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  • वर्ल्ड कप के बीच मेसी के पिता गंभीर रूप से बीमार, निधन की अफवाहों पर परिवार ने जारी किया कड़क बयान

    वर्ल्ड कप के बीच मेसी के पिता गंभीर रूप से बीमार, निधन की अफवाहों पर परिवार ने जारी किया कड़क बयान

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत के सबसे बड़े मंच फीफा वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच अर्जेंटीना के महान कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर लियोनेल मेसी के परिवार पर दुखों का बड़ा पहाड़ टूट पड़ा है। टूर्नामेंट के व्यस्त और उच्च दबाव वाले शेड्यूल के दौरान मेसी के परिवार ने उनके पिता जॉर्ज मेसी की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण आधिकारिक बयान जारी किया है। परिवार ने पुष्टि की है कि 68 वर्षीय जॉर्ज मेसी इस समय एक बेहद गंभीर और चुनौतीपूर्ण बीमारी का सामना कर रहे हैं, जिसके चलते उन्हें कड़े मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इस संवेदनशील खबर के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और मेसी के प्रशंसकों में गहरी चिंता की लहर दौड़ गई है।

    मेसी परिवार की ओर से जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि जॉर्ज मेसी इस समय एक बड़ी स्वास्थ्य संबंधी चुनौती से पूरी बहादुरी से लड़ रहे हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक विशेष दल की सीधी निगरानी में उनका सघन उपचार किया जा रहा है। राहत की बात यह है कि चिकित्सीय प्रक्रिया के बीच उनकी सेहत में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार भी दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से परिवार ने वर्तमान में इस गंभीर बीमारी के सटीक स्वरूप या उसके नाम को लेकर किसी भी प्रकार की विस्तृत तकनीकी जानकारी को सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने का फैसला किया है।

    यह आधिकारिक वक्तव्य अर्जेंटीना और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में जॉर्ज मेसी के अचानक निधन की भ्रामक और अनियंत्रित अफवाहें तेजी से फैलने के तुरंत बाद सामने आया है। सोशल मीडिया और कुछ अनधिकृत पोर्टल्स पर प्रसारित की जा रही इन झूठी खबरों ने विश्व कप में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे कप्तान और उनके परिजनों को गहरी मानसिक पीड़ा पहुंचाई। स्थिति को बिगड़ते देख मेसी परिवार को स्वयं आगे आकर इन भ्रामक अटकलों का खंडन करना पड़ा। परिवार ने वैश्विक मीडिया और आम जनता से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि इस बेहद संवेदनशील समय में सभी को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी, परम संयम और बुनियादी इंसानियत का परिचय देना चाहिए।

    जारी बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति के नाजुक स्वास्थ्य और उसके परिवार की आंतरिक मानसिक शांति को गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग या सस्पेंस का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। परिवार ने स्पष्ट चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि जॉर्ज मेसी के स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी वास्तविक और प्रामाणिक प्रगति केवल और केवल परिवार द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक बुलेटिन के माध्यम से ही साझा की जाएगी। इसलिए बाहरी स्रोतों या अपुष्ट दावों पर किसी को भी विश्वास नहीं करना चाहिए।

    इससे पहले चालू वर्ल्ड कप के अपने शुरुआती मुकाबले में अर्जेंटीना की टीम ने अल्जीरिया पर 3-0 की एकतरफा और शानदार जीत दर्ज की थी। उस ऐतिहासिक मैच की समाप्ति के बाद स्वयं कप्तान लियोनेल मेसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात को स्वीकार किया था कि वह अपनी निजी जिंदगी में एक बेहद कठिन और दर्दनाक दौर से गुजर रहे हैं। उस समय उन्होंने अपनी इस गहरी व्यक्तिगत परेशानी के मुख्य कारण का खुलासा तो नहीं किया था, लेकिन अब इस आधिकारिक बयान के आने के बाद यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि मेसी मैदान पर अपनी राष्ट्रीय टीम की कप्तानी करने के साथ-साथ बैकग्राउंड में अपने पिता की नाजुक सेहत को लेकर कितने गहरे मानसिक तनाव और चिंता से घिरे हुए हैं।

  • फीफा विश्व कप 2026: स्विट्जरलैंड की दमदार जीत, बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया

    फीफा विश्व कप 2026: स्विट्जरलैंड की दमदार जीत, बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्विट्जरलैंड ने अपने अभियान को मजबूती देते हुए ग्रुप बी के अहम मुकाबले में बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। लॉस एंजिलिस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले हाफ तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपने आक्रामक खेल से मैच का पूरा रुख बदल दिया।

    मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने संतुलित खेल दिखाया। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखते हुए लगातार हमले किए, लेकिन बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडरों ने मजबूती से मोर्चा संभाला। पहले 45 मिनट में दोनों टीमों को कुछ अच्छे मौके मिले, मगर कोई भी खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो सका। परिणामस्वरूप पहला हाफ बिना किसी गोल के समाप्त हुआ।

    दूसरे हाफ में स्विट्जरलैंड ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और लगातार दबाव बनाना शुरू किया। इसका फायदा टीम को 74वें मिनट में मिला, जब युवा स्टार जोहान मंजाम्बी ने शानदार गोल दागकर स्विट्जरलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद मैच का पूरा नियंत्रण स्विस टीम के हाथों में आ गया।

    बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए स्थिति तब और कठिन हो गई जब 80वें मिनट में डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच को गंभीर फाउल के कारण सीधा रेड कार्ड दिखा दिया गया। एक खिलाड़ी कम होने के बाद टीम का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया और स्विट्जरलैंड ने इसका भरपूर फायदा उठाया।

    84वें मिनट में रूबेन वर्गस ने शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए स्विट्जरलैंड के लिए दूसरा गोल किया और स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद बोस्निया-हर्जेगोविना की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मैच के अंतिम क्षणों में जोहान मंजाम्बी ने अपना दूसरा गोल दागते हुए स्विट्जरलैंड की बढ़त को 3-0 तक पहुंचा दिया। मंजाम्बी का यह प्रदर्शन टीम की जीत का सबसे बड़ा आधार साबित हुआ।

    हालांकि स्टॉपेज टाइम में बोस्निया-हर्जेगोविना के एरमि माहमिक ने एक गोल कर अपनी टीम की ओर से सांत्वना दिलाने की कोशिश की, लेकिन इसके तुरंत बाद स्विट्जरलैंड के कप्तान ग्रेनिट झाका ने शानदार गोल दागकर मुकाबले को 4-1 पर समाप्त कर दिया। झाका के गोल ने स्विट्जरलैंड की शानदार जीत पर अंतिम मुहर लगा दी।

    इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। पहले मुकाबले में ड्रॉ खेलने वाली स्विस टीम अब नॉकआउट चरण में पहुंचने की प्रबल दावेदार बन गई है। दूसरी ओर, बोस्निया-हर्जेगोविना के लिए अब आगे का सफर कठिन हो गया है और उसे अगले मुकाबले में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी उसकी अगले दौर में पहुंचने की उम्मीदें जीवित रह सकेंगी।

  • फीफा विश्व कप 2026: कनाडा ने कतर को 6-0 से रौंदा, जोनाथन डेविड की हैट्रिक से रचा इतिहास

    फीफा विश्व कप 2026: कनाडा ने कतर को 6-0 से रौंदा, जोनाथन डेविड की हैट्रिक से रचा इतिहास


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने घरेलू मैदान पर ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कतर को 6-0 से करारी शिकस्त दी। वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कनाडाई खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और कतर को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस शानदार जीत के साथ कनाडा ने फीफा विश्व कप इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज कर एक नया अध्याय लिख दिया।

    कनाडा की जीत के सबसे बड़े नायक स्टार स्ट्राइकर जोनाथन डेविड रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। मैच के शुरुआती मिनटों से ही कनाडा आक्रामक तेवर में नजर आया। 16वें मिनट में साइल लारिन ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 29वें मिनट में जोनाथन डेविड ने बेहतरीन फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए दूसरा गोल किया और कनाडा की बढ़त दोगुनी कर दी।

    पहले हाफ में कतर की टीम पूरी तरह दबाव में दिखाई दी। कनाडा लगातार हमले करता रहा और हाफ टाइम से ठीक पहले जोनाथन डेविड ने अपना दूसरा गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इस गोल ने कतर की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया और मैच लगभग एकतरफा हो गया।

    दूसरे हाफ में कनाडा को एक बड़ा झटका तब लगा जब मिडफील्डर इस्माइल कोन चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए। कतर के खिलाड़ी असिम मदीबो के टैकल के बाद कोन गंभीर दर्द में नजर आए और उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) की समीक्षा के बाद मदीबो का येलो कार्ड रेड कार्ड में बदल दिया गया, जिससे कतर को शेष मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।

