Category: Religious Astrology

  • ग्रहों का शुभ संयोग: शुक्र-वरुण-बुध के खास योग से इन राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

    ग्रहों का शुभ संयोग: शुक्र-वरुण-बुध के खास योग से इन राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते


    नई दिल्ली। द्रिक पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को ग्रहों की चाल में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। इस दिन शुक्र, वरुण और बुध ग्रहों की विशेष स्थिति से शुभ योगों का निर्माण हुआ, जिसे ज्योतिष शास्त्र में काफी सकारात्मक माना जाता है।

    दोपहर करीब 4 बजकर 47 मिनट पर शुक्र और वरुण के बीच 30 डिग्री का अंतर बनते ही द्विद्वादश योग बना। इसके बाद शाम के समय वरुण और बुध के बीच 18 डिग्री की दूरी से अष्टादश योग का निर्माण हुआ। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसे योग जीवन में अचानक अच्छे अवसर, प्रगति और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका खास प्रभाव पड़ सकता है।

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और रुके हुए काम तेजी से पूरे हो सकते हैं। पुराने विवाद सुलझाने के लिए भी यह समय अनुकूल है। छोटी यात्राएं भी लाभ दिला सकती हैं।

    सिंह राशि

    सिंह राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाओं और सफलता का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यवसाय में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं और पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकती है। रिश्तों में भी मिठास बढ़ेगी।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लोगों में इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। आर्थिक मामलों में समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ देंगे। पढ़ाई और ज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलने के संकेत हैं। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा।

    तुला राशि

    तुला राशि के जातकों के लिए यह समय अप्रत्याशित लाभ लेकर आ सकता है। करियर और व्यापार में नए मौके मिलेंगे। निवेश से लाभ होने की संभावना है और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। नए संपर्क और दोस्त जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी

    आज का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए 3 अप्रैल 2026 की खास भविष्यवाणी


    नई दिल्ली।  3 अप्रैल 2026 का आज का राशिफल दैनिक जागरण शैली में रोचक, विस्तारपूर्ण और समझने में आसान तरीके से लिखा गया है।
    मेष राशि:
    मेष राशि वालों के लिए 3 अप्रैल का दिन मिला-जुला रहेगा। नए अवसर आपके सामने आएंगे, लेकिन मन में हल्की बेचैनी और तनाव बना रह सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। सरकारी नौकरी वालों के लिए ट्रांसफर की संभावना भी है। वित्तीय मामलों में सावधानी बरतें और बड़े फैसले लेने से पहले स्थिति का सही आंकलन करें। धैर्य बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

    वृषभ राशि:
    आज वृषभ राशि वालों का आत्मविश्वास थोड़ा कमजोर रह सकता है। नया प्रोजेक्ट या बिजनेस आइडिया फिलहाल शुरू करने से बचें। ऑफिस में बदलाव या ट्रांसफर के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन जल्दबाजी नुकसानदेह हो सकती है। आपका संवाद कौशल अच्छा रहेगा, जिससे लोगों के साथ संबंध मजबूत रहेंगे। सोच-समझकर कदम उठाना आपके दिन को सकारात्मक बना सकता है।

    मिथुन राशि:
    मिथुन राशि वाले आज खुश और उत्साहित रहेंगे। आत्मविश्वास और ऊर्जा अच्छी रहेगी। बिजनेस में नए प्लान सफल होंगे और नौकरी में भी प्रोन्नति या प्रमोशन के मौके बन सकते हैं। सुबह का समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और आपके प्रयासों को सराहना भी मिलेगी।

    कर्क राशि:
    कर्क राशि वालों की आज आय में वृद्धि होगी और मन प्रसन्न रहेगा। दांपत्य जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और पार्टनर का सहयोग मिलेगा। किसी दोस्त या जानकार के सहयोग से विदेश यात्रा या बिजनेस के अवसर भी बन सकते हैं। सकारात्मक सोच और संतुलित व्यवहार से दिन अच्छा बीतेगा।

