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  • यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु की गिरफ्तारी से भड़के सांसद पप्पू यादव, 'गलगोटिया वालों की…'

    यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु की गिरफ्तारी से भड़के सांसद पप्पू यादव, 'गलगोटिया वालों की…'


    नई दिल्ली । भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. एआई समिट में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में उदयभानु को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद बीजेपी पर विपक्षी दल निशाना साध रहे हैं. बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी हमला बोला है.

    सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार 24 फरवरी, 2026 को अपने एक्स से पोस्ट किया. कांग्रेस नेता की इस गिरफ्तारी के विरोध में सांसद पप्पू यादव ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिक्र किया. एआई समिट में गलगोटिया की ओर से पेश किए गए रोबोडॉग के मामले में उन्होंने सवाल उठाया कि गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?

    अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने क्या लिखा?

    अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है, AI समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु जी और यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष आदि कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वालों से एक सवाल AI समिट में देश का नाम डुबाने वाले गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की… क्या इसलिए कि वह BJP का लंगोटिया है?

    एआई समिट पर पहले भी हमला कर चुके हैं पप्पू यादव

    यह पहली बार नहीं है जब सांसद पप्पू यादव ने एआई समिट को लेकर बीजेपी को घेरा है. इसके पहले वे पीएम मोदी तक का नाम लेकर निशाना साध चुके हैं. एक पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है मोदी जी AI का मतलब ए आइ मां समझे रहे थे. उनकी सरकार ने AI का मतलब All Insult कराना समझ लिया.

    क्या है गलगोटिया का मामला?

    एआई समिट में एक रोबोडॉग को दिखाते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर नेहा सिंह ने मीडिया को बताया कि इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्रों द्वारा विकसित किया गया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह रोबोट वास्तव में चीन की कंपनी का मॉडल है जो ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है. विवाद बढ़ने पर समिट आयोजकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का स्टॉल बंद करवा दिया.

  • उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश

    उत्तर प्रदेश में निवेश का बड़ा तोहफा: जेवर एयरपोर्ट पर दो प्रोजेक्ट्स में 4,458 करोड़ रुपए का निवेश


    नई दिल्ली। लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के दूसरे दिन राज्य को वैश्विक निवेश का एक और बड़ा तोहफा मिला। सीएम योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने एविएशन सर्विस सेक्टर की अग्रणी कंपनी सैट्स लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए।

    इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहले प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है और दूसरे में विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा।

    एमओयू के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा।

    एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित किया जाएगा। इस किचेन से उच्च गुणवत्ता वाला भोजन जेवर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स तक की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

    जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे। यह न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेगा। निवेश से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन, व्यापार संवर्द्धन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

    सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जोड़कर उत्तर प्रदेश को एक निवेश-अनुकूल केंद्र बनाया जा रहा है। सैट्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते से राज्य में लॉजिस्टिक्स, एविएशन और सर्विस सेक्टर में निवेश का नया दौर शुरू होगा।

  • दिल्ली-मुंबई के हवाई अड्डों पर दबाव कम करने के लिए अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता में तेजी

    दिल्ली-मुंबई के हवाई अड्डों पर दबाव कम करने के लिए अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता में तेजी


    नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । भारत में अल्टरनेट एयरपोर्ट्स की क्षमता अगले कुछ वर्षों में बढ़कर 2026 के अंत तक करीब 4 करोड़ यात्रियों तक पहुँचने की उम्मीद है। यह जानकारी मंगलवार को जारी CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट में सामने आई। अल्टरनेट एयरपोर्ट्स का उद्देश्य मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली और मुंबई के मुख्य हवाई अड्डों पर बढ़ते ट्रैफिक को कम करना और यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि पुराने हवाई अड्डे जो व्यस्त शहरों के केंद्रों में स्थित हैं, पहले से ही अपनी पूरी क्षमता पर ऑपरेट कर रहे हैं और बढ़ते एयर ट्रैवल को संभालने में असमर्थ हैं। ऐसे में अल्टरनेट एयरपोर्ट्स पुराने एयरपोर्ट्स पर दबाव कम करने और भविष्य में बढ़ती यात्री संख्या को संभालने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    विश्लेषण में यह भी बताया गया कि अगले चार वित्तीय वर्षों में इन नए एयरपोर्ट्स के विस्तार से कुल क्षमता बढ़कर वित्त वर्ष 2030 तक प्रति वर्ष 4.5 से 5 करोड़ यात्रियों तक पहुँच सकती है। इस वृद्धि को मौजूदा एयरपोर्ट्स पर बढ़ती भीड़, कनेक्टिविटी में सुधार और नए कैचमेंट क्षेत्रों के कारण बल मिलेगा।

