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  • स्मृति मंधाना ने रचा नया इतिहासT20I में 4000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं

    स्मृति मंधाना ने रचा नया इतिहासT20I में 4000 रन पूरे करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं


    नई दिल्ली । वुमेंस क्रिकेट में भारत की स्टार ओपनर स्मृति मंधाना ने एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया है। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए पहले महिला T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भले ही उनकी पारी बड़ी नहीं रहीलेकिन इस मैच ने उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास में अमर कर दिया। विशाखापट्टनम में खेले गए इस मुकाबले में स्मृति मंधाना ने T20I क्रिकेट में 4000 रन पूरे कर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दियाजो इससे पहले कोई भी भारतीय महिला क्रिकेटर हासिल नहीं कर पाई थी।

    वुमेंस वर्ल्ड कप 2025 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरी और कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने अपने विजयी अभियान को आगे बढ़ायालेकिन मुकाबले का सबसे बड़ा आकर्षण स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक रिकॉर्ड रहा।

    श्रीलंका द्वारा दिए गए 122 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही। युवा ओपनर शेफाली वर्मा दूसरे ही ओवर में 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद स्मृति मंधाना ने एक छोर संभाला और 25 रन की संयमित पारी खेली। इस दौरान जैसे ही उन्होंने आवश्यक रन पूरे किएवह T20I क्रिकेट में 4000 रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला बल्लेबाज बन गईं।

    अब स्मृति मंधाना के नाम T20I क्रिकेट में कुल 4007 रन दर्ज हैंजो उन्होंने 154 मैचों की 148 पारियों में बनाए हैं। उनके T20I करियर में 1 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैंजो उनकी निरंतरता और क्लास को दर्शाता है। खास बात यह है कि मंधाना यह उपलब्धि हासिल करने वाली ओवरऑल दूसरी महिला क्रिकेटर हैं। इस सूची में शीर्ष पर न्यूजीलैंड की दिग्गज बल्लेबाज सूजी बेट्स हैंजिनके नाम 4716 रन का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर भी इस फेहरिस्त में पीछे नहीं हैं। वह 3669 रनों के साथ तीसरे स्थान पर मौजूद हैं और लगातार इस रिकॉर्ड के करीब पहुंच रही हैं। इससे साफ है कि भारतीय महिला क्रिकेट मौजूदा दौर में किस ऊंचाई पर पहुंच चुका है।

    अगर मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 121 रन ही बना सकी। ओपनर विश्मी गुणरत्ने 39 रन के साथ टीम की सबसे सफल बल्लेबाज रहींजबकि अन्य कोई भी बल्लेबाज 25 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका। श्रीलंका की पारी के दौरान तीन रनआउट हुएवहीं भारत की ओर से क्रांति गौड़दीप्ति शर्मा और श्री चरणी ने एक-एक विकेट झटका।

    122 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को दूसरा झटका 9वें ओवर में लगाजब स्मृति मंधाना 67 के स्कोर पर आउट हुईं। इसके बाद नंबर तीन पर आई जेमिमा रोड्रिग्स ने मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। जेमिमा ने शानदार नाबाद 69 रन की पारी खेली और भारत को 8 विकेट से जीत दिलाई। टीम इंडिया ने यह लक्ष्य 32 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। इस जीत के साथ ही भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार अंदाज में की और स्मृति मंधाना का ऐतिहासिक रिकॉर्ड इस मैच को हमेशा के लिए यादगार बना गया।

  • भाजपा की बड़ी जीत से बढ़ सकती है एकनाथ शिंदे की टेंशनविपक्ष और सहयोगियों पर होगा असर

    भाजपा की बड़ी जीत से बढ़ सकती है एकनाथ शिंदे की टेंशनविपक्ष और सहयोगियों पर होगा असर


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के स्थानिक निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी भा,ज,पा,शिवसेना और एनसीपी अजित पवार गुट के गठबंधन महायुति ने भारी जीत दर्ज की है। भाजपा ने 129 सीटों के साथ सबसे ज्यादा अध्यक्ष पद जीतेजबकि शिवसेना ने 51 और एनसीपी अजित पवार ने 35 अध्यक्ष पदों पर जीत हासिल की। कुल 288 निकायों में से महायुति ने 215 निकायों में जीत हासिल कीजिससे भाजपा का इस चुनाव में वर्चस्व साफ तौर पर दिखा।

