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  • कौन हैं 8 वर्षीय टेक्नोलॉजिस्ट रणवीर सचदेवा? AI समिट में छाए नन्हे स्पीकर के मुरीद हुए दिग्गज

    कौन हैं 8 वर्षीय टेक्नोलॉजिस्ट रणवीर सचदेवा? AI समिट में छाए नन्हे स्पीकर के मुरीद हुए दिग्गज


    नई दिल्ली ।नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में उस वक्त सभी की नजरें एक आठ वर्षीय बच्चे पर टिक गईं जब उसने मंच संभालते हुए खुद को टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में परिचित कराया। यह बच्चा है रणवीर सचदेवा जो अपनी कम उम्र में ही कोडिंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पब्लिक स्पीकिंग के लिए चर्चा में हैं। देश-दुनिया के बड़े टेक लीडर्स और सीईओ के बीच रणवीर ने जिस आत्मविश्वास से अपनी बात रखी उसने सभी को प्रभावित किया।

    समिट के दौरान रणवीर ने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने का अपना विजन साझा किया। वे इस कार्यक्रम में संबोधित करने वाले सबसे कम उम्र के स्पीकर रहे। खास बात यह रही कि रणवीर केवल कीनोट स्पीकर ही नहीं बल्कि एक ग्लोबल ऑथर के रूप में भी पहचान बना चुके हैं।

    कार्यक्रम में उनकी मुलाकात सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन से हुई। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में रणवीर सैम ऑल्टमैन के साथ बातचीत करते नजर आए। बताया जा रहा है कि दोनों टेक लीडर्स रणवीर के आत्मविश्वास और समझ से काफी प्रभावित हुए और उनसे संपर्क भी साझा किया।

    रणवीर का सफर केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। वे पिछले वर्ष जेनेवा में आयोजित AI अच्छे वैश्विक शिखर सम्मेलन के लिए में भी शामिल हो चुके हैं। वहां उनकी मुलाकात मार्क बेनिओफ़ और इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन की महासचिव डोरेन बोगदान-मार्टिन से हुई थी। इतना ही नहीं वर्ष 2024 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से भी मुलाकात की थी।

    रणवीर इससे पहले भी कई बड़े मंचों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। वर्ष 2023 में दिल्ली में एप्पल स्टोर के उद्घाटन के दौरान उन्होंने एप्पल के सीईओ Tim Cook से मुलाकात की थी और मात्र पांच साल की उम्र में अपने कोडिंग अनुभव साझा किए थे। साल 2022 में वे ग्लोबल रीडिंग चैलेंज में सुपर प्रेजेंटर के रूप में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।

    छह वर्ष की आयु में वे टेडएक्स  स्पीकर भी बन गए थे। कम उम्र में वैश्विक मंचों पर अपनी पहचान बना रहे रणवीर सचदेवा आज कई बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणा बनते जा रहे हैं। तकनीक की दुनिया में उनका आत्मविश्वास और विजन यह दिखाता है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती।

  • स्वदेशी फ्रिगेट और एएसडब्ल्यू शिप: भारतीय नौसेना के लिए साल 2026 का खास स्टार्ट

    स्वदेशी फ्रिगेट और एएसडब्ल्यू शिप: भारतीय नौसेना के लिए साल 2026 का खास स्टार्ट


    नई दिल्ली ।साल 2026 की शुरुआत भारतीय नौसेना के लिए बेहद खास होने जा रही है। नए साल के पहले तीन महीनों में नेवी में दो नई स्वदेशी वॉरशिप शामिल होने वाली हैं। यह कदम भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को बढ़ाने और 2047 तक पूरी तरह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

    इस क्रम में 27 फरवरी को चेन्नई पोर्ट पर स्वदेशी एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘आईएनएस अंजदीप’ नेवी का हिस्सा बनेगा। यह शिप एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर, लाइटवेट टॉरपीडो, 30 मिमी नेवल गन, हल-माउंटेड सोनार और लो-फ्रीक्वेंसी वैरिएबल डेप्थ सोनार से लैस है और 25 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। अंजदीप की एक बार में लगभग 3,300 किलोमीटर तक की क्षमता इसे एंटी-सबमरीन ऑपरेशन के लिए बेहद प्रभावी बनाती है।

