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  • क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने महिला खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का किया ऐलान

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने महिला खिलाड़ियों के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का किया ऐलान


    नई दिल्ली। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 2026-27 सीज़न के लिए अपनी महिला टीम की सेंट्रल चैंपियनशिप की घोषणा कर दी है। इस बार 18 खिलाड़ियों की सूची में युवा और उभरते रायपुर के स्थान पर चयनकर्ता ने की भविष्य की टीम तैयार करने के संकेत दिए हैं।

    नए ज्वालामुखी का उद्भव, आइंसवर्थ को बिना आरंभ अवसर

    इस सांस्कृतिक सूची में दो नए नाम विशेष चर्चा में हैं—लूसी हैमिल्टन और क्लो आइंसवर्थ।
    हैमिल्टन ने हाल ही में शानदार प्रदर्शन करते हुए हॉस्टल में शुरूआत कर चयन से प्रभावित किया। लगभग तीन टी अलग-अलग में उन्होंने कहा, परीक्षण और 20 में अपना आकलन दर्ज किया गया।

    वहीं 20 साल की तेजतर्रार टीम आइंसवर्थ को अभी तक इंटरनेशनल रिज्यूमे का मौका नहीं मिला है, लेकिन घरेलू क्रिकेट और विमेंस बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें सेंट्रल सेंट्रल चैंपियनशिप दी गई है। यह उनके कैथोलिक बोर्ड के कथन को अलग करता है।

    निकोला कैरी की वापसी, अनुभव का मिलान महत्वपूर्ण

    निकोला कैरी की भी क्लासिक लिस्ट में वापसी हुई है। उन्होंने 2023 में खुद को थिएटर से बाहर घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीग में अपने स्टेडियमों को उजागर किया था। हाल ही में भारत की सीरीज के खिलाफ उनके प्रदर्शन ने सेलेक्शन पोर्टफोलियो को प्रभावित किया, जिसके बाद उन्हें फिर से टीम में जगह मिल गई।

    हीली आउट, कुछ बड़े नाम भी लिस्ट से गायब

    पूर्व कैप्टन एलिसा हीली को इस बार क्लैन्सल से बाहर कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने क्रिकेट टेस्ट से संन्यास ले लिया है। इसके अलावा इस सूची में टेस फ्लिंटॉफ और टायला व्लामिन्क के अलावा कोई भी शामिल नहीं है। व्लामिन्क चोट अभी भी लगातार जारी हैं, जबकि फ्लिंटॉफ को राष्ट्रीय टीम में ज्यादा अंक नहीं मिले।

    चयन रणनीतिक का फोकस भविष्य पर

    चयनकर्ता शॉन फ्लेगलर ने स्पष्ट किया कि अभी भी उत्कृष्ट खिलाड़ी का चयन दौड़ में है। इस बार टीम चयन में युवा खिलाड़ियों को भविष्य की मजबूत टीम तैयार करने पर जोर दिया गया है।

    18 खिलाड़ियों की संगीतमय सूची

    इस सूची में ऐलिस पेरी, बेथ मूनी, एशले गार्डनर, मेगन शट्ट, ताहलिया मैकग्राथ, एनाबेल सदरलैंड जैसे अनुभवी नाम भी शामिल हैं, जो टीम की जगहें बनाते हैं।

  • आईपीएल 2026: यशस्वी जायसवाल का ‘स्पेशल शतक’, RR के दिग्गजों के क्लब में एंट्री

    आईपीएल 2026: यशस्वी जायसवाल का ‘स्पेशल शतक’, RR के दिग्गजों के क्लब में एंट्री


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में यशस्वी जायसवाल ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाते हुए ऐसा कारनामा कर दिया, जिसने उन्हें राजस्थान रॉयल्स के खास बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल कर दिया। मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उनकी विस्फोटक पारी ने न सिर्फ टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, बल्कि उन्हें एक बड़े रिकॉर्ड क्लब में भी जगह दिला दी।

    32 गेंदों में 77 रन, और पूरा किया ‘छक्कों का शतक’

