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  • T20 कप्तानी पर बड़ा संकट: सूर्यकुमार यादव पर खतरा, श्रेयस अय्यर रेस में सबसे आगे

    T20 कप्तानी पर बड़ा संकट: सूर्यकुमार यादव पर खतरा, श्रेयस अय्यर रेस में सबसे आगे


    नई दिल्ली । टीम इंडिया की टी20 कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव चर्चा में आ गया है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 और आईपीएल 2026 के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते उनके नेतृत्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

    सूत्रों के अनुसार अब चयनकर्ता भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए नए कप्तान की तलाश में हैं। इस रेस में सबसे आगे नाम सामने आ रहा है Shreyas Iyer का, जिन्हें एक मजबूत नेतृत्व विकल्प माना जा रहा है। वहीं उप-कप्तानी के लिए तिलक वर्मा और ईशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों के नाम भी चर्चा में हैं।

    बताया जा रहा है कि टीम मैनेजमेंट केवल मौजूदा सीरीज ही नहीं, बल्कि अगले दो टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए लंबे समय के लिए कप्तान चुनने की योजना पर काम कर रहा है। इसी कारण चयनकर्ता ऐसे खिलाड़ी को जिम्मेदारी देना चाहते हैं जो लगातार प्रदर्शन के साथ टीम को स्थिर नेतृत्व दे सके।

    श्रेयस अय्यर के पक्ष में सबसे बड़ा कारण उनका आईपीएल में कप्तानी अनुभव और लगातार बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। उन्होंने घरेलू और लीग क्रिकेट में अपनी लीडरशिप क्षमता साबित की है। साथ ही उन्हें टी20 टीम में मध्यक्रम की अहम जिम्मेदारी देने पर भी विचार किया जा रहा है।

    इस बीच मौजूदा कप्तान Suryakumar Yadav की खराब फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है। टी20 वर्ल्ड कप और आईपीएल में अपेक्षित प्रदर्शन न कर पाने के कारण उनकी कप्तानी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    चयन प्रक्रिया को लेकर मुख्य चयनकर्ता Ajit Agarkar और हेड कोच Gautam Gambhir के बीच चर्चा की भी खबरें हैं। दोनों के बीच रणनीतिक दृष्टिकोण को लेकर मतभेद की बातें सामने आ रही हैं, हालांकि अंतिम फैसला चयन समिति की सहमति से ही लिया जाएगा।

    टीम इंडिया के लिए आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरा बेहद अहम माना जा रहा है, जहां कप्तानी को लेकर अंतिम संकेत मिल सकते हैं। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि क्या सूर्यकुमार यादव अपनी कप्तानी बचा पाएंगे या फिर भारतीय टी20 क्रिकेट में एक नए नेतृत्व युग की शुरुआत श्रेयस अय्यर के हाथों होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी

    वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। लेकिन उनके रिकॉर्ड्स और सफलता के पीछे एक ऐसा शख्स भी है, जो कैमरों की चमक से दूर रहकर लगातार उनके साथ एक साये की तरह खड़ा रहा। यह शख्स है Romy Bhinder, जो न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर हैं, बल्कि वैभव के गार्जियन और मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

    आईपीएल के पूरे सीजन के दौरान रोमी भिंडर को अक्सर डगआउट, बाउंड्री लाइन, टीम बस और पोस्ट मैच इवेंट्स में वैभव के साथ देखा गया। जब भी युवा खिलाड़ी मैदान पर उतरे या किसी बड़े पल का हिस्सा बने, रोमी हमेशा उनके आसपास मौजूद रहे। यही वजह है कि फैंस के बीच यह सवाल लगातार उठता रहा कि आखिर यह शख्स कौन है जो हर जगह उनके साथ नजर आता है।

    असल में, नाबालिग खिलाड़ी होने के चलते BCCI और IPL नियमों के तहत वैभव सूर्यवंशी के लिए एक आधिकारिक गार्जियन का होना जरूरी था। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर अचानक क्रिकेट की दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए रोमी भिंडर वही सहारा बने, जिन्होंने उन्हें आईपीएल की तेज रफ्तार, दबाव और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की।