    एक खिलाड़ी कम होने का असर कतर के खेल पर साफ दिखाई दिया। इस्माइल कोन की जगह मैदान में आए नाथन सलीबा ने 64वें मिनट में शानदार गोल कर स्कोर 4-0 कर दिया। इसके बाद कनाडा के हमले और तेज हो गए। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी जैकब शैफेलबर्ग के शॉट को रोकने के प्रयास में कतर के डिफेंडर मोहम्मद मनाई ने गेंद अपने ही गोल में पहुंचा दी, जिससे कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई।

    मैच के स्टॉपेज टाइम में जोनाथन डेविड ने एक और शानदार गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और कनाडा की जीत को 6-0 के विशाल अंतर तक पहुंचा दिया। पूरे मुकाबले में कतर की टीम कनाडा के मजबूत डिफेंस को भेदने में पूरी तरह असफल रही।

    इस जीत के साथ कनाडा के चार अंक हो गए हैं और टीम ग्रुप बी में शीर्ष स्थान की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। अब कनाडा को अगले मुकाबले में स्विट्जरलैंड के खिलाफ सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत होगी, जिससे वह नॉकआउट चरण में अपनी जगह लगभग पक्की कर सके।

  • महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर

    महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत को बड़ा झटका: चोट के कारण श्रेयंका पाटिल टूर्नामेंट से बाहर


    नई दिल्ली । महिला टी20 विश्व कप 2026 में शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख स्पिन गेंदबाज श्रेयंका पाटिल चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। यह खबर भारतीय टीम और उसके प्रशंसकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि श्रेयंका टीम के गेंदबाजी आक्रमण की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती हैं।

    श्रेयंका को यह चोट नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी। मैच में पावरप्ले का अंतिम ओवर डालते समय उनका टखना अचानक मुड़ गया, जिससे वह दर्द से कराह उठीं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें स्ट्रेचर की मदद से मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद वह मैच में दोबारा गेंदबाजी करने नहीं लौट सकीं।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिकल जांच में चोट गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें पूरे टूर्नामेंट से बाहर करने का फैसला लिया गया। भारतीय टीम प्रबंधन ने उनकी जगह 24 वर्षीय लेग स्पिनर प्रेमा रावत को टीम में शामिल किया है। प्रेमा घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं और उन्हें भविष्य की प्रतिभाशाली स्पिनरों में गिना जाता है।

    प्रेमा रावत महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेल चुकी हैं। पिछले दो सीजन में उन्होंने छह मुकाबलों में हिस्सा लिया और तीन विकेट हासिल किए। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में उत्तराखंड को सीनियर चैंपियनशिप जिताने में भी उनकी गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई थी। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि वह श्रेयंका की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकेंगी।

    हालांकि इस झटके के बावजूद भारतीय टीम का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। भारत ने अपने पहले मुकाबले में पाकिस्तान को 64 रन से हराकर जीत का आगाज किया था। इसके बाद दूसरे मैच में नीदरलैंड्स को 95 रन से करारी शिकस्त देकर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली।

    नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया था। टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 47 गेंदों में 74 रन की शानदार पारी खेली, जबकि शेफाली वर्मा ने 38 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    गेंदबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 19 रन देकर चार विकेट झटके, जबकि शेफाली वर्मा ने तीन विकेट हासिल कर ऑलराउंड प्रदर्शन का परिचय दिया। अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला रविवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होगा, जहां टीम श्रेयंका की अनुपस्थिति में जीत की लय बरकरार रखने की कोशिश करेगी।

  • फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी

    फीफा वर्ल्ड कप 2026: साउथ कोरिया को हराकर नॉकआउट में पहुंचा मेक्सिको, इतिहास रचने वाली पहली टीम बनी


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेक्सिको का शानदार अभियान जारी है। मेजबान टीम ने ग्रुप ए के अहम मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की, बल्कि टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में पहुंचने वाली पहली टीम बनने का गौरव भी हासिल कर लिया। ग्वाडलाहारा के एक्रोन स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मेक्सिको ने संतुलित खेल का प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए।

    मैच की शुरुआत से ही मेक्सिको ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और आक्रामक अंदाज में खेल दिखाया। हालांकि, साउथ कोरिया ने भी जवाबी हमलों के जरिए मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बनाए रखा। पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई अवसर बनाए, लेकिन मजबूत रक्षापंक्ति और गोलकीपिंग के कारण कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले 45 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।