    इन परिणामों के बाद भाजपा के लिए यह एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। भाजपा ने इस चुनाव में अकेले प्रचार कियाजिससे पार्टी को यह जानने का मौका मिला कि वह अपनी शत-प्रतिशत भाजपा के लक्ष्य की दिशा में कितनी दूर तक बढ़ रही है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इन नतीजों से कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगाखासकर 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनाव में।

    हालांकिइस जीत के साथ भाजपा के सहयोगी दलों के लिए चिंता भी बढ़ सकती है। भाजपा की बेजोड़ जीत यह संकेत देती है कि पार्टी अब अपनी राजनीतिक राह पर अकेले बढ़ सकती है और इसे अपने सहयोगियों की कम जरूरत हो सकती है। इस परिणाम के बाद कुछ समय पहले से ही कमजोर हो रही महाविकास अघाड़ी गठबंधन की स्थिति और भी अस्थिर हो सकती हैखासकर तब जब भाजपा अपने सहयोगियों के साथ सीटों के बंटवारे पर विचार करेगी।

    इसी तरहविपक्ष के लिए भी यह चुनाव परिणाम चिंता का कारण बन सकते हैं। विधानसभा चुनाव में पहले ही झटके झेल चुका विपक्ष इस बार भी पिछड़ता दिख रहा हैखासकर जब बीएमसी बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव नजदीक हैं। शिवसेना यूबीटी और एनसीपी एसपी दोनों ही अपनी सीटों के दोहरे आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं। यह परिणाम विपक्ष के लिए और भी समस्याएं पैदा कर सकते हैंक्योंकि फूट के कारण पहले से ही कमजोर पड़ चुकी पार्टियों को अब इस पर काबू पाना और भी मुश्किल हो सकता है। उद्धव ठाकरे गुट को लेकर भी असमंजस बना हुआ हैक्योंकि शिवसेना यूबीटी की स्थिति पहले से ही कमजोर हो चुकी है

    शिवसेना के 3 दशकों के प्रभाव को बनाए रखना अब चुनौतीपूर्ण हो सकता हैखासकर जब भाजपा की जीत से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस जीत को संगठन और सरकार के सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस चुनाव में सकारात्मक विकास एजेंडे पर प्रचार किया और कभी किसी राजनीतिक नेता या पार्टी की आलोचना नहीं की। फडणवीस का मानना है कि यह पहली बार है जब पार्टी ने शत-प्रतिशत सकारात्मक वोट मांगे थेऔर उन्हें जनता का शत-प्रतिशत समर्थन मिला है। इस चुनाव परिणाम के बाद भाजपा अब राज्य की राजनीति में और भी दबदबा बना सकती हैलेकिन इसका असर महाविकास अघाड़ी गठबंधन और विपक्षी दलों पर भी होगा।

  • उद्धव गुट का कांग्रेस पर तंज: 'मुंबई में कांग्रेस एक पर्यटक की तरह आती हैहार कर चली जाती है'

    उद्धव गुट का कांग्रेस पर तंज: 'मुंबई में कांग्रेस एक पर्यटक की तरह आती हैहार कर चली जाती है'


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में आगामी बृहन्मुंबई महानगर पालिका बीएमसी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। महाविकास अघाड़ी गठबंधन का हिस्सा कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इस चुनाव को अकेले लड़ेगीजिसके बाद उद्धव गुट और कांग्रेस के बीच विवाद बढ़ गया है। उद्धव गुट के प्रवक्ता आनंद दुबे ने रविवार को कांग्रेस पर तीखा तंज करते हुए कहामुंबई में कांग्रेस पार्टी को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। वह पिछले तीन दशकों से लगातार मुंबई नगर निगम चुनाव हारती आ रही हैतो ऐसे में वह 2026 में कौन सा चमत्कार कर देंगे? कांग्रेस एक पर्यटक की तरह मुंबई आती हैहोर्डिंग्स लगाती हैचुनाव हारती है और फिर घर लौट जाती है।

    उद्धव गुट के प्रवक्ता ने यह बयान वीडियो के माध्यम से दियाजिसमें उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना का बीएमसी से गहरा रिश्ता रहा है और पार्टी पिछले 30 सालों से मुंबई नगर निगम पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को इस चुनाव में गंभीरता से लेने की कोई वजह नहीं हैक्योंकि वे हमेशा चुनाव हारते हैं। कांग्रेस ने इस तंज का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी इस चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी और इसके पीछे वैचारिक विचार है। कांग्रेस नेता सचिव सावंत ने बयान दियाहम पहले ही अपनी स्थिति को स्पष्ट कर चुके हैं। कांग्रेस पार्टी चुनाव में अकेले बढ़ना चाहती है और उसके पीछे वैचारिक विचार है। हमें इस मामले पर कोई जल्दबाजी नहीं है। पूरी पार्टी ने सोच-समझ कर यह फैसला लिया है। हम उन सभी पार्टियों के खिलाफ लड़ेंगे जो धर्मजातिक्षेत्र और भाषा के आधार पर टकराव पैदा करती हैं।

    यह विवाद तब शुरू हुआ जब उद्धव गुट ने महाविकास अघाड़ी में राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना मनसे को शामिल करने का प्रस्ताव रखा। कांग्रेस इसके पक्ष में नहीं थीक्योंकि वह राज ठाकरे के साथ चुनाव लड़ने में असमंजस महसूस कर रही थी। इसके चलते महाविकास अघाड़ी के भीतर एकता बनी रहीलेकिन कांग्रेस और उद्धव गुट के बीच मतभेद उभर आए। बीएमसी पर पिछले कई सालों से शिवसेना का कब्जा रहा है। शुरूआत से ही शिवसेना भाजपा के साथ मिलकर यहां शासन चला रही थी

    । 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में अविभाजित शिवसेना ने सबसे बड़ी पार्टी के रूप में जीत दर्ज की थीजबकि भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी। उद्धव गुट अब 2022 में विभाजन के बाद बीएमसी पर पुनः कब्जा करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैहालांकि इसे पहले से कहीं ज्यादा चुनौती का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस का कहना है कि वह इस चुनाव में अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने के लिए तैयार है और इस बार किसी भी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगीचाहे वह महाविकास अघाड़ी हो या कोई अन्य गठबंधन।

  • भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता

    भाजपा को महाराष्ट्र में ऐतिहासिक सफलता40 साल बाद कम्पटी नगरपालिका में जीती पहली बार सत्ता


    नागपुर । महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को निकाय चुनावों में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कुल 288 जिलों के निकायों में से 215 में महायुति ने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की हैजिसमें भाजपा ने 129 सीटों पर जीत के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है। लेकिन भाजपा को सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत कम्पटी नगरपालिका परिषद में मिलीजहां 40 साल बाद पहली बार उसे सत्ता हासिल हुई है। कम्पटी नगरपालिका परिषद में भाजपा के कैंडिडेट अजय अग्रवाल ने 103 वोटों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की। हालांकिकांग्रेस के कैंडिडेट शाकूर नागानी ने चुनाव परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूरे दिन चुनाव में आगे चल रहे थेलेकिन आखिरी समय में गड़बड़ी कर के अजय अग्रवाल को जिताया गया।

    यह चुनाव परिणाम नागपुर जिले में काफी चर्चा में रहाखासकर इस सीट के लिए भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी के कारण। एक और दिलचस्प बात यह रही कि बहुजन रिपब्लिकन एकता मंच की नेता सुलेखा कुंभारे ने इस सीट पर अजय कदम को कैंडिडेट बनाया था। हालांकिभाजपा ने इस बार उनका समर्थन नहीं कियाक्योंकि पार्टी को इस बार महाराष्ट्र में भगवा लहर की उम्मीद थी। कुंभारे ने यह भी दावा किया कि नितिन गडकरी उन्हें अपनी बहन मानते रहे हैंलेकिन भाजपा ने उनका समर्थन नहीं किया।नागपुर की इस महत्वपूर्ण नगरपालिका परिषद में भाजपा की 40 साल बाद जीत एक बड़ी राजनीतिक घटना मानी जा रही है।