    रोमी भिंडर का क्रिकेट से जुड़ा अनुभव भी काफी लंबा है। वे इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और भारत में विदर्भ, महाराष्ट्र तथा नागपुर यूनिवर्सिटी स्तर पर क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट मैनेजमेंट और टैलेंट डेवलपमेंट में अपनी पहचान बनाई। वर्ल्ड क्रिकेट अकादमी से जुड़े रहने के साथ-साथ वे ग्रासरूट क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका अनुभव करीब दो दशक पुराना है। राजस्थान रॉयल्स से उनका जुड़ाव पहले सीजन से ही रहा है, जहां उन्होंने लायजन ऑफिसर और असिस्टेंट मैनेजर जैसी भूमिकाएं निभाई हैं।

    हालांकि आईपीएल 2026 में एक मैच के दौरान उनका मोबाइल इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद वे विवादों में भी आए थे। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने उन्हें नोटिस जारी किया और बाद में जुर्माना भी लगाया गया, हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला गंभीर नियम उल्लंघन का नहीं था।

    इसके बावजूद, मैदान के अंदर और बाहर रोमी भिंडर ने वैभव के लिए एक मजबूत सहारा बनकर काम किया। जब युवा खिलाड़ी शतक से चूककर भावुक हुए, तब भी रोमी ने उन्हें संभाला और हौसला बढ़ाया।

    आज जब वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन से नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तब उनके पीछे खड़े इस गुमनाम लेकिन महत्वपूर्ण शख्स की भूमिका भी उतनी ही बड़ी मानी जा रही है, जो उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन और सुरक्षा देता नजर आता है।

  • मेंस अंडर-18 एशिया कप: आशीष की हैट्रिक, चीनी ताइपे को 13-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में

    मेंस अंडर-18 एशिया कप: आशीष की हैट्रिक, चीनी ताइपे को 13-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में


    नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमाल मचा दिया है। मेंस अंडर-18 एशिया कप 2026 के अपने आखिरी पूल ए मुकाबले में भारत ने चीनी ताइपे को 13-1 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में शानदार एंट्री कर ली। इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम पूरी तरह हावी रही और शुरुआत से ही गोलों की बारिश कर दी।
    भारत की इस धमाकेदार जीत के हीरो रहे आशीष तानी पूर्ति, जिन्होंने शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने सामूहिक प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को कोई मौका नहीं दिया।

     शुरुआत से ही भारत का दबदबा, पहले ही क्वार्टर में बढ़त
    मैच की शुरुआत से ही भारत ने आक्रामक रुख अपनाया। 7वें मिनट में करण गौतम ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर खाता खोला। इसके बाद प्रेमचंद सोय (11’) ने फील्ड गोल दागकर बढ़त दोगुनी कर दी। कप्तान केतन कुशवाहा (13’) ने तीसरा गोल दागकर पहले क्वार्टर में ही भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

     दूसरे क्वार्टर में भी गोलों की रफ्तार जारी
    दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। राहुल यादव (20’) ने चौथा गोल किया, जबकि आशीष तानी पूर्ति (27’) ने पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 5-0 कर दिया। इसके बाद सिद्धार्थ बेन (30’) ने शानदार फील्ड गोल दागकर बढ़त और मजबूत कर दी। हालांकि हाफ टाइम से पहले चीनी ताइपे ने एक गोल जरूर किया, लेकिन भारत पहले ही भारी बढ़त ले चुका था।

     तीसरे क्वार्टर में आशीष की हैट्रिक, भारत का दबदबा चरम पर
    ब्रेक के बाद भी भारतीय टीम ने आक्रामक खेल जारी रखा। 35वें मिनट में आशीष ने अपना दूसरा गोल दागा और फिर 42वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर से हैट्रिक पूरी की। इसी बीच गाजी खान (40’ और 44’) ने भी दो गोल कर भारत की बढ़त को और विशाल बना दिया।

