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  • तमिलनाडु और बंगाल से 8 आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े हमले की कर रहे थे प्लानिंग

    तमिलनाडु और बंगाल से 8 आतंकी गिरफ्तार, दिल्ली में बड़े हमले की कर रहे थे प्लानिंग


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) में आतंकी हमले (Terrorist attacks) का अलर्ट जारी है. इस बीच बड़ी आतंकी साजिश बेनकाब हुई है. पुलिस ने बड़े आतंकी हमले की प्लानिंग बनाने वाले 8 संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी पाकिस्तान (Pakistan) की ISI और बांग्लादेश (Bangladesh) के आतंकी संगठनों (Terrorist Organizations) के इशारे पर काम कर रहे थे.

    दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक ऑपरेशन के तहत, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल से इन 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. अब पुलिस इन आरोपियों को अब दिल्ली लेकर आ रही है. गिरफ्तार हुए आरोपियों में बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल हैं. उनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं. आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबत, उमर, मोहम्मद लितान, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्जल हैं।

    बताया जा रहा है कि ये लोग फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. पुलिस ने पश्चिम बंगाल से भी 2 आरोपी गिरफ्तार किए हैं, इनमें एक बांग्लादेशी नागरिक शामिल है. इस आतंकी मॉड्यूल ने 8 फरवरी को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों और मेट्रो में भड़काऊ पोस्टर लगाए थे, जिनमें कश्मीर से जुड़ी बातें भी लिखी गई थीं. भड़काऊ पोस्टर में FREE KASHMIR जैसी बातें लिखी हुई थीं.

    जब दिल्ली पुलिस ने पोस्टर को लेकर जांच शुरू की तो इस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ. इसके बाद पुलिस ने इन सभी को तिरुप्पुर जिले के उथुकुली (2), पल्लडम (3) और तिरुमुरुगनपूंडी (1) स्थित गारमेंट यूनिट्स से गिरफ्तार किया.


    दिल्ली में बड़े आतंकी हमले का अलर्ट

    हाल ही में जानकारी मिली कि पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली में बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने वाला है. संगठन भीड़भाड़ वाले इलाके और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकता है. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा भारत के बड़े शहरों में IED ब्लास्ट की साजिश रच रहा है.


    लाल किला-चांदनी चौक में कड़ी सुरक्षा

    आतंकी हमले के हाई अलर्ट के बाद पुरानी दिल्ली में लाल किला के आसपास और चांदनी चौक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं. भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. पुलिस ने स्थानीय लोगों और व्यापारियों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं.

  • AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका

    AI के दौर में 80 लाख नौकरियों की दरकार, पी. चिदंबरम ने जताई सामाजिक विस्फोट की आशंका


    नई दिल्ली । कृत्रिम मेधा एआई के तेजी से विस्तार के बीच भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन की है। पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने चेतावनी दी है कि देश को हर साल कम से कम 80 लाख नई नौकरियां पैदा करनी होंगी, जबकि वास्तविक आवश्यकता इससे भी अधिक हो सकती है। उनका कहना है कि आधिकारिक बेरोजगारी दर भले 5.1 प्रतिशत बताई जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कहीं अधिक गंभीर है। युवा बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और लगभग 55 प्रतिशत लोग स्वरोजगार या दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर हैं, जो अस्थिर आय और असुरक्षित भविष्य का संकेत है।

    चिदंबरम ने कहा कि एआई मानव क्षमताओं और उत्पादकता को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है, लेकिन इसके साथ बड़े पैमाने पर रोजगार विस्थापन का खतरा भी जुड़ा है। उन्होंने डारियो अमोदेई के उस विश्लेषण का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि एआई अभूतपूर्व गति से श्रम बाजारों को बाधित कर सकता है और निकट भविष्य में वाइट कॉलर नौकरियों का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो सकता है। टिकट चेकर, बस और ट्रेन कंडक्टर, रेल सिग्नलकर्मी, स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट, बैंक कर्मचारी, अनुवादक और निजी शिक्षक जैसी पारंपरिक नौकरियां स्वचालन की चपेट में आ सकती हैं।

