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  • रवीना टंडन का बड़ा खुलासा, भीड़ ने घर के बाहर किया हंगामा; एक शख्स जबरन अंदर घुसा

    रवीना टंडन का बड़ा खुलासा, भीड़ ने घर के बाहर किया हंगामा; एक शख्स जबरन अंदर घुसा

    नई दिल्ली ।  बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने हाल ही में एक पुराने विवादित मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अभिनेत्री ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे एक वायरल वीडियो के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए थे और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था। रवीना ने इस पूरे मामले को बेहद डरावना और परेशान करने वाला अनुभव बताया।

    यह मामला साल 2024 का बताया जा रहा है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में अभिनेत्री और उनके ड्राइवर पर एक महिला के साथ बदसलूकी और कार से टक्कर मारने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि बाद में जांच और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सच्चाई अलग निकली, लेकिन उस समय स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।

    रवीना टंडन ने बताया कि वीडियो को इस तरह पेश किया गया, जिससे पूरा मामला गलत दिशा में चला गया। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर हंगामा खड़ा करना चाहते थे और उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। अभिनेत्री ने कहा कि जब उन्होंने स्थिति को शांत करने के लिए खुद बाहर जाकर बात करने की कोशिश की, तभी माहौल अचानक बेकाबू हो गया।

    उन्होंने बताया कि बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। उनके ड्राइवर को घेर लिया गया और स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें तुरंत पुलिस को बुलाना पड़ा। अभिनेत्री के मुताबिक, उनके ड्राइवर को धमकियां दी जा रही थीं और लोग उसे बाहर सौंपने की मांग कर रहे थे। रवीना ने कहा कि वह अपने कर्मचारी को अकेला छोड़ने की स्थिति में नहीं थीं, क्योंकि उन्हें डर था कि भीड़ उसके साथ हिंसा कर सकती है।

    रवीना ने इस घटना का सबसे डरावना हिस्सा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही तो उनका फोन तक छीनने की कोशिश हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति जबरन घर के भीतर घुस आया, जिसे उन्होंने खुद रोकते हुए बाहर धकेला। अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय घर में मौजूद महिलाएं और स्टाफ लगातार लोगों को रोकने की कोशिश कर रहे थे।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके घर के बाहर जो कुछ हो रहा था, वह बेहद भयावह था और उन्होंने ऐसी स्थिति की कभी कल्पना नहीं की थी। बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस जांच में साफ हो गया कि लगाए गए आरोप सही नहीं थे और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था।

    रवीना टंडन का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा। उन्होंने यह भी माना कि ऐसी घटनाएं किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बेहद तनावपूर्ण हो सकती हैं।

    यह खुलासा सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। फैंस अभिनेत्री के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं।

  • DU PG Admission 2026 शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

    DU PG Admission 2026 शुरू, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें

    नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित University of Delhi ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीजी में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र अब कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम यानी CSAS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार यूनिवर्सिटी ने नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत एक वर्षीय और दो वर्षीय मास्टर डिग्री प्रोग्राम भी शुरू किए हैं, जिससे छात्रों को नए विकल्प मिलेंगे।

    7 जून तक भर सकेंगे फॉर्म
    दिल्ली यूनिवर्सिटी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 16 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। छात्र 7 जून 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

    CUET PG स्कोर से होगा एडमिशन
    इस बार पीजी कोर्सेज में दाखिला केवल CUET PG 2026 स्कोर के आधार पर दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि संबंधित कोर्स में एडमिशन के लिए छात्रों को उसी विषय में CUET PG परीक्षा देना जरूरी होगा। जो छात्र फिलहाल ग्रेजुएशन के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें पात्रता की सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।

    DigiLocker फीचर से आसान होगी प्रक्रिया
    इस बार एडमिशन प्रक्रिया को ज्यादा आसान और डिजिटल बनाने के लिए DigiLocker/API Setu आधारित ऑटो-इंटीग्रेशन फीचर जोड़ा गया है। इसके जरिए छात्रों का नाम, जन्मतिथि, श्रेणी और CUET स्कोर जैसी जानकारी स्वतः पोर्टल पर अपडेट हो जाएगी। इससे दस्तावेज अपलोड करने में आसानी होगी और गलतियों की संभावना भी कम रहेगी।