     आखिरी क्वार्टर में भी नहीं रुका गोलों का सिलसिला
    चौथे क्वार्टर में भी भारत ने गति कम नहीं की। वरिंदर सिंह (50’) ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। सिद्धार्थ बेन (52’) और राहुल यादव (54’) ने अपने-अपने दूसरे गोल दागकर भारत की 13-1 की ऐतिहासिक जीत सुनिश्चित कर दी।

     पूल स्टेज में शानदार प्रदर्शन, सेमीफाइनल में मजबूत दावेदारी
    भारत ने पूल स्टेज में कजाकिस्तान, कोरिया और चीनी ताइपे के खिलाफ जीत दर्ज की, जबकि मेजबान जापान के खिलाफ उसे हार का सामना करना पड़ा। कुल 9 अंकों के साथ भारत ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है।

    भारतीय अंडर-18 हॉकी टीम का यह प्रदर्शन न सिर्फ उसकी आक्रामक क्षमता को दिखाता है, बल्कि भविष्य की मजबूत टीम का संकेत भी देता है। 13-1 की यह जीत भारत के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगी, खासकर सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले से पहले।

  • इंडोनेशिया ओपन से सात्विक-चिराग का सफर खत्म, कंधे की चोट से पहले राउंड में ही हुए बाहर

    इंडोनेशिया ओपन से सात्विक-चिराग का सफर खत्म, कंधे की चोट से पहले राउंड में ही हुए बाहर


    नई दिल्ली । भारत की स्टार पुरुष बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी का इंडोनेशिया ओपन 2026 में सफर बेहद निराशाजनक तरीके से समाप्त हो गया। पहले ही राउंड में कंधे की चोट के कारण सात्विक को मुकाबले से हटना पड़ा, जिसके बाद भारतीय जोड़ी को टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा।

    यह मुकाबला मलेशिया की जोड़ी कांग खाई जिंग और एरॉन ताई के खिलाफ खेला जा रहा था, जहां भारतीय जोड़ी पहले गेम में 6-11 से पीछे चल रही थी। इसी दौरान सात्विक ने अपने दाहिने कंधे में दर्द की शिकायत की और खेल जारी नहीं रख सके। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें वॉकओवर देना पड़ा।

    चोट ने रोकी लय, लगातार संघर्ष के बाद बड़ा झटका
    सात्विक के कंधे की समस्या कोई नई नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की परेशानी के चलते इस जोड़ी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से नाम वापस लिया था। लगातार चोट की वजह से उनकी लय प्रभावित हो रही है, जो भारत के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि सात्विक की रिकवरी और रिहैबिलिटेशन पर पूरा ध्यान दिया जाएगा, ताकि वह जल्द कोर्ट पर वापसी कर सकें।

    हालिया जीत के बाद मिला था आत्मविश्वास
    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही इस भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंडोनेशिया की मजबूत जोड़ी फजर अल्फियन और मुहम्मद शोहिबुल फिकरी को हराया था। तीन गेम तक चले इस मुकाबले में उन्होंने 18-21, 21-17, 21-16 से जीत दर्ज की थी। यह जीत उनकी हालिया फॉर्म और मजबूती का संकेत थी। इतना ही नहीं, यह जोड़ी सिंगापुर ओपन जीतने वाली पहली भारतीय पुरुष डबल्स टीम भी बनी थी, जिसने देश के बैडमिंटन इतिहास में नया अध्याय जोड़ा था।

    अन्य भारतीय खिलाड़ियों का मिला-जुला प्रदर्शन
    इंडोनेशिया ओपन में भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिश्रित रहा। रोहन कपूर और रुथविका गड्डे ने शानदार शुरुआत करते हुए शीर्ष 20 ताइवान जोड़ी को हराकर अगले दौर में जगह बनाई। वहीं लक्ष्य सेन को पहले ही राउंड में हार का सामना करना पड़ा और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए। पुरुष युगल में हरिहरन अम्साकारुनन और एम.आर. अर्जुन की जोड़ी ने मलेशिया की अनुभवी जोड़ी को हराकर भारत को राहत दी।

