Blog

  • करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

    करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए


    भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

    पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

    बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

    पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

    श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

    पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • 'सवाल पूछो तो नक्सली…': पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर प्रकाश राज का तीखा पलटवार

    'सवाल पूछो तो नक्सली…': पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर प्रकाश राज का तीखा पलटवार


    नई दिल्ली। अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ टिप्पणी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार से सवाल पूछने और असहमति जताने वालों को नक्सली बताया जा रहा है। प्रकाश राज ने 16 अगस्त की शाम X पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण और सरकार की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

    ‘सवाल करने वालों को नया नाम दे दिया’
    प्रकाश राज ने वीडियो में कहा कि लंबे समय से सरकार से सवाल करने वालों को ‘अर्बन नक्सल’, ‘देशविरोधी’ और दूसरे नामों से संबोधित किया जाता रहा है। अब उन्हें ‘दिमागी नक्सल’ का नाम दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री की टिप्पणी की आलोचना करते हुए कहा कि सवाल पूछना और असहमति जताना किसी को नक्सली नहीं बना देता।

    सरकारी स्कूलों की बदहाली का मुद्दा उठाया
    अभिनेता ने अपने वीडियो में सरकारी स्कूलों की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग गांवों के सरकारी स्कूलों में जाकर वहां के टॉयलेट, क्लासरूम, शिक्षकों की कमी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को सामने ला रहे हैं। उनके मुताबिक, ऐसे मुद्दे उठाने वालों को ‘दिमागी नक्सल’ कहना सवालों से बचने का तरीका है।

    ‘दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं’
    प्रकाश राज ने लोगों से सवाल पूछने और अपनी आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता को यह तय करना होगा कि वह किस पक्ष का समर्थन करती है। उन्होंने अपने वीडियो के अंत में कहा कि ‘दिमागी बनो, बेवकूफ नहीं, अंधभक्त नहीं। सवाल करो, गुलामी नहीं।’

    प्रकाश राज इससे पहले भी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं। उनके इस नए बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

  • भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा

    भोपाल में अब 20 ई-बसों से आसान होगा सफर! रोज 10 से 12 हजार यात्रियों को फायदा दिव्यांगों के लिए भी खास सुविधा


    भोपाल  भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मंगलवार से राजधानी की सड़कों पर 10 नई इलेक्ट्रिक बसें दौड़ना शुरू करेंगी। इसके साथ ही भोपाल में ई-बसों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। नई बसों के संचालन से बैरागढ़ कोलार रोड बावड़ियाकलां और शहर के कई प्रमुख इलाकों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि सभी ई-बसें एमपी नगर से होकर गुजरेंगी। इससे नौकरीपेशा लोगों के साथ स्कूल कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की संभावना है।

    भोपाल में फिलहाल 10 ई-बसें तीन प्रमुख रूट पर संचालित की जा रही हैं। इन बसों में रोजाना औसतन करीब 4500 यात्री सफर कर रहे हैं। इनमें छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी बताई गई है। अब 10 नई बसें जुड़ने के बाद रोजाना करीब 10 से 12 हजार यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। यानी ई-बस सेवा का विस्तार शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

    नई व्यवस्था में बैरागढ़ से सलैया तक जाने वाला B35 रूट महत्वपूर्ण है। यह बस चिरायु अस्पताल और बैरागढ़ मार्केट से शुरू होकर लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट पीर गेट कमला पार्क रोशनपुरा और एमपी नगर होते हुए बावड़िया चौराहा आकृति ईको सिटी और सलैया तक जाएगी। इस रूट से पुराने शहर के कई हिस्सों को नए विकसित इलाकों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