    हाल के घटनाक्रम भी इस आशंका को बल देते हैं। Microsoft के सीईओ ने संकेत दिया है कि कई भूमिकाओं में स्वचालन बढ़ेगा और कंपनी ने 2025 में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की। इसी तरह Tata Consultancy Services ने पुनर्गठन के तहत बारह हजार से अधिक कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की। टेक निवेशक विनोद खोसला का मानना है कि एआई के कारण आईटी सेवाएं और बीपीओ उद्योग आने वाले वर्षों में बुनियादी बदलाव से गुजरेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई को भविष्य और समृद्धि का माध्यम बताया है, लेकिन चिदंबरम का तर्क है कि भारत की सामाजिक-आर्थिक संरचना विकसित देशों से भिन्न है। यहां उच्चतर माध्यमिक स्तर पर नामांकन में गिरावट देखी जाती है और उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात 45-50 प्रतिशत के बीच है। अधिकांश स्नातक डिग्रीधारी रोजगार योग्य कौशल से वंचित रहते हैं, जिससे उपयुक्त नौकरी पाना कठिन हो जाता है।

    उन्होंने आगाह किया कि यदि शहरी क्षेत्रों में भी रोजगार सिमटने लगे और शिक्षित युवाओं को आईटी व अन्य कुशल क्षेत्रों में अवसर न मिलें, तो सामाजिक असंतोष बढ़ सकता है। समाधान के तौर पर उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण प्रबंधन में बड़े निवेश, कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा, गैर-रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की समीक्षा और स्थानीय बाजारों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। एमएसएमई क्षेत्र को सबसे बड़ा रोजगार सृजक बताते हुए उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग इन उद्यमों की उत्पादकता बढ़ाने में किया जाए, न कि केवल लागत घटाने में।

    चिदंबरम का निष्कर्ष स्पष्ट है तकनीक को अपनाना अनिवार्य है, लेकिन इसके साथ रोजगार सृजन की सामाजिक जिम्मेदारी भी तय करनी होगी। अन्यथा, काम से वंचित समाज असंतुलन और असंतोष की ओर बढ़ सकता है। एआई का प्रभाव आने वाले वर्षों में और स्पष्ट होगा, इसलिए अभी से ठोस नीतिगत कदम उठाने का समय है।

  • ट्रेन टिकट बुकिंग का तरीका बदला… शॉर्टकट अपनाया तो ब्लॉक होगी IRCTC आईडी

    ट्रेन टिकट बुकिंग का तरीका बदला… शॉर्टकट अपनाया तो ब्लॉक होगी IRCTC आईडी


    नई दिल्ली।
    ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग (Online Train Ticket Booking) के दौरान शॉर्टकट (Shortcut) अपनाने से आपकी आईआरसीटीसी आईडी (IRCTC ID) ब्लॉक हो सकती है। समय से पहले बुकिंग प्रक्रिया पूरा करने पर यह कार्रवाई की जा सकती है। आईआरसीटीसी की नई तकनीक टिकट बुकिंग के दौरान टाइपिंग की गति से वैध-अवैध उपभोक्ताओं का पता लगा लेगी। इस सख्ती से आम जनता को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना 40 फीसदी तक बढ़ जाएगी।

    रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे ने ऑनलाइन टिकट बुकिंग में नया एआई प्रीडेटर सिस्टम (एआई सॉफ्टवेयर) लागू कर दिया गया है। इस नई तकनीक का उद्देश्य अवैध सॉफ्टवेयर की मदद आईआरसीटीसी वेबसाइट में घुसपैठ कर कन्फर्म टिकट लेने वाले दलालों पर नकेल कसना है।