    कांग्रेस के भीतर भी टिकट बंटवारे को लेकर विवाद उभरेऔर यह सवाल उठने लगा कि भाजपा अब बीएमसी में जीत की कोशिश कर सकती है।
    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का नागपुर संसदीय क्षेत्र होने के बावजूद इस नगरपालिका परिषद में भाजपा की जीत का यह लंबे समय से इंतजार थाजो अब समाप्त हुआ। कांग्रेस ने भी अपनी स्थिति को लेकर सवाल उठाएऔर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने यह कहा कि बीएमसी में कांग्रेस का कोई वजूद नहीं हैक्योंकि पिछले 30 सालों से वे ही लगातार जीत रहे हैं। इन नतीजों के बादविपक्षी गठबंधन महाअघाड़ी में भी विवाद शुरू हो गया हैजो भविष्य में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी हलचल पैदा कर सकता है।

  • मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया

    मोहन भागवत ने कहाआरएसएस को भाजपा के नजरिए से देखना गलतमुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को खारिज किया


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कोलकाता में आरएसएस 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम के दौरान संघ के बारे में अहम बयान दिया। भागवत ने कहा कि आरएसएस का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और इसे भारतीय जनता पार्टी भा,ज,पा, के नजरिए से देखना गलत है। उन्होंने साफ किया कि संघ और भाजपा अलग-अलग संगठन हैंजिनकी भूमिकाएं भी अलग हैंभले ही भाजपा के कई नेता संघ से जुड़े हुए हों।

    भागवत ने कहायदि आप संघ को समझना चाहते हैंतो इसका अनुभव करना पड़ेगा। अगर आप इसे सिर्फ एक और सेवा संगठन मानते हैंतो आप गलत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संघ का काम कभी भी संकीर्ण दृष्टिकोण से नहीं समझा जाना चाहिए। बहुत से लोग संघ को भाजपा से जोड़कर देखते हैंलेकिन यह एक बड़ी गलती है। संघ को राजनीति से परे और समाज की भलाईसुरक्षा और एकता के लिए काम करने वाला संगठन माना जाना चाहिए।

    संघ प्रमुख ने मुस्लिम विरोधी होने के आरोपों को भी पूरी तरह से नकारा किया। भागवत ने कहाऐसी धारणा पूरी तरह से तथ्यों के बजाय कथाओं पर आधारित है। हमारा काम पारदर्शी है और जो लोग हमारे काम को समझते हैंउन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि हम कट्टर राष्ट्रवादी हैंजो हिंदुओं की सुरक्षा के लिए काम करते हैंलेकिन हम मुस्लिम विरोधी नहीं हैं। उन्होंने आलोचकों से आग्रह किया कि वे संघ का दौरा करें और इसे सीधे समझें। भागवत ने संघ के मुख्य उद्देश्य को भी स्पष्ट कियाजिसमें नैतिक रूप से ईमानदार और गुणी व्यक्तियों का निर्माण करना हैजो सेवामूल्यों और राष्ट्रीय गौरव से प्रेरित हों और देश के विकास में योगदान करें। उन्होंने कहासंघ का उद्देश्य किसी से दुश्मनी रखना नहीं हैबल्कि समाज में एकता और सहयोग को बढ़ावा देना है।

    इसके अलावाभागवत ने भारतीय समाज को एकजुट करने की आवश्यकता पर बल दिया और हिंदू समुदाय को अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक जड़ों की ओर लौटने की अपील की। बंगाल की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंदराजा राम मोहन रॉय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसी महान हस्तियों को याद कियाजिनकी सामाजिक सुधार में अहम भूमिका थी। उन्होंने खास तौर पर राजा राम मोहन रॉय की तारीफ कीजो सामाजिक बदलाव की दिशा में अग्रणी थेऔर कहा कि आरएसएस उसी सुधारात्मक विरासत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

    भागवत ने कहा कि आरएसएस का उद्देश्य भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनाना है और इसके लिए समाज को तैयार करना संघ का कर्तव्य है। इसके तहतसंघ ने अपनी शताब्दी समारोह के अवसर पर कोलकातादिल्लीमुंबई और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में लेक्चर और सेशन आयोजित करने की योजना बनाई हैताकि जनता को संघ के काम और उद्देश्य को समझने का मौका मिल सके। इस दौरानभागवत ने लोगों से अपील की कि वे संघ के बारे में राय बनाने से पहले तथ्यों का अध्ययन करेंऔर अन्य स्रोतों की बजाय खुद संघ के काम को देखें।

  • हिजाब विवाद के बीच आज पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, 20 मिनट चली मीटिंग, क्या हरकत के लिए माफी मांगेंगे?

