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  • दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव

    दिल्ली में ईवी क्रांति! सरकार ने तैयार की EV पॉलिसी 2.0, चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग में बड़े बदलाव


    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 का मसौदा तैयार कर लिया है। नई पॉलिसी का फोकस चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बैटरी रीसाइक्लिंग, और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर होगा।

    बैटरी रीसाइक्लिंग: पहली बार पूरी व्यवस्था

    नई पॉलिसी के तहत ईवी बैटरी की रीसाइक्लिंग पर खास जोर दिया गया है। ईवी बैटरी आमतौर पर 8 साल तक चलती है और उसके बाद सुरक्षित निपटान चुनौती बन जाता है। दिल्ली सरकार ने राजधानी में पहली बार बैटरी जमा करने और रीसाइक्लिंग की पूरी व्यवस्था बनाने की योजना बनाई है।

    चार्जिंग स्टेशन: हर कोने में सुविधा

    सरकार ने 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। हर स्टेशन पर 4-5 चार्जिंग पॉइंट होंगे। स्टेशन शॉपिंग मार्केट, मल्टी लेवल पार्किंग, RWAs, सरकारी ऑफिस और मुख्य मार्गों के किनारे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य दिल्ली के हर कोने में भरोसेमंद और आसान चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।

    नई छोटी ईवी वैन: लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के लिए

    संकरी गलियों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में चलाने के लिए नई छोटी ईवी वैन की योजना है, जो 7 यात्रियों और 1 ड्राइवर के साथ चलेगी। इसके साथ ही ई-रिक्शा संचालन के लिए तय रूट बनाए जाएंगे।

    पॉलिसी लागू होने के बाद बदलाव

    राजधानी में प्रदूषण में कमी

    सार्वजनिक परिवहन की सुविधा में सुधार

    ईवी सेक्टर में निवेश और रोजगार में वृद्धि

    चार्जिंग और बैटरी रीसाइक्लिंग नेटवर्क का विस्तार

    नई ईवी वैन से रोजमर्रा की यात्रा आसान और साफ-सुथरी

    नई पॉलिसी 31 दिसंबर के बाद लागू की जाएगी। पहली ईवी पॉलिसी 2020 में लागू हुई थी, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के कारण अब इसे अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाया गया है।

  • हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल

    हुमायूं कबीर का ‘धमाका’: CM ममता पर सीधा हमला, बंगाल की राजनीति में भूचाल


    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए घोषणा की कि वह 2026 विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी के सामने सीधी चुनौती पेश करेंगे।

    कबीर ने दावा किया कि न तो टीएमसी और न ही बीजेपी बहुमत पा पाएंगी। उन्होंने कहा कि उनकी नई पार्टी 135 सीटों पर चुनाव लड़कर किंगमेकर बनेगी और सत्ता की चाबी उनके हाथ में होगी। “अगला मुख्यमंत्री हमारी पार्टी के समर्थन के बिना शपथ नहीं ले पाएगा,” कबीर ने कहा।

    22 दिसंबर को नई पार्टी की घोषणा

    कबीर ने बताया कि 22 दिसंबर को वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करेंगे। उनका लक्ष्य चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाना और बंगाल की सियासत में नई शक्ति के रूप में उभरना है।

    टीएमसी का पलटवार

    टीएमसी ने कबीर के दावों को निराधार बताया। प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि कबीर की बातें केवल राजनीतिक हताशा का संकेत हैं और उनके पास कोई वास्तविक जनाधार नहीं है। टीएमसी का कहना है कि जनता अपने निर्णय में समर्थ है और किसी भी दावे को सत्ता में बदलने की संभावना कम है।

    राजनीति में नया ताप

    हुमायूं कबीर के दावे और नई पार्टी की घोषणा ने बंगाल की राजनीति में नया ताप ला दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कबीर क्या वास्तव में बंगाल की राजनीति में नई शक्ति के रूप में उभर पाएंगे या टीएमसी का अनुमान सही साबित होगा।

  • हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे

    हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी को दी चुनौती, 2026 विधानसभा चुनाव में नई पार्टी से लड़ेंगे


    नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल (West Bengal)में बाबरी मस्जिद (Babri Masjid)की नींव रख चुके विधायक हुमायूं कबीर(Humayun Kabir) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(Mamata Banerjee) को चुनौती दी है। उन्होंने बुधवार को कहा है कि वह अगले विधानसभा चुनाव में सीएम बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवार उतारने जा रहे हैं। राज्य में 2026 में चुनाव होने हैं। इससे पहले वह दावा कर चुके हैं कि बनर्जी 2026 में सीएम नहीं बन पाएंगी। तृणमूल कांग्रेस ने कबीर को निलंबित कर दिया है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मैं 22 दिसंबर को एक नई पार्टी का ऐलान करूंगा। मैं ममता बनर्जी की पार्टी के खिलाफ उम्मीदवारों को उतारूंगा। जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसे ऐसा करने के लिए हुमायूं कबीर का समर्थन लेना पड़ेगा।’ उन्होंने पहले भी कहा था कि वह अगले चुनाव में पश्चिम बंगाल में किंगमेकर बनकर सामने आएंगे।

    सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को कबीर ने दावा किया कि 2026 में न तो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और न ही भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छू पाएगी। कबीर ने कहा कि उनका अनुमान है कि 294 सदस्यीय विधानसभा में कोई भी पार्टी 148 सीटों का आंकड़ा पार नहीं कर पाएगी।

    उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘चुनाव के बाद मैं किंगमेकर बनूंगा। मेरे समर्थन के बिना कोई भी सरकार नहीं बना सकता।’ कबीर ने कहा, ‘मैंने कहा है कि मैं 135 सीटों पर चुनाव लड़ूंगा। आप देखेंगे कि मैं जो पार्टी बनाऊंगा, वह इतनी सीटें जीतेगी कि जो भी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा, उसे मेरी पार्टी के विधायकों के समर्थन की आवश्यकता होगी।’

    TMC ने उड़ाया मजाक
    टीएमसी ने कबीर के इस दावे का मजाक उड़ाया था। सीएम बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी के प्रदेश महासचिव अरूप चक्रवर्ती ने कहा, ‘हुमायूं कबीर दिवास्वप्न देख रहे हैं। सरकार बनाने की बात करने से पहले उन्हें अपनी जमानत बचाने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे निराधार दावे उनकी राजनीतिक हताशा को ही उजागर करते हैं।’

  • लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद

    लोकसभा में राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार, गृह मंत्री बोले- इस तरह से नहीं चलेगी संसद


    नई दिल्ली । लोकसभा(Lok Sabha) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह(Home Minister Amit Shah) ने बुधवार को विपक्ष पर देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही, उन्होंने नेता विपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)द्वारा अतीत में हरियाणा विधानसभा चुनाव के संदर्भ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोट चोरी के लगाए गए आरोपों पर भी जवाब दिया। इस पर राहुल गांधी और अमित शाह के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। राहुल गांधी ने सदन में खड़े होकर अमित शाह को प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करने का चैलेंज दे दिया। इसके बाद अमित शाह भी भड़क गए और कहा कि संसद इस तरह से नहीं चलेगी। मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा।

    अमित शाह के भाषण के दौरान राहुल गांधी को जवाब देने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा, ”मेरा कल एक सवाल था कि मुख्य चुनाव आयुक्त को फुल इम्युनिटी दी जाएगी। इसके पीछे की जो सोच थी, वह हमें बताएं। हरियाणा की जो बात थी, इन्होंने एक उदाहरण लिया, वहां पर अनेक उदाहरण हैं। 19 लाख वहां के फेक वोटर्स हैं। एक्चुअली, मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करते हैं। अमित शाह जी, मैं आपको चैलेंज करता हूं कि मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर डिबेट करें।”

    ‘इस तरह से संसद नहीं चलेगी’
    इस पर अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ”पहली बात मैं साफ करना चाहता हूं कि 30 साल से विधानसभा और संसद में चुनकर आया हूं। मुझे लंबा अनुभव है संसदीय प्रणाली का। विपक्ष के नेता कहते हैं, पहले मेरी बात का जवाब दीजिए, मैं सुनना चाहता हूं।” अमित शाह ने नाराजगी जताते हुए कहा, ‘’मेरे बोलने का क्रम मैं तय करूंगा। इस तरह से संसद नहीं चलेगी। उनकी हर बात का जवाब दूंगा, लेकिन मेरे भाषण का क्रम वो तय नहीं कर सकते, मैं करूंगा, क्योंकि मैं बोल रहा हूं।” इस पर राहुल गांधी ने खड़े होकर कहा कि यह डिफेंसिव जवाब है, यह घबराया हुआ जवाब है और डरा हुआ है। सच्चा जवाब नहीं है।