    सिंह राशि:
    सिंह राशि वालों को आज कोई बड़ा फैसला लेने से पहले अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेना लाभकारी रहेगा। मन में निराशा या असंतोष का भाव रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियाँ आपके पक्ष में आएंगी। धैर्य और संयम से काम लें, सफलता अवश्य मिलेगी।

    तुला राशि:
    तुला राशि वालों के लिए नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के अवसर बनेंगे। इनकम में वृद्धि होगी और पढ़ाई-लिखाई या नई चीजें सीखने में मन लगेगा। ऑफिस की राजनीति से दूर रहना और संतुलित व्यवहार रखना लाभकारी रहेगा।

    धनु राशि:
    धनु राशि वाले व्यस्त रहेंगे। जरूरी काम समय पर पूरे करें। लव लाइफ में धैर्य रखें और छोटी बातों को बढ़ावा न दें। खानपान का ध्यान रखें और रिश्तों में समझदारी दिखाएं।

    मकर राशि:
    मकर राशि वालों के लिए बिजनेस में नए प्रोजेक्ट के मौके हैं और आय में वृद्धि होगी। सेहत पर ध्यान दें और तनाव से बचें। सकारात्मक खबरें मन को खुश करेंगी और काम में सफलता के संकेत मिलेंगे।

    कुंभ राशि:
    कुंभ राशि वालों को शांत और संयमित रहने की सलाह है। विवाद और गुस्से से दूर रहें। निवेश करने से पहले अच्छे से योजना बनाएं। कारोबार में लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। माता-पिता की सेहत पर ध्यान दें।

    कन्या राशि:
    कन्या राशि वालों का आत्मविश्वास आज उच्च रहेगा। काम पर पूरी एकाग्रता जरूरी है। बिजनेस और नौकरी में लाभ के मौके मिलेंगे। मेहनत का परिणाम सकारात्मक रहेगा।

    वृश्चिक राशि:
    वृश्चिक राशि वालों के मन में उतार-चढ़ाव और कभी-कभी नेगेटिव विचार हो सकते हैं। अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें। धार्मिक या भक्ति संगीत में रुचि बढ़ सकती है, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।

    मीन राशि:
    मीन राशि वालों की प्रोफेशनल लाइफ में उतार-चढ़ाव रह सकता है। परिवार में छोटी-मोटी अनबन हो सकती है। शांत रहकर समझदारी से काम लें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो काम भी बेहतर होंगे।

  • देश के 5 अद्भुत हनुमान मंदिर, जहां अलग-अलग रूपों में मिलते हैं बजरंगबली के दर्शन

    देश के 5 अद्भुत हनुमान मंदिर, जहां अलग-अलग रूपों में मिलते हैं बजरंगबली के दर्शन


    नई दिल्ली । हनुमान जयंती के पावन अवसर पर देशभर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है। इस दिन भक्त भगवान हनुमान के मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध और चमत्कारी हनुमान धाम हैं, जहां बजरंगबली अलग-अलग रूपों में विराजमान हैं और जिनसे जुड़ी मान्यताएं भक्तों की आस्था को और गहरा बनाती हैं।

    सबसे पहले बात करते हैं लेटे हुए हनुमान मंदिर की, जो प्रयागराज में स्थित है। यहां हनुमान जी की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में स्थापित है, जो इसे अन्य मंदिरों से अलग बनाती है। मान्यता है कि गंगा नदी हर वर्ष आकर उन्हें स्नान कराती है। संगम में स्नान करने वाले श्रद्धालु यहां दर्शन करना नहीं भूलते और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना करते हैं।

    इसके बाद महावीर मंदिर का नाम आता है, जो Patna में स्थित है। यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है। यहां हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और माना जाता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है।

    छत्तीसगढ़ के गिरिजाबंध हनुमान मंदिर की विशेषता इसे और भी अनोखा बनाती है। यहां हनुमान जी को स्त्री स्वरूप में पूजा जाता है, जो पूरे विश्व में अपनी तरह का एकमात्र मंदिर माना जाता है। यह मंदिर आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है।