    हालांकि रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए परिचालन में समय पर वृद्धि करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर मुंबई महानगर क्षेत्र एमएमआर और गोवा सहित पुराने हवाई अड्डों के आसपास स्थित चालू और आगामी अल्टरनेट एयरपोर्ट्स पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।

    एनसीआर और एमएमआर जैसे महानगरों में पुराने हवाई अड्डे पहले से ही अपनी डिजाइन क्षमता के लगभग 87 प्रतिशत पर ऑपरेट कर रहे हैं। स्थान की कमी के कारण इन एयरपोर्ट्स में बड़े विस्तार परियोजनाओं की गुंजाइश सीमित है। इसी कारण अल्टरनेट एयरपोर्ट्स को विकसित करना अपरिहार्य हो गया है।

    CRISIL रेटिंग्स के निदेशक अंकित हखू ने कहा कि महानगरों में स्थित नए एयरपोर्ट्स से वित्त वर्ष 2030 तक कुल क्षेत्रीय यातायात का 20-25 प्रतिशत हिस्सा संभालने की उम्मीद है। उन्होंने आगे बताया कि नए एयरपोर्ट्स के शुरुआती वर्षों में विमानन और गैर-विमानन दोनों प्रकार के राजस्व में वृद्धि करना महत्वपूर्ण होगा।

    रिपोर्ट में मुंबई के पुराने एयरपोर्ट के विकास पर ध्यान दिया गया। वित्त वर्ष 2017 के बाद इसकी विकास दर धीमी रही क्योंकि क्षमता संबंधी बाधाओं के कारण एयरलाइंस व्यस्त समय में अतिरिक्त उड़ानें उपलब्ध नहीं करा पाईं। इसके विपरीत, दिल्ली एयरपोर्ट का विकास लगातार जारी रहा। लेकिन क्षेत्र में दूसरे हवाई अड्डे के विकास के बिना दिल्ली भी मध्यम अवधि में इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर सकती है।

    कुछ अन्य महानगरों जैसे बेंगलुरु और हैदराबाद के हवाई अड्डों में अभी भी विस्तार की गुंजाइश बनी हुई है। ये एयरपोर्ट्स पिछले वित्तीय वर्ष में अपनी डिजाइन क्षमता के लगभग 65 प्रतिशत पर ऑपरेट कर रहे थे जिससे भविष्य में यात्रियों की बढ़ती संख्या को संभालने के लिए विस्तार की संभावना बनी हुई है।

  • यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    यूपी में ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की नई राजनीति, ओमप्रकाश राजभर की बड़ी रैली

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है और ब्राह्मण वोट बैंक को साधने की राजनीति तेज हो गई है। मायावती के सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले से प्रेरित अब ओमप्रकाश राजभर ने आजमगढ़ में 10 हजार ब्राह्मणों की रैली कर अपनी रणनीति का ऐलान कर दिया। राजभर ने रैली में ब्राह्मणों के सम्मान में कसीदे पढ़े और नारे लगाए जय सुहेलदेव जय परशुराम साथ ही साफ कर दिया कि उनका निशाना समाजवादी पार्टी है।

    बीते 20 सालों में मायावती और बीएसपी ने ब्राह्मण-दलित गठजोड़ और दलित मुस्लिम फॉर्मूले के कई प्रयोग किए लेकिन 2022 में बीएसपी केवल एक सीट पर सिमट गई। ऐसे में ओमप्रकाश राजभर ने ओबीसी-ब्राह्मण गठजोड़ की नींव आजमगढ़ से रखी है जहां समाजवादी पार्टी का दबदबा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी रैली से आजमगढ़ की सभी 10 विधानसभा सीटें एनडीए के पक्ष में जा सकती हैं।