    इसी के साथ 14 मार्च को विशाखापत्तनम में प्रोजेक्ट 17ए के नीलगिरी क्लास का चौथा गाइडेड मिसाइल स्टेल्थ फ्रिगेट आईएनएस तारागिरि नौसेना में शामिल होगा। यह फ्रिगेट ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है जो एंटी-सर्फेस और एंटी-शिप वारफेयर में सक्षम है। इसके अलावा एयर डिफेंस के लिए लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल बराक-8 और एयर डिफेंस गन लगी हैं। एंटी-सबमरीन वारफेयर के लिए इसमें स्वदेशी टॉरपीडो वरुणास्त्र और एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर मौजूद हैं।

    आईएनएस तारागिरि लंबी दूरी से आने वाले हमलों को डिटेक्ट, ट्रैक और इंटरसेप्ट करने के लिए सोनार, मल्टी-फंक्शन डिजिटल रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है। इसमें दो हेलिकॉप्टरों के लिए हैंगर की सुविधा भी मौजूद है। 6,700 टन वजनी इस फ्रिगेट की रफ्तार 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे है।

    प्रोजेक्ट 17ए के तहत बनाए जा रहे सात नीलगिरी क्लास फ्रिगेट्स में से अब तक चार मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और तीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा बनाए जा चुके हैं। पहले आईएनएस नीलगिरी, हिमगिरि और उदयगिरि को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। इन फ्रिगेट्स में लगभग 75 प्रतिशत उपकरण स्वदेशी कंपनियों से प्राप्त किए गए हैं। इनकी नौसेना में शामिल होने से भारत की समुद्री ताकत और अत्याधुनिक क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।

    नीलगिरी क्लास के सभी वॉरशिप का डिजाइन नेवल डिजाइन ब्यूरो द्वारा किया गया है और इनके नाम भारत की प्रमुख पर्वत श्रृंखलाओं पर रखे गए हैं जैसे शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरि, तारागिरि, उदयगिरि, दूनागिरि, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि।

    चीन और पाकिस्तान की सबमरीन क्षमता से निपटने के लिए एंटी-सबमरीन वारफेयर (एएसडब्ल्यू) शैलो वॉटर क्राफ्ट परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे भारतीय नौसेना को तेज रफ्तार, मजबूती और रणनीतिक बढ़त मिलेगी। साल 2026 के पहले तीन महीनों में इन दो वॉरशिप के शामिल होने से नौसेना की तैयारी और शक्ति में और मजबूती आएगी।
  • Beechcraft C90A King Air एयर एंबुलेंस हादसा: 39 साल पुराना विमान, 6600 घंटे की उड़ान के बाद झारखंड में क्रैश

    Beechcraft C90A King Air एयर एंबुलेंस हादसा: 39 साल पुराना विमान, 6600 घंटे की उड़ान के बाद झारखंड में क्रैश


    नई दिल्ली । झारखंड की राजधानी रांची के पास हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मंगलवार शाम क्रैश हुआ सात सीटों वाला बीचक्राफ्ट सी90ए किंग एयर विमान वर्ष 1987 में निर्मित था और अब तक 6 600 घंटे से अधिक उड़ान भर चुका था। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई।

    यह विमान रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था और रांची से दिल्ली के लिए उड़ान पर था। जानकारी के अनुसार विमान एक मरीज को लेकर दिल्ली जा रहा था। मृतकों में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार एक डॉक्टर एक पैरामेडिक दो परिचारक पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह शामिल थे। पायलट विवेक विकास भगत के पास लगभग 1 400 घंटे का उड़ान अनुभव था जबकि सह-पायलट सवराजदीप सिंह करीब 450 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके थे।

    विमान ने 23 फरवरी की शाम करीब 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना था। उड़ान भरने के तुरंत बाद चालक दल ने मौसम संबंधी कारणों से मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। अधिकारियों के अनुसार टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद विमान का एटीसी से संपर्क और रडार सिग्नल दोनों टूट गए। बाद में यह विमान चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के पास एक वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त मिला।

    तकनीकी विवरण के मुताबिक यह ट्विन-टर्बोप्रॉप विमान पी एंड डब्ल्यू पीटी6ए-21 इंजनों से लैस था। दुर्घटना के समय तक बाएं इंजन ने करीब 2 900 घंटे और दाएं इंजन ने लगभग 2 800 घंटे की उड़ान भरी थी। दोनों प्रोपेलर भी लगभग 2 500 घंटे उपयोग में आ चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं किया गया था। इसका नवीनतम एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट 21 जनवरी को जारी हुआ था जो एक वर्ष के लिए वैध था।