    मुंबई इंडियंस के खिलाफ जायसवाल ने सिर्फ 32 गेंदों में 77 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। जैसे ही उन्होंने चौथा छक्का लगाया, वैसे ही आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए उनके 100 छक्के पूरे हो गए। यह उपलब्धि उन्हें टीम के चुनिंदा दिग्गज बल्लेबाजों के क्लब में ले आई।

    सैमसन-बटलर-वॉटसन के क्लब में शामिल

    जायसवाल से पहले यह उपलब्धि सिर्फ तीन बल्लेबाजों ने हासिल की थी—
    संजू सैमसन (192 छक्के), जोस बटलर (135 छक्के) और शेन वॉटसन (109 छक्के)। अब जायसवाल भी इस खास सूची का हिस्सा बन गए हैं, जो उनके लगातार शानदार प्रदर्शन का प्रमाण है।

    आंकड़े बताते हैं क्यों हैं खास

    आईपीएल 2020 से राजस्थान के लिए खेल रहे जायसवाल ने अब तक 70 मैचों में 2,336 रन बनाए हैं। उनके नाम 2 शतक और 17 अर्धशतक दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने 277 चौके और 100 छक्के जड़े हैं। उनका औसत 36.50 और स्ट्राइक रेट 153.58 रहा है, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का साफ संकेत देता है।

    हर मौके पर साबित कर रहे खुद को

    जायसवाल को भारतीय टीम में टेस्ट फॉर्मेट का नियमित खिलाड़ी माना जाता है, लेकिन सीमित ओवरों में उनकी जगह अभी पूरी तरह स्थिर नहीं है। इसके बावजूद वह हर मौके पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और लगातार चयनकर्ताओं को मजबूत संदेश दे रहे हैं।

    बदलती टीमें, लेकिन कायम विरासत

    दिलचस्प बात यह है कि संजू सैमसन अब चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं, जबकि जोस बटलर गुजरात टाइटंस के लिए खेल रहे हैं। वहीं शेन वॉटसन संन्यास लेकर अब कोचिंग भूमिका में हैं। ऐसे में जायसवाल नई पीढ़ी के उस खिलाड़ी के रूप में उभर रहे हैं, जो इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

  • पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के विजय रथ पर बाहरी मैदानों पर लगा ब्रेक और जीत के गिरते आंकड़ों ने बढ़ाई टीम प्रबंधन की चिंता

    पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के विजय रथ पर बाहरी मैदानों पर लगा ब्रेक और जीत के गिरते आंकड़ों ने बढ़ाई टीम प्रबंधन की चिंता


    नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के पिछले कुछ वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो मुंबई इंडियंस का घर से बाहर खेलने का रिकॉर्ड सभी दस टीमों के मुकाबले सबसे कमजोर पाया गया है। साल 2023 के सीजन से लेकर अब तक मुंबई की टीम अपने विदेशी यानी अवे मैचों में केवल 36 प्रतिशत मुकाबले ही जीतने में सफल रही है। यह आंकड़ा लीग की अन्य सभी टीमों के बीच सबसे न्यूनतम जीत प्रतिशत है। जहां अन्य टीमें विपक्षी टीम के मैदान पर जाकर अंक बटोरने में सफल रही हैं वहीं मुंबई इंडियंस के दिग्गज खिलाड़ी विदेशी पिचों की परिस्थितियों और वातावरण के साथ तालमेल बिठाने में लगातार संघर्ष करते नजर आए हैं। यह गिरावट उस टीम के लिए बहुत बड़ा झटका है जिसने कभी पूरे भारत के हर मैदान पर अपनी धाक जमाई थी।

