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  • भारत ने रक्षा निर्यात में बनाया नया रिकॉर्ड, 80 से अधिक देश खरीद रहे हथियार

    भारत ने रक्षा निर्यात में बनाया नया रिकॉर्ड, 80 से अधिक देश खरीद रहे हथियार

    नई दिल्ली। भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। रक्षा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में देश का रक्षा निर्यात अब तक के उच्चतम स्तर 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले 62 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है, जब निर्यात 23,622 करोड़ रुपये था।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा निर्यातकों और अन्य सभी सहयोगियों की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह बड़ी छलांग भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर वैश्विक भरोसे को दर्शाती है। देश रक्षा निर्यात में सफलता की एक शानदार कहानी लिख रहा है।”

    निजी और सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान

    रक्षा निर्यात में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) का योगदान 54.84 प्रतिशत और निजी उद्योग का योगदान 45.16 प्रतिशत रहा। रक्षा मंत्री राजनाथ ने इसे सहयोगात्मक और आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र की ताकत बताया।

    वैश्विक विस्तार
    रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत वित्त वर्ष 2025-26 तक 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। साथ ही, निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 145 हो गई है, जो पिछले वर्ष के 128 से 13.3 प्रतिशत अधिक है। मंत्रालय के अनुसार यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को विश्व के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल करने के लक्ष्य के अनुरूप है।

  • पांच साल में विदशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में

    पांच साल में विदशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में


    नई दिल्ली।
    सरकार (Government) ने विदेश में भारतीय कामगारों (Indian workers) की स्थिति को लेकर जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे परेशान करने वाले हैं। पिछले पांच वर्षों में विदेशी धरती (Foreign land) पर हर दिन औसतन 20 से अधिक भारतीय श्रमिकों की मौत हुई है। इनमें 86 फीसदी से अधिक मौतें खाड़ी देशों में हुईं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह (Kirti Vardhan Singh) की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश में 2021 से 2025 के बीच कुल 37,740 भारतीय कामगारों की जान गई। हालांकि इन मौतों की वजहों का ब्योरा नहीं दिया गया। हालांकि तुलनात्मक रूप से देखें तो खाड़ी देशों में मौतों का औसत 2012-2018 के मुकाबले लगभग दोगुना होकर रोजाना 18 तक पहुंच गया है।


    सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में भारतीय की मौतें

    खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सबसे ज्यादा 12,380 मौतें हुईं। इसके बाद सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर का नंबर आता है।

    पांच साल में मौतों के आंकड़े
    वर्ष – मौतें

    2021- 8,234
    2022- 6,614
    2023- 7,291
    2024- 7,747
    2025- 7,854
    कुल – 37,740
    खाड़ी देशों में स्थिति
    यूएई – 12,380
    सऊदी अरब – 11,757
    कुवैत – 3,890
    ओमान – 2,821
    मलयेशिया – 1,915
    कतर – 1,760


    अन्य देशों में

    देश – मौतें
    अमेरिका – 454
    सिंगापुर – 451
    नाइजीरिया – 210
    यूके – 188


    उत्पीड़न की भी 80,985 शिकायतें

    पांच साल में विदेश में भारतीय मिशनों को भारतीय नागरिकों से गलत व्यवहार, शोषण और काम की जगह से जुड़ी 80,985 शिकायतें मिलीं। इनमें वेतन न मिलना, पासपोर्ट जब्त करना, ज्यादा काम, छुट्टी न मिलना और नौकरी छूटना जैसी शिकायतें रहीं। यूएई में सबसे अधिक 16,965 शिकायतें दर्ज की गईं। कुवैत (15,234), ओमान (13,295), और सऊदी अरब (12,988) का स्थान रहा।


    बढ़ा मौतों का आंकड़ा

    सिर्फ खाड़ी देशों की बात करें तो रोजाना करीब 18 मौतें हो रही हैं। आरटीआई जवाबों और संसदीय रिकॉर्डों के विश्लेषण पर आधारित 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 और 2018 के मध्य के बीच खाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 भारतीय मजदूरों की हर दिन मौत हुई। वही, दक्षिण-पूर्व एशिया में मौतें कम, लेकिन शिकायतें ज्यादा हैं। म्यांमार में शून्य मौत हुई, लेकिन 2,548 शिकायतें दर्ज हुईं। कुल शिकायतें 2021 के 11,632 से बढ़कर 2025 में 22,479 हो गईं। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन तुरंत मदद करते हैं और कई देशों के साथ श्रमिक सुरक्षा के लिए समझौते किए गए हैं।

  • भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं…. सरकार का दावा – देश में दो माह का भंडार मौजूद

    भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं…. सरकार का दावा – देश में दो माह का भंडार मौजूद


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ी आशंकाओं के बीच सरकार रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बीच, सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल (Crude oil) की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार का दावा है कि करीब दो माह का कच्चा तेल मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत (India) के पास कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार है।

    उन्होंने कहा कि सभी घरों को ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक माह में तीन लाख 33 हजार पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इनमें से दो लाख नब्बे हजार पीएनजी कनेक्शन घरेलू हैं। वहीं, करीब साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों ने घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है।

    पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अपील पर 14 हजार चार सौ उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है। सुजाता शर्मा ने अपील करते हुए कहा कि पीएनजी कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले दूसरे उपभोक्ता भी अपना एलपीजी कनेक्शन को वापस कर दे।

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने व्यवसायिक गतिविधियों व औद्योगिक मांग को सुचारू बनाए रखने के लिए आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कोटे में दस फीसदी अतिरिक्त बढ़ोतरी की भी घोषणा की। सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार है।


    भारत समुद्र में प्रतिबंधों के खिलाफ

    होर्मुज जलमार्ग के मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा आहूत बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में बिना किसी रुकावट के आवागहन की नीति पर भारत का पक्ष रखा। भारत ने स्पष्ट तौर पर इस संकट से निकलने के लिए तनाव कम करने और कूटनीति रास्ता निकालने पर जोर दिया। ब्रिटेन द्वारा गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक में 60 देशों ने हिस्सा लिया। बैठक वर्चुअल तरीके से हुई जिसमें होर्मुज को खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने की दिशा में प्रगति होती हुई दिखी।

    विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बैठक को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में विदेश सचिव मिसरी ने समुद्री परिवहन की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बिना किसी रुकावट के आने जाने के सिद्धांत के महत्व को रेखांकित किया।


    ईरान जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा

    बैठक में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हार्मुज को खोलने के लिए सैन्य आपरेशन के बजाय कूटनीतिक तरीके खोजने होंगे। बैठक को होर्मुज पोतों की सुरक्षित निकासी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की शुरुआती पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसमें 28 देशों के भाग लेने की उम्मीद थी लेकिन कहीं ज्यादा 48 देशों ने हिस्सा लिया है।

  • राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…

    राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…


    नई दिल्ली।
    भारत (India) के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि ‘अभी के हालात’ में अगर पड़ोसी कोई दुस्साहस करता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। वह जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में बात कर रहे थे। भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर किया था।

    राजनाथ सिंह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया है। रक्षा मंत्री ने आगे यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।


    ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र

    सिंह ने कहा, ‘हमने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और ऐक्शन के तरीके, दोनों को बदला है। ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को भी मिला है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने जिस तरह धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया, उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला था। वह हमला भारत की सोशल यूनिटी और सोशल फैब्रिक पर किया गया बड़ा हमला था।’

    उन्होंने आगे कहा, ‘इसके खिलाफ भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों और उससे जुडे़ इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था…।’


    सरहद पार भी कार्रवाई के लिए तैयार भारतीय सेना

    रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है। वह इसके खिलाफ सरहद के इस पास और जरूरत पड़ी तो सरहद के उस पार भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहेगा।’

    उन्होंने कहा, ‘पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को महज 22 मिनटों में ही घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया था। और भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ किया गया अब तक का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह आपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। यदि किसी प्रकार की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई, तो हमारे सैनिक ऐसा जवाब देंगे कि वो भूल नहीं पाएंगे।’


    दे दी चेतावनी

    सिंह ने पाकिस्तान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘इस बार जो होगा वह अभूतपूर्व होगा हमारी सेना की तरफ से। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि हमारा पड़ोसी आजकल जो हालात हैं, उसमें कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर उसने ऐसा किया, तो भारत का ऐक्शन निर्णायक और अभूतपूर्व होगा।’

  • केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र

    केन्द्र सरकार महत्वपूर्ण विधेयक लाने की तैयारी में…. इसी माह फिर बुलाया जाएगा संसद का विशेष सत्र


    नई दिल्ली।
    संसद (Parliament) के मौजूदा बजट सत्र (Current Budget Session) के समापन पर चल रही अटकलों के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेण रिजिजू (Kiren Rijiju) ने स्पष्ट किया है कि बजट सत्र को अनिश्चित काल के लिए आज स्थगित नहीं किया जाएगा बल्कि इसे कुछ दिनों के लिए स्थगित किया जाएगा और बहुत जल्द ही संसद के सदस्य फिर से मिलेंगे। राज्यसभा में उन्होंने कहा, ”हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, यह विपक्ष के साथ भी साझा किया गया है। अगले 2-3 हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक (Very Important Bill) लाने वाले हैं। आज सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखेगी और हम जल्द ही फिर मिलेंगे; उद्देश्य सदस्यों को ज्ञात है।”

    उनका यह बयान उन अटकलों और मीडिया रिपोर्ट्स के बीच आया, जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार संसद के मौजूदा बजट सत्र को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित नहीं करेगी और कुछ दिनों के अंतराल पर फिर से दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू करेगी ताकि महिला आरक्षण में संशोधन करने वाले बिल को पेश और पारित कराया जा सके। संसद के बजट सत्र के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र के दूसरे चरण का आज अंतिम दिन है।


    हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे

    यह मुद्दा राज्य सभा में अपराह्न दो बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के आंध प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को चर्चा और पारित कराने का प्रस्ताव रखने के लिए खड़े होते ही उठा। कांग्रेस के जयराम रमेश ने सभापति सीपी राधाकृष्णन के माध्यम से जानना चाहा कि सरकार सदन की कार्यवाही के विषयों के बारे में क्या सोचती है। क्या सदन को कल भी चलाया जाएया या इसे अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया जाएगा। आसन के निर्देश पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि हम जल्दी ही दो-तीन सप्ताह के अंदर फिर मिलेंगे। इसका एक विशेष उद्येश्य है।


    कांग्रेस को क्या आपत्ति, क्यों कर रही विरोध?

    इस पर कांग्रेस अध्यक्ष और सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और जयराम रमेश ने कहा कि सरकार विधान सभा चुनावों का लाभ लेने के लिए महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने की यह चाल चल रही है। उन्होंने मांग की कि इस के बारे में अब कोई भी बैठक 29 अप्रैल को विधान सभा चुनावों के आखिरी चरण का मतदान हो जाने के बाद ही बुलाया जाना चाहिए। दरअसल, विपक्ष चाहता है कि इस मुद्दे पर काई कार्यवाही अब कुछ राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों में चल रहे विधान सभा चुनाव के बाद ही की जानी ठीक रहेगी क्योंकि भाजपा इसका आगामी चुनावों में लाभ उठा सकती है।

    16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र
    इस पर रिजिजू ने कहा कि उन्होंने इस बारे में कांग्रेस सहित विपक्ष के सभी दलों के साथ पत्र लिखा है और चर्चा की है। विपक्ष के नेता ने पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने विपक्ष से राजनीति में न पड़ कर सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि ‘ सरकार ने देश और महिलाओं के प्रति एक प्रतिबद्धता व्यक्त कर रखी है। उन्होंने कोई व्याख्या प्रस्तुत किए बिना कहा कि -सरकार समय से बंधी हुई है। समय बहुत कम है। इसका चुनावी राजनीति से कोई संबंध नहीं है।’NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार 16 से 18 अप्रैल के बीच तीन दिनों का संसद का विशेष सत्र बुलाने की योजना बना रही है। इस दौरान संविधान संशोधन विधेयक पेश किये जाने की संभावना है जिसके जरिये नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा।

  • हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक

    हम इकलौते देश, जिसने अपने नाविक खोये…. होर्मुज खुलवाने के लिए जुटे दुनियाभर के देश, भारत की दो टूक


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया (West Asia.) में तनाव की वजह से लंबे समय बंद होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने को लेकर गुरुवार को अहम बैठक हुई। ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक में भारत (India) समेत कई देशों को न्योता दिया गया था। भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) वर्चुअल मीटिंग में शामिल हुए। इस दौरान, भारत ने दो टूक कहा कि हम इकलौते देश हैं, जिसने अपने नाविक खोए हैं। भारत ने इस बैठक में होर्मुज को खोलने की वकालत की।

    मिसरी गुरुवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्चुअली शामिल हुए। इस बैठक में फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। अमेरिका को इस बैठक में शामिल नहीं होना था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में बताया, “ब्रिटेन ने होर्मुज पर बातचीत के लिए कई देशों को आमंत्रित किया था, जिसमें भारत भी शामिल है।”

    उन्होंने दोहराया कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप, मुक्त और खुले समुद्री सुरक्षा का समर्थन करता है। जायसवाल ने कहा, “हम होर्मुज से सुरक्षित और मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने की मांग को प्राथमिकता के तौर पर लगातार उठाते रहे हैं।” ब्रिटेन की अगुवाई में हुई इस बैठक के नतीजों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस टीवी संबोधन के कुछ ही घंटों बाद हुई थी, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ अपने युद्ध के संदर्भ में कहा था कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा करना अन्य देशों की जिम्मेदारी है।

    इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई बैठक से तुरंत कोई बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद कम ही है। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेट से भारत के जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता पक्का करना अभी भी एक पेचीदा मामला बना हुआ है, और यह पक्का करने के लिए कि जहाज बारूदी सुरंगों वाले इस जलमार्ग से सुरक्षित रूप से गुजर सकें, ईरान की तरफ से करीबी तालमेल की जरूरत है।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “जहां तक भारत की बात है, आप अच्छी तरह जानते हैं कि हम स्वतंत्र और खुले कमर्शियल शिपिंग के पक्ष में हैं, और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री सुरक्षा के पक्ष में हैं।” उन्होंने कहा, “हम प्राथमिकता के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की लगातार अपील कर रहे हैं।” ईरान द्वारा होर्मुज को लगभग बंद कर देने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्ट्रेट फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा शिपिंग मार्ग है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) का परिवहन होता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक प्रमुख स्रोत रहा है।

  • सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा

    सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा


    देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुरुवार को श्री केदारनाथ धाम के रावल श्रीश्रीश्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने शिष्टाचार भेंट की तथा उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर केदारनाथ धाम के रावल ने भगवान केदारनाथ जी की कृपा एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल का स्वागत करते हुए केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण एवं विकास कार्यों की जानकारी साझा की और कहा कि राज्य सरकार तीर्थयात्रियों की सुविधा, सुरक्षा तथा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    उन्होंने आगामी यात्रा सीजन को सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया। भेंट के दौरान केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं, यात्रा संचालन तथा श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री धामी ने रावल से आशीर्वाद प्राप्त कर प्रदेश की प्रगति एवं जनकल्याण के लिए उनके मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त की।

    सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, ”शासकीय आवास पर श्री केदारनाथ धाम के परम पूज्य रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग जी का स्वागत व अभिनंदन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उनके साथ विभिन्न आध्यात्मिक विषयों समेत श्री केदारनाथ धाम में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों एवं चारधाम यात्रा के संबंध में चर्चा की।”

    उत्तराखंड की चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल से अक्षय तृतीया के पावन मौके पर होगा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है। इसी के तहत 6 मार्च से यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    इससे पहले सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर देशवासियों को बधाई देते हुए लिखा, ”समस्त प्रदेशवासियों को श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बजरंग बली की कृपा आप सभी के जीवन में ज्ञान, भक्ति, अदम्य साहस, एकाग्रता, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का संचार करें, यही कामना है।”

    एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, ”जनपद नैनीताल में स्थित श्री संकट मोचन मंदिर अनेकों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसकी दिव्यता और प्राकृतिक सौंदर्य आध्यात्मिक शांति और ऊर्जा प्रदान करती है। नैनीताल आगमन पर यहां पधारकर श्री हनुमान जी के दर्शन अवश्य करें।”