    आवेदन शुल्क कितना है?
    यूनिवर्सिटी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार तय किया गया है-
    SC/ST/PwBD वर्ग : ₹100 प्रति प्रोग्राम
    UR/OBC-NCL/EWS वर्ग : ₹250 प्रति प्रोग्राम
    छात्र एक से अधिक कोर्स के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन प्रत्येक प्रोग्राम के लिए अलग शुल्क देना होगा।

    कौन-कौन से डॉक्यूमेंट होंगे जरूरी?
    आवेदन के दौरान छात्रों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जिनमें-
    CUET PG स्कोर कार्ड
    ग्रेजुएशन मार्कशीट
    पासपोर्ट साइज फोटो
    हस्ताक्षर
    कैटेगरी सर्टिफिकेट (यदि लागू हो)
    आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र

    छात्रों को दी गई खास सला
    दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों से कहा है कि वे एडमिशन से जुड़ी हर अपडेट के लिए आधिकारिक CSAS पोर्टल नियमित रूप से चेक करते रहें। सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने शुरुआती तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी साझा की है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द फॉर्म भरना बेहतर रहेगा।

    नए कोर्स और बढ़ते अवसर
    NEP के तहत शुरू किए गए नए मास्टर प्रोग्राम्स के चलते छात्रों को अब अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और स्पेशलाइजेशन का मौका मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दिल्ली यूनिवर्सिटी के ये नए कोर्स छात्रों के करियर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

  • PBKS vs RCB: धर्मशाला में प्लेऑफ की जंग, कौन मारेगा बाजी?

    PBKS vs RCB: धर्मशाला में प्लेऑफ की जंग, कौन मारेगा बाजी?


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है और अब हर मुकाबला प्लेऑफ की तस्वीर बदल सकता है। ऐसे में Punjab Kings और Royal Challengers Bengaluru के बीच होने वाला मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। धर्मशाला के खूबसूरत हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में दोनों टीमें जीत के इरादे से उतरेंगी। फैंस को इस मैच में चौकों-छक्कों की बारिश और कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

    पंजाब किंग्स इस सीजन में काफी संतुलित टीम नजर आई है। टीम के बल्लेबाज लगातार रन बना रहे हैं, जबकि गेंदबाजों ने भी दबाव के मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर पंजाब जीत दर्ज करना चाहेगी। दूसरी तरफ आरसीबी की टीम भी जबरदस्त फॉर्म में दिखाई दे रही है। टीम के स्टार बल्लेबाज लगातार मैच जिताने वाली पारियां खेल रहे हैं। गेंदबाजी यूनिट भी संतुलित नजर आ रही है, जिससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है।

    कैसी रहेगी धर्मशाला की पिच?
    धर्मशाला की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे बड़े स्कोर बनने की संभावना रहती है। हालांकि शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को स्विंग और उछाल मिल सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है।

    हेड टू हेड रिकॉर्ड
    दोनों टीमों के बीच अब तक मुकाबला काफी रोमांचक रहा है। पिछले कुछ मैचों में पंजाब ने बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन आरसीबी के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। यही वजह है कि इस मुकाबले को बराबरी की टक्कर माना जा रहा है।

    संभावित प्लेइंग इलेवन
    पंजाब किंग्स
    प्रभसिमरन सिंह
    शिखर धवन
    लियाम लिविंगस्टोन
    जितेश शर्मा
    सैम करन
    शशांक सिंह
    हरप्रीत बराड़
    कगिसो रबाडा
    अर्शदीप सिंह
    राहुल चाहर
    हर्षल पटेल

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु
    विराट कोहली
    फाफ डु प्लेसिस
    रजत पाटीदार
    ग्लेन मैक्सवेल
    कैमरून ग्रीन
    दिनेश कार्तिक
    महिपाल लोमरोर
    मोहम्मद सिराज
    यश दयाल
    कर्ण शर्मा
    लॉकी फर्ग्यूसन
    किस टीम का पलड़ा भारी?
    अगर मौजूदा फॉर्म और संतुलन की बात करें तो मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है। पंजाब को घरेलू मैदान का फायदा मिल सकता है, लेकिन आरसीबी की बल्लेबाजी लाइनअप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में जो टीम दबाव के क्षणों को बेहतर संभालेगी, जीत उसी के खाते में जा सकती है।