    एआई आधारित सिस्टम बुकिंग के दौरान प्रक्रिया से पहचान लेगा कि टिकट इंसान बुक कर रहा या कोई सॉफ्टवेयर। ऐसे रेल यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है जो टिकट बुक करते समय स्मार्ट ट्रिक्स (कट-पेस्ट) अपनाते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को संदिग्ध मानकर रेलवे का सिस्टम यूजर आईडी (अकाउंट) को ब्लॉक कर सकता है। यदि आम उपभोक्ता रात में थोक में नाम जोड़ते या हटाता है तो वह एआई के जद में आएंगे।


    फॉर्म कम समय में न भरे

    रेलवे का एल्गोरिदम टाइपिंग की गति मापता है। यदि पांच यात्रियों का विवरण (नाम, उम्र, जेंडर आदि) 4.2 सेकेंड से कम समय में भर दिया जाता है तो सिस्टम यूजर को रेड फ्लैग कर देगा।


    आधे घंटे में पांच बार से ज्यादा लॉगिन न करें

    एक अधिकारी ने बताया, अगर उपभोक्ता एक आईडी से आधे घंटे में पांच बार से ज्यादा लॉगइन या लॉगआउट करते हैं तो ऐसे अकाउंट को 24 घंटे के लिए बैन कर दिया जाएगा। इसके अलावा आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर एक ही क्षेत्र में होना चाहिए। अगर दोनों अलग-अलग हैं तो ट्रांजक्शन बीच में ही रुक जाएगा। एक महीने में 2.8 लाख ऐसे अकाउंट ब्लॉक किए गए हैं।


    रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट पर डिजिटल पेमेंट से मिलेगी छूट

    बता दें कि, भारतीय रेलवे यात्रियों को डिजिटल माध्यमों से अधिक सुविधा, पारदर्शिता और प्रोत्साहन देने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे द्वारा संचालित रेलवन ऐप के माध्यम से अनारक्षित रेल टिकट बुकिंग पर मिलने वाली 3 प्रतिशत बोनस छूट की सुविधा का दायरा बढ़ा दिया गया है। यह व्यवस्था ट्रायल आधार पर 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी। इस सुविधा की जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। अब तक रेलवन ऐप पर अनारक्षित टिकट बुक करने पर केवल आर-वॉलेट से भुगतान करने पर ही 3 प्रतिशत बोनस कैशबैक की सुविधा उपलब्ध थी। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तथा डिजिटल भुगतान को अधिक प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से रेलवे ने यह लाभ अब सभी स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों पर लागू करने का निर्णय लिया है।

    नई व्यवस्था के अंतर्गत रेलवन ऐप के जरिए अनारक्षित टिकट लेते समय यदि यात्री यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग अथवा अन्य स्वीकृत डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग करते हैं, तो उन्हें टिकट मूल्य पर 3 प्रतिशत का लाभ प्राप्त होगा। इससे यात्रियों को टिकट बुकिंग में प्रत्यक्ष आर्थिक बचत होगी।

    रेलवे की यह पहल कैशलेस लेन-देन को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल इंडिया अभियान को भी मजबूती प्रदान करेगी। विशेष रूप से दैनिक यात्रा करने वाले, अनारक्षित श्रेणी में सफर करने वाले आम नागरिकों और उपनगरीय क्षेत्रों के यात्रियों को इस सुविधा से सीधा लाभ मिलेगा।

    रेलवन ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड कर रेल कनेक्ट या यूटीएस मोबाइल ऐप के मौजूदा उपयोगकर्ता अपनी पहचान के प्रमाण के साथ सीधे लॉग इन कर सकते हैं। इस ऐप पर अनारक्षित टिकट, आरक्षित टिकट, प्लैटफॉर्म टिकट, ट्रेन एवं स्टेशन से संबंधित जानकारी, शिकायत निवारण सहित विभिन्न यात्री सुविधाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।

  • SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम

    SIR के बाद 6 राज्यों की वोटर लिस्ट जारी… गुजरात में सबसे ज्यादा 68 लाख और MP में हटाए गए 34.25 लाख नाम


