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  • ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान

    ऋषभ पंत के निशाने पर ऐतिहासिक रिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में रच सकते हैं नया विश्व कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत एक ऐसे मुकाम के करीब पहुंच चुके हैं, जहां से इतिहास उनका इंतजार कर रहा है। अफगानिस्तान के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच में पंत ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी करते हुए नाबाद अर्धशतक जमाया और साथ ही एक बड़े विश्व रिकॉर्ड की ओर भी कदम बढ़ा दिए। अब उन्हें टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्कों का आंकड़ा छूने के लिए केवल तीन और छक्कों की जरूरत है।

    पहले दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी। कप्तान शुभमन गिल और उप-कप्तान केएल राहुल के शानदार शतकों के बीच ऋषभ पंत ने भी अपनी आक्रामक शैली का प्रदर्शन करते हुए अर्धशतक जड़ा। उनकी पारी में कई आकर्षक शॉट देखने को मिले, जिनमें तीन लंबे छक्के भी शामिल रहे। इन छक्कों के साथ पंत के टेस्ट करियर में कुल 97 छक्के हो गए हैं।

    अगर पंत मैच के दूसरे दिन तीन और छक्के लगाने में सफल रहते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्के पूरे करने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट के नाम दर्ज है, जिन्होंने 137 पारियों में 100 टेस्ट छक्के पूरे किए थे। वहीं न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ब्रेंडन मैक्कुलम ने यह उपलब्धि 176 पारियों में हासिल की थी, जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने 178 पारियों में यह आंकड़ा छुआ था।

    ऋषभ पंत की बात करें तो वह अभी अपने टेस्ट करियर की 87वीं पारी खेल रहे हैं। ऐसे में यदि वह इस मैच में 100 छक्कों का आंकड़ा छू लेते हैं तो न केवल गिलक्रिस्ट का रिकॉर्ड ध्वस्त होगा, बल्कि वह 100 से कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज भी बन जाएंगे। यह उपलब्धि उनके 50वें टेस्ट मैच में दर्ज हो सकती है, जो इसे और भी खास बना देगी।

    टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फिलहाल इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स के नाम है, जिन्होंने 136 छक्के लगाए हैं। उनके बाद ब्रेंडन मैक्कुलम 107 और एडम गिलक्रिस्ट 100 छक्कों के साथ सूची में शामिल हैं। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी और वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल भी 98-98 छक्कों के साथ शीर्ष खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    दिलचस्प बात यह है कि अफगानिस्तान टेस्ट से पहले टीम प्रबंधन ने ऋषभ पंत से उप-कप्तानी की जिम्मेदारी वापस लेकर केएल राहुल को यह भूमिका सौंपी है। चयनकर्ताओं का मानना है कि पंत को फिलहाल अपनी बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान देना चाहिए। ऐसा लगता है कि पंत ने इस फैसले का जवाब अपने बल्ले से देना शुरू कर दिया है।

    क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब मैच के दूसरे दिन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि पंत न केवल अपना शतक पूरा करेंगे, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 100 छक्कों का नया विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कर भारतीय क्रिकेट को एक और गौरवपूर्ण क्षण देंगे।

  • रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

    रोहित शर्मा की बड़ी भविष्यवाणी: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी में नया अध्याय लिखेंगे श्रेयस अय्यर

     

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट(Indian cricket) में एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है।(Board of Control for Cricket) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा श्रेयस अय्यर को टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम का नया कप्तान नियुक्त किए जाने के बाद क्रिकेट जगत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा(Rohit Sharma) ने श्रेयस अय्यर(Shreyas Iyer) को लेकर बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि वह भारतीय टीम की कप्तानी में सफल साबित होंगे और उनके पास इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पर्याप्त अनुभव और नेतृत्व क्षमता मौजूद है।

    मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रोहित शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल में श्रेयस अय्यर ने जिस तरह अपनी टीमों का नेतृत्व किया है, वह उनके नेतृत्व कौशल का सबसे बड़ा प्रमाण है। रोहित के अनुसार, आईपीएल जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में दबाव के बीच टीम को संभालना आसान नहीं होता और श्रेयस ने यह काम लगातार प्रभावशाली ढंग से किया है।

