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  • खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड पस्त, लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया ने सातवीं बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप जीत रचा नया इतिहास

    नई दिल्ली । महिला टी20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में ऑस्ट्रेलियाई टीम का एकछत्र साम्राज्य लगातार जारी है। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर खेले गए आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के रोमांचक खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को एकतरफा अंदाज में 7 विकेट से शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड सातवीं बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया है। फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड की टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड के बीच हुई शतकीय साझेदारी की बदौलत इस लक्ष्य को महज 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर बेहद आसानी से हासिल कर लिया।

    मध्य प्रदेश । खिताबी मुकाबले में 151 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बेहद खराब रही थी और टीम ने दूसरे ही ओवर में सलामी बल्लेबाज जॉर्जिया वॉल का विकेट गंवा दिया था। शुरुआती झटके के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज बेथ मूनी और फोएबे लिचफील्ड ने मोर्चा संभाला और दूसरे विकेट के लिए 100 रनों की शानदार मैच जिताऊ साझेदारी कर इंग्लिश गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। लिचफील्ड ने अपनी आक्रामक पारी में 35 गेंदों का सामना करते हुए 6 चौके और 2 छक्कों की मदद से 48 रन बनाए। वहीं दूसरी छोर पर जमीं बेथ मूनी ने कप्तानी पारी खेलते हुए 49 गेंदों पर 64 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया, जिसमें 10 शानदार चौके शामिल रहे। मूनी के आउट होने के बाद अनुभवी एलिस पेरी ने नाबाद 13 रन और एश्ले गार्डनर ने नाबाद 3 रन बनाकर टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचाया। इंग्लैंड की ओर से चार्लोट डीन, सोफी एक्लेस्टोन और लॉरेन बेल ने एक-एक विकेट लिया, लेकिन वे अपनी टीम को हार से नहीं बचा सकीं।

    इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान इंग्लैंड की टीम शुरुआत में लड़खड़ा गई थी। एमी जोन्स मात्र 6 रन, डैनी वायट-हॉज 8 रन और हीदर नाइट सिर्फ 2 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गईं। इसके बाद कप्तान नेट साइवर-ब्रंट और फ्रेया केम्प ने पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 80 रनों की अटूट साझेदारी कर टीम को 150 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने 53 गेंदों पर 5 चौकों की मदद से नाबाद 58 रनों की जुझारू पारी खेली, जबकि फ्रेया केम्प ने 28 गेंदों पर 4 चौके और 1 छक्के की सहायता से नाबाद 44 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से धारदार गेंदबाजी करते हुए किम गार्थ, लुसी हैमिल्टन, सोफी मोलिनक्स और एनाबेल सदरलैंड ने एक-एक सफलता हासिल की।

    इस टूर्नामेंट में सोफी मोलिनक्स की कप्तानी में उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम का प्रदर्शन बेहद असाधारण रहा, जहां पूरी प्रतियोगिता के दौरान टीम ने एक भी मैच नहीं गंवाया और अजेय रहते हुए विश्व विजेता का खिताब चूमा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम ने वर्ष 2010, 2012, 2014, 2018, 2020 और 2023 में भी विश्व कप अपने नाम किया था। क्रिकेट के इस सबसे छोटे प्रारूप के इतिहास में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड की टीमें केवल एक-एक बार ही यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने में सफल रही हैं, जो महिला क्रिकेट जगत में ऑस्ट्रेलियाई टीम के बेजोड़ दबदबे को स्पष्ट रूप से बयां करता है।

  • संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान

    संजू सैमसन की वापसी पर अंबाती रायुडू का भरोसा, बोले- तीन मैच खराब होने से नहीं भूल सकते उनका योगदान


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। उनके डेब्यू को लेकर पूरे देश में उत्साह देखने को मिला, लेकिन इस मुकाबले में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन से बाहर बैठना पड़ा। इस फैसले के बाद भारत के पूर्व बल्लेबाज अंबाती रायुडू ने संजू के समर्थन में बयान देते हुए उनके हालिया योगदान को याद रखने की अपील की है।

    रायुडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण भारतीय क्रिकेट के लिए खुशी का पल है और इसका जश्न मनाया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि इस उत्साह के बीच यह नहीं भूलना चाहिए कि महज तीन टी20 मैच पहले संजू सैमसन टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे और भारत को खिताब दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका थी।

    पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि संजू सैमसन एक बार फिर मजबूत वापसी करेंगे। साथ ही उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना करते हुए कहा कि युवा बल्लेबाज लंबा और रिकॉर्ड बनाने वाला करियर बनाए।

    दरअसल टी20 विश्व कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन का बल्ला पिछले कुछ मुकाबलों में खामोश रहा। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 में भी वह केवल एक रन बनाकर आउट हो गए। लगातार तीन मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करने के कारण टीम प्रबंधन ने दूसरे टी20 में उनकी जगह आईपीएल 2026 के ऑरेंज कैप विजेता वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया।

    वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच में 10 गेंदों पर 14 रन बनाए और दो आकर्षक छक्के लगाए। हालांकि उनकी पारी छोटी रही, लेकिन उन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी की झलक जरूर दिखाई। अब तीसरे टी20 मुकाबले में एक बार फिर उनकी बल्लेबाजी पर सभी की नजरें रहेंगी।

    संजू सैमसन के करियर में टीम से बाहर होना और फिर दमदार वापसी करना नई बात नहीं है। इससे पहले भी वह कई बार वापसी कर अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन उन्हें फिर कब मौका देता है और वह उस अवसर को किस तरह भुनाते हैं।

  • पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका

    पाकिस्तान क्रिकेट में बड़ा बदलाव, बाबर आजम की टेस्ट कप्तानी में वापसी, चार नए खिलाड़ियों को मिला मौका


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान करते हुए बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड ने एक बार फिर बाबर आजम को टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। लगातार निराशाजनक प्रदर्शन के बाद शान मसूद को कप्तानी से हटा दिया गया है। इस फैसले के साथ पाकिस्तान टीम नए नेतृत्व में विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लेकर मैदान में उतरेगी।

    शान मसूद के नेतृत्व में पाकिस्तान का टेस्ट प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। उनकी कप्तानी में टीम ने 16 टेस्ट मुकाबले खेले जिनमें से 12 में हार का सामना करना पड़ा। हाल ही में पाकिस्तान को बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज गंवानी पड़ी थी। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी टीम एक भी टेस्ट जीतने में सफल नहीं हो सकी थी। लगातार खराब नतीजों के बाद चयनकर्ताओं ने कप्तानी में बदलाव का फैसला लिया।

    चयन समिति ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित की है। वहीं इंग्लैंड दौरे के लिए सऊद शकील को अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में शामिल किया गया है। हालांकि उन्हें टीम से जुड़ने से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। इस बार चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए चार नए खिलाड़ियों को पहली बार टेस्ट टीम में मौका दिया है। इनमें बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान बल्लेबाज मोहम्मद अवैस जफर तेज गेंदबाज उबैद शाह और विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद गाजी गोरी शामिल हैं।

    पाकिस्तान टीम सबसे पहले वेस्टइंडीज का दौरा करेगी जहां दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई तक खेला जाएगा जबकि दूसरा टेस्ट 2 से 6 अगस्त के बीच पोर्ट ऑफ स्पेन में होगा। इसके बाद टीम इंग्लैंड रवाना होगी जहां तीन टेस्ट मैचों की सीरीज 19 अगस्त से 13 सितंबर के बीच लीड्स लॉर्ड्स और बर्मिंघम में खेली जाएगी।

    टीम में बाबर आजम के अलावा मोहम्मद रिजवान सलमान अली आगा इमाम उल हक आमिर जमाल मोहम्मद अब्बास मोहम्मद अली खुर्रम शहजाद साजिद खान और शान मसूद जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को भी जगह दी गई है। चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि अनुभवी खिलाड़ियों और नए चेहरों का यह संतुलन पाकिस्तान को विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगा।