    गौरतलब है कि इस विमान में ब्लैक बॉक्स यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर स्थापित नहीं था। नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार 1987 में मूल प्रमाणीकरण के समय ऐसे उपकरण अनिवार्य नहीं थे इसलिए इसमें यह प्रणाली नहीं लगाई गई थी। अधिकतम 4 583 किलोग्राम उड़ान भार क्षमता वाले इस विमान के क्रैश की जांच अब संबंधित एजेंसियां कर रही हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

    झारखंड की राजधानी रांची के पास हुई एयर एंबुलेंस दुर्घटना को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मंगलवार शाम क्रैश हुआ सात सीटों वाला बीचक्राफ्ट सी90ए (किंग एयर) विमान वर्ष 1987 में निर्मित था और अब तक 6 600 घंटे से अधिक उड़ान भर चुका था। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई जिससे पूरे राज्य में शोक की लहर फैल गई।

    यह विमान रेडबर्ड एयरवेज द्वारा संचालित किया जा रहा था और रांची से दिल्ली के लिए उड़ान पर था। जानकारी के अनुसार विमान एक मरीज को लेकर दिल्ली जा रहा था। मृतकों में 41 वर्षीय मरीज संजय कुमार एक डॉक्टर एक पैरामेडिक दो परिचारक पायलट-इन-कमांड विवेक विकास भगत और फर्स्ट ऑफिसर सवराजदीप सिंह शामिल थे। पायलट विवेक विकास भगत के पास लगभग 1 400 घंटे का उड़ान अनुभव था जबकि सह-पायलट सवराजदीप सिंह करीब 450 घंटे की उड़ान पूरी कर चुके थे।

    विमान ने 23 फरवरी की शाम करीब 7:11 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और इसे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचना था। उड़ान भरने के तुरंत बाद चालक दल ने मौसम संबंधी कारणों से मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। अधिकारियों के अनुसार टेकऑफ के लगभग 23 मिनट बाद विमान का एटीसी से संपर्क और रडार सिग्नल दोनों टूट गए। बाद में यह विमान चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के पास एक वन क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त मिला।

    तकनीकी विवरण के मुताबिक यह ट्विन-टर्बोप्रॉप विमान पी एंड डब्ल्यू पीटी6ए-21 इंजनों से लैस था। दुर्घटना के समय तक बाएं इंजन ने करीब 2 900 घंटे और दाएं इंजन ने लगभग 2 800 घंटे की उड़ान भरी थी। दोनों प्रोपेलर भी लगभग 2 500 घंटे उपयोग में आ चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर विमान का अत्यधिक उपयोग नहीं किया गया था। इसका नवीनतम एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट 21 जनवरी को जारी हुआ था जो एक वर्ष के लिए वैध था।

    गौरतलब है कि इस विमान में ब्लैक बॉक्स यानी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर या डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर स्थापित नहीं था। नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के अनुसार 1987 में मूल प्रमाणीकरण के समय ऐसे उपकरण अनिवार्य नहीं थे इसलिए इसमें यह प्रणाली नहीं लगाई गई थी। अधिकतम 4 583 किलोग्राम उड़ान भार क्षमता वाले इस विमान के क्रैश की जांच अब संबंधित एजेंसियां कर रही हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • NCERT की 8वीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी करप्शन पर CJI सूर्यकांत भड़के, बोले न्यायपालिका को बदनाम

    NCERT की 8वीं क्लास की किताब में ज्यूडिशियरी करप्शन पर CJI सूर्यकांत भड़के, बोले न्यायपालिका को बदनाम


    नई दिल्ली । दिल्ली में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग की 8वीं कक्षा की सोशल साइंस की किताब में पहली बार ज्यूडिशियरी करप्शन नामक चैप्टर शामिल किया गया है। इस चैप्टर में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार लंबित मुकदमों की बड़ी संख्या और जजों की पर्याप्त कमी जैसे मुद्दों को समझाया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत ने इस कदम पर कड़ा विरोध जताया और इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की सामग्री देश में वकीलों और जजों के बीच चिंता का कारण बन रही है और वे न्यायपालिका की गरिमा को किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होने देंगे।