    B36 रूट कोच फैक्ट्री से कोलार रोड तक रहेगा। यह बस कोच फैक्ट्री भोपाल रेलवे स्टेशन पुष्पा नगर अशोका गार्डन सुभाष नगर चेतक ब्रिज बोर्ड ऑफिस और एमपी नगर से होते हुए 1100 क्वार्टर मनीषा मार्केट बंसल अस्पताल चूनाभट्टी मंदाकिनी चौराहा और गेहूंखेड़ा होते हुए कोलार रोड तक जाएगी। इस रूट से शहर के मध्य हिस्से और कोलार क्षेत्र के बीच आने जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।

    वहीं B37 रूट बैरागढ़ ई-बस डिपो से आईएसबीटी तक रहेगा। यह बस बैरागढ़ मार्केट लालघाटी कलेक्ट्रेट हमीदिया अस्पताल रॉयल मार्केट शाहजहांनाबाद नादरा बस स्टैंड भारत टॉकीज जहांगीराबाद पीएचक्यू मिंटो हॉल बिड़ला मंदिर वल्लभ भवन जिला न्यायालय और डीबी मॉल होते हुए आईएसबीटी पहुंचेगी।

    इन ई-बसों की एक खासियत दिव्यांग यात्रियों के लिए दी गई सुविधा भी है। बस में हाइड्रोलिक डोर की व्यवस्था की गई है जिसके जरिए व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल इस्तेमाल करने वाले यात्री आसानी से चढ़ और उतर सकेंगे। हाइड्रोलिक डोर के सामने दो व्हीलचेयर या ट्राइसाइकिल खड़ी करने जितनी जगह भी उपलब्ध कराई गई है। इससे सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुविधाजनक और समावेशी बनाने में मदद मिलेगी।

    भोपाल के ट्रैफिक को देखते हुए ई-बसों का आकार भी महत्वपूर्ण है। इनकी लंबाई करीब 9 मीटर है जबकि शहर में चलने वाली कई पारंपरिक सिटी बसों की लंबाई 12 मीटर तक होती है। कम लंबाई वाली ई-बसें अपेक्षाकृत तंग सड़कों और अधिक ट्रैफिक वाले इलाकों में संचालन के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती हैं। ई-बसों की संख्या बढ़ने से राजधानी में सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मजबूत होगा और आने वाले समय में यात्रियों को ज्यादा सुविधाजनक सफर मिलने की उम्मीद है।

  • भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल

    भिंड में भीषण सड़क हादसा, गायों को बचाने के चक्कर में ट्रक से टकराई पिकअप, 8 मजदूरों की मौत- 23 घायल


    भिंड/ग्वालियर । मध्य प्रदेश के भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। पिकअप में सवार सभी 29 मजदूर ग्वालियर से धान की रोपाई का काम निपटाकर अपने घर उत्तर प्रदेश लौट रहे थे।

    मध्य प्रदेश के भिंड जिले में गोहद के छीमका गांव के पास नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात करीब 1 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। ग्वालियर से धान की रोपाई का काम पूरा कर उत्तर प्रदेश लौट रहे मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हो गए। घायलों में ट्रक ड्राइवर भी शामिल है।

    गोहद चौराहा थाना प्रभारी रामनरेश यादव के मुताबिक, पिकअप की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। छीमका गांव के पास हाईवे पर कुछ गायें सड़क पर बैठी थीं। अचानक सामने आए मवेशियों को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने पिकअप मोड़ी, जिससे वह अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप के परखचे उड़ गए और उसमें सवार मजदूरों को गंभीर चोटें आईं। शुरुआती जांच में सड़क पर बैठी गायों को बचाने की कोशिश को ही हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।

    घायल नंदलाल पिता छेन बिहारी ने बताया कि पिकअप में कुल 29 मजदूर सवार थे, जो अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। ये सभी मजदूर ग्वालियर क्षेत्र में धान की रोपाई के लिए आए थे और काम खत्म कर यूपी के लखीमपुर खीरी स्थित अपने गांव लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पहले चार मजदूरों की मौत और 25 के घायल होने की जानकारी आई थी, लेकिन बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई।

