Category: National

  • हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा

    हाईकोर्ट में बहस से सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला, सीजेआई बोले आंख दिखाओगे तो जवाब भी मिलेगा


    नई दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट ने उस वकील को कड़ी चेतावनी दी है जो हाईकोर्ट में जज से कहासुनी के चलते आपराधिक अवमानना के नोटिस का सामना कर रहे हैं। यह मामला झारखंड हाईकोर्ट से जुड़ा है जहां सुनवाई के दौरान वकील और न्यायाधीश के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अदालत की गरिमा से ऊपर कोई नहीं है और यदि कोई आंख दिखाने की कोशिश करेगा तो न्यायपालिका भी उसी दृढ़ता से जवाब देगी।

    यह पूरा विवाद पिछले साल सोलह अक्तूबर को झारखंड हाईकोर्ट में हुई एक सुनवाई से शुरू हुआ। एडवोकेट महेश तिवारी एक विधवा महिला का पक्ष रख रहे थे जिनका बिजली कनेक्शन एक लाख तीस हजार रुपये से अधिक बकाया होने के कारण काट दिया गया था। सुनवाई के दौरान बहस के तरीके को लेकर न्यायमूर्ति राजेश कुमार ने टिप्पणी की और बाद में राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष से वकील के आचरण पर संज्ञान लेने को कहा।इसी दौरान वकील तिवारी ने न्यायाधीश के प्रति असंतोष जताया और उंगली दिखाते हुए कहा कि वह अपनी शैली में बहस करेंगे और किसी प्रकार के अपमान को स्वीकार नहीं करेंगे। इस घटनाक्रम को न्यायालय की अवमानना मानते हुए झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी कर दिया।

    इस नोटिस को चुनौती देने के लिए वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंचे जहां सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अदालत से आदेश केवल यह साबित करने के लिए नहीं मांगे जा सकते कि कोई किसी का कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि यदि कोई माफी मांगना चाहता है तो उसे साफ शब्दों में माफी मांगनी चाहिए और यदि कोई जजों को चुनौती देना चाहता है तो न्यायपालिका भी पूरी ताकत से स्थिति को संभालना जानती है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट से यह भी कहा कि यदि संबंधित वकील माफी मांग लेते हैं तो उनके प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है। अदालत ने यह संकेत दिया कि न्यायपालिका का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि मर्यादा और अनुशासन बनाए रखना है।यह मामला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि अदालत में असहमति व्यक्त करने का भी एक मर्यादित तरीका होता है। न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है लेकिन न्यायालय की गरिमा और सम्मान सर्वोपरि है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न केवल संबंधित वकील के लिए बल्कि पूरे कानूनी समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है।

  • रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    रोजगार मेले में पीएम मोदी की बड़ी सौगात: 61 हजार से अधिक युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 18वें रोजगार मेले के दौरान देशभर के 61 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिन इन सभी युवाओं के जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने नियुक्ति पत्रों को “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” बताते हुए कहा कि यह विकसित भारत के निर्माण को गति देने का संकल्प है। नियुक्तियां केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में की गई हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा, “आज आप सभी सरकारी सेवा में प्रवेश कर रहे हैं। यह सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी का अवसर है।” उन्होंने यह भी कहा कि साल 2026 की शुरुआत युवाओं के जीवन में नई उम्मीदें और नई खुशियां लेकर आई है। बसंत पंचमी और गणतंत्र दिवस के संयोग का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह समय संविधान के प्रति कर्तव्यों को याद करने और राष्ट्र सेवा के लिए खुद को समर्पित करने का है।

    तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी में खुद को अपडेट रखना जरूरी

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर की चुनौतियों और जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं और ऐसे में सरकारी सेवाओं में आने वाले युवाओं को खुद को लगातार अपग्रेड करना होगा। पीएम मोदी ने बताया कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक करीब डेढ़ करोड़ सरकारी कर्मचारी खुद को नए कौशलों में प्रशिक्षित कर चुके हैं। उन्होंने “नागरिक देवो भव:” को सभी कर्मचारियों के लिए मूल मंत्र बताया।

    रिफॉर्म एक्सप्रेस पर भारत, महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार है, जिसका उद्देश्य जीवन और कारोबार-दोनों को आसान बनाना है। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में 8 हजार से अधिक बेटियों को भी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार कई देशों के साथ ट्रेड और मोबिलिटी एग्रीमेंट कर रही है, जिससे युवाओं के लिए वैश्विक अवसर खुल रहे हैं। डिजिटल मीडिया, क्रिएटर इकोनॉमी और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत तेजी से ग्लोबल हब बनता जा रहा है।

  • Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    Cultural Controversy: शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस ने जारी किया पोस्टर, गुरु का अपमान करने वालों के लिए चेतावनी

    नई दिल्ली। प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद के बाद सियासत तेज हो गई है। इस मामले में अब कांग्रेस पार्टी खुलकर शंकराचार्य के समर्थन में आ गई है। लखनऊ स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मौनी अमावस्या के दिन उनके बटुकों के साथ हुई कथित मारपीट को दर्शाया गया है। पोस्टर में स्पष्ट शब्दों में लिखा गया है- “जो गुरु या वेदाचार्य का अपमान करेगा, वह भयानक नरक में गिरेगा।”

    युवा कांग्रेस नेता ने लगाया होर्डिंग, पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल

    कांग्रेस कार्यालय के बाहर लगाए गए इस होर्डिंग को भारतीय युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से जुड़े नेता शरद शुक्ला ने लगवाया है। पोस्टर में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के लिए जाते समय शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ हुए कथित विवाद को दर्शाया गया है। एक ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीर है, तो दूसरी ओर बटुकों की शिखा खींचे जाने और हाथ जोड़कर प्रार्थना करते दृश्य को दिखाया गया है।

    पोस्टर में श्रीरामचरितमानस की चौपाई- “जाको प्रभु दारुण दुख देही, ताकी मति पहले हर लेही”- का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण पर सवाल खड़े किए गए हैं। इसके माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि धार्मिक गुरुओं और परंपराओं के अपमान से समाज में गलत संदेश जाता है।

    धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप, विपक्ष का सरकार पर निशाना

    कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शंकराचार्य और उनके बटुकों के साथ हुआ व्यवहार धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों और सम्मान से जुड़ा मामला बताया है। इससे पहले समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर भी इसी तरह के पोस्टर लगाए जा चुके हैं।

    राजनीतिक गलियारों में यह साफ माना जा रहा है कि सपा और कांग्रेस दोनों ही दल इस विवाद में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में खुलकर सामने आ चुके हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

  • मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में

    मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में



    नई दिल्ली। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में इमरान और लकी अली खान शामिल हैं, जिनके देश छोड़कर भागने की तैयारी की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात किया गया है ताकि आरोपियों की धरपकड़ हो सके।

    पुलिस को जानकारी मिली है कि इमरान और लकी के पास दुबई जाने का पासपोर्ट मौजूद है। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है। आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़े अहम संकेत फोन कॉल्स और सर्विलांस के दौरान मिले हैं।

    कैसे हुआ मामला खुलासा?
    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की।

    शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसका मोबाइल जांचा गया तो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला।

    फोल्डर खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी फोल्डर के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई जिमों पर छापेमारी की।

    अमीर महिलाओं को बनाते थे निशाना
    पुलिस के अनुसार यह रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए चलाया जा रहा था।

    आरोपियों का निशाना अमीर घरों की महिलाएं थीं। गैंग के सदस्य पहले महिला को जिम ट्रेनिंग का लालच देते, फिर नंबर एक्सचेंज करके दोस्ती बढ़ाते और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाते थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं को फ्री जिम ट्रेनिंग का ऑफर दिया जाता था और ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें बुर्का पहनाकर मिर्जापुर के बाजार, मंदिर, मजार और अन्य जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे धर्मांतरण की तरफ प्रभावित किया जाता था।

    यौन शोषण और ब्लैकमेल
    पुलिस का दावा है कि यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और फिर उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कई का धर्मांतरण कर दिया गया।

    गैंग की संरचना और गिरफ्तारी
    पुलिस ने बताया कि गैंग एक समय में एक ही महिला पर काम करता था। यदि वह महिला एक जिम में फंसती नहीं थी तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेजा जाता था। जिम संचालक आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बताते थे।

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

    एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती शिकायत के बाद ठोस सबूत नहीं मिले थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरा रैकेट उजागर हो गया। जांच में महिलाओं से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक सबूत भी बरामद हुए हैं, जिनमें महिलाओं को घुमाने-फिरने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी शामिल हैं।

  • अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू

    अब DDA फ्लैट निवासियों को राहत, हर बुधवार साइट-लेवल शिकायत निवारण शुरू



    नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने फ्लैट निवासियों को बड़ी राहत दी है। अब DDA के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को रोज़मर्रा की समस्याओं के लिए DDA ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्राधिकरण ने हर बुधवार साइट-लेवल जनसुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है, जिसमें साइट इंजीनियर सीधे शिकायत सुनकर समाधान करेंगे।

