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  • टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज

    टीम इंडिया के लिए बुरी खबर, ईशान किशन को लगी चोट, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में नहीं खेलेंगे विकेटकीपर-बल्लेबाज


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भारतीय टीम को दूसरे मुकाबले से पहले बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण दूसरे टी20 मैच में नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार सुबह इसकी जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से दी। बोर्ड के मुताबिक ईशान को सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान चोट लगी थी और फिलहाल मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर नजर रख रही है। भारतीय टीम के लिए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह कितनी जल्दी फिट होकर मैदान पर वापसी कर पाते हैं।

    बीसीसीआई ने बताया कि ईशान किशन को लो-ग्रेड राइट एडिक्टर स्ट्रेन हुआ है। यह चोट शरीर के दाहिने हिस्से में जांघ के ऊपरी अंदरूनी क्षेत्र की मांसपेशियों से जुड़ी होती है। ऐसी चोट में खिलाड़ी को दौड़ने दिशा बदलने और तेजी से मूवमेंट करने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से मेडिकल टीम की सलाह और फिटनेस का आकलन खिलाड़ी की वापसी तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। फिलहाल बोर्ड ने उनकी चोट को लेकर निगरानी जारी रहने की जानकारी दी है।

    ईशान किशन का दूसरे टी20 से बाहर होना भारतीय टीम के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि वह मध्यक्रम में बल्लेबाजी को मजबूती देने के साथ विकेटकीपिंग का विकल्प भी हैं। हालांकि पहले टी20 में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए ईशान केवल तीन गेंदों पर एक रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी आक्रामक बल्लेबाजी क्षमता और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की योग्यता टीम के लिए उपयोगी मानी जाती है।

    भारत ने सीरीज के पहले मुकाबले में 226 रन का लक्ष्य हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। अब दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम की कोशिश जीत का सिलसिला जारी रखने और सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। ईशान की अनुपस्थिति में टीम संयोजन और बल्लेबाजी क्रम पर भी ध्यान देना पड़ सकता है। हालांकि उनकी जगह किस खिलाड़ी को मौका मिलेगा इसे लेकर अंतिम फैसला टीम प्रबंधन करेगा।

    28 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ईशान किशन अब तक 67 टी20 अंतरराष्ट्रीय पारियों में 1955 रन बना चुके हैं। उनके नाम एक शतक और 13 अर्धशतक दर्ज हैं जबकि उनका सर्वाधिक स्कोर 103 रन है। ये आंकड़े बताते हैं कि वह टीम के लिए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। मध्यक्रम में जरूरत के मुताबिक बल्लेबाजी करने की उनकी योग्यता भी टीम को कई विकल्प देती है।

    भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि ईशान की चोट जल्द ठीक हो जाए और वह 27 अक्टूबर को होने वाले तीसरे टी20 मुकाबले से पहले फिटनेस हासिल कर लें। हालांकि उनकी वापसी को लेकर अभी निश्चित जानकारी सामने नहीं आई है। मेडिकल टीम की निगरानी और फिटनेस आकलन के बाद ही उनकी उपलब्धता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल भारत के सामने दूसरे टी20 में जीत की लय बरकरार रखने की चुनौती है जबकि ईशान की चोट टीम प्रबंधन के लिए एक अहम चिंता बनी हुई है।

  • इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच

    इंग्लैंड की रिकॉर्ड हार पर कप्तान हैरी ब्रूक का बड़ा बयान, बोले- हम अपनी गलती जानते हैं, 429 रन बनाकर भी नहीं बचा पाए मैच


    नई दिल्ली। पाकिस्तान में खेली जा रही वनडे त्रिकोणीय सीरीज में इंग्लैंड को श्रीलंका के खिलाफ ऐसी हार का सामना करना पड़ा जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। इंग्लैंड ने कप्तान हैरी ब्रूक के ऐतिहासिक दोहरे शतक की बदौलत 429 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया लेकिन श्रीलंका ने 49.5 ओवर में आठ विकेट खोकर 430 रन बना लिए और मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस रिकॉर्डतोड़ हार के बाद इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और उसे अपनी गलतियों को सुधारने की जरूरत है।

