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  • छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा

    छत्तीसगढ़ में 10वीं बोर्ड परीक्षा की शुरुआत, 3.21 लाख विद्यार्थियों ने दी पहली परीक्षा


    रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश में आज से 10वीं बोर्ड परीक्षाओं का आगाज़ हो गया। प्रदेशभर के 6,839 स्कूलों में पंजीकृत 3,21,571 विद्यार्थियों ने पहले दिन हिन्दी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक आयोजित की गई। इस वर्ष राज्य में 2,510 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुरक्षा और गोपनीयता के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

    राजधानी रायपुर के जे एन पांडेय स्कूल में परीक्षार्थियों का पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे छात्रों का उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा। परीक्षा केंद्र में व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक केंद्र पर पर्याप्त परीक्षा पर्यवेक्षक, सुरक्षा कर्मी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

    छात्रों ने परीक्षा केंद्र से बाहर निकलते समय बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल और स्पष्ट था। कई विद्यार्थियों ने कहा कि पेपर अच्छा होने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और बोर्ड परीक्षा का डर पहले दिन काफी हद तक कम हो गया। परीक्षार्थियों ने यह भी बताया कि प्रश्नपत्र में हल करने योग्य प्रश्नों की संख्या अधिक थी, जिससे समय प्रबंधन आसान रहा।

    अभिभावकों ने भी इस अवसर पर बच्चों को उत्साहित किया। कुछ अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा के लिए बच्चों की तैयारी अच्छी रही और सुरक्षित और सुव्यवस्थित परीक्षा केंद्र से उनकी चिंता काफी कम हुई। शिक्षक और स्कूल प्रशासन ने भी विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार किया और उन्हें परीक्षा के दौरान शांत रहने की सलाह दी।

    परीक्षा अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है। कैमरा और अन्य निगरानी उपायों के माध्यम से परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, कोविड-19 के दृष्टिगत स्वास्थ्य मानकों का भी पालन सुनिश्चित किया गया है।

    प्रदेश में 10वीं बोर्ड परीक्षा का यह पहला दिन छात्रों के लिए उत्साह और चुनौती दोनों लेकर आया। स्कूलों में शिक्षक और अधिकारियों का सहयोग, परीक्षा केंद्र की सुव्यवस्था और पारंपरिक स्वागत से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ा। इसके साथ ही छात्रों ने आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ बोर्ड परीक्षा की शुरुआत की।

    छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों को आगामी परीक्षाओं के लिए प्रेरित किया है और कहा है कि पूरी तैयारी और ध्यान से परीक्षा देना महत्वपूर्ण है। प्रदेशभर में अगले हफ्तों तक विभिन्न विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों को समय पर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

  • दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!

    दिल्ली–मेरठ की दूरी हुई छोटी: नमो भारत ने बदली तस्वीर, अब 40 मिनट में पहुंचिए बेगमपुल!


    नई दिल्ली। दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी, जिससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

    पहले सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह समय मात्र एक तिहाई रह जाएगा। नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।

    कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर है, जिसे अब 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इसकी नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू है। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी संचालन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर संभव होगा।

    नई हाई-स्पीड ट्रेन सेवा के साथ दिल्ली आने वाले यात्रियों को पहले की तुलना में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।

    सबसे बड़ा सवाल अब किराए को लेकर है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसके बारे में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। किराया तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि दूरी और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए किराया तय किया जाएगा। चूंकि यह हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सेवा है, इसलिए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

  • छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू, 20 मार्च तक चलेगा


    रायपुर । रायपुर से जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ विधानसभा का प्रथम सत्र यानी बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होगा और 20 मार्च 2026 तक चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सत्र की रूपरेखा की जानकारी साझा की।

    उन्होंने बताया कि इस सत्र में कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं जिनमें वित्तीय मामलों और शासकीय कार्यों के साथ-साथ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी संपादित किए जाएंगे। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सदन में वित्तीय बजट और राज्य के विकासात्मक योजनाओं पर विशेष चर्चा होगी। इसके अलावा सत्र में कानून-निर्माण और विधायी प्रस्तावों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

    अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन के प्रत्येक दिन की कार्यवाही सुव्यवस्थित रूप से संपन्न होगी और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना मुख्य लक्ष्य रहेगा ताकि राज्य के विकास और जनता के हितों के लिए जरूरी निर्णय समय पर लिए जा सकें।