    राजधानी Delhi में स्थित हनुमान मंदिर कनॉट प्लेस भी श्रद्धालुओं के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह मंदिर पांडवकालीन माना जाता है और यहां हनुमान जी के बाल स्वरूप के दर्शन होते हैं। मान्यता है कि यहां सिंदूर और इत्र चढ़ाने से जीवन के संकट दूर होते हैं।

    उत्तर प्रदेश के Chitrakoot में स्थित हनुमान मंदिर भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यहां प्रतिमा के ऊपर स्थित कुंडों से लगातार जलधारा बहती रहती है, जिसे चमत्कारी माना जाता है। श्रद्धालु इस जल को पवित्र मानकर ग्रहण करते हैं और अपनी समस्याओं से मुक्ति की कामना करते हैं।

    इसके अलावा हनुमानगढ़ी का विशेष महत्व है। Ayodhya में स्थित इस मंदिर को हनुमान जी का प्रमुख धाम माना जाता है। यहां हनुमान जी बाल रूप में विराजमान हैं और उन्हें अयोध्या का रक्षक कहा जाता है। मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले हनुमानगढ़ी के दर्शन करना आवश्यक होता है।

    इन सभी मंदिरों की विशेषता यही है कि यहां हनुमान जी अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। कहीं वे लेटे हुए हैं, तो कहीं बाल स्वरूप में, तो कहीं अनोखे रूप में पूजे जाते हैं। यही विविधता और आस्था इन धामों को खास बनाती है। इस प्रकार भारत के ये प्रसिद्ध हनुमान मंदिर न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि चमत्कार और विश्वास की अनोखी मिसाल भी पेश करते हैं, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु अपनी श्रद्धा लेकर पहुंचते हैं।

  • चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल

    चमत्कारी जामसांवली हनुमान मंदिर, जहां नाभि से बहता है पवित्र जल


    नई दिल्ली । मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित जामसांवली हनुमान मंदिर अपनी अनोखी मान्यता और रहस्यमयी घटनाओं के कारण देशभर में प्रसिद्ध है। खास बात यह है कि यहां स्थापित भगवान हनुमान की प्रतिमा की नाभि से निरंतर जल निकलता है जिसे श्रद्धालु पवित्र और चमत्कारी मानते हैं। हनुमान जयंती जैसे पावन अवसर पर इस मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। श्रद्धालु यहां आकर न केवल पूजा-अर्चना करते हैं बल्कि इस रहस्यमयी जल को ग्रहण कर अपने जीवन की बाधाओं और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति की कामना भी करते हैं।

    स्थानीय मान्यताओं के अनुसार यह मंदिर रामायण काल से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि जब भगवान हनुमान संजीवनी बूटी लेकर लौट रहे थे तब उन्होंने इस स्थान पर विश्राम किया था। इसी कारण यहां हनुमान जी की प्रतिमा विश्राम मुद्रा में स्थापित है जो अन्य मंदिरों से इसे अलग बनाती है। मंदिर नागपुर-छिंदवाड़ा मार्ग पर जाम और सर्पा नदियों के समीप स्थित है। प्राकृतिक वातावरण और धार्मिक आस्था का यह संगम इसे और भी खास बना देता है। यहां पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित हनुमान जी की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।

    सबसे रहस्यमयी पहलू यह है कि प्रतिमा की नाभि से निकलने वाली जलधारा का स्रोत आज तक ज्ञात नहीं हो सका है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह एक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है लेकिन भक्त इसे हनुमान जी की कृपा मानते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस जल को पीने या घर ले जाने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों पर नकारात्मक ऊर्जा या ग्रह दोष का प्रभाव होता है उन्हें यहां आकर पूजा करने की सलाह दी जाती है। विशेष रूप से शनि और मंगल दोष से पीड़ित लोग यहां आकर हनुमान जी की आराधना करते हैं और राहत की कामना करते हैं। एक अन्य मान्यता के अनुसार मंदिर में दर्शन के बाद भक्तों को कुछ नियमों का पालन करना होता है जैसे सवा महीने तक तामसिक भोजन और बुरे आचरण से दूर रहना। इसे आस्था और अनुशासन का हिस्सा माना जाता है।