    मैच के बाद ब्रूक ने कहा कि यह शानदार मुकाबला था और दोनों टीमों ने बेहतरीन क्रिकेट खेला लेकिन दुर्भाग्य से श्रीलंका ने बाजी मार ली। उन्होंने माना कि इंग्लैंड के गेंदबाज विपक्षी टीम की ताकत के हिसाब से गेंदबाजी करते रहे और बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे। ब्रूक के मुताबिक टीम को पता है कि उससे कहां गलती हुई है। अब खिलाड़ियों को अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना होगा और आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन के लिए सरल योजनाओं के साथ मैदान पर उतरना होगा।

    इस मुकाबले में इंग्लैंड की बल्लेबाजी शानदार रही। टॉस जीतकर श्रीलंका ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में 21 चौके और 10 छक्के शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ ब्रूक ने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया। उनके अलावा जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाए जबकि विल जैक्स ने केवल 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन ठोककर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाया।

    इंग्लैंड को उम्मीद रही होगी कि 430 रन का लक्ष्य श्रीलंका के लिए बेहद मुश्किल साबित होगा लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही मुकाबले में अपनी पकड़ बनाए रखी। सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो ने 83 गेंदों पर 97 रन बनाकर मजबूत नींव रखी। इसके बाद पवन रथनायके ने चौथे नंबर पर उतरकर 106 गेंदों पर 130 रन की शानदार पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। रथनायके को उनके प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    मुकाबले के अंतिम चरण में दासुन शनाका और जेनिथ लियांगे ने इंग्लैंड की उम्मीदों को झटका दिया। शनाका ने 50 गेंदों पर 97 रन बनाए जबकि लियांगे ने 27 गेंदों पर नाबाद 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों ने जरूरी रन गति बनाए रखी और श्रीलंका को आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर ऐतिहासिक जीत दिला दी। श्रीलंका का यह वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा सफल रन चेज बताया गया जबकि विश्व क्रिकेट में यह दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल करने का कारनामा रहा।

    इस हार ने इंग्लैंड की गेंदबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 429 रन बनाने के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी जो उसके लिए बड़ी चिंता का विषय है। ब्रूक ने कहा कि टीम के पास फाइनल में जगह बनाने का मौका अभी मौजूद है और खिलाड़ियों को खुद पर भरोसा बनाए रखना होगा। अब इंग्लैंड की कोशिश अपनी गेंदबाजी की कमियों को दूर कर अगले मुकाबलों में वापसी करने की होगी जबकि श्रीलंका की टीम इस ऐतिहासिक जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगी।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का जोरदार पलटवार, बावुमा की कप्तानी पारी से मिली बड़ी जीत, बोले- हर प्रदर्शन पर रहती है दुनिया की नजर

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका का जोरदार पलटवार, बावुमा की कप्तानी पारी से मिली बड़ी जीत, बोले- हर प्रदर्शन पर रहती है दुनिया की नजर


    नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए पारी और 31 रन से बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-1 से बराबरी हासिल कर ली। इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने 179 रन की यादगार पारी खेली जिसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। वहीं तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा ने वापसी करते हुए गेंद से अहम योगदान दिया। जीत के बाद बावुमा ने कहा कि मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन के तौर पर सभी चाहते हैं कि दक्षिण अफ्रीका मैदान पर उसी स्तर का प्रदर्शन करे और टीम के हर कदम पर लोगों की नजर रहती है।

    मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बावुमा ने कहा कि टीम से विश्व चैंपियन की तरह खेलने की अपेक्षा की जाती है। उनके मुताबिक टीम को अपने प्रदर्शन के साथ इन उम्मीदों पर भी खरा उतरना होता है। उन्होंने माना कि मजबूत विपक्षी टीम के खिलाफ खेलने से खिलाड़ियों को अपनी क्षमता और चुनौतियों का बेहतर अंदाजा मिलता है। बावुमा के इस बयान से साफ है कि दक्षिण अफ्रीका अपनी प्रतिष्ठा के साथ मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के दबाव को समझती है और हर मुकाबले में मजबूत खेल दिखाने पर ध्यान दे रही है।