    नई दिल्ली।
    भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India- ECI) ने देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों (Voter lists) के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (Special Intensive Revision – SIR) का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। शनिवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर बदलाव दर्ज किए गए हैं। लाखों की संख्या में अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

    एसआईआर के आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली गिरावट गुजरात में देखी गई है। यहां कुल 68,12,711 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पुनरीक्षण से पहले गुजरात में मतदाताओं की संख्या 5,08,43,436 थी, जो अब घटकर 4,40,30,725 रह गई है। यह कुल मतदाता संख्या में 13.40% की भारी गिरावट है। गुजरात के बाद मध्य प्रदेश में भी मतदाता सूची में बड़ी शुद्धि की गई है। यहां 34,25,078 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 5,74,06,143 से कम होकर 5,39,81,065 (-5.97%) पर आ गई है।


    कहां कितनी हुई कटौती?

    – राजस्थान: मतदाताओं की संख्या 5,46,56,215 से घटकर 5,15,19,929 हो गई। 31,36,286 नाम काटे गए।
    – छत्तीसगढ़: यहां मतदाता सूची 2,12,30,737 से घटकर 1,87,30,914 रह गई। 24,99,823 नाम काटे गए।
    – केरल: सूची से 8,97,211 नाम हटाए गए, जिसके बाद अब कुल मतदाता 2,69,53,644 हैं।
    – गोवा: मतदाताओं की संख्या में 1,27,468 की गिरावट दर्ज की गई।

    केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति
    – पुडुचेरी: 77,367 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
    – अंडमान और निकोबार: 52,364 नामों की कटौती की गई।
    – लक्षद्वीप: यहां सबसे कम केवल 206 नामों में बदलाव हुआ है।

    चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव ‘नेट चेंज’ को दर्शाता है, जिसमें अपात्र मतदाताओं की संख्या में से नए जुड़े पात्र मतदाताओं को घटाया गया है। सूची से नाम हटाने के प्राथमिक कारणों में मृत्यु, स्थायी रूप से स्थानांतरण, एक से अधिक जगहों पर नाम और अन्य पात्रता संबंधी मुद्दे शामिल हैं। आयोग ने दोहराया कि मतदाता सूची को अपडेट करना एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।

    उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की बारी
    निर्वाचन आयोग ने देश के 12 राज्यों में इस राष्ट्रव्यापी अभ्यास की शुरुआत की थी। दूसरे चरण के 12 राज्यों में से अब केवल तीन राज्य शेष हैं। पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के लिए ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) का डेटा इस महीने के अंत में जारी किया जाएगा। आयोग ने शेष राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEOs) को भी प्रारंभिक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

    SIR प्रक्रिया का अगला चरण अप्रैल में शुरू होने वाला है, जो मतदाता सूची के सत्यापन के देशव्यापी अभियान का हिस्सा होगा। फिलहाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, गोवा और अंडमान-निकोबार के लिए अंतिम मतदाता सूचियां आधिकारिक तौर पर प्रकाशित कर दी गई हैं।

  • PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात

    PM मोदी आज देश के इस क्षेत्र को देंगे हाईस्पीड रीजनल ट्रेन और मेट्रो की सौगात


    मेरठ ।
    क्रांति की धरती मेरठ (Meerut.) एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) रविवार को मेरठ के 135 मिनट के प्रवास के दौरान ‘नमो भारत’ (RRTS) और ‘मेरठ मेट्रो’ (Meerut Metro) की बड़ी सौगात देंगे। यह न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर परिवहन तकनीक का एक अनूठा उदाहरण भी है। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जा रही इस परियोजना की कई ऐसी विशेषताएं हैं जो इसे देश के अन्य शहरों से अलग बनाती हैं।