    कब और कहां देखें मैच?
    आईपीएल 2026 का यह मुकाबला टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर प्रसारित किया जाएगा, जबकि ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध रहेगी।

  • 12वीं के बाद ऐसे बनें Architect, जानिए एंट्रेंस एग्जाम से लेकर सैलरी तक पूरी डिटेल

    12वीं के बाद ऐसे बनें Architect, जानिए एंट्रेंस एग्जाम से लेकर सैलरी तक पूरी डिटेल


    नई दिल्ली। अगर आप 12वीं के बाद ऐसा करियर चुनना चाहते हैं, जिसमें क्रिएटिविटी, टेक्नोलॉजी और शानदार कमाई तीनों का बेहतरीन कॉम्बिनेशन हो, तो आर्किटेक्चर आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के दौर में प्रोफेशनल आर्किटेक्ट्स की मांग लगातार बढ़ रही है। एक Architect सिर्फ इमारतों का डिजाइन तैयार नहीं करता, बल्कि स्पेस प्लानिंग, सुरक्षा, पर्यावरण और आधुनिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पूरी संरचना की योजना बनाता है।

    आर्किटेक्ट बनने के लिए सबसे पहले 12वीं कक्षा PCM यानी Physics, Chemistry और Mathematics विषयों के साथ पास करना जरूरी होता है। इसके बाद छात्रों को B.Arch यानी बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर कोर्स में एडमिशन लेना होता है। यह 5 साल का प्रोफेशनल डिग्री कोर्स है, जिसे पूरा करने के बाद छात्र आर्किटेक्ट के रूप में करियर शुरू कर सकते हैं।

    देश के प्रतिष्ठित आर्किटेक्चर कॉलेजों में दाखिले के लिए NATA (National Aptitude Test in Architecture) और JEE Main Paper 2 जैसी प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। इन परीक्षाओं में छात्रों की ड्रॉइंग स्किल, क्रिएटिविटी, लॉजिकल सोच और गणितीय क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। अच्छे स्कोर के आधार पर छात्रों को टॉप सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में प्रवेश मिलता है।

    आर्किटेक्चर की पढ़ाई के दौरान छात्रों को बिल्डिंग डिजाइन, ड्राफ्टिंग, 3D मॉडलिंग, अर्बन प्लानिंग, इंटीरियर डिजाइन और कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी जैसी कई चीजें सिखाई जाती हैं। इसके साथ ही आज के डिजिटल दौर में AutoCAD, Revit, SketchUp, BIM और 3D Visualization जैसे सॉफ्टवेयर की जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है। जिन छात्रों की डिजाइनिंग और टेक्निकल स्किल मजबूत होती है, उन्हें बेहतर अवसर आसानी से मिल जाते हैं।

    इस फील्ड में सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन स्किल, प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी और क्रिएटिव सोच भी बेहद अहम होती है। एक सफल आर्किटेक्ट को क्लाइंट की जरूरत समझकर डिजाइन तैयार करना होता है, इसलिए प्रेजेंटेशन और प्लानिंग स्किल्स भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

    डिग्री पूरी करने के बाद छात्र आर्किटेक्चर फर्म, रियल एस्टेट कंपनियों, सरकारी विभागों, स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में नौकरी कर सकते हैं। कई छात्र अनुभव लेने के बाद अपना खुद का आर्किटेक्चर स्टूडियो या डिजाइन कंसल्टेंसी भी शुरू करते हैं।

    अगर सैलरी की बात करें तो शुरुआती दौर में एक फ्रेशर आर्किटेक्ट को सालाना 3 लाख से 6 लाख रुपए तक का पैकेज मिल सकता है। वहीं अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने के साथ यह कमाई 10 लाख रुपए सालाना या उससे भी अधिक पहुंच सकती है। विदेशों में भी भारतीय आर्किटेक्ट्स की काफी डिमांड रहती है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले वर्षों में ग्रीन बिल्डिंग, सस्टेनेबल डिजाइन और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते ट्रेंड के कारण आर्किटेक्चर सेक्टर में करियर के अवसर तेजी से बढ़ने वाले हैं। ऐसे में क्रिएटिव और टेक्निकल सोच रखने वाले छात्रों के लिए यह फील्ड सुनहरा भविष्य साबित हो सकती है।

  • शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल

    शिवपुरी में पुरानी रंजिश पर खूनी संघर्ष, कई लोग घायल


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के खद्द गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गड़ासी, लाठी-डंडों और बंदूक तक का इस्तेमाल किया गया। घटना में दोनों पक्षों के 6 से 7 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच पिछले करीब आठ महीने से विवाद चला आ रहा था। बताया जा रहा है कि पहले एक पक्ष का युवक दूसरे पक्ष की बहू को अपने साथ ले गया था। बाद में पुलिस ने महिला को बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच तनाव बना हुआ था और आए दिन विवाद की स्थिति बन रही थी।

    शनिवार सुबह यह रंजिश फिर हिंसक झड़प में बदल गई। खद्द गांव निवासी बृजमोहन यादव अपने भाई सियाराम यादव के साथ खेत पर पानी की मोटर चालू करने पहुंचे थे। इसी दौरान गांव के ऐवरन यादव, वीरू यादव, सिंधिया यादव और मेघसिंह यादव वहां आ गए। आरोप है कि ऐवरन यादव बंदूक लेकर पहुंचा था और आते ही पुरानी दुश्मनी को लेकर गाली-गलौज शुरू कर दी।

    विवाद बढ़ने पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गड़ासी और लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में सियाराम यादव के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि सेवा यादव के हाथ, रामहेत यादव के माथे और हाथ, लोकेन्द्र यादव के कंधे और पैर तथा राजेन्द्र यादव के सिर में चोटें आईं। बीच-बचाव करने पहुंचे बृजमोहन यादव भी घायल हो गए।

    घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में सभी का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही बैराड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।

    पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और हमला करने के आरोप लगाए हैं। इसी आधार पर क्रॉस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान बंदूक का इस्तेमाल हुआ था या नहीं।

    गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।

  • आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: महिला उद्यमियों के लिए दिल्ली सरकार का ऐतिहासिक आर्थिक पैकेज

    आत्मनिर्भरता की नई उड़ान: महिला उद्यमियों के लिए दिल्ली सरकार का ऐतिहासिक आर्थिक पैकेज

    नई दिल्ली ।  दिल्ली सरकार ने राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स को अब 10 करोड़ रुपये तक का बिना गिरवी ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इस ऋण की पूरी गारंटी स्वयं दिल्ली सरकार लेगी, जिससे महिलाओं को बिना किसी संपत्ति के जोखिम के बड़ा वित्तीय सहयोग मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को महिलाओं की उद्यमिता को नई दिशा देने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी की हर महिला केवल घरेलू कार्यों तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कौशल और क्षमता के आधार पर एक सफल उद्यमी बन सके। इसके लिए वित्तीय सहायता सबसे महत्वपूर्ण आधार है, जिसे मजबूत करने के लिए यह योजना लागू की जा रही है।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला स्वयं सहायता समूहों और स्टार्टअप्स को केवल ऋण ही नहीं दिया जाएगा, बल्कि उनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए भी व्यापक मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत बड़े मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्सों में स्वदेशी उत्पादों के लिए नियमित प्रदर्शन और बिक्री के अवसर दिए जाएंगे, ताकि स्थानीय उत्पादों को एक स्थायी और मजबूत बाजार मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में ‘स्वदेशी अपनाओ’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे विचार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और दिल्ली सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि भारत में बने हस्तशिल्प, खादी, घरेलू उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुएं किसी भी विदेशी उत्पाद से कम नहीं हैं, जरूरत केवल उन्हें सही पहचान और बाजार देने की है।

    इस अवसर पर यह भी बताया गया कि सरकार बैंकिंग संस्थानों के साथ मिलकर महिलाओं को आसान और सरल ऋण प्रक्रिया उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय पहुंच को मजबूत करने के लिए बैंकिंग व्यवस्था को और अधिक सक्रिय बनाया जा रहा है, ताकि महिलाओं को किसी भी स्तर पर आर्थिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