    हिजाब विवाद के बीच आज पीएम मोदी से मिले नीतीश कुमार, 20 मिनट चली मीटिंग, क्या हरकत के लिए माफी मांगेंगे?


    नई दिल्ली/ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. यह मुलाकात हाल ही में सामने आई एक विवादित घटना ‘हिजाब खींचने के मामले’ के बाद हुई है, जिसे लेकर सियासी हलकों में लगातार सवाल उठ रहे हैं. करीब 20 मिनट चली इस बैठक के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नीतीश कुमार इस मुद्दे पर कोई स्पष्टीकरण या माफी की पहल करेंगे.

    पीएम आवास पर हुई अहम बैठक

    प्रधानमंत्री आवास पर हुई इस मुलाकात में नीतीश कुमार के साथ जदयू अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे. बैठक के बाद तीनों नेता प्रधानमंत्री आवास से एक साथ निकलते नजर आए.

    अमित शाह से भी मुलाकात

    प्रधानमंत्री से मुलाकात से पहले नीतीश कुमार, ललन सिंह और सम्राट चौधरी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की. सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के आवास से निकलते हुए भी देखा गया. नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दिल्ली दौरे पर पहुंचे थे. शपथ ग्रहण के बाद यह उनका पहला दिल्ली दौरा है. इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी समेत एनडीए के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात तय मानी जा रही थी.

    कैबिनेट विस्तार पर भी चर्चा के संकेत

    सूत्रों के अनुसार, इस दौरान बिहार मंत्रिमंडल के विस्तार पर भी बातचीत हुई. मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. भाजपा नेता नितिन नबीन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने से एक पद खाली हुआ है, जिस पर नए चेहरे की नियुक्ति होनी है.
    निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर अटकलें
    बैठक में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश को लेकर भी चर्चा की संभावना जताई जा रही है. जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा पहले ही कह चुके हैं कि पार्टी में निशांत के सार्वजनिक जीवन में आने को लेकर सकारात्मक माहौल है.

    आने वाले चुनावों पर भी नजर

    सूत्रों के मुताबिक 2026 में होने वाले राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी रणनीतिक चर्चा हो सकती है. मौजूदा हालात में एनडीए विधानसभा में मजबूत स्थिति में है और कमजोर विपक्ष के चलते कई सीटों पर बढ़त की संभावना जताई जा रही है.

  • गुरुग्राम में 7वीं क्लास की बच्ची से कई महीने तक रेप! बच्चे को दिया जन्म, आरोपी गिरफ्तार

    गुरुग्राम में 7वीं क्लास की बच्ची से कई महीने तक रेप! बच्चे को दिया जन्म, आरोपी गिरफ्तार


    नई दिल्ली/गुरुग्राम में एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. 7वीं क्लास में पढ़ने वाली रेप पीड़िता 15 वर्षीय एक किशोरी ने सरकारी अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया. पुलिस ने रविवार 21 दिसंबर को इसकी जानकारी दी. चिकित्सकों की टीम लगातार निगरानी कर रही है.

    दिसंबर से मार्च के बीच शोषण का आरोप

    पुलिस जांच में सामने आया है कि किशोरी के साथ दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच कई बार दुष्कर्म किया गया. इस मामले में 34 वर्षीय आरोपी राजेश को गिरफ्तार किया गया है, जो एक निजी कंपनी में काम करता था. पुलिस का कहना है कि आरोपी ने पीड़िता का भरोसा जीतकर उसे लगातार शोषण का शिकार बनाया.

    फरवरी में खाली किया किराये का मकान

    जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी राजेश ने फरवरी महीने में अपना किराये का मकान अचानक खाली कर दिया था. पुलिस के अनुसार, उसे इस बात का अंदेशा हो गया था कि किशोरी गर्भवती हो सकती है और मामला खुल सकता है. इसी डर से उसने इलाके से दूरी बना ली, ताकि किसी को उस पर शक न हो.

    गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाने में दर्ज हुआ केस
    पीड़िता की शिकायत के आधार पर गुरुग्राम के सेक्टर-10 थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने आवश्यक धाराओं में केस दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. बाद में उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.पुलिस ने कहा है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अगर किसी तरह की और लापरवाही या अन्य आरोपी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानून के तहत हर जरूरी कदम उठाया जाएगा. साथ ही पीड़िता को डॉक्टरी सहायता भी दी जा रही है.

  • लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण

    लियोनेल मेसी के इंडिया टूर पर हुआ 100 करोड़ रुपये खर्च आयोजक ने खोला खर्च का पूरा विवरण


    कोलकाता । अर्जेंटीना के फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के हाल ही में भारत दौरे पर 100 करोड़ रुपये का खर्च हुआ जिसे लेकर अब कई अहम खुलासे हुए हैं। इस खर्च में से 89 करोड़ रुपये मेसी की फीस थी जबकि 11 करोड़ रुपये भारत सरकार को टैक्स के रूप में दिए गए। इस राशि को लेकर आयोजक सताद्रू दत्ता ने जांच एजेंसियों के सामने कई अहम बातें साझा की हैं।

    न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक दत्ता ने एसआईटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बताया कि मेसी के इंडिया टूर के दौरान कुल 100 करोड़ रुपये खर्च हुए। इस रकम में से 30 प्रतिशत स्पॉन्सर से मिला जबकि बाकी 30 प्रतिशत टिकटों की बिक्री से जुटाए गए थे। एसआईटी द्वारा दत्ता के बैंक खातों की जांच के बाद उनके अकाउंट में 20 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिली जो कथित तौर पर कोलकाता और हैदराबाद में आयोजित मेसी के इवेंट के टिकटों की बिक्री और स्पॉन्सरशिप से आई थी।

    सताद्रू दत्ता जो मेसी के इवेंट्स के प्रमुख आयोजक थे को गिरफ्तार कर लिया गया था। एसआईटी के अधिकारियों ने शुक्रवार को दत्ता के घर पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। दत्ता ने जांचकर्ताओं से कहा कि इवेंट के दौरान मेसी के प्रति सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए थे लेकिन बावजूद इसके भीड़ के कारण कई समस्याएं उत्पन्न हुईं।

    कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में जब मेसी की उपस्थिति के दौरान हजारों दर्शक इवेंट में पहुंचे थे तब अफरातफरी का माहौल बन गया। फैंस की भीड़ इतनी बढ़ गई कि कई लोग मेसी के चारों ओर जमा हो गए जिससे वह गैलरी से मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। इसके परिणामस्वरूप कई दर्शकों ने स्टेडियम के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इस घटना ने पुलिस और आयोजकों को एक बड़ी चुनौती दी और सुरक्षा में चूक को लेकर कई सवाल उठाए।

    एसआईटी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस घटना की पूरी जांच के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक टीम गठित की जिसमें पीयूष पांडे जावेद शमीम सुप्रतिम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक आयोजकों की भूमिका और एक्सेस नियमों के उल्लंघन के पीछे कौन जिम्मेदार है।

    मेसी की सुरक्षा को लेकर दत्ता ने भी बयान दिया कि मेसी को छुआ या गले लगाया जाना पसंद नहीं आया और यह बात उनके सुरक्षा अधिकारियों ने आयोजकों को पहले ही बता दी थी। मेसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी सुरक्षा अधिकारियों ने भी कई बार चेतावनी दी थी। दत्ता ने कहा भीड़ को रोकने के लिए कई बार पब्लिक अनाउंसमेंट किए गए लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मेसी को इस तरह घेरने और गले लगाने का तरीका उनके लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं था।

    इस दौरान एसआईटी अधिकारियों ने यह भी बताया कि दत्ता के बैंक खातों से जुड़ी रकम की जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह रकम इवेंट्स से सही तरीके से जुटाई गई थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर से आयोजकों की जिम्मेदारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव: महायुति की प्रचंड जीत पीएम मोदी ने 'जनकेंद्रित विकास' के लिए जनता का जताया आभार

    नई दिल्ली।मुंबई/ महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य में एक बार फिर ‘महायुति’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है। इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने लिखा महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है! नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए मैं जनता का आभारी हूं। यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में अटूट विश्वास को दर्शाता है। पीएम ने आगे कहा कि उनकी सरकार नई ऊर्जा के साथ हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की भी सराहना की।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गिनाए भाजपा के ‘रिकॉर्ड’
    नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक जनादेश’ बताया। उन्होंने परिणामों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को साझा किया जो भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं:पार्षदों की रिकॉर्ड जीत: राज्य के कुल निर्वाचित पार्षदों में से 48 प्रतिशत अकेले भाजपा के चिह्न पर जीते हैं।अध्यक्ष पद पर कब्जा: पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों में अध्यक्ष चुने गए हैं।कुल संख्या: भाजपा ने कुल 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने का एक और नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