    दूसरे हाफ की शुरुआत मेक्सिको के लिए बेहद शानदार रही। 50वें मिनट में मिडफील्डर लुईस रोमो ने मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। गुटिएरेज द्वारा दिए गए सटीक थ्रू बॉल का शानदार फायदा उठाते हुए रोमो ने गेंद को सीधे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। इस गोल के बाद स्टेडियम में मौजूद हजारों मेक्सिकन समर्थक खुशी से झूम उठे।

    गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार आक्रमण किए। मैच के अंतिम चरण में कोरियाई खिलाड़ियों ने कई खतरनाक मौके बनाए, लेकिन मेक्सिको की रक्षापंक्ति और गोलकीपर रेंगल दीवार बनकर खड़े रहे। खासकर अंतिम मिनटों में रेंगल ने लगातार दो शानदार बचाव कर साउथ कोरिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने मेक्सिको की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

    इस जीत के साथ मेक्सिको ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान भी मजबूत कर लिया है। टीम ने लगातार दो मुकाबले जीतने के साथ-साथ अब तक एक भी गोल नहीं खाया है। यह उपलब्धि मेक्सिको के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है। वह अपनी मेजबानी में खेले जा रहे विश्व कप में शुरुआती दो मैच बिना कोई गोल खाए जीतने वाली दुनिया की दूसरी टीम बन गई है।

    इससे पहले यह रिकॉर्ड 1998 विश्व कप में मेजबान फ्रांस ने बनाया था, जब उसने अपने पहले दो मुकाबले बिना कोई गोल खाए जीते थे। अब मेक्सिको की नजर ग्रुप चरण के अंतिम मुकाबले में भी जीत हासिल कर खिताब की दावेदारी और मजबूत करने पर होगी।

    फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि मेक्सिको का मौजूदा प्रदर्शन उसे इस विश्व कप के मजबूत दावेदारों में शामिल कर रहा है। टीम की संतुलित आक्रमण और मजबूत रक्षा पंक्ति उसे अन्य टीमों के मुकाबले अलग पहचान दिला रही है।

  • अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे के लिए भारतीय टीम में हर्षित राणा की वापसी, चेन्नई में जुड़ेंगे स्क्वॉड से


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम को बड़ी मजबूती मिली है। युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा की टीम इंडिया में वापसी हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पुष्टि की है कि हर्षित राणा ने अपना रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और अब वह पूरी तरह फिट हैं। इसी के चलते उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है।

    बीसीसीआई के अनुसार हर्षित राणा ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपनी फिटनेस और रिहैब प्रक्रिया पूरी की है। वह जल्द ही चेन्नई पहुंचकर भारतीय टीम से जुड़ेंगे। चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस को देखते हुए आगामी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए भी उन पर भरोसा जताया है। हर्षित को आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टी-20 टीम में भी जगह दी गई है।

    इस बीच भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही है। टीम इंडिया पहले ही शुरुआती दो मुकाबले जीतकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसका लक्ष्य तीसरा मुकाबला जीतकर सीरीज का क्लीन स्वीप करना होगा।

    लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों ने धमाकेदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 402 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से शुभमन गिल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 154 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 79 गेंदों में 125 रनों की विस्फोटक पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों की शतकीय पारियों ने अफगानिस्तान के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    403 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 232 रन पर सिमट गई। गेंदबाजी में गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह ने तीन-तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। वहीं डेब्यू मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने भी दो विकेट हासिल कर प्रभावित किया।

    अफगानिस्तान की ओर से रहमत शाह ने 79 रन और रहमानुल्लाह गुरबाज ने 41 रन बनाए, लेकिन उनकी पारियां टीम को हार से नहीं बचा सकीं। यह वनडे क्रिकेट में अफगानिस्तान की रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी हार रही।

    अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। भारतीय टीम जहां क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगी, वहीं अफगानिस्तान सम्मान बचाने के लिए जीत दर्ज करने की कोशिश करेगा।

  • स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं

    स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास T20I में 600 चौके लगाने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनीं


    नई द‍िल्‍ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। नीदरलैंड्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने न केवल 74 रनों की शानदार पारी खेली बल्कि इस प्रारूप में 600 चौके पूरे करने वाली दुनिया की पहली खिलाड़ी बनकर एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम किया जो अब तक पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट में कोई भी खिलाड़ी हासिल नहीं कर सका था।