    हादसे की सूचना मिलते ही गोहद चौराहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। मृतकों में से पांच शवों को गोहद और तीन शवों को ग्वालियर के अस्पताल में रखा गया है, जहां उनकी पहचान की जा रही है। हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर बहाल कराया।

  • अतिरिक्त चीनी से सेहत को नुकसान का खतरा, पैक्ड जूस और सॉस में छिपी शुगर के प्रति विशेषज्ञों ने किया आगाह

    अतिरिक्त चीनी से सेहत को नुकसान का खतरा, पैक्ड जूस और सॉस में छिपी शुगर के प्रति विशेषज्ञों ने किया आगाह

    नई दिल्ली ।उत्तम स्वास्थ्य और बेहतर जीवन शैली बनाए रखने के लिए सही खानपान को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किन चीजों के सेवन से बचा जाना चाहिए। जिन खाद्य पदार्थों को सेहत के लिए सबसे अधिक हानिकारक माना जाता है, उनमें अतिरिक्त चीनी प्रमुख है। अत्यधिक मात्रा में चीनी का सेवन मोटापे, मधुमेह और शरीर में अंदरूनी सूजन जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

    आमतौर पर लोग चीनी छोड़ने का अर्थ केवल चाय, कॉफी या मिठाइयों का त्याग करना समझते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल इन चीजों को बंद कर देना ही पर्याप्त नहीं है। रसोई में उपयोग होने वाली और बाजार में मिलने वाली कई अन्य सामान्य चीजों में भी चीनी की भारी मात्रा छिपी हो सकती है। सॉस, टोमैटो केचप, डिब्बाबंद ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड दही जैसे पदार्थों में शर्करा की अदृश्य मौजूदगी होती है, जो रोजमर्रा के खानपान में मिठास बढ़ा देती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर मीठी वस्तु का स्वाद मिठाई जैसा तेज होना आवश्यक नहीं है। कई ऐसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ हैं जिनका स्वाद नमकीन या सामान्य लगता है, लेकिन उनमें एडेड शुगर मिलाई जाती है। इसलिए, यदि कोई व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से चीनी का सेवन बंद भी कर देता है, तब भी इन प्रसंस्कृत पदार्थों के माध्यम से चीनी शरीर में पहुंचती रहती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दैनिक कुल कैलोरी में एडेड शुगर का हिस्सा 10 प्रतिशत से कम होना चाहिए।

    आहार विशेषज्ञों के मुताबिक एक सामान्य वयस्क के लिए प्रतिदिन 2,000 कैलोरी की डाइट में चीनी की मात्रा लगभग 50 ग्राम यानी 6 से 9 चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, महज एक टेबलस्पून टोमैटो केचप में लगभग 4 ग्राम एडेड शुगर हो सकती है। सैंडविच, बर्गर या नाश्ते के साथ नियमित रूप से सॉस का उपयोग करने की आदत कुल चीनी की खपत को चुपचाप बढ़ा देती है। इसी तरह, पैकेज्ड फ्रूट जूस को भी पूरी तरह से स्वास्थ्यवर्धक मानना एक भूल हो सकती है।

    पैकेज्ड जूस में प्राकृतिक फाइबर की कमी होती है और उन्हें संरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार से कोई भी पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल कैलोरी ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद एडेड शुगर की मात्रा की जांच अवश्य करनी चाहिए। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बजाय प्राकृतिक और ताजा आहार को प्राथमिकता देना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

  • सात महीने से ISRO की लॉन्चिंग पर ब्रेक, सितंबर में GISAT-1A से फिर शुरू होगा अभियान, नवंबर में NVS-03 की तैयारी

    सात महीने से ISRO की लॉन्चिंग पर ब्रेक, सितंबर में GISAT-1A से फिर शुरू होगा अभियान, नवंबर में NVS-03 की तैयारी


    नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) करीब सात महीने के अंतराल के बाद एक बार फिर अपने लॉन्च अभियान को रफ्तार देने की तैयारी में है। तकनीकी दिक्कतों के चलते लगातार मिशनों में सामने आई समस्याओं के बाद लॉन्चिंग पर ब्रेक लगा हुआ था। अब अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट GISAT-1A को सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च करने की तैयारी है। इसके बाद नवंबर में NVS-03 को लॉन्च किए जाने की संभावना है।

    GISAT-1A क्यों है अहम?
    GISAT-1A को जियो इमेजिंग सैटेलाइट और नई नामकरण व्यवस्था के तहत EOS-05 भी कहा जाता है। यह 2021 में लॉन्च किए गए GISAT-1 यानी EOS-03 का रिप्लेसमेंट है। पिछला मिशन रॉकेट के अंतिम प्रोपल्सिव सेगमेंट के इग्नाइट नहीं होने के कारण अपनी तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका था।

    नया GISAT-1A करीब 10 साल की मिशन लाइफ के लिए तैयार किया गया है। यह बड़े इलाकों की बार-बार तस्वीरें लेने में सक्षम होगा। इससे प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी के साथ कृषि और वानिकी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी।

    नवंबर में NVS-03 की लॉन्चिंग संभव
    GISAT-1A के बाद NVS-03 को लॉन्च किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक यह सैटेलाइट श्रीहरिकोटा में ईंधन भरने के बाद लॉन्च के लिए तैयार है। इसकी लॉन्चिंग नवंबर में संभावित है।

    NVS-03 का मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले लॉन्च किए गए NVS-02 को तय कक्षा तक पहुंचाने में सफलता नहीं मिली थी। इसके चलते भारत के NavIC नेविगेशन सिस्टम की स्वतंत्र कवरेज प्रभावित हुई है।

    जनवरी में PSLV-C62 मिशन हुआ था फेल
    2026 में ISRO ने अब तक सिर्फ एक लॉन्च किया है। 12 जनवरी को PSLV-C62/EOS-N1 मिशन के तहत अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट EOS-N1 को कक्षा में स्थापित किया जाना था, लेकिन रॉकेट के तीसरे चरण में आई तकनीकी ‘एनोमली’ के कारण मिशन असफल हो गया। इसकी जांच के लिए बनाई गई फेलियर एनालिसिस कमेटी की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

    2025 में भी दो बड़े मिशनों को झटका
    2025 में ISRO ने पांच लॉन्च किए थे। इनमें PSLV-C61 से EOS-9 की लॉन्चिंग भी शामिल थी, लेकिन तीसरे चरण में आई एनोमली के कारण यह मिशन भी विफल हो गया था। ISRO ने दोनों घटनाओं को एक-दूसरे से असंबंधित बताया था।

    वहीं GSLV-F16 से NASA के साथ विकसित NISAR सैटेलाइट का लॉन्च सफल रहा। GSLV-F15 से NVS-02 को भी लॉन्च किया गया, लेकिन ऑर्बिट बढ़ाने की प्रक्रिया में समस्या के कारण सैटेलाइट तय कक्षा तक नहीं पहुंच सका। इसके अलावा LVM3 के जरिए Bluebird-2 और CMS-03 के लॉन्च भी किए गए।

    लॉन्चिंग के लक्ष्य से पीछे चल रहा ISRO
    ISRO की वार्षिक योजना के मुताबिक 2025-26 में 15 और 2026-27 में 27 मिशन का लक्ष्य रखा गया था। मौजूदा लॉन्चिंग इस लक्ष्य से काफी पीछे है। 2026-27 में ISRO ने कम से कम पांच SSLV, चार PSLV, तीन GSLV और एक LVM3 मिशन की योजना बनाई है। इसके अलावा गगनयान कार्यक्रम के तहत भी कई मिशन निर्धारित हैं।

    अब सितंबर में GISAT-1A की लॉन्चिंग ISRO के लिए सिर्फ एक सैटेलाइट मिशन नहीं, बल्कि लगातार सामने आई तकनीकी चुनौतियों के बाद लॉन्च कार्यक्रम को फिर पटरी पर लाने की बड़ी परीक्षा होगी।

