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  • अब 100, 101, 108 नहीं… इमरजेंसी में सिर्फ 112 करेगा मदद, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश

    अब 100, 101, 108 नहीं… इमरजेंसी में सिर्फ 112 करेगा मदद, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश


    नई दिल्ली। देश में आपातकालीन सेवाओं को लेकर अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और महिला हेल्पलाइन जैसे अलग-अलग नंबरों की जगह अब सिर्फ एक नंबर ‘112’ ही लोगों की मदद के लिए इस्तेमाल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि अगले तीन महीने के भीतर सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को तकनीकी और संचालन स्तर पर ‘112’ से जोड़ दिया जाए।

    सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब सड़क हादसों और आपातकालीन स्थितियों में समय पर मदद नहीं मिलने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों को समय पर ट्रॉमा केयर और आपातकालीन इलाज मिलना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अहम हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि देशभर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को एक समान और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत है।

    यह आदेश जस्टिस जेके माहेश्वरी और एएस चंदूरकर की पीठ ने जारी किया। अदालत ने कहा कि मौजूदा समय में अलग-अलग सेवाओं के लिए कई नंबर होने से आम लोगों को भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एकीकृत हेल्पलाइन नंबर लागू करना जरूरी हो गया है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, अब 100, 101, 102, 108, 1033 और 1091 जैसे सभी हेल्पलाइन नंबरों को ‘112’ में समाहित किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि किसी भी तरह की इमरजेंसी में नागरिकों को सिर्फ एक नंबर डायल करना होगा और संबंधित सेवा तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी।

    अदालत ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अगले तीन महीने में इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करें और इसके बाद अनुपालन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश करें। कोर्ट ने यह भी कहा कि ‘हेल्पलाइन 112’ को लेकर व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि देश के हर नागरिक तक इसकी जानकारी पहुंच सके।

    सिर्फ हेल्पलाइन नंबर को एकीकृत करने तक ही अदालत ने खुद को सीमित नहीं रखा। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को ‘गुड समैरिटन कानून’ के तहत एक प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली विकसित करने का भी आदेश दिया है। इसका उद्देश्य सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने वाले नागरिकों को कानूनी सुरक्षा और प्रोत्साहन देना है।

    इसके अलावा अदालत ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय और सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिया है कि तीन महीने के भीतर ट्रॉमा मामलों के लिए एक राष्ट्रीय ‘मेडिकल रेस्क्यू प्रोटोकॉल’ तैयार किया जाए। यह प्रोटोकॉल जारी होने के बाद राज्यों को अगले तीन महीने में उसे अपने यहां लागू करना होगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला देश में आपातकालीन सेवाओं को तेज, सरल और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। एकीकृत हेल्पलाइन सिस्टम लागू होने से हादसों और संकट की घड़ी में लोगों को तेजी से सहायता मिल सकेगी और कई जानें बचाई जा सकेंगी।

  • मोबिलिटी सेक्टर में नया रिकॉर्ड, भारत टैक्सी बनी सबसे बड़ी कोऑपरेटिव

    मोबिलिटी सेक्टर में नया रिकॉर्ड, भारत टैक्सी बनी सबसे बड़ी कोऑपरेटिव


    नई दिल्ली। गांधीनगर में शुरू हुई “भारत टैक्सी” देश की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में तेजी से उभर रही है। इस प्लेटफॉर्म से अब तक 35 लाख से अधिक यूजर्स और 6 लाख से ज्यादा ड्राइवर, जिन्हें यहां ‘सारथी’ कहा जाता है, जुड़ चुके हैं।

    5 फरवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। इस मॉडल को तकनीक और सहकारिता के अनोखे संगम के रूप में देखा जा रहा है, जहां ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि प्लेटफॉर्म के सह-मालिक हैं।

    भारत टैक्सी का सबसे बड़ा आकर्षण इसका जीरो कमीशन मॉडल है। कंपनी के अनुसार, राइड से होने वाली 100 प्रतिशत कमाई सीधे ड्राइवरों के खाते में जाती है, जिससे उनकी मासिक आय में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवरों का कहना है कि पारंपरिक एग्रीगेटर मॉडल की तुलना में यहां कमाई अधिक पारदर्शी और स्थिर है। वहीं यात्रियों को भी फायदा मिल रहा है क्योंकि किराया औसतन 15 प्रतिशत तक कम है और डायनेमिक प्राइसिंग जैसी अनिश्चितताओं से राहत मिली है।

    अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस मॉडल ने ड्राइवरों के आत्मसम्मान और आर्थिक स्थिति दोनों को मजबूत किया है। आवेदन प्रक्रिया भी सरल बताई जा रही है, जिसमें 12 घंटे के भीतर अप्रूवल मिलने का दावा किया गया है।