    सरकार का मानना है कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी तो समाज और परिवार दोनों की स्थिति मजबूत होगी। इसी उद्देश्य से महिलाओं को छोटे उद्योगों, हस्तनिर्मित उत्पादों और स्टार्टअप गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

    इसके अलावा सरकार ने यह भी बताया कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न मेलों और प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा, जहां महिला उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। ऐसे आयोजनों से उन्हें न केवल बाजार मिलेगा, बल्कि अपने व्यवसाय को विस्तार देने का अनुभव भी प्राप्त होगा।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विदेशी वस्तुओं की बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे देश के छोटे उद्योगों और कारीगरों को सीधा लाभ मिल सके।

    यह नई योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का एक बड़ा अवसर भी है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दिल्ली की महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करें, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

  • तकनीक और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम: गुजरात में स्व-गणना शुरू, राज्यभर में जनगणना प्रक्रिया को मिला नया आयाम

    तकनीक और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम: गुजरात में स्व-गणना शुरू, राज्यभर में जनगणना प्रक्रिया को मिला नया आयाम

    नई दिल्ली ।  गुजरात में जनगणना-2027 की तैयारियों के बीच एक नए डिजिटल युग की शुरुआत देखने को मिल रही है, जहां स्व-गणना प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया गया है और राज्य सरकार ने नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है। इस पहल के तहत लोगों को यह सुविधा दी गई है कि वे अपने घर और परिवार से जुड़ी आवश्यक जानकारी स्वयं ऑनलाइन माध्यम से दर्ज कर सकें, जिससे न केवल प्रक्रिया तेज होगी बल्कि डेटा संग्रह अधिक सटीक और पारदर्शी भी बन सकेगा। इस महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत राज्य के शीर्ष नेतृत्व द्वारा स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर की गई, जिससे यह संदेश दिया गया कि यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि नागरिकों के पास एक निश्चित अवधि के भीतर अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर होगा, जिसके बाद फील्ड स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन और विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है और पहली बार जनगणना को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक आधुनिक स्वरूप दिया गया है, जिससे डेटा संग्रह की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार की उम्मीद है।

    इस व्यवस्था के तहत लोगों से उनके आवास, परिवार के सदस्यों, उपलब्ध सुविधाओं और जीवन स्तर से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी ली जा रही है, ताकि नीति निर्माण और विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। सरकार का मानना है कि जब वास्तविक और सटीक डेटा उपलब्ध होगा, तो सामाजिक कल्याण योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। इसी के साथ पारंपरिक घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया भी जारी रखी गई है ताकि उन लोगों तक भी पहुंच सुनिश्चित हो सके जो डिजिटल माध्यम का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। फील्ड स्तर पर नियुक्त कर्मचारी मोबाइल तकनीक के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।

    राज्य में इस स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर लोगों में जागरूकता और भागीदारी बढ़ रही है, और बड़ी संख्या में परिवार इस डिजिटल पहल से जुड़कर अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं। यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाता है बल्कि नागरिकों को भी एक सरल और सुरक्षित माध्यम प्रदान करता है जिसके जरिए वे सीधे इस राष्ट्रीय प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। जनगणना को लेकर यह नया दृष्टिकोण आने वाले समय में देशभर में डेटा प्रबंधन और नीति निर्माण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है, क्योंकि यह पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करता है और विकास योजनाओं को अधिक वास्तविक आधार प्रदान करता है।

  • भारतीय रेल वित्त निगम की आक्रामक रणनीति, कर्ज मंजूरी और फंड जुटाने का बड़ा रोडमैप तैयार

    भारतीय रेल वित्त निगम की आक्रामक रणनीति, कर्ज मंजूरी और फंड जुटाने का बड़ा रोडमैप तैयार

    नई दिल्ली ।  भारतीय रेलवे से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं को मजबूत आधार देने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारतीय रेल वित्त निगम (IRFC) ने चालू वित्त वर्ष के लिए एक बड़ा और महत्वाकांक्षी विस्तार लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके तहत कंपनी ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ऋण मंजूरी का लक्ष्य तय किया है। यह कदम न केवल कंपनी की बढ़ती वित्तीय क्षमता को दर्शाता है, बल्कि देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में उसके विस्तारशील योगदान को भी रेखांकित करता है। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के अनुसार, मजबूत परियोजना पाइपलाइन और लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए यह लक्ष्य पूरी तरह व्यावहारिक और विकासोन्मुख है, जिससे रेलवे और संबंधित क्षेत्रों में निवेश की गति और तेज होगी।