    फडणवीस ने कहा कि यह जीत राज्य सरकार के विकास एजेंडे और सकारात्मक अभियान का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव में किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय केवल काम के आधार पर वोट मांगे थे।चुनावी आंकड़ों में महायुति का दबदबाअब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार महायुति गठबंधन ने विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया है:विवरणमहायुति BJP+Sena+NCPविपक्ष MVAकुल नगर परिषद 288215 7465%44नगर परिषद अध्यक्ष BJP129 2017 में 94 थी पार्षद BJP3300+ विपक्ष का हाल कांग्रेस शिवसेना UBT और एनसीपी SP का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कई वरिष्ठ नेताओं के गढ़ में भी महायुति ने सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। विपक्षी नेताओं ने हार का ठीकरा धनबल और चुनावी मशीनरी पर फोड़ा है।

    अगली चुनौती: महानगरपालिका चुनाव

    स्थानीय निकायों में मिली इस बड़ी जीत को जनवरी 2026 में होने वाले बीएमसी BMC और पुणे नगर निगम सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के लिए एक मजबूत ‘बिल्ड-अप’ माना जा रहा है। महायुति अब इसी लय को बड़े शहरों में भी दोहराने की तैयारी में है।

  • राम मंदिर आंदोलन की सफलता का आधार 'हृदय की गूँज' और 'अटूट संकल्प' था: साध्वी ऋतंभरा

    राम मंदिर आंदोलन की सफलता का आधार 'हृदय की गूँज' और 'अटूट संकल्प' था: साध्वी ऋतंभरा


    पुणे/अयोध्या। प्रसिद्ध ओजस्वी वक्ता साध्वी ऋतंभरा ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन की ऐतिहासिक सफलता पर बड़ा बयान दिया है। पुणे में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि का संघर्ष एक ऐसे संकल्प की परिणति थी जिसका कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज के दौर में सूचना क्रांति और सोशल मीडिया का बोलबाला है लेकिन राम मंदिर आंदोलन उस समय सफल हुआ जब ये आधुनिक साधन मौजूद नहीं थे।इसका कारण यह था कि आंदोलन का संदेश सीधे लोगों के दिलों में गूँज रहा था।साध्वी ऋतंभरा ने मानवीय इच्छाशक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा हमारा काम राम जी के कार्य के लिए समर्पित है। मानवीय संकल्प में पर्वतों को उखाड़ फेंकने और पत्थर को पानी में बदल देने की शक्ति होती है बशर्ते वह आत्मसंयम और चरित्र की प्रमाणिकता पर आधारित हो।

    राष्ट्र की मजबूती चरित्र और एकजुटता में

    साध्वी ने समाज को एकजुट होने का संदेश देते हुए कहा कि मंदिर का निर्माण इस बात का जीवंत प्रमाण है कि एक दृढ़ संकल्पित समाज क्या हासिल कर सकता है। उनके अनुसार किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसकी भौतिक संपदा में नहीं बल्कि उसके नागरिकों के चरित्र और आंतरिक विभाजनों को दूर करने की क्षमता में निहित होती है। उन्होंने दमितों और वंचितों की रक्षा के लिए समाज से आगे आने का आह्वान भी किया। अयोध्या में ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ का उल्लास: 29 दिसंबर से शुरू होंगे कार्यक्रम एक ओर जहाँ साध्वी ऋतंभरा ने आंदोलन की वैचारिक विजय को रेखांकित किया वहीं दूसरी ओर अयोध्या में ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के पांच दिवसीय भव्य आयोजन की रूपरेखा जारी कर दी गई है।

    आयोजन की मुख्य विशेषताएं

    प्रारंभ: राम मंदिर ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र के अनुसार समारोह की शुरुआत 29 दिसंबर से होगी।मुख्य अतिथि: 31 दिसंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शिरकत करेंगे।सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: पांच दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में नियमित रामचरितमानस पाठ और कथा का आयोजन होगा।समय: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम से शुरू होकर रात 9 बजे तक चलेंगे।यह आयोजन राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद के महत्वपूर्ण धार्मिक उत्सवों में से एक है जिसमें देश भर से श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।