    ‘मैं उकसावे में नहीं आऊंगा, बल्कि…’
    इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि मैं उनके उकसावे पर नहीं आऊंगा, बल्कि अपने विषय पर बोलूंगा। मैंने इतना ही कहा कि मैं अपने भाषण का क्रम मैं ही तय करूंगा और यह हर वक्ता का अधिकार है। उनका भी है, मेरा भी है। अमित शाह ने चुनाव सुधारों पर चर्चा पर जवाब देते हुए यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 327 निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची बनाने का पूर्ण अधिकार देता है। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं सदन और देश की जनता को कहना चाहता हूं कि क्या घुसपैठिए तय करेंगे कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौन होगा।’’ शाह ने कहा कि यह एसआईआर मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को भारत में मतदान करने का अधिकार नहीं दिया जा सकता।

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर

    दिल्ली हाईकोर्ट ने दी बड़ी राहत, 4 मिमी कम हाइट वाले उम्मीदवार भी बन सकते हैं CAPF कमांडर


    नई दिल्ली । दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) ने केंद्रीय सशस्त्र(Central Armed Forces) पुलिस बल (सीएपीएफ) भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उम्मीदवार को बड़ी राहत दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि महज 0.4 सेंटीमीटर कम लंबाई होने के आधार पर किसी योग्य उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर करना अनुचित और अवैध है।

    हाईकोर्ट ने कहा कि 164.6 सेंटीमीटर लंबाई को 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए। जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने कहा कि भर्ती नियमों के मुताबिक, 0.5 सेंटीमीटर से कम का अंतर नजरअंदाज किया जाना चाहिए। वहीं, 0.5 सेंटीमीटर या उससे अधिक होने पर लंबाई को एक मान लिया जाता है। इसलिए उम्मीदवार की 164.6 सेंटीमीटर की लंबाई को सीधे 165 सेंटीमीटर माना जाना चाहिए था।

    बेंच ने अपने आदेश में कहा कि सीएपीएफ भर्ती के लिए मेडिकल जांच टेस्ट को लेकर जारी दिशानिर्देश में भी कहा गया है कि 0.5 सेंटीमीटर से कम लंबाई के अंतर को नजरअंदाज किया जाएगा। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया था कि सीएपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए आवेदन के दौरान उसकी लंबाई 164.6 सेंटीमीटर नापी गई, जिसके कारण उसे अयोग्य घोषित कर दिया गया।

    हाईकोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया गलत मानते हुए उम्मीदवार को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी है। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती के अन्य चरणों को उम्मीदवार को स्वयं पास करना होगा, तभी अंतिम नियुक्ति पर निर्णय लिया जाएगा।

    हाईकोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी किया
    इस मामले में याचिका को प्रथम दृष्टया उम्मीदवार के पक्ष में पाते हुए हाईकोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। यह आदेश सीएपीएफ भर्ती प्रक्रिया में मेडिकल मानकों के लागू होने के तरीके पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। भविष्य में कई और अभ्यर्थियों को ऐसे मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है।

  • जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार

    जनसभा में भड़कीं ‘लेडी सिंघम’ IPS ईशा सिंह, करूर कांड पर TVK नेता को लगाई जोरदार फटकार


    नई दिल्ली । TVK यानी तमिलगा वेत्री (tamilga vetri)कषगम प्रमुख विजय ने मंगलवार को पुडुचेरी (Puducherry)में अपनी पहली जनसभा की। इस दौरान उनकी पार्टी के नेताओं और एक महिला आईपीएस(IPS) के बीच बहस का वीडियो सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि अधिकारी करूर रैली(Karur Rally) में हुई मौतों का जिक्र कर नेताओं पर निशाना साध रही हैं। मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।

    क्या था मामला
    मामला टीवीके की उप्पालम पोर्ट ग्राउंड में हुई जनसभा का है। एक वायरल वीडियो में पुडुचेरी पुलिस अधीक्षक ईशा सिंह को नाराज होते हुए देखा जा सकता है। वह कह रही हैं, ‘तुम पर इतने लोगों का खून है। तुम मुझे पूछ रहे हो कि मैं क्या कर रही हूं। तुम क्या कर रहे हो। 40 लोग मर गए थे। तुम क्या कर रहे।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें टीवीके महासचिव बस्सी आनंद के हाथों से माइक छीनते हुए भी देखा गया।