    दूसरे टेस्ट में तेज गेंदबाज कगिसो रबाडा की वापसी भी दक्षिण अफ्रीका के लिए निर्णायक साबित हुई। चोट के कारण वह पहले टेस्ट में नहीं खेल पाए थे और उनकी गैरमौजूदगी में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। दूसरे मैच में फिट होकर लौटे रबाडा ने छह विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया। बावुमा ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि रबाडा गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने की जिम्मेदारी लेते हैं। इससे बाकी खिलाड़ियों को अपनी भूमिका बेहतर तरीके से निभाने का मौका मिलता है। उन्होंने रबाडा को दूसरे खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा देने वाला खिलाड़ी भी बताया।

    मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत आसान नहीं रही। टीम ने पहली पारी में महज 110 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे और एक समय बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल दिखाई दे रहा था। लेकिन कप्तान बावुमा ने मोर्चा संभाला और 179 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को संकट से बाहर निकाला। मार्को जानसेन ने 85 रन बनाए जबकि सिमोन हार्मर ने 82 रन का योगदान दिया। इन पारियों की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने नौ विकेट पर 425 रन बनाकर पारी घोषित कर दी। शुरुआती झटकों के बाद टीम की इस वापसी ने मैच का रुख बदल दिया।

    लक्ष्य के जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी केवल 99 रन पर सिमट गई। दक्षिण अफ्रीका की ओर से मार्को जानसेन ने पांच विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया। बड़ी बढ़त मिलने के कारण ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन खेलना पड़ा। दूसरी पारी में ट्रेविस हेड ने 121 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली और टीम को संभालने की कोशिश की लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां नहीं कर सके। पूरी टीम 295 रन पर आउट हो गई और दक्षिण अफ्रीका ने पारी तथा 31 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया है। बावुमा की कप्तानी पारी और रबाडा की प्रभावी गेंदबाजी टीम की जीत के प्रमुख कारण रहे। अब तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का निर्णायक मुकाबला दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण होगा। दक्षिण अफ्रीका की कोशिश इस लय को बरकरार रखने की होगी जबकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज जीतने के लिए अपनी कमजोरियों को दूर करने उतरेगा।

  • बांग्लादेशी स्पिनर का ODI करियर खतरे में… डेब्यू मैच में ही फंसा…संदिग्ध बालिंग एक्शन की जांच शुरू

    बांग्लादेशी स्पिनर का ODI करियर खतरे में… डेब्यू मैच में ही फंसा…संदिग्ध बालिंग एक्शन की जांच शुरू


    शारजाह।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के ऑफ स्पिनर अलिस अल इस्लाम (Aliss Al Islam) का वनडे करियर शुरू होते ही मुश्किलों में घिर गया है. अफगानिस्तान (Afghanistan) के खिलाफ ओडीआई डेब्यू (ODI Debut) करने वाले अलिस की गेंदबाजी एक्शन को संदिग्ध बताया गया है. अब इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council- ICC) के मानकों के तहत उनके बॉलिंग एक्शन की स्वतंत्र जांच होगी।

    29 वर्षीय अलिस अल इस्लाम ने 21 अक्टूबर को शारजाह में ओडीआई डेब्यू किया था. अफगानिस्तान के विरुद्ध इस मुकाबले में उन्होंने 8.3 ओवर्स की गेंदबाजी में 47 रन खर्च किए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. मैच अधिकारियों ने उनकी गेंदबाजी एक्शन की वैधता पर चिंता जताई, जिसके बाद आईसीसी ने जांच की प्रक्रिया शुरू की है।


    कहां होगी एक्शन की जांच?