    हर बुधवार 2:30 से 4 बजे तक जनसुनवाई
    DDA के हाउसिंग डिप्टी डायरेक्टर चिन्मय चक्रवर्ती ने 19 जनवरी को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी किया है। सर्कुलर के अनुसार यह जनसुनवाई हर बुधवार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी।

    पानी, बिजली, सीवर, मरम्मत सहित सभी शिकायतों का समाधान
    जनसुनवाई में फ्लैट्स से जुड़ी सभी बुनियादी और तकनीकी समस्याओं पर सुनवाई होगी, जिनमें शामिल हैं

    पीने के पानी की आपूर्ति में बाधा

    सीवर, ड्रेनेज और गंदे पानी की निकासी

    फ्लैट्स की मरम्मत और नियमित मेंटेनेंस

    इलेक्ट्रिकल और स्ट्रक्चरल समस्याएं

    हाउसिंग स्कीम से जुड़े लंबित मामले

    फ्लैट की पोज़िशन, अलॉटमेंट और हैंडओवर से संबंधित शिकायतें

    जमीनी स्तर पर समाधान, पारदर्शिता और जवाबदेही
    DDA अधिकारियों का कहना है कि इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य समस्याओं का समाधान जमीनी स्तर पर और कम समय में करना है। साइट इंजीनियरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों को केवल दर्ज न करें, बल्कि समाधान की स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कार्रवाई शुरू करें। अब तक फ्लैट निवासियों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे सीधे अपने साइट के जिम्मेदार इंजीनियर से संपर्क कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

  • सिरसपुर मर्डर केस, अलाव ताप रहे नाबालिग पर 'मौत का वार' दिल्ली पुलिस ने 4 घंटे के 'मिडनाइट ऑपरेशन' में कातिलों को दबोचा

    सिरसपुर मर्डर केस, अलाव ताप रहे नाबालिग पर 'मौत का वार' दिल्ली पुलिस ने 4 घंटे के 'मिडनाइट ऑपरेशन' में कातिलों को दबोचा



    नई दिल्ली। देश की राजधानी के आउटर-नॉर्थ जिले (नरेला) से एक रूह कपा देने वाली वारदात सामने आई है। जहाँ राणा पार्क में दोस्तों के साथ अलाव ताप रहे एक नाबालिग लड़के की सरेआम चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अपनी पेशेवर कार्यकुशलता का परिचय देते हुए महज़ 240 मिनट (4 घंटे) के भीतर कातिलों को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

    वारदात: अलाव की गर्मी के बीच बिछी लाश
    हाड़ कंपाने वाली ठंड में मृतक अपने कुछ दोस्तों के साथ नरेला के राणा पार्क में आग (अलाव) जलाकर बैठा था।

    माहौल सामान्य था, तभी अचानक रात के अंधेरे को चीरते हुए 6-7 हमलावर वहाँ पहुंचे। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने नाबालिग को घेर लिया और ताबड़तोड़ चाकुओं से हमला कर दिया। चश्मदीदों के अनुसार, हमला इतना अचानक और हिंसक था कि पीड़ित को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शोर सुनकर जब तक लोग मदद के लिए दौड़ते, आरोपी मौके से फरार हो चुके थे।

    पुलिस का ‘एक्शन मोड’: CCTV बना सबसे बड़ा गवाह
    घटना की सूचना मिलते ही आउटर-नॉर्थ जिले की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कई टीमें गठित की गईं। पुलिस ने इलाके के एग्जिट पॉइंट्स पर लगे CCTV कैमरों को खंगाला।

    फुटेज में हमलावरों के चेहरे और भागने की दिशा साफ नजर आई।बीट अधिकारियों ने फुटेज के आधार पर स्थानीय स्तर पर पहचान शुरू की।पुलिस ने मात्र 4 घंटे के अंदर घेराबंदी करके संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोच लिया।

    वजह: ‘पुरानी रंजिश’ का खूनी अंजाम
    शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इस कत्ल की पटकथा पुरानी रंजिश के चलते लिखी गई थी। हमलावरों और मृतक के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका बदला लेने के लिए आरोपियों ने पार्क में घेराबंदी की और इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।जहां इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर नाबालिगों के बीच बढ़ते ‘गैंग कल्चर’ और गुस्से पर चिंता बढ़ा दी है, वहीं दिल्ली पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों को यह कड़ा संदेश दिया है कि वे कानून की नजरों से ज्यादा देर तक बच नहीं सकते।