    कंपनी ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गुजरात पुलिस के साथ SOS इंटीग्रेशन लागू किया है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। इसके अलावा सोमनाथ और द्वारकाधीश जैसे तीर्थ स्थलों के लिए विशेष रूट कनेक्टिविटी भी शुरू की गई है।

    भारत टैक्सी ने अब तक 10,000 से अधिक ड्राइवरों को डिजिटल और सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण दिया है और मेट्रो, एयरपोर्ट तथा ट्रांजिट सिस्टम के साथ इंटीग्रेशन के जरिए अपने नेटवर्क को लगातार विस्तार दे रही है।

  • छत्तीसगढ़ की शान तीजन बाई की तबीयत नाजुक, एम्स रायपुर में डॉक्टरों की निगरानी

    छत्तीसगढ़ की शान तीजन बाई की तबीयत नाजुक, एम्स रायपुर में डॉक्टरों की निगरानी


    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी लोक गायिका और पद्मविभूषण सम्मानित डॉ. तीजन बाई की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती कराया गया है। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में स्थानांतरित किया है।

    परिवार के अनुसार, बुधवार देर रात उनकी स्थिति अधिक बिगड़ने पर उन्हें एम्स लाया गया, जहां प्रारंभिक जांच में फेफड़ों में पानी भरने (पल्मोनरी कंजेशन) और निमोनिया की पुष्टि हुई। साथ ही उनका ब्लड प्रेशर भी काफी कम पाया गया, जिससे उनकी स्थिति चिंताजनक हो गई थी।

    तीजन बाई की बहू वेणु देशमुख ने बताया कि समय पर एम्बुलेंस और चिकित्सा सहायता मिलने से अब उनकी स्थिति में पहले की तुलना में सुधार हुआ है और वे खतरे से बाहर बताई जा रही हैं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए है।

    अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए तीजन बाई का उपचार बेहद सतर्कता के साथ किया जा रहा है।

    छत्तीसगढ़ की इस महान लोक कलाकार को देश-विदेश में पंडवानी गायन को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जाता है। उन्होंने महाभारत की कथाओं को अपनी विशिष्ट शैली में प्रस्तुत कर इस लोककला को नई पहचान दी है।

    तीजन बाई ने 1980 में कई देशों की सांस्कृतिक राजदूत के रूप में यात्राएं कीं, जिनमें इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, टर्की, माल्टा, साइप्रस, रोमानिया और मॉरीशस शामिल हैं। उन्हें 1988 में पद्मश्री, 1995 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और 2019 में पद्मविभूषण से सम्मानित किया गया था।

    उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर से उनके प्रशंसकों में चिंता का माहौल है और देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

  • SAI Recruitment 2026: 100 असिस्टेंट कोच पदों पर वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

    SAI Recruitment 2026: 100 असिस्टेंट कोच पदों पर वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया


    नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) ने बड़ा अवसर जारी किया है। संस्थान ने असिस्टेंट कोच के कुल 100 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नियुक्ति प्रतिनियुक्ति (डेप्यूटेशन) के आधार पर की जाएगी।

    जारी अधिसूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 26 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 27 जून 2026 शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से भेजना होगा।

    इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रारंभ में 3 वर्षों के लिए की जाएगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 7 वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

    योग्यता के रूप में उम्मीदवार के पास एसएआई/एनएस-एनआईएस पटियाला से कोचिंग डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों या विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ी, द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता या संबंधित खेल कोटा के अंतर्गत योग्य उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

    सरकारी विभागों में कार्यरत वे अधिकारी भी पात्र हैं जिनके पास समान पद पर अनुभव या लेवल-5 में कम से कम 6 वर्ष की नियमित सेवा हो।

    अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 26 मई 2026 के आधार पर की जाएगी।

    चयन प्रक्रिया में पात्रता जांच, इंटरव्यू और मेरिट सूची शामिल होगी। चयनित उम्मीदवारों को 35,400 रुपये से लेकर 1,12,400 रुपये प्रतिमाह तक वेतन दिया जाएगा, साथ ही अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

    आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को SAI की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर उसे भरना होगा। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म को निर्धारित पते पर डाक के माध्यम से भेजना अनिवार्य है।

  • सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’, मुर्मु ने कहा– जनता के साथ भरोसा बढ़ाना जरूरी

    सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’, मुर्मु ने कहा– जनता के साथ भरोसा बढ़ाना जरूरी


    नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’ प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस बल से जुड़े सभी वर्तमान और पूर्व अधिकारियों व कर्मियों को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की।