  • आज का राशिफल 18 अगस्त 2026: 3 राशियों को मिलेगा पैसा और सफलता का लाभ, जानें मेष से मीन तक भविष्यफल

    आज का राशिफल 18 अगस्त 2026: 3 राशियों को मिलेगा पैसा और सफलता का लाभ, जानें मेष से मीन तक भविष्यफल


    नई दिल्ली । 18 अगस्त 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। ग्रहों की चाल में बनने वाली विशेष स्थिति का असर लोगों के कामकाज धन संबंधी मामलों पारिवारिक जीवन और करियर पर देखने को मिल सकता है। कुछ राशियों के लिए आज आर्थिक लाभ के नए अवसर बन सकते हैं जबकि कुछ जातकों को अपने खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। कारोबार करने वालों के लिए दिन महत्वपूर्ण रह सकता है और नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आइए जानते हैं मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा 18 अगस्त का दिन।

    मेष राशि वालों के लिए आज का दिन मेहनत के परिणाम देने वाला रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की उम्मीद है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आमदनी बढ़ाने का कोई नया रास्ता सामने आ सकता है। हालांकि जल्दबाजी में निवेश करने से बचना बेहतर रहेगा।

    वृषभ राशि के जातकों को आज आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। अचानक कोई खर्च सामने आ सकता है। परिवार के किसी सदस्य से महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है। कारोबारियों के लिए दिन सामान्य रहेगा लेकिन नई योजना पर काम शुरू करने से पहले अच्छी तरह विचार करना लाभकारी होगा।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आ सकता है। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार में भी लाभ की संभावना है। किसी पुराने संपर्क से आर्थिक फायदा मिल सकता है। परिवार में माहौल खुशनुमा रहेगा।

    कर्क राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। काम का दबाव बढ़ सकता है लेकिन समझदारी से परिस्थितियों को संभालने में सफलता मिलेगी। धन से जुड़े फैसले सोच समझकर लें। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए आज का दिन खास रह सकता है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति से आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। नौकरी और कारोबार में नई उपलब्धि मिल सकती है। किसी पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

    कन्या राशि वालों को आज अपने काम पर पूरा ध्यान देना होगा। छोटी गलती परेशानी पैदा कर सकती है। हालांकि मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। धन की स्थिति सामान्य रहेगी और परिवार में किसी सदस्य की मदद करनी पड़ सकती है।

    तुला राशि के लिए आज का दिन धन लाभ के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। व्यापार में कोई बड़ा सौदा लाभ दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज करियर में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। नई जिम्मेदारी मिलने से व्यस्तता बढ़ सकती है लेकिन इसका फायदा भविष्य में मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए बनाई गई योजना सफल हो सकती है।

    धनु राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिल सकता है। यात्रा से जुड़े काम में लाभ मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए दिन अच्छा रहेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक खबर मिल सकती है।

    मकर राशि वालों के लिए आज का दिन मिलाजुला रहेगा। धन आएगा लेकिन खर्च भी बढ़ सकता है। किसी करीबी से मतभेद होने की संभावना है इसलिए बातचीत में संयम रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत जारी रखने से सफलता मिलेगी।

    कुंभ राशि के जातकों को आज अचानक आर्थिक लाभ मिल सकता है। रुका हुआ काम पूरा होने से राहत मिलेगी। व्यापार में नई डील मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी।

    मीन राशि वालों के लिए आज का दिन नई उम्मीद लेकर आ सकता है। करियर में बदलाव की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल रह सकता है। धन संबंधी मामलों में फायदा मिल सकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात मन प्रसन्न कर सकती है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 18 अगस्त को बनने वाली ग्रह स्थिति कुछ राशियों के लिए आर्थिक रूप से विशेष फलदायी रह सकती है। हालांकि राशिफल सामान्य ज्योतिषीय आकलन पर आधारित होता है। किसी भी बड़े आर्थिक या व्यक्तिगत फैसले से पहले अपनी परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह को ध्यान में रखना उचित रहेगा।

