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  • T20 वर्ल्ड कप 2026 विवाद: बांग्लादेश के बहिष्कार से ICC के सामने संकट, क्रिकेट में बढ़ी राजनीति की तपिश

    T20 वर्ल्ड कप 2026 विवाद: बांग्लादेश के बहिष्कार से ICC के सामने संकट, क्रिकेट में बढ़ी राजनीति की तपिश


    नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार का औपचारिक ऐलान कर दिया। भारत में प्रस्तावित इस मेगा टूर्नामेंट से हटने के फैसले के पीछे बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं और मौजूदा राजनीतिक हालात का हवाला दिया है। इस फैसले ने न केवल इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की मुश्किलें बढ़ा दी हैं बल्कि पूरे टूर्नामेंट के शेड्यूल, ग्रुप समीकरण और एशियाई क्रिकेट की राजनीति को भी नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।

    बांग्लादेश सरकार, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों ने एकजुट होकर यह स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत जाकर खेलना सुरक्षित नहीं है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC पर सीधे तौर पर आरोप लगाते हुए कहा कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि बांग्लादेश किसी भी अंतरराष्ट्रीय दबाव में आकर अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा।

    ICC पहले ही यह साफ कर चुका था कि T20 वर्ल्ड कप के मुकाबले तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही होंगे और किसी भी हाल में वेन्यू बदला नहीं जाएगा। इसके बावजूद बांग्लादेश अपने फैसले पर अडिग रहा। 21 जनवरी को ICC से आधिकारिक संदेश मिलने के बाद BCB अध्यक्ष ने सरकार के खेल सलाहकार से मुलाकात की। इसके अगले दिन खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें सभी खिलाड़ियों ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया। इसके बाद BCB ने औपचारिक रूप से ICC को सूचित कर दिया कि यदि मैचों का वेन्यू श्रीलंका नहीं बदला गया तो बांग्लादेश टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेगा।

    ICC की 21 जनवरी को हुई अहम बैठक में बांग्लादेश ने अपने मैच भारत से बाहर कराने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव पर वोटिंग कराई गई, जिसमें 16 में से 14 देशों ने बांग्लादेश के खिलाफ मतदान किया। केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके बाद ICC ने बयान जारी कर कहा कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों, अधिकारियों या दर्शकों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस खतरा नहीं है और टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार ही होगा।

    टूर्नामेंट शेड्यूल के मुताबिक बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया था। टीम का पहला मुकाबला 7 फरवरी 2026 को वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होना था। इसके बाद 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और 17 फरवरी को नेपाल के खिलाफ मैच खेले जाने थे। अब बांग्लादेश के हटने से यह पूरा शेड्यूल अधर में लटक गया है।विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत-बांग्लादेश के हालिया राजनीतिक तनाव का असर अब क्रिकेट पर साफ दिखने लगा है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक मुद्दों, आईपीएल 2026 से मुस्ताफिजुर रहमान के बाहर होने और आईपीएल के प्रसारण से जुड़े फैसलों ने रिश्तों में और कड़वाहट बढ़ाई है।

    बांग्लादेश के बाहर होने के बाद बड़ा सवाल यह है कि उसकी जगह कौन लेगा। चर्चाएं हैं कि स्कॉटलैंड को मौका दिया जा सकता है, हालांकि इस पर अभी ICC की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। बांग्लादेश के बहिष्कार ने ICC की साख और आयोजन क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब दुनिया की नजरें ICC के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह इस संकट से कैसे निपटता है और T20 वर्ल्ड कप 2026 को बिना किसी बड़े झटके के आगे बढ़ा पाता है या नहीं।

  • महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान

    महाराष्ट्र के 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय, BMC को लेकर सियासी घमासान


