Category: Religious Astrology

  • साईं बाबा के प्रेरक उपदेश जीवन में शांति और संतुलन लाने का मार्ग

    साईं बाबा के प्रेरक उपदेश जीवन में शांति और संतुलन लाने का मार्ग

    नई दिल्ली: भारत के महान संत साईं बाबा की शिक्षाएं आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं उनके विचार केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं बल्कि एक संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन जीने का रास्ता भी दिखाते हैं उनके अनुसार जीवन का असली सार प्रेम करुणा सत्य और सेवा में छिपा है और यही गुण इंसान को एक बेहतर व्यक्ति बनाते हैं

    साईं बाबा का सबसे प्रसिद्ध संदेश है श्रद्धा और सबुरी जीवन में ये दो गुण व्यक्ति को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखते हैं श्रद्धा का अर्थ है ईश्वर और स्वयं पर विश्वास रखना जबकि सबुरी का मतलब है धैर्य रखना और हर स्थिति का शांतिपूर्वक सामना करना बाबा कहते थे कि जो व्यक्ति इन दोनों को अपने जीवन में अपनाता है वह कभी निराश नहीं होता

    उनकी एक और महत्वपूर्ण सीख थी कि सबका मालिक एक है चाहे हम किसी भी धर्म या पंथ से जुड़े हों ईश्वर एक ही है और हर जगह उपस्थित है इस विचार के माध्यम से उन्होंने समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया उनका मानना था कि सच्ची भक्ति वही है जो बिना किसी स्वार्थ के की जाए और जो व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर को पुकारता है उसकी हर प्रार्थना अवश्य सुनी जाती है

    साईं बाबा ने दान और सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया उन्होंने कहा कि दान करने से कभी धन कम नहीं होता बल्कि यह और बढ़ता है यह विचार आज भी लोगों को जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रेरित करता है इसके साथ ही उन्होंने सत्य बोलने और दूसरों का सम्मान करने पर जोर दिया उनका मानना था कि हर व्यक्ति में ईश्वर का वास है इसलिए सभी के साथ समान और आदरपूर्ण व्यवहार करना चाहिए

    उनकी शिक्षाओं में प्रेम को सबसे बड़ा धर्म माना गया है साईं बाबा कहते थे कि प्रेम से ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है और यही भावना समाज में शांति और सद्भाव को बढ़ाती है उन्होंने कर्म के सिद्धांत पर भी जोर दिया उनके अनुसार जैसा कर्म करेंगे वैसा ही फल मिलेगा इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए

    साईं बाबा ने ध्यान और भक्ति के माध्यम से आंतरिक शांति प्राप्त करने की शिक्षा दी उनका कहना था कि सच्ची शांति बाहर नहीं बल्कि हमारे अंदर होती है यदि मन शांत और स्थिर है तो जीवन की हर चुनौती को आसानी से पार किया जा सकता है

     साईं बाबा की शिक्षाएं आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिक हैं जितनी पहले थीं उनके विचार हमें सिखाते हैं कि यदि हम अपने जीवन में श्रद्धा सबुरी प्रेम और सेवा को अपनाएं तो न केवल हमारा जीवन बेहतर बन सकता है बल्कि समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है

  • कल्प नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा के दर्शन से मिलेगा यश और आशीर्वाद इन मंदिरों में करें पूजा

    कल्प नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा के दर्शन से मिलेगा यश और आशीर्वाद इन मंदिरों में करें पूजा


    नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है और हर दिन का अपना विशेष महत्व होता है नवरात्रि का चौथा दिन मां कुष्मांडा को समर्पित होता है जिन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ऊर्जा का स्रोत माना जाता है भक्तों का विश्वास है कि मां कुष्मांडा की आराधना करने से जीवन में यश बल और समृद्धि की प्राप्ति होती है

    देशभर में मां कुष्मांडा के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां दर्शन करने से भक्तों को विशेष कृपा का अनुभव होता है इन मंदिरों में आस्था और चमत्कार से जुड़ी मान्यताएं लोगों को दूर दूर से आकर्षित करती हैं

    मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित लमान माता मंदिर एक प्राचीन और प्रसिद्ध शक्तिपीठ माना जाता है इस मंदिर को नौकरी देने वाली देवी के रूप में भी जाना जाता है स्थानीय मान्यता है कि जो व्यक्ति रोजगार की समस्याओं से जूझ रहा हो वह यहां दर्शन करके मां से प्रार्थना करे तो उसकी मनोकामना पूरी हो सकती है नवरात्रि के चौथे दिन यहां विशेष रूप से मालपुए का भोग लगाया जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं

    उत्तर प्रदेश में भी मां कुष्मांडा के कई प्रसिद्ध मंदिर स्थित हैं कानपुर में स्थित मां कुष्मांडा देवी मंदिर एक प्राचीन शक्तिपीठ है जहां का पवित्र जल विशेष महत्व रखता है मान्यता है कि इस जल को आंखों पर लगाने से नेत्र रोगों में राहत मिलती है और कई भक्त इस जल को अपने साथ भी लेकर जाते हैं यहां मां की प्रतिमा लेटी हुई अवस्था में विराजमान है जो इस मंदिर को और भी खास बनाती है

    इसके अलावा वाराणसी में स्थित दुर्गाकुंड मंदिर भी मां कुष्मांडा के दर्शन के लिए एक प्रमुख स्थान है इस मंदिर के पास स्थित विशाल जलकुंड इसे और भी विशेष बनाता है नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं और कुंड में स्नान कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं इस मंदिर में मां लक्ष्मी सरस्वती और काली के रूप में भी पूजा होती है और नवरात्रि के चौथे दिन इन्हें मां कुष्मांडा के रूप में सजाया जाता है

    मां कुष्मांडा की उपासना का सबसे बड़ा महत्व यह है कि वे अपने भक्तों के जीवन से अंधकार दूर कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं उनकी पूजा से न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भी आता है

    नवरात्रि का चौथा दिन भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है और मां कुष्मांडा के इन पावन मंदिरों में दर्शन करने से भक्तों को आशीर्वाद और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है

  • 22 मार्च का राशिफल: जानिए किन राशियों के लिए शुभ संकेत और किसे रहना होगा सतर्क

    22 मार्च का राशिफल: जानिए किन राशियों के लिए शुभ संकेत और किसे रहना होगा सतर्क


    नई दिल्ली आज रविवार, 22 मार्च का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर विशेष महत्व रखता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा का विधान है और मान्यता है कि इससे जीवन में मान-सम्मान बना रहता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, यह दिन कुछ राशियों के लिए शुभ फल देने वाला है, वहीं कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं सभी 12 राशियों का हाल—

    मेष
    आज का दिन सामान्य रहेगा और कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी। हालांकि काम में लापरवाही ऑफिस पर असर डाल सकती है। आर्थिक लाभ के योग हैं, लेकिन ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी रखें। दिन की शुरुआत व्यायाम से करना फायदेमंद रहेगा।

    वृषभ
    आज सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में मिलने वाली चुनौतियां सफलता दिला सकती हैं। धन और स्वास्थ्य दोनों पक्ष मजबूत रहेंगे। प्रेम जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।

    मिथुन
    रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखना जरूरी होगा। मेहनत का अच्छा फल करियर में मिलेगा। आर्थिक और स्वास्थ्य की स्थिति संतोषजनक रहेगी। प्रेम संबंधों में संवाद अहम भूमिका निभाएगा।

    कर्क
    आप अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की योजना बना सकते हैं। कुछ रिश्ते तनावपूर्ण महसूस हो सकते हैं, जिनसे दूरी बनाना बेहतर रहेगा। आर्थिक मामलों में किसी की मदद के लिए धन की जरूरत पड़ सकती है।

    सिंह
    आपकी योग्यता से क्लाइंट प्रभावित होंगे। यात्रा या किसी कार्यक्रम में खास मुलाकात संभव है। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा।

    कन्या
    प्रेम संबंधों में विवाद से बचने की कोशिश करें। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। मानसिक और शारीरिक रूप से आप स्वस्थ महसूस करेंगे।

    तुला
    छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं। साथी के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे। कामकाज में कुछ छोटी बाधाएं आ सकती हैं, जो दिन को प्रभावित करेंगी।