  • ट्रंप के फैसले से शांति की उम्मीद, लेकिन सुरक्षा पर भी सवाल, दक्षिण कोरिया ने अमेरिका-उत्तर कोरिया में फिर बातचीत की जताई उम्मीद

    ट्रंप के फैसले से शांति की उम्मीद, लेकिन सुरक्षा पर भी सवाल, दक्षिण कोरिया ने अमेरिका-उत्तर कोरिया में फिर बातचीत की जताई उम्मीद


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास में कटौती के फैसले से कोरियाई प्रायद्वीप में एक ओर अमेरिका-उत्तर कोरिया के बीच बातचीत की उम्मीद जगी है, तो दूसरी ओर दक्षिण कोरिया में सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ी है। ट्रंप ने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे रिश्तों का हवाला देते हुए सैन्य अभ्यास कम करने का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि यह कदम किम के साथ दोबारा बातचीत शुरू करने की कोशिश का हिस्सा है।

    दरअसल, किम जोंग उन अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यासों को उत्तर कोरिया पर संभावित हमले की तैयारी के तौर पर देखते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते परमाणु हथियारों और रूस के साथ सैन्य सहयोग के चलते उत्तर कोरिया अब पहले से अधिक आत्मविश्वास में है। ऐसे में अमेरिका से बड़ी रियायतें मिले बिना किम के बातचीत की मेज पर लौटने की संभावना कम मानी जा रही है।

    11 दिन का सैन्य अभ्यास शुरू, कटौती पर स्थिति साफ नहीं
    दक्षिण कोरिया और अमेरिका का 11 दिवसीय उल्ची फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास सोमवार सुबह तय कार्यक्रम के मुताबिक शुरू हो गया। हालांकि, अभ्यास के किन हिस्सों में कटौती की जाएगी, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। ट्रंप के ऐलान से दक्षिण कोरिया में हैरानी है, क्योंकि उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे के बीच अमेरिका उसका प्रमुख सुरक्षा सहयोगी है।

    ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सैन्य अभ्यास महंगा होने के साथ उत्तर कोरिया को गलत और आक्रामक संकेत भी देता है। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में उत्तर कोरिया ने कोई खतरा पैदा नहीं किया और सम्मानजनक रवैया अपनाया। ट्रंप ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को अभ्यास में बड़ी कटौती करने का निर्देश दिया है।

    दक्षिण कोरिया को बातचीत से शांति की उम्मीद
    दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि ट्रंप और किम के बीच दोस्ताना बातचीत अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच सार्थक संवाद की शुरुआत कर सकती है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह इसके लिए जरूरी कूटनीतिक प्रयास करेगा।

    राष्ट्रपति ली जे म्युंग उत्तर कोरिया के साथ रिश्ते सुधारने के पक्षधर हैं। सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने सीमा पर लगाए गए लाउडस्पीकर बंद करने समेत कई कदम उठाए हैं। इन लाउडस्पीकरों से पहले पॉप गाने और अंतरराष्ट्रीय खबरें प्रसारित की जाती थीं।

    परमाणु हथियार और रूस से बढ़ता सहयोग चिंता का कारण
    विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु हथियार और रूस के साथ मजबूत होते सैन्य संबंध उसकी रणनीतिक स्थिति को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में केवल सैन्य अभ्यासों में कटौती से किम जोंग उन को बातचीत के लिए तैयार करना आसान नहीं होगा।

    दूसरी ओर, दक्षिण कोरिया और अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने को लेकर सैन्य सहयोग पर भी बातचीत कर रहे हैं। इससे साफ है कि ट्रंप के फैसले के बावजूद दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

  • रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम

    रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वी MP में स्ट्रॉन्ग सिस्टम


    भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते रीवा और बालाघाट समेत 14 जिलों में मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम केंद्र (IMD) भोपाल के मुताबिक, अगले तीन दिन प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। 24 घंटे के दौरान कुछ जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है।