    रैली में राजभर ने मुख्य रूप से तीन बातें कही: ब्राह्मण वर्ग की प्रबुद्धता और समाज में भूमिका यूजीसी गाइडलाइंस पर विश्वास और सुप्रीम कोर्ट की सहायता और ब्राह्मणों के प्रति सम्मानजनक संदेश। उनके प्रयास में बीजेपी और ब्राह्मण वर्ग को साधने की राजनीतिक रणनीति साफ झलक रही है। यूपी में ब्राह्मण आबादी लगभग 12 फीसदी है और सवर्ण आबादी 18-20 फीसदी इसलिए इसे साधना किसी भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।

    ब्राह्मणों की राजनीति पर नज़र डालें तो ओमप्रकाश राजभर के मंच पर अलग मंच लखनऊ में ब्रजेश पाठक द्वारा तिलक और पूजा और प्रयागराज में हुए अपमान का विरोध सभी संकेत देते हैं कि जातिगत सियासत सक्रिय है। समाजवादी पार्टी बीएसपी और बीजेपी की कोशिशें इस वोट बैंक को आकर्षित करने में लगी हैं। मायावती ने हाल ही में घोसखोर पंडत विवाद में हस्तक्षेप कर ब्राह्मणों का समर्थन किया। वहीं कांग्रेस ने फिलहाल खामोशी अख्तियार कर रखी है हालांकि अतीत में इसका जनाधार मजबूत था।

    यूपी की राजनीति में ब्राह्मण वोट बैंक अब नए दौर में सोशल इंजीनियरिंग 2.0 का केंद्र बन गया है। ओमप्रकाश राजभर के प्रयास समाजवादी पार्टी के गढ़ आजमगढ़ पर चुनौती और बीजेपी-बीएसपी के फॉर्मूले इसे और दिलचस्प बना रहे हैं। आने वाले चुनाव में ब्राह्मण वर्ग की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।

  • शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार

    शर्म की असली वजह क्या? एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस को लेकर राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार


    नई दिल्ली । लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए सियासी बहस को नई धार दे दी है। एआई समिट के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रधानमंत्री द्वारा शर्मनाक बताए जाने पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया और कहा कि असली शर्म प्रदर्शन नहीं बल्कि उन मामलों पर सरकार की चुप्पी है जिनमें गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री उनके एक मंत्री और एक करीबी सहयोगी का नाम सामने आना चिंता का विषय है और यही वास्तव में शर्म की बात है।

    राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा मोदी जी आप शर्म की बात करते हो? शर्म की बात यह है कि एपस्टीन फाइल्स में आपका आपके मंत्री और आपके मित्र का नाम साथ में आ रहा है। ऐसे घिनौने अपराधी के साथ नाम जुड़ना ही शर्मनाक है। उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस समझौते से देश के किसानों टेक्सटाइल उद्योग और डेटा सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक सरकार ने देशहित से समझौता किया है और इन मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल जिस संदर्भ का जिक्र कर रहे हैं उसमें केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि पुरी ने स्पष्ट किया है कि उनके संबंध केवल आधिकारिक और कार्यगत थे। इसी प्रकरण में प्रधानमंत्री मोदी के एक विदेशी दौरे का उल्लेख भी सामने आने की बात कही गई थी जिस पर संसद में पहले भी हंगामा हो चुका है। अब राहुल गांधी ने उसी मुद्दे को फिर से उठाकर सरकार पर नैतिक जवाबदेही का दबाव बनाने की कोशिश की है।

    इसके साथ ही राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी पर अमेरिका में चल रहे मामलों को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक कारोबारी तक सीमित नहीं है बल्कि सत्ता और पूंजी के रिश्तों से जुड़ा प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि 14 महीनों से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई जो अपने आप में कई संदेह पैदा करती है। राहुल ने अनिल अंबानी का नाम लेते हुए भी सरकार और बड़े उद्योगपतियों की नजदीकियों पर सवाल उठाए और कहा कि कांग्रेस एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी तथा देशहित के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।