    भारतीय बैडमिंटन के लिए बड़ा झटका
    सात्विक-चिराग की जोड़ी भारत की सबसे भरोसेमंद डबल्स टीम मानी जाती है। उनकी अचानक चोट से बाहर होना भारत के अभियान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सभी की नजरें उनकी फिटनेस और आगामी टूर्नामेंट में वापसी पर टिकी हैं।

  • सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा

    सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती, अब ‘Z’ से घटकर ‘Y’ श्रेणी में मिली सुरक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। उन्हें अब ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा से घटाकर ‘Y’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। यह निर्णय पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा इकाइयों द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के बाद लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासन ने हाल ही में वीआईपी सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की थी, जिसके आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि सौरव गांगुली के लिए अब उच्चतम स्तर की ‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की आवश्यकता नहीं है। इसी कारण उनकी सुरक्षा को कम कर ‘Y’ श्रेणी में परिवर्तित किया गया है।

    2023 में बढ़ी थी सुरक्षा, अब हुआ संशोधन
    गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सौरव गांगुली की सुरक्षा को ‘Y’ श्रेणी से बढ़ाकर ‘Z’ श्रेणी किया गया था। उस समय राज्य सरकार ने उनकी लोकप्रियता, सार्वजनिक भूमिका और संभावित सुरक्षा जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया था। हालांकि, ताजा समीक्षा के बाद सुरक्षा स्तर में यह कटौती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह निर्णय किसी विशेष घटना के कारण नहीं, बल्कि राज्य भर में सभी वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं के पुनर्मूल्यांकन का हिस्सा है।

    बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक निर्णयों के बीच चर्चा
    पश्चिम बंगाल में सौरव गांगुली एक बेहद लोकप्रिय चेहरा हैं। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वे खेल प्रशासन और विभिन्न सार्वजनिक भूमिकाओं में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई है और उनके प्रशंसकों की संख्या पूरे देश में काफी बड़ी है। इस सुरक्षा बदलाव को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह सुरक्षा विश्लेषण पर आधारित तकनीकी निर्णय है।

    भारतीय क्रिकेट में गांगुली का योगदान
    सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली कप्तानों में गिना जाता है। उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने विदेशों में जीत की नई संस्कृति विकसित की। उन्होंने हरभजन सिंह, जहीर खान, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ और एमएस धोनी जैसे कई खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

    कप्तानी के बाद उन्होंने बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में भी भारतीय क्रिकेट के प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में वे क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

  • कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा

    कार्लसन पर जीत के बाद प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ, सोशल मीडिया पर चर्चा


    नई दिल्ली । नॉर्वे चेस टूर्नामेंट 2026 एक बार फिर भारतीय शतरंज के लिए यादगार बन गया है, जहां युवा ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानंद ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दूसरी बार मात देकर सबको चौंका दिया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि प्रज्ञानंद ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में पहले सफेद मोहरों से और अब काले मोहरों से कार्लसन को हराया है। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने न केवल शतरंज की दुनिया में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत में भी उन्हें लेकर उत्साह चरम पर पहुंच गया है।

    आनंद  महिंद्रा की प्रतिक्रिया, कहा- “अब अभेद्य लगने लगे हैं प्रज्ञानंद”
    उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस जीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रज्ञानंद की जमकर तारीफ की। उन्होंने लिखा कि अब प्रज्ञानंद “अभेद्य” यानी लगभग अजेय लगने लगे हैं। महिंद्रा ने यह भी कहा कि मैग्नस कार्लसन ने इस हार पर किसी तरह की निराशा नहीं दिखाई, जो यह संकेत देता है कि वह अब प्रज्ञानंद के साथ ऐसे परिणामों के आदी होते जा रहे हैं। उनकी यह टिप्पणी तेजी से वायरल हो गई और खेल प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