    धनु
    रिश्तों की समस्याओं को समझदारी से सुलझाने की जरूरत है। करियर में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जो भविष्य में लाभ देंगी। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।

    मकर
    प्रेम जीवन में अहंकार से दूरी बनाकर रखें। आपका अनुशासन कार्यक्षेत्र में सफलता दिलाएगा। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत है।

    कुंभ
    आज आपको आगे बढ़ने के कई मौके मिल सकते हैं। किसी भी योजना को लागू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना फायदेमंद रहेगा। टीम में विवाद से बचें। रिश्तों में बदलाव संभव है।

    मीन
    प्रेम जीवन सुखद रहेगा और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और जरूरतों को आसानी से पूरा कर पाएंगे। स्वास्थ्य भी अनुकूल रहेगा।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

  • रविवार का राशिफल

    रविवार का राशिफल


    युगाब्ध-5127, विक्रम संवत 2083, राष्ट्रीय शक संवत-1948, सूर्योदय 06.14, सूर्यास्त 06.20, ऋतु – ग्रीष्म
    चैत्र शुक्ल पक्ष चतुर्थी, रविवार, 22 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- सुबह-सुबह की महत्वपूूर्ण सिद्घि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां पैदा होगी। अल्प-परिश्रम से ही लाभ होगा। कामकाज में आ रहा अवरोध दूर होकर प्रगति का रास्ता मिल जाएगा। घरेलू बहुमूल्य वस्तुओं के क्रय का योग है। शुभांक-3-5-7

    वृष राशि :- परामर्श व परिस्थिति सभी का सहयोग मिलेगा। अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक उपक्रम में उलटफेर की शुरूआत हो सकती है। स्थाई सम्पति के निर्माण, मरम्मत व पुर्नस्थापना पर व्ययभार बढ़ेगा। किसी की टीका-टिप्पणी से आपको परेशानी हो सकती हैं। शुभांक-2-4-5

    मिथुन राशि :- विश्वस्त लोगों के कहे अनुसार चलें। राजकीय कार्यों में सतर्कता बरतें। मान-सम्मान को ठेस लग सकती है। जोश से कम व होश में रहकर कार्य करें। नये आगंतुकों से लाभ होगा। कार्यक्षेत्र में संतोषजनक सफलता मिलेगी। परिवार के साथ मनोरांजनिक स्थल की यात्रा होगी। शुभांक-2-4-6

    कर्क राशि :- पुरानी पारिवारिक समस्याओं का समाधान होगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानीपूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। परिवार पक्ष से थोड़ी ङ्क्षचता रहेगी। शुभांक-1-3-5

    सिंह राशि :- दाम्पत्य जीवन में तनाव का वातावरण बन सकता हैं। शारीरिक सुख के लिए व्यसनों का त्याग करें। आत्मचिंतन करें। पुराने मित्र से मिलन होगा। पठन-पाठन में स्थिति कमजोर रहेगी। खान-पान में सावधानी रखें। अपने अधीनस्थ लोगों से कम सहयोग मिलेगा। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। शुभांक-4-6-8

    कन्या राशि :- अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। रुका हुआ पैसा वसूलने में मदद मिल जाएगी। व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। अपने हित के काम सुबह-सवेरे निपटा लें। नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। परिवार में कोई मांगलिक कार्य पर वार्ता होगी। शुभांक-2-3-5

    तुला राशि :- कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। समय को देखकर कार्य करना ज्यादा हितकर रहेगा। परिश्रम अधिक करना पड़ेगा तभी आप लाभ की आशा कर सकते हैं। कार्य क्षेत्र में पदोन्नति के योग बनेंगे। दुर्लभ स्वप्न साकार होंगे। पुरुषार्थ का सहारा लें। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। शुभांक-2-5-6

    वृश्चिक राशि :- कर्म बल पर आपको सफलता मिलेगी। व्यवसायिक क्षेत्र में वर्तमान क्षमता को बढ़ाएंगे। उपक्रम का विस्तार करने का प्रयास सफल होगा। आप अच्छी सफलताएं प्राप्त करेंगे। बुद्घि कौशल से चुनौतीपूर्ण कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक दृष्टि से समय उपलब्धिकारक रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। शुभांक-1-4-6