    अब सभी की नजरें बाबर आजम की कप्तानी पर होंगी। एक बार फिर टेस्ट टीम की जिम्मेदारी संभालने वाले बाबर के सामने पाकिस्तान को जीत की राह पर लौटाने और विदेशी सरजमीं पर मजबूत प्रदर्शन करने की बड़ी चुनौती होगी।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल में क्या बदलेगा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड पर तीन हार का साया

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल में क्या बदलेगा इतिहास, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड पर तीन हार का साया


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताब के लिए एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल तक का सफर तय किया है। हालांकि खिताबी मुकाबलों का इतिहास इंग्लैंड के पक्ष में नहीं रहा है और यही बात इस बार भी चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है।

    टी20 विश्व कप के इतिहास में यह चौथी बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड फाइनल में भिड़ेंगे। इससे पहले हुए तीनों खिताबी मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया ने जीत दर्ज कर इंग्लैंड के चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया था। पहली बार वर्ष 2012 के फाइनल में कंगारू टीम ने इंग्लैंड को हराया। इसके बाद 2014 और 2018 के फाइनल में भी ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारते हुए अपनी श्रेष्ठता साबित की।

    अगर दोनों टीमों के टी20 विश्व कप मुकाबलों का रिकॉर्ड देखें तो अब तक सात बार आमना-सामना हुआ है। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने चार मुकाबले अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को केवल दो जीत मिली हैं। एक मैच का कोई नतीजा नहीं निकला। आंकड़े साफ तौर पर ऑस्ट्रेलिया की बढ़त दिखाते हैं लेकिन इस बार इंग्लैंड को घरेलू परिस्थितियों का फायदा मिलने की उम्मीद है।

    मेजबान इंग्लैंड का रिकॉर्ड अपने घर में बेहद शानदार रहा है। टीम ने अपनी सरजमीं पर खेले गए महिला टी20 विश्व कप के सभी 11 मुकाबलों में जीत दर्ज की है। यही वजह है कि इंग्लिश टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ फाइनल में उतरने वाली है। सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने दक्षिण अफ्रीका को 40 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया था।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी हैं। वह छह पारियों में 294 रन बनाकर टूर्नामेंट की सबसे सफल बल्लेबाज हैं। वहीं कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई है। गेंदबाजी में सोफी एक्लेस्टोन लगातार किफायती और प्रभावी रही हैं तथा फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

    दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर संतुलित और मजबूत टीम के रूप में सामने आई है। अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी शानदार फॉर्म में हैं और बल्ले के साथ गेंद से भी उपयोगी योगदान दे रही हैं। कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है। ऑस्ट्रेलियाई टीम बड़े मुकाबलों का अनुभव भी अपने साथ लेकर मैदान पर उतरेगी।

    अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि क्या इंग्लैंड अपने घरेलू मैदान पर इतिहास बदलकर पहली बार टी20 विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हरा पाएगा या फिर कंगारू टीम एक बार फिर खिताबी मुकाबले में अपना दबदबा कायम रखेगी।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल में इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर रहेंगी नजरें, एलिसा पेरी से इंग्लैंड को सबसे बड़ा खतरा


    नई दिल्ली। महिला टी20 विश्व कप 2026 का फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा, जहां मेजबान इंग्लैंड और छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया खिताब के लिए आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय में रही हैं और अब सबकी निगाहें उन खिलाड़ियों पर होंगी जो अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं।

    इंग्लैंड की सलामी बल्लेबाज डैनी व्याट इस विश्व कप की सबसे सफल बल्लेबाज रही हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाए हैं और उनका औसत 73 रहा है। पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से एक शतक और दो अर्धशतक निकले हैं। यदि फाइनल में भी व्याट को अच्छी शुरुआत मिलती है तो ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ सकता है।