    अलिस अल इस्लाम के बॉलिंग एक्शन का आकलन आईसीसी से मान्यता प्राप्त परीक्षण केंद्र में किया जाएगा. इस जांच से पता चलेगा कि गेंदबाजी करते समय उनकी कोहनी सीधी होने की सीमा निर्धारित नियमों के भीतर है या नहीं. आईसीसी के नियमों के अनुसार, गेंद छोड़ने की प्रक्रिया में कोहनी का विस्तार 15 डिग्री से अधिक नहीं होना चाहिए।

    हालांकि, संदिग्ध एक्शन की शिकायत होने का मतलब यह नहीं है कि गेंदबाज दोषी साबित हो गया है. अंतिम फैसला स्वतंत्र जांच के नतीजों के आधार पर होगा. आकलन पूरा होने तक अलिस अल इस्लाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी जारी रख सकते हैं।

    अलिस अल इस्लाम घरेलू क्रिकेट में अपनी रहस्यमयी स्पिन और कैरम बॉल के लिए जाने जाते हैं. बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) में उन्होंने 35 मैचों में 39 विकेट लिए हैं. वहीं, लिस्ट-ए क्रिकेट में उनके नाम पर 20 मैचों में 35 विकेट दर्ज हैं. इस फॉर्मेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 21 रन देकर 6 विकेट रहा है।

    अलिस अल इस्लाम नेआइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले के दौरान अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू भी किया था. ओडीआई में डेब्यू के बाद एक्शन पर उठे सवाल अब उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए अहम हो गए हैं।

  • न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला

    न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा रन चेज, संजू सैमसन की फिफ्टी और नमन धीर के तूफान से जीता मुकाबला


    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने आखिरी ओवर तक चले रोमांचक मुकाबले में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हरा दिया। भारत ने 226 रन का लक्ष्य 19.4 ओवर में छह विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना सबसे बड़ा सफल रन चेज पूरा किया और पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले के आखिरी पलों में नमन धीर ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उसने भारतीय प्रशंसकों का उत्साह बढ़ा दिया। नमन ने केवल 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन ठोककर मैच का रुख भारत के पक्ष में कर दिया और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को यादगार जीत दिलाई।

    नमन धीर ने आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर खत्म किया रोमांच

    मैच के अंतिम ओवर में भारतीय टीम को जीत के लिए जरूरी रन बनाने थे और न्यूजीलैंड के गेंदबाज मैट हेनरी पर दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में नमन धीर ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने ओवर में पहले चौका लगाया और फिर एक रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखी। इसके बाद आखिरी गेंद पर नमन ने छक्का जड़कर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। शॉर्ट गेंद पर पुल शॉट खेलने के प्रयास में बल्ले का ऊपरी किनारा लगा लेकिन गेंद फाइन लेग की बाउंड्री के पार चली गई। इस छक्के के साथ ही भारतीय ड्रेसिंग रूम में जश्न शुरू हो गया। नमन की 15 गेंदों पर नाबाद 42 रन की पारी ने साबित कर दिया कि टी20 क्रिकेट में अंतिम ओवरों की आक्रामक बल्लेबाजी किसी भी बड़े लक्ष्य को आसान बना सकती है।

    संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर ने संभाली भारतीय पारी

    226 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम को शुरुआत से ही तेजी के साथ रन बनाने की जरूरत थी। संजू सैमसन ने 67 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और समझदारी दोनों नजर आईं। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 42 रन बनाकर लक्ष्य का पीछा करने में अहम योगदान दिया। दोनों बल्लेबाजों की पारियों से भारत की जीत की उम्मीद मजबूत हुई लेकिन बीच के ओवरों में विकेट गिरने के कारण मुकाबला फिर रोमांचक हो गया। एक समय ऐसा लगा कि न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी कर सकती है लेकिन नमन धीर ने तेजी से रन बनाकर समीकरण बदल दिए। अंतिम ओवरों में उनके बेखौफ अंदाज ने भारतीय टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचा दिया।

    ग्लेन फिलिप्स की पारी से न्यूजीलैंड ने बनाया बड़ा स्कोर

    इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 225 रन बनाए। कीवी टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 40 गेंदों पर नाबाद 82 रन की पारी खेली। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और न्यूजीलैंड को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत के सामने 226 रन का लक्ष्य था जो किसी भी टीम के लिए आसान नहीं माना जाता। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने दबाव में बिखरने के बजाय मुकाबले में वापसी की और अंततः जीत हासिल कर ली।