    श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को चैंपियन बनाया था, जबकि 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। यही वजह है कि चयनकर्ताओं ने आगामी एशिया कप, 2028 ओलंपिक और टी20 विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंटों को ध्यान में रखते हुए उन्हें टीम की कमान सौंपने का फैसला किया।

    रोहित शर्मा ने कहा कि कप्तानी केवल एक पद नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसे मेहनत और प्रदर्शन के दम पर हासिल करना पड़ता है। उन्होंने मुंबई क्रिकेट संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां किसी खिलाड़ी को कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। हर उपलब्धि के पीछे संघर्ष, अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन होता है। रोहित का मानना है कि श्रेयस इस माहौल में पले-बढ़े हैं, इसलिए वे कप्तानी के महत्व और उससे जुड़ी चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।

    पूर्व भारतीय कप्तान ने यह भी कहा कि एक सफल कप्तान वही होता है जो अपने साथियों का सम्मान अर्जित करे और टीम को साथ लेकर चले। उनके मुताबिक श्रेयस में यह गुण मौजूद हैं और यही विशेषताएं उन्हें एक प्रभावशाली कप्तान बना सकती हैं।

    हालांकि कप्तानी में बदलाव के बीच रोहित शर्मा ने सूर्यकुमार यादव के योगदान को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सूर्या का क्रिकेट सफर संघर्ष और धैर्य का बेहतरीन उदाहरण है। 30 वर्ष की उम्र के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और मिले हर अवसर का भरपूर लाभ उठाया। रोहित ने कहा कि सूर्यकुमार ने अपने प्रदर्शन और नेतृत्व से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव ने भी बड़े दिल का परिचय देते हुए श्रेयस अय्यर को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है कि मुंबई का एक और खिलाड़ी भारतीय टी20 टीम का कप्तान बना है। सूर्या ने कहा कि उन्होंने और श्रेयस ने वर्षों तक साथ क्रिकेट खेला है और उन्हें पूरा विश्वास है कि श्रेयस इस नई जिम्मेदारी को सफलतापूर्वक निभाएंगे।

    भारतीय क्रिकेट में यह बदलाव केवल कप्तान बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि श्रेयस अय्यर अपने नेतृत्व में भारतीय टी20 टीम को किस नई ऊंचाई तक पहुंचाते हैं।

  • अंडर-18 एशिया कप हॉकी के फाइनल में पहुंचा भारत, रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा

    अंडर-18 एशिया कप हॉकी के फाइनल में पहुंचा भारत, रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से रौंदा

    नई दिल्ली । भारतीय युवा हॉकी टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए मेन्स अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में प्रवेश कर लिया है। कावासाकी हेवी इंडस्ट्रीज हॉकी स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक और हाई-वोल्टेज सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 5-3 से करारी शिकस्त दी। इस महामुकाबले में भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े नायक स्टार खिलाड़ी पूर्ति आशीष तानी रहे, जिन्होंने विरोधी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त करते हुए अकेले ही चार शानदार गोल दागे और पाकिस्तान की फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को तोड़ दिया।

    मैच की शुरुआत से ही दोनों पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले क्वार्टर में दोनों ही टीमों ने आक्रामक रणनीति अपनाई और एक-दूसरे के गोल पोस्ट पर लगातार हमले किए। मुकाबले के 12वें मिनट में भारतीय टीम को एक पेनल्टी स्ट्रोक हासिल हुआ, जिस पर पाकिस्तान ने अंपायर के फैसले के खिलाफ रिव्यू भी लिया। हालांकि, वीडियो अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद पूर्ति आशीष तानी ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी।

    दूसरे क्वार्टर में पाकिस्तानी टीम ने खेल की रफ्तार बढ़ाई और मैच में जोरदार वापसी की। इस दौरान पाकिस्तान को लगातार कई पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति और गोलकीपर ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनके हमलों को नाकाम कर दिया। हालांकि, खेल के 27वें मिनट में पाकिस्तान के अदील ने भारतीय डिफेंस में सेंध लगाते हुए एक बेहतरीन मैदानी गोल दागा और स्कोर को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। हाफ टाइम तक दोनों ही टीमें बराबरी पर थीं और मैच का रुख किसी भी ओर पलट सकता था।

