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  • श्रेयस अय्यर बनेंगे नए टी20 कप्तान, आईपीएल स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में जगह मिलने के संकेत

    श्रेयस अय्यर बनेंगे नए टी20 कप्तान, आईपीएल स्टार 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को सीनियर टीम में जगह मिलने के संकेत


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम में आगामी दौरों को लेकर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बीसीसीआई शनिवार को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए राष्ट्रीय टीम की घोषणा करने जा रही है। ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, चयनकर्ता न केवल नए खिलाड़ियों को आजमाने के मूड में हैं, बल्कि टी20 टीम के नेतृत्व में भी बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर चुके हैं।

    मौजूदा टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पर इस समय खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में मार्च में उनकी कप्तानी में भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ता उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त करने का मन बना रहे हैं। उनकी जगह मध्यक्रम के अनुभवी बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को भारतीय टी20 टीम का नया कप्तान नियुक्त किया जा सकता है।

    नेतृत्व परिवर्तन का यह सिलसिला केवल कप्तानी तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। टीम के उप-कप्तान अक्षर पटेल को भी इस जिम्मेदारी से हटाया जा सकता है, और उनकी जगह युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को नया उप-कप्तान बनाया जा सकता है। चयनकर्ताओं का यह कड़ा रुख भविष्य की योजनाओं, विशेषकर 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक और उसी वर्ष होने वाले अगले टी20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है।

    सूर्यकुमार यादव के लिए यह बदलाव दोहरा झटका साबित हो सकता है क्योंकि उन्हें न सिर्फ कप्तानी से हाथ धोना पड़ सकता है, बल्कि खराब फॉर्म के चलते पूरी टीम से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। टी20 वर्ल्ड कप की नौ पारियों में उनका स्ट्राइक रेट तो ठीक था, लेकिन वे केवल 242 रन बना सके। इसके बाद आईपीएल 2026 के सीजन में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां उन्होंने 13 पारियों में सिर्फ 20.76 के औसत से 270 रन बनाए।

    दूसरी ओर, नए कप्तान के रूप में उभर रहे 31 वर्षीय श्रेयस अय्यर ने दिसंबर 2023 के बाद से कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। उस समय सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की मध्यक्रम में मौजूदगी के कारण अय्यर को टीम संयोजन में जगह नहीं मिल पा रही थी। इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज के दौरान उन्हें चोटिल खिलाड़ी के विकल्प के रूप में शामिल जरूर किया गया था, लेकिन मैच खेलने का मौका नहीं मिला क्योंकि प्रबंधन तब वर्ल्ड कप की कोर टीम को आजमाना चाहता था।

    भारतीय चयनकर्ताओं द्वारा कप्तानों को बदलने का यह लगातार दूसरा बड़ा फैसला है। इससे पहले साल 2025 में भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब रोहित शर्मा ने मार्च में भारत को चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जिताया था, लेकिन अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया था, हालांकि रोहित टीम में बने रहे थे।

    इस आगामी चयन में सबसे बड़ा आकर्षण 15 वर्षीय युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी हो सकते हैं। आईपीएल 2026 के एक धमाकेदार सीजन में 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाने वाले सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर टीम में शामिल किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो वह 1980 के दशक के उत्तरार्ध में सचिन तेंदुलकर के डेब्यू के बाद भारत की सीनियर पुरुष टीम में चुने जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे।

    राष्ट्रीय टीम के दौरों से ठीक पहले, सूर्यवंशी 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली इंडिया ए की ट्राई-सीरीज का हिस्सा होंगे, जिसमें अफगानिस्तान की टीम भी शामिल है। इसके ठीक बाद सीनियर भारतीय टीम को 26 और 28 जून को बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 मैच खेलने हैं। इसके बाद भारतीय टीम 1 से 11 जुलाई तक इंग्लैंड के लंबे दौरे पर रहेगी, जहां पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज खेली जानी है।

  • रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट

    रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस पर नजर, सीरीज से पहले होगा जरूरी टेस्ट