    राष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम पुलिस ने वर्ष 1897 में अपनी स्थापना के बाद से राज्य में शांति, सुरक्षा और न्याय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे एक अनुशासित और जनसेवा से जुड़ा हुआ पुलिस बल बताया।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक काल की व्यवस्था में पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा नहीं बल्कि नियंत्रण और आदेशों का सख्ती से पालन कराना था। उन्होंने कहा कि इसी कारण पुलिस व्यवस्था में एक समय ‘गुलामी की मानसिकता’ विकसित हो गई थी, जिसे अब बदलने की आवश्यकता है।

    राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए इस सोच से पूरी तरह मुक्त होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हैं, ताकि नागरिकों का भरोसा मजबूत हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को अधिक नागरिक-हितैषी बनना चाहिए, जिससे लोग बिना भय के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पुलिस को केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सहयोगी और मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए। इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा और समाज में सुरक्षा तथा कानून के प्रति सम्मान मजबूत होगा।

    उन्होंने सिक्किम पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में शांति और भाईचारे को बनाए रखने में इस बल का योगदान उल्लेखनीय रहा है। सिक्किम पुलिस ने अपने व्यवहार और पेशेवर कार्यशैली के जरिए जनता का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।

  • देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन

    देवेंद्र फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात, विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए दी गई, जिसमें दोनों नेताओं की तस्वीर भी साझा की गई।

    PMO ने अपने पोस्ट में बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी से शिष्टाचार भेंट की। वहीं, मुख्यमंत्री ने भी इस मुलाकात को महाराष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया और इसे प्रेरणादायक अनुभव कहा।

    मुलाकात के बाद सीएम फडणवीस ने ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को महाराष्ट्र में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही राज्य के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

    फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री से हर मुलाकात उन्हें नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    हालांकि, राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इस मुलाकात को केवल औपचारिक नहीं माना जा रहा है। चर्चा है कि बैठक में महाराष्ट्र के विकास कार्यों के अलावा किसानों से जुड़े मुद्दों, विशेषकर प्याज उत्पादक किसानों की स्थिति और सहकारी चीनी उद्योग से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।

    इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने नई दिल्ली में स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि भी दी थी।

    यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब महाराष्ट्र में कई विकास परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की आवश्यकता मानी जा रही है।

  • IIM Mumbai Recruitment 2026: मैनेजमेंट ट्रेनी के लिए वैकेंसी, जानें योग्यता और सैलरी

    IIM Mumbai Recruitment 2026: मैनेजमेंट ट्रेनी के लिए वैकेंसी, जानें योग्यता और सैलरी


    नई दिल्ली। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) मुंबई ने मैनेजमेंट ट्रेनी के 10 संविदात्मक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्थान ने विभिन्न विभागों में इन नियुक्तियों के लिए योग्य, ऊर्जावान और गतिशील पेशेवरों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

    जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 10 पदों में विश्लेषण एवं निर्णय विज्ञान, संचालन एवं आपूर्ति शृंखला, सतत प्रबंधन और ओबीएचआर प्रबंधन में 1-1 पद शामिल हैं। वहीं, मार्केटिंग विभाग में 2 और प्रशासनिक कार्यों के लिए 4 पद निर्धारित किए गए हैं।

    इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 मई से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 16 जून 2026 शाम 5 बजे तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

    शैक्षणिक योग्यता के तहत उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री या बीटेक/समकक्ष व्यावसायिक डिग्री होना आवश्यक है। साथ ही, संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले या पीएचडी कर रहे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    आयु सीमा अधिकतम 32 वर्ष निर्धारित की गई है, हालांकि पीएचडी धारक या अनुभवी उम्मीदवारों को 35 वर्ष तक की छूट दी जाएगी।

    चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा या कौशल परीक्षा, साक्षात्कार, दस्तावेज़ सत्यापन और मेरिट सूची शामिल होगी। चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 35,000 से 45,000 रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा 8,000 रुपये आवास भत्ता, 2,000 रुपये यात्रा भत्ता और 500 रुपये मोबाइल खर्च प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी।

    यह नियुक्ति पूरी तरह संविदात्मक आधार पर होगी, जिसकी प्रारंभिक अवधि एक वर्ष की रहेगी। प्रदर्शन और संस्थान की आवश्यकता के आधार पर इसे अधिकतम चार वर्षों तक बढ़ाया जा सकता है।

  • बंगाल में TMC में अंदरूनी संकट गहराया, दो और पार्षदों ने छोड़े पद, नेतृत्व पर उठाए सवाल