    तीसरे क्वार्टर में भारत ने एक बार फिर अपने आक्रमण को तेज किया, जिसके परिणामस्वरूप 35वें मिनट में अली शाहरुख ने गोल कर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। भारत की यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी और महज दो मिनट बाद ही पाकिस्तान के मुहम्मद फरहान असलम ने गोल कर स्कोर फिर से 2-2 कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने मैच में पहली बार मानसिक बढ़त हासिल की, जब 42वें मिनट में उजैर अहमद ने एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील कर पाकिस्तान को 3-2 से आगे कर दिया। इस समय भारतीय टीम गहरे दबाव में नजर आ रही थी।

    मुकाबले के आखिरी और चौथे क्वार्टर में भारतीय युवाओं ने अपनी असली क्षमता और जुझारूपन का परिचय दिया। पूर्ति आशीष तानी ने पहले भारत को 3-3 की बराबरी दिलाई और फिर खेल के 53वें मिनट में अपना तीसरा गोल दागकर न केवल अपनी हैट्रिक पूरी की, बल्कि भारत को 4-3 की बेहद महत्वपूर्ण बढ़त भी दिला दी। इस अचानक हुए हमले से पाकिस्तानी टीम पूरी तरह बिखर गई और दबाव में आ गई। मैच के अंतिम पलों में तानी ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए मैच का चौथा और टीम का पांचवां गोल दागकर भारत की 5-3 से जीत पूरी तरह सुनिश्चित कर दी।

    इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारतीय टीम ने यह साबित कर दिया है कि यह युवा ब्रिगेड बड़े और दबाव वाले मुकाबलों में किसी भी विपरीत परिस्थिति से वापसी करने का माद्दा रखती है। अब भारतीय टीम का पूरा ध्यान खिताबी मुकाबले पर केंद्रित है, जहां शनिवार को इसी मैदान पर उसका सामना मेजबान जापान की मजबूत टीम से होना है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि सेमीफाइनल के स्टार रहे पूर्ति आशीष तानी फाइनल मैच में भी अपनी इसी जादुई फॉर्म को जारी रखेंगे और देश के लिए एशिया कप का खिताब जीतकर लाएंगे।

  • आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद

    आयरलैंड-इंग्लैंड दौरे के लिए टीम इंडिया का सेलेक्शन, कप्तानी पर सस्पेंस खत्म होने की उम्मीद


    नई दिल्ली। भारतीय टी20 क्रिकेट में आज एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की चयन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आज प्रस्तावित है, जिसमें भारत की टी20 टीम और नए कप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह चयन आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ आगामी एशियन गेम्स को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

    सूत्रों के अनुसार, टीम इंडिया के टी20 कप्तान पद में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौजूदा कप्तान सूर्यकुमार यादव की जगह अब श्रेयस अय्यर का नाम सबसे आगे चल रहा है। माना जा रहा है कि चयनकर्ताओं ने उनकी IPL में सफल कप्तानी और रणनीतिक क्षमता को देखते हुए उन्हें इस जिम्मेदारी के लिए प्राथमिकता दी है। अय्यर ने अलग-अलग IPL टीमों को फाइनल तक पहुंचाकर अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स को IPL 2024 की ट्रॉफी जिताना भी शामिल है।

    दूसरी ओर, सूर्यकुमार यादव के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया मुकाबलों में उनका फॉर्म उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। पिछली कई पारियों में वह बड़ी पारी खेलने में असफल रहे हैं। साथ ही फिटनेस और उम्र से जुड़ी चिंताओं ने भी चयनकर्ताओं के फैसले को प्रभावित किया है। हालांकि उनकी कप्तानी में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता था, लेकिन भविष्य की रणनीति को देखते हुए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

    टीम चयन में एक और बड़ा नाम चर्चा में है-तिलक वर्मा, जिन्हें उपकप्तान बनाए जाने की संभावना है। वहीं, युवा प्रतिभाओं को भी मौका मिलने के संकेत हैं। मात्र 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिल सकती है। इसके अलावा प्रिंस यादव और हर्ष दुबे जैसे नए खिलाड़ियों को भी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा है।