    नई दिल्ली ।  अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली की फिटनेस को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। टीम प्रबंधन ने संकेत दिए हैं कि दोनों खिलाड़ियों के खेलने को लेकर अंतिम फैसला फिटनेस टेस्ट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

    भारतीय टीम के सहायक कोच रयान टेन डोएशेट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों का टीम से बाहर या अंदर होना हमेशा चर्चा का विषय रहता है। उन्होंने बताया कि मेडिकल टीम दोनों खिलाड़ियों की स्थिति की समीक्षा कर रही है और अगले कुछ दिनों में उनकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जाएगा।

    फिटनेस रिपोर्ट के बाद ही तय होगा भविष्य
    कोच डोएशेट ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मेडिकल टीम अपनी रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी कि रोहित और कोहली सीरीज का हिस्सा होंगे या नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि टीम प्रबंधन चाहता है कि सभी खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मैचों में पूरी फिटनेस और सर्वश्रेष्ठ फॉर्म के साथ उतरें, ताकि टीम का प्रदर्शन प्रभावित न हो।

    वर्कलोड और आईपीएल को लेकर भी चर्चा
    सहायक कोच ने खिलाड़ियों के वर्कलोड और आईपीएल के दौरान चोटों के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी की स्थिति अलग होती है और इसे व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए। डोएशेट के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर काफी दबाव रहता है, लेकिन टीम इंडिया के लिए जरूरी है कि जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी पर आएं तो वे पूरी तरह फिट हों।

    हार्दिक पांड्या पर भी नजर, टीम संयोजन पर असर संभव
    अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को शामिल किया गया है। हालांकि, फिटनेस को लेकर अनिश्चितता के कारण टीम संयोजन में बदलाव की संभावना भी बनी हुई है।

  • यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान

    यंग टीम इंडिया को मिलेगा खुद को साबित करने का अवसर, अफगानिस्तान टेस्ट पर सबा करीम का बयान


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 जून से न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जाने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को लेकर पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज सबा करीम ने अहम टिप्पणी की है। उनका मानना है कि यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए केवल एक मैच नहीं, बल्कि भविष्य की मजबूत नींव रखने का बड़ा अवसर है।

    सबा करीम ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत में कहा कि भले ही यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह शुभमन गिल की कप्तानी में बन रही नई टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है। उनके अनुसार, इस मैच के जरिए टीम अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की कमजोरियों को पहचानकर सुधार सकती है।

    युवाओं को मौका देने का सही समय
    करीम ने कहा कि भारतीय टीम को अब घरेलू मैदानों पर अपना दबदबा फिर से मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में यह टेस्ट मैच उभरते हुए खिलाड़ियों को परखने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का सही मंच हो सकता है।

    उन्होंने कहा कि अगर युवा खिलाड़ी इस मौके पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें आगे बड़ी सीरीज, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू मुकाबलों में जगह मिलने की संभावना मजबूत होगी।

    करीम के मुताबिक, भारतीय टेस्ट क्रिकेट इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां सिर्फ मैच जीतना ही लक्ष्य नहीं बल्कि एक संतुलित और मजबूत टीम तैयार करना भी जरूरी है।

    गेंदबाजी में जिम्मेदारी का केंद्र बने सिराज
    टीम इंडिया की गेंदबाजी पर बात करते हुए सबा करीम ने कहा कि जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में मोहम्मद सिराज पर जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर सिराज के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है।

    करीम ने कहा कि सिराज में गति, आक्रामकता और दोनों दिशाओं में स्विंग कराने की क्षमता है। ऐसे में वह न सिर्फ गेंदबाजी आक्रमण का नेतृत्व कर सकते हैं, बल्कि युवा गेंदबाजों के लिए प्रेरणा भी बन सकते हैं। हालांकि, उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग की भी जरूरत होगी ताकि टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।

    नई टीम, नया संतुलन और बड़ा अवसर
    सबा करीम का मानना है कि यह टेस्ट मैच चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के लिए नए संयोजन आजमाने का बेहतरीन मौका है। इससे यह तय किया जा सकता है कि आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम का संतुलन कैसा होगा और कौन से खिलाड़ी लंबे समय तक टीम का हिस्सा बन सकते हैं।