    राइवलरी ने पकड़ी रफ्तार, लगातार दूसरी बड़ी जीत
    प्रज्ञानंद और कार्लसन के बीच यह मुकाबला अब एक मजबूत राइवलरी का रूप ले चुका है। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी ने पहले भी कार्लसन को हराया था और अब दूसरी जीत ने उनकी स्थिति और मजबूत कर दी है। खेल के अंतिम चरण तक मुकाबला बेहद संतुलित रहा, लेकिन समय की कमी में कार्लसन दबाव में आ गए और प्रज्ञानंद ने इसका पूरा फायदा उठाते हुए निर्णायक बढ़त हासिल कर ली।

    भारतीय शतरंज का बढ़ता दबदबा
    इस टूर्नामेंट में अन्य भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन गुकेश डोमराजू को हार का सामना करना पड़ा, जबकि दिव्या देशमुख भी अपने मुकाबले में पीछे रह गईं। वहीं राउंड 8 के बाद वेस्ली सो 14 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं, अलीरेजा फिरौजा 13 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं और प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।

    टाइटल की रेस में मजबूत दावेदारी
    हालांकि प्रज्ञानंद अभी शीर्ष पर नहीं हैं, लेकिन लगातार दो जीत ने उन्हें खिताबी दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया है। उनकी रणनीतिक समझ, धैर्य और दबाव में प्रदर्शन ने उन्हें इस समय दुनिया के सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल कर दिया है। शतरंज विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनका यह प्रदर्शन जारी रहा तो वह जल्द ही किसी बड़े विश्व खिताब के सबसे मजबूत दावेदार बन सकते हैं।

  • “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर

    “जीत से सिर्फ 1 विकेट दूर रह गए” – इंग्लैंड से हार के बाद बोलीं हरमनप्रीत कौर, वर्ल्ड कप पर नजर


    नई दिल्ली । भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज 2-1 से गंवा दी। हालांकि मैच में एक समय मजबूत स्थिति में होने के बावजूद मिली हार ने टीम को निराश जरूर किया, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आगे के टूर्नामेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया।

    मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम जीत के बेहद करीब थी, लेकिन निर्णायक मौके पर एक विकेट नहीं ले पाने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। उन्होंने माना कि शुरुआती ओवरों में तीन विकेट लेकर भारत ने अच्छी पकड़ बनाई थी, लेकिन इंग्लैंड की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।

    भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 180 रन बनाए थे। कप्तान हरमनप्रीत ने नाबाद 56 रन की अहम पारी खेली, जबकि यास्तिका भाटिया और दीप्ति शर्मा ने 32-32 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत खराब रही और टीम ने 38 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे भारत मजबूत स्थिति में था।

    लेकिन इसके बाद एलिस कैप्सी और हेदर नाइट के बीच 127 रनों की साझेदारी ने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया। कैप्सी ने 43 गेंदों में 82 रन की विस्फोटक पारी खेली, जबकि नाइट 70 रन बनाकर नाबाद रहीं। इंग्लैंड ने 18.3 ओवर में 4 विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।

    हार के बावजूद कप्तान ने कहा कि टीम में कई सकारात्मक पहलू हैं और यह सीरीज वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से उपयोगी रही है। उन्होंने बताया कि टीम संयोजन को लेकर काफी स्पष्टता है और आने वाले अभ्यास मैचों में कुछ नए खिलाड़ियों को आजमाया जाएगा।

    भारतीय टीम अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है, जहां टीम का लक्ष्य मजबूत वापसी करना रहेगा।

  • हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची

    हॉकी: भारतीय महिला अंडर-18 टीम ने सिंगापुर को 25-0 से रौंदा, सेमीफाइनल में पहुंची


    नई दिल्ली । भारतीय महिला अंडर-18 हॉकी टीम ने एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिंगापुर को 25-0 के बड़े अंतर से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप ए में शीर्ष स्थान हासिल किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की।