    खबर है कि एसपी ईशा सिंह ने अपने विजय के रोड शो को अनुमति देने के पहले ही अपने सीनियर्स को चेताया था। इसके बाद उन्हें रैली की देखरेख का काम सौंपा गया। खास बात है कि करूर में हुए कांड के बाद विजय की यह पहली बड़ी रैली थी। उस रैली में 41 लोगों की मौत हो गई थी।

    कौन हैं आईपीएस ईशा सिंह
    साल 1998 में मुंबई में जन्मीं ईशा सिंह के पिता योगेश प्रताप सिंह भी 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। कहा जाता है कि भ्रष्टाचार उजागर करने के चलते बार-बार सजा के तौर पर मिल रही पोस्टिंग के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। सिंह की मां आभा सिंह भारतीय डाक सेवा में कार्यरत थीं, लेकिन बाद में उन्होंने कानून का रास्ता चुना और वकालत की और जनहित के मामलों में रहीं। इनमें सलमान खान हिट एंड रन केस भी शामिल है।

    इंडिया टुडे के अनुसार, ईशा सिंह भी पुलिस अधिकारी बनने से पहले वकालत में समय गुजार चुकी हैं। उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल से शिक्षा हासिल की थी। साल 2010 में उन्होंने सैप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जान गंवाने वाले कर्मियों की विधवाओं को 10 लाख रुपये मुआवजा दिलवाया था।

  • तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क

    तिरुपति मंदिर में नकली घी के बाद एक और घोटाला… पॉलिस्टर शॉल को बना दिया 100% सिल्क


    तिरुपति।
    आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मशहूर तिरुपति बालाजी मंदिर (Tirupati Balaji Temple) में नकली घी घोटाले के बाद अब एक नया घोटाला सामने आया है। तिरुमाला मंदिर (Tirumala Temple) को मैनेज करने वाले ट्रस्ट, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) की अंदरूनी जांच में यह घोटाला सामने आया है, जिसमें पाया गया कि एक कॉन्ट्रैक्टर लगातार दस सालों तक 100% पॉलिस्टर शॉल (Polyester Shawl) को शुद्ध शहतूत सिल्क शॉल बताकर बिल का भुगतान करवा रहा था। 2015 से 2025 तक यानी पूरे एक दशक तक TTD में चले 54 करोड़ रुपये के सिल्क शॉल घोटाले के खुलासे से हड़कंप मच गया है।

    TTD की आंतरिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक कॉन्ट्रैक्टर 100% पॉलिएस्टर शॉल को 100 फीसदी शुद्ध मलबरी सिल्क शॉल बताकर लगातार एक दशक से सप्लाई कर रहा था, और सिल्क के दाम वसूल रहा था। चेयरमैन बीआर नायडू के नेतृत्व वाले TTD बोर्ड द्वारा शॉल की क्वालिटी पर चिंता जताने के बाद शुरू की गई इस जांच से कथित धोखाधड़ी का पता चला। मंदिर प्रबंधन द्वारा ये शॉल बड़े दानदाताओं या वीआईपीज को दिए जाते हैं और वेदासिरवचनम जैसे मंदिर के रीति-रिवाजों में भी इनका इस्तेमाल होता है।


    10 साल से चल रहा था गोरखधंधा

    एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये गड़बड़ियां पिछले दस सालों के दौरान हुईं, जिससे मंदिर ट्रस्ट को लगभग 54 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है। TTD बोर्ड के चेयरमैन बीआर नायडू ने कहा, “एक शॉल जिसकी कीमत लगभग 350 रुपये है, उसका बिल 1,300 रुपये दिया गया और उसका भुगतान किया गया। कुल सप्लाई 50 करोड़ रुपये से ज़्यादा की होगी। हमने ACB (एंटी-करप्शन ब्यूरो) से जांच कराने को कहा है।”


    दो लैब में भेजे गए थे शॉल के सैंपल्स

    उन्होंने बाया कि शॉल के सैंपल्स साइंटिफिक एनालिसिस के लिए दो लैब में भेजे गए थे, जिनमें से एक सेंट्रल सिल्क बोर्ड (CSB) के तहत थी। दोनों टेस्ट से पता चला कि मैटेरियल पॉलिएस्टर था, जो टेंडर स्पेसिफिकेशन्स का साफ उल्लंघन है। विजिलेंस अधिकारियों ने यह भी देखा कि असली सिल्क प्रोडक्ट्स को ऑथेंटिकेट करने के लिए ज़रूरी सिल्क होलोग्राम, सप्लाई किए गए सैंपल्स में नहीं था। कहा जाता है कि इस दौरान TTD को कपड़े की ज्यादातर सप्लाई के लिए एक ही फर्म और उसकी सिस्टर कंपनियां जिम्मेदार थीं।