    सत्र की तैयारियों का जायजा लेने के लिए विधानसभा सचिवालय ने भी सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर लिया है। अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि सभी सदस्य सक्रिय भागीदारी करेंगे और सत्र के दौरान सभी प्रस्तावों पर प्रभावी चर्चा होगी।

    छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य की आगामी वित्तीय योजनाओं नीतियों और कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। राज्य सरकार के लिए यह सत्र नीति निर्माण और विकास कार्यों की दिशा तय करने में अहम माना जा रहा है।

  • लखनऊ में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    लखनऊ में यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ सवर्ण समाज का प्रदर्शन, कई कार्यकर्ता हिरासत में

    नई दिल्ली । लखनऊ में शनिवार 21 फरवरी को परिवर्तन चौक पर सवर्ण मोर्चा के सदस्यों ने यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। सवर्ण समाज के कार्यकर्ता पहले शांतिपूर्वक धरने पर बैठे और नारेबाजी कर अपने विरोध की आवाज बुलंद की। उन्होंने शंखनाद करते हुए प्रशासन से मांग की कि यूजीसी के हालिया नियम सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ हैं और इन्हें तुरंत वापस लिया जाए।

    प्रदर्शन में शामिल हुए कई कार्यकर्ता बदलाव की मांग कर रहे थे और उनका कहना था कि नए नियम उनके रोजगार और सामाजिक हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेंगे। इसी दौरान हाल ही में सरकारी नौकरी से इस्तीफा देने वाले अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री भी प्रदर्शन में पहुंचे। उनके आने के बाद प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौक से मार्च निकालने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक दिया।

    कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर बसों के जरिए इको गार्डन भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई।

    सवर्ण मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल परिवर्तन चौक पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

    इस प्रदर्शन के दौरान शहर में कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल देखने को मिला लेकिन पुलिस की सतर्कता और नियंत्रण के कारण स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है। प्रदर्शन में सवर्ण समाज की भारी उपस्थिति ने इस आंदोलन को और मजबूती दी है। प्रशासन ने भी पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए रखी।

  • यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, मायावती और BJP ने देश की गरिमा पर सवाल उठाया

    यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न प्रदर्शन, मायावती और BJP ने देश की गरिमा पर सवाल उठाया



    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उस समय सियासी भूचाल आ गया जब भारतीय युवा कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के भीतर अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका को रेखांकित करने के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें कई देशों के प्रतिनिधि और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल थे।

    क्या हुआ था?
    प्रत्यक्षदर्शियों और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, 8‑10 प्रदर्शनकारी अचानक मुख्य सभागार के समीप पहुंच गए, टी‑शर्ट उतारकर नारेबाजी करने लगे और कथित तौर पर भारत‑अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विरोध जताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए गए।

    सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और कार्यक्रम बाधित हुए बिना आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को कुछ ही मिनटों में नियंत्रित कर लिया गया और किसी प्रतिनिधि को शारीरिक नुकसान नहीं हुआ।

    मायावती की कड़ी प्रतिक्रिया
    घटना के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने सोशल मीडिया मंच X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस प्रदर्शन को “अत्यंत अशोभनीय और निंदनीय” बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का व्यवहार देश की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।
    मायावती ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन उसकी अभिव्यक्ति सभ्य और मर्यादित तरीके से होनी चाहिए।

    BJP का हमला
    सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह का प्रदर्शन भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश है।
    BJP का कहना है कि जब दुनिया AI और तकनीकी प्रगति में भारत की भूमिका की सराहना कर रही है, तब ऐसे विरोध देश को बदनाम करने वाले हैं।

    कांग्रेस का पक्ष
    वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से कहा गया कि युवा कार्यकर्ताओं ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत अपनी आवाज उठाई। पार्टी नेताओं ने सरकार से असहमति को देशविरोधी बताने की प्रवृत्ति पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है।

    सियासी असर और आगे की राह
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आगामी चुनावी माहौल में और गर्मी ला सकता है।

    सत्तापक्ष इसे “राष्ट्रीय गरिमा” का मुद्दा बनाकर विपक्ष को घेर सकता है।

    विपक्ष इसे “लोकतांत्रिक अधिकार” और “नीतिगत असहमति” का मामला बताकर राजनीतिक बहस को नई दिशा दे सकता है।