    मंगलवार को खेले गए इस एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और पहले ही मिनटों से सिंगापुर की डिफेंस पर दबाव बना दिया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने दूसरे मिनट में पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई, जिसके बाद लगातार गोलों की झड़ी लग गई।

    मैच की सबसे बड़ी स्टार नौशीन नाज रहीं, जिन्होंने सात गोल दागे और विपक्षी डिफेंस को पूरी तरह तोड़ दिया। गीताश्री नम्मी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल किए और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ का खिताब अपने नाम किया। कप्तान स्वीटी कुजूर ने चार गोल किए, जबकि प्रियंका मिंज ने हैट्रिक लगाई।

    इसके अलावा दीया, नैन्सी सरोहा, श्रुति कुमारी, पुष्पा मांझी, रश्मीन कौर और संदीपा कुमारी ने भी एक-एक गोल कर टीम की बढ़त को और मजबूत किया। भारतीय टीम ने पूरे मैच में तेज पासिंग, आक्रामक मूवमेंट और मजबूत फिनिशिंग का प्रदर्शन किया।

    पहले हाफ में ही भारत ने एकतरफा बढ़त बना ली थी, जबकि दूसरे हाफ में गोलों की रफ्तार और तेज हो गई। आखिरी क्वार्टर में टीम ने 10 गोल दागकर सिंगापुर को पूरी तरह दबाव में ला दिया।

    इस जीत के साथ भारत ने पूल ए में अपने सभी मैच जीतकर 9 अंक हासिल किए और बिना हार के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। टीम ने इससे पहले मलेशिया और कोरिया जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ भी जीत दर्ज की थी।

    यह प्रदर्शन अंडर-18 स्तर पर भारतीय महिला हॉकी के अब तक के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है, जिसने टूर्नामेंट में भारत की मजबूत दावेदारी को और पुख्ता कर दिया है।

  • नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार

    नॉर्वे चेस: प्रज्ञानंद ने फिर हराया कार्लसन, गुकेश और दिव्या को आठवें राउंड में मिली हार


    नई दिल्ली । नॉर्वे चेस 2026 के आठवें राउंड में भारत के युवा ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ियों में शामिल मैग्नस कार्लसन को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की। काले मोहरों से खेलते हुए प्रज्ञानंद ने इस मुकाबले में बेहतरीन रणनीति और संयम का परिचय दिया और एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के शीर्ष खिलाड़ियों को लगातार चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

    यह प्रज्ञानंद की कार्लसन पर इसी टूर्नामेंट में दूसरी जीत है। इससे पहले उन्होंने व्हाइट मोहरों से भी कार्लसन को मात दी थी। इस उपलब्धि के साथ प्रज्ञानंद अब उन चुनिंदा खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में कार्लसन को दो बार हराया है।

    इस जीत के बाद टूर्नामेंट में खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। वेस्ली सो फिलहाल 14 अंकों के साथ शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि अलीरेजा फिरोजा 13 अंकों के साथ उनसे बेहद करीब हैं। प्रज्ञानंद 12 अंकों के साथ मजबूत दावेदारी में बने हुए हैं और अंतिम राउंड से पहले टाइटल रेस पूरी तरह खुली हुई है।

    दूसरी ओर, भारतीय वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश को अपने मुकाबले में अलीरेजा फिरोजा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। व्हाइट मोहरों से खेलते हुए गुकेश ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टाइम प्रेशर में वह बढ़त बनाए नहीं रख सके और मुकाबला हार गए।

    महिला वर्ग में भी भारत के लिए मिला-जुला प्रदर्शन रहा। दिव्या देशमुख को बिबिसारा असौबायेवा के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। मुकाबले में असौबायेवा ने दबाव बनाए रखा और दिव्या की टाइम समस्या का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की।

    वहीं, चीन की झू जिनर ने मौजूदा विश्व चैंपियन जू वेनजुन को हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस बीच भारत की अनुभवी खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने आर्मागेडन टाईब्रेकर में जीत दर्ज कर महत्वपूर्ण अतिरिक्त अंक हासिल किए।