    भारत में पहली बार एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रैक पर ‘नमो भारत’ (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) और ‘मेरठ मेट्रो’ का संचालन होगा। मेरठ मेट्रो देश की सबसे तेज मेट्रो सेवाओं में से एक होगी, जिसकी डिजाइन स्पीड 135 किमी/घंटा और ऑपरेशनल स्पीड 120 किमी/घंटा तक हो सकती है। साहिबाबाद से मेरठ के बीच का सफर अब मिनटों में तय होगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर और मेरठ के बीच की दूरी का अहसास खत्म हो जाएगा। नमो भारत और मेट्रो के स्टेशनों को विश्व स्तरीय सुविधाओं जैसे—प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर्स (PSDs), हाई-स्पीड वाईफाई और स्मार्ट टिकटिंग से लैस किया गया है।


    सीएम योगी ने किया निरीक्षण

    उद्घाटन कार्यक्रम से एक दिन पहले शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने मेरठ पहुंचकर रैपिड के प्रोजेक्ट साइट शताब्दीनगर, मेरठ साउथ स्टेशन और कार्यक्रम स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। दोनों स्टेशनों का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने जनसभा स्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा। Xइस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यातायात और बुनियादी ढांचे के इतिहास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) यानी ‘रैपिड मेट्रो’ के नए खंड का भव्य उद्घाटन करेंगे। इस कॉरिडोर के शुरू होने से न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी, बल्कि इसके बहुआयामी प्रभाव भी देखने को मिलेंगे।


    जनसभा और संबोधन

    उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। लगभग 50 मिनट के इस भाषण में वह मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भविष्य के विजन को साझा करेंगे। मेरठ आगमन से लेकर प्रस्थान तक प्रधानमंत्री 105 मिनट मेरठ की धरती पर रहेंगे, जो शहर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है।


    रूट डायवर्जन

    प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मेरठ में रविवार को रूट डायवर्जन रहेगा। सुबह छह से शाम छह बजे तक दिल्ली-देहरादून हाइवे पर गाजियाबाद-मेरठ के बीच वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते रहेंगे। मेरठ से गाजियाबाद जाने वाले वाहनों को हापुड़ होकर गाजियाबाद भेजा जाएगा। एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट पर रखा गया है।


    मेरठ से दिल्ली जाने वाले वाहन

    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन दिल्ली रोड नहीं जाएंगे। सभी वाहन मेरठ शहर से मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल से एनएच-58 से होकर काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए जा सकेंगे।
    – मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे से दिल्ली जा सकेगे।


    दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन

    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए मेरठ शहर आ सकेंगे।
    – दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड से बिजली बंबा चौराहे से मेरठ शहर में आ सकेंगे।
    – मेरठ से दिल्ली आने/जाने वाले वाहन परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर मे प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
    – यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाएं एंव एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेगी।
    – मोदीनगर से मेरठ की ओर भी कोई भी वाहन नहीं आने दिया जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से जाएंगे।
    – एनएच-58 पर परतापुर इंटरचेंज से मोदीनगर-दिल्ली की ओर कोई वाहन नहीं जाएगा। सभी वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे से आएंगे-जाएंगे।


    एटीएस और एसटीएफ समेत इंटेलिजेंस यूनिट अलर्ट

    एटीएस, एसटीएफ और इंटेलिजेंस यूनिट को अलर्ट किया गया है। सुरक्षा का पूरा जिम्मा एसपीजी ने संभाला हुआ है। लोकल इनपुट को लेकर टीम और स्थानीय पुलिस अलर्ट है। सभास्थल के आसपास का इलाका पूरी तरह पुलिस की निगरानी में रखा जाएगा।

  • नई दिल्ली डिक्लेरेशन: 88 देशों ने एआई के भविष्य के लिए किए हस्ताक्षर, भारत की ऐतिहासिक जीत

    नई दिल्ली डिक्लेरेशन: 88 देशों ने एआई के भविष्य के लिए किए हस्ताक्षर, भारत की ऐतिहासिक जीत


    नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में आयोजित पांच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट शुक्रवार को एक ऐतिहासिक मोड़ पर संपन्न हुआ, जब 88 देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन ऑन एआई इम्पैक्ट’ पर हस्ताक्षर किए। इस घोषणापत्र ने न केवल एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के भविष्य को दिशा देने का काम किया, बल्कि भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव को भी वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत किया।

    भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत
    भारत के लिए यह समझौता एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। पिछले साल पेरिस में हुए ‘एआई एक्शन समिट’ में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने यूरोपीय नियामक दृष्टिकोण का हवाला देते हुए घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। लेकिन नई दिल्ली में भारत ने इन सभी देशों को एक मंच पर लाने में सफलता हासिल की। भारत का मुख्य उद्देश्य एआई का “लोकतंत्रीकरण” करना है, ताकि यह तकनीक केवल कुछ बड़ी कंपनियों या व्यक्तियों के हाथों में न रहे, बल्कि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।

    नई दिल्ली डिक्लेरेशन के मुख्य पहलू
    इस घोषणापत्र के माध्यम से हस्ताक्षर करने वाले देशों ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सहमति जताई है, जो एआई के प्रभाव और उपयोग को वैश्विक स्तर पर बेहतर और सुरक्षित बनाएंगे:

    डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन चार्टर:
    इस चार्टर के तहत एआई के बुनियादी संसाधनों तक सभी की पहुंच को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही स्थानीय नवाचारों को भी समर्थन मिलेगा।

    ग्लोबल एआई इम्पैक्ट कॉमन्स:
    यह एक व्यावहारिक मंच होगा जो एआई के सफल उपयोगों को विभिन्न क्षेत्रों में अपनाने और पुनरावृत्त करने में मदद करेगा।

    ट्रस्टेड एआई कॉमन्स:
    एआई प्रणालियों की सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी संसाधनों, बेंचमार्क और सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा संग्रह बनाया जाएगा।

    इंटरनेशनल नेटवर्क ऑफ एआई फॉर साइंस इंस्टीट्यूशन्स:
    वैज्ञानिक अनुसंधान में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर के संस्थानों को जोड़ा जाएगा।

    समाज के उत्थान के लिए एआई का उपयोग
    इस घोषणापत्र में इस बात को स्वीकार किया गया है कि एआई समाज के सभी वर्गों के उत्थान की क्षमता रखता है। इसके लिए सोशल एम्पॉवरमेंट प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे विभिन्न सामाजिक वर्गों को एआई के लाभ मिल सकें। साथ ही, एआई के कारण बदलते रोजगार स्वरूप को ध्यान में रखते हुए, ‘रीस्किलिंग’ और कार्यबल विकास के लिए स्वैच्छिक मार्गदर्शक सिद्धांतों पर भी सहमति बनी है।

    आगे की चुनौतियाँ और कार्यान्वयन
    हालांकि 88 देशों ने इस डिक्लेरेशन पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन वादों को वास्तविकता में बदलना होगी, क्योंकि ये सभी प्रतिबद्धताएं स्वैच्छिक प्रकृति की हैं। कुछ सूत्रों के अनुसार, यूरोपीय संघ (EU) ने शुरुआत में इस घोषणापत्र के कुछ अंशों पर आपत्ति जताई थी, क्योंकि वे संयुक्त राष्ट्र के (UN) चार्टर से मिलते-जुलते थे। हालांकि, भारत को एक महत्वपूर्ण व्यापारिक सहयोगी मानते हुए, यूरोपीय संघ अंततः इस पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गया।

  • मुफ्त इलाज चाहिए? आयुष्मान कार्ड का ऐसे उठाएं लाभ, अस्पताल में क्या करना होगा..

    मुफ्त इलाज चाहिए? आयुष्मान कार्ड का ऐसे उठाएं लाभ, अस्पताल में क्या करना होगा..