    तेज गेंदबाजी विभाग को लेकर भी चयनकर्ताओं के सामने एक अहम सवाल है कि क्या अनुभवी गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद दोबारा टीम इंडिया में जगह दी जाए या नहीं।

    BCCI की चयन समिति, जिसकी अगुवाई अजीत अगरकर कर रहे हैं, इस बार भविष्य की योजनाओं और तत्काल प्रदर्शन के बीच संतुलन साधने की कोशिश कर रही है। 2028 ओलंपिक और टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए टीम के नए ढांचे पर विचार किया जा रहा है।

    आज की यह बैठक भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसके फैसले आने वाले वर्षों की टी20 रणनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

  • फीफा वर्ल्ड कप में लंबा इंतजार: 64 साल से लेकर 44 साल बाद लौटीं ये 5 टीमें

    फीफा वर्ल्ड कप में लंबा इंतजार: 64 साल से लेकर 44 साल बाद लौटीं ये 5 टीमें


    नई दिल्ली । 11 जून से शुरू होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले फुटबॉल इतिहास की कुछ ऐसी टीमों पर नजर डालना दिलचस्प है, जिन्हें इस सबसे बड़े टूर्नामेंट में वापसी करने के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ा।

    सबसे लंबा इंतजार वेल्स को करना पड़ा, जिसने 1958 के बाद 2022 में वर्ल्ड कप में वापसी की। यानी टीम को 64 साल बाद इस मंच पर खेलने का मौका मिला। हालांकि, वापसी के बाद भी टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकी।

    मिस्र की टीम ने भी लंबा इंतजार झेला। 1934 के बाद उसे 1990 में विश्व कप में जगह मिली, यानी 56 साल का अंतराल। लेकिन टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा और वह ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई।

    इसी तरह नॉर्वे ने 1938 के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, जिसके लिए उसे भी 56 साल इंतजार करना पड़ा। हालांकि नॉर्वे भी ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गया।

    तुर्की की कहानी अलग रही। 1954 के बाद 2002 में वापसी करने वाली टीम ने इतिहास रच दिया। 48 साल बाद लौटकर तुर्की ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और तीसरे स्थान पर रहते हुए टूर्नामेंट का शानदार अंत किया।

    बोलीविया ने भी 44 साल के लंबे अंतराल के बाद 1994 में वर्ल्ड कप में वापसी की, हालांकि वह ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सका।

    इन टीमों की कहानियां दिखाती हैं कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में वापसी आसान नहीं होती, लेकिन जब होती है तो वह इतिहास भी रच सकती है।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर

    “पंत को गेम बदलने को नहीं कहा, परिस्थितियों के अनुसार खेलना जरूरी”: गौतम गंभीर


    नई दिल्ली । भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन पंत से उनका प्राकृतिक आक्रामक खेल बदलने की उम्मीद नहीं करता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में परिस्थितियों को समझकर खेलना बेहद जरूरी है।

    गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हर खिलाड़ी को उसके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी को अपनी शैली पूरी तरह बदलनी होगी। उनके अनुसार, टेस्ट, वनडे या टी20—हर फॉर्मेट में लक्ष्य रन बनाना और टीम के लिए योगदान देना ही होता है, लेकिन यह कैसे करना है, यह मैच की स्थिति पर निर्भर करता है।

    उन्होंने साफ किया कि पंत को “गेम बदलने” या अलग तरीके से खेलने का निर्देश नहीं दिया गया है। बल्कि उनसे उम्मीद है कि वह अपने नैचुरल गेम के साथ-साथ हालात को पढ़कर समझदारी से बल्लेबाजी करें।

    ऋषभ पंत हाल के समय में फॉर्म को लेकर चर्चा में रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी, लेकिन चोट के कारण वह सीरीज बीच में छोड़कर बाहर हो गए थे।

    अब पंत के पास अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका होगा। यह मुकाबला उनके टेस्ट करियर का 50वां मैच भी हो सकता है, जो उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट

    गौतम गंभीर का बड़ा बयान, साई सुदर्शन को बताया वर्ल्ड क्लास टैलेंट


    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सुदर्शन को भारतीय टेस्ट टीम में पर्याप्त मौके दिए जाएंगे और उन्हें जल्दबाजी में नहीं आंका जाएगा।

    गंभीर ने कहा कि साई सुदर्शन एक वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी हैं और हाल ही में आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है। सुदर्शन ने इस सीजन में 700 से अधिक रन बनाकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। गंभीर के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ कुछ पारियों के आधार पर जज नहीं किया जा सकता, बल्कि उन्हें खुद को स्थापित करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में सभी खिलाड़ियों के साथ समान अवसर दिया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि सुदर्शन को नंबर तीन पर लगातार मौका मिल सकता है, जिससे वह टेस्ट टीम में अपनी जगह मजबूत कर सकें।

    साई सुदर्शन का अब तक का टेस्ट रिकॉर्ड भी संतुलित रहा है। उन्होंने भारत के लिए 6 टेस्ट मैचों में 11 पारियों में 302 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक शामिल हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन को लेकर टीम प्रबंधन का मानना है कि उनमें लंबी रेस का घोड़ा बनने की क्षमता है।

    आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलते हुए सुदर्शन ने 17 मैचों में 157 के स्ट्राइक रेट से 722 रन बनाए, जो उनके शानदार फॉर्म को दर्शाता है। इसी प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टेस्ट टीम में निरंतर मौके मिलने की संभावना बढ़ गई है।

    भारत और अफगानिस्तान के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 जून से मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसमें साई सुदर्शन के खेलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

  • रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की

    रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात, सीरीज अपने नाम की


    नई दिल्ली । लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे वनडे मुकाबले में पाकिस्तान ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर सीरीज पर 2-1 से कब्जा कर लिया। इस मैच में गेंद और बल्ले दोनों से पाकिस्तान का दबदबा देखने को मिला।

    पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। पारी की शुरुआत बेहद खराब रही और मैथ्यू शॉर्ट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद मार्नस लाबुशेन ने 19 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। लगातार गिरते विकेटों के बीच ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी बिखरती चली गई।

    एलेक्स कैरी 19 रन बनाकर आउट हुए, जबकि कैमरून ग्रीन सिर्फ 7 रन ही जोड़ सके। मिडिल ऑर्डर भी पूरी तरह फ्लॉप रहा और मैट रेनशॉ व कूपर कोनोली सस्ते में आउट होकर लौट गए। पूरी टीम केवल 157 रन पर ऑलआउट हो गई।

    हालांकि एक छोर पर जोश इंग्लिस ने संघर्ष जारी रखा और 71 गेंदों पर 65 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने 8 चौके और 1 छक्का भी लगाया, लेकिन दूसरे बल्लेबाजों का साथ न मिलने के कारण टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान शाहीन अफरीदी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके। उनके अलावा अबरार अहमद और शादाब खान ने 2-2 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। साहिबजादा फरहान मात्र 6 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत ने 27 रन की तेज पारी खेली लेकिन वह भी बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। बाबर आजम ने एक बार फिर जिम्मेदारी संभालते हुए 40 रन बनाए, हालांकि वह भी अर्धशतक से चूक गए।

    मिडिल ऑर्डर में गाजी घोरी और सलमान आगा जल्दी आउट हो गए, जिससे मैच थोड़ा रोमांचक हो गया। लेकिन अंत में अब्दुल समद और शादाब खान ने संयम और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 49 रनों की नाबाद साझेदारी की और टीम को जीत दिलाई।

    शादाब खान 29 रन और अब्दुल समद 18 रन बनाकर नाबाद रहे। पाकिस्तान ने 41.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।  ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैथ्यू कुहनेमन ने 3 विकेट लेकर प्रयास जरूर किया, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने न केवल मैच जीता बल्कि सीरीज भी 2-1 से अपने नाम कर ली, जिससे घरेलू फैंस में उत्साह का माहौल है।

  • शाहीन अफरीदी की कप्तानी में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को चटाई धूल, गद्दाफी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले के साथ जीती ऐतिहासिक वनडे सीरीज