    दिल्ली AI समिट में हुआ यह प्रदर्शन केवल कुछ मिनटों की घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक प्रतीक बन गया है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की तकनीकी छवि, तो दूसरी ओर घरेलू राजनीति का टकराव—दोनों के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना रखता है।

  • एनडीएमए, एसीएसआईआर और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने आपदा प्रबंधन अनुसंधान को मजबूत करने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

    एनडीएमए, एसीएसआईआर और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने आपदा प्रबंधन अनुसंधान को मजबूत करने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एनडीएमए वैज्ञानिक एवं नवोन्मेषी अनुसंधान अकादमी एसीएसआईआर और सीएसआईआर-राष्ट्रीय विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान संस्थान सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने आज आपदा प्रबंधन और जोखिम न्यूनीकरण डीएमआरआर में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य शैक्षणिक कार्यक्रम क्षमता निर्माण नीति अनुसंधान और विज्ञान संचार के माध्यम से भारत को अधिक आपदा-प्रतिरोधी बनाने के लिए एक सहयोगात्मक ढांचा स्थापित करना है।

    इस एमओयू के तहत एनडीएमए के सहयोग से सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर में एसीएसआईआर के तहत आपदा प्रबंधन में पीएचडी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही डीएमआरआर में संयुक्त अनुसंधान नीति अध्ययन और विज्ञान संचार पहलें संचालित की जाएंगी।

    इस अवसर पर अपने संबोधन में एनडीएमए के सदस्य डॉ. दिनेश कुमार असवाल ने कहा कि आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर प्रधानमंत्री के नौ सूत्री एजेंडा के अनुरूप यह समझौता ज्ञापन वैज्ञानिकों और नीति विशेषज्ञों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा। उन्होंने कहा हम प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों जोखिम संचार और सामुदायिक संपर्क के माध्यम से आपदा तैयारियों को मजबूत कर सकते हैं। आपदा के बाद व्यवस्थित अध्ययन और दस्तावेज़ीकरण से हम हर आपदा से सीखने की संस्कृति को संस्थागत रूप दे सकते हैं।

    एसीएसआईआर के निदेशक प्रोफेसर मनोज कुमार धर ने बताया कि उनके संस्थान में 7 000 से अधिक छात्र नामांकित हैं और यह देश के प्रमुख अनुसंधान संस्थानों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ज्ञापन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए आपदा प्रबंधन चुनौतियों के लिए नवीन और अनुसंधान-आधारित समाधान विकसित करने के नए अवसर खोलेगा। इस पहल से भारत 2047 की दिशा में आपदा-प्रतिरोधी ढांचे को मजबूत करने के लिए विशेषज्ञों की नई पीढ़ी तैयार होगी।

    सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर की निदेशक डॉ. गीता वानी रायसम ने डीएमआरआर में विज्ञान संचार और नीति अनुसंधान की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह साझेदारी नीति और जन जागरूकता ढांचों में वैज्ञानिक ज्ञान को एकीकृत करेगी। उनका कहना था कि वैज्ञानिक अनुसंधान को नीति निर्माण के साथ जोड़कर समाज और राष्ट्र के लिए मजबूत और उत्तरदायी समाधान तैयार किए जा सकते हैं।

    इस त्रिपक्षीय सहयोग में गृह मंत्रालय के अधीन एनडीएमए कार्यनीतिक दिशा-निर्देश और विशेषज्ञता प्रदान करेगा एसीएसआईआर शैक्षणिक और अनुसंधान पहलें संचालित करेगा और सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर नीति अनुसंधान जन सहभागिता और विज्ञान संचार को बढ़ावा देगा। यह कदम भारत के आपदा प्रबंधन तंत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को एकीकृत करने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • 22 फरवरी से सराय काले खां-बेगमपुल: दिल्ली-मेरठ नामा भारत ट्रेन सेवा शुरू

    22 फरवरी से सराय काले खां-बेगमपुल: दिल्ली-मेरठ नामा भारत ट्रेन सेवा शुरू


    नई दिल्ली । दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा अब और तेज और आसान होने वाली है। 22 फरवरी से सराय काले खां से बेगमपुल तक नई दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। करीब 70 किलोमीटर की दूरी अब महज 40 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे रोजाना दिल्ली और मेरठ के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए सफर पहले से कई गुना सुविधाजनक होगा।