    हेडिंग्ले में खेले गए इस मैच में मंधाना ने अपनी पारंपरिक आक्रामक और क्लासिक बल्लेबाजी का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 47 गेंदों पर 74 रन बनाते हुए कई आकर्षक चौके लगाए और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने चौकों की संख्या 600 के पार पहुंचा दी। यह उपलब्धि उन्होंने अपने 168वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में हासिल की, जो उनकी निरंतरता और उच्च स्तर की बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है।

    मंधाना की पारी की खासियत उनकी टाइमिंग और गैप्स का सटीक उपयोग रहा, जिसके दम पर उन्होंने लगातार रन गति बनाए रखी और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। उनकी इस पारी के चलते भारत ने नीदरलैंड्स के खिलाफ विशाल स्कोर खड़ा किया और मुकाबले में 95 रनों से शानदार जीत दर्ज की।

    टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाली खिलाड़ियों की सूची में अब मंधाना शीर्ष पर पहुंच चुकी हैं। उनके 604 चौकों के साथ न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स 521 चौकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि पाकिस्तान के बाबर आजम, आयरलैंड के पॉल स्टर्लिंग और भारत के रोहित शर्मा क्रमशः पीछे हैं। यह आंकड़ा बताता है कि मंधाना किस तरह लगातार विश्व क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दबदबा बनाए हुए हैं।

    इस ऐतिहासिक पारी के दौरान मंधाना ने एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को पीछे छोड़ते हुए महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा 50 से अधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यह उनका छठा 50+ स्कोर रहा, जो उनकी स्थिरता और बड़े मैचों में योगदान को दर्शाता है।

    मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की 115 रनों की मजबूत साझेदारी की बदौलत 209 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में नीदरलैंड्स की टीम 114 रनों पर सिमट गई। भारत की ओर से गेंदबाजी में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला, जहां श्री चरणी ने चार विकेट झटके और शेफाली वर्मा ने तीन विकेट लेकर टीम की जीत को सुनिश्चित किया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने विश्व कप में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब टीम का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से होगा, जहां एक बार फिर सभी की नजरें स्मृति मंधाना पर टिकी होंगी कि क्या वह अपनी यह शानदार फॉर्म आगे भी जारी रख पाती हैं।

  • नीरज चोपड़ा की वापसी पर दुनिया की नजर, 92.62 मीटर फेंक चुके श्रीलंकाई स्टार रूमेश से आज होगी महामुकाबला

    नीरज चोपड़ा की वापसी पर दुनिया की नजर, 92.62 मीटर फेंक चुके श्रीलंकाई स्टार रूमेश से आज होगी महामुकाबला


    नई दिल्ली । भारतीय एथलेटिक्स प्रेमियों की निगाहें शुक्रवार को दोहा डायमंड लीग 2026 पर टिकी रहेंगी, जहां ओलंपिक और विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर चुके स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा लंबे अंतराल के बाद प्रतिस्पर्धी मैदान में वापसी करेंगे। पिछले साल सितंबर में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद पीठ की चोट के कारण वह किसी बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाए थे। ऐसे में उनकी वापसी को लेकर खेल जगत में उत्साह के साथ-साथ उत्सुकता भी बनी हुई है।

    हालांकि नीरज की राह आसान नहीं होगी। इस बार उनके सामने पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम नहीं होंगे, लेकिन श्रीलंका के उभरते हुए स्टार रूमेश थरंगा पाथिराजे सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने खड़े हैं। रूमेश ने इस सीजन रोम डायमंड लीग में 92.62 मीटर का शानदार थ्रो कर न केवल अपना नाम 90 मीटर क्लब में दर्ज कराया, बल्कि विश्व जैवलिन इतिहास में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

    24 वर्षीय रूमेश इस समय दुनिया के सबसे बेहतरीन फॉर्म में चल रहे खिलाड़ियों में गिने जा रहे हैं। उनका 92.62 मीटर का थ्रो एशियाई एथलेटिक्स के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उन्होंने इस सीजन कई प्रतियोगिताओं में लगातार 89 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका है और हाल ही में प्रतिष्ठित गोल्डन स्पाइक मीट का खिताब भी अपने नाम किया था।

