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  • HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक

    HIV की चपेट में देश का यह राज्य… प्रसार दर 2.75 प्रतिशत, राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक


    नई दिल्ली।
    मिजोरम (Mizoram) में निवारक उपायों (Preventive measures) में सुधार के बावजूद वयस्कों में HIV प्रसार दर देश में सबसे अधिक 2.75 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 प्रतिशत से काफी ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी (Mizoram State AIDS Control Society) की परियोजना निदेशक डॉ. जेन आर राल्टे ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों (New cases of HIV infection) में गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था।

    राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के अनुसार, एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण के मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा, ‘इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, मिजोरम अब भी देश में सबसे अधिक वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 प्रतिशत) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 प्रतिशत के राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।’ राल्टे ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से अधिक रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं।


    अब तक कुल 33,781 मामले सामने आए

    डॉ. राल्टे ने बताया कि एचआईवी के सर्वाधिक मामले 25-34 वर्ष के आयु वर्ग में पाए गए हैं। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में लगभग 26,321 लोग HIV से संक्रमित हैं। राल्टे ने यह जानकारी भी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 प्रतिशत में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और विभिन्न लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 प्रतिशत, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 प्रतिशत, और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 प्रतिशत मामले सामने आए।


    HIV संक्रमण की उच्च दर को करो नियंत्रित

    स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार HIV संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां फिलहाल 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनें।

  • सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    सोमनाथ में 'शौर्य यात्रा' से पहले गूंजे वैदिक मंत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर रहे कलाकारों में दिखा उत्साह

    नई दिल्ली। सोमनाथ में ‘स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। वैदिक मंत्रों की गूंज के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इस पर्व को विशेष बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रविवार को इस शौर्य यात्रा में हिस्सा लेंगे और सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा अर्चना करेंगे। इस अवसर पर मणिपुर, केरल, राजस्थान सहित कई राज्यों के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। मणिपुर से आए कलाकारों ने यहां ‘वसंत रास’ और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, तो गुजरात के कलाकार गरबा और देवी दुर्गा की झांकियों के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक रंग भर रहे हैं।

    कलाकारों की उत्साही प्रस्तुतियां और प्रधानमंत्री मोदी के प्रति सम्मान

    कलाकारों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए गर्व का क्षण है। मणिपुर से आए कलाकारों ने बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री से मिल चुके हैं और इस बार भी उनसे मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं। देवी दुर्गा की प्रस्तुति देने वाले कलाकारों ने इसे श्रद्धा का अवसर बताया। इसी प्रकार, गुजरात के कलाकारों ने गरबा प्रस्तुत कर स्थानीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया। तीर्थयात्रियों का उत्साह भी देखने योग्य है। एक तीर्थयात्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से सोमनाथ में माहौल और भी उत्साहित हो गया है और बड़ी संख्या में लोग इस ऐतिहासिक यात्रा को देखने पहुंचे हैं।

    शौर्य यात्रा और 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक महत्व

    सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा का आकर्षण 108 घोड़े बने हुए हैं। यह औपचारिक शोभा यात्रा प्राचीन काल के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए निकाली जाती है। 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस वीरता, बलिदान और शौर्य का संदेश देता है। यात्रा के दौरान घोड़ों की रवानगी और भव्य झांकियां दर्शकों का मन मोह रही हैं। यह यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा और ऐतिहासिक गौरव को याद दिलाने का प्रतीक भी है।

    प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम और जनसभा

    शौर्य यात्रा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। इस अवसर पर मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जुड़ा यह पर्व स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर विशेष उत्साह का केंद्र बना हुआ है।

  • ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली। ईडी का दावा है कि कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और ईडी अधिकारियों से अहम फाइलें, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन छीन लिए गए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से जांच प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई।

    पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट

    इससे पहले ईडी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को सुनवाई प्रस्तावित है। हाई कोर्ट में ईडी ने कहा कि जांच में जानबूझकर रुकावट डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
    याचिका में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है।

    ED से टकराव के बीच ममता सरकार का जवाब

    ईडी की कार्रवाई के जवाब में ममता बनर्जी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए, ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।

    क्या है पूरा विवाद?