    पहले सड़क मार्ग से दिल्ली-मेरठ की दूरी तय करने में ढाई से तीन घंटे लगते थे। अब यह समय एक तिहाई रह जाएगा। खासकर नौकरी, पढ़ाई या मेडिकल विजिट के लिए दिल्ली आने वाले यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 फरवरी को इस कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के बाद सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरा दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर जनता के लिए खुल जाएगा। इस प्रोजेक्ट को विकसित करने वाली नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन भी पूरा कर लिया है। ट्रायल में ट्रेन ने 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए लगभग 39 मिनट में दूरी तय की।

    कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 80 किलोमीटर है, जिसे अब लगभग 55 मिनट में कवर किया जा सकेगा। 2019 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी गई थी और अब यह पूरी तरह तैयार है।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का लगभग 55 किलोमीटर हिस्सा पहले से चालू था। न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेनें पहले ही दौड़ रही हैं। अब सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक लगभग पांच किलोमीटर और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक लगभग 21 किलोमीटर का सेक्शन भी ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया है। इससे पूरी लाइन एक साथ जुड़ जाएगी और सराय काले खां से बेगमपुल तक सीधा सफर मुमकिन होगा।

    इस नई सेवा की सबसे बड़ी खासियत है समय की बचत। पहले की तुलना में अब यात्रियों को दिल्ली आने में काफी कम समय लगेगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को हर दिन घंटों की बचत होगी।

    किराये को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। सराय काले खां से बेगमपुल तक का टिकट कितना होगा, इसे अंतिम चरण में तय किया जा रहा है। माना जा रहा है कि हाई-स्पीड और आधुनिक रैपिड रेल सुविधा को ध्यान में रखते हुए किराया पारंपरिक ट्रेनों से अलग हो सकता है। फिलहाल यात्रियों को टिकट की कीमत जानने के लिए आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि दिल्ली और मेरठ के बीच कनेक्टिविटी में भी नई गति लाएगी। यह उन यात्रियों के लिए वरदान साबित होगी, जो रोजाना काम, पढ़ाई या मेडिकल अपॉइंटमेंट्स के लिए राजधानी और मेरठ के बीच सफर करते हैं।

  • पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील

    पीएम मोदी करेंगे इजरायल दौरा, एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल समेत कई हथियारों पर हो सकती है डील


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। इस दौरे का उद्देश्य भारत और इजरायल के बीच रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देश मिलकर नई रक्षा तकनीक और सुरक्षा प्रणाली पर काम बढ़ाना चाहते हैं। दौरे में सुरक्षा सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होने की उम्मीद है। हालांकि, कोई बड़ा रक्षा सौदा इस दौरे में साइन नहीं होगा, क्योंकि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग पहले से ही जारी है। आने वाले वर्षों में यह सहयोग करीब 10 अरब डॉलर का माना जा रहा है।

    नई रक्षा तकनीक पर फोकस
    एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है, जिसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इस बार इजरायल ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

    लंबी दूरी के हथियारों की खरीद
    भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

    अन्य क्षेत्रों में सहयोग
    रक्षा के अलावा दोनों देश विज्ञान, खेती, साफ पानी और नई तकनीक जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग पर भी बातचीत करेंगे। पीएम मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध माने जाते हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सोच रखते हैं और इस दौरे से दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद है।

  • US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा

    US राजदूत बोले- जल्द होगी मोदी और ट्रंप की मीटिंग.. नहीं बताई निश्चित समय-सीमा


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Indian Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की मुलाकात कब होगी? इस सवाल पर अमेरिकी राजदूत (US Ambassador) ने जवाब दिया है। उन्होंने कहाकि यह मुलाकात जल्द होगी, हालांकि उन्होंने कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई है। इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 (India AI Impact Summit 2026) में बोलते हुए सर्जियो गोर ने यह बात कही। उन्होंने कहाकि नजर बनाए रखिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि सही वक्त आने पर दोनों की मीटिंग होगी। गौरतलब है कि दोनों राष्ट्रप्रमुखों की मुलाकात को एक साल हो चुका है। दोनों अंतिम बार अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में मिले थे।

    पिछले कुछ वक्त से भारत और अमेरिका के बीच थोड़ा तनाव भी था। इसकी वजह, अमेरिका द्वारा भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाना था। हालांकि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील के बाद यह टैरिफ 18 फीसदी हो गया है। इस बीच भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठजोड़ ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हो गया है। इसका उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक लचीली आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, आर्थिक मामलों के लिए अमेरिकी उप विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर शामिल थे।