    IRFC ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए एक और बड़ा लक्ष्य तय करते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से लगभग 70,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है, जिससे कंपनी अपनी वित्तीय संरचना को और अधिक मजबूत और विविध बना सके। यह पूंजी जुटाने की रणनीति कंपनी को केवल रेलवे फाइनेंसिंग तक सीमित न रखकर एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग संस्था के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    पिछले वित्तीय वर्ष में भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था, जहां उसने लगभग 72,949 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी और 35,067 करोड़ रुपये का वितरण किया था, जो उसके वार्षिक अनुमानों से अधिक रहा। इस प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि IRFC की वित्तीय क्षमता और परियोजना निष्पादन की गति दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं। इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 7,009 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7.8 प्रतिशत अधिक है। लगातार बढ़ते लाभ और मजबूत बैलेंस शीट ने कंपनी की बाजार स्थिति को और मजबूत किया है।

    कंपनी की परिसंपत्तियां भी तेजी से बढ़कर 4.85 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जबकि इसका नेटवर्थ 56,748 करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर दर्ज किया गया है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि IRFC न केवल पारंपरिक रेलवे वित्तपोषण तक सीमित है, बल्कि अब यह बिजली उत्पादन, नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन और उर्वरक जैसे विविध क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। इस रणनीतिक विविधीकरण ने कंपनी की आय संरचना को अधिक स्थिर और मजबूत बनाने में मदद की है।

    IRFC ने अब तक शून्य एनपीए की स्थिति बनाए रखी है, जो उसकी मजबूत वित्तीय अनुशासन और जोखिम प्रबंधन क्षमता को दर्शाता है। कंपनी का शुद्ध ब्याज मार्जिन भी लगातार सुधार के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसे आने वाले समय में और बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है। भारतीय रेलवे द्वारा नए ऋण वितरण का उपयोग कम करने के बाद IRFC ने अपनी भूमिका को और व्यापक बनाते हुए विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया है, जिससे यह एक बहुआयामी वित्तीय संस्था के रूप में उभर रही है।

    आने वाले समय में IRFC की यह विस्तार रणनीति देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बड़े स्तर पर निवेश को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, जिससे न केवल रेलवे परियोजनाओं को लाभ मिलेगा, बल्कि ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्रों में भी विकास की रफ्तार तेज हो सकती है।

  • ट्रंप की एक पोस्ट से फिर गरमाया पश्चिम एशिया! ईरान पर नए हमले की अटकलों से दुनिया में हलचल

    ट्रंप की एक पोस्ट से फिर गरमाया पश्चिम एशिया! ईरान पर नए हमले की अटकलों से दुनिया में हलचल


    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट ने नए सैन्य टकराव की आशंकाओं को हवा दे दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह युद्धपोत पर सैन्य अधिकारियों के साथ खड़े नजर आए। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा— “तूफान से पहले की शांति।” इस एक लाइन ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है और माना जा रहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर बड़ा कदम उठा सकता है।

    तस्वीर में ट्रंप समुद्र के बीच युद्धपोत पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। पीछे ईरान का झंडा लगे जहाज और तूफानी मौसम जैसे दृश्य नजर आ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्ट केवल प्रतीकात्मक नहीं बल्कि ईरान को सीधी चेतावनी भी हो सकती है। खास बात यह है कि हाल के दिनों में ट्रंप कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि अगर ईरान के साथ समझौता नहीं हुआ तो उसे “गंभीर परिणाम” भुगतने पड़ सकते हैं।

    इसी बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स ने तनाव और बढ़ा दिया है। द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0” नाम की योजना तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक इस योजना में ईरान के सैन्य ठिकानों और अहम बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा विशेष सैन्य अभियान और रणनीतिक इलाकों पर कब्जे जैसे विकल्पों पर भी चर्चा चल रही है।

    अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी संकेत दिए हैं कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई तेज कर सकता है। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि हमला कब और किस स्तर पर हो सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना के पास कई विकल्प तैयार हैं, लेकिन अंतिम फैसला अब भी राष्ट्रपति ट्रंप के हाथ में है।

    दूसरी तरफ ईरान ने भी कड़ा रुख अपना लिया है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने गलत कदम उठाया तो उसका जवाब भी उसी भाषा में मिलेगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन युद्ध की स्थिति में पीछे हटने वाला नहीं है।

    गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान से जुड़े ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। इसके बाद 8 अप्रैल को अस्थायी सीजफायर जरूर हुआ, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ। अब ट्रंप की नई पोस्ट और अमेरिकी सैन्य तैयारियों की खबरों ने पश्चिम एशिया में फिर बड़े संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। दुनिया की नजरें अब वॉशिंगटन और तेहरान पर टिकी हैं, क्योंकि एक गलत फैसला पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक सकता है।

  • एमसीडी क्षेत्रों में जनगणना अभियान की शुरुआत, हर घर से जुटाई जाएगी विस्तृत जनसांख्यिकी जानकारी

    एमसीडी क्षेत्रों में जनगणना अभियान की शुरुआत, हर घर से जुटाई जाएगी विस्तृत जनसांख्यिकी जानकारी


    नई दिल्ली ।  देश की राजधानी में जनसंख्या और आवास से जुड़े आंकड़ों को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जनगणना 2027 की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस प्रक्रिया के पहले चरण की शुरुआत एमसीडी क्षेत्रों में घर-घर सर्वेक्षण के साथ की गई है, जिसमें मकानों की सूची तैयार करने और परिवारों से संबंधित विस्तृत जानकारी एकत्र करने का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी घर या परिवार का डेटा छूट न जाए और शहर की वास्तविक जनसंख्या संरचना को सही ढंग से समझा जा सके।

    इस व्यापक अभियान के तहत लगभग 32 लाख मकानों का विस्तृत सर्वे किया जाएगा, जिसके लिए पूरे क्षेत्र को 46 हजार से अधिक छोटे ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में करीब 180 से 200 घर शामिल किए गए हैं और अनुमान है कि हर ब्लॉक में 700 से 800 लोग निवास करते हैं। इस कार्य के लिए लगभग 50 हजार जनगणना कर्मियों को तैनात किया गया है, जो निर्धारित क्षेत्रों में जाकर डिजिटल टैबलेट के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे और उसे सीधे ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज करेंगे।

    इस प्रक्रिया में प्रत्येक जनगणना कर्मी को एक निश्चित ब्लॉक सौंपा गया है और उन्हें घर-घर जाकर परिवारों की स्थिति, मकान की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े लगभग 33 प्रश्नों के उत्तर दर्ज करने होंगे। इस बार विशेष रूप से किरायेदारों के आंकड़ों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि शहर की बड़ी आबादी किराए के मकानों में रहती है। इस डेटा के आधार पर शहरी विकास और भविष्य की योजनाओं को अधिक प्रभावी और वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

    सर्वेक्षण के दौरान यदि किसी घर में ताला लगा हुआ मिलता है तो संबंधित कर्मी दोबारा वहां जाएंगे और यदि कोई परिवार दिन में उपलब्ध नहीं होता है तो उनके घर का दौरा देर रात तक भी किया जा सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर परिवार का डेटा सही तरीके से दर्ज किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जनगणना कर्मियों और सुपरवाइजरों की निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की गई है, जहां हर छह कर्मियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात किया गया है।

    इसके साथ ही नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जनगणना कर्मियों की पहचान को भी सत्यापित करने की व्यवस्था की गई है, जिसमें उनके पहचान पत्र और क्यूआर कोड स्कैन करके उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सकती है। पहले से ही कई लोगों ने स्व-गणना के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर दी है, जिसे आगे चलकर फील्ड सर्वे के दौरान सत्यापित किया जाएगा।

    कुल मिलाकर यह पूरा अभियान न केवल जनसंख्या के सटीक आंकड़े जुटाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह शहरी नियोजन, संसाधन प्रबंधन और विकास योजनाओं के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा, जिससे आने वाले वर्षों में शहर के विकास को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाया जा सकेगा।