    CJI सूर्यकांत ने यह प्रतिक्रिया बुधवार 25 फरवरी 2026 को तब दी जब वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने मामले को उनके समक्ष उठाया। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि न्यायपालिका की छवि को बदनाम करने की किसी भी कोशिश को मंजूरी नहीं दी जाएगी। न्यायपालिका में पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार के मामलों को नियंत्रित करने के लिए पहले से ही ठोस तंत्र मौजूद हैं और इनकी जानकारी बच्चों तक पहुंचाना इस तरह के ढंग में सही नहीं है।

    NCERT की नई किताब में हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका शीर्षक वाले चैप्टर में अदालतों के पदानुक्रम न्याय तक पहुंच और न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों के समाधान का उल्लेख किया गया है। इस चैप्टर में यह भी बताया गया है कि जज एक आचार संहिता Code of Conduct के तहत बंधे होते हैं जो न केवल अदालत के भीतर बल्कि बाहर भी उनके आचरण को नियंत्रित करती है। गंभीर मामलों में जज को हटाने के संवैधानिक नियम पार्लियामेंट के इंपीचमेंट मोशन और केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों का भी जिक्र है।

    किताब में CPGRAMS सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रिवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए 2017 से 2021 के बीच लगभग 1,600 से अधिक शिकायतें प्राप्त होने का आंकड़ा भी साझा किया गया है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट में 81,000 हाईकोर्ट्स में 62.40 लाख और जिला तथा अधीनस्थ न्यायालयों में 4.70 करोड़ लंबित मामले होने का विवरण भी दिया गया है।

    सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका के अलग-अलग स्तरों पर भ्रष्टाचार का सामना करने वाले मामले सही रूप में और संतुलित तरीके से प्रस्तुत किए जाने चाहिए। गरीब और वंचित वर्ग के लिए न्याय तक पहुंच का मुद्दा गंभीर है लेकिन इसे पाठ्यपुस्तक में इस तरह से दर्शाना न्यायपालिका की छवि को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी है और वे किसी भी कदम को रोकने या संशोधित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

    इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बच्चों को शिक्षा में वास्तविकता और संवेदनशील विषयों को कैसे प्रस्तुत किया जाए ताकि उन्हें जानकारी मिल सके लेकिन संस्थाओं की छवि को बदनाम किए बिना। NCERT ने इस एडिशन में मुख्य रूप से सिस्टम की कमजोरियों और सुधार प्रयासों को उजागर किया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे संवेदनशील मानते हुए आगे कार्रवाई की संभावना जताई है।

  • दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच

    दिल्ली सरकार ने बढ़ाया आयुष्मान भारत योजना का दायरा, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य कवच


    नई दिल्ली । दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया कि राजधानी के विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा। इस कदम से लगभग 3.96 लाख विधवा महिलाओं और 1.31 लाख दिव्यांग व्यक्तियों के परिवार अब स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ उठा सकेंगे।

    इस योजना के तहत ये लाभार्थी राजधानी के 208 सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस उपचार करा सकेंगे। राजधानी में योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि इलाज के खर्च का बोझ कम हो सके और गरीब नागरिक किसी बीमारी के चलते वंचित न रहें।

    रेखा गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट के इस फैसले के बाद करीब 5.5 लाख अतिरिक्त परिवार अब आयुष्मान भारत योजना की सुरक्षा की छतरी के नीचे आ जाएंगे। ये परिवार पहले से योजना का लाभ ले रहे अंत्योदय अन्न योजना और प्राथमिकता PRS श्रेणी के परिवारों के अतिरिक्त होंगे। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर्स भी इस योजना के दायरे में शामिल रहेंगे।

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि दिल्ली का कोई गरीब कमजोर या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे। योजना लागू होने के बाद लाभार्थियों को निजी या सरकारी अस्पतालों में बिना किसी अग्रिम भुगतान के इलाज की सुविधा प्राप्त होगी।

    अब तक दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,23,707 कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 2,74,620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को प्रदान किए गए हैं। राजधानी में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 208 अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है जिसमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं। दिल्ली राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के माध्यम से अब तक 29,120 से अधिक लाभार्थियों ने मुफ्त इलाज का लाभ प्राप्त किया है।