    घर से बाहर खेलते समय टीम की मुख्य समस्या निरंतरता की कमी और दबाव के क्षणों में बिखर जाना रही है। आंकड़ों के मुताबिक वानखेड़े की पिच पर मुंबई के बल्लेबाज जिस निडरता के साथ खेलते हैं वैसी बल्लेबाजी चेपॉक या ईडन गार्डन्स जैसे बड़े मैदानों पर दिखाई नहीं देती। इसके अलावा गेंदबाजी विभाग भी अवे मैचों में रनों की गति पर अंकुश लगाने और नियमित अंतराल पर विकेट निकालने में पिछड़ता रहा है। 36 प्रतिशत का यह जीत का आंकड़ा दर्शाता है कि टीम अपनी घरेलू परिस्थितियों पर अत्यधिक निर्भर हो चुकी है और बाहर के मैदानों की चुनौती स्वीकार करने में उसकी रणनीतिक तैयारी अपर्याप्त साबित हो रही है। किसी भी टीम के लिए प्लेऑफ की राह तभी आसान होती है जब वह अपने घर के साथ-साथ विपक्षी के मैदान पर भी अंक हासिल करे।

    इस निराशाजनक प्रदर्शन के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं जिनमें टीम के संतुलन में बदलाव और प्रमुख खिलाड़ियों की चोटें शामिल हैं। हालांकि मुंबई इंडियंस के पास विश्व स्तरीय प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है लेकिन मैदान पर उनका सामूहिक प्रदर्शन वह परिणाम नहीं दे पा रहा है जिसकी उम्मीद उनके करोड़ों प्रशंसक करते हैं।

    विपक्षी टीमें अब मुंबई की इस कमजोरी को भांप चुकी हैं और अपने घरेलू मैदान पर उन्हें घेरने की विशेष योजनाएं बना रही हैं। यदि मुंबई इंडियंस को अपनी पुरानी साख वापस पानी है और आगामी सीजन में खिताब की दौड़ में मजबूती से शामिल होना है तो उन्हें घर से बाहर खेलने की अपनी रणनीति में आमूलचूल परिवर्तन करना होगा और खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को फिर से जगाना होगा।
  • डेथ ओवर्स के दो महारथी, दबाव में प्रदर्शन से दोनों गेंदबाज बना रहे हैं नई मिसाल..

    डेथ ओवर्स के दो महारथी, दबाव में प्रदर्शन से दोनों गेंदबाज बना रहे हैं नई मिसाल..


    नई दिल्ली। क्रिकेट के सबसे बड़े मंच आईपीएल में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन कुछ खिलाड़ियों ने अपनी निरंतरता से एक ऐसा मानदंड स्थापित कर दिया है जिसे छू पाना किसी भी नवागंतुक के लिए एक बड़ी चुनौती है। भुवनेश्वर कुमार ने अपने करियर की शुरुआत से ही पावरप्ले के दौरान नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने की अद्भुत कला का प्रदर्शन किया है। उनके पास न केवल विकेट चटकाने की क्षमता है बल्कि वे रनों की गति पर अंकुश लगाने में भी माहिर माने जाते हैं। आईपीएल के शुरुआती सीजन से लेकर अब तक भुवनेश्वर ने खुद को एक भरोसेमंद गेंदबाज के रूप में पेश किया है और कई मौकों पर अपनी टीम को महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाई हैं।

    दूसरी तरफ जसप्रीत बुमराह का उत्थान आधुनिक क्रिकेट की सबसे बड़ी कहानियों में से एक है। एक अनोखे गेंदबाजी एक्शन के साथ उभरे बुमराह ने बहुत कम समय में खुद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों की श्रेणी में खड़ा कर लिया है। बुमराह की सबसे बड़ी ताकत उनकी मानसिक मजबूती और दबाव के क्षणों में शांत रहकर सटीक यॉर्कर फेंकने की क्षमता है। जब मैच अंतिम ओवरों में फंसा होता है तब कप्तान की पहली पसंद हमेशा बुमराह ही होते हैं। आंकड़ों के लिहाज से भी बुमराह ने कई बड़े कीर्तिमान स्थापित किए हैं और उनकी विकेट लेने की दर उन्हें लीग के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में से एक बनाती है।