    गेंदबाजी में इंग्लैंड की सबसे बड़ी उम्मीद सोफी एक्लेस्टोन हैं। उन्होंने छह मैचों में नौ विकेट हासिल किए हैं और उनकी इकॉनमी मात्र 5.79 रही है। बीच के ओवरों में रन रोकने और महत्वपूर्ण विकेट लेने की उनकी क्षमता इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।

    इंग्लैंड की कप्तान नेट साइवर-ब्रंट भी शानदार फॉर्म में हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने मुश्किल परिस्थिति में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर टीम को फाइनल तक पहुंचाया। बल्लेबाजी के साथ-साथ वह गेंद से भी योगदान देने में सक्षम हैं, इसलिए ऑस्ट्रेलिया को उनसे विशेष सावधान रहना होगा।

    ऑस्ट्रेलिया की सबसे अनुभवी ऑलराउंडर एलिसा पेरी एक बार फिर बड़े मुकाबले में सबसे बड़ी मैच विनर मानी जा रही हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 185 रन बनाने के साथ चार विकेट भी अपने नाम किए हैं। बड़े मंच पर दबाव झेलने और मैच जिताने का उनका अनुभव इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

    ऑस्ट्रेलियाई कप्तान सोफी मोलिनेक्स भी शानदार लय में हैं। उन्होंने छह मुकाबलों में 10 विकेट चटकाए हैं और उनकी इकॉनमी सिर्फ 6.50 रही है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर वह बल्ले से भी उपयोगी योगदान देने की क्षमता रखती हैं, जिससे उनका महत्व और बढ़ जाता है।

    दोनों टीमों के पास विश्व स्तरीय खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन इन पांच सितारों का प्रदर्शन खिताबी मुकाबले का नतीजा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभा सकता है। क्रिकेट प्रेमियों को लॉर्ड्स में एक रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला फाइनल देखने की उम्मीद है।

  • महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल

    महिला टी20 विश्व कप फाइनल आज, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच होगी खिताबी जंग; जानें पिच और मौसम का हाल


    नई दिल्ली। अमहिला टी20 विश्व कप 2026 का बहुप्रतीक्षित फाइनल रविवार को क्रिकेट के ऐतिहासिक मैदान लॉर्ड्स में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में छह बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का सामना मेजबान इंग्लैंड से होगा। दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई मुकाबला गंवाए फाइनल में जगह बनाई है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भरपूर मुकाबले की उम्मीद है।

    ऑस्ट्रेलिया लगातार आठवीं बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है और एक बार फिर अपने दबदबे को कायम रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए पांचवीं बार फाइनल खेलेगा। खास बात यह है कि इंग्लैंड ने अपनी सरजमीं पर अब तक महिला टी20 विश्व कप का एक भी मैच नहीं गंवाया है। घरेलू मैदान पर खेले गए सभी 11 मुकाबलों में टीम ने जीत दर्ज की है।

    इंग्लैंड की बल्लेबाजी में डैनी व्याट शानदार लय में हैं। उन्होंने छह पारियों में 294 रन बनाकर टीम की सफलता में बड़ी भूमिका निभाई है। कप्तान नेट साइवर-ब्रंट ने भी अहम मौकों पर बेहतरीन बल्लेबाजी की है। गेंदबाजी विभाग में सोफी एक्लेस्टोन लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रही हैं और फाइनल में भी उनसे बड़ी उम्मीदें रहेंगी।

    वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम भी हर विभाग में संतुलित नजर आ रही है। अनुभवी बल्लेबाज एलिसा पेरी पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में रही हैं और छह मैचों में 185 रन बना चुकी हैं। बेथ मूनी ने भी लगातार उपयोगी पारियां खेलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई है। गेंदबाजी में कप्तान सोफी मोलिनेक्स ने छह मैचों में 10 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को खूब परेशान किया है जबकि जॉर्जिया वेयरहम ने भी सात विकेट अपने नाम किए हैं।