    मंदिर से जुड़ी एक किंवदंती भी प्रचलित है जिसमें कहा जाता है कि पहले हनुमान जी की प्रतिमा खड़ी अवस्था में थी लेकिन जब डाकुओं ने यहां छिपे खजाने को चुराने की कोशिश की तो प्रतिमा ने स्वयं वर्तमान स्वरूप धारण कर उसकी रक्षा की। हालांकि इस कथा के प्रमाण नहीं हैं लेकिन यह लोगों की आस्था को और मजबूत करती है। इस प्रकार जामसांवली हनुमान मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है बल्कि आस्था रहस्य और विश्वास का अद्भुत संगम भी है जहां हर साल हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।

  • मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप

    मां अम्बे की कृपा से जीवन की हर बाधा होगी दूर, बस सही तरीके से करें इन मंत्रों का जाप


    नई दिल्ली । मां अम्बे के मंत्रों का सही जाप आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, साहस और बाधाओं से मुक्ति लाने का एक शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। आइए इसे आसान और प्रभावी तरीके से समझते हैं
    मंत्रों की शक्ति समझें

    मंत्र सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं। जब आप उन्हें विश्वास, श्रद्धा और ध्यान के साथ जपते हैं, तो यह मन, शरीर और वातावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

    शक्तिशाली मंत्र उदाहरण:

    ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे – साहस और सुरक्षा देने वाला
    सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो… – सभी बाधाओं को दूर करने वाला
    रोगानशेषानपहंसि… – स्वास्थ्य और इच्छाओं की पूर्ति के लिए
    ऊं दुं दुर्गायै नमः – नकारात्मक ऊर्जा दूर करने वाला सरल मंत्र

     जप की तैयारी
    शांत और स्वच्छ स्थान चुनें।
    सात्विक भोजन करें और मन को शांत रखें।
    जप से पहले छोटा संकल्प लें कि आप किस उद्देश्य के लिए यह जाप कर रहे हैं।
    समय और नियमितता
    सुबह का ब्रह्म मुहूर्त (4-6 बजे) सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
    यदि संभव न हो, तो दिन का कोई भी शांत समय चुनें।
    नियमित जप करना आवश्यक है; लगातार अभ्यास से प्रभाव अधिक होता है।
    जप की संख्या
    कम से कम 108 बार (एक माला) जप करें।
    उन्नत साधना में सवा लाख जाप तक भी किया जाता है।
    जप की संख्या पर ध्यान दें; इससे आपकी एकाग्रता और शक्ति बढ़ती है।
    ध्यान और मन की शुद्धि
    जप करते समय मन केवल मां अम्बे पर केन्द्रित रहे।
    किसी के प्रति बुरा भाव या नकारात्मक सोच न रखें।
    शुद्ध मन और विश्वास से ही मंत्र का पूरा प्रभाव दिखता है।
    नियमित अभ्यास का लाभ
    धीरे-धीरे जीवन में बाधाएं कम होती हैं।
    आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
    नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि आती है।

  • हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत

    हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत


    नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न पर्वतों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं में से एक है हर्षल पर्वत जो अपनी अनोखी स्थिति और प्रभाव के कारण काफी रहस्यमयी माना जाता है यह पर्वत हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है और इसका स्थान कनिष्ठा उंगली के नीचे तथा बुध पर्वत के ठीक नीचे माना जाता है इस पर्वत का संबंध मस्तिष्क और हृदय दोनों से जोड़ा जाता है इसलिए यह व्यक्ति की सोच भावनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहरा प्रभाव डालता है