    इस योजना के विस्तार से न केवल विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को सीधे लाभ मिलेगा बल्कि यह उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक राहत का साधन बनेगी। कैबिनेट के निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता देती है और जरूरतमंद वर्ग तक इलाज की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है।

    इस पहल से राजधानी के गरीब और कमजोर वर्ग को मुफ्त और विश्वसनीय स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त होगी। योजना के तहत लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में अस्पताल में भर्ती इलाज और आपातकालीन सेवाओं के लिए कैशलेस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा का व्यापक जाल तैयार हुआ है और दिल्ली की स्वास्थ्य प्रणाली और अधिक समावेशी और प्रभावी बन रही है।

    इस तरह दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के दायरे में विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को जोड़कर लगभग 5.5 लाख नए परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच प्रदान किया है। यह कदम राजधानी के कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता

    PM मोदी के इजरायल दौरे से पहले FTA पर नई पहल, भारत-इजरायल के बीच फिर शुरू हुई व्यापार वार्ता


    नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौते FTA को लेकर एक बार फिर सकारात्मक हलचल शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार को दो दिवसीय इजरायल दौरे से ठीक पहले दोनों देशों ने FTA पर औपचारिक चर्चा का पहला दौर शुरू कर दिया है।

    मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में पुष्टि की गई कि द्विपक्षीय वाणिज्यिक संबंधों को मजबूत करने और निवेश को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से वार्ता आगे बढ़ाई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष नवंबर में दोनों देशों ने इस समझौते के लिए संदर्भ की शर्तों टीओआर पर हस्ताक्षर किए थे।

    23 फरवरी से नई दिल्ली में शुरू हुई वार्ता

    वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार भारत-इजरायल FTA के लिए बातचीत का पहला दौर 23 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में शुरू हुआ जो 26 फरवरी तक चलेगा। इससे पहले दोनों देशों के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी थी लेकिन अक्टूबर 2021 के बाद यह प्रक्रिया ठप पड़ गई थी। अब एक बार फिर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

    तकनीकी स्तर पर गहन चर्चा

    इस दौर में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में समझौते के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करेंगे। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू कर रहे हैं जबकि इजरायल की ओर से वरिष्ठ निदेशक यिफ़ात अलोन पेरेल वार्ता की अगुवाई कर रही हैं।

    व्यापार में गिरावट समझौते से उम्मीद

    ऐसे मुक्त व्यापार समझौतों में आमतौर पर अधिकतम वस्तुओं पर आयात शुल्क में भारी कटौती या पूरी तरह समाप्ति की व्यवस्था की जाती है। साथ ही सेवाओं और निवेश से जुड़े नियमों को भी आसान बनाया जाता है।

    वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान भारत से इजरायल को निर्यात 52% घटकर 2.14 अरब डॉलर रह गया जबकि आयात भी 26.2% की गिरावट के साथ 1.48 अरब डॉलर पर आ गया। ऐसे में FTA से दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

  • तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा सियासी ऐलान, शशिकला बनाएंगी नई द्रविड़ पार्टी

    तमिलनाडु में चुनाव से पहले बड़ा सियासी ऐलान, शशिकला बनाएंगी नई द्रविड़ पार्टी

    चेन्नई। वी.के. शशिकला ने तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा करते हुए नई द्रविड़ पार्टी बनाने की घोषणा की है। यह ऐलान पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की जयंती के मौके पर किया गया, जिससे राज्य में चुनावी समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

    जयललिता की विरासत के नाम पर नई शुरुआत

    शशिकला ने पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिसमें द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेताओं—सी. एन. अन्नादुरै, एम. जी. रामचंद्रन और जयललिता—की तस्वीरें शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि पार्टी का नाम जल्द घोषित किया जाएगा और यह फैसला अंतिम है।

    9 साल की चुप्पी तोड़ने का दावा

    शशिकला ने कहा कि पिछले नौ वर्षों तक सार्वजनिक रूप से सक्रिय न रहना उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब जनता और कार्यकर्ताओं के हित में नई राजनीतिक शुरुआत जरूरी हो गई है। उन्होंने दावा किया कि नई पार्टी द्रविड़ विचारधारा को “मूल स्वरूप” में आगे बढ़ाएगी।