    सीरीज में भारत को मिली शुरुआती बढ़त

    इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी20 सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। टीम इंडिया के लिए यह जीत केवल सीरीज में आगे निकलने तक सीमित नहीं रही बल्कि टी20 इंटरनेशनल में सबसे बड़े सफल रन चेज का नया रिकॉर्ड भी लेकर आई। संजू सैमसन की अहम पारी श्रेयस अय्यर का योगदान और नमन धीर की विस्फोटक बल्लेबाजी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। अब भारतीय टीम की नजरें अगले मैच में भी जीत हासिल कर सीरीज में अपनी स्थिति मजबूत करने पर रहेंगी। वहीं न्यूजीलैंड की टीम अगले मुकाबले में वापसी करने के इरादे से उतरेगी। पहले मैच ने साफ कर दिया कि दोनों टीमों के बीच आगे भी कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल

    निंगबो ओपन में युवा अमेरिकी खिलाड़ी का जलवा, पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर रचा कमाल


    नई दिल्ली। अमेरिका की युवा टेनिस खिलाड़ी इवा जोविक ने निंगबो ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ा उलटफेर किया है। 18 वर्षीय जोविक ने गुरुवार को राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में इटली की स्टार खिलाड़ी जैस्मीन पाओलिनी को सीधे सेटों में हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। दो बार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंच चुकीं पाओलिनी के खिलाफ जोविक ने 6-4 और 6-3 से जीत दर्ज की। इस मुकाबले में युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शानदार वापसी की और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

    निंगबो ओपन में चौथी वरीयता प्राप्त इवा जोविक को पहले दौर में बाय मिलने के कारण सीधे अगले राउंड में प्रवेश मिला था। राउंड ऑफ 16 में उनका सामना अनुभवी पाओलिनी से हुआ। पहले सेट में जोविक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और वह 1-3 से पिछड़ गईं। पाओलिनी ने उनकी सर्विस तोड़कर मुकाबले में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की। हालांकि जोविक ने दबाव में धैर्य बनाए रखा और धीरे-धीरे मैच में वापसी शुरू कर दी।

    अमेरिकी खिलाड़ी ने पहले सेट के पांचवें और नौवें गेम में पाओलिनी की सर्विस ब्रेक की। इस शानदार वापसी के दम पर उन्होंने पहला सेट 6-4 से अपने नाम कर लिया। शुरुआती पिछड़ने के बाद सेट जीतना जोविक के आत्मविश्वास के लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने अपनी आक्रामकता बनाए रखी और पाओलिनी को आसानी से अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया।

    दूसरे सेट में भी इटली की खिलाड़ी को अपनी सर्विस बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जोविक ने उनकी सर्विस पर लगातार दबाव बनाया और चार बार सर्विस ब्रेक करने में सफलता हासिल की। हालांकि इस दौरान अमेरिकी खिलाड़ी की सर्विस भी दो बार टूटी लेकिन वह अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहीं। अंततः उन्होंने दूसरा सेट 6-3 से जीत लिया और मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ जोविक और पाओलिनी के बीच आमने-सामने के मुकाबलों का रिकॉर्ड 2-2 से बराबर हो गया है। यह पाओलिनी के खिलाफ जोविक की लगातार दूसरी जीत भी है। इससे पहले उन्होंने इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी इटली की खिलाड़ी को हराया था। इस प्रदर्शन से साफ है कि जोविक बड़ी खिलाड़ियों के खिलाफ भी दबाव में बेहतर खेल दिखाने की क्षमता रखती हैं।

    यह मौजूदा सीजन में जोविक का सातवां क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले वह छह क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में से पांच जीतकर सेमीफाइनल तक पहुंच चुकी हैं। पाओलिनी के खिलाफ जीत उनकी शानदार फॉर्म का एक और उदाहरण है। इस सीजन में वह टूर स्तर पर 42 जीत दर्ज कर चुकी हैं जो उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

    जोविक ने पिछले महीने ग्वाडलहारा ओपन का खिताब भी सफलतापूर्वक अपने नाम किया था। उन्होंने 2025 में भी यह खिताब जीता था। इसके अलावा यूएस ओपन में पहली बार चौथे दौर तक पहुंचना भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। अब निंगबो ओपन के क्वार्टर फाइनल में उनका सामना एलेक्जेंड्रा एला या फ्रेंच ओपन की सेमीफाइनलिस्ट डायना श्नाइडर में से किसी एक से होगा। एला के खिलाफ जोविक का रिकॉर्ड 3-0 है जबकि श्नाइडर के खिलाफ वह 1-0 से आगे हैं। युवा खिलाड़ी की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनसे अगले मुकाबले में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