  • जब फुटबॉल बना विरासत, वर्ल्ड कप में मैदान पर उतरी पिता और बेटे की ये 5 जोड़ियां

    जब फुटबॉल बना विरासत, वर्ल्ड कप में मैदान पर उतरी पिता और बेटे की ये 5 जोड़ियां


    नई दिल्ली । फुटबॉल के सबसे बड़े मंच FIFA World Cup में जहां हर खिलाड़ी अपने देश के लिए खेलना सपना मानता है, वहीं कुछ परिवार ऐसे भी रहे हैं जिनमें यह सपना दो पीढ़ियों तक पूरा हुआ। कई दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए विश्व कप में जगह बनाई।

    1. लुइस और मारियो पेरेज (मेक्सिको)
    पिता लुइस पेरेज ने 1930 के विश्व कप में मेक्सिको का प्रतिनिधित्व किया था। उनके बेटे मारियो पेरेज ने 1950 के वर्ल्ड कप में राष्ट्रीय टीम की ओर से खेला। हालांकि दोनों ही अपने-अपने विश्व कप में गोल नहीं कर सके।

    2. मार्टी और जोस वैंटोलरा (स्पेन/मेक्सिको)
    मार्टी वैंटोलरा 1934 में स्पेन की टीम का हिस्सा थे, जबकि उनके बेटे जोस वैंटोलरा ने 1970 में मेक्सिको के लिए विश्व कप खेला। दोनों ही खिलाड़ी गोल करने में सफल नहीं हो पाए।

    3. डोमिंगोस और अदेमिर दा गुइया (ब्राजील)
    डोमिंगोस ने 1938 में Brazil national football team की ओर से विश्व कप खेला। उनके बेटे अदेमिर दा गुइया 1974 में ब्राजील टीम का हिस्सा रहे, लेकिन सीमित अवसरों में उन्हें भी गोल नहीं मिला।

    4. रोजर और पैट्रिस रियो (फ्रांस)
    रोजर रियो ने 1934 में France national football team के लिए विश्व कप खेला। उनके बेटे पैट्रिस रियो 1978 में फ्रांस की टीम में शामिल रहे, लेकिन वे भी गोल नहीं कर सके।

    5. निकोले और इओन लुपस्कु (रोमानिया)
    निकोले लुपस्कु ने 1970 विश्व कप में रोमानिया का प्रतिनिधित्व किया। उनके बेटे इओन लुपस्कु 1990 और 1994 के वर्ल्ड कप में टीम का हिस्सा रहे और कुल 8 मैच खेले, लेकिन गोल नहीं कर पाए।

    विरासत की कहानी
    ये सभी जोड़ियां इस बात का प्रतीक हैं कि विश्व कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि पीढ़ियों तक चलने वाली फुटबॉल परंपरा भी है, जहां एक ही परिवार का नाम दो अलग-अलग युगों में इतिहास बनाता है।

  • जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?

    जब टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आए भारत और अफगानिस्तान, किसका रहा दबदबा?


    नई दिल्ली । भारत और अफगानिस्तान के बीच महामुकाबला: मुल्लांपुर टेस्ट में युवा जोश के साथ उतरेगी टीम इंडिया
    क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार खत्म होने जा रहा है क्योंकि भारत और अफगानिस्तान की टीमें पूरे आठ साल बाद टेस्ट क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप में एक बार फिर टकराने के लिए तैयार हैं। दोनों देशों के बीच यह एकमात्र टेस्ट मैच शनिवार से मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम इस मुकाबले में नए और युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, वहीं दूसरी ओर अफगानिस्तान क्रिकेट टीम इस बार मजबूत तैयारी के साथ इतिहास रचने की पुरजोर कोशिश करेगी।