    हर्षल पर्वत को अन्य पर्वतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना गया है कहा जाता है कि जिन लोगों की हथेली पर यह पर्वत संतुलित और स्पष्ट रूप से उभरा हुआ होता है वे जीवन में बड़े और असाधारण कार्य करने की क्षमता रखते हैं ऐसे व्यक्ति अक्सर विज्ञान गणित या रिसर्च जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं और अपनी मेहनत के दम पर विशेष पहचान बनाते हैं इनकी सोच सामान्य लोगों से अलग होती है और ये नई खोज या नए विचारों के प्रति आकर्षित रहते हैं

    यदि इस पर्वत पर त्रिकोण या चतुर्भुज जैसे शुभ चिह्न दिखाई देते हैं तो इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है ऐसे जातक जीवन में तेजी से उन्नति करते हैं और उन्हें अचानक सफलता मिलने की संभावना रहती है ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना सकते हैं और सम्मान प्राप्त करते हैं इनके जीवन में अवसर तेजी से आते हैं और ये उनका सही उपयोग करने में सक्षम होते हैं

    वहीं यदि हर्षल पर्वत का उभार कम होता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति असफल होगा बल्कि ऐसे लोग तकनीकी और मशीनरी से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं ये व्यावहारिक सोच वाले होते हैं और अपने करियर में स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं ये लोग मेहनती होते हैं और धीरे धीरे सफलता प्राप्त करते हैं

    हर्षल पर्वत से जुड़ी कुछ विशेष स्थितियां भी व्यक्ति के जीवन पर असर डालती हैं जैसे यदि इस पर्वत से कोई रेखा निकलकर अनामिका उंगली की ओर जाती है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है

    इसके विपरीत यदि हर्षल पर्वत का झुकाव बुध पर्वत की ओर होता है तो यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है ऐसे लोगों को सम्मान और सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं

    यदि यह पर्वत नेपच्यून की दिशा में झुका हुआ हो तो जीवन में उतार चढ़ाव बने रह सकते हैं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयास करना पड़ता है साथ ही ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है

    इस प्रकार हर्षल पर्वत केवल एक सामान्य रेखा या उभार नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व उसकी सोच और उसके भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक है इसे समझकर जीवन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से जाना जा सकता है

  • हनुमान जयंती पर ग्वालियर में मंदिरों में उमड़े भक्‍त, रोकड़िया सरकार को लगाया 5100 लड्डुओं का भोग

    हनुमान जयंती पर ग्वालियर में मंदिरों में उमड़े भक्‍त, रोकड़िया सरकार को लगाया 5100 लड्डुओं का भोग


    ग्वालियर । ग्वालियर में हनुमान जयंती के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

    सिंधिया रियासत कालीन छतरी मैदान स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। यहां तड़के 4 बजे से अभिषेक और पूजन की शुरुआत हुई, जिसके बाद भगवान को चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर के पट खोले गए। मंदिर में सुंदरकांड पाठ जारी है और भगवान को 5100 लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है। साथ ही फूल बंगला और छप्पन भोग जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

    शहर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, जो करीब 300 वर्ष पुराना माना जाता है, वहां भी सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु दूर-दूर तक कतारों में लगकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। हनुमान जयंती पर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर घाटीगांव स्थित धुआं वाले हनुमान मंदिर में मेले का आयोजन किया गया है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इसी तरह जौरासी घाटी में स्थित जौरासी हनुमान मंदिर पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

    वहीं बहोड़ापुर धाम मंदिर में बुधवार से अखंड रामायण पाठ जारी है, जिसका समापन गुरुवार शाम को होगा। यहां बाबा को परंपरा के अनुसार सोने के वर्क वाला चोला अर्पित किया गया है, जिससे मंदिर में भक्ति का विशेष वातावरण बना हुआ है।

  • हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता

    हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता


    नई दिल्ली । आज 2 अप्रैल 2026 को पूरे भारत में हनुमान जयंती का भव्य पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन हर साल चैत्र महीने की पूर्णिमा के दिन आता है और इसे भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में श्रद्धा भाव से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन भगवान राम के अनन्य भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्म हुआ था। इस पावन अवसर पर भक्तजन बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मंदिरों में हनुमान जी की पूजा करते हैं और प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

    हनुमान जयंती का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत बड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन में डर, बाधाएं और परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन ज्योतिषियों और धर्मशास्त्रों के अनुसार इस दिन कुछ सामान्य गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। इन गलतियों से बजरंगबली रुष्ट हो सकते हैं और पूजा का फल प्रभावित हो सकता है।

     तामसिक चीजों का सेवन न करें

    हनुमान जयंती के दिन खान-पान में शुद्धता का विशेष ध्यान रखें। मांस, मछली, अंडा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें। केवल सात्विक भोजन ही पूजा और व्रत के लिए उचित माना जाता है।

     काले कपड़े न पहनें

    हिन्दू लोक मान्यता और शास्त्रों के अनुसार पूजा के दौरान काले कपड़े पहनना अशुभ माना जाता है। खासकर हनुमान जयंती के दिन भूलकर भी काले कपड़े पहनने से बचें। सफेद रंग के कपड़े भी कुछ ग्रंथों में अनुकूल नहीं बताए गए हैं। हमेशा लाल, पीला या नारंगी जैसे शुभ रंगों का चयन करें।

    महिलाओं को हनुमान जी की प्रतिमा नहीं छूनी चाहिए

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं। इसलिए महिलाओं को इस दिन हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर को छूने से परहेज करना चाहिए। केवल श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में भाग लें।

    अगर आप हनुमान जयंती के दिन व्रत रख रहे हैं तो भूलकर भी नमक का सेवन न करें। इस दिन व्रत तोड़ने के लिए मीठे व्यंजन का सेवन करना शुभ माना गया है।

    किसी को परेशान न करें
    हनुमान जयंती के दिन किसी भी जानवर या वानर को परेशान करना वर्जित है। ऐसा करने से हनुमान जी की नाराजगी होती है और घर में अशांति आ सकती है।
     
    भगवान राम का अपमान न करें
    हनुमान जी के अनन्य भक्त होने के कारण, हनुमान जयंती पर भगवान राम का सम्मान करना भी उतना ही आवश्यक है। अगर इस दिन श्रीराम का अपमान या अनदेखी की जाती है, तो माना जाता है कि हनुमान जी रुष्ट हो सकते हैं।

    इस हनुमान जयंती पर श्रद्धा, भक्ति और सावधानी के साथ पूजा-अर्चना करने से न केवल हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता, भय और संकटों से मुक्ति भी मिलती है। इसलिए आज के दिन उपरोक्त गलतियों से बचें और सच्चे मन से हनुमान जी की आराधना करें।

  • हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय

    हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा: घर में आएगी समृद्धि, अपनाएं ये सरल उपाय


    नई दिल्ली । आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का महासंयोग बन रहा है जिससे पूजा-अर्चना और उपायों का महत्व और बढ़ गया है।

    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने अन्न-धन और अन्य वस्तुओं का दान करने का विशेष विधान है। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती।

    इस पावन अवसर पर कुछ आसान और असरदार उपाय किए जा सकते हैं जो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाते हैं।

    घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं

    ज्योतिषियों का मानना है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। दीपक की ज्योति सकारात्मकता का संचार करती है और घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।

     रसोई घर में दीपक जलाना

    सिर्फ मुख्य द्वार पर ही नहीं बल्कि घर की रसोई में भी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाने से अन्नपूर्णा की असीम कृपा बनी रहती है जिससे घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।