    शाहीन अफरीदी की कप्तानी में पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को चटाई धूल, गद्दाफी स्टेडियम में रोमांचक मुकाबले के साथ जीती ऐतिहासिक वनडे सीरीज

    नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर पाकिस्तान ने एक बार फिर घरेलू मैदान पर अपना दबदबा साबित किया है। लाहौर के ऐतिहासिक गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए तीसरे और अंतिम निर्णायक मुकाबले में पाकिस्तान ने मेहमान ऑस्ट्रेलियाई टीम को 4 विकेट से पराजित कर दिया। इस शानदार जीत के साथ ही शाहीन शाह अफरीदी की कप्तानी वाली मेजबान टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज को 2-1 से अपने नाम कर लिया है। पाकिस्तान की इस ऐतिहासिक जीत के सूत्रधार खुद कप्तान शाहीन अफरीदी और अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम रहे।

    निर्णायक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम की शुरुआत बेहद निराशाजनक और लड़खड़ाती हुई रही। पाकिस्तानी गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल रहे शाहीन अफरीदी ने मैच के पहले ही ओवर की दूसरी गेंद पर सलामी बल्लेबाज मैथ्यू शॉट को पवेलियन का रास्ता दिखाकर कंगारू टीम को पहला बड़ा झटका दिया। इसके बाद जोश इंग्लिस ने एक छोर संभालकर पारी को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से किसी भी बल्लेबाज का ठोस सहयोग नहीं मिल सका।

    मध्यक्रम के प्रमुख बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन और विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी ने क्रीज पर टिकने के लिए 30 से अधिक गेंदों का सामना जरूर किया, मगर दोनों में से कोई भी खिलाड़ी 20 रन के निजी आंकड़े को पार करने में पूरी तरह असफल रहा। लगातार गिरते विकेटों के बीच कप्तान जोश इंग्लिस पर रन गति बढ़ाने का भारी दबाव था। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य दिखाते हुए 8 चौकों और 1 छक्के की मदद से 65 रनों की शानदार अर्धशतकीय पारी खेली, जो अंततः ऑस्ट्रेलियाई पारी का एकमात्र बड़ा स्कोर साबित हुई।

    मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 27वें ओवर की पहली गेंद पर आया जब शाहीन अफरीदी ने अर्धशतक जमा चुके जोश इंग्लिस को आउट कर पवेलियन भेजा। इस विकेट के गिरते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। एक समय 3 विकेट पर 119 रन बनाकर सम्मानजनक स्कोर की ओर बढ़ रही ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 157 रनों पर ऑलआउट हो गई। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने आखिरी 7 विकेट महज 38 रनों के भीतर गंवा दिए और पूरी टीम 42 ओवरों में ही सिमट गई।

    लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत संतुलित रही। सलामी बल्लेबाज माज सदाकत ने 26 रनों का योगदान दिया, जबकि साहिबजादा फरहान केवल 6 रन बनाकर जल्दी आउट हो गए। लाहौर की धीमी पिच पर 158 रनों का यह छोटा लक्ष्य भी ट्रिकी नजर आ रहा था, लेकिन पूर्व कप्तान बाबर आजम ने बेहतरीन खेल कौशल और संयम का परिचय दिया। बाबर आजम ने 84 गेंदों का सामना करते हुए सूझबूझ से भरी 40 रनों की पारी खेली, जिससे टीम लक्ष्य के बेहद करीब पहुंच सकी।

    मैच में एक समय रोमांच तब बढ़ गया जब 112 के कुल योग पर बाबर आजम आउट हो गए और पाकिस्तानी खेमे में भी मध्यक्रम के ढहने की आशंका पैदा हो गई। हालांकि, अनुभवी ऑलराउंडर शादाब खान ने परिस्थितियों को संभाला और 42 गेंदों पर धैर्यपूर्ण 29 रन बनाकर 42वें ओवर में पाकिस्तान को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया। सांख्यिकीय और रणनीतिक रूप से यह पाकिस्तान की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार तीसरी द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीत है, जिसने पाकिस्तानी टीम के मनोबल को एक नई ऊंचाई दी है।