    अगर पिच की बात करें तो लॉर्ड्स की सतह शुरुआत में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से अच्छा उछाल और स्विंग मिलने की संभावना रहती है। हालांकि इस विश्व कप में इसी मैदान पर बल्लेबाजों ने भी बड़े स्कोर बनाए हैं। ऐसे में शुरुआती ओवर निकालने वाली टीम बाद में तेजी से रन बना सकती है।

    लॉर्ड्स में अब तक खेले गए 16 महिला टी20 मुकाबलों में आठ मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं जबकि सात बार लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को सफलता मिली है। इससे साफ है कि टॉस अहम हो सकता है लेकिन मैच का नतीजा प्रदर्शन पर ज्यादा निर्भर करेगा।

    मौसम की बात करें तो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की खबर है। पूर्वानुमान के अनुसार लंदन में पूरे दिन आसमान साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम यानी लगभग पांच प्रतिशत है। ऐसे में पूरे 40 ओवर का रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर

    अक्षर पटेल ने रचा इतिहास, यह मुकाम हासिल करने वाले बने पहले भारतीय स्पिनर


    नई दिल्ली।  भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, अक्षर पटेल का प्रदर्शन गेंद से इस मुकाबले में शानदार रहा। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर अक्षर ने बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली है।

    अक्षर टी20 इंटरनेशनल में भारत की ओर से 100 विकेट लेने वाले पहले स्पिनर बन गए हैं। उन्होंने यह मुकाम इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को आउट करने के साथ हासिल किया। अक्षर भारत की तरफ से खेले 98 मुकाबलों में 100 विकेट निकाल चुके हैं। इस दौरान उनका इकोनॉमी 7.37 का रहा है। अक्षर के बाद इस लिस्ट में युजवेंद्र चहल दूसरे नंबर पर काबिज हैं। चहल 80 मैचों में 96 विकेट हासिल कर चुके हैं। वहीं, कुलदीप यादव 54 मुकाबलों में 95 विकेट अपने नाम कर चुके हैं और वह सूची में तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। हालांकि, बल्लेबाजी में अक्षर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और सिर्फ 2 रन बनाकर रनआउट हुए।

    इंग्लैंड ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दूसरे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भारत को 4 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 190 रन बनाए। टीम की ओर से अभिषेक शर्मा ने 24 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 43 रन बनाए, जबकि ईशान किशन ने 40 गेंदों में 49 रनों की अहम पारी खेली। वहीं, कप्तान श्रेयस अय्यर ने 22 गेंदों में 37 रनों का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने अंत के ओवरों में 11 गेंदों में एक चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 24 रन बनाए।

    हालांकि, इंग्लैंड ने 191 रनों के लक्ष्य को 19 ओवर में 6 विकेट खोकर आसानी से हासिल कर लिया। इंग्लिश टीम की तरफ से जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 76 रनों की नाबाद पारी खेली। अपनी इस पारी में बेथेल ने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। वहीं, हैरी ब्रूक ने 15 गेंदों में 39 रनों की दमदार पारी खेली, जबकि टॉम बैंटन ने भी 39 रनों का योगदान दिया।

  • दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की मजबूत पकड़, मेंडिस और सोनल की शानदार पारियों से वेस्टइंडीज पर बनाया दबाव

    दूसरे टेस्ट में श्रीलंका की मजबूत पकड़, मेंडिस और सोनल की शानदार पारियों से वेस्टइंडीज पर बनाया दबाव


    नई दिल्ली। एंटीगुआ में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट मैच में दूसरे दिन का खेल पूरी तरह श्रीलंका के नाम रहा। मेहमान टीम ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी 9 विकेट पर 549 रन बनाकर घोषित कर दी। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट के नुकसान पर 58 रन बनाए। मेजबान टीम अभी भी श्रीलंका के विशाल स्कोर से 491 रन पीछे है और मुकाबले में वापसी के लिए उसे बड़ी साझेदारियों की जरूरत होगी।