    धनु राशि :- संतान की ओर से हर्ष के प्रसंग बनेंगे। मानसिक एवं शारीरिक शिथिलता पैदा होगी। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। स्वास्थ्य कमजोर बना रहेगा। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। श्रम अधिक करना पड़ सकता है। वरिष्ठजनों से मतभेद उभर सकते हैं। शुभांक-3-5-6

    मकर राशि :- शनै:-शनै: स्थिति पक्ष की बनने लगेगी। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। यात्रा परिणाम शुभ रहेगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। सुखद समय की अनुभूतियां प्रबल होगी। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। अभिभावकों के प्रति उत्तरदायित्व निभाने होंगे। शुभांक-2-4-6

    कुंभ राशि :- विकास के लिए बनाई योजना सफल होगी। अच्छा हो कि आप अपने उद्देश्य को लेकर सचेत रहें। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य सौंपे जा सकते है जो कि अतिविश्वसनीय व्यक्तियों को ही दिये जाते हैं। कार्य साधक दिन है व्यर्थ न गंवाऐ। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-3-5-7

    मीन राशि :- व्यापार में स्थिति उत्तम रहेगी। उत्तरदायित्व की अधिकता निजी जीवन में अपने ही ढंग की परेशानियां पैदा करेगी। कारोबार की उन्नति के लिये एक से अधिक सीढ़ी चढ़कर लोंगो को आश्चर्य में डाल देगें। चल-अचल सम्पति में वृद्घि होगी। बौद्घिक क्षेत्र में प्रतियोगिता जीतने का मौका मिलेगा। शुभांक-2-5-6
  • शनिवार का राशिफल

    शनिवार का राशिफल



    युगाब्ध-5127, विक्रम संवत 2083, राष्ट्रीय शक संवत-1948, सूर्योदय 06.14, सूर्यास्त 06.20, ऋतु – ग्रीष्म

    चैत्र शुक्ल पक्ष तृतीया, शनिवार, 21 मार्च 2026 का दिन आपके लिए कैसा रहेगा। आज आपके जीवन में क्या-क्या परिवर्तन हो सकता है, आज आपके सितारे क्या कहते हैं, यह जानने के लिए पढ़ें आज का भविष्यफल।

    मेष राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। यात्रा का दूरगामी परिणाम मिल जाएगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सुविधा और समन्वय बना रहने से कामकाज में प्रगति बनेगी। सफलता मिलेगी। शुभांक-5-7-9

    वृष राशि :- विद्यार्थियों को लाभ। दाम्पत्य जीवन सुखद रहेगा। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। अपने काम में सुविधा मिल जाने से प्रगति होगी। समाज में मान-सम्मान बढ़ेेगा। नवीन जिम्मेदारी बढऩे के आसार रहेंगे। परिवारजनों का सहयोग बना रहेगा। मेहमानों का आगमन होगा। शुभांक-1-3-5

    मिथुन राशि :- पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। ले देकर की जा रही काम की कोशिश ठीक नहीं। धीरे-धीरे लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा उचित समय का इन्तजार करें। शुभांक-3-5-6

    कर्क राशि :- आय के अच्छे योग बनेंगे। संतान की उन्नति के योग हैं। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। पुराने मित्र से मिलन होगा। स्वविवेक से कार्य करें। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। कार्य सफल होंगे। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्घि होगी। शुभांक-2-5-7

    सिंह राशि :- व्यर्थ प्रपंच में समय नहीं गंवाकर अपने काम पर ध्यान दीजिए। परिवारजन का सहयोग व समन्वय काम को बनाना आसान करेगा। अपना काम दूसरों के सहयोग से पूरा होगा। कारोबारी काम में नवीन तालमेल और समन्वय बन जाएगा।  सही समय का इंतजार करें। शुभांक-2-4-6

    कन्या राशि :- मेहमानों का आगमन होगा। राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। पुरानी गलती का पश्चाताप होगा। जीवन साथी अथवा यार-दोस्तों के साथ साझे में किए जा रहे काम में लाभ मिल जाएगा। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। शुभ कार्यों में व्यय होगा। शुभांक-1-3-5