    इन दोनों गेंदबाजों के बीच विकेटों की संख्या का अंतर बहुत कम रहता है जो इस बात का प्रमाण है कि दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा कितनी कड़ी है। भुवनेश्वर कुमार ने जहां लंबे समय तक खेलते हुए अनुभव और कौशल का बेहतरीन संगम दिखाया है वहीं बुमराह ने अपनी स्ट्राइक रेट और कम इकोनॉमी रेट से सभी को प्रभावित किया है। इन दोनों गेंदबाजों की गेंदबाजी शैली अलग होने के बावजूद उनका लक्ष्य हमेशा अपनी टीम को जीत दिलाना रहा है। भुवनेश्वर की ताकत शुरुआती झटके देना है तो बुमराह मध्यक्रम और निचले क्रम को ध्वस्त करने में महारत रखते हैं।

    आईपीएल के बदलते स्वरूप और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इन दोनों भारतीय तेज गेंदबाजों ने अपनी फिटनेस और फॉर्म को बरकरार रखते हुए युवा गेंदबाजों के लिए एक मिसाल पेश की है। यह देखना दिलचस्प रहता है कि कैसे एक ही दौर के दो महान गेंदबाज अलग-अलग हथियारों के साथ एक ही लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जी जान लगा देते हैं। रिकॉर्ड की इस दौड़ में कभी भुवनेश्वर आगे निकलते हैं तो कभी बुमराह अपनी तेजी से उन्हें पीछे छोड़ देते हैं। अंततः यह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भारतीय क्रिकेट और आईपीएल के प्रशंसकों के लिए एक सुखद अनुभव लेकर आती है क्योंकि उन्हें विश्व स्तरीय गेंदबाजी देखने का अवसर मिलता है।

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  • RR vs MI: सूर्यवंशी-यशस्वी का तूफान, मुंबई इंडियंस की करारी हार

    RR vs MI: सूर्यवंशी-यशस्वी का तूफान, मुंबई इंडियंस की करारी हार


    नई दिल्ली। गुवाहाटी में खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा। मैच 11-11 ओवर का खेला गया, लेकिन छोटे फॉर्मेट में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने ऐसी आंधी मचाई कि मुंबई की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई।

    जायसवाल–सूर्यवंशी की जोड़ी ने बदल दिया मैच

    राजस्थान की जीत की नींव ओपनिंग जोड़ी ने रखी। यशस्वी जायसवाल ने सिर्फ 32 गेंदों में नाबाद 77 रन ठोकते हुए मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 14 गेंदों में 39 रन बनाकर आक्रामक शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़कर मुंबई के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी।

    पंड्या बोले- गेंदबाजों ने बिगाड़ा खेल

    हार के बाद हार्दिक पंड्या ने साफ तौर पर अपनी टीम के गेंदबाजों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पावरप्ले में टीम अपनी रणनीति के मुताबिक गेंदबाजी नहीं कर सकी, जिससे मैच हाथ से निकल गया। पंड्या ने यह भी माना कि राजस्थान के ओपनर्स ने बेहतरीन बल्लेबाजी की, लेकिन गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।

    युवा वैभव की पंड्या ने भी की तारीफ

    हालांकि हार के बावजूद पंड्या ने युवा प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी को शानदार बताया और कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

    रियान पराग का बड़ा बयान

    वहीं रियान पराग ने अपनी ओपनिंग जोड़ी को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी बताया। उन्होंने कहा कि जायसवाल और वैभव के पास स्किल के साथ मैच्योरिटी भी है, जो उन्हें खास बनाती है। पराग ने टीम के गेंदबाजों की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनके तेज गेंदबाज रफ्तार के साथ कंट्रोल भी बनाए रखते हैं।


    बदले नियमों में भी दिखा दम

    बारिश के चलते मैच के नियमों में बदलाव किया गया था। मुकाबला 11 ओवर का हुआ, जिसमें पावरप्ले 3.2 ओवर का रखा गया। चार गेंदबाजों को अधिकतम 2-2 ओवर और एक गेंदबाज को 3 ओवर डालने की अनुमति दी गई। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में भी राजस्थान ने बेहतरीन खेल दिखाया।

    आगे क्या?