    इसको लेकर सर्जियो गोर ने अपनी टिप्पणी में कहाकि व्यापार समझौते से लेकर पैक्स सिलिका और रक्षा सहयोग तक, दोनों देशों की साथ काम करने की संभावनाएं वास्तव में असीमित हैं। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पैक्स सिलिका में भारत का प्रवेश केवल एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि एक रणनीतिक कदम है जो द्विपक्षीय संबंधों की समग्र दिशा को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहाकि भारत ऐसा देश है जहां प्रतिभा का भंडार है, जो प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती देने के लिए काफी है। भारत की इंजीनियरिंग क्षमता इस महत्वपूर्ण गठबंधन के लिए आवश्यक योग्यताएं प्रदान करती है। प्रतिभा के अलावा, भारत ने महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण क्षमता की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की है और हम इसमें भी पूरी तरह से सहभागिता कर रहे हैं।

    गोर ने सुझाव दिया कि अमेरिका पैक्स सिलिका ढांचे के तहत भारत के साथ विश्वसनीय एआई प्रौद्योगिकियां साझा कर सकता है। अमेरिकी उप विदेश मंत्री हेलबर्ग ने गठबंधन में शामिल होने के भारत के फैसले की सराहना की और पैक्स सिलिका को आपूर्ति श्रृंखलाओं में दबाव की रणनीति और ब्लैकमेल के खिलाफ एक पहल बताया, जिसे चीन की ओर एक स्पष्ट इशारा माना जा रहा है। उन्होंने कहाकि हम देखते हैं कि हमारे मित्र और सहयोगी प्रतिदिन आर्थिक दबाव और ब्लैकमेल के खतरों का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपनी संप्रभुता और अपनी समृद्धि के बीच चुनाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। हम खुद को एक ऐसी वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जूझते हुए पाते हैं जो अत्यधिक केंद्रित है।

  • इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना

    इंडिया-US ट्रेड डील पर अंतिम दौर में.. पीयूष गोयल बोले-मार्च में समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना


    नई दिल्ली।
    वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने शुक्रवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौतों (India-America Trade Agreements) को लेकर कई अहम जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच एक ‘अंतरिम व्यापार समझौते’ पर इस साल मार्च में हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है और इसे अप्रैल के महीने से पूरी तरह लागू (ऑपरेशनल) कर दिया जाएगा।


    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता

    इस समझौते के कानूनी मसौदे (लीगल टेक्स्ट) को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी से अमेरिका में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू होने जा रही है। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी कर यह स्पष्ट कर दिया था कि इस अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पहले ही तय कर ली गई है।

    समझौते की प्रमुख शर्तों में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं एवं अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त करेगा या घटाएगा। इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स सहित अन्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही भारत ने अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने तथा ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और अन्य क्षेत्रों में 500 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

    ‘समृद्ध भविष्य की राह’ शीर्षक वाले खंड में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी जनता के हितों को आगे बढ़ाते हुए अमेरिकी निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच बढ़ा रहे हैं। साथ ही आर्थिक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए शुल्क एवं गैर-शुल्क बाधाओं को कम कर रहे हैं। इसमें कहा गया- भारत ने दुनिया की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था की तुलना में अमेरिका पर सबसे अधिक शुल्क बनाए रखे हैं, जहां कृषि उत्पादों पर औसतन 37 प्रतिशत तक और कुछ वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक शुल्क है। भारत का इतिहास अत्यधिक संरक्षणवादी गैर-शुल्क बाधाएं लगाने का भी रहा है जिनके कारण अमेरिका के कई निर्यात भारत में प्रतिबंधित रहे हैं।’ दस्तावेज के अनुसार- आने वाले हफ्तों में अमेरिका और भारत इस ढांचे को शीघ्र लागू करेंगे और अमेरिकी श्रमिकों तथा कारोबार के लिए लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को अंतिम रूप देने की दिशा में अंतरिम समझौते पर काम करेंगे।’

    ब्रिटेन और ओमान के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA): केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने यह भी जानकारी दी कि केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन (UK) और ओमान के साथ भी भारत के बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) अप्रैल महीने में लागू होने की पूरी उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ समझौता: इसके अलावा, भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले व्यापार समझौते के भी इसी साल सितंबर महीने तक लागू होने की संभावना जताई गई है। इन सभी व्यापारिक समझौतों के लागू होने से भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को एक नई गति मिलने और निर्यात के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की उम्मीद है।