    दूसरी ओर नीरज चोपड़ा भी दोहा के मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर चुके हैं। मई 2025 में उन्होंने इसी ट्रैक पर पहली बार 90 मीटर की बाधा पार करते हुए 90.23 मीटर का थ्रो किया था। हालांकि उस प्रतियोगिता में जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.06 मीटर के साथ उन्हें पीछे छोड़ दिया था। इस बार नीरज की कोशिश न केवल शानदार वापसी करने की होगी, बल्कि अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब पहुंचने की भी होगी।

    मुकाबले से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने कहा कि उन्होंने वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की। करीब डेढ़ महीने पहले उन्होंने फिर से नियमित थ्रो करना शुरू किया और अंतिम ट्रेनिंग सत्र के बाद ही दोहा में खेलने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि वह खुद को पूरी तरह फिट महसूस कर रहे हैं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं।

    नीरज और रूमेश के बीच अब तक दो मुकाबले हुए हैं और दोनों खिलाड़ियों ने एक-एक बार एक-दूसरे को पीछे छोड़ा है। ऐसे में दोनों के बीच हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 1-1 से बराबर है। यही वजह है कि इस भिड़ंत को इस सीजन के सबसे रोमांचक जैवलिन मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।
    दोहा डायमंड लीग में केवल नीरज और रूमेश ही नहीं, बल्कि विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स, केशोर्न वॉलकॉट, जैकब वाडलेच, कर्टिस थॉम्पसन और जूलियस येगो जैसे दिग्गज खिलाड़ी भी हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी रहने वाली है।

    भारतीय समयानुसार यह मुकाबला शुक्रवार रात 11 बजे के बाद शुरू होगा। चोट के बाद नीरज की यह वापसी केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि आने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों से पहले उनकी तैयारी और फिटनेस की भी बड़ी परीक्षा होगी।

  • रिटायरमेंट से लौटेंगे जॉन सीना? WWE दिग्गज बोले- एलन मस्क ही बदल सकते हैं मेरा फैसला

    रिटायरमेंट से लौटेंगे जॉन सीना? WWE दिग्गज बोले- एलन मस्क ही बदल सकते हैं मेरा फैसला


    नई दिल्ली । WWE के इतिहास के सबसे लोकप्रिय सुपरस्टार्स में शामिल जॉन सीना एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भले ही वह आधिकारिक तौर पर इन-रिंग करियर को अलविदा कह चुके हों, लेकिन उनके एक हालिया बयान ने रेसलिंग फैंस के बीच नई उम्मीद जगा दी है। सीना ने मजाकिया अंदाज में कहा है कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें रिटायरमेंट से वापस आने के लिए मना सकता है, तो वह दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क हैं।

    पिछले वर्ष अपने विदाई दौरे के बाद जॉन सीना ने WWE रिंग को अलविदा कह दिया था। उनके अंतिम मुकाबले में उन्हें गुंथर के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। यह मुकाबला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि सीना ने अपने करियर के आखिरी मैच में टैप आउट किया था। हालांकि रिंग से दूरी बनाने के बावजूद वह WWE से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं और रेसलमेनिया 42 तथा बैकलैश 2026 जैसे बड़े आयोजनों में विशेष भूमिकाओं में नजर आ चुके हैं।

    हाल ही में सैन एंटोनियो में आयोजित स्पेसकॉन कार्यक्रम के दौरान जब एक प्रशंसक ने उनसे पूछा कि क्या वह भविष्य में WWE में वापसी कर सकते हैं, तो सीना ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि वह किसी भी चीज की सौ प्रतिशत गारंटी नहीं दे सकते। लेकिन फिलहाल अगर कोई उन्हें अपना फैसला बदलने के लिए मना सकता है तो वह एलन मस्क हैं। उन्होंने मजाक में कहा कि इसके लिए मस्क को अपनी अपार संपत्ति का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ेगा। जब तक ऐसा नहीं होता, वह खुद को पूरी तरह रिटायर्ड मानते हैं।

    सीना के इस बयान ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा बटोरी है। कई फैंस इसे मजाक के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ प्रशंसकों को अब भी उम्मीद है कि WWE का यह दिग्गज किसी खास अवसर पर रिंग में वापसी कर सकता है।

    इस दौरान जॉन सीना ने अपने रिटायरमेंट टूर को लेकर भी बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह विचार पूरी तरह उनका अपना था। सबसे पहले उन्होंने ही WWE अधिकारियों के सामने विदाई दौरे का प्रस्ताव रखा था। कंपनी को इस योजना को अंतिम रूप देने और लागू करने में लगभग डेढ़ साल का समय लगा। सीना का मानना था कि उनके लंबे और सफल करियर का समापन एक यादगार तरीके से होना चाहिए और इसी सोच के साथ उन्होंने यह योजना बनाई।