    दूसरे दिन श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमान कुशल मेंडिस और सोनल दिनुशा ने संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 143 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। कुशल मेंडिस ने 115 गेंदों पर 69 रन की उपयोगी पारी खेली जिसमें आठ चौके और तीन शानदार छक्के शामिल रहे।

    दूसरी ओर सोनल दिनुशा अपने पहले टेस्ट शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए। उन्होंने 92 रन की शानदार पारी खेली और इस दौरान 12 चौके लगाए। उनकी संयमित और आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंका को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    निचले क्रम में मिलन रत्नायके ने 15 रन का योगदान दिया जबकि प्रभात जयसूर्या 17 रन बनाकर नाबाद लौटे। टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण कर रहे इसिथा विजेसुंदरा ने भी 14 रन जोड़कर टीम के स्कोर को मजबूती दी।

    वेस्टइंडीज की ओर से जेडन सील्स और शेमार जोसेफ सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने दो-दो विकेट हासिल किए। अल्जारी जोसेफ जस्टिन ग्रीव्स और रोस्टन चेज को एक-एक सफलता मिली लेकिन कोई भी गेंदबाज श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव नहीं बना सका।

    विशाल लक्ष्य के जवाब में वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। ब्रैंडन किंग 17 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि जॉन कैंपबेल ने एक छोर संभाले रखा और दिन का खेल समाप्त होने तक 31 रन बनाकर नाबाद रहे। उनके साथ केवम हॉज छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं।

    पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद श्रीलंका ने इस मुकाबले के लिए टीम में तीन बदलाव किए थे। प्रभात जयसूर्या लाहिरू उदारा और इसिथा विजेसुंदरा को अंतिम एकादश में शामिल किया गया। पथुम निसांका और लाहिरू कुमारा चोट के कारण बाहर रहे जबकि कसुन रजिथा को खराब प्रदर्शन के चलते टीम में जगह नहीं मिली।

    पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज ने श्रीलंका को एक पारी और 217 रन से हराया था लेकिन दूसरे टेस्ट में श्रीलंका ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबले पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। अब तीसरे दिन वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी यह तय करेगी कि मैच किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

  • इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में रचा इतिहास, भारत के खिलाफ सबसे बड़े लक्ष्य का किया सफल पीछा

    इंग्लैंड ने मैनचेस्टर में रचा इतिहास, भारत के खिलाफ सबसे बड़े लक्ष्य का किया सफल पीछा


    नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की। 191 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम ने 19 ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया और भारत के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़े लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करने का नया रिकॉर्ड बना दिया।

    मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर इंग्लैंड ने 14 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। इससे पहले वर्ष 2012 में इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 178 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया था। इस जीत के साथ ओल्ड ट्रैफर्ड में इंग्लैंड की लगातार चौथी टी20 जीत भी दर्ज हुई।

    हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने पहले ही ओवर में फिल साल्ट को बिना खाता खोले पवेलियन भेज दिया। इसके बाद जोस बटलर भी शून्य पर आउट हो गए। महज एक रन पर दो विकेट गंवाने के बाद इंग्लैंड मुश्किल में दिखाई दे रहा था।

    ऐसे समय में कप्तान हैरी ब्रूक और जैकब बेथेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए केवल 23 गेंदों में 50 रन जोड़कर मैच का रुख बदल दिया। ब्रूक ने सिर्फ 15 गेंदों में चार चौकों और तीन छक्कों की मदद से 39 रन की विस्फोटक पारी खेली।

    इसके बाद जैकब बेथेल ने जिम्मेदारी संभालते हुए नाबाद 76 रन बनाए। उन्होंने 46 गेंदों की अपनी शानदार पारी में पांच चौके और पांच छक्के लगाए तथा करीब 165 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। टॉम बैंटन ने भी 32 गेंदों में 39 रन बनाकर अहम योगदान दिया। अंत में जोफ्रा आर्चर 10 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत दिलाई।