    अगर दोनों टीमों के हेड टू हेड रिकॉर्ड और इतिहास पर नजर डालें, तो टेस्ट प्रारूप में भारत का पलड़ा पूरी तरह भारी रहा है। भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक टेस्ट इतिहास में केवल एक ही मुकाबला खेला गया है। यह ऐतिहासिक मैच वर्ष 2018 में बेंगलुरु के मैदान पर आयोजित हुआ था, जो अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास का पहला टेस्ट मैच भी था। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को एक पारी और 262 रनों के विशाल अंतर से शिकस्त दी थी। यह ऐतिहासिक जीत आज भी टेस्ट क्रिकेट में रनों और पारी के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी जीतों में शुमार की जाती है। हालांकि, तब से लेकर अब तक वक्त काफी बदल चुका है और अफगान टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक नई पहचान बनाई है।

    इस बार मुल्लांपुर टेस्ट के लिए भारतीय चयनकर्ताओं ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए टीम में कई नए और युवा चेहरों को शामिल किया है, जिन पर चयनकर्ताओं के भरोसे को सही साबित करने का दारोमदार होगा। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी चमक बिखेरने वाले देवदत्त पडिक्कल को टीम में मौका मिला है। इसके अलावा पहली बार भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बने मानव सुथार, तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ और फिरकी गेंदबाज हर्ष दुबे जैसी नई प्रतिभाओं पर भी सभी खेल प्रेमियों और जानकारों की खास निगाहें टिकी रहेंगी।

    कागज पर भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम बेहद मजबूत, संतुलित और आक्रामक नजर आ रहा है। टीम के पास यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और देवदत्त पडिक्कल जैसे मैच जिताऊ बल्लेबाज मौजूद हैं। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए यह टेस्ट मैच अपनी लय और पुरानी फॉर्म में वापस लौटने का एक बेहतरीन सुनहरा अवसर माना जा रहा है। इसके साथ ही युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल और साई सुदर्शन भी भारतीय सरजमीं पर एक बड़ी और यादगार पारी खेलने के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेंगे।

    भले ही आंकड़े और परिस्थितियां टीम इंडिया के पक्ष में दिख रही हों, लेकिन भारतीय टीम अफगानिस्तान को किसी भी कीमत पर हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकती है। पिछले कुछ वर्षों में अफगानिस्तान ने सीमित ओवरों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेहद तेजी से प्रगति की है। उनके कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी, आक्रामक ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज, अनुभवी रहमत शाह और ऑलराउंडर अजमतुल्लाह उमरजई जैसे धाकड़ खिलाड़ी किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का माद्दा रखते हैं। हालांकि भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों में बेहद मजबूत है, लेकिन अफगानिस्तान के पास उलटफेर करने की पूरी क्षमता है, जिससे यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

  • वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ

    वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक्स को हिला देने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की तारीफ में अब विदेशी क्रिकेटर भी कसीदे पढ़ रहे हैं। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Liam Livingstone ने वैभव की बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में ऐसी बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी।

    लिविंगस्टन ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि आईपीएल में यह उनका सातवां सीजन था और उन्होंने दुनिया के कई बेहतरीन बल्लेबाजों को करीब से देखा है, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी कुछ अलग ही स्तर की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह की बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी। मैं कई महान खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, लेकिन वैभव जैसा प्रभाव किसी ने नहीं छोड़ा।”

    एलिमिनेटर में मचाया था तूफान
    वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए एलिमिनेटर मुकाबले में Sunrisers Hyderabad के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। यही मैच लिविंगस्टन के लिए भी सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन गया।

    ‘मिस हिट नाम की चीज नहीं थी’
    लिविंगस्टन ने वैभव की तकनीक और शॉट चयन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैभव गेंद को इतनी सफाई से मारते हैं कि उनके शॉट्स में मिस हिट लगभग देखने को नहीं मिलती।

    उन्होंने बताया, “शुरुआत में हमने उन्हें बाउंसर पर आउट किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह अपने खेल में सुधार किया, वह अविश्वसनीय था। जब हम बाउंसर डालते तो वह गेंद को थर्ड मैन की दिशा में भेज देते। फुल लेंथ गेंद डालते तो उसे भी बाउंड्री के पार पहुंचा देते। हमें समझ ही नहीं आता था कि आखिर उन्हें गेंद कहां फेंकी जाए।”

    आईपीएल 2026 में बनाया नया इतिहास
    वैभव के लिए आईपीएल 2026 सपनों जैसा रहा। उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस प्रदर्शन के दम पर वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इतना ही नहीं, उन्होंने टी20 दिग्गज Chris Gayle का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पूरे सीजन में 72 छक्के लगाकर वैभव आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    महज 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उसे देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार मान रहे हैं।

  • अफगानिस्तान सीरीज से विराट कोहली के बाहर होने की खबर, भारतीय टीम की बढ़ी चिंता

    अफगानिस्तान सीरीज से विराट कोहली के बाहर होने की खबर, भारतीय टीम की बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली । अफगानिस्तान के खिलाफ 13 जून से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज Virat Kohli हैमस्ट्रिंग चोट के कारण सीरीज से बाहर हो सकते हैं। हालांकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

    रिपोर्ट्स के अनुसार विराट कोहली फिलहाल हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। चोट कब और कैसे लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले के दौरान परेशानी हुई थी। फाइनल में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।

    कोहली की संभावित गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। खास बात यह है कि कप्तान Rohit Sharma की फिटनेस को लेकर भी सवाल बने हुए हैं। रोहित और Hardik Pandya दोनों को वनडे टीम में शामिल किया गया है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें सीरीज से पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा।

    13 जून से शुरू होगी सीरीज
    भारत और Afghanistan national cricket team के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 13 जून को धर्मशाला में खेला जाएगा। दूसरा मैच 17 जून को लखनऊ में होगा, जबकि तीसरा और अंतिम मुकाबला 20 जून को चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium में आयोजित किया जाएगा।

    यदि विराट कोहली वास्तव में सीरीज से बाहर होते हैं, तो टीम प्रबंधन को मध्यक्रम में नया संयोजन तैयार करना पड़ सकता है। चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को मौका देने पर भी विचार कर सकते हैं।

    आईपीएल 2026 में रहा शानदार प्रदर्शन
    विराट कोहली का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा था। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए और टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में चौथे स्थान पर रहे। उनका स्ट्राइक रेट 165 का रहा, जो उनके टी20 करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।

    फाइनल मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में नाबाद 75 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 25 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर आईपीएल फाइनल में अपनी सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी शानदार बल्लेबाजी की बदौलत उनकी टीम लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने में सफल रही।

    अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर भारतीय टीम प्रबंधन और मेडिकल अपडेट पर टिकी है। यदि कोहली पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो अफगानिस्तान सीरीज में भारत को अपने सबसे अनुभवी बल्लेबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ सकता है।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • जब अनुभव ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में गोल दागने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलरों की कहानी

    जब अनुभव ने रचा इतिहास, वर्ल्ड कप में गोल दागने वाले सबसे उम्रदराज फुटबॉलरों की कहानी


    नई दिल्ली । फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट माना जाता है। यहां गोल करना किसी भी खिलाड़ी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होता है। कई खिलाड़ी अपने करियर के शुरुआती दौर में चमकते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने बढ़ती उम्र के बावजूद विश्व मंच पर शानदार प्रदर्शन कर इतिहास रच दिया। आइए जानते हैं फीफा विश्व कप के इतिहास में सबसे अधिक उम्र में गोल करने वाले पांच खिलाड़ियों के बारे में।

    1. Roger Milla (कैमरून) – 42 वर्ष, 39 दिन
    फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे अधिक उम्र में गोल करने का रिकॉर्ड कैमरून के महान फुटबॉलर रोजर मिला के नाम दर्ज है। उन्होंने 1994 विश्व कप में रूस के खिलाफ मुकाबले में 42 वर्ष और 39 दिन की उम्र में गोल किया था। हालांकि यह मैच कैमरून 6-1 से हार गया था, लेकिन रोजर मिला का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। उनकी उपलब्धि को विश्व फुटबॉल के सबसे यादगार रिकॉर्ड्स में गिना जाता है।

    2. Pepe (पुर्तगाल) – 39 वर्ष, 283 दिन
    पुर्तगाल के अनुभवी डिफेंडर पेपे ने 2022 फीफा विश्व कप में स्विट्जरलैंड के खिलाफ शानदार गोल कर इतिहास रच दिया था। 39 वर्ष और 283 दिन की उम्र में किया गया उनका यह गोल उन्हें विश्व कप में गोल करने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बनाता है। उस मुकाबले में पुर्तगाल ने स्विट्जरलैंड को 6-1 से हराया था।

    3. Cristiano Ronaldo (पुर्तगाल) – 37 वर्ष, 292 दि
    विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े सितारों में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने 2022 विश्व कप में घाना के खिलाफ ग्रुप चरण के मैच में 37 वर्ष और 292 दिन की उम्र में गोल किया था। यह गोल मैच का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ और पुर्तगाल ने मुकाबला 3-2 से अपने नाम किया। रोनाल्डो विश्व कप के पांच अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं।

    4. Gunnar Gren (स्वीडन) – 37 वर्ष, 236 दिन
    स्वीडन के दिग्गज खिलाड़ी गुन्नार ग्रेन ने 1958 फीफा विश्व कप में पश्चिमी जर्मनी के खिलाफ 37 वर्ष और 236 दिन की उम्र में गोल किया था। उनके शानदार प्रदर्शन की बदौलत स्वीडन ने वह मुकाबला 3-1 से जीता। गुन्नार अपने दौर के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

    5. Cuauhtémoc Blanco (मेक्सिको) – 37 वर्ष, 151 दिन
    मेक्सिको के अनुभवी स्टार कुआउतेमोक ब्लैंको ने 2010 विश्व कप में फ्रांस के खिलाफ 37 वर्ष और 151 दिन की उम्र में गोल किया था। उनके गोल ने मेक्सिको की 2-0 की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ब्लैंको अपनी तकनीकी क्षमता और नेतृत्व के लिए प्रसिद्ध रहे हैं।

    क्या मेसी या रोनाल्डो तोड़ पाएंगे रिकॉर्ड?
    2026 फीफा वर्ल्ड कप में सभी की निगाहें Lionel Messi और Cristiano Ronaldo पर रहेंगी। यदि दोनों खिलाड़ी टूर्नामेंट में गोल करते हैं, तो उम्र के आधार पर कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड उनके नाम हो सकते हैं। हालांकि रोजर मिला का 42 वर्ष की उम्र में बनाया गया रिकॉर्ड अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।

  • निसांका-मेंडिस का बल्ला गरजा, श्रीलंका ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया

    निसांका-मेंडिस का बल्ला गरजा, श्रीलंका ने पहले वनडे में वेस्टइंडीज को 41 रन से हराया


    Sri Lanka national cricket team ने वेस्टइंडीज दौरे का आगाज शानदार जीत के साथ किया। किंग्स्टन के Sabina Park में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने हर विभाग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए West Indies cricket team को 41 रन से मात दी। इस जीत के साथ श्रीलंका ने वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।

    पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 303 रन बनाए। टीम की शुरुआत भले ही जल्दी झटका लगने से हुई, लेकिन इसके बाद Pathum Nissanka और Kusal Mendis ने पारी को मजबूती दी। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की शानदार साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

    निसांका ने 103 गेंदों पर 79 रन की संयमित पारी खेली, जिसमें 9 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं कुशल मेंडिस ने सिर्फ 62 गेंदों में 72 रन ठोकते हुए रनगति को तेज बनाए रखा। कप्तान Charith Asalanka ने 45 रन का उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में Janith Liyanage ने 29 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया।

    304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत ठीक रही। John Campbell और Justin Greaves ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़े। हालांकि इसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे।

    कप्तान Shai Hope ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 56 रन बनाए और टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की। Roston Chase ने 33 रन और जस्टिन ग्रीव्स ने 45 रन का योगदान दिया, लेकिन कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका।

    श्रीलंका की ओर से तेज गेंदबाज Dushmantha Chameera जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उन्होंने 67 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। Maheesh Theekshana ने दो विकेट हासिल किए, जबकि Wanindu Hasaranga को एक सफलता मिली।

    वेस्टइंडीज की पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन पर सिमट गई और श्रीलंका ने 41 रन की प्रभावशाली जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली। निसांका और मेंडिस की साझेदारी तथा चमीरा की घातक गेंदबाजी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।