    यह पूरा विवाद नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट से जुड़ा है जहां कांग्रेस यूथ कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री मोदी ने मेरठ की सभा में कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने इसे कांग्रेस की गंदी और शर्म वाली राजनीति बताते हुए कहा था कि देश की सबसे पुरानी पार्टी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि खराब कर रही है। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया।

    कांग्रेस के प्रदर्शन की आलोचना केवल सत्तापक्ष तक सीमित नहीं रही। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह की हरकत से देश की छवि धूमिल होती है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती समेत कई विपक्षी नेताओं ने भी कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए। इसके बावजूद कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं का समर्थन किया और इसे लोकतांत्रिक विरोध बताया।

    सियासत के इस तीखे दौर में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो चुका है। एक ओर प्रधानमंत्री कांग्रेस की राजनीति को शर्मनाक बता रहे हैं तो दूसरी ओर राहुल गांधी सरकार की नीतियों अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कारोबारी गठजोड़ पर सवाल उठाकर जवाब मांग रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और चुनावी मंचों पर और अधिक गूंजने की संभावना है।

  • संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते

    संजय निषाद ने अखिलेश यादव के 100 विधायक ऑफर पर साधा निशाना, कहा- भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते


    नई दिल्ली । भदोही से जारी राजनीतिक बयानबाजी में यूपी के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के नेता संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक लाकर मुख्यमंत्री बनने के ऑफर पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि सपा नेतृत्व खुद को कमजोर मान रहा है और दूसरों के सहारे सत्ता में आने का सपना देख रहा है। संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा “भाड़े के पहलवानों से अखाड़ा नहीं जीत सकते।

    भदोही में निषाद पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान मीडिया से बात करते हुए संजय निषाद ने साफ किया कि सपा का यह बयान ही साबित करता है कि उनके पास सरकार बनाने की ताकत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि PDA संकट में है और यदि यह स्थिति बनी रही तो 2027 के चुनाव में सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा। संजय निषाद ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि वे असली पहलवान तैयार करते थे और संगठन को जमीन पर खड़ा करते थे जबकि आज अखिलेश यादव केवल ‘भाड़े के पहलवानों’ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहते हैं।

    संजय निषाद ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पूरे सनातन समाज के पूज्यनीय हैं और उनके साथ किसी भी तरह का अनुचित व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि कानून अपना काम करेगा और निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी। साथ ही उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई की भी मांग की।

    संजय निषाद की यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। उनका कहना है कि सपा का यह ऑफर केवल हवा में बातें करने जैसा है और सत्ता हासिल करने के लिए असली संगठन और जमीन पर संघर्ष जरूरी है। उनका निशाना स्पष्ट रूप से यह दिखाता है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं और गठबंधन की ताकत पर सवाल उठ रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि इस बयान के बीच शंकराचार्य विवाद भी गर्म बना हुआ है जिसमें बालकों की शिखा खींचने और गिरफ्तारी का मुद्दा शामिल है। संजय निषाद ने कहा कि इस घटना से समाज आहत है लेकिन कानून सच्चाई सामने लाएगा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। यूपी की सियासी हलचल में यह बयान और विवाद दोनों ही चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

  • अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?

    अजित पवार विमान हादसा: एनसीपी MLC का दावा, क्या पायलट था आत्मघाती हमलावर?


    मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अजित पवार की मौत और बारामती विमान हादसे को लेकर सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। एनसीपी एमएलसी अमोल मितकरी ने इस घटना को 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या से जोड़ते हुए कहा कि यह सिर्फ दुर्घटना नहीं बल्कि बड़ी साजिश हो सकती है।

    मितकरी का विवादित दावा
    अकोला में जनसभा में मितकरी ने कहा, “जैसे LTTE ने राजीव गांधी की हत्या की साजिश रची थी, उसी तरह अजित पवार के मामले में भी साजिश रची गई। क्या विमान उड़ा रहे कैप्टेन सुमित कपूर आत्मघाती थे? अगर उनकी पत्नी कह रही हैं कि वे जिंदा हैं, तो इस हादसे में वास्तव में कौन मरा?”

    उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में इतनी शांति क्यों है जबकि घटना के आसपास कई सवाल हैं। मितकरी ने कहा कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं है और ब्लैक बॉक्स डेटा के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी जनता के सामने आना चाहिए।

    जांच और सीसीटीवी की मांग

    एमएलसी ने पूछा कि कैप्टेन साहिल मदान और कैप्टेन को विमान उड़ाना था, वे कहाँ हैं और उनके मूवमेंट का सीसीटीवी फुटेज क्यों जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को केवल तकनीकी पक्ष तक सीमित नहीं रहना चाहिए और दृश्य साक्ष्य भी सामने लाना चाहिए।

    बारामती में प्रदर्शन

    बारामती में एनसीपी कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने प्रशासनिक भवन के बाहर इकट्ठा होकर जांच की मांग की। लोगों ने पवार की स्मृतियों से जुड़ी तख्तियां भी रखीं। स्थानीय निवासी बोले कि हादसे को 25 दिन हो गए हैं, लेकिन कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उपमंडलीय मजिस्ट्रेट को गहन जांच के लिए ज्ञापन भी सौंपा गया।

    सरकार की प्रतिक्रिया

    मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हादसे की सीबीआई जांच का अनुरोध कर चुकी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि विमान हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट 28 फरवरी या उससे पहले आ जाएगी।
  • तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की 45 सीट की मांग, DMK केवल 25 सीट देने को तैयार


    नई दिल्ली। आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कषगम DMK से 45 सीटों की मांग की है जबकि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी इस बार भी पिछले चुनाव की तरह केवल 25 सीट देने को तैयार है। इस साल अप्रैल मई में राज्य में चुनाव होने की संभावना है।

    कांग्रेस ने बढ़ाई मांग
    कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने सीट बंटवारे को लेकर स्टालिन से चर्चा की लेकिन अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। कांग्रेस का तर्क है कि 2021 के चुनाव परिणामों की समीक्षा के आधार पर उन्हें अधिक सीटें मिलनी चाहिए।

    स्रोतों के अनुसार पिछले चुनाव में DMK ने कुल 234 सीटों में से 173 पर चुनाव लड़ा जिसमें 133 जीत और 40 हार मिली। अधिकांश हार AIADMK और बीजेपी से हुई थी।

    कांग्रेस का मानना है कि अगर उन्हें अधिक सीटें दी जाएं तो पिछली बार हारी हुई कम से कम 20 सीटें जीती जा सकती हैं। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि 45 सीट की मांग का उद्देश्य जीत की संभावनाओं में सुधार गठबंधन को मजबूत करना और 2026 से पहले संतुलित सीट-बंटवारे का फॉर्मूला सुनिश्चित करना है।

    बातचीत का दौर जारी

    रविवार को चेन्नई में स्टालिन और वेणुगोपाल के बीच बैठक हुई जिसमें दोनों दलों के वरिष्ठ नेता भी शामिल थे। इसके अलावा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग IUML के कादर मोहिदीन ने प्रतिनिधिमंडल के साथ DMK नेताओं से मुलाकात की।
  • Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी

    Jharkhand: रांची से उड़ी एयर एंबुलेंस चतरा में हुई क्रैश …7 की मौत, पढ़े हादसे की पूरी कहानी


    रांची।
    रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस (Air Ambulance) सोमवार देर शाम करीब 7:30 बजे चतरा में क्रैश हो गई। विमान में मरीज समेत कुल सात लोग सवार थे। इस हादसे में सभी सात लोगों की मौत हो गई।

    चतरा एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि एयर एंबुलेंस क्रैश (Air ambulance crash.) होकर सिमरिया के जंगल में गिरी है। इस हादसे में संजय कुमार नाम के मरीज की भी मौत हो गई जो ढाबे में भीषण आग लगने के कारण झुलस गए थे और दिल्ली इलाज करवाने के लिए जा रहे थे।

    आग की भयावह लपटों से जूझते हुए जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे संजय की कहानी अब एक मार्मिक त्रासदी बन चुकी है। पेशे से ढाबा चलाने वाले संजय कुछ दिन पहले गंभीर रूप से झुलस गए थे। हादसे में उन्हें इलेक्ट्रिक बर्न हुआ था, जिससे उनका शरीर 65 फीसदी बुरी तरह जल गया था। परिजनों ने उन्हें तुरंत रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पिछले करीब दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