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र की नगर निगम राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य के 29 नगर निगमों में से 15 नगर निगमों में महिला महापौर तय हो गई हैं। गुरुवार को मुंबई में शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की मौजूदगी में लॉटरी प्रणाली के जरिए महापौर पदों के लिए आरक्षण की घोषणा की गई। इस फैसले के साथ ही राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट ने विशेष रूप से बृहन्मुंबई महानगरपालिका को लेकर नियम बदलने का आरोप लगाया है।
    लॉटरी प्रक्रिया के तहत 29 नगर निगमों में से 16 महापौर पद अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष 13 पद सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। महिला आरक्षण के 50 प्रतिशत नियम के तहत 15 नगर निगमों में महिला महापौर का चयन सुनिश्चित हुआ है। मुंबई नगर निगम में यह छठा अवसर होगा जब किसी महिला को महापौर बनने का मौका मिलेगा।

    हालांकि इस फैसले को लेकर विपक्ष ने तीखी आपत्ति जताई है। पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि पिछले दो कार्यकालों में मुंबई के महापौर सामान्य वर्ग से चुने गए थे। ऐसे में इस बार OBC या ST वर्ग को अवसर मिलना चाहिए था। उनका आरोप है कि सरकार ने लॉटरी से ठीक पहले नियमों में बदलाव किया और इसकी जानकारी किसी भी राजनीतिक दल को नहीं दी गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बताया।विवाद केवल मुंबई तक सीमित नहीं है। परभणी नगर निगम में भी महिला महापौर के आरक्षण को लेकर सवाल उठाए गए हैं। उद्धव शिवसेना का कहना है कि वहां आरक्षण रोटेशन के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो वह चुनाव आयोग और न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।

    लॉटरी के नतीजों के अनुसार ठाणे नगर निगम में महापौर पद अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कल्याण डोंबिवली में अनुसूचित जनजाति वर्ग को यह पद मिलेगा। वहीं मुंबई पुणे नागपुर नासिक और पिंपरी चिंचवड़ जैसे बड़े शहरों में महापौर पद सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। चंद्रपुर नगर निगम में लगातार पांचवीं बार महिला महापौर चुनी जाएगी जो अपने आप में एक अनोखा रिकॉर्ड माना जा रहा है।अब अगला चरण नामांकन प्रक्रिया का होगा। जल्द ही महापौर चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इसके बाद नगर निगम की विशेष बैठक में पार्षदों द्वारा मतदान के जरिए महापौर का चुनाव होगा। मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल अपने पार्षदों को व्हिप जारी करेंगे। पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने पर पार्षद की सदस्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महिला आरक्षण से स्थानीय राजनीति में महिला नेतृत्व को मजबूती मिलेगी। लेकिन आरक्षण रोटेशन और नियमों में बदलाव को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में नया टकराव पैदा कर सकते हैं। खासकर BMC जैसे प्रभावशाली नगर निगम में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है।

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ

    मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मांडविया 27 जनवरी को करेंगे खेलो एमपी यूथ गेम्स का भव्य शुभारंभ


    भोपाल।भोपाल में 27 जनवरी 2026 की शाम खेल और युवा ऊर्जा का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा। खेलो एमपी यूथ गेम्स की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया द्वारा किया जाएगा। यह भव्य समारोह शाम 6:30 बजे से टीटी नगर स्टेडियम में आयोजित होगा, जिसमें खेलों की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और देश के जाने-माने पार्श्व गायक कैलाश खेर की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।

    सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि खेलो एमपी यूथ गेम्स की तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है। प्रदेश में ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं, जबकि जिला और संभाग स्तरीय मुकाबले प्रगति पर हैं, जो 25 जनवरी 2026 तक संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद राज्य स्तर पर प्रदेश के 10 संभागों की टीमें प्रतिस्पर्धा में उतरेंगी।मंत्री श्री सारंग ने बताया कि शुभारंभ समारोह को पूरी तरह खेलों की भावना और युवा उत्साह पर आधारित रखा गया है। कैलाश खेर की संगीतमय प्रस्तुति के साथ-साथ इंडियाज़ गॉट टैलेंट फेम डांस ट्रूप द्वारा ऊर्जावान नृत्य, खेलों के इतिहास पर आधारित नृत्य-नाटिका और भव्य आतिशबाजी आयोजन को यादगार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम खेल, संस्कृति और युवा शक्ति का जीवंत संगम होगा।