    मुंबई इंडियंस के लिए यह हार जरूर चिंता का विषय है, लेकिन कप्तान पंड्या ने भरोसा जताया कि टीम अपनी गलतियों से सीखकर अगले मैच में बेहतर वापसी करेगी। वहीं राजस्थान की टीम जीत की हैट्रिक के साथ पूरे आत्मविश्वास में नजर आ रही है।

  • युवा टीम का बड़ा कमाल आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की परफेक्ट हैट्रिक

    युवा टीम का बड़ा कमाल आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स की परफेक्ट हैट्रिक


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स ने ऐसी शुरुआत की है जिसने सभी क्रिकेट फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है युवा कप्तान रियान पराग की अगुवाई में टीम ने अपने पहले तीन मुकाबलों में लगातार तीन जीत दर्ज कर ली हैं और इस शानदार प्रदर्शन ने उन्हें टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर दिया है

    राजस्थान रॉयल्स ने अपने अभियान की शुरुआत चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर की इसके बाद उन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ जीत दर्ज की और तीसरे मुकाबले में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को मात देकर अपनी जीत की हैट्रिक पूरी की इन तीनों टीमों की ताकत को देखते हुए राजस्थान की यह उपलब्धि और भी खास बन जाती है

    मुंबई के खिलाफ जीत के बाद कप्तान रियान पराग ने टीम की जमकर तारीफ की उन्होंने कहा कि जिस तरह से पूरी टीम हर मैच में प्रदर्शन कर रही है उससे वह बेहद खुश हैं पराग ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें शुरुआत से ही अपनी टीम की क्षमता पर भरोसा था भले ही बाहरी दुनिया इस टीम को लेकर ज्यादा आश्वस्त नहीं थी

    पराग ने खास तौर पर टीम के युवा खिलाड़ियों की सराहना की जिनमें वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल की ओपनिंग जोड़ी का प्रदर्शन शानदार रहा है उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों में टैलेंट के साथ साथ मैच्योरिटी भी है जो उन्हें खास बनाती है जायसवाल पिछले कुछ सीजन से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि वैभव ने भी हालात के अनुसार खुद को ढालकर प्रभावित किया है

    गेंदबाजी में भी टीम ने दमदार प्रदर्शन किया है जोफ्रा आर्चर और नंद्रे बर्गर की तेज गेंदबाजी जोड़ी विपक्षी टीमों पर भारी पड़ रही है पराग ने कहा कि 145 से 150 की रफ्तार से गेंदबाजी करते हुए इतना नियंत्रण रखना इन गेंदबाजों को बेहद खतरनाक बनाता है

    कप्तान पराग ने यह भी माना कि नीलामी के समय से ही उन्हें अपनी टीम की मजबूती का अंदाजा था क्योंकि टीम के पास एक मजबूत और युवा कोर ग्रुप है अब लगातार तीन जीत के बाद राजस्थान रॉयल्स ने यह साबित कर दिया है कि वह इस सीजन में खिताब की प्रबल दावेदार हो सकती है

    आईपीएल 2026 की शुरुआत में ही ऐसा प्रदर्शन यह दिखाता है कि युवा ऊर्जा और सही रणनीति के दम पर कोई भी टीम बड़ा उलटफेर कर सकती है अब देखने वाली बात होगी कि क्या राजस्थान रॉयल्स इस शानदार फॉर्म को पूरे सीजन में बरकरार रख पाती है या नहीं

  • IPL 2026 में रन और विकेट की गहमागहमी, कौन बनेगा सीज़न का स्टार खिलाड़ी

    IPL 2026 में रन और विकेट की गहमागहमी, कौन बनेगा सीज़न का स्टार खिलाड़ी

    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राजस्थान रॉयल्स (RR) के यशस्वी जायसवाल ने ऑरेंज कैप की दौड़ में शीर्ष स्थान हासिल कर समीर रिजवी को पीछे छोड़ दिया। वहीं, पर्पल कैप भी RR के स्पिनर रवि बिश्नोई के नाम दर्ज है। आइए जानते हैं आईपीएल 2026 के हालिया आंकड़े और टॉप परफॉर्मर्स।

    यशस्वी ने हिलाया रिजवी का सिंहासन

    IPL 2026 के 13वें मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस (MI) को 27 रनों से हराया। बारिश के कारण मैच 11-11 ओवर का हुआ, जिसमें RR ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 151/3 का स्कोर बनाया। जवाब में MI 123/9 पर ही आउट हो गई।