    बंगाल में TMC में अंदरूनी संकट गहराया, दो और पार्षदों ने छोड़े पद, नेतृत्व पर उठाए सवाल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अब पार्टी के मजबूत माने जाने वाले शहरी निकायों और नगर निगमों में भी बगावत के सुर सुनाई देने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में कोलकाता नगर निगम के दो वरिष्ठ पार्षदों ने अपने महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है।

    बुधवार को टीएमसी नेता सुशांत घोष ने बरो-12 चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि अरूप चक्रवर्ती ने नगर निगम की अकाउंट्स कमेटी के चेयरमैन पद छोड़ने का ऐलान किया। हालांकि दोनों नेताओं ने फिलहाल पार्षद पद नहीं छोड़ा है।

    नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी
    इस्तीफे के साथ दोनों नेताओं ने पार्टी नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि चुनावी हार को स्वीकार करना जरूरी है, क्योंकि हार मानने से इनकार करने पर पिछली जीतों का महत्व भी खत्म हो जाता है। राजनीतिक गलियारों में उनके बयान को पार्टी नेतृत्व पर सीधा हमला माना जा रहा है।

    दोनों नेताओं का आरोप है कि चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री आम कार्यकर्ताओं और पार्षदों से दूरी बना चुके हैं। चक्रवर्ती ने कहा कि लंबे समय तक कुछ प्रभावशाली नेताओं ने मुख्यमंत्री तक पहुंच को भी सीमित कर दिया था और अब हार के बाद वही नेता सार्वजनिक जीवन से गायब हैं।

    भाजपा सरकार की तारीफ से बढ़ीं अटकले
    सुशांत घोष ने अपने घर के बाहर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पुलिस जांच पर सवाल उठाए और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

    भवानीपुर से शुरू हुआ असंतोष
    टीएमसी के भीतर विरोध का यह सिलसिला हाल ही में तब शुरू हुआ था, जब पार्षद देबोलीना बिस्वास ने केएमसी के बरो-9 अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। भवानीपुर विधानसभा सीट पर पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद यह नाराजगी सामने आई थी। भवानीपुर को लंबे समय तक टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।

    पार्टी के भीतर बढ़ रहा संकट
    राज्य की सत्ता से बाहर होने के बाद टीएमसी में लगातार अंदरूनी खींचतान बढ़ती जा रही है। हाल ही में वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। कई विधायक, सांसद और पार्षद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं और संगठन की कार्यप्रणाली पर खुलकर सवाल उठा रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार, सत्ता परिवर्तन के बाद अब तक 60 से ज्यादा टीएमसी पार्षद विभिन्न नगरपालिकाओं और नगर निगमों में अपने पद छोड़ चुके हैं या संगठनात्मक गतिविधियों से अलग हो गए हैं। कई पार्षदों ने कार्यालय आना भी बंद कर दिया है, जिससे नगर निकायों के कामकाज पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले एक दशक तक नगरपालिकाएं और नगर निगम टीएमसी की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत रहे, लेकिन अब वहीं पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते दिखाई दे रहे हैं।

  • राजस्थान का श्रीगंगानगर दुनिया का सबसे गर्म शहर बना, तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस

    राजस्थान का श्रीगंगानगर दुनिया का सबसे गर्म शहर बना, तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस

    श्रीगंगानगर। राजस्थान का श्रीगंगानगर बुधवार को भीषण गर्मी के चलते दुनिया का सबसे गर्म स्थान बन गया। यहां अधिकतम तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने उत्तर भारत में पड़ रही लू और गर्मी की स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मई के अंतिम दिनों में पड़ रही तेज गर्मी, शुष्क रेगिस्तानी हवाएं और साफ आसमान इस असामान्य तापमान वृद्धि के मुख्य कारण हैं। इस रिकॉर्ड तापमान ने उत्तर प्रदेश के बांदा में पहले दर्ज किए गए उच्च तापमान के स्तर को भी छू लिया है। इस समय उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्से भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।

    कई शहरों में 45 से 46 डिग्री के पार तापमान
    बुधवार को बीकानेर और रोहतक में 46.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और चूरू में 46.4 डिग्री, झांसी में 46 डिग्री, हिसार में 45 डिग्री और नई दिल्ली में 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक दिन तक इसी तरह की भीषण गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि, गुरुवार शाम से उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में आंधी, धूल भरी हवाएं और गरज के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