    खेलो एमपी यूथ गेम्स की एक बड़ी विशेषता यह है कि देश में पहली बार खेल विभाग और सभी मान्यता प्राप्त खेल संघों के समन्वय से इतने बड़े स्तर पर आयोजन किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि इस मॉडल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आए हैं। यह प्रयोग भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में मध्यप्रदेश का अहम कदम माना जा रहा है।खिलाड़ियों के चयन और सहभागिता को पारदर्शी बनाने के लिए डैशबोर्ड आधारित ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली अपनाई गई है। अब तक एक लाख से अधिक खिलाड़ी पंजीकरण करा चुके हैं। पंजीयन से लेकर परिणामों तक की पूरी प्रक्रिया रीयल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए की जा रही है।

    राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 31 जनवरी 2026 तक चलेंगी, जिनमें कुल 28 खेल शामिल हैं। खेलों का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों-भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रीवा, शिवपुरी, ग्वालियर, सागर और नर्मदापुरम-में उनकी स्थानीय परंपरा और लोकप्रियता के अनुसार किया जाएगा। खास बात यह है कि इस बार पिट्टू और रस्साकशी जैसे पारंपरिक खेलों के साथ-साथ क्रिकेट और थ्रोबॉल को भी विशेष स्थान दिया गया है।मंत्री श्री सारंग ने कहा कि खेलो एमपी यूथ गेम्स प्रदेश के युवाओं को प्रतिभा दिखाने का सशक्त मंच प्रदान कर रहे हैं और यह आयोजन मध्यप्रदेश को खेलों के क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

  • लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया

    लोकतंत्र के पर्व पर सौगात: 25 जनवरी से आम जनता के लिए खुलेगा 'लोकभवन', जानिए समय और प्रवेश की पूरी प्रक्रिया


    भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकतंत्र के महापर्व गणतंत्र दिवस को खास बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के निर्देशानुसार ऐतिहासिक ‘लोकभवन’ के द्वार आगामी 25 जनवरी से आम नागरिकों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जनता को प्रदेश की लोकतांत्रिक और प्रशासनिक विरासत से रूबरू कराना है। नागरिक 25 जनवरी से लेकर 27 जनवरी 2026 तक निर्धारित समयावधि में भवन परिसर का भ्रमण कर सकेंगे और इसकी भव्यता का अवलोकन कर सकेंगे।

    भ्रमण का समय और प्रवेश व्यवस्था राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी ने विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए अलग-अलग समय तय किए गए हैं। 25 जनवरी और 27 जनवरी 2026 को लोकभवन दोपहर 2:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहेगा। वहीं 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मुख्य पर्व पर भ्रमण का समय सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक रखा गया है।भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रवेश और निकास के लिए स्पष्ट मार्ग निर्धारित किए गए हैं। आगंतुकों के लिए प्रवेश गेट क्रमांक-1 से होगा जबकि भ्रमण के पश्चात निकास गेट क्रमांक-4 से सुनिश्चित किया गया है। वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था कुशाभाऊ ठाकरे सभागार मिंटो हॉल परिसर में की गई है ताकि यातायात बाधित न हो।

    आकर्षण का केंद्र: विशेष प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम लोकभवन का यह भ्रमण केवल भवन देखने तक सीमित नहीं होगा बल्कि यहाँ आने वाले लोगों को ज्ञानवर्धक और मनोरंजक अनुभव भी मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा “वीबी-जी रामजी योजना तथा वंदे भारत थीम” पर आधारित एक बेहद आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके साथ ही तीनों दिन केंद्रीय संचार ब्यूरो के सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग प्रस्तुतियां दी जाएंगी जो देशभक्ति के रंग में सराबोर होंगी।

    जनसंपर्क विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा भी एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है जिसका विषय “राजभवन से लोकभवन” रखा गया है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोकभवन की ऐतिहासिकता इसकी लोकतांत्रिक महत्ता और प्रशासनिक यात्रा को बेहद रोचक ढंग से चित्रों और दस्तावेजों के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इतना ही नहीं आगंतुकों के लिए लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा जो प्रदेश के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालेंगी।राज्यपाल सचिवालय ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपनी ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखें। पूरे रूट पर सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नागरिक सुगमता से अवलोकन कर सकें।