    दस दिनों में परिवार ने हर संभव कोशिश की। डॉक्टरों ने पूरी मेहनत की, लेकिन संजय की हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। हर गुजरते दिन के साथ उम्मीद और चिंता के बीच झूलते परिवार ने अंततः बड़ा फैसला लिया-संजय को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। पैसों की परवाह किए बिना परिजनों ने एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की। ढाबा चलाकर परिवार का गुजारा करने वाले संजय की जिंदगी बचाने के लिए रिश्तेदारों और परिचितों ने भी सहयोग दिया।


    जिंदगी बचाने का सफर बनी आखिरी उड़ान

    एयर एंबुलेंस की बुकिंग के बाद परिवार में एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी। सभी को भरोसा था कि राजधानी में बेहतर इलाज से संजय की जिंदगी बच जाएगी। इसी उम्मीद के साथ मरीज को एयर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया। उनके साथ परिजन भी इस उड़ान में सवार हुए, दिल में दुआ और आंखों में उम्मीद लिए। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दिल्ली की ओर बढ़ती यह उड़ान अचानक एक दर्दनाक हादसे में बदल गई। एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गया और पलक झपकते ही जिंदगी बचाने की कोशिश कर रहे सभी लोग मौत के आगोश में समा गए। जिस उड़ान से जीवन की नई शुरुआत की उम्मीद थी, वही अंतिम सफर साबित हुई।

    इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। संजय, जो रोज सैकड़ों लोगों को अपने ढाबे में खाना खिलाते थे, आज खुद नियति के हाथों हार गए। परिवार, जिसने हर संभव कोशिश की, अब गहरे शोक में डूबा है। बेहतर इलाज की उम्मीद में भरी उड़ान का इस तरह अंत हो जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर दिया है। उम्मीद, संघर्ष और नियति की इस दर्दनाक कहानी ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है।

    संजय कुमार मूल रूप से चंदवा के रखात गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में चंदवा स्थित गायत्री मोहल्ले में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वे पलामू के बकोरिया में ढाबा चलाते थे। चार दिन पहले उनके ढाबे में भीषण आग लग गई थी, जिसमें वे गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद उन्हें रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली रेफर किया था। वहीं हादसे के शिकार हुए डॉ. विकास गुप्ता पूर्व में गारू और चंदवा में पदस्थापित रह चुके थे और प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे।

    देवकमल में 16 फरवरी को मरीज भर्ती हुआ था
    लातेहार के चंदवा का मरीज संजय (41 वर्ष) 16 फरवरी को रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती हुआ था। बिजली से वह 65 फीसदी जल गया था और उसकी स्थिति ठीक नहीं थी। देवकमल अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर ले जाने को कहा था। सोमवार को मरीज के परिजनों ने एयर एंबुलेंस बुक किया और इलाज के लिए दिल्ली जा रहे थे। संजय के परिजनों ने सवाल उठाया है कि जब मौसम खराब हो गया था तो एयर एंबुलेंस को उड़ान की अनुमति कैसे दी गई? क्या सुरक्षा मानकों का पालन हुआ? पूरा मामला गंभीर लापरवाही की आशंका पैदा करता है। इसकी उच्चस्तरीय जांच जरूरी है। वहीं रांची एयरपोर्ट के निदेशक विनोद कुमार ने कहा, एयर एंबुलेंस के दुर्घटना के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा।


    कैसे टूटा संपर्क

    जानकारी के मुताबिक विमान रांची से उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही क्रैश हो गया। विमान में एक मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक, दो सहायक, एक पायलट और एक सह-पायलट सवार थे। पायलट का नाम विवेक विकास भगत और सह-पायलट सवराजदीप सिंह थे। विमान ने न तो वाराणसी एटीसी से संपर्क किया और न ही लखनऊ एटीसी से जुड़ पाया। विमान का संपर्क वाराणसी के दक्षिण-पूर्व इलाके के आसपास टूटा। आखिरी बार विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुआ था। इसके बाद बात नहीं हो सकी। बताया जा रहा है कि इस दौरान विमान ने खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने की इजाजत मांगी थी। उड़ान के दौरान कुछ देर तक एटीसी से संपर्क बना रहा, लेकिन बाद में अचानक संपर्क टूट गया। 7:07 बजे शाम में विमान ने रांची से उड़ान भरी थी और रात 10 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद थी। रेडबर्ड एयरवेज का छोटा मेडिकल विमान था, जो मरीज को इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था।