    इससे पहले भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 190 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। अभिषेक शर्मा ने 43 रन की तेज पारी खेली जबकि ईशान किशन 49 रन बनाकर अर्धशतक से एक रन दूर रह गए। कप्तान श्रेयस अय्यर ने 37 रन का उपयोगी योगदान दिया।

    मिडिल और डेथ ओवरों में तिलक वर्मा ने सिर्फ 11 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। वहीं महज 15 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले वैभव सूर्यवंशी ने 14 रन बनाकर अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई।

    हालांकि भारतीय गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव नहीं कर सके और इंग्लैंड ने आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर लक्ष्य हासिल करते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज कर ली। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में जोरदार वापसी की और मुकाबले को रोमांचक बना दिया।

  • एम्बाप्पे का जादू बरकरार, पैराग्वे पर जीत के साथ फ्रांस अंतिम आठ में, अब मोरक्को से भिड़ंत

    एम्बाप्पे का जादू बरकरार, पैराग्वे पर जीत के साथ फ्रांस अंतिम आठ में, अब मोरक्को से भिड़ंत


    नई दिल्ली। फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस ने अपने चैंपियन अंदाज का शानदार प्रदर्शन करते हुए राउंड ऑफ 16 के मुकाबले में पैराग्वे को 1-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। फिलाडेल्फिया में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे ने पेनल्टी पर मैच का एकमात्र गोल दागकर टीम को जीत दिलाई। इस जीत के साथ फ्रांस अब अंतिम आठ में मोरक्को का सामना करेगा।

    मुकाबले की शुरुआत से ही फ्रांस ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार आक्रमण किए लेकिन पैराग्वे की अनुशासित रक्षापंक्ति ने पहले हाफ में उसे कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया। फ्रांस के अधिकांश प्रयास दूर से लगाए गए शॉट तक सीमित रहे जिन्हें पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार ढंग से रोक दिया। मजबूत डिफेंस के दम पर पैराग्वे ने पहले हाफ में फ्रांस को गोल करने से रोके रखा।

    दूसरे हाफ में फ्रांस ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ा दी। ओस्मान डेम्बेले ने कॉर्नर से बने मौके पर गोल करने की कोशिश की लेकिन गेंद साइड नेटिंग में चली गई। इसके बाद मनु कोने के लंबी दूरी के शक्तिशाली शॉट को भी ऑरलैंडो गिल ने बेहतरीन डाइव लगाकर बचा लिया।

    लगातार बढ़ते दबाव के बीच 69वें मिनट में फ्रांस को निर्णायक मौका मिला। डिजायर डूए को पेनल्टी बॉक्स के भीतर फाउल किए जाने पर रेफरी ने पेनल्टी दे दी। किलियन एम्बाप्पे ने बिना किसी गलती के गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर फ्रांस को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद फ्रांस ने संयमित खेल दिखाते हुए यह बढ़त अंत तक कायम रखी और क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।

    एम्बाप्पे के लिए यह मुकाबला कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। उन्होंने इस विश्व कप में अपना सातवां गोल दागा और गोल्डन बूट की दौड़ में अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली। इसके अलावा विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में यह उनका 11वां गोल रहा। वह लगातार तीन अलग-अलग विश्व कप के राउंड ऑफ 16 मुकाबलों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।

    मैच के बाद एम्बाप्पे ने कहा कि टीम को पहले से अंदाजा था कि पैराग्वे के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस मैच ने साबित किया कि फ्रांस केवल आक्रामक फुटबॉल खेलने वाली टीम नहीं बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी जीत हासिल करना जानती है। उन्होंने कहा कि अब पूरी टीम का ध्यान क्वार्टर फाइनल में मोरक्को के खिलाफ होने वाले मुकाबले पर है क्योंकि मोरक्को एक बेहद मजबूत और संतुलित टीम है।

    अब फुटबॉल प्रेमियों की नजरें क्वार्टर फाइनल पर होंगी जहां फ्रांस और मोरक्को के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। दोनों टीमों ने राउंड ऑफ 16 में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी।