तय करने की कवायद तेज हो गई है।

    तेजस्वी घोसालकर का नाम सबसे आगे

    बीजेपी खेमे में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तेजस्वी घोसालकर। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से जीत दर्ज की है और फिलहाल मेयर पद की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। तेजस्वी का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। वह पहले उद्धव ठाकरे गुट से जुड़ी थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुईं और जीत हासिल कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता।

    तेजस्वी घोसालकर, पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं। फरवरी 2024 में अभिषेक घोसालकर की फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया था। इस दुखद घटना के बावजूद तेजस्वी ने राजनीतिक मैदान में मजबूती से कदम रखा और खुद को एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया।

    तेजस्वी घोसालकर का राजनीतिक सफर

    तेजस्वी घोसालकर ने 2017 में अविभाजित शिवसेना के टिकट पर बीएमसी के वार्ड नंबर 1 से चुनाव जीतकर नगर राजनीति में प्रवेश किया था। समय के साथ राजनीतिक हालात बदले और दिसंबर 2025 में उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने उद्धव गुट की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली।

    संख्याबल के दम पर बीजेपी आगे

    बीएमसी में मौजूदा गणित पर नजर डालें तो बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं। ऐसे में गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है।

    हालांकि दिलचस्प यह है कि विपक्ष में बैठी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 65 सीटें जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बीजेपी का संख्याबल सबसे ज्यादा होने के कारण मेयर पद पर उसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

    अब निगाहें अंतिम फैसले पर

    महिला आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है। तेजस्वी घोसालकर फिलहाल सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन राजनीति में आखिरी फैसला वक्त और रणनीति तय करती है। बीएमसी मेयर की कुर्सी को लेकर आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन

    प्रधानमंत्री मोदी का केरल दौरा : तिरुवनंतपुरम में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन


    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल दौरे पर तिरुवनंतपुरम पहुंचेंगे और सुबह करीब 10:45 बजे विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर वे सभा को भी संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान, नवाचार और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

    रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें और एक पैसेंजर ट्रेन शामिल हैं। इन नई ट्रेन सेवाओं से केरल, तमिलनाडु कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच लंबी दूरी और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बेहतर कनेक्टिविटी से पूरे दक्षिण भारत में पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी मजबूती मिलेगी।

    प्रधानमंत्री मोदी शहरी आजीविका को मजबूत करने के लिए ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ लॉन्च करेंगे। यह स्ट्रीट वेंडरों को वित्तीय समावेशन का अगला चरण उपलब्ध कराएगा। यूपीआई से लिंक्ड ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा तत्काल लिक्विडिटी प्रदान करेगी, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगी और लाभार्थियों को औपचारिक क्रेडिट इतिहास बनाने में मदद करेगी। इस दौरान प्रधानमंत्री एक लाख लाभार्थियों को ‘पीएम स्वनिधि लोन’ भी वितरित करेंगे। 2020 में शुरू हुई इस योजना ने शहरी अनौपचारिक श्रमिकों को पहली बार औपचारिक क्रेडिट तक पहुंच दिलाई है और आजीविका सुरक्षा में अहम भूमिका निभाई है।

    विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी सीएसआईआर-एनआईआईएसटी इनोवेशन टेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास करेंगे। यह हब जीवन विज्ञान और बायो-इकोनॉमी पर ध्यान केंद्रित करेगा। आयुर्वेद जैसी पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी, सस्टेनेबल पैकेजिंग और ग्रीन हाइड्रोजन के साथ जोड़ा जाएगा। हब स्टार्टअप निर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा और अनुसंधान को बाजार तैयार समाधानों और उद्यमों में बदलने का प्लेटफॉर्म बनेगा।

    स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी में अत्याधुनिक रेडियोसर्जरी सेंटर की आधारशिला रखेंगे। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम में नए पूजापुरा हेड पोस्ट ऑफिस का उद्घाटन भी किया जाएगा।इस दौरे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने केरल में रेल कनेक्टिविटी, शहरी आजीविका, विज्ञान नवाचार और स्वास्थ्य क्षेत्र को एक साथ बढ़ावा देने का संदेश दिया है। इस प्रकार यह दौरा क्षेत्रीय विकास, डिजिटल समावेशन और आधुनिक अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अहम साबित होगा।

  • Chandigarh Municipal Polls Update: AAP-Congress ने अलग होकर जारी की उम्मीदवारों की सूची

    Chandigarh Municipal Polls Update: AAP-Congress ने अलग होकर जारी की उम्मीदवारों की सूची

    नई दिल्ली।  चंडीगढ़ में मेयर पद के लिए होने वाले नगर निगम चुनावों में इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल, आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस, अब अलग-अलग मैदान में हैं। गठबंधन टूटने के बाद दोनों ही पार्टियों ने मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों के लिए अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। यह ऐलान नगर निगम चुनाव की तैयारियों को और रोचक बना रहा है और राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू कर दी है।

    कांग्रेस के उम्मीदवार

    कांग्रेस ने इस चुनाव में मेयर पद के लिए गुरप्रीत गाबी को मैदान में उतारा है। पार्टी ने सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए सचिन गालव और डिप्टी मेयर पद के लिए निर्मला देवी को उम्मीदवार घोषित किया है। कांग्रेस का मानना है कि उनके उम्मीदवारों के अनुभव और नगर निगम में सक्रिय भूमिका के कारण वे जनता का भरोसा जीत सकते हैं।

    AAP के उम्मीदवार

    वहीं, आम आदमी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। AAP की ओर से मेयर पद के लिए योगेश ढींगरा (वार्ड नं. 25) को उतारा गया है। सीनियर डिप्टी मेयर पद के लिए पार्टी ने मुन्नवर खान (वार्ड नं. 29) और डिप्टी मेयर पद के लिए जसविंदर कौर (वार्ड नं. 1) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। AAP का मानना है कि उनके युवा और सक्रिय उम्मीदवार जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।

    गठबंधन क्यों नहीं बना?