    राउंड 8 के बाद महिला वर्ग में बिबिसारा असौबायेवा 15.5 अंकों के साथ शीर्ष पर हैं, जबकि दिव्या देशमुख और झू जिनर 10-10 अंकों के साथ बराबरी पर बनी हुई हैं। टूर्नामेंट अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जहां खिताबी दौड़ बेहद रोमांचक हो गई है।

  • सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    सचिन तेंदुलकर का 37 साल पुराना कीर्तिमान दांव पर, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय डेब्यू की मांग तेज

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के गलियारों में इस समय केवल एक ही नाम की गूंज सुनाई दे रही है और वह नाम है 15 वर्षीय युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी का। अपनी असाधारण प्रतिभा और मैदान के हर कोने में शॉट लगाने की काबिलियत से चयनकर्ताओं को प्रभावित करने वाले वैभव अब इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। इस महीने के अंत में भारतीय क्रिकेट टीम को दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए आयरलैंड का दौरा करना है और इसके ठीक बाद टीम पांच मैचों की सीरीज के लिए इंग्लैंड रवाना होगी। इस व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के शीर्ष अधिकारी सीनियर खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को आजमाने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इस दौड़ में वैभव सूर्यवंशी का नाम सबसे आगे चल रहा है क्योंकि आईपीएल के हालिया सीजन में उनके बल्ले से जो रनों का तूफान निकला है, उसने क्रिकेट पंडितों को हैरान कर दिया है। अगर चयन समिति उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम इंडिया की जर्सी सौंप देती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का करीब 37 साल पुराना एक महाकीर्तिमान ध्वस्त कर देंगे।

    सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 में जब पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा था, तब उनकी उम्र महज 16 साल थी और वह भारत के लिए डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब ठीक 37 साल बाद 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी इस चमत्कार को दोहराने के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। अगर वह मैदान पर उतरते हैं, तो वह भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले इतिहास के सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। हालांकि सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने का रिकॉर्ड दर्ज है, लेकिन टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में यह गौरव ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर के नाम है। सुंदर ने साल 2017 में श्रीलंका के खिलाफ 18 साल और 80 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी आगामी सीरीज में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनते हैं, तो वह वॉशिंगटन सुंदर के इस 9 साल पुराने रिकॉर्ड को भी बेहद आसानी से पीछे छोड़ देंगे।

    वैभव सूर्यवंशी की इस दावेदारी को उनके आईपीएल 2026 के अविश्वसनीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा मजबूती मिली है। उन्होंने इस सीजन के 16 मुकाबलों में लगभग 48.50 की बेहतरीन औसत और 237.30 के विस्फोटक स्ट्राइक रेट के साथ कुल 776 रन कूटे हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शानदार शतक और पांच अर्धशतक निकले हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 103 रन रहा है। इतना ही नहीं, अपनी आक्रामक शैली का मुजाहिरा पेश करते हुए उन्होंने पूरे सीजन में रिकॉर्डतोड़ 72 छक्के भी जड़े हैं। उनके इसी गैरमामूली टैलेंट को देखते हुए उन्हें पहले ही इंडिया ए टीम में शामिल किया जा चुका है, जहां वह श्रीलंका ए और अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इंडिया ए की इस टीम में वह कप्तान तिलक वर्मा के नेतृत्व में खेलेंगे, जबकि सीनियर खिलाड़ी ऋतुराज गायकवाड़ भी मार्गदर्शन के लिए टीम में मौजूद रहेंगे। मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों के क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव की यह टाइमिंग और खेल की समझ उन्हें लंबी रेस का घोड़ा बनाती है। उपकप्तान रियान पराग के चोटिल होने के बाद वैभव के लिए मुख्य राष्ट्रीय टीम के दरवाजे और तेजी से खुल गए हैं और अब खेल प्रेमियों की नजरें चयनकर्ताओं के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।