    तुला राशि :– लाभ में आशातीत वृद्घि तय है मगर नकारात्मक रुख न अपनाएं। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। विशिष्ट जनों से मेल-मुलाकात होगी। शुभांक-4-6-8

    वृश्चिक राशि :- जीवनसाथी का परामर्श लाभदायक रहेगा। व्यापार व नौकरी में स्थिति अच्छी रहेगी। पर-प्रपंच में ना पड़कर अपने काम पर ध्यान दीजिए। शुभ कार्यों का लाभदायक परिणाम होगा। कामकाज की अधिकता रहेगी। व्यवसायिक अभ्युदय भी होगा। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। अर्थपक्ष मजबूत रहेगा। शुभ समाचारों मिलेगें। शुभांक-3-5-6

    धनु राशि :- प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्घ कार्य संपन्न हो जाएंगे। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा।  श्रेष्ठजनों की सहानुभूतियां होगी। आत्मीय श्रेष्ठता बनेगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। बुजुर्गों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आत्मचिन्तन करें। शुभांक-4-6-8

    मकर राशि :- कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। अपने हितैषी समझे जाने वाले ही पीठ पीछे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे। होश में रहकर कार्य करें। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। समय पर देनदार भी पैसे लौटाने में आनाकानी करेंगे। मनोरथ सिद्घि का योग है। शुभांक-4-6-8

    कुंभ राशि :- राजकीय कार्यों से लाभ। पैतृक सम्पत्ति से लाभ। कारोबारी यात्रा को फिलहाल टालें। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। श्रम साध्य कार्यों में सफल होंगे। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। शुभांक-2-4-5

    मीन राशि :- व्यापार में स्थिति नरम रहेगी। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। भ्रातृपक्ष में विरोध होने की संभावना है। आय-व्यय समान रहेगा। स्वास्थ्य का पाया भी कमजोर बना रहेगा। कामकाज सीमित तौर पर ही बन पाएंगे। अभी सिर्फ आश्वासनों से संतोष करना बड़ेगा। शुभांक-1-3-5
  • दूब घास के स्वास्थ्य लाभ और नवरात्रि में इसका महत्व, जानिए कैसे करें उपयोग

    दूब घास के स्वास्थ्य लाभ और नवरात्रि में इसका महत्व, जानिए कैसे करें उपयोग


    नई दिल्ली चैत्र राष्ट्रीयता में डब घास का विशेष महत्व है। मां जगदंबा के पूजन में दूब घास अनिवार्य रूप से की जाती है, और घर में कन्या पूजन के समय भी इसका उपयोग पैर पूजन के लिए किया जाता है। परंतु डब केवल पूजा का हिस्सा नहीं है; इसके औषधीय एवं औषधीय गुण भी अत्यंत मूल्यवान हैं।

    आध्यात्मिक महत्व
    डब को मां जगदम्बा की पूजा में निक्की जाती है।
    पैर मोक्ष के दौरान कन्या पूजन का प्रयोग किया जाता है।
    इसे ‘अमृता’ की डिग्री दी गई है, जो इसे आध्यात्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण स्थान देता है।

    बाहरी उपयोग और लाभ

    डब घास के बाहरी उपयोग से त्वचा और मैशवेरे पर लाभकारी लाभ है:
    चोट या पुराने घाव में डूबा हुआ घास का लेप लगाने से खून रुक जाता है और घाव जल्दी भर जाता है। सिर दर्द और नाक में दर्द से आराम मिलता है – सिर दर्द और नाक में दर्द से आराम मिलता है।
    त्वचा की सुरक्षा – गर्मियों में जलन हो या धूप से त्वचा पर असर हो रहा है।
    मुल्तानी मिट्टी के साथ प्रयोग – डब कोमार्क से मानसिक शांति और ताजगी मिलती है।
    आंतरिक उपयोग और लाभ

    डब ग्लास का सेवन आंतरिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है:

    पेट की समस्या – अपच, गैस या अन्य पाचन संबंधी तत्वों से राहत।
    मासिक धर्म के दर्द से राहत – महिलाओं को मासिक धर्म के दर्द से राहत।
    सेवन करने से पहले हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।