  • Liquor Price Hike: शराब प्रेमियों को झटका, इस राज्य में अंग्रेजी शराब महंगी हुई 100 रुपये तक

    Liquor Price Hike: शराब प्रेमियों को झटका, इस राज्य में अंग्रेजी शराब महंगी हुई 100 रुपये तक


    नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश में शराब के शौकीनों के लिए नया वित्तीय साल महंगा साबित हुआ है। राज्य सरकार ने 2026-27 की नई आबकारी नीति लागू करते हुए अंग्रेजी शराब (IMFL) की कीमतों (Liquior Price Hike) में बढ़ोतरी कर दी है। 1 अप्रैल से लागू नई दरों के बाद कई ब्रांड्स की कीमतों में 10 से 100 रुपये तक का इजाफा हुआ है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

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    100 रुपये तक महंगी हुई अंग्रेजी शराब (Liquior Price Hike)
    नई रेट लिस्ट के अनुसार, अंग्रेजी शराब की कीमतों में अधिकतम 100 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि कुछ ब्रांड्स में मामूली 10-30 रुपये की ही बढ़ोतरी हुई है, लेकिन प्रीमियम ब्रांड्स पर ज्यादा असर देखने को मिला है।

    सरकार का कहना है कि हर साल आबकारी नीति के तहत कीमतों में संशोधन किया जाता है। इस बार भी वही प्रक्रिया अपनाई गई है। बढ़ती लागत और राजस्व को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नई कीमतें लागू होने के बाद अब ग्राहकों को शराब खरीदने के लिए पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा।

    नई आबकारी नीति और नीलामी सिस्टम का असर
    सरकार ने इस साल भी शराब की दुकानों की नीलामी ऑनलाइन ई-ऑक्शन के जरिए की है। इस बार बेस प्राइस में करीब 10% की बढ़ोतरी की गई, जिसका असर सीधे कीमतों पर पड़ा है।

    इसके अलावा राज्य में अब Maximum Retail Price (MRP) सिस्टम लागू है, जिससे शराब की बिक्री तय कीमत पर ही होगी। पहले Minimum Selling Price (MSP) मॉडल लागू किया गया था, लेकिन अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए फिर से MRP व्यवस्था लागू कर दी गई है।

    दुकानों पर रेट लिस्ट दिखाना अनिवार्य
    नई नीति के तहत सभी शराब दुकानों को हर ब्रांड की कीमतों की सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। इसके साथ ही संबंधित एक्साइज अधिकारी का संपर्क नंबर भी देना अनिवार्य किया गया है।

    अगर कोई दुकानदार तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलता है, तो ग्राहक सीधे शिकायत कर सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

    कुल मिलाकर, सरकार का यह कदम राजस्व बढ़ाने और बिक्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, लेकिन आम लोगों के लिए यह जेब पर अतिरिक्त बोझ जरूर साबित होगा।

  • राम मंदिर पूजा के बाद गौतम अदाणी अयोध्या गुरुकुल पहुंचे, छात्रों के लिए गर्व का पल

    राम मंदिर पूजा के बाद गौतम अदाणी अयोध्या गुरुकुल पहुंचे, छात्रों के लिए गर्व का पल


    नई दिल्ली। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद गुरुवार को अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी एक गुरुकुल में पहुंचे। गुरुकुल के छात्रों ने उनके साथ हुई बातचीत को ‘गर्व और प्रोत्साहन का क्षण’ बताया।

    श्री निशुल्क गुरुकुल की अपनी यात्रा के दौरान, गौतम अदाणी ने एक यज्ञ में भाग लिया और छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए समय बिताया। उन्होंने इस संस्थान और इसके सांस्कृतिक मिशन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

    आईएएनएस से ​​बात करते हुए, गुरुकुल के एक छात्र ने कहा, “हम इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानते हैं कि उद्योगपति गौतम अदाणी हमारे संस्थान में आए और इसे सहयोग देने की अपनी इच्छा व्यक्त की। यह गुरुकुल हमारी प्राचीन परंपरा का प्रतीक है और सनातन धर्म का एक केंद्र है, जहां छात्र शाश्वत मूल्यों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उनकी ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने एक यज्ञ में भी भाग लिया।”