    AIADMK नेतृत्व पर लगाए गंभीर आरोप

    उन्होंने AIADMK के मौजूदा नेतृत्व, खासकर महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी पर तीखे आरोप लगाए। शशिकला ने कहा कि उन्होंने ही पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया, लेकिन बाद में उन्हें ही पार्टी से बाहर कर दिया गया।
    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जेल में रहते समय उनकी पैरोल अवधि सीमित करने जैसे कदम उठाए गए।

    2016 की घटनाओं का किया जिक्र

    शशिकला ने कहा कि 2016 में जयललिता के निधन के बाद कई विधायक उन्हें मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन उन्होंने परंपरा और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए ओ. पन्नीरसेल्वम को पद पर बने रहने दिया।

    उन्होंने दावा किया कि उस दौर में सरकार को गिरने से बचाने के लिए भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    चुनाव से पहले बदलेगा सियासी गणित?

    यह घोषणा 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले आई है, जब राज्य में राजनीतिक मुकाबला पहले से ही तेज है।
    वर्तमान में DMK की सरकार, जिसका नेतृत्व एम. के. स्टालिन कर रहे हैं, “द्रविड़ मॉडल” को आगे बढ़ा रही है। वहीं AIADMK अन्य दलों के साथ नए समीकरण बनाने की कोशिश में है।
    राजनीतिक मैदान में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम भी सक्रिय हो चुकी है।

    जनता से किए ये वादे

    शशिकला ने कहा कि उनकी नई पार्टी गरीबों, महिलाओं और आम लोगों के कल्याण, रोजगार सृजन और सामाजिक समानता पर फोकस करेगी। उन्होंने इसे “द्रविड़ आंदोलन की मूल भावना को पुनर्जीवित करने का प्रयास” बताया।

    संकेत साफ: चुनाव से पहले शशिकला की वापसी तमिलनाडु में एंटी-DMK वोटों के बंटवारे या नए ध्रुवीकरण की संभावना बढ़ा सकती है, जिससे आगामी चुनाव दिलचस्प होने की उम्मीद है।

  • Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला

    Maharashtra: सुनेत्रा पवार की जगह बेटे पार्थ को राज्यसभा भेजेगी NCP, आधी रात को लिया गया फैसला


    मुंबई।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव (Rajya Sabha Election) से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल (Prafull Patel) के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।


    बीजेपी कोर कमेटी की आज बैठक

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।


    बीजेपी चार सांसद भेज सकती है

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।


    महाविकास अघाड़ी के पास एक को भेजने की क्षमता

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग

    केरलम की मंजूरी के बाद ममता ने फिर उठाई नाम बदलने की मांग


    कोलकाता। केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने के फैसले के बाद अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के नाम‑परिवर्तन की मांग को पूरा नहीं करने को लेकर केंद्र पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘बांग्ला’ करने के प्रस्ताव को केंद्र ने वर्षों से लंबित रखा है, जबकि केरल को तुरंत मंजूरी दे दी गई. ममता ने एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य का नाम ‘West Bengal’ होने की वजह से पूरे देश में अल्फाबेटिकल ऑर्डर में बंगाल को हमेशा अंत में रखा जाता है. चाहे वह परीक्षाओं के इंटरव्यू हों, राष्ट्रीय बैठकें हों या औपचारिक कार्यक्रम. उन्होंने कहा कि “हमारे छात्र जब परीक्षा या इंटरव्यू में जाते हैं तो उन्हें आख़िर में बुलाया जाता है. मुझे भी राष्ट्रीय बैठकों में सबसे अंत में बोलने का अवसर मिलता है, क्योंकि हमारे राज्य का नाम ‘W’ से शुरू होता है.”
    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट आरोप लगाया कि केंद्र सरकार बंगाल के प्रति “अनदेखी” का रवैया अपनाती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य विधानसभा 2018 से अब तक तीन बार नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर चुकी है, लेकिन केंद्र ने उसे आगे नहीं बढ़ाया.
    बंगाल की मांग को अटकाया जा रहा है: ममता बनर्जी

    ममता ने केरल को बधाई देते हुए कहा कि केरलम का प्रस्ताव आसानी से पास होना “राजनीतिक समीकरणों” का नतीजा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और सीपीआई(एम) की “बढ़ती समझ” ने इस प्रक्रिया को आसान बनाया, जबकि बंगाल की मांग लगातार अटकी हुई है.