    उन्होंने ‘द जॉन सीना क्लासिक’ टूर्नामेंट को लेकर भी दिलचस्प जानकारी साझा की। सीना ने बताया कि इस टूर्नामेंट का विचार भी उनका ही था। इसे लेकर WWE के चीफ कंटेंट ऑफिसर ट्रिपल एच के साथ कई दौर की चर्चा हुई। पिछले कई महीनों से इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही है और अब इसे आगे बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है।

    फिलहाल जॉन सीना भले ही रिंग से दूर हों, लेकिन WWE यूनिवर्स में उनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है। उनके बयान और भविष्य की योजनाओं को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि रिटायरमेंट के बाद भी जॉन सीना WWE की सबसे चर्चित हस्तियों में शामिल हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में कोई ऐसा अवसर आता है जब फैंस उन्हें एक बार फिर रिंग में मुकाबला करते हुए देख सकेंगे।

  • हैरी केन के डबल धमाके से इंग्लैंड की विजयी शुरुआत, क्रोएशिया को 4-2 से हराया

    हैरी केन के डबल धमाके से इंग्लैंड की विजयी शुरुआत, क्रोएशिया को 4-2 से हराया


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए क्रोएशिया को 4-2 से हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए। डलास स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एल के इस रोमांचक मुकाबले में दर्शकों को आक्रामक फुटबॉल, शानदार गोल और जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान हैरी केन रहे, जिन्होंने दो महत्वपूर्ण गोल दागकर टीम को जीत की राह दिखाई।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने तेज गति से खेलना शुरू किया। क्रोएशिया ने शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही मुकाबले की कमान अपने हाथ में ले ली। 12वें मिनट में इंग्लैंड को पेनल्टी मिली, जिसने मैच का रुख बदल दिया। हैरी केन का पहला प्रयास गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया, लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा कराई गई। दूसरे मौके पर केन ने कोई गलती नहीं की और इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

    हालांकि क्रोएशिया ने हार नहीं मानी। मार्टिन बटुरिना ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। लेकिन इंग्लैंड ने तुरंत जवाब दिया। एक कॉर्नर किक पर हैरी केन ने बेहतरीन हेडर लगाकर अपना दूसरा गोल दागा और टीम को 2-1 से आगे कर दिया।

    पहले हाफ के अंतिम क्षणों में क्रोएशिया ने फिर वापसी की। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक ने शानदार मूव बनाया और मूसा को पास दिया, जिन्होंने गोल कर स्कोर 2-2 कर दिया। पहले हाफ का अंत बराबरी पर हुआ और दोनों टीमों के बीच मुकाबला पूरी तरह खुला नजर आ रहा था।

    दूसरे हाफ की शुरुआत इंग्लैंड के लिए शानदार रही। खेल शुरू होने के केवल दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत प्रयास से गोल दागा। उन्होंने दाईं ओर से बॉक्स में प्रवेश किया और सटीक शॉट के जरिए इंग्लैंड को 3-2 की बढ़त दिला दी। इस गोल ने इंग्लैंड का आत्मविश्वास और बढ़ा दिया।

    इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार हमले जारी रखे। बेलिंगहैम, डेक्लान राइस और निको ओ’रेली ने कई अवसर बनाए, लेकिन क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने कई शानदार बचाव कर अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। दूसरी तरफ क्रोएशिया ने भी बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने महत्वपूर्ण मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया।

    मैच के अंतिम चरण में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान में उतरे मार्कस रैशफोर्ड ने इंग्लैंड की जीत पर मुहर लगा दी। उन्होंने शानदार मूव बनाते हुए चौथा गोल किया और क्रोएशिया की वापसी की सभी उम्मीदों को समाप्त कर दिया।

    इस जीत के साथ इंग्लैंड ने ग्रुप एल में मजबूत शुरुआत की है। कप्तान हैरी केन ने दो गोलों के साथ अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। वहीं जूड बेलिंगहैम ने भी साबित कर दिया कि वह इंग्लैंड के भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान के भी सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं। इंग्लैंड की यह जीत टीम को टूर्नामेंट के आगामी मुकाबलों के लिए और अधिक आत्मविश्वास प्रदान करेगी।