    पूरा मामला गुरुवार (8 जनवरी 2026) को शुरू हुआ, जब ईडी ने कोयला घोटाला मामले में राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।
    ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज निकालकर मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखवाए गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमा गया।

  • ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग

    ओडिशा में बड़ा विमान हादसा टला: राउरकेला के पास इंडिया वन एयरलाइंस की क्रैश लैंडिंग, मौत के मुँह से बाहर आए 6 लोग




    राउरकेला।
    ओडिशा के राउरकेला के पास शनिवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब इंडिया वन एयर (India One Air) का एक निजी विमान तकनीकी खराबी के चलते क्रैश लैंडिंग का शिकार हो गया। भुवनेश्वर से राउरकेला जा रहा यह विमान जाल्दा इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, लेकिन राहत की बात यह रही कि पायलट की समझदारी और त्वरित फैसले के चलते विमान में सवार सभी 6 लोग मौत के मुंह से बाहर निकल आए।

    जानकारी के मुताबिक, यह विमान Cessna 208 Grand Caravan था, जो एक सिंगल-इंजन टर्बोप्रॉप विमान है और क्षेत्रीय हवाई सेवाओं में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। उड़ान के दौरान जब विमान राउरकेला एयरपोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर था, तभी उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई।

    विमान असंतुलित होने लगा, जिसके बाद पायलट ने स्थिति को भांपते हुए आपातकालीन लैंडिंग का फैसला लिया। हालांकि रनवे तक पहुंच पाना संभव नहीं हो सका और जाल्दा के पास विमान की क्रैश लैंडिंग हो गई।

    जमीन से टकराने पर विमान को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन सौभाग्य से उसमें आग नहीं लगी। यही वजह रही कि एक बड़ा विस्फोट और जान-माल की भारी क्षति टल गई। विमान में कुल 4 यात्री और 2 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और यात्रियों को मलबे से बाहर निकालने में मदद की। प्रशासन और राहत टीमें भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    घटना की पुष्टि करते हुए भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अधिकारियों ने बताया कि यह एक गंभीर तकनीकी आपात स्थिति थी, लेकिन पायलट की सूझबूझ ने बड़ा हादसा होने से रोक लिया। वहीं, ओडिशा सरकार भी तुरंत हरकत में आई।

    राज्य के वाणिज्य और परिवहन मंत्री ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि इस हादसे में कोई जान नहीं गई। सभी यात्रियों को हर संभव मदद दी जा रही है।

    इस घटना की सूचना नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दे दी गई है। DGCA और राज्य परिवहन विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच करेगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि तकनीकी खराबी की असली वजह क्या थी, क्या विमान की मेंटेनेंस प्रक्रिया में कोई चूक हुई थी, और क्या उड़ान से पहले सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

    इंडिया वन एयर ओडिशा के कई शहरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण निजी विमान सेवा है। ऐसे में यह हादसा क्षेत्रीय हवाई सेवाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि छोटे विमानों की नियमित और सख्त तकनीकी जांच कितनी जरूरी है।

    फिलहाल, दुर्घटनाग्रस्त विमान को घटनास्थल से हटाने की तैयारी की जा रही है और आसपास के इलाके को सुरक्षित कर दिया गया है। DGCA की रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि आसमान में ऐसा क्या हुआ, जिसने इस विमान को इमरजेंसी लैंडिंग के लिए मजबूर कर दिया। लेकिन इतना तय है कि इस हादसे में 6 जिंदगियों का बच जाना पायलट की बहादुरी और किस्मत दोनों का ही नतीजा है।बकौल मंत्री, राज्य सरकार ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को स्थिति से तुरंत अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर एयरपोर्ट के डायरेक्टर भी जल्द ही दुर्घटनास्थल का दौरा करेंगे। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार यह फ्लाइट इंडिया वन एयर द्वारा राउरकेला और भुवनेश्वर के बीच नियमित रूप से चलाई जाने वाली प्राइवेट सेवा थी।
  • पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    पुणे राजनीति में हलचल: सुप्रिया सुले–अजित पवार एक मंच पर, निकाय चुनाव का मेनिफेस्टो जारी

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने सबका ध्यान खींच लिया। वर्षों बाद एनसीपी (एसपी) की सांसद सुप्रिया सुले और उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक ही मंच पर साथ नजर आए। मौका था पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निकाय चुनावों के लिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी द्वारा संयुक्त मेनिफेस्टो जारी करने का। राजनीतिक गलियारों में इसे स्थानीय स्तर पर एक नई रणनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