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल के लिए ‘बांग्ला’ नाम उनकी सांस्कृतिक पहचान, भाषा और इतिहास को बेहतर तरीके से दर्शाता है.

    उन्होंने कहा कि ‘West’ शब्द विभाजन के दौर की ऐतिहासिक परिस्थितियों का बोझ ढोता है, जबकि आज ‘East Bengal’ अस्तित्व में ही नहीं है. कई विशेषज्ञों ने भी इस तर्क का समर्थन किया है कि ‘बांग्ला’ राज्य की आधुनिक और सांस्कृतिक पहचान के अधिक नज़दीक है.
    केंद्र पर ममता ने बोला हमला

    ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से यह मुद्दा उठाया, लेकिन कोई प्रगति नहीं हुई. उन्होंने केंद्र पर “एंटी‑बंगाली” रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया और कहा कि जब राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलेंगी, तो राज्य का नाम बदलने का रास्ता भी साफ होगा.

  • अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    अजित पवार प्लेन क्रैश के बाद DGCA की बड़ी कार्रवाई, VSR के चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक

    नई दिल्ली। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने विशेष सुरक्षा ऑडिट के बाद VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के चार विमानों को तत्काल प्रभाव से ग्राउंड (उड़ान पर रोक) करने का आदेश दिया है। जांच में हवाई योग्यता, उड़ान संचालन और मेंटेनेंस प्रक्रियाओं में कई गंभीर उल्लंघन सामने आए हैं।

    बारामती हादसे के बाद शुरू हुई सख्त जांच
    यह कार्रवाई बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे के बाद की गई। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।
    हादसा दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान खराब दृश्यता में हुआ बताया गया था। यह कंपनी से जुड़ा पिछले कुछ वर्षों का तीसरा बड़ा हादसा माना जा रहा है, जिससे विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।

    चार विमानों पर अनिश्चितकालीन रोक
    DGCA ने जिन विमानों को ग्राउंड किया है, वे कंपनी के नॉन-शेड्यूल ऑपरेशन (चार्टर) बेड़े का हिस्सा थे। नियामक ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी एयरवर्थनेस (Airworthiness) मानकों की पूरी तरह बहाली नहीं हो जाती, तब तक ये विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। कंपनी को कमी रिपोर्ट (Deficiency Report) जारी कर रूट-कॉज एनालिसिस जमा करने का निर्देश दिया गया है।

    ऑडिट में क्या-क्या मिला?
    4 से 16 फरवरी के बीच DGCA की टीम ने विस्तृत सुरक्षा ऑडिट किया।

    जांच में सामने आया कि—

    अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था
    रखरखाव प्रणाली में गंभीर खामियां थीं
    सुरक्षा मानकों की निगरानी कमजोर थी
    संचालन और दस्तावेजी अनुपालन में अनियमितताएं पाई गईं
    इन निष्कर्षों के बाद नियामक ने सख्त कार्रवाई को जरूरी बताया, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें।

    विमान दुर्घटना जांच अलग से जारी
    हादसे की तकनीकी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है, जबकि DGCA ने नियामकीय और संचालन संबंधी जिम्मेदारियों की पड़ताल की।

    अब नॉन-शेड्यूल उड़ानों पर कड़े नियम
    हालिया घटनाओं को देखते हुए DGCA ने गैर-निर्धारित (NSOP) उड़ानों के लिए नए सुरक्षा नियम भी लागू करने की घोषणा की है।

    अब ऑपरेटरों को—
    विमानों का रखरखाव इतिहास सार्वजनिक करना होगा
    विमान की उम्र और स्वामित्व परिवर्तन की जानकारी देनी होगी
    सुरक्षा रैंकिंग जारी करनी होगी
    वरिष्ठ प्रबंधन की जवाबदेही तय होगी

    DGCA ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षा चूक का दोष केवल पायलट पर नहीं डाला जा सकता; कंपनी का नेतृत्व भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर पायलट का लाइसेंस पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है।

    संदेश साफ: बारामती हादसे के बाद भारत का एविएशन रेगुलेटर चार्टर और नॉन-शेड्यूल उड़ानों की निगरानी को लेकर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति की ओर बढ़ रहा है।