    इस मैच में RR के ओपनर यशस्वी जायसवाल ने अपनी धमाकेदार पारी से ध्यान खींचा। उन्होंने केवल 32 गेंदों में 77 नाबाद रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इसके साथ ही उन्होंने ऑरेंज कैप की रेस में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। यशस्वी के तीन मैचों में अब 170 रन हो गए हैं।

    दिल्ली कैपिटल्स के समीर रिजवी के खाते में दो मैचों में 160 रन हैं, लेकिन अब यशस्वी ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। इसके अलावा RR के वैभव सूर्यवंशी ने टॉप 5 में जगह बनाई। सूर्यवंशी ने MI के खिलाफ 14 गेंदों में 39 रन बनाए, जिसमें 1 चौका और 5 छक्के शामिल थे।

    IPL 2026 ऑरेंज कैप टॉप 5
    प्लेयर मैच रन टीम
    यशस्वी जायसवाल 3 170 राजस्थान रॉयल्स
    समीर रिजवी 2 160 दिल्ली कैपिटल्स
    हेनरिक क्लासेन 3 145 सनराइजर्स हैदराबाद
    वैभव सूर्यवंशी 3 122 राजस्थान रॉयल्स
    रोहित शर्मा 3 118 मुंबई इंडियंस
    टीम RR के ओपनर्स ने पारी की शानदार शुरुआत के साथ टॉप बल्लेबाजों की लिस्ट में अपनी पकड़ मजबूत कर दी है।

    पर्पल कैप भी RR के नाम

    बल्लेबाजी की तरह ही RR के गेंदबाजों ने भी प्रदर्शन से प्रभावित किया। स्पिनर रवि बिश्नोई ने तीन मैचों में 7 विकेट लेकर पर्पल कैप अपने नाम की। वहीं, तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर दूसरे स्थान पर हैं, उनके खाते में दो मैचों में 5 विकेट हैं। इसके अलावा, पंजाब किंग्स के विजयकुमार वैशाख, RCB के जैकब डफी और CSK के अंशुल कम्बोज ने भी अब तक 5-5 विकेट लिए हैं।

    IPL 2026 पर्पल कैप लीडर्स
    प्लेयर मैच विकेट टीम
    रवि बिश्नोई 3 7 राजस्थान रॉयल्स
    नांद्रे बर्गर 3 5 राजस्थान रॉयल्स
    विजयकुमार वैशाख 3 5 पंजाब किंग्स
    जैकब डफी 2 5 RCB
    अंशुल कम्बोज 3 5 CSK

    ऑरेंज कैप: यशस्वी जायसवाल ने तीन मैचों में 170 रन बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया।
    पर्पल कैप: RR के रवि बिश्नोई ने तीन मैचों में 7 विकेट लेकर इसे अपने नाम किया। RR की जीत ने MI की लगातार दूसरी हार दर्ज की। वैभव सूर्यवंशी की धमाकेदार बल्लेबाजी ने टॉप 5 में RR की और मजबूती दी। RR ने इस जीत के साथ टीम के टॉप परफॉर्मर्स की पकड़ मजबूत कर ली है और IPL 2026 में उनके बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही क्षेत्र में प्रदर्शन शानदार है।
  • सेलिब्रिटी वॉर्नर पर कानून की नजर, शराब-वाहन विवाद बना चर्चा का केंद्र!

    सेलिब्रिटी वॉर्नर पर कानून की नजर, शराब-वाहन विवाद बना चर्चा का केंद्र!


    नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर और विस्फोटक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर मुश्किल में फंस गए हैं। रविवार को मारूब्रा के एक नियमित ब्रेथ-टेस्टिंग अभियान के दौरान पुलिस ने उन्हें शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में हिरासत में लिया।

    पुलिस के मुताबिक, वॉर्नर ने टेस्टिंग चेकप्वाइंट के ठीक पहले अपनी कार पार्क की। अधिकारियों ने वाहन के पास जाकर ब्रैथ एनालिसिस किया, जिससे पता चला कि उनके खून में शराब की मात्रा 0.104 थी, जो कानूनी सीमा से अधिक है। इसके बाद उन्हें मारूब्रा पुलिस स्टेशन ले जाया गया और आरोप तय कर अगले महीने अदालत में पेश होने का नोटिस जारी किया गया।

    पुलिस ने बयान में कहा, “5 अप्रैल 2026 को शाम 5:30 बजे पुलिस ने मालाबार रोड पर रैंडम ब्रेथ टेस्टिंग की। वाहन को टेस्टिंग साइट से पहले रुकते और पार्क होते देखा गया। जांच में चालक का खून में शराब की मात्रा कानूनी सीमा से अधिक पाई गई। वॉर्नर को 7 मई 2026 को डाउनिंग सेंटर लोकल कोर्ट में पेश होना है।

    साल 2024 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले वॉर्नर फिलहाल फ्रेंचाइजी क्रिकेट में सक्रिय हैं। वे इस समय पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) 2026 में कराची किंग्स की कप्तानी कर रहे हैं। लीग के बीच ऑस्ट्रेलिया लौटने पर यह घटना हुई।

    वॉर्नर ने हाल ही में बिग बैश लीग (BBL) में सिडनी थंडर के लिए शानदार प्रदर्शन किया था, जिसमें सिर्फ आठ मैचों में उन्होंने 433 रन बनाए और टूर्नामेंट के सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। PSL 2026 में उन्होंने तीन मुकाबलों में 31 की औसत से 93 रन बनाकर अपनी टीम को लगातार तीन जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

    कराची किंग्स अब गुरुवार को नेशनल स्टेडियम में पेशावर जाल्मी के खिलाफ मुकाबले में उतरेंगे।

  • KKR की मुश्किलें बढ़ीं! एक नहीं कई समस्याएं, प्लेऑफ की राह हो सकती है कठिन

    KKR की मुश्किलें बढ़ीं! एक नहीं कई समस्याएं, प्लेऑफ की राह हो सकती है कठिन


    नई दिल्ली।तीन बार की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही है। तीन मुकाबलों के बाद भी टीम जीत का खाता नहीं खोल पाई है। ऐसे में टीम के सामने एक नहीं बल्कि कई बड़ी समस्याएं खड़ी हो गई हैं, जिनका समाधान जल्द नहीं निकला तो पूरा सीजन हाथ से निकल सकता है।

    ओपनिंग जोड़ी बनी चिंता

    केकेआर की सलामी जोड़ी इस सीजन उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही। फिन एलन तेज शुरुआत तो दिला रहे हैं, लेकिन बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे हैं। वहीं कप्तान अजिंक्य रहाणे की धीमी बल्लेबाजी टीम के लिए परेशानी बनती जा रही है। पावरप्ले में रन गति बनाए रखना टीम के लिए चुनौती बन चुका है।

    महंगे खिलाड़ी कैमरून ग्रीन फ्लॉप

    केकेआर ने ऑक्शन में कैमरून ग्रीन पर 25.20 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन उनका प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। ग्रीन न तो गेंदबाजी कर पा रहे हैं और न ही बल्ले से योगदान दे पा रहे हैं। तीन मैचों में उनके बल्ले से सिर्फ 24 रन निकले हैं, जिससे टीम का संतुलन बिगड़ गया है।

    मिडिल ऑर्डर में अनुभव की कमी

    केकेआर का मध्यक्रम भी कमजोर कड़ी साबित हो रहा है। अंगकृष रघुवंशी ने जरूर कुछ अच्छी पारियां खेली हैं, लेकिन उन्हें बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला। फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह ने 68 रन बनाए हैं, लेकिन उनका आक्रामक अंदाज अभी तक नहीं दिखा। इसके अलावा रमनदीप सिंह, अनुकूल रॉय और सुनील नरेन पर लगातार निर्भर रहना टीम के लिए जोखिम भरा साबित हो रहा है।