    नई दिल्ली।जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने Ayushman Bharat Yojana शुरू की है इस योजना के तहत पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड जारी किया जाता है जिसके माध्यम से वे सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं

    कई लोगों के मन में सवाल होता है कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद इसका उपयोग कैसे किया जाए और मुफ्त इलाज की प्रक्रिया क्या है दरअसल इसका लाभ उठाने के लिए कुछ आसान स्टेप फॉलो करने होते हैं

    सबसे पहले आपको यह पता करना होता है कि आपके शहर या जिले में कौन से अस्पताल इस योजना में पंजीकृत हैं इसके लिए आप योजना की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए जानकारी ले सकते हैं केवल वही अस्पताल मुफ्त इलाज की सुविधा देते हैं जो योजना से जुड़े होते हैं

    इसके बाद आपको उसी पंजीकृत अस्पताल में जाना होता है अस्पताल पहुंचने पर आयुष्मान मित्र हेल्प डेस्क पर संपर्क करना होता है यहां मौजूद अधिकारी आपके आयुष्मान कार्ड की जांच करते हैं और आपकी पहचान व पात्रता को सत्यापित करते हैं सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित बीमारी या उपचार के अनुसार आपको कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है

    योजना के तहत लाभार्थी एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त में करवा सकता है यह सीमा हर साल रिन्यू होती है यानी अगले वित्तीय वर्ष में फिर से पूरी लिमिट उपलब्ध हो जाती है इसमें कई प्रकार की गंभीर बीमारियों और सर्जरी को कवर किया गया है

    कौन लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं यह भी जानना जरूरी है वे लोग जो गरीब या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं पीएफ या ईएसआईसी का लाभ नहीं लेते या जिनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है वे पात्रता मानदंड के अनुसार आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं पात्रता का निर्धारण सामाजिक आर्थिक जनगणना के आधार पर किया जाता है

    यह योजना उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है जो गंभीर बीमारी के इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट में आ जाते थे अब आयुष्मान कार्ड के जरिए वे बिना पैसे की चिंता किए पंजीकृत अस्पतालों में उपचार करा सकते हैं

    यदि आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो समय समय पर इसकी स्थिति और पात्रता की जांच करते रहें और इलाज की जरूरत पड़ने पर केवल अधिकृत अस्पताल में ही जाएं ताकि योजना का पूरा लाभ मिल सके

  • अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग

    अजित पवार विमान हादसा: रोहित पवार के गंभीर आरोप, केंद्रीय मंत्री से इस्तीफे की मांग


    नई दिल्ली/मुंबई । महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे Ajit Pawar की विमान दुर्घटना में मौत के बाद सियासत तेज हो गई है। एनसीपी एसपी के नेता Rohit Pawar ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हादसे को लेकर कई सवाल उठाए और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu से इस्तीफे की मांग की। उनका कहना है कि इस मामले में कथित सुरक्षा लापरवाही और निजी कंपनी की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    VSR वेंचर्स पर उठाए सवाल

    रोहित पवार ने दावा किया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का संचालन दिल्ली स्थित कंपनी VSR Ventures कर रही थी। उनके अनुसार, इस कंपनी को “प्रभावशाली और ताकतवर लोगों का संरक्षण” प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सुरक्षा मानकों में चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रोहित पवार ने डीजीसीए के कुछ अधिकारियों पर भी कंपनी का पक्ष लेने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की पारदर्शी जांच जरूरी है।

    पीएम और गृहमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

    रोहित पवार ने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री को ईमेल के जरिए पत्र भेजेंगे। साथ ही कांग्रेस नेता Rahul Gandhi से भी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील की।

    तकनीकी पहलुओं पर भी संदेह
    हादसे की तकनीकी वजहों पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि विमान में कथित रूप से एक से अधिक धमाके हुए थे। उन्होंने ब्लैक बॉक्स की स्थिति, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और अतिरिक्त ईंधन के डिब्बों को लेकर भी जांच की मांग की। उनका कहना है कि यात्रियों के सामान वाले हिस्से में अतिरिक्त पेट्रोल के कैन रखे जाने की बात सामने आई है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