    सभी मौजूदा टेंडर कैंसल

    विजिलेंस रिपोर्ट पर तुरंत एक्शन लेते हुए, TTD ट्रस्ट बोर्ड ने फर्म के साथ सभी मौजूदा टेंडर कैंसल कर दिए हैं और पूरे मामले को पूरी क्रिमिनल जांच के लिए स्टेट एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) को भेज दिया है। बता दें कि पिछले साल इसी मंदिर में नकली घी की सप्लाई करने और उससे प्रसादम (लड्डू) बनाने का मामला उजागर हुआ था। पांच साल को दौरान TTD को करीब 250 करोड़ रुपये मूल्य का 68 लाख किलो नकली घी की सप्लाई की गई थी।

  • राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल

    राजनीति का सुखद पल… शरद पवार के घर डिनर में राहुल, अजित, अडानी समेत कई केंद्रीय मंत्री भी हुए शामिल


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली (Capital Delhi) में राजनीतिक गलियारों की शाम बुधवार बेहद ख़ास रही. एनसीपी–एसपी प्रमुख शरद पवार (NCP-SP chief Sharad Pawar) के आवास पर दलगत सीमाओं से परे कई नेता डिनर के लिए जुटे. इस डिनर में देश के उद्योगपति भी नज़र आए. यह मुलाकात उनके 85वें जन्मदिन (85th Birthday) से ठीक एक दिन पहले हुई और माहौल पूरी तरह निजी रहा.

    शरद पवार एक दिग्गज नेता हैं, जो लंबे समय से सियासत करते आ रहे हैं और उनके डिनर आयोजन में मौजूद नेताओं की लिस्ट ने इसे और ख़ास बना दिया. इस डिनर आयोजन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हुए. सबसे ज्यादा ध्यान इस आयोजन में उद्योगपति गौतम अडानी की मौजूदगी ने खींचा, क्योंकि राजनीति और व्यापार के ऐसे मेलजोल के मौके कम देखने को मिलते हैं.

    इसके अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हुए. प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा जब मुख्यमंत्री रेड्डी किसी बड़े राजनीतिक आयोजन में दिखे। एक और दिलचस्प दृश्य देखने मिला कि शरद पवार के भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार भी इस डिनर में शामिल दिखाई दिए. अजित पवार के इस आयोजन में शामिल होना दर्शाता है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों के व्यक्तिगत रिश्ते राजनीति की सीमाओं से परे चलते हैं।

    शरद पवार ने छह दशक से अधिक समय तक राजनीति में सक्रिय रहकर लगभग हर दल के नेताओं से मजबूत संबंध बनाए हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उन्होंने न केवल एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता दिखाई, बल्कि अपनी राजनीतिक समझ के कारण सम्मान भी हासिल किया।

  • नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'

    नेतन्याहू ने PM मोदी से की फोन पर बातचीत, 'बहुत जल्द मुलाकात पर जताई सहमति'


    येरूशलम।
    इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) ने बुधवार (10 दिसंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से फोन पर बातचीत की। जिसमें दोनों नेताओं ने ‘बहुत जल्द’ मुलाकात करने पर सहमति जताई है। यह जानकारी इस्राइल प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने साझा की। नेतन्याहू और पीएम मोदी के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बारे में बताते हुए इस्राइल पीएमओ (Israel PMO) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया।


    इस्राइली पीएमओ ने साझा किया पोस्ट

    पीएमओ की ओर से सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट में कहा गया, “गर्मजोशी भरी और मित्रतापूर्ण बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने बहुत जल्द मिलने पर सहमति दी।” मालूम हो कि दोनों नेताओं ने आपसी बातचीत में भारत–इस्राइल रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इस्राइली प्रधानमंत्री की यह बहुप्रतीक्षित यात्रा दोनों तरफ से कई उच्च-स्तरीय मंत्री स्तरीय यात्राओं के बाद होगी।

    फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के अंतिम चरण में दोनों देश
    इस साल इस्राइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था और उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि और खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिचटर तथा वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच भारत का दौरा कर चुके हैं। ये सभी दौरे दोनों रणनीतिक साझेदार देशों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ते कदमों को दर्शाते हैं।

    दोनों देशों ने स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान एक द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर हस्ताक्षर किए और फिर पिछले महीने वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की इस्राइल यात्रा के दौरान FTA की ओर ले जाने वाले नियमों और शर्तों (TOR) पर हस्ताक्षर किए।


    भारत की यात्रा को लेकर किया था ये दावा खारिज

    हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि दिल्ली धमाकों के बाद सुरक्षा कारणों से नेतन्याहू ने भारत की यात्रा स्थगित कर दी है, लेकिन इस्राइल पीएमओ ने इन दावों को खारिज कर दिया था। साथ ही इस्राइल ने भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर ‘पूरा भरोसा’ जताते हुए कहा कि नेतन्याहू की यात्रा को लेकर दोनों देश तारीखों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।

  • क्रिसमस 2025 का सुपर स्पेशल संयोग: 25/12/25, 100 साल में सिर्फ एक बार

    क्रिसमस 2025 का सुपर स्पेशल संयोग: 25/12/25, 100 साल में सिर्फ एक बार


    नई दिल्ली: 25 दिसंबर 2025 का क्रिसमस इस बार सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि एक दुर्लभ कैलेंडर संयोग लेकर आ रहा है। तारीख 25/12/25 में दिन (25), महीना (12) और साल (25) का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। यह पैटर्न पूरे 100 साल में सिर्फ एक बार बनता है, जिससे यह क्रिसमस और भी ऐतिहासिक और यादगार बन गया है।

    100 साल में एक बार बनता है यह संयोग

    ऐसे दुर्लभ पैटर्न का पिछला उदाहरण 1925 में देखा गया था और अगली बार यह 2125 में ही बनेगा। जब यह संयोग किसी बड़े वैश्विक त्योहार जैसे क्रिसमस से जुड़ता है, तो इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। कैलेंडर प्रेमियों और न्यूमेरोलॉजी फॉलोअर्स इसे ‘वन्स इन अ सेंचुरी डेट’ भी कहते हैं।

    सोशल मीडिया पर उत्साह

    25/12/25 के इस खास संयोग को लेकर सोशल मीडिया पर 251225 तेजी से ट्रेंड कर रहा है। लोग डिजिटल कार्ड, पोस्ट, डिजाइन और खास कलेक्शन बनाने में जुट गए हैं। कई लोग इस दिन शादी, सगाई और अन्य खास आयोजनों की योजना भी बना रहे हैं, ताकि यह दिन जीवनभर यादगार बन सके।

    क्या बनाता है यह तारीख खास?

    क्रिसमस की धार्मिक परंपराएं हर साल की तरह रहेंगी-चर्च में प्रार्थना, परिवार के साथ समय बिताना, उपहारों का आदान-प्रदान और जश्न। लेकिन इस बार तारीख की दुर्लभता इसे और रोमांचक और यादगार बना रही है। कई लोग इसे शुभ संयोग मान रहे हैं और इसे विशेष तरीके से मनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    क्रिसमस 25 दिसंबर क्यों मनाया जाता है?

    क्रिसमस, यीशु मसीह के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। हालांकि बाइबिल में उनकी सटीक जन्मतिथि दर्ज नहीं है, लेकिन ईस्वी 350 में पोप जूलियस प्रथम ने 25 दिसंबर को आधिकारिक रूप से क्रिसमस की तिथि घोषित की। यह तारीख रोमन साम्राज्य के विंटर सोल्सटिस और ‘सोल इन्विक्टस’ उत्सव के आसपास आती थी, जिससे ईसाई परंपराओं को आम लोगों में लोकप्रिय बनाना आसान हुआ।

    आज क्रिसमस कैसे मनाया जाता है

    आज क्रिसमस केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि एक वैश्विक सांस्कृतिक उत्सव बन चुका है। लोग इस दिन चर्च में प्रार्थना करते हैं, परिवार और मित्रों के साथ खुशियां बांटते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और घरों को रंग-बिरंगी लाइटों और क्रिसमस ट्री से सजाते हैं।

    25/12/25 का क्रिसमस भी यही सब होगा, लेकिन इस दुर्लभ तारीख की वजह से यह दिन इतिहास में और भी विशेष और यादगार बन जाएगा।