  • ओलंपिक में चूके लेकिन उपलब्धियों से चमके रंजन सोढ़ी, वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर बने भारत के स्टार निशानेबाज

    ओलंपिक में चूके लेकिन उपलब्धियों से चमके रंजन सोढ़ी, वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर बने भारत के स्टार निशानेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय निशानेबाजी के इतिहास में रंजन सोढ़ी का नाम खास सम्मान के साथ लिया जाता है। डबल ट्रैप शूटिंग में अपनी सटीक निशानेबाजी और शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की पहचान मजबूत की। कॉमनवेल्थ गेम्स से लेकर एशियन गेम्स और आईएसएसएफ वर्ल्ड कप तक सोढ़ी ने कई महत्वपूर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय शूटिंग को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

    रंजन सोढ़ी का जन्म 23 अक्टूबर 1979 को पंजाब के फिरोजपुर में हुआ था। बचपन से ही निशानेबाजी के प्रति उनका झुकाव आगे चलकर एक सफल खेल करियर में बदल गया। उन्होंने मेहनत और निरंतर अभ्यास के जरिए डबल ट्रैप शूटिंग में अपनी अलग पहचान बनाई। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और वह भारतीय निशानेबाजी के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए।

    साल 2010 रंजन सोढ़ी के करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने दो सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसी वर्ष चीन के ग्वांगझू में आयोजित एशियन गेम्स में उन्होंने डबल ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके अलावा डबल ट्रैप टीम स्पर्धा में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल भी जीता। इन उपलब्धियों ने उन्हें देश के प्रमुख निशानेबाजों की कतार में खड़ा कर दिया।

    विश्व स्तर पर भी सोढ़ी का प्रदर्शन शानदार रहा। साल 2010 में इटली के लोनाटो में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में उन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2011 में चीन की राजधानी बीजिंग में हुए वर्ल्ड कप में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उसी वर्ष स्लोवेनिया के मेरिबोर में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। लगातार अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतना उनकी निरंतरता और कौशल को दर्शाता है।

    चार अक्टूबर 2011 को संयुक्त अरब अमीरात के अल ऐन में आयोजित आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में सोढ़ी ने फिर गोल्ड मेडल जीतकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। साल 2011 में वह वर्ल्ड कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव करने वाले पहले भारतीय निशानेबाज बने। यह उपलब्धि भारतीय शूटिंग के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।

    विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के दम पर रंजन सोढ़ी ने 2012 के लंदन ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया। उन्होंने डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि वह पदक जीतने में सफल नहीं रहे। क्वालिफिकेशन राउंड में 134 अंक हासिल कर वह 11वें स्थान पर रहे। प्रतियोगिता की शुरुआत में उन्होंने 48 अंक बनाकर अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन आगे वह अपनी लय बरकरार नहीं रख सके। ओलंपिक पदक भले ही उनके खाते में नहीं आया लेकिन वहां तक पहुंचना भी उनके करियर की बड़ी उपलब्धि रही।

    निशानेबाजी में उनके योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया। रंजन सोढ़ी की कहानी मेहनत अनुशासन और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने साबित किया कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा के दम पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं।

  • सुवर्णा राज से स्वाति चौधरी तक, पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर राष्ट्रपति गदगद, कहा- देश को आप पर गर्व है

    सुवर्णा राज से स्वाति चौधरी तक, पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर राष्ट्रपति गदगद, कहा- देश को आप पर गर्व है


    नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। प्रतियोगिता में सुवर्णा राज ने महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं स्वाति चौधरी ने व्यक्तिगत तीरंदाजी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने कई पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी और उनके प्रदर्शन को देश के लिए गौरवपूर्ण बताया।