  • नोएडा इंजीनियर मौत केस: CBI ने मामला लिया, नोएडा अथॉरिटी से फाइलें जब्त, अब तक 4 गिरफ्तार

    नोएडा इंजीनियर मौत केस: CBI ने मामला लिया, नोएडा अथॉरिटी से फाइलें जब्त, अब तक 4 गिरफ्तार



    नई दिल्ली। नोएडा सेक्टर-150 में 16 जनवरी को हुए दर्दनाक हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी। इस मामले में CBI की एंट्री 21 जनवरी की रात हुई, जब जांच एजेंसी ने नोएडा प्राधिकरण से MJ विजटाउन से जुड़े दस्तावेज और फाइलें अपने साथ ले लीं।

    यह कदम इस बात का संकेत है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि भूमि आवंटन, निर्माण मानक और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही से जुड़ा मामला बन चुका है।

    अब CBI इस केस में स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन और MJ विजटाउन की भूमिका की जांच करेगी।

    CBI की जांच का केंद्र: स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट और बिल्डर की भूमिका
    हादसा स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट नंबर-2 (ए-3) में हुआ था। यह वही जगह है जहाँ गहरे पानी से भरा गड्ढा था और युवराज की कार उसमें गिर गई थी।यह प्लॉट 27,185 वर्ग मीटर का है और लेआउट में इसे कॉमर्शियल उपयोग के लिए दिखाया गया था।
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, MJ विजटाउन को इस प्लॉट का एक हिस्सा आवंटित किया गया था और इस पर नोएडा अथॉरिटी का करीब 129 करोड़ रुपये बकाया बताया गया है।

    यही वजह है कि CBI अब इस प्लॉट के आवंटन, उपविभाजन और बिल्डर के कर्ज के मसले की भी जांच करेगी।

    फॉरेंसिक टीम ने की गहन जांच
    घटना स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने इंच-इंच माप कर जांच की और उस स्थान का निरीक्षण किया जहाँ कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी।

    जांच में यह बात सामने आई कि हादसे वाली जगह पर सुरक्षा रेलिंग या ठोस बैरिकेडिंग नहीं थी, जिसे हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।पुलिस, NDRF और SDRF की टीमों ने कोहरे के बीच बचाव कार्य किया, लेकिन युवा इंजीनियर को बचाया नहीं जा सका।

    अभय कुमार की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत
    इस मामले में MJ विजटाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया और उन्हें सूरजपुर की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की जांच पर कड़ी टिप्पणी की और निर्देश दिए कि यह स्पष्ट किया जाए कि लापरवाही किसकी हैनाली टूटने की जिम्मेदारी किसकी, और बैरिकेडिंग नहीं लगाने की जिम्मेदारी किसकी।

    क्या था पूरा मामला?
    गुरुग्राम में काम करने वाले इंजीनियर युवराज मेहता 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे। सेक्टर-150 में निर्माण स्थल के पास उनकी कार गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिर गई।
    कथित तौर पर उन्होंने लगभग दो घंटे तक मदद की गुहार लगाई, लेकिन मदद नहीं पहुंची और उनकी मौत हो गई।

    उनके पिता राज कुमार मेहता ने इस पूरी त्रासदी को अपनी आंखों के सामने देखा।

    अब तक 4 गिरफ्तार, 2 FIR दर्ज
    नोएडा पुलिस ने इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं और अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
    CBI की जांच के बाद यह संख्या बढ़ने की भी संभावना है, क्योंकि जांच का दायरा भूमि आवंटन और प्राधिकरण के फैसलों तक पहुंच गया है।

    यह मामला अब सिर्फ हादसा नहीं रहा। CBI की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि किसकी लापरवाही और किसके स्वार्थ ने एक युवा की जान ली।
    अब सभी की निगाहें CBI की जांच पर टिकी हैं—क्योंकि इस केस में न सिर्फ बिल्डर, बल्कि प्राधिकरण के अधिकारियों की जवाबदेही भी सवालों के घेरे में है।