    पानी संकट और टैंकर माफिया पर सख्त रुख

    घोषणापत्र जारी करते हुए सुप्रिया सुले ने पुणे और मुंबई में सक्रिय टैंकर माफिया का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी के बीच अवैध टैंकर कारोबार आम लोगों का शोषण कर रहा है। मेनिफेस्टो में इस माफिया पर नियंत्रण और पारदर्शी जल आपूर्ति व्यवस्था लागू करने का वादा किया गया है, ताकि नागरिकों को पानी के लिए परेशान न होना पड़े।

    यातायात सुधार पर बड़ा जोर

    संयुक्त घोषणापत्र में पुणे की गंभीर ट्रैफिक समस्या को दूर करने के लिए ठोस रोडमैप रखा गया है। इसके तहत शहर में 33 मिसिंग रोड लिंक को जोड़ने का वादा किया गया है, जिससे सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और जाम की समस्या कम होगी। इसके साथ ही सड़कों के चौड़ीकरण और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है।

    फ्री बस और मेट्रो यात्रा का वादा

    घोषणापत्र में सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। शहरवासियों को मुफ्त बस और मेट्रो यात्रा उपलब्ध कराने की योजना शामिल की गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता घटाना, ईंधन खर्च कम करना और प्रदूषण पर नियंत्रण पाना बताया गया।

    स्वास्थ्य सुविधाएं हर नागरिक के पास

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी घोषणापत्र में अहम वादा किया गया है। इसके अनुसार हर नागरिक को उसके घर से दो किलोमीटर के दायरे में अस्पताल या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे आपात स्थिति में इलाज तक त्वरित पहुंच सुनिश्चित की जा सकेगी।

    राजनीतिक संकेत भी अहम

    सुप्रिया सुले और अजित पवार का एक मंच पर आना सिर्फ नगर निकाय चुनाव तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह तस्वीर आगामी चुनावी समीकरणों के लिए भी संकेत दे सकती है। हालांकि दोनों नेताओं ने मंच से सिर्फ स्थानीय विकास और नागरिक सुविधाओं पर ही जोर दिया।

    निष्कर्ष:
    संयुक्त मेनिफेस्टो के जरिए एनसीपी (एसपी) और एनसीपी ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ के मतदाताओं को विकास, बेहतर सुविधाओं और पारदर्शी प्रशासन का भरोसा दिलाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि यह एकजुटता चुनावी नतीजों में कितना असर दिखा पाती है।

  • इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा

    इंसानी ब्लड बैग में मिला बकरी का खून, ऐसे हुआ खुलासा


    हैदराबाद। तेलंगाना के हैदराबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां काचीगुडा इलाके में एक इंपोर्ट-एक्सपोर्ट फर्म पर रेड के दौरान कुछ ऐसा मिला है, जिसे देख अधिकारी हैरान हैं। जानकारी के मुताबिक यहां ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (DCA) की रेड में अधिकारियों को लगभग 1,000 लीटर जानवरों का खून मिला है। यह खून बकरियों और भेड़ों से गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा किया गया था और इंसानों का खून रखने के लिए बने ब्लड बैग में पैक किया गया था।
    Wion न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अधिकारियों ने हैदराबाद पुलिस और राज्य के ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के साथ मिलकर गुप्त सूचना के आधार पर यह रेड की थी। इस दौरान उन्होंने इंसानों के इस्तेमाल के लिए बने ब्लड बैग में जानवरों का खून भरा हुआ देख सीनियर अधिकारी भी हैरान रह गए।
    बकरी के खून के अलावा परिसर में खून की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली कुछ अत्याधुनिक मशीनें भी मिली हैं। रेड टीम को एक ऑटोक्लेव मशीन, एक लैमिनार एयर फ्लो यूनिट, 110 भरे हुए ब्लड बैग और लगभग 60 खाली ब्लड बैग भी मिले। ड्रग कंट्रोल अधिकारियों के मुताबिक इसका इस्तेमाल गैरकानूनी क्लिनिकल ट्रायल, एक्सपेरिमेंट या लैब टेस्ट के लिए कल्चर मीडिया तैयार करने में किया जा सकता था। फर्म का मालिक फिलहाल फरार है।
  • मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग

    मुस्लिम देशों ने फिर अलापा कश्मीर पर राग, 370 लागू करने की मांग


    नई दिल्‍ली। मुस्लिम देशों के सबसे बड़े संगठन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी OIC ने जम्मू-कश्मीर का नाम लेकर एक बार फिर अपनी हदें पार की हैं। OIC ने अपने हालिया बयान में कश्मीर में जनमत की मांग करते हुए कहा है कि वह कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकारों का समर्थन करता है। इस दौरान OIC ने कश्मीर में धारा 370 को वापस लागू करने की मांग भी कर दी। बता दें कि भारत कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि संगठन को भारत के आंतरिक मामलों में बोलना का कोई कानूनी अधिकार नहीं है और ना ही OIC द्वारा इस तरह की बयानबाजी को स्वीकार किया जाएगा।
    ओआईसी (इस्लामी सहयोग संगठन) 57 देशों का एक अंतरसरकारी संगठन है जो मुस्लिम जगत की सामूहिक आवाज होने का दावा करता है। OIC ने 8 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बयान को साझा किया है। इसके साथ लिखा गया है कि OIC, 5 जनवरी 1949 के यूनाइटेड नेशंस के प्रस्ताव की सालगिरह पर एक स्वतंत्र और निष्पक्ष रेफरेंडम के जरिए, जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को समर्थन देता है।

    OIC के बयान में कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग करते हुए कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट 5 जनवरी 1949 को भारत और पाकिस्तान पर संयुक्त राष्ट्र आयोग द्वारा अपनाए गए प्रस्ताव को याद दिलाता है, जिसमें जम्मू और कश्मीर के लोगों को संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जनमत संग्रह के माध्यम से आत्मनिर्णय के अधिकार की पुष्टि की गई थी। इसमें आगे कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाता है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जम्मू-कश्मीर के राज्य के रूप में मान्यता का सम्मान करने और 5 अगस्त 2019 और उसके बाद उठाए गए सभी एकतरफा कदमों को वापस लेने की अपील करता है।

    …”

    बयान में संयुक्त राष्ट्र से भी एक अपील की गई है। इसमें कहा गया, “जनरल सेक्रेटेरिएट ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी पर भरोसा जताया है कि वह जम्मू-कश्मीर से जुड़े प्रस्तावों को लागू करे और UNSC के संबंधित प्रस्तावों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विवाद का हल निकाले।”

  • बीच सड़क पर फटी पानी की ज्‍वालामुखी, कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न

    बीच सड़क पर फटी पानी की ज्‍वालामुखी, कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न

    मैहर। मध्‍य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में बुधवार को विकास के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई। यहां करोड़ों की लागत से बिछाई गई बाणसागर परियोजना की पाइपलाइन अचानक बीच सड़क पर फूट गई। पानी का दबाव (प्रेशर) इतना जबरदस्त था कि सड़क पर फव्वारा फूट पड़ा और देखते ही देखते मुख्य मार्ग ने नदी का रूप ले लिया है।मामला अमरपाटन महाविद्यालय के पास का है।
    पाइपलाइन फटने से न केवल लाखों लीटर पानी बर्बाद हुआ, बल्कि पानी के तेज बहाव से पक्की सड़क करीब 4 इंच नीचे धंस गई है जिससे बड़ा हादसा होने से टला है।
    कॉलेज और हॉस्टल परिसर जलमग्न
    पाइपलाइन फूटते ही पानी की तेज धार ने आसपास के इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। पानी का बहाव पास ही स्थित शासकीय छात्रावास और महाविद्यालय परिसर की ओर मुड़ गया, जिससे वहां घुटनों तक पानी भर गया। अचानक हुए जलभराव से छात्रों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। सड़क पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और राहगीरों को घंटों तक परेशान होना पड़ा।
    L&T कंपनी के काम पर उठे सवाल
    मौके पर पहुंचीं एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने बताया कि यह पाइपलाइन जल निगम की ओर से L&T कंपनी द्वारा बिछाई गई थी। इतनी अहम परियोजना में पाइपलाइन का इस तरह फूटना कंपनी की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। पानी के अंडरग्राउंड प्रेशर ने सड़क की नींव हिला दी, जिससे डामर की सड़क धंस गई। PWD को सड़क मरम्मत की सूचना दे दी गई है।
    जेसीबी बुलाकर संभाले हालात
    घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह, तहसीलदार रामदेव साकेत और थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाई और पानी की निकासी का काम शुरू करवाया। एसडीएम ने बताया कि संबंधित कंपनी को फटकार लगाते हुए तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जलापूर्ति और यातायात बहाल हो सके।
  • मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस

    मप्र में अब सरकारी बंगलों में नहीं चलेगा कब्जा: कई को बंगला खाली करने का नोटिस


    भोपाल। मध्यप्रदेश में कई पूर्व मंत्री और अधिकारी सरकारी आवास खाली करने को तैयार नहीं हैं। इसे देखते हुए संपदा संचालनालय ने अब सख्ती शुरू कर दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम सबके लिए बराबर हैं, चाहे वे अपनी ही पार्टी के बड़े नेता क्यों न हों। बिना पात्रता के सरकारी बंगलों का आनंद ले रहे पूर्व मंत्रियों, पूर्व सांसदों और आईएएस अधिकारियों को अब ‘बेदखली’ का डर सताने लगा है।
    अब सरकार ने पात्रता खत्म होने के बावजूद सरकारी बंगलों में जमे पूर्व मंत्रियों और आईएएस अफसरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक बंगला खाली करने का आखिरी अल्टीमेटम दिया गया है, अन्यथा बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही 4 आईएएस और कई पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी कर भारी जुर्माने की चेतावनी दी गई है।

    सरकारी बंगलों से कब्जा हटाने के लिए एक्शन
    राजधानी भोपाल के पॉश इलाकों में स्थित सरकारी बंगलों पर अवैध रूप से काबिज रसूखदारों के खिलाफ मोहन सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले पूर्व मंत्रियों और कार्यकाल पूरा कर चुके पूर्व सांसदों ने अभी तक अपने सरकारी आवास नहीं छोड़े हैं। अब सरकार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय पर बंगले खाली नहीं हुए, तो पुलिस बल का प्रयोग कर सामान बाहर कर दिया जाएगा।

    प्रभात झा के परिवार को 13 जनवरी तक का अल्टीमेटम
    बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 74 बंगले स्थित बी-टाइप आवास खाली करने के लिए 13 जनवरी तक का समय दिया गया है।

    नोटिस में साफ कहा गया है कि इस तारीख के बाद प्रशासन ‘बल प्रयोग’ करेगा। हालांकि, उनके बेटे तुशमुल झा का कहना है कि वे खुद ही बंगला खाली करने की प्रक्रिया में हैं और यह एक सहज प्रक्रिया है।

    पूर्व मंत्री रामपाल सिंह को नोटिस
    इधर, पूर्व मंत्री रामपाल सिंह 2023 में चुनाव हार गए थे, लेकिन 2 साल बाद भी उन्होंने लिंक रोड-1 स्थित अपना सरकारी बंगला (C-15) खाली नहीं किया है। इस मामले में उनका कहना है कि उन्होंने सरकार से थोड़ा समय और मांगा है।

    पद नहीं फिर भी सरकारी आवास पर डेरा
    मध्यप्रदेश में नेताओं की कुर्सी तो चली गई, लेकिन नेता सरकारी बंगलों का मोह नहीं त्याग पा रहे हैं। पूर्व राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया जैसे दिग्गज नेता 2023 का विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन करीब दो साल बीत जाने के बाद भी इन्होंने सरकारी बंगलों पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। यही हाल पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया का है, जो वर्तमान में विधायक भी नहीं हैं, फिर भी मंत्री रहते आवंटित हुए आवास में रह रही हैं। भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की स्थिति भी अलग नहीं है; संसद की सदस्यता खत्म होने के बाद भी उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया है।

    सरकार सख्त, कब्जेदारों को नोटिस
    संपदा संचालनालय के मुताबिक, कार्रवाई की सुगबुगाहट तेज हो चुकी है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष स्व. प्रभात झा के परिवार को 6 जनवरी को ही नोटिस थमाया जा चुका है, वहीं रामपाल सिंह को भी पहले ही चेतावनी दी जा चुकी है।

    मोहन सरकार ने अब कड़ा रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि पात्रता खत्म होने के बाद सरकारी आवास पर किसी भी तरह का ‘अवैध कब्जा’ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियम स्पष्ट हैं—पद गया, तो बंगला भी छोड़ना होगा।