  • CM विजयन ने दिल खोलकर की PM मोदी की तारीफ, जानें केरल में ऐसा क्या हुआ

    CM विजयन ने दिल खोलकर की PM मोदी की तारीफ, जानें केरल में ऐसा क्या हुआ



    नई दिल्ली :
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तिरुवनंतपुरम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के साथ-साथ नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि यह केरल के विकास के लिए बहुत बड़ा दिन है। मुख्यमंत्री विजयन ने कहा, ‘यह बहुत गर्व और खुशी की बात है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ईश्वर के अपने देश’ केरल में स्वागत करता हूं। प्रधानमंत्री ने केरल आकर कई ऐसे प्रोजेक्ट्स लॉन्च किए हैं जो राज्य के विकास में बहुत मदद करेंगे।
    विजयन ने जताया पीएम मोदी आभार
    विजयन ने आगे कहा
    इनमें CSIR-NIIST इनोवेशन हब का शिलान्यास, पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस बिल्डिंग का उद्घाटन, PM SVANIDHI योजना का शुभारंभ शामिल है, जिसके तहत एक लाख लाभार्थियों को मदद मिलेगी। यहां लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड सौंपे जा रहे हैं और लोन के चेक दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा 3 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई है। ये केरल के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।’ विजयन ने प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा, ‘यह राज्य सरकार के लिए संतुष्टि का एक बहुत खुशनुमा पल है, क्योंकि हम लंबे समय से केंद्र सरकार से इन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी मांग रहे थे।’

    पीएम ने केरल को दी 4 ट्रेनों की सौगात
    केरल के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री को इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। उम्मीद है कि यह सहयोग और अच्छी नीयत केरल के साथ आगे भी जारी रहेगी। मैं आशा करता हूं कि केरल की अन्य महत्वपूर्ण मांगों को भी समय पर पूरा किया जाएगा और प्रधानमंत्री यह सुनिश्चित करेंगे कि वे तय समय में लागू हो जाएं।’ बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4 नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिनमें 3 अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें नागरकोइल-मंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम-तंबरम अमृत भारत एक्सप्रेस और तिरुवनंतपुरम-चार्लपल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके साथ ही त्रिशूर-गुरुवायूर पैसेंजर ट्रेन भी शुरू की गई। ये ट्रेनें केरल को तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से बेहतर जोड़ेंगी।

    PM ने केरल को दिए और भी कई गिफ्ट
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके अलावा PM SVANIDHI योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया गया और एक लाख लाभार्थियों को लोन दिए गए। उन्होंने CSIR-NIIST इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब का शिलान्यास रखा गया, जो विज्ञान और इनोवेशन को बढ़ावा देगा। इस मौके पर पूजप्पुरा हेड पोस्ट ऑफिस का नया भवन भी उद्घाटित किया गया, जो बेहतर पोस्टल और बैंकिंग सेवाएं देगा। बता दें कि पुथिरिकंडम मैदान में हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर, अन्य मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • ज्ञान भारतम मिशन और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ने का पीएम मोदी ने किया आह्वान

    ज्ञान भारतम मिशन और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जुड़ने का पीएम मोदी ने किया आह्वान


    नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वामीनारायण शिक्षापत्री के द्विशताब्दी महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उनके उपदेश भारतवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं इस महोत्सव में भाग लेना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मोदी ने संतों और अनुयायियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दी

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे

    पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैं

    प्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहे

    प्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को स्वामीनारायण शिक्षापत्री के द्विशताब्दी महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान स्वामीनारायण के जीवन और उनके उपदेश भारतवासियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहे हैं इस महोत्सव में भाग लेना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है मोदी ने संतों और अनुयायियों को महोत्सव की शुभकामनाएं दीप्रधानमंत्री ने कहा कि भारत हमेशा से ज्ञानयोग का केंद्र रहा है हमारे ऋषि मुनियों ने वेदों उपनिषदों पुराणों और कथावचन के माध्यम से समाज को शिक्षित किया समय के अनुसार उन्होंने परंपराओं में नए अध्याय जोड़े ताकि समाज में शिक्षा और ज्ञान का प्रवाह लगातार बना रहे

    पीएम मोदी ने भगवान स्वामीनारायण के जीवन को साधना और सेवा का उदाहरण बताते हुए कहा कि उनका जीवन केवल आध्यात्मिक नहीं था बल्कि समाज और मानवता के लिए समर्पित था उन्होंने सरल शब्दों में जीवन का मार्गदर्शन दिया और लोकसेवा के महत्व को समझाया उनके अनुयायी आज भी शिक्षा स्वास्थ्य किसान कल्याण और जल संरक्षण के अभियान चला रहे हैंप्रधानमंत्री ने वोकल फॉर लोकल स्वच्छता और स्वदेशी अभियानों के महत्व को भी बताया और कहा कि इन प्रयासों से शिक्षापत्री के द्विशताब्दी समारोह का महत्व और बढ़ जाएगा उन्होंने ज्ञान भारतम मिशन का उल्लेख करते हुए देश के प्राचीन ज्ञान और पांडुलिपियों के संरक्षण में संगठन और नागरिकों से सहयोग करने का आग्रह किया