  • आज का पंचांग: विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजा का महायोग, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल

    आज का पंचांग: विनायक चतुर्थी पर गणेश पूजा का महायोग, जानें शुभ मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल


    नई दिल्ली। आज 22 जनवरी 2026, गुरुवार को माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। यह तिथि विनायक चतुर्थी और तिल चतुर्थी के रूप में मनाई जा रही है। पंचांग के अनुसार आज का दिन भगवान गणेश की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और सही मुहूर्त में गणपति पूजन करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं, रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और नई शुरुआत में सफलता मिलती है।
    आज की चतुर्थी तिथि रात्रि 2 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। विक्रम संवत 2082 और शक संवत 1947 चल रहा है। सूर्य उत्तरायण में हैं और शिशिर ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में संचार करेगा, जिससे बौद्धिक कार्य, योजना निर्माण और रचनात्मक गतिविधियों के लिए दिन अनुकूल माना जा रहा है।नक्षत्र की बात करें तो आज शतभिषा नक्षत्र दोपहर 2 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा। योग के रूप में सुबह 5 बजकर 48 मिनट तक वरीयान योग रहेगा, जो शुभ और सिद्धिदायक माना गया है। इसके बाद परिधि योग प्रभावी होगा। करण में वणिज करण दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा, फिर बव करण लगेगा।

    आज के शुभ मुहूर्त
    आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:11 से 6:04 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:08 से 2:51 बजे तक है। इसके अलावा शाम की गोधूलि बेला 5:41 से 6:07 बजे तक रहेगी, जिसे पूजा-पाठ और संकल्प के लिए विशेष शुभ माना गया है। गणेश पूजा के लिए यह समय अत्यंत फलदायी है।

    अशुभ समय और सावधानी
    आज राहुकाल दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक रहेगा। सुबह 9:00 से 10:30 बजे तक गुलिक काल और 6:00 से 7:30 बजे तक यमगंड का समय रहेगा। आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव भी बताया गया है इसलिए नए और जोखिम भरे कार्यों में सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

    सूर्योदय और सूर्यास्त
    आज सूर्योदय सुबह 7:13 बजे और सूर्यास्त शाम 5:51 बजे होगा।

    धार्मिक महत्व और उपाय
    विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी को मोदक, तिल और गुड़ अर्पित करना विशेष शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को तिल, मिठाई या भोजन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय दृष्टि से आज का दिन बाधा निवारण, मानसिक शांति और नई शुरुआत के लिए उत्तम है।आज का पंचांग पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक कार्यों की योजना बनाने वालों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है। सही तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त में किया गया कर्म अधिक फलदायी माना गया है।

  • मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ

    मध्य प्रदेश: 10 दिन में 11 लाख वोटर्स को हटाने की साजिश? कांग्रेस का बड़ा आरोप, EC के दरवाज़े पर PCC चीफ


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, काटने और सुधार की प्रक्रिया 23 जनवरी को खत्म हो रही है। इसी बीच कांग्रेस ने बीजेपी पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने की सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया है।कांग्रेस का दावा है कि सिर्फ 10 दिनों में लगभग 11 लाख वोटरों के नाम काटने के लिए बीजेपी ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 उपलब्ध कराए हैं।

    कांग्रेस का मुख्य आरोप: “प्रिंटेड फॉर्म-7” से वोटर हटाए जा रहे हैं
    कांग्रेस का कहना है कि जिन फॉर्म-7 के जरिए नाम हटाए जा रहे हैं, वे प्री-प्रिंटेड (पहले से भरे हुए) हैं।

    इन फॉर्मों में विधानसभा क्रमांक,विधानसभा का नाम,हटाने वाले मतदाता का नाम और विवरण पहले से दर्ज है।
    लेकिन आवेदक का नाम और हस्ताक्षर कहीं नहीं है।कांग्रेस इसे चुनाव आयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन और लोकतंत्र पर हमला करार दे रही है।

    जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर साधा निशाना
    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, बीजेपी चुनाव हारने के डर से मैदान में नहीं, वोटर लिस्ट में खेल रही है।
    बिना आवेदक के नाम और हस्ताक्षर वाले प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 लोकतंत्र की हत्या का प्रमाण हैं।
    SC, ST, अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मताधिकार को छीनने की यह सोची-समझी साजिश है।”उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चुनाव आयोग ने तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया, तो कांग्रेस सड़कों से लेकर अदालत तक यह मुद्दा ले जाएगी।हम एक भी मतदाता का नाम गलत तरीके से कटने नहीं देंगे।

    कांग्रेस की मांग: EC तुरंत कार्रवाई करे
    कांग्रेस ने चुनाव आयोग से निम्नलिखित कार्रवाई की मांग की है
    सभी प्री-प्रिंटेड फॉर्म-7 की तुरंत जांच
    बिना वैध आवेदन और हस्ताक्षर वाले फॉर्मों को निरस्त
    दोषी अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई
    कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि संविधान और मताधिकार की रक्षा का मामला है।

    एक व्यक्ति ने 25-25 आपत्तियां”कांग्रेस का नया आरोप
    पटवारी ने कहा कि नियमों के अनुसार एक व्यक्ति केवल एक ही आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक ही व्यक्ति द्वारा 25-25 आपत्तियां दर्ज कराई हैं।उन्होंने कहा कि इसके प्रमाण चुनाव आयोग को सौंप दिए गए हैं।

    BLO को चेतावनी: अनियमितता मिली तो FIR
    पटवारी ने BLOs को चेतावनी दी कि, यदि किसी भी बूथ पर अनियमितता पाई गई, तो संबंधित BLO के खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी।
    उन्होंने कहा कि कुछ BLO ईमानदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहे हैं, जिससे उनकी सर्विस रिकॉर्ड (CR) खराब हो सकती है।

    फर्जी आपत्तियों का आरोप
    पटवारी ने आरोप लगाया कि कई मतदाताओं को जानकारी तक नहीं है, और उनके नाम से ऑनलाइन फर्जी आपत्तियां दर्ज की जा रही हैं।

    यह खासकर अल्पसंख्यक और आदिवासी क्षेत्रों में हो रहा है।उन्होंने कहा:वोट चोरी करके चुनाव जीतने की कोशिश की जा रही है।

    मंत्री विश्वास सारंग पर भी सवाल
    पटवारी ने कहा कि मंत्री विश्वास सारंग पिछले चुनाव हार चुके थे।
    उनकी सीट और दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों से करीब एक-एक लाख वोट कम हुए हैं, जहाँ जीत-हार का अंतर अक्सर इतना ही रहता है।उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से मांग की कि इन गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर भारी आरोप लगाए हैं और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।अब सवाल यह है कि चुनाव आयोग इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, क्योंकि 23 जनवरी तक समय बहुत कम है।

  • तिलकुट चौथ व्रत 2026: संतान की रक्षा और दीर्घायु का पावन संकल्प, माता-पिता अवश्य जानें कथा और महत्व

    तिलकुट चौथ व्रत 2026: संतान की रक्षा और दीर्घायु का पावन संकल्प, माता-पिता अवश्य जानें कथा और महत्व


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में माघ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है। इसी दिन तिलकुट चौथ व्रत रखा जाता है, जिसे सकट चौथ का ही एक रूप माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता-पिता द्वारा संतान की लंबी आयु, उसके सुखद भविष्य और परिवार की सुरक्षा के लिए किया जाता है। वर्ष 2026 में भी श्रद्धा और आस्था के साथ यह व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और कथा श्रवण से जीवन की बड़ी बाधाएं दूर होती हैं।

    तिलकुट चौथ का नाम ही इसके स्वरूप को दर्शाता है। इस दिन तिल और गुड़ से बने पकवानों का विशेष महत्व होता है। माताएं दिनभर व्रत रखकर शाम के शुभ समय में गणेश जी को तिलकुट लड्डू और दूर्वा अर्पित करती हैं। पूजा के बाद व्रत कथा सुनना और सुनाना अनिवार्य माना गया है क्योंकि कथा के बिना व्रत अधूरा माना जाता है।