    हादसे का विवरण

    जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2026 को बारामती में लैंडिंग के दौरान एक Learjet 45 रजिस्ट्रेशन VT-SSK दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह चार्टर फ्लाइट मुंबई से बारामती जा रही थी। हादसे में अजित पवार समेत पायलट सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, केबिन क्रू पिंकी माली और सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव की मौत हो गई। विमान बारामती एयरस्ट्रिप से कुछ मीटर पहले सुबह लगभग 8:30 से 8:45 बजे के बीच क्रैश हुआ।

    फिलहाल इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। आधिकारिक जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

  • भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’

    भारत-ब्राजील के बीच हुई ट्रेड डील, पीएम मोदी ने कहा- ‘आतंकवाद और विकास के मुद्दों पर दोनों देश साथ हैं’


    नई दिल्ली । भारत और ब्राजील ने अपने द्विपक्षीय संबंधों में नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा की द्विपक्षीय वार्ता के बाद औपचारिक रूप दिया गया।

    पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और विजन ने भारत-ब्राजील संबंधों को लंबे समय से मजबूती दी है। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में हुई कई बैठकों ने भारत के प्रति राष्ट्रपति लूला की गहरी मित्रता और भरोसा स्पष्ट किया है।

    व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य
    प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साथी है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से ऊपर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “हमारा व्यापार सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि आपसी भरोसे की झलक में भी निहित है। राष्ट्रपति लूला के साथ आया बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दर्शाता है।”

    टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर ध्यान
    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग न केवल भारत और ब्राजील के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को तेजी से विकास का मार्ग मिल सकता है।

  • एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित

    एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर दिल्‍ली पुलिस का बड़ा दावा, नेपाल के GenZ आंदोलन से था प्रेरित


    नई दिल्ली । भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट शुक्रवार को राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया, जब यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए समिट स्थल पर टी-शर्ट हटाकर नारेबाजी की। इस अप्रत्याशित प्रदर्शन ने न केवल कार्यक्रम की गंभीरता को प्रभावित किया बल्कि देशभर में राजनीतिक विवाद भी तेज कर दिया। इसके बाद बीजेपी के कई राज्यों में कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ सड़कों पर उतर आए।

    पुलिस का दावा: नेपाल के GenZ आंदोलन से प्रेरित
    दिल्ली पुलिस ने शनिवार (21 फरवरी 2026) को कहा कि यह प्रदर्शन नेपाल में सक्रिय GenZ आंदोलन से प्रेरित था। पुलिस के वकील ने कोर्ट में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने “देश को बांटने वाले” नारे लगाए और ऐसा वह स्थान चुनकर किया जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान धक्कामुक्की भी हुई और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।

    जब कोर्ट ने पुलिस से पांच दिन की रिमांड का कारण पूछा, तो पुलिस ने कहा कि उन्हें यह पता करना है कि इस साजिश के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और विवादित टी-शर्ट कहां से छापी गई। आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध किया, उनका कहना था, “यह गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है। अगर प्रदर्शन के कारण गिरफ्तारी होने लगी, तो संसद में प्रदर्शन करने वाले सांसदों की भी गिरफ्तारी होगी।”

    गिरफ्तार प्रदर्शनकारी और पुलिस की दलील
    गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों में बिहार से युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्णा हरि, प्रदेश सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन सभी ने राष्ट्रविरोधी नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आपत्तिजनक तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी थी। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी बरामद किए और अलग-अलग राज्यों से होने के कारण हिरासत में पूछताछ को जरूरी बताया।

    कांग्रेस विवादों में घिरी
    इस घटना के बाद कांग्रेस राजनीतिक विवादों में घिर गई है। प्रदर्शन ने कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए हलचल मचा दी थी। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल मीडिया और राजनीतिक दलों का ध्यान खींचा बल्कि देश-विदेश के कई दिग्गज प्रतिनिधियों के सामने भी राजनीतिक तनाव पैदा किया।