    इनकी गई जान

    इस हादसे में जिन लोगों की जान गई उनमें मरीज 40 साल के संजय कुमार, उनकी 35 वर्षीय पत्नी अर्चना देवी, भगीना 17 वर्षीय ध्रुव कुमार, चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पारा मेडिकल कर्मी सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत, सौराजदीप सिंह शामिल हैं।

  • मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट

    मौसम में फिर बदलाव…नया पश्चिम विक्षोभ हो रहा एक्टिव, इन राज्यों में बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    फरवरी (February) जाते-जाते मौसम (Season) में भी तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी महीन में ही इतनी तेज धूप निकल रही है कि गर्मी का एहसास होने लगा है। पहाड़ी इलाको में अब बर्फबारी भी कम हो रही है। वहीं उत्तर भारत (North India) के कई राज्यों में बीते दिनों हल्की बूंदा-बांदी हुई है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में भी अधिकतम तापमान इस बार रिकॉर्ड तोड़ रहा है। वहीं राजधानी दिल्ली में अभी से पारा 30 के पार पहुंच गया है। वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है।

    12 राज्यों में हल्की बारिश के आसार
    मौसम विभाग ने कहा है कि बिहार और झारखंड के कुछ जिलों में सुबह कोहरा छाया रहेगा। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ऐक्टिव हो रहा है। इसकी वजह से बर्फबारी और हल्की बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण के राज्यों में तेज हवाओ के साथ बारिश हो सकती है। 24 से 26 फरवरी तक ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी बूंदाबांदी हो सकती है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, झारखंड. पश्चिम बंगाल, अरुणाचल, असम, मेघालय, सिक्किम, तेलंगाना और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना है।

    पंजाब में कोहरा
    मौसम विभाग ने कहा है कि पंजाब के कुछ इलाकों में सुबह कोहरा देखा जाएगा। इसके अलावा तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल बारिश की सभावना नहीं है। पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है।


    दिल्ली का मौसम

    राजधानी दिल्ली में सोमवार को सामान्य से अधिक गर्मी रही और प्रमुख मौसम केंद्रों पर बारिश की कोई सूचना नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी के अनुसार, सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य तापमान से पांच डिग्री अधिक है, जबकि न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र 31 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, इसके बाद आयानगर 30.4 डिग्री सेल्सियस और लोदी रोड 30.1 डिग्री सेल्सियस रहा। पालम में अधिकतम तापमान अपेक्षाकृत कम 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।


    कश्मीर में रिकॉर्ड तोड़ रही गर्मी

    कश्मीर घाटी में गर्मियों का मौसम आने से पहले ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के हालात पैदा हो गए हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों में घाटी में और तापमान बढ़ने का अनुमान जताया है। विभाग ने अपने परामर्श में कहा है कि अगले पांच दिनों में घाटी में ज्यादातर जगहों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि इस महीने के अंत तक घाटी में बड़े पैमाने पर बर्फबारी के आसार नहीं हैं और 23 से 26 फरवरी तक घाटी में मौसम सूखा रहने की संभावना है, जबकि 27 तथा 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है।


    राजस्थान में बारिश

    राजस्थान में बीते चौबीस घंटे में कहीं कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम केंद्र जयपुर ने यह जानकारी दी। मौसम केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह तक बीते 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई। सर्वाधिक 5.0 मिलीमीटर बारिश चोमू में दर्ज की गई। इसके अलावा टोंक के वनस्थली में बूंदाबांदी हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान बाड़मेर में 34.6 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान अलवर में 10.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में आए बदलाव के कारण सोमवार सुबह राजधानी जयपुर और आसपास के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे।