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  • राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर

    राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर


    भोपाल । राजधानी भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में सोमवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 45 युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल अनुभव साझा करने का मंच बना, बल्कि लोकतंत्र, विकास और राजनीतिक मूल्यों पर गंभीर मंथन का अवसर भी साबित हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए राजनीति में अनुशासन, संवाद, पारदर्शिता और जनसेवा की अहमियत पर जोर दिया।

    युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता केवल पद पाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहने और उनके विश्वास को बनाए रखने से मिलती है। उन्होंने विनम्रता को जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ उसकी कमियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, क्योंकि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

    लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर
    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर देते हुए छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की असली शुरुआत कॉलेज जीवन से होती है, जहां युवाओं में सिस्टम को समझने और उससे सवाल करने की ऊर्जा होती है। उनके अनुसार, यदि छात्र राजनीति को प्रोत्साहन मिलेगा तो देश में लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि जनता के साथ दिल से जुड़ाव बनाना ज्यादा जरूरी है।

    आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका
    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डाल सकता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपनी सोशल मीडिया टीम को जिम्मेदार और सकारात्मक बनाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि आलोचनाओं से घबराने के बजाय सकारात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अंततः जनता सच्चाई को पहचानती है।

    अन्‍य विधायकों का संबोधन
    सम्मेलन में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संसदीय परंपराओं और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन वह तार्किक और रचनात्मक होना चाहिए। उन्होंने युवा विधायकों को सलाह दी कि वे सदन में अधिक समय बिताएं, अनुभवी नेताओं के विचार सुनें और अध्ययन के आधार पर अपनी पहचान बनाएं।

    विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। राजस्थान के विधायक गुरवीर सिंह ने खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर राज्य को कम से कम एक खेल को प्राथमिकता देनी चाहिए, जैसे ओडिशा ने हॉकी को अपनाया है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई पुस्तकालय स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

    सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाह ने लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता का विश्वास आज भी राजनीतिक व्यवस्था में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनावों में बढ़ते खर्च और अनैतिक तरीकों से लोकतंत्र की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, 2047 तक देश को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक व्यवस्था में सुधार जरूरी है।

    नेपानगर की विधायक मंजू दादू ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, और उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। इसी तरह, चाचौड़ा की विधायक प्रियंका मीणा ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच एक सेतु का काम करता है, इसलिए उसे दोनों के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना चाहिए।

    भोपाल उत्तर के विधायक आतिफ अकील ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सहयोग नहीं देते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने नक्सल समस्या को लेकर कहा कि अभी इसे पूरी तरह समाप्त घोषित करना जल्दबाजी होगी।

    सम्मेलन का समापन पारंपरिक लोक नृत्य और समूह फोटो के साथ हुआ। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कुल पांच सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हो रही है। 31 मार्च को दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा।

  • गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पलक मुच्छल, जानें सिंगर से जुड़ा दिलचस्प टूरिज्म किस्सा

    गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पलक मुच्छल, जानें सिंगर से जुड़ा दिलचस्प टूरिज्म किस्सा


    नई दिल्ली  बॉलीवुड की मशहूर सिंगर पलक मुच्छल (पलक मुच्छल) हमेशा घर में रहती हैं, कभी अपने शो की वजह से तो कभी अपने शो की चैरिटी के कारण। आज सिंगर पाल मुछल अपना जन्मदिन मना रही हैं तो आज इस खास दिन पर उनके करियर और उनके अनुयायियों से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं जो उनके परदा कलाकार हैं, रैना आज भी कई लोग आनंदित हैं।

    पलक मुच्छल (पलक मुच्छल) का प्रसिद्ध गायक
    अपने करियर की शुरुआत पला मुचल ने बचपन से ही कर ली थी। उन्होंने 4 साल की उम्र में भजन और देशभक्त गीत गाना शुरू कर दिया था। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेज शो करके मृतकों के परिजनों को धन मुहैया कराया, जिससे उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने जर्नलिस्ट में कई चैरिटी कॉन्सर्ट किए। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें बॉलीवुड में गानों का मौका मिला और उन्होंने फिल्मों में अपनी सुरीली आवाज से खास पहचान बनाई। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें एक सफल गायक बना दिया।

    पला मुच्छल के गाने
    सिंगर ने कई बेहतरीन गाने बनाए हैं। जैसे चाहूं मैं या ना, कौन हूं, मेरी आशिकी, ‘सनम तेरी कलम’, ‘इक मुलाकात’, ‘देखा हजारों दफा’ और ‘प्रेम रत्न धन पायो’ जैसे सुपरहिट गाने गाए हैं। इन प्यारे ने उन्हें बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स में शामिल किया। उनकी आवाज में एक खास संरचना और समानता गहराई है, जो सीधे दिल को छू जाती है।

    इस एक पल ने बदल दी लाइफ
    पाल बहुत कम उम्र से ही सुपरमार्केट में ही मंदों की मदद करती है। उन्होंने कहा, बचपन में ट्रेन से यात्रा के दौरान उनकी बातचीत बच्चों से हुई। ये वो पल था, जब उनकी जिंदगी बदल गई। उसी दिन उन्होंने खुद से वादा किया कि वो एक दिन उनकी मदद जरूर करेंगे। अब वो अपनी कमाई का काफी हिस्सा जिंदगी को बचाने में लगाती हैं।

    चैरिटी के लिए शो करते हैं
    पला मुच्छल ने भारत और फिल्म जगत में कई लाइव शोज किए हैं। उनके कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और उनके प्रशंसकों का आनंद लेते हैं। खास बात यह है कि उनके कई शो चैरिटी के लिए होते हैं, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं।

    पलक मुच्छल ने भारत और अपने बाहरी उद्यम बच्चों की मदद के लिए ‘पलक पलाश चैरिटेबल फाउंडेशन’ की स्थापना की। करीब 3800 हार्ट सर्जरी के लिए उन्हें पैसे से संबंधित विशेषज्ञ हैं। उनकी प्रतिभा और समाज सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली है, क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा चैरिटी कॉन्सर्ट करने का रिकॉर्ड बनाया है।

  • IPL 2026 में रोहित शर्मा का बड़ा धमाका, विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़कर बने नंबर 1

    IPL 2026 में रोहित शर्मा का बड़ा धमाका, विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़कर बने नंबर 1


    नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मुंबई इंडियंस के इस स्टार सुपरस्टार ने विराट कोहली को पीछे छोड़ नया कीर्तिमान बनाया है।

    एक टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने

    रोहित शर्मा अब आईपीएल इतिहास में एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 1161 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था, पंजाब किंग्स के खिलाफ 1159 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, रोहित ने इस मामले में डेविड वॉर्नर के खिलाफ भी पीछे छोड़ दिया, जहां नाम केकेआर के 1093 रन दर्ज हैं।

    78 रेस्तरां की पारी से असावधान जीत

    इस गुट में रोहित शर्मा का शानदार फॉर्म देखने को मिला। उन्होंने 38 ऑटोमोबाइल्स में 78 रेलवे की अंतिम फिल्में बनाईं, जिनमें 6 कंपनियां और 6 कंपनियां शामिल थीं। उनके साथ रयान रिकेल्टन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 43 गेंदों में 81 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 148 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी।

    मुंबई इंडियंस ने ऐतिहासिक रन चेज़ बनाया

    221 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर मैच अपने नाम किया। यह आईपीएल इतिहास में मुंबई का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी बन गया है।

    केकेआर की भी रही दमदार बैटल

    इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 220 रन बनाए थे। टीम की ओर से अजिंक्य लेफ्ट ने 67 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं फिन एलन ने 37 रन बनाये और अंग्रक्ष रघुवंशी ने 51 विकेट का योगदान दिया। अंत में रिंकू सिंह ने 33 रन बनाए।

  • पीएम मोदी की पहल से उत्साहित किसान, ‘मन की बात’ में मिला मछली पालन को बढ़ावा

    पीएम मोदी की पहल से उत्साहित किसान, ‘मन की बात’ में मिला मछली पालन को बढ़ावा


    नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की में मछली पालन का जिक्र होने की बात के बाद कर्नाटक के बेलगावी जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यक्रम में एक स्थानीय किसान के उद्यम के संचालक ने ग्रामीण उद्यमों को नई पहचान दी है।

    छोटे किसानों को मिली राष्ट्रीय पहचान

    बेलगावी तालुक के बोडाक्यतनट्टी गांव के युवा किसान राजेश लिंग हुद्दार ने इस उल्लेख को अपने लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनके काम को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना न सिर्फ उनके लिए है, बल्कि स्टार्स के छोटे किसानों के लिए भी प्रेरणा है।

    मछली पालन को बढ़ावा

    हुद्दार पिछले तीन वर्षों से मछली पालन का काम कर रहे हैं। उनका मानना ​​है कि प्रधानमंत्री इस क्षेत्र का जिक्र करने से मछली पालन को एक मुर्गी और मछली के रूप में पहचानते हैं। इस क्षेत्र में इस क्षेत्र में उत्साह का स्तर ऊंचा है।

    आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदम

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने माध्यम से मत्स्य पालन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अहम संदेश दिया। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और आय के नए स्रोत तलाशने के लिए प्रेरित किया।

    युवाओं के लिए नये अवसर

    हुद्दार का कहना है कि इस तरह के निर्देशक गांव के युवाओं को भी मछली पालन की ओर आकर्षित कर सकते हैं। सरकारी मान्यता और बचपन जागरूकता के साथ यह क्षेत्र रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है।

    स्थानीय समुदाय में गौरव का राक्षस

    ‘मन की बात’ में हुद्दार का जिक्र होने के बाद पूरे इलाके में घमंड का माहौल है। स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र की उपलब्धि मान रहे हैं और इसे खेती के पारंपरिक विकास के साथ नए विचारों के रूप में शामिल करते हुए देख रहे हैं।

  • गर्मियों में एलोवेरा जूस का कमाल: ठंडक, ग्लोइंग स्किन और डिटॉक्स का आसान उपाय

    गर्मियों में एलोवेरा जूस का कमाल: ठंडक, ग्लोइंग स्किन और डिटॉक्स का आसान उपाय


    नई दिल्ली गर्मी का मौसम शुरू हो गया है जिससे शरीर में थकान, थकान और त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में प्राकृतिक संरचनाओं की संरचना और वृद्धि होती है। एलोवेरा समुद्र में शरीर को ठंडक देने और अंदर से रखने का एक प्रभावशाली तरीका माना जाता है।

    आयुष मंत्रालय सेवन की सलाह भी देता है

    आयुष मंत्रालय ने भी गर्मियों में एलोवेरा साबुत खाद्य पदार्थों का सेवन को महत्व दिया है। एलोवेरा, जिसे घृतकुमारी भी कहा जाता है, अपने शीतल और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसके शरीर को ठंडा रखने से मदद मिलती है और गर्मी का प्रभाव कम होता है।

    शरीर को ठंडक और ऊर्जा मिलती है

    गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे चक्कर आना, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। एलोवेरा का नियमित सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

    त्वचा का निर्माण ग्लोइंग है

    गर्मियों में त्वचा रूखी, तैलीय या मुँहासों से प्रभावित हो सकती है। एलोवेरा कंपनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। यह दाग-धब्बों और पिंपल्स को कम करने में भी सहायक होता है।

    पाचन तंत्र के लिए हानिकारक

    गर्मी में कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। एलोवेरा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। यह शरीर से टॉक्सिन निकालने में भी सहायक होता है।

    शरीर को स्टॉक किया गया है

    पौष्टिक आहार के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। एलोवेरा साबुत शरीर को रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

    इम्युनिटी मजबूत होती है

    एलोवेरा में विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इससे समरलैण्ड में होने वाली बेरोजगारी से मुक्ति होती है।

    ऐसे करें सेवन

    फ्रेशलोव एलेरा के जेल में उसे पानी में पकड़ा गया। स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस, शहद या काला नमक मिलाया जा सकता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है। बाजार में मिलने वाले फलों की जगह ताजा और बिना चीनी वाला भोजन बेहतर होता है।

    आवश्यक सावधानी

    हालाँकि एलोवेरा साबूत बढ़िया है, लेकिन हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

  • इम्युनिटी बढ़ाने के 5 आसान तरीके, रोज अपनाएं और रहें स्वस्थ

    इम्युनिटी बढ़ाने के 5 आसान तरीके, रोज अपनाएं और रहें स्वस्थ


    नई दिल्ली मौसमी मौसम में गर्मी और शुरुआत के साथ बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए इसे बढ़ाने के लिए कुछ आसान से उपाय अपनाना चाहिए।

    भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पांच आसान और प्रभावी सलाह देता है, जिसके अनुसार प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए इन पांच इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है।

    पाठ्यपुस्तक के अनुसार इन पांच प्रयोगों में समानता से न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। ये सुझाव कोई भी उम्र के लोग आसानी से अपना सकते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार इन प्रयोगों को लंबे समय तक जारी रखने से बीमारियां कम होती हैं और शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है।

    गहरी नींद लेना : अच्छी और गहरी नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता का आधार है। रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की मीठी नींद लेनी चाहिए। नींद पूरी न होने से शरीर का रक्षा तंत्र ख़राब हो जाता है। सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूर रहें और रात का खाना देखें।

    अच्छा और प्रोफेशनल: बिजनेसमैन और प्लास्टिक आहार इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। साधारण फल, हरे पत्तेदार मसाला, दालें, अनाज और मेवे रोजमर्रा। आयुर्वेद में हल्दी दूध, अदरक, तुलसी, मिलावट और गिलोय जैसे घरेलू नुस्खों को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। जंक फूड और अधिकांश ताला-भुना भोजन से जिम्मेदारी लें।

    व्यायाम करें : नियमित व्यायाम या योगासन से शरीर मजबूत होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय रहती है। प्रतिदिन 30 से 45 मिनट व्यायाम, योग, प्राणायाम या व्यायाम करें। व्यायाम से रक्त संचार अच्छा होता है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद होता है।

    तनाव का प्रबंधन करें: तनाव लगातार प्रतिरक्षा को ख़राब करता है। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सिद्धांत या हॉबी रखें तनाव कम करने के अच्छे तरीके। आयुर्वेद में तनाव मुक्त जीवन को स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है।

    क्लिनिकल लाइव: शरीर में पानी की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। समरस्लैम में एक दिन में पर्याप्त पानी सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही पानी, छाछ, नारियल पानी या प्लांट टी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ। साबुत पानी शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

  • परवल का कमाल: गर्मी में ठंडक और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद

    परवल का कमाल: गर्मी में ठंडक और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद


    नई दिल्ली। कर्मचारियों के मौसम में सही बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस समय पाचन से जुड़े विकार जैसे कब्ज, गैस और गैस आम हो जाते हैं। ऐसे में परवल में एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आया है। पोषक तत्वों से भरपूर यह सब्जी न केवल पेट को मापती  है, बल्कि शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती है।

    पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

    परवल में प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है। नियमित उपभोग से उपभोग और गैस जारीकर्ताओं से राहत मिलती है। यह पेट को साफ रखने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अपच की परेशानी को दूर करता है।

    ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने वाले चिकित्सक

    परवल में मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर लेवल को स्टॉक में बनाए रखने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि अमेरिकियों के लिए इसे खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा यह ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर बनी रहती है।

    शरीर को डिटॉक्स करना पड़ता है

    परवल में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह खून को शुद्ध करता है और शरीर को अंदर से साफ रखने में सहायक होता है।

    त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बढ़िया

    गर्मियों में त्वचा से जुड़ी चीजें बढ़ती रहती हैं, लेकिन परवल का सेवन त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में नयापन लाते हैं। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत करता है।

    वजन में सहायक

    कम कैलोरी और अधिक मात्रा में मोटापा कम करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। यह लंबे समय तक पेट भरने का एहसास कराता है, जिससे ज्यादातर खाने की आदतों पर नियंत्रण रहता है।

    आयुर्वेद में ये भी खास जरूरी

    आयुर्वेद में परवल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह कफ और पित्त दोष को बनाए रखने में मदद करता है। प्राचीन ग्रंथों में इसका उपयोग पीलिया सहित कई दुकानदारों के इलाज के बारे में बताया गया है।

    कई प्रवेशार्थी से कर सकते हैं सेवन

    परवल को अलग-अलग सम्मिलित रूप से सम्मिलित किया जा सकता है। इसे सब्जी, भुजिया, चोखा, सूप, अचार या मिठाई के रूप में खाया जा सकता है. समरसाइल में फ्लैक्स बैकपैक या सब्जी बनी हुई परवल की सब्जी सबसे अच्छी मानी जाती है।

    ध्यान रखने योग्य बातें

    हालाँकि परवल जादुई है, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है। इसलिए कुछ लोगों को इसका सेवन से लेकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बेहतर होगा कि इसे नियमित आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लें।

  • RBI की पहल से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 1% की बढ़त के साथ खुला

    RBI की पहल से मजबूत हुआ रुपया, डॉलर के मुकाबले 1% की बढ़त के साथ खुला


    नई दिल्ली।सोमवार को भारतीय मुद्रा में बढ़ोतरी देखने को मिली, जब भारतीय रिजर्व बैंक की नई पहल के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 1.3 प्रतिशत बढ़कर 93.59 पर खुला। हाल के दिनों में लगातार दबाव झेल रहे रुपए के लिए यह एक बड़ी राहत मानी जा रही है।

    सट्टेबाजी पर लगाम के लिए RBI का बड़ा कदम

    रुपए में बढ़ोतरी का मुख्य कारण RBI का वह निर्देश है, जिसमें बैंकों को विदेशी मुद्रा बाजार में अपनी खुली स्थिति 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखने को कहा गया है। केंद्रीय बैंक ने अधिकृत डीलर बैंकों को साफ निर्देश दिया है कि वे दिन के अंत तक अपनी ऑनशोर स्थिति इसी सीमा के भीतर रखें।

    साथ ही, सभी चालू बैंकों को 10 अप्रैल तक इस नियम को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इससे बाजार में डॉलर की अटकलों पर रोक गिल और रुपए को स्थिरता मिलेगी।

    पहले गिरावट में था रुपया

    गौरतलब है कि मार्च के दौरान वैश्विक तनाव के कारण रुपया 4 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो गया था। पिछले हफ़्ते यह करीब 94.84 के स्तर तक गिर गया था, जिससे बाज़ार में चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में RBI का यह कदम बाज़ार में भरोसा बहाल करने के लिए अहम माना जा रहा है।

    कच्चे तेल की महंगाई बना दबाव

    हालांकि रुपए पर अभी भी दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देश की चिंता बढ़ गई है। महंगाई तेल महंगाई को बढ़ती है और इससे रुपए पर नेगेटिव असर पड़ता है।

    वैश्विक तनाव और डॉलर की मांग

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव, हूती विद्रोहियों की सक्रियता और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों के चलते वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे माहौल में डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव पड़ता है।

    आगे क्या कह रहे हैं विशेषज्ञ

    विश्लेषकों का दबाव है कि RBI का यह कदम अल्पकाल में रुपए को सहारा देगा। डॉलर की बड़ी स्थिति कम होने से बाजार में संतुलन आएगा और रुपए में बढ़ोतरी बनी रह सकती है। हालांकि, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो रुपए पर फिर से दबाव आ सकता है।

  • ग्वालियर में फर्जी सिम का भंडाफोड़: एक ही फोटो से सैकड़ों सिम सक्रिय, 1,000 रुपए में बेचे गए कनेक्शन

    ग्वालियर में फर्जी सिम का भंडाफोड़: एक ही फोटो से सैकड़ों सिम सक्रिय, 1,000 रुपए में बेचे गए कनेक्शन


    ग्वालियर।
    शहर में फर्जी सिम कार्ड के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। एक पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) शॉप संचालक ने एक ही व्यक्ति के आधार और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर सिम जारी किए। मामला तब उजागर हुआ जब जिस व्यक्ति की फोटो सिम फॉर्म में इस्तेमाल हो रही थी, वह खुद पुलिस के पास पहुंचा। पुलिस का अनुमान है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड में किया गया होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस खुलासे से कई अन्य साइबर फ्रॉड मामलों की कड़ियां जुड़ सकती हैं।

    जांच में सामने आया कि आरोपी उमेश कुशवाह (गिरवाई, मूल निवासी भिंड) ने अपने साथी आशीष नागर को इस नेटवर्क में शामिल किया। आशीष ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम सक्रिय करता था। हर सिम पर उसे लगभग 500 रुपए मिलते थे, जबकि उमेश एक सिम के लिए 1,000 से 1,500 रुपए वसूलता था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी को पुलिस कार्रवाई की भनक लग गई थी। उसने इंस्टाग्राम मैसेंजर पर अपने साथी को अंडरग्राउंड होने की सलाह दी। इस तरह सैकड़ों सिम कार्ड्स एक ही फोटो और आधार से फर्जी दस्तावेज के जरिए सक्रिय कर दिए गए।

    ऑपरेशन ‘FACE’ में पहली बड़ी कार्रवाई

    भोपाल मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन ‘FACE’ (फेशियल ऑथेंटिकेशन कम्प्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत यह ग्वालियर में पहली बड़ी कार्रवाई है। झांसी रोड थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

    एक ही इलाके के नाम पर सिम जारी

    पुलिस ने अब तक 7 फर्जी सिम बरामद किए हैं। ये सभी सिम गुढ़ा-गुढ़ी नाका क्षेत्र की प्रीतमपुर कॉलोनी और कुम्हारों के मोहल्ले के लोगों के नाम पर जारी किए गए थे, जबकि उनमें आशीष की फोटो लगी थी।

    जांच में बड़े खुलासे होने की उम्मीद

    पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी सिम नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क के खुलासे के बाद कई ऑनलाइन फ्रॉड में इन सिम कार्ड्स के इस्तेमाल की पुष्टि हो सकती है।

  • सोना और ईंधन की कीमत आज: सप्ताह की शुरुआत में सोना- सस्ता, पेट्रोल- डीजल की नई बिक्री जारी

    सोना और ईंधन की कीमत आज: सप्ताह की शुरुआत में सोना- सस्ता, पेट्रोल- डीजल की नई बिक्री जारी


    नई दिल्ली। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को सोने की जिले में गिरावट देखने को मिली। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना स्टॉक प्रति 10 ग्राम ₹1,48,210 है। वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,35,890 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालाँकि, एक सप्ताह में सोने की झील में बढ़त का आकलन भी किया गया था। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,100 तक महंगा हुआ था।

    अलग-अलग डिज़ाइन में सोने के रेट
    दिल्ली: ₹1,48,210 (24K), ₹1,35,890 (22K)
    मुंबई और कोलकाता: ₹1,48,080 (24K), ₹1,35,740 (22K)
    शहर: ₹1,49,010 (24K), ₹1,36,590 (22K)
    बैंगलोर और पुणे: ₹1,48,080 (24K), ₹1,35,740 (22K)
    भोपाल और फ़ाइल: ₹1,48,110 (24K), ₹1,35,790 (22K)

    चाँदी भी हुई
    सोने के साथ-साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। सोमवार सुबह सिल्वर का भाव ₹2,44,900 प्रति टिकट हो गया। पिछले हफ्ते सिल्वर में जबरदस्त रिलीज- देखने को मिला था। शुक्रवार को इसकी कीमत करीब ₹11,250 तक गिर गई थी। सोने और चांदी के उत्पादों से सिर्फ देश के लाभ से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर के डॉलर के डॉलर की स्थिति और कच्चे तेल के उत्पादों से भी प्रभावित होते हैं।

    पेट्रोल-डीजल की नई फैक्ट्री
    देश में हर दिन सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई मार्केटिंग कंपनियां चलती हैं। आज भी कई होटलों में मामूली बदलाव देखने को मिलते हैं।
    मुंबई: पेट्रोल ₹104.21 | डीजल ₹92.15
    कोलकाता: पेट्रोल ₹103.94 | डीजल ₹90.76
    शहर: पेट्रोल ₹100.75 | डीजल ₹92.34
    मुफ़्त: पेट्रोल ₹94.49 | डीजल ₹90.17
    बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹89.02
    पेट्रोल: ₹107.46 | डीजल ₹95.70
    जयपुर: पेट्रोल ₹104.72 | डीजल ₹90.21
    लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 | डीजल ₹87.80
    पुणे: पेट्रोल ₹104.04 | डीजल ₹90.57
    चंडीगढ़: पेट्रोल ₹94.30 | डीजल ₹82.45

    आम आदमी पर क्या असर होता है?
    पेट्रोल-डीजल की दुकानों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। महंगे होने से खाने-पीने की कीमत भी बढ़ सकती है। वहीं सोने-पुराने यूरोप में बदलाव निवेश और शादी-ब्याह के सीजन में भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। सप्ताह की शुरुआत में जहां सोना और चांदी चढ़े हैं, वहीं पेट्रोल-डीजल के मसालों में ज्यादा बड़ा बदलाव नहीं है। ऐसे में डायनासोर पर नजर रखना जरूरी है ताकि आप अपने खर्च और निवेश को बेहतर कर सकें।