    राष्ट्रपति ने सुवर्णा राज को विशेष रूप से बधाई देते हुए उनकी सफलता को ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाली सुवर्णा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि यह कामयाबी उनकी असाधारण क्षमताओं का परिणाम है। राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि सुवर्णा की उपलब्धि अन्य खिलाड़ियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखने के लिए प्रेरित करेगी। उनका प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

    तीरंदाजी में सिल्वर मेडल जीतने वाली स्वाति चौधरी को भी राष्ट्रपति ने बधाई दी। महिलाओं की व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में पदक जीतकर स्वाति ने भारत के लिए एक नई उपलब्धि दर्ज की। राष्ट्रपति ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता इस खेल से जुड़े अन्य खिलाड़ियों को भी प्रेरणा देगी। उन्होंने स्वाति के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उम्मीद जताई कि वह आगे भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करेंगी।

    बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। महिला डबल्स व्हीलचेयर बैडमिंटन में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली अल्फिया जेम्स और पल्लवी केएम को राष्ट्रपति ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस स्पर्धा में भारत के लिए पहला पदक जीतना महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से देश में पैरा खेलों को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

    पुरुषों की बैडमिंटन सिंगल्स स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले अभिजीत सखूजा की भी राष्ट्रपति ने प्रशंसा की। अंतरराष्ट्रीय पदार्पण पर ही पदक हासिल करना उनके लिए खास उपलब्धि रही। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि यह शानदार शुरुआत भविष्य में और सफलताओं का रास्ता खोलेगी।

    बैडमिंटन मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज जीतने वाली सुमति सिवन और कृष्णा नागर की जोड़ी को भी बधाई दी गई। राष्ट्रपति ने टूर्नामेंट के दौरान उनके जज्बे और प्रदर्शन की सराहना की। इसके साथ ही प्रमोद भगत और मनीषा रामदास को भी मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक जीतने पर शुभकामनाएं दी गईं। उन्होंने खिलाड़ियों के टीम वर्क और खेल के प्रति समर्पण को सराहा।

    राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि हर पदक के पीछे लंबे समय तक की गई मेहनत और तैयारी होती है। एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों की सफलताएं उनकी प्रतिभा और लगन को दर्शाती हैं। इन उपलब्धियों से पैरा खेलों को नई पहचान मिलने के साथ ही देश के अन्य दिव्यांग खिलाड़ियों को भी अपने सपने पूरे करने की प्रेरणा मिलेगी।

  • न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां

    न्यूजीलैंड ने भारत के खिलाफ ठोका 225 रन का पहाड़, ग्लेन फिलिप्स की तूफानी पारी से गेंदबाजों की उड़ी धज्जियां


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले में कीवी बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। हेगले ओवल के मैदान पर खेले जा रहे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 225 रन बनाए। इस दमदार प्रदर्शन के साथ न्यूजीलैंड ने टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ अपने सबसे बड़े स्कोर की बराबरी कर ली। इससे पहले टीम ने साल 2026 में तिरुवनंतपुरम के मैदान पर भी भारत के खिलाफ 225 रन बनाए थे। इसके अलावा हेगले ओवल में यह अब तक का सबसे बड़ा टी20 स्कोर भी रहा।

    न्यूजीलैंड की पारी की शुरुआत टिम सीफर्ट और फिन एलन ने आक्रामक अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 49 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। सीफर्ट ने 17 गेंदों में 24 रन बनाए लेकिन वह अपनी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। दूसरी ओर फिन एलन ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने 24 गेंदों का सामना करते हुए 45 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी ने न्यूजीलैंड के बड़े स्कोर की नींव तैयार की।

    इसके बाद डेरिल मिचेल ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 19 गेंदों में 28 रन बनाए लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले आउट हो गए। शुरुआती विकेट गिरने के बावजूद न्यूजीलैंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। ग्लेन फिलिप्स और बेवन जैकब्स ने मैदान पर उतरते ही भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन बटोरते हुए केवल 32 गेंदों में 73 रन की साझेदारी कर दी। इस साझेदारी ने भारतीय टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।

    बेवन जैकब्स ने महज 16 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी पारी में तेज बल्लेबाजी का शानदार नमूना देखने को मिला। दूसरी तरफ ग्लेन फिलिप्स ने एक छोर संभाले रखा और लगातार बड़े शॉट लगाते रहे। उन्होंने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। फिलिप्स ने आखिरकार 40 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और तीन छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी के दम पर न्यूजीलैंड की टीम 225 रन के बड़े स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