    रीवा-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट
    मंगलवार को रीवा और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इसके अलावा टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, कटनी, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, डिंडौरी, सतना, मऊगंज, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    पहली बार खुलेंगे बरगी बांध के 9 गेट
    मंडला, डिंडौरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के चलते इस साल पहली बार बरगी बांध के गेट खोले जाएंगे। मंगलवार 18 अगस्त को सुबह 11 बजे बांध के 9 गेट 0.78 मीटर की औसत ऊंचाई तक खोले जाएंगे। इससे 1,031 क्यूमेक पानी छोड़ा जाएगा। 17 अगस्त की रात 8 बजे बांध का जलस्तर 420.80 मीटर दर्ज किया गया था, जबकि बांध में पानी की आवक 1,620 क्यूमेक बनी हुई थी।

    40 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 4% से 58% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी सामान्य से 1% से 49% तक कम बारिश हुई है।

    15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    IMD के अनुसार, अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और गुना में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    कई मौसम प्रणालियां सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। इसके अलावा ऊपरी हिस्से में दो अन्य चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं और दक्षिणी हिस्से से शीयर जोन गुजर रहा है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त के दौरान प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई है।

  • छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार, JSSC-CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द; जांच के भी आदेश

    छात्रों के आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार, JSSC-CGL समेत कई परीक्षाएं रद्द; जांच के भी आदेश

    रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मैराथन बैठक के बाद सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। मंत्रियों के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षा को रद्द करने, जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की जांच कराने और पुरानी परीक्षाओं की भी समीक्षा करने का निर्णय लिया गया।

    बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी के माध्यम से युवाओं की नियुक्ति होती है और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

    TDPL की परीक्षा रद्द

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टीडीपीएल द्वारा आयोजित परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

    उन्होंने कहा कि परीक्षा किस तरह और किन नियमों के तहत आयोजित होनी चाहिए, इसे लेकर सरकार सुधार की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए बनाए गए रिफॉर्म पोर्टल में अब अभिभावकों को भी जोड़ा जाएगा।


    रिटायर्ड जज करेंगे JSSC-CGL की जांच

    सरकार ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा मामले की जांच एसआईटी और सीआईडी की टीम भी कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में सामने आ रहे कुछ तथ्य चौंकाने वाले हैं। उन्होंने दावा किया कि सीजीएल परीक्षा और नियुक्तियों से जुड़े लोगों तथा कुछ कंपनियों के बीच बड़े नेटवर्क की बात सामने आई है।

    2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच

    सरकार ने वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच कराने का भी फैसला लिया है। इसके तहत परीक्षा प्रक्रिया, नियुक्तियों और उससे जुड़ी एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा की जाएगी।

    हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार ने मजबूत कानून बनाए हैं और उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने की मंशा भी रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

    रिफॉर्म के लिए बनी कमेटी

    परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता से जुड़े सुझाव देगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि परीक्षाएं निर्धारित एसओपी के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की जाएं तो गड़बड़ी की आशंका काफी कम हो सकती है।

    सरकार के प्रमुख फैसले

    बैठक के बाद सरकार की ओर से सामने आए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं-

    • TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा रद्द की जाएगी।
    • JSSC-CGL परीक्षा को लेकर सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच होगी।
    • मामले की जांच SIT और CID भी कर रही है।
    • वर्ष 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं की जांच की जाएगी।
    • JSSC-CGL से जुड़ी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
    • 14वीं JPSC परीक्षा तथा 2023/25 की बैकलॉग परीक्षा रद्द करने की बात कही गई है।
    • परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित रिफॉर्म कमेटी काम करेगी।
    • रिफॉर्म पोर्टल में अभिभावकों को भी शामिल किया जाएगा।

    सरकार के इन फैसलों को लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब जांच के निष्कर्ष और आगे की परीक्षा प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।