    क्यों बना श्रीगंगानगर सबसे गर्म
    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार श्रीगंगानगर का तापमान बढ़ने के पीछे कई भौगोलिक और मौसमी कारण हैं। यह क्षेत्र राजस्थान के उत्तरी हिस्से में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित है और थार रेगिस्तान के बेहद करीब है। मई के अंत में यहां की जमीन तेजी से गर्म हो जाती है, जिससे तापमान अचानक बढ़ जाता है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली शुष्क और गर्म हवाएं भी तापमान को और बढ़ा देती हैं।

    नमी की कमी और साफ आसमान ने बढ़ाई गर्मी
    विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय वातावरण में नमी की कमी है, जिससे बादल नहीं बन पा रहे हैं और सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पड़ रही हैं। सूखी मिट्टी भी गर्मी को और बढ़ा रही है, क्योंकि जमीन में नमी न होने पर सूर्य की ऊर्जा सीधे हवा और सतह को गर्म करती है।

    इस समय उत्तर भारत में किसी सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ या बारिश लाने वाली प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में कई दिनों से साफ मौसम बना हुआ है, जिससे गर्मी और अधिक जमा हो गई है।

    आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद
    मौसम विभाग ने राहत की संभावना जताई है। अनुमान है कि गुरुवार शाम से तेज हवाएं, धूल भरी आंधी और बारिश शुरू हो सकती है, जिससे सप्ताहांत तक तापमान 40 डिग्री से नीचे आने की संभावना है।

    हालांकि, मौसम में बदलाव के दौरान तेज आंधी, बिजली गिरने और नुकसान पहुंचाने वाली हवाओं का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल श्रीगंगानगर देश और दुनिया के सबसे गर्म क्षेत्रों में शामिल बना हुआ है और भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है।

  • पश्चिम बंगाल में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में 30 लाख फर्जी लाभार्थी, CM शुभेंदु अधिकारी का दावा

    पश्चिम बंगाल में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में 30 लाख फर्जी लाभार्थी, CM शुभेंदु अधिकारी का दावा

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में महिलाओं को आर्थिक सहायता देने वाली ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि योजना के लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। इनमें कथित तौर पर गैर-भारतीय, मृतक और वोटर लिस्ट से स्थायी रूप से हटाए गए लोगों के नाम शामिल हैं।

    कोलकाता स्थित राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नई ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना के आवेदन फॉर्म जारी किए। उन्होंने बताया कि नई योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। आवेदन पत्रों का सत्यापन प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किया जाएगा।

    2.20 करोड़ लाभार्थियों में 30 लाख पर सवाल
    मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्तमान में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के करीब 2.20 करोड़ लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से लगभग 30 लाख नाम संदिग्ध हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लाभार्थी गैर-भारतीय, मृतक या फर्जी हैं। सत्यापन के बाद ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना में लगभग 2 करोड़ वास्तविक लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत आवेदन किया है या SIR से जुड़े ट्रिब्यूनल में वोटर सूची में शामिल होने की अपील की है, वे इस योजना के पात्र माने जाएंगे।

    पुरानी योजना से दोगुनी सहायता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी ने चुनावी घोषणा पत्र में ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू करने का वादा किया था, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना की जगह लेगी। पुरानी योजना में सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह दिए जाते थे। नई योजना में सभी पात्र महिलाओं को 3,000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

    पारदर्शिता के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को ऐसी शिकायतें मिली थीं कि जिन लोगों के नाम वोटर सूची से हट चुके हैं और जिन्होंने ट्रिब्यूनल या CAA के तहत आवेदन नहीं किया, वे भी योजना का लाभ उठा रहे थे। इसी कारण लाभार्थियों का दोबारा सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल का विभाग इस योजना का नोडल विभाग होगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव, वित्त विभाग, जिला मजिस्ट्रेट, बीडीओ, नगर निगम आयुक्त, गृह विभाग और आधार नामांकन से जुड़े विभाग भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।

    नई योजना लागू होने तक जारी रहेगी पुरानी सहायता
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने तक मौजूदा ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना का लाभ बंद नहीं किया जाएगा। सरकार 1 जून से 90 दिनों तक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से नामांकन अभियान चलाएगी। पंचायत क्षेत्रों में घर-घर जाकर फॉर्म भरवाने की व्यवस्था भी की जाएगी।

    उन्होंने दावा किया कि सत्यापन की कमी के कारण कुछ पुरुषों के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 जून तक सफलतापूर्वक नामांकन कराने वाली महिलाओं को अगली कैबिनेट बैठक के बाद DBT के जरिए राशि भेज दी जाएगी।

    इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि सोमवार से महिलाओं को राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा मिलेगी। वहीं आयुष्मान भारत योजना के कार्ड जुलाई से वितरित किए जा सकते हैं। केंद्र सरकार के साथ इस संबंध में 8 जून को MoU पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।