    तिलकुट चौथ व्रत की पौराणिक कथा

    कथा के अनुसार, एक नगर में साहूकार और उसकी पत्नी रहते थे, जो धर्म-कर्म में विश्वास नहीं रखते थे। संतान न होने से वे दुखी रहते थे। एक दिन साहूकारनी ने पड़ोस में सकट चौथ की कथा सुनी जिसमें बताया गया कि इस व्रत से अन्न, धन, सुहाग और संतान की प्राप्ति होती है। साहूकारनी ने मन में संकल्प लिया कि यदि उसे पुत्र प्राप्त हुआ तो वह तिलकुट चौथ का व्रत करेगी।

    भगवान गणेश की कृपा से उसके घर पुत्र जन्मा, लेकिन समय बीतने के साथ वह अपना वचन भूल गई। जब पुत्र का विवाह तय हुआ, तब चौथ माता नाराज हो गईं और पुत्र को पीपल के पेड़ पर बैठा दिया। विवाह से पहले जब होने वाली बहू जंगल गई, तो उसे पेड़ से आवाज आई-ओ मेरी अर्धब्यहि। सच्चाई जानकर साहूकारनी को अपनी भूल का एहसास हुआ। उसने तुरंत ढाई मन तिलकुट चढ़ाकर विधिवत पूजा की। गणेश जी प्रसन्न हुए और पुत्र सुरक्षित विवाह मंडप में पहुंच गया।

    व्रत विधि और नियम

    इस दिन प्रातः स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। शाम को चंद्रमा और गणेश जी की पूजा की जाती है। तिल-गुड़ का भोग अर्पित कर कथा सुनी जाती है। व्रत का पारण संतान को तिलकुट खिलाकर किया जाता है। मान्यता है कि इससे संतान को नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिलती है।

    तिलकुट चौथ व्रत का महत्व
    यह व्रत माता-पिता और संतान के बीच भावनात्मक व आध्यात्मिक संबंध को मजबूत करता है। माना जाता है कि इससे संतान पर आने वाले संकट टलते हैं, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। यही कारण है कि तिलकुट चौथ व्रत को मातृत्व और संतान-सुरक्षा का विशेष पर्व माना गया है।

  • शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार

    शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी: सेंसेक्स 850 अंक उछलकर 82,750 पर, निफ्टी 25,400 के पार


    नई दिल्ली। गुरुवार, 22 जनवरी को घरेलू शेयर बाजार ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद दमदार वापसी की। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और सेंसेक्स करीब 850 अंकों की छलांग लगाकर 82,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 250 अंकों की तेजी रही और यह 25,400 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इस उछाल ने निवेशकों को बड़ी राहत दी और बाजार में दोबारा भरोसे का माहौल बना।

    बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 28 शेयर हरे निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि केवल 2 शेयरों में हल्का दबाव रहा। जोमैटो, एशियन पेंट्स और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया SBI के शेयरों में 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मेटल, ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और तेजी व्यापक आधार पर दिखाई दी।

    बाजार में इस मजबूती के पीछे सबसे अहम भूमिका ग्लोबल संकेतों की रही। अमेरिकी और एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक रुझानों ने घरेलू निवेशकों का उत्साह बढ़ाया। इसके साथ ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हालिया बयानों ने भी बाजार की चिंता को कम किया। ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को लेकर टैरिफ लगाने की धमकी वापस लेने और नाटो देशों के साथ बातचीत के संकेत देने से भू-राजनीतिक तनाव को लेकर आशंकाएं घटी हैं। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर उनके सकारात्मक रुख से निवेशकों में भरोसा बढ़ा है।एशियाई बाजारों की बात करें तो वहां मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जापान का निक्केई इंडेक्स 1.77 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,706 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87 प्रतिशत चढ़कर 5,001 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती का असर दिखा, जहां 21 जनवरी को डाउ जोंस 1.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ था।

    निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो 21 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों FIIs ने 1,787 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की थी। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों DIIs ने 4,520 करोड़ रुपये की जोरदार खरीदारी कर बाजार को मजबूत सहारा दिया। दिसंबर 2025 में FIIs की भारी बिकवाली के बावजूद DIIs की सक्रिय भागीदारी ने बाजार को संतुलित बनाए रखा है।गौरतलब है कि बुधवार को बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 270 अंक गिरकर 81,909 पर और निफ्टी 75 अंक टूटकर 25,157 पर बंद हुआ था। लेकिन गुरुवार की तेजी ने संकेत दिया है कि बाजार में रिकवरी की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक ग्लोबल संकेतों, भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़ी खबरों और निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।

  • BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    BMC मेयर पद पर सस्पेंस खत्म? आरक्षण के बाद इस महिला उम्मीदवार की दावेदारी मजबूत

    नई दिल्ली। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में मेयर पद को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। गुरुवार को लॉटरी प्रक्रिया के जरिए यह तय किया गया कि बीएमसी मेयर की कुर्सी सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होगी। जैसे ही यह फैसला सामने आया, मुंबई की राजनीति में हलचल तेज हो गई। सभी दलों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि देश की सबसे अमीर नगर निगम की कमान किस महिला नेता को मिलेगी।

    बीजेपी सबसे मजबूत दावेदार

    आरक्षण की घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार बीएमसी मेयर की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो सकता है। नगर निगम चुनावों में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और उसके पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। ऐसे में पार्टी की ओर से महिला मेयर उम्मीदवार तय करने की कवायद तेज हो गई है।

    तेजस्वी घोसालकर का नाम सबसे आगे

    बीजेपी खेमे में जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह है तेजस्वी घोसालकर। उन्होंने वार्ड नंबर 2 से जीत दर्ज की है और फिलहाल मेयर पद की दौड़ में सबसे आगे मानी जा रही हैं। तेजस्वी का राजनीतिक सफर भी चर्चा का विषय रहा है। वह पहले उद्धव ठाकरे गुट से जुड़ी थीं, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुईं और जीत हासिल कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा जीता।

    तेजस्वी घोसालकर, पूर्व पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं। फरवरी 2024 में अभिषेक घोसालकर की फेसबुक लाइव के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे महाराष्ट्र की राजनीति को झकझोर कर रख दिया था। इस दुखद घटना के बावजूद तेजस्वी ने राजनीतिक मैदान में मजबूती से कदम रखा और खुद को एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया।

    तेजस्वी घोसालकर का राजनीतिक सफर

    तेजस्वी घोसालकर ने 2017 में अविभाजित शिवसेना के टिकट पर बीएमसी के वार्ड नंबर 1 से चुनाव जीतकर नगर राजनीति में प्रवेश किया था। समय के साथ राजनीतिक हालात बदले और दिसंबर 2025 में उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने उद्धव गुट की उम्मीदवार धनश्री कोलगे को हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत कर ली।

    संख्याबल के दम पर बीजेपी आगे

    बीएमसी में मौजूदा गणित पर नजर डालें तो बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर चुनाव लड़ा था। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि शिवसेना को 29 सीटें मिलीं। दोनों के पास कुल 118 सीटें हैं, जो बहुमत के आंकड़े 114 से ज्यादा हैं। ऐसे में गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है।

    हालांकि दिलचस्प यह है कि विपक्ष में बैठी शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने 65 सीटें जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बीजेपी का संख्याबल सबसे ज्यादा होने के कारण मेयर पद पर उसकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।

    अब निगाहें अंतिम फैसले पर

    महिला आरक्षण तय होने के बाद अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बीजेपी किस नाम पर अंतिम मुहर लगाती है। तेजस्वी घोसालकर फिलहाल सबसे प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन राजनीति में आखिरी फैसला वक्त और रणनीति तय करती है। बीएमसी मेयर की कुर्सी को लेकर आने वाले दिनों में सियासी सरगर्मी और तेज होने के आसार हैं।