    तुलसी की पूजा करें

    शास्त्रों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शाम को तुलसी का पूजन करना अत्यंत शुभ होता है। तुलसी के पौधे में श्री हरि और मां लक्ष्मी का वास माना गया है। तुलसी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। यह उपाय सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और भक्ति भाव से करने से घर में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों को अपनाकर न केवल माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी बढ़ता है। तो इस पावन दिन दीपक जलाएं तुलसी की पूजा करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह न केवल धार्मिक नियमों का पालन है बल्कि आपके घर में आर्थिक और मानसिक समृद्धि भी सुनिश्चित करता है।

  • 2 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है हनुमान जयंती पर ग्रहों की चाल

    2 अप्रैल का राशिफल: जानें कैसा रहेगा आपका दिन, क्या कहती है हनुमान जयंती पर ग्रहों की चाल

    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 12 राशियों का दैनिक राशिफल ग्रहों और नक्षत्रों की चाल पर आधारित होता है। आज 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जयंती है, इस अवसर पर भगवान हनुमान की विशेष पूजा की जाती है। जानें इस दिन आपकी राशि के अनुसार दिन कैसा बीतेगा और किन क्षेत्रों में रहना चाहिए सतर्क।

    मेष
    मेष राशि वालों का दिन संतुलित रहेगा। काम में शुरुआत धीमी हो सकती है, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके पक्ष में होंगी। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिन्हें समय पर पूरा करना लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, बेवजह खर्च से बचें। परिवार का सहयोग मिलेगा। छोटी बातों पर ध्यान न दें।

    वृषभ

    वृषभ राशि वालों का दिन शांत और स्थिर रहेगा। काम में स्थिरता रहेगी, लेकिन ध्यान भटक सकता है। कार्यस्थल पर किसी की बात से मन प्रभावित हो सकता है। पैसों का संतुलन बना रहेगा। परिवार के साथ समय बिताना अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मिथुन
    मिथुन राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। काम पूरे होने से संतोष मिलेगा। ऑफिस में आपकी मेहनत को सराहना मिल सकती है। धन संबंधी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार और दोस्तों के साथ संवाद मन को हल्का करेगा।

    कर्क
    कर्क राशि वालों को काम में थोड़ा दबाव महसूस होगा। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में किसी बात को लेकर चिंता हो सकती है, लेकिन समय के साथ स्थिति सुधर जाएगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    सिंह

    सिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छे संकेत दे रहा है। काम में सफलता मिलने की संभावना है। ऑफिस में आपके प्रयासों की प्रशंसा होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार दिखेगा। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आत्मविश्वास बनाए रखें।

    तुला

    तुला राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रहेगा। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। ऑफिस में सहयोगी माहौल मिलेगा। पैसों की स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के साथ तालमेल अच्छा रहेगा। मन शांत रहेगा।

    धनु
    धनु राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों की स्थिति स्थिर रहेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा। पुराने अधूरे काम पूरे करने का अवसर मिल सकता है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

    मकर
    मकर राशि वालों पर काम का दबाव बढ़ सकता है। समय का सही प्रबंधन आवश्यक है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखें। परिवार में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन समझदारी से हल निकल सकता है।

    कुम्भ
    कुम्भ राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। काम में सफलता मिल सकती है। ऑफिस में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

    कन्या

    कन्या राशि वालों को योजनाओं में बदलाव करना पड़ सकता है। काम उम्मीद के अनुसार नहीं हो सकता, जिससे मन थोड़ा परेशान रहेगा। ऑफिस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। खर्च पर नियंत्रण रखें। परिवार के साथ संवाद से स्थिति सुधरेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    वृश्चिक
    वृश्चिक राशि वालों को मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। काम में समय लग सकता है, लेकिन धैर्य रखें। आर्थिक मामलों में समझदारी जरूरी है। परिवार में किसी बात पर चर्चा हो सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखें।

    मीन

    मीन राशि वालों के लिए दिन मिश्रित परिणाम वाला रहेगा। कुछ काम पूरे होंगे, कुछ में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। परिवार में सामान्य माहौल रहेगा। खुद को शांत रखें।