    30 गुना तक किराया वसूलने को मंजूरी
    विधि विभाग ने सख्त नियम लागू करते हुए भारी-भरकम किराए की वसूली को मंजूरी दे दी है। नियमों के मुताबिक, पात्रता खत्म होने के शुरुआती तीन महीनों तक तो सामान्य किराया लगेगा, लेकिन इसके बाद भी बंगला खाली नहीं हुआ तो अगले तीन महीनों के लिए 10 गुना किराया वसूला जाएगा। जब छह महीने बाद भी कब्जा बरकरार रहा, ऐसी स्थिति में रसूखदारों को 30 गुना ज्यादा हर्जाना भरना होगा। सरकार के मकसद साफ है—या तो समय से बंगला खाली कर दें, वरना लाखों के जुर्माने के लिए तैयार रहें।

    IAS अफसरों पर भी गिरी गाज
    प्रशासन ने सुधीर कोचर, अदिति गर्ग, रत्नाकर झा और निधि सिंह समेत 4 आईएएस और 3 अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी बेदखली का नोटिस थमाया है।

    विधायक रह रहे मंत्रियों वाले बंगलों में
    सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव और मीना सिंह जैसे विधायक पात्रता से ऊपर की श्रेणी (B और C टाइप) के बंगलों में रह रहे हैं।

  • आशिया से अंशिका को बनी मुस्लिम युवती, मोनू से मंदिर में रचाई शादी

    आशिया से अंशिका को बनी मुस्लिम युवती, मोनू से मंदिर में रचाई शादी

    बरेली। उत्‍तरप्रदेश के बरेली जिले में प्यार की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जहां आशिया खान नाम की एक युवती अपने प्यार को पाने के लिए अंशिका बन गई। पूरा मामला कस्बा मीरगंज का बताया जा रहा है। मीरगंज की रहने वाले आशिया खान ने अपने प्रेमी मोनू के साथ बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली। आशिया खान ने अपना नाम परिवर्तित करने के साथ ही धर्म भी परिवर्तित कर लिया है।
    आशिया ने हमेशा के लिए इस्लाम धर्म को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। इसके लिए बाकायदा आशिया का शुद्धिकरण भी कराया गया।

    मेले में हुई थी दोनों की मुलाकात
    दरअसल, आशिया से अंशिका बनी युवती ने बताया कि उसकी मुलाकात मेले में मोनू से हुई और फिर दोनों ने मोबाइल नंबर एक्सचेंज किया। दोनों के बीच बात होती रही और फिर बातचीत होते-होते दोनों के बीच प्यार हो गया।

    अब दोनों ने शादी भी रचा ली है। दोनों ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शादी कर ली। युवती ने बताया कि वह पिछले 4 सालो से सनातन धर्म को मानती थी और मंदिर भी जाती थी। मोनू से मुलाकात के बाद से ही वह हिंदू धर्म के रीति रिवाजों को मानने लगी थी।
    सहमति से शादी करने का लिया फैसला

    युवती ने बताया वह कुल मिलाकर 6 भाई-बहन हैं, जिसमें चार भाई और दो बहनें हैं। उसने कहा कि मैं मोनू के साथ अपनी मर्जी से शादी करना चाहती हूं। किसी ने कोई डराया-धमकाया नहीं है। मेरी इनसे मुलाकात भोजीपुरा के एक मेले में हुई थी।

    भोजीपुरा क्षेत्र में हमारी एक बहन रहती हैं, उनके घर पर आना जाना था। वहीं पर मेला घूमने गए थे। पहली ही नजर में प्यार हो गया और एक-दूसरे का नंबर हम लोगों ने ले लिया था। फिर बात होने लगी फिर धीरे-धीरे मुलाकात हुई और प्यार हो गया। फिर हम दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।
    हिंदू रीति-रिवाज से कराई गई शादी

    बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में दोनों की हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी संपन्न कराई गई। यहां आश्रम के पंडित ने पहले लड़की का शुद्धिकरण कराया। उसे गंगाजल व गौमूत्र पान के साथ गायत्री मंत्र का जाप कराया। इसके बाद हिंदू रीति-रिवाज से दोनों की मंदिर में शादी संपन्न कराई गई। दोनों का कहना है कि वह आपसी सहमति से शादी रचा रह हैं।