    आयुर्वेदिक गुण
    डब ग्लास कफ और वात दोष को शुरू किया गया है।
    नियमित उपयोग से शरीर में दोष संतुलन बना रहता है।
    न केवल मनुष्य, बल्कि कई साध्यों के लिए भी स्वास्थ्य परामर्श।

  • चैत्र नवरात्रि अष्टमी कब है? जानें कन्या पूजन की सारी जानकारी

    चैत्र नवरात्रि अष्टमी कब है? जानें कन्या पूजन की सारी जानकारी


    नई दिल्ली। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) हिन्दू धार्मिक कैलेंडर के अनुसार नौ दिनों तक चलने वाला पावन त्योहार है, जिसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस नौ दिवसीय पूजा में अष्टमी का दिन यानी आठवां दिन और भी ज्यादा महत्पूर्ण माना जाता है। इस दिन लोग माता के आठवें रूप की पूजा करते हैं साथ ही कन्या पूजन भी करते हैं। लेकिन इस नवरात्रि अष्टमी कब पड़ेगी चलिए उसके बारे में जानते हैं।

    चैत्र अष्ठमी कब?
    चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026 को पड़ रही है। इस दिन को दुर्गा अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है और इसे विशेष रूप से शुभ माना जाता है। अष्टमी के दिन भक्त खास पूजा, कन्या पूजन और सांधी पूजा जैसे धार्मिक अनुष्ठान करते हैं तथा मां दुर्गा से अपने घर-परिवार में सुख, समृद्धि और रक्षा की कामना करते हैं।

    अच्छा मुहूर्त
    25 मार्च को दोपहर में 1 बजकर 51 मिनट पर होगा और 26 तारीख को अष्टमी तिथि सुबह में 11 बजकर 49 मिनट तक रहेगी।11 बजकर 49 मिनट के बाद से ही नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा और 27 मार्च को सुबह में 10 बजकर 8 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं, नवरात्रि दशमी तिथि 28 मार्च को सुबह में 8 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगी। इस दिन नवरात्रि व्रत पारण भी किया जाएगा।


    जानें पूजा विधि

    इस दिन सुबह स्नान करके सफेद या लाल वस्त्र पहनें।घर या मंदिर में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें।
    दीपक जलाएं और माँ को लाल चावल, फूल, मिठाई, फल आदि अर्पित करें।दुर्गा सप्तशती के अष्टम अध्याय का पाठ या देवी मंत्र का जाप करें।पूजा के अंत में प्रसाद और फूल कन्याओं को अर्पित करें।इसके बाद उन्हें भोजन कराएं और उनका आशीर्वाद लें। माता रानी प्रसन्न होकर अपनी कृपा आप पर बनाएं रखती हैं।

  • नवरात्र के तीसरे दिन और गणगौर का महत्व..

    नवरात्र के तीसरे दिन और गणगौर का महत्व..


    नई दिल्ली:शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि का तीसरा दिन इस बार और भी खास बन गया है क्योंकि इसी दिन तृतीया तिथि पर प्रसिद्ध पर्व गणगौर भी मनाया जा रहा है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाने वाला यह पर्व विशेष रूप से महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

    गणगौर का संबंध भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से है। इस दिन शिवजी को ईसर और माता पार्वती को गौरा या गवरजा के रूप में पूजा जाता है। गण का अर्थ भगवान शिव और गौर का अर्थ माता पार्वती होता है। यह पर्व विशेष रूप से ब्रज क्षेत्र सहित कई हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है और विवाहित महिलाओं को सुख, समृद्धि और वैवाहिक जीवन में स्थिरता का आशीर्वाद मिलता है। महिलाएं पूरे मनोभाव से व्रत रखकर माता गौरा की पूजा करती हैं और अपने परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।

    पंचांग के अनुसार इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 24 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 33 मिनट पर होगा। शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि रात 11 बजकर 56 मिनट तक प्रभावी रहेगी। नक्षत्र अश्विनी दिनभर रहेगा और यह 22 मार्च की देर रात तक प्रभावी रहेगा। वहीं, योग इन्द्र शाम 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा और करण तैतिल दोपहर 1 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

    शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 49 मिनट से 5 बजकर 37 मिनट तक रहेगा, जो ध्यान और साधना के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इसके अलावा अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 18 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 32 मिनट से 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा, जिसे धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम समय माना जाता है। अमृत काल शाम 5 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

    हालांकि, कुछ समय ऐसे भी होते हैं जिनमें शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। इस दिन राहुकाल सुबह 9 बजकर 26 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक रहेगा, यमगंड दोपहर 2 बजे से 3 बजकर 31 मिनट तक और गुलिक काल सुबह 6 बजकर 24 मिनट से 7 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इन समयों में कोई भी नया कार्य, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ नहीं माना जाता।

    नवरात्र का यह तीसरा दिन आध्यात्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। एक ओर जहां मां गौरा और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है, वहीं दूसरी ओर पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का पालन कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्राप्त की जा सकती है। यह दिन भक्ति, आस्था और संस्कारों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।

  • चैत्र नवरात्रि 2026: अखंड ज्योति बुझ जाए तो न घबराएं, तुरंत करें ये सरल उपाय

    चैत्र नवरात्रि 2026: अखंड ज्योति बुझ जाए तो न घबराएं, तुरंत करें ये सरल उपाय


    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना के दौरान अखंड ज्योति जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह ज्योति श्रद्धा, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है, जिसे पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलाने का विधान है। हालांकि, कई बार हवा, घी की कमी या बाती के कारण यह ज्योति बुझ जाती है। ऐसे में भक्तों के मन में डर और चिंता पैदा हो जाती है कि कहीं यह अपशकुन तो नहीं।

    धार्मिक ग्रंथों और ज्योतिष के अनुसार, अखंड ज्योति का बुझना कोई बड़ा अपशकुन नहीं है। यह एक सामान्य भौतिक कारण से होने वाली घटना भी हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण आपकी श्रद्धा और भक्ति है। यदि मन सच्चा है, तो छोटी-मोटी त्रुटियां पूजा को प्रभावित नहीं करतीं।

    अखंड ज्योति का महत्व बहुत गहरा है। यह घर में सुख-शांति, सकारात्मक ऊर्जा और देवी कृपा का प्रतीक मानी जाती है। दुर्गा सप्तशती और मार्कण्डेय पुराण में भी बताया गया है कि पूजा में कर्मकांड से अधिक महत्व भाव और श्रद्धा का होता है।

    अगर किसी कारणवश ज्योति बुझ जाए, तो घबराने की बजाय शांत मन से तुरंत उपाय करना चाहिए। सबसे पहले मां दुर्गा का ध्यान करें और एक छोटा साक्षी दीपक जलाएं। इसके बाद अखंड ज्योति के दीपक को साफ करें और जली हुई बाती को निकाल दें। नई और लंबी बाती डालकर उसमें शुद्ध घी भरें। फिर साक्षी दीपक की लौ से ही अखंड ज्योति को पुनः प्रज्वलित करें।

    इसके बाद हाथ जोड़कर मां से अनजाने में हुई गलती के लिए क्षमा मांगें और ॐ दुं दुर्गायै नमः या ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें। इस प्रक्रिया से आपकी पूजा और साधना पुनः सुचारु रूप से जारी रहती है।

    यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ज्योति बुझने को अपशकुन मानकर पूजा बंद करना या डर जाना गलत धारणा है। शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि अनजाने में हुई गलतियां क्षमा योग्य होती हैं। देवी भागवत और अन्य ग्रंथों में भी भक्ति को कर्मकांड से ऊपर बताया गया है।

    अखंड ज्योति को बुझने से बचाने के लिए कुछ सावधानियां भी अपनाई जा सकती हैं। हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाली लंबी बाती और शुद्ध घी का उपयोग करें। दीपक को हवा से बचाने के लिए कांच या मिट्टी का कवर लगाएं। समय-समय पर घी की मात्रा जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर तुरंत भरें। पूजा स्थान को हवादार लेकिन सुरक्षित रखें।