    इस बार AAP और कांग्रेस ने गठबंधन न बनाने का निर्णय लिया है। इसका मुख्य कारण यह है कि अगले साल पंजाब विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। अगर नगर निगम चुनाव में दोनों दल गठबंधन करते, तो पंजाब विधानसभा चुनाव में रणनीतिक रूप से उनकी स्थिति कमजोर हो सकती थी। इसलिए कम पार्षद होने के बावजूद दोनों दल स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय दोनों पार्टियों के लिए अगली रणनीति तय करने में अहम साबित होगा।

    बीजेपी की स्थिति मजबूत

    नगर निगम में कुल 35 पार्षद और 1 सांसद हैं। बीजेपी के पास 18 पार्षद हैं, जबकि AAP के पास 11 और कांग्रेस के पास 6 पार्षद + 1 सांसद है। इन आंकड़ों के आधार पर राजनीतिक विशेषज्ञ मान रहे हैं कि बीजेपी के लिए मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों पर जीत हासिल करना अपेक्षाकृत आसान होगा। बीजेपी की मजबूत स्थिति और पार्षद संख्या का संतुलन इसे इस चुनाव का बड़ा दावेदार बनाता है।

    चुनाव की राजनीतिक चुनौतियां

    विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का चुनाव केवल मेयर पद तक सीमित नहीं रहेगा। यह पंजाब विधानसभा चुनाव के पूर्वाभ्यास के रूप में भी देखा जा रहा है। AAP और कांग्रेस दोनों ही अपने उम्मीदवारों के जरिए स्थानीय जनता का भरोसा हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी अपने मजबूत पार्षदों और संगठनात्मक नेटवर्क के बल पर सत्ता में बने रहने की रणनीति पर काम कर रही है।

    AAP और कांग्रेस ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में गठबंधन तोड़कर अलग उम्मीदवार घोषित किए हैं, जबकि बीजेपी की मजबूत स्थिति से मेयर पद पर उनकी जीत की संभावना प्रबल है।

    कुल मिलाकर, चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव 2026 न केवल मेयर, डिप्टी मेयर और सीनियर डिप्टी मेयर पदों के लिए, बल्कि पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक संकेत देने वाले चुनाव के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल ने बिना स्पीच पढ़े किया बहिर्गमन, सरकार-राज्यपाल के बीच टकराव तेज

    कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल ने बिना स्पीच पढ़े किया बहिर्गमन, सरकार-राज्यपाल के बीच टकराव तेज



    नई दिल्ली। 22 जनवरी 2026 कर्नाटक विधानसभा में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने स्पीच पढ़ना शुरू किया, लेकिन 2-4 लाइन के बाद कागज रख दिया और सदन से बाहर निकल गए। इस घटना से राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच अनबन का विवाद कर्नाटक तक पहुंच गया है।

    संसद में स्पीकर यूटी खादर, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, मंत्री एचके पाटिल, प्रियांक खरगे, सलीम अहमद और बसवराज होरट्टी सहित कई नेता राज्यपाल का इंतजार कर रहे थे।

    लेकिन गहलोत ने भाषण पूरा नहीं पढ़ा और सदन छोड़ दिया। बीके हरिप्रसाद ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे वापस नहीं आए।

    क्या है वजह?
    राज्यपाल और सरकार के बीच संवैधानिक परंपरा और भाषण के कंटेंट को लेकर विवाद चल रहा है। गहलोत का कहना है कि सरकार के तैयार किए गए भाषण के 11 पैराग्राफ में बदलाव जरूरी हैं। इनमें केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना वाले हिस्से शामिल हैं। गहलोत ने इन हिस्सों को पूरी तरह हटाने की मांग की, जबकि सरकार केवल भाषा में सीमित बदलाव करने को तैयार थी।

    सरकार ने भी की थी कोशिश
    कर्नाटक के लॉ और संसदीय कार्य मंत्री एचके पाटिल ने राज्यपाल से मुलाकात की और कहा कि संविधान के अनुच्छेद 176(1) के तहत राज्यपाल का संयुक्त सत्र को संबोधित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अगर भाषण में आपत्तिजनक भाषा है तो सरकार संशोधन कर सकती है, लेकिन पूरा पैराग्राफ हटाना स्वीकार्य नहीं।

    ये मामला और बड़ा हो सकता है
    कर्नाटक की घटना के पहले तमिलनाडु में भी 20 जनवरी को राज्यपाल आरएन रवि विधानसभा सत्र बीच में छोड़कर बाहर चले गए थे। दोनों राज्यों में राज्यपाल-सरकार की टकराहट राजनीतिक और संवैधानिक बहस को तेज कर रही है।