    गेंदबाजी बनी सबसे बड़ी कमजोरी

    केकेआर की तेज गेंदबाजी शुरुआत से ही सवालों के घेरे में रही है और यह चिंता अब हकीकत बन चुकी है। वैभव अरोड़ा और ब्लेसिंग मुजरबानी काफी महंगे साबित हुए हैं।
    वहीं कार्तिक त्यागी भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। स्पिन विभाग में भी वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन की खराब फॉर्म ने टीम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

    आगे की राह मुश्किल

    पिछले कुछ सीजन में केकेआर की सफलता काफी हद तक वरुण-नरेन की जोड़ी पर निर्भर रही है। ऐसे में इनका खराब प्रदर्शन टीम के लिए बड़ा झटका है। अगर टीम ने जल्द ही अपनी कमजोरियों को दूर नहीं किया, तो प्लेऑफ की दौड़ में बने रहना मुश्किल हो सकता है।

    आईपीएल 2026 में केकेआर कई समस्याओं से जूझ रही है ओपनिंग, मिडिल ऑर्डर, महंगे खिलाड़ी का फ्लॉप होना और कमजोर गेंदबाजी। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो टीम का पूरा गणित बिगड़ सकता है।

  • IPL 2026 अपडेट: पथिराना-हसरंगा की फिटनेस पर सवाल, SLC को रिपोर्ट नहीं सौंपी

    IPL 2026 अपडेट: पथिराना-हसरंगा की फिटनेस पर सवाल, SLC को रिपोर्ट नहीं सौंपी


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना और स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने अब तक अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया है।

    कुल 45 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों में से अब तक केवल 24 ही इस टेस्ट को पास कर पाए हैं, जबकि कई खिलाड़ी या तो टेस्ट नहीं दे पाए हैं या फेल हो चुके हैं।

    आईपीएल टीमों के लिए बढ़ी चिंता

    वानिंदु हसरंगा और मथीशा पथिराना दोनों आईपीएल 2026 में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी हैं। हसरंगा लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं, जबकि पथिराना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर पड़ सकता है।

    हसरंगा की स्थिति ज्यादा चिंताजनक

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हसरंगा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। उन्हें फरवरी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी।

    सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए भी आवेदन नहीं किया है। इससे उनके आईपीएल में खेलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

    पथिराना की वापसी की उम्मीद

    दूसरी ओर, मथीशा पथिराना भी चोटिल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था।

    हालांकि, राहत की बात यह है कि उन्होंने नेट्स में गेंदबाजी शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि वह अप्रैल के मध्य तक भारत पहुंचकर आईपीएल में हिस्सा ले सकते हैं।

    फिटनेस नियम हुए और सख्त

    श्रीलंका क्रिकेट ने अपने फिटनेस मानकों को और कड़ा कर दिया है। अब सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों को 20 मीटर स्प्रिंट, 5-0-5 एजिलिटी टेस्ट, काउंटर मूवमेंट जंप, 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना अनिवार्य है। इन सभी टेस्ट में कुल 29 अंक होते हैं, जिनमें से कम से कम 17 अंक हासिल करना जरूरी है।

    घरेलू क्रिकेट में भी लागू नियम

    एसएलसी ने यह नया फिटनेस सिस्टम घरेलू टूर्नामेंट ‘नेशनल सुपर लीग’ में भी लागू कर दिया है। हालांकि, यहां नियम थोड़े आसान हैं, जिसमें खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना होता है। इस टूर्नामेंट में 87 खिलाड़ियों में से 23 खिलाड़ी न्यूनतम फिटनेस मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन खिलाड़ियों को 19 अप्रैल तक का समय दिया गया है।

    फेल होने पर क्या होगा असर?

    अगर खिलाड़ी तय समय तक फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाते, तो उन्हें मैच फीस नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, उनके भविष्य के चयन और टूर्नामेंट में भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है।

    आईपीएल 2026 के बीच पथिराना और हसरंगा का फिटनेस टेस्ट न देना बड़ा मुद्दा बन गया है। उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना न सिर्फ उनके आईपीएल करियर बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी बेहद अहम साबित होगा।