    भारतीय गेंदबाज इस मुकाबले में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को रोकने में नाकाम नजर आए। अर्शदीप सिंह ने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट हासिल किया। भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 49 रन खर्च किए और उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। मयंक यादव ने चार ओवर में 40 रन देकर एक विकेट लिया। अक्षर पटेल भारत के सबसे महंगे गेंदबाज रहे। उन्होंने चार ओवर में 51 रन दिए और एक विकेट हासिल किया। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपने चार ओवर में 40 रन खर्च किए।

    न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी ने पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम के सामने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर दिया। अब भारतीय बल्लेबाजों के सामने इस लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूत शुरुआत करने और मुकाबले को रोमांचक बनाने की चुनौती रही।

  • अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज

    अभिषेक शर्मा का तूफानी अंदाज, पहली ही गेंद पर छक्का जड़ने का सातवां कारनामा, टी20 इंटरनेशनल में बने नंबर-1 बल्लेबाज


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के आक्रामक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ गुरुवार को क्राइस्टचर्च के हैगली ओवल में खेले जा रहे टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में अभिषेक ने अपनी पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर इतिहास रच दिया। यह सातवीं बार था जब उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाया। इस उपलब्धि के साथ अभिषेक इस प्रारूप में सबसे ज्यादा बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि ने एक बार फिर उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज और पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की क्षमता को चर्चा में ला दिया है।

    न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में अभिषेक को भारतीय पारी की छठी गेंद पर स्ट्राइक मिली। सामने न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी थे लेकिन अभिषेक ने बिना समय गंवाए गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया। टी20 क्रिकेट में पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक ने इस छक्के के साथ अपने रिकॉर्ड में एक और उपलब्धि जोड़ ली। इस मामले में अफगानिस्तान के शफीकुल्लाह शिनवारी छह बार पारी की पहली गेंद पर छक्का लगाने के साथ दूसरे स्थान पर हैं। वहीं भारत के पूर्व टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव पांच बार ऐसा कर चुके हैं।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 225 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 82 रन की शानदार पारी खेली जबकि फिन एलन ने 45 रन और बेवॉन जैकब्स ने 31 रन का योगदान दिया। न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया और निर्धारित 20 ओवर में रन गति को तेज बनाए रखा। भारत के सामने जीत के लिए बड़ा लक्ष्य था और ऐसे में सलामी बल्लेबाजों से तेज शुरुआत की उम्मीद थी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए केवल 35 गेंदों में 93 रन जोड़ दिए। अभिषेक ने 12 गेंदों में तीन छक्कों और दो चौकों की मदद से 29 रन बनाए। दूसरी ओर संजू सैमसन ने 33 गेंदों में चार छक्कों और आठ चौकों की मदद से 67 रन की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को शुरुआती ओवरों में मजबूत स्थिति में पहुंचाया और बड़े लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीदों को बढ़ाया।

    अभिषेक और संजू की जोड़ी ने इस मुकाबले में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। दोनों ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान पांचवीं बार 50 या उससे अधिक रन की ओपनिंग साझेदारी की। इससे पहले अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने 2025 में पांच बार यह कारनामा किया था। वहीं रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी ने 2021 में पांच बार 50 से अधिक रन की शुरुआती साझेदारी की थी। रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी ने 2018 में चार बार ऐसा किया था।

    इस मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले संजू सैमसन ने भी एक खास उपलब्धि हासिल की। वह 2026 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार 50 से अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए। इस सूची में सूर्यकुमार यादव 2022 में 11 अर्धशतकों के साथ शीर्ष पर हैं जबकि विराट कोहली ने 2022 में और अभिषेक शर्मा ने 2026 में नौ नौ बार 50 से अधिक रन बनाए हैं। संजू सैमसन और ईशान किशन 2026 में आठ आठ बार यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड के साथ साझेदारी में भी अपनी आक्रामक क्षमता का प्रदर्शन किया।