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का भी जिक्र किया और कहा कि सोमनाथ मंदिर की हजार साल की यात्रा को देश इस पर्व के रूप में मना रहा है उन्होंने अनुयायियों से कहा कि इस महोत्सव से जुड़कर इसके उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाएं और देश की विकास यात्रा में भगवान स्वामीनारायण का आशीर्वाद हमेशा मिलता रहेप्रधानमंत्री ने कहा कि इस द्विशताब्दी समारोह से हमें अपने जीवन में साधना सेवा और शिक्षा के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है

  • वाराणसी में AAP की पदयात्रा का भव्य समापन, संजय सिंह ने दी नफरत के खिलाफ मुद्दों की राजनीति की चुनौती

    वाराणसी में AAP की पदयात्रा का भव्य समापन, संजय सिंह ने दी नफरत के खिलाफ मुद्दों की राजनीति की चुनौती



    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) की “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा ने 16 जनवरी से मिर्ज़ापुर से शुरू होकर सातवें और अंतिम दिन वाराणसी में जोरदार समापन किया। सात दिनों की इस यात्रा में युवाओं, मजदूरों, किसानों, बुनकरों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और बेरोजगारों ने जोरदार समर्थन देकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया। गुरुवार को सारनाथ में दर्शन के साथ पदयात्रा का समापन हुआ, जिसके बाद लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल में विशाल जनसभा आयोजित की गई।
    समापन कार्यक्रम में AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि “रोज़गार दो–सामाजिक न्याय दो” आंदोलन यहीं नहीं रुकेगा और फरवरी के अंत में चौथे चरण की पदयात्रा शुरू की जाएगी, जिसमें जनता की भागीदारी और बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन नफरत के खिलाफ है और अब मुद्दों की राजनीति ही होगी।

    पदयात्रा के अंतिम दिन संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा 12 बजे सारनाथ से शुरू होकर सारनाथ मंदिर तक चली, जहां लोगों ने फूलों की वर्षा और नारों से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, खाद और रोजगार जैसे असली मुद्दों को जानबूझकर हाशिये पर धकेला जा रहा है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि देश में नफरत की राजनीति इसलिए हो रही है ताकि जनता अपने सवाल न पूछ सके।

    संजय सिंह ने मिर्ज़ापुर से वाराणसी तक की यात्रा के दौरान बुलडोजर से घरों के तोड़े जाने, जमीनें छीने जाने और हजारों एकड़ जमीन पर कब्जे की घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक आदमी अपनी जिंदगी की कमाई से घर बनाता है और सरकार एक मिनट में उसे उजाड़ देती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाराणसी में पौराणिक मंदिरों, मूर्तियों और अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा तक को नहीं बख्शा गया।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल करते हुए पूछा कि हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली सरकार 12 साल में 24 करोड़ नौकरियां क्यों नहीं दे सकी।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे के बावजूद युवाओं को नौकरी नहीं मिली। AAP की मांग साफ है“नौकरी दो या 18 साल से ऊपर हर नौजवान को हर महीने 10,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता दो।”

    सामाजिक न्याय पर उन्होंने कहा कि संविधान का सही पालन ही सामाजिक न्याय है, लेकिन आज दलितों, पिछड़ों और वंचितों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि नफरत की राजनीति खत्म होगी तो मुद्दों की राजनीति अपने आप मजबूत होगी।

    समापन में संजय सिंह ने कहा कि सारनाथ की धरती ने शांति और अहिंसा का संदेश दिया है और भारत तभी विश्व गुरु बनेगा जब यही रास्ता अपनाएगा। उन्होंने जनता से अपील की कि चौथे चरण की पदयात्रा में बड़ी संख्या में शामिल होकर इस संघर्ष को मजबूत करें।

    AAP उत्तर प्रदेश ने कहा कि “रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो” केवल अभियान नहीं, बल्कि बेरोजगारी, अन्याय और नफरत की राजनीति के खिलाफ जनआंदोलन है, जिसे सड़क से लेकर सदन तक आगे बढ़ाया जाएगा।पदयात्रा का तीसरा चरण 22 जनवरी 2026 को वाराणसी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।