    नवरात्रि का यह संदेश है कि भक्ति में भाव सबसे महत्वपूर्ण है। यदि आपकी श्रद्धा सच्ची है, तो छोटी भूलों से घबराने की आवश्यकता नहीं है। मां दुर्गा भक्तों की सच्ची भावना को समझती हैं और उन्हें हमेशा आशीर्वाद देती हैं।

  • 21 मार्च का राशिफल: जानिए आज आपके दिन में क्या रहेगा खास और किन बातों का रखना होगा ध्यान

    21 मार्च का राशिफल: जानिए आज आपके दिन में क्या रहेगा खास और किन बातों का रखना होगा ध्यान


    नई दिल्ली। आज 21 मार्च, शनिवार है। इस दिन शनि देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार को शनि देव की आराधना करने से जीवन में स्थिरता, सुख और शांति बनी रहती है। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक, आज का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा, जबकि कुछ लोगों को चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं सभी राशियों का हाल-

    मेष
    आज नए काम की जिम्मेदारी लेते समय सतर्क रहें। मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए खुद को संयमित रखें। बेवजह गुस्सा और विवाद से बचें। आर्थिक लाभ के संकेत हैं, लेकिन बातचीत में संतुलन जरूरी है। व्यापार में भागदौड़ बढ़ेगी और परिवार के स्वास्थ्य का ध्यान रखना होगा।

    वृषभ
    आज मन में बेचैनी रह सकती है और लक्ष्य हासिल करना कठिन लग सकता है। आत्मविश्वास में कमी महसूस होगी, इसलिए धैर्य बनाए रखें। संयम से काम लें। नौकरी में बदलाव के साथ उन्नति के अवसर मिल सकते हैं।

    मिथुन
    आज आय के कई स्रोत खुल सकते हैं। आत्मविश्वास मजबूत रहेगा, लेकिन सफलता के लिए कड़ी मेहनत जरूरी होगी। नौकरी में बदलाव के योग हैं और प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। आय और वाहन सुख में वृद्धि संभव है।

    कर्क
    आज जीवन में सुखद अनुभव मिलेंगे। निजी जीवन में भावनाएं साझा करना आपके रिश्तों को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में दिन आपके पक्ष में रहेगा और नए अवसर सामने आ सकते हैं।

    सिंह
    आज आत्मविश्वास उच्च स्तर पर रहेगा। काम में लाभ मिलने के संकेत हैं और तरक्की के योग बन रहे हैं। हालांकि, कोई भी निर्णय लेने से पहले सोच-विचार जरूर करें। नई रणनीति अपनाने की जरूरत पड़ेगी।

    कन्या
    तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी शांत बने रहें। प्रेम जीवन को बेहतर बनाने के लिए नए और रोमांटिक तरीके अपनाएं। कार्यस्थल पर विवादों से दूर रहें। स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।

    तुला
    आज अपने पार्टनर के साथ रचनात्मक गतिविधियों में समय बिताएं, इससे संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और करियर में उन्नति के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर भी आप निश्चिंत रह सकते हैं।

    वृश्चिक
    आज रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। लंबे समय से लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए आप तैयार रहेंगे। किसी भी कार्य से पहले सही योजना और शोध जरूरी है।

    धनु
    प्रेम जीवन में खुशियों के पल तलाशें और कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहें। समझदारी से लिए गए आर्थिक फैसले लाभ देंगे। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। किसी समस्या का हल बातचीत के जरिए निकल सकता है।

    मकर
    यात्रा के दौरान भी अपने साथी से संपर्क बनाए रखें। ऑफिस की राजनीति से दूरी बनाकर रखें। अपने जीवनसाथी से खुलकर अपनी भावनाएं साझा करें, इससे रिश्ते मजबूत होंगे।

    कुंभ
    आज कार्यस्थल पर अपना धैर्य बनाए रखें और वरिष्ठों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। धन लाभ के संकेत हैं। तली-भुनी और मसालेदार चीजों से दूरी रखें। जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

    मीन
    आज आप दूसरों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रेम संबंधों को मजबूत बनाए रखें और कार्यक्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएं। स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। भविष्य के लिए बचत पर ध्यान देना फायदेमंद रहेगा।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता की पुष्टि नहीं करते हैं। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।