    एक अन्य छात्र ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। उसने कहा, “आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है कि वे हमारे गुरुकुल में आए। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि किस तरह यज्ञ के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन दिया गया और कैसे छात्रों तथा शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी आवश्यकता होगी, गुरुकुल को सहयोग मिलेगा।”

    आचार्य शशिकांत दास ने भी इस यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि गौतम अदाणी ने सबसे पहले श्री राम जन्मभूमि में पूजा-अर्चना की और फिर गुरुकुल आए, जहां उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारतीय संस्कृति की सराहना की और इसे संरक्षित करने तथा बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया।

    गुरुकुल के व्याकरण-आचार्य श्रवण कुमार मिश्रा ने इस यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “एक संस्कृत गुरुकुल में उनकी यात्रा संस्कृत भाषा और संस्कृति के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाती है। आज भी, धर्म की रक्षा में संस्कृत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जहां प्रशासनिक व्यवस्थाएं हर जगह नहीं पहुंच सकतीं, वहीं संस्कृत का प्रभाव व्यापक है। अगर यह गुरुकुल इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो यह संस्कृत और संस्कृति के विकास में योगदान देगा, जिससे आखिरकार देश को ही फायदा होगा।”

    इससे पहले दिन में, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने परिवार के साथ भव्य राम मंदिर के दर्शन किए। गौतम अदाणी के साथ उनकी पत्नी प्रीति अदाणी और बेटे करण अदाणी भी थे। अदाणी परिवार ने मंदिर में होने वाली पवित्र रस्मों में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।इससे पहले दिन में, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने परिवार के साथ भव्य राम मंदिर के दर्शन किए। गौतम अदाणी के साथ उनकी पत्नी प्रीति अदाणी और बेटे करण अदाणी भी थे। अदाणी परिवार ने मंदिर में होने वाली पवित्र रस्मों में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।

  • रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं

    रामपुर SP की विदाई पर भावुक माहौल, महिला सिपाही फूट-फूटकर रोईं


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के Rampur में पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र की विदाई के दौरान बेहद भावुक दृश्य देखने को मिला। जैसे ही एसपी ने विदाई के लिए साथियों से मिलना शुरू किया, कई महिला सिपाहियों की आंखों से आंसू छलक पड़े। कुछ सिपाही तो फूट-फूटकर रोने लगीं। यह देखकर खुद एसपी भी भावुक हो गए।

    तबादले के बाद दी गई विदाई
    पुलिस विभाग में तबादले एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कुछ विदाइयां यादगार बन जाती हैं। हाल ही में Yogi Adityanath सरकार ने कई आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें विद्यासागर मिश्र का भी नाम शामिल है। अब उन्हें पीएसी में सेनानायक बनाकर Sitapur भेजा गया है।

    साथियों ने फूलों से दी विदाई
    विदाई समारोह के दौरान पुलिसकर्मियों ने एसपी की गाड़ी को फूलों से सजाया। परंपरा के अनुसार रस्सी से गाड़ी खींचकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर गया। अपने संबोधन में विद्यासागर मिश्र ने कहा कि रामपुर में उन्हें जो प्यार और सहयोग मिला, उसे वह कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ जनता की सेवा करते रहें।

    जिला जज के साथ भी भावुक पल
    विदाई से पहले Bhanu Dev Sharma के साथ मुलाकात के दौरान भी माहौल भावुक हो गया। जिला जज ने उन्हें गले लगाकर शुभकामनाएं दीं और उनके काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रही और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा।

    कई तबादलों के बीच खास बनी ये विदाई
    गौरतलब है कि हाल ही में यूपी में 27 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। लेकिन इन सबके बीच रामपुर में विद्यासागर मिश्र की विदाई सबसे अलग और भावुक रही। विद्यासागर मिश्र की विदाई ने यह दिखा दिया कि एक अच्छे अधिकारी की पहचान सिर्फ काम से ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और टीम के साथ रिश्तों से भी होती है। यही वजह रही कि उनकी विदाई पर हर आंख नम नजर आई।