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  • सिबी जॉर्ज ने माल्टा के डिप्टी पीएम से की बैठक, द्विपक्षीय और रक्षा सहयोग को नई दिशा

    सिबी जॉर्ज ने माल्टा के डिप्टी पीएम से की बैठक, द्विपक्षीय और रक्षा सहयोग को नई दिशा

    नई दिल्ली : भारत के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने शनिवार को यूरोपीय देश माल्टा के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री डॉ. इयान बोर्ग तथा सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर क्लिंटन जे ओ’ नील से मुलाकात की। इस मुलाकात का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय और रक्षा संबंधों को और मजबूत करना था। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस अहम बैठक की जानकारी साझा की और बताया कि बैठक में भारत और माल्टा के बीच साझेदारी को नई दिशा देने पर चर्चा हुई।

    सिबी जॉर्ज और माल्टा के उप प्रधानमंत्री इयान बोर्ग ने द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने अपनी रुचि के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की और साझा दृष्टिकोण पर जोर दिया। बैठक में आर्थिक सहयोग, व्यापार और निवेश, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया गया।

    सेक्रेटरी (वेस्ट) ने माल्टा की सैन्य बल के कमांडर ब्रिगेडियर क्लिंटन जे ओ’ नील के साथ भी बैठक की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने भारत और माल्टा के बीच सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा और सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के अवसरों पर चर्चा की।

    शुक्रवार से भारत और माल्टा के बीच बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से विदेश कार्यालय परामर्श का चौथा दौर वैलेटा में शुरू हुआ। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण को रेखांकित किया। वैलेटा में आयोजित बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और माल्टा के विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव क्रिस्टोफर कुटाजार ने की।

    बैठक में व्यापार, निवेश, आईसीटी, स्वास्थ्य सेवा, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और समुद्री क्षेत्र समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया। साथ ही भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में आर्थिक जुड़ाव को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

    बैठक में दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण दायरे की समीक्षा की और बहुपक्षीय मंचों पर निरंतर सहयोग बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह मुलाकात भारत और माल्टा के बीच रणनीतिक साझेदारी और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    इस तरह की बैठकों से न केवल व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा बल्कि रक्षा, सुरक्षा और वैश्विक मंचों पर आपसी समझ को भी मजबूती मिलेगी। दोनों पक्षों ने आगे भी नियमित बातचीत और संयुक्त पहल के जरिए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल को कहें अलविदा, इन सरल टिप्स से दिल और लिवर दोनों रहेंगे मजबूत

    नई दिल्ली: आज की आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि काफी कम हो गई है और ज्यादातर लोग दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, इस वजह से शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की चपेट में आने लगता है, खासकर बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल आज एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, 30 की उम्र के बाद युवाओं में लिवर और हृदय से जुड़ी दिक्कतें तेजी से देखने को मिल रही हैं, आमतौर पर डॉक्टर इसके लिए दवाएं देते हैं, जो रक्त को पतला करने और हृदय को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में भी इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बिना ज्यादा दवाओं के भी कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखा जा सकता है

    कोलेस्ट्रॉल बढ़ना शरीर में कई खतरों को न्योता देता है, इससे स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है, शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण कम दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं जैसे पलकों पर धब्बे होना, सीने में भारीपन या दर्द महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ, थकान और पैरों में ऐंठन की समस्या, अगर समय रहते उपाय किए जाएं तो यह गंभीर नहीं बनता और हृदय स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है

    सुबह की शुरुआत मेथी के पानी से करना बेहद लाभकारी है, इसके लिए रात को मेथी के दानों को पानी में भिगो दें और इसमें एक कली लहसुन डाल दें, सुबह इसे छानकर पीने से रक्त में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होने लगता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ती है, यदि पसंद हो तो लहसुन को हल्का भूनकर भी सुबह सेवन किया जा सकता है, यह उपाय न केवल हृदय को मजबूत बनाता है बल्कि लिवर की कार्य क्षमता को भी सुधारता है

    नाश्ते में ओट्स का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है और दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है, साथ ही राजमा और दालों को अपने आहार में शामिल करें, ये प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं और हृदय को सुरक्षित रखते हैं

    आहार में रिफाइंड तेल का त्याग करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का प्रमुख कारण है, इसके स्थान पर घी, तिल का तेल या जैतून का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके अलावा पानी की पर्याप्त मात्रा लेना और हल्की एक्सरसाइज जैसे चलना या योग करना भी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, इसके साथ ही तनाव को कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है

    इन उपायों को नियमित दिनचर्या में शामिल करके आप बिना दवा के अपने कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रख सकते हैं, इससे न केवल हृदय मजबूत रहेगा बल्कि लिवर भी स्वस्थ रहेगा, सही आहार और प्राकृतिक उपायों के संयोजन से आप अपने स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं

  • तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..

    तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..


    नई दिल्ली : गर्मियों की शुरुआत होते ही तरबूज खाने का मन सभी को करता है यह फल न केवल रिफ्रेशिंग है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है आयुर्वेद में तरबूज को पित्त शामक फल कहा गया है और यह ज्येष्ठ माह का फल माना जाता है क्योंकि इस समय तापमान बहुत अधिक होता है और तरबूज की तासीर ठंडी होती है

    तरबूज खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है क्योंकि इसमें 90 प्रतिशत पानी होता है इसके अलावा इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो भी लाता है

    तरबूज में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ये तत्व चेहरे और बालों की सेहत के लिए लाभकारी हैं विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अतिसार और जी घबराने जैसी समस्याओं को कम करता है। इसके साथ ही तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक हैं

    अगर शरीर में सूजन की समस्या है, तब भी तरबूज का सेवन लाभकारी होता है पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर शरीर को मजबूती देने का काम करते हैं गर्मियों में दोपहर के वक्त तरबूज खाना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। काटकर खाने के समय न होने पर आप इसे पुदीने के साथ जूस के रूप में भी ले सकते हैं, लेकिन जूस को बिना छाने पिएं ताकि सभी पोषक तत्व मिलते रहें

    इस तरह तरबूज सिर्फ एक स्वादिष्ट फल नहीं बल्कि गर्मियों में सेहत और ऊर्जा का खजाना है जो हाइड्रेशन, त्वचा की चमक और मांसपेशियों की मजबूती, सभी के लिए फायदेमंद है

  • वैश्विक व्यापार में भरोसे के लिए पीयूष गोयल ने सदस्य देशों से सर्वसम्मति की अपील..

    वैश्विक व्यापार में भरोसे के लिए पीयूष गोयल ने सदस्य देशों से सर्वसम्मति की अपील..


    नई दिल्ली:  Piyush Goyal ने कैमरून के Yaounde में आयोजित विश्व व्यापार संगठन की 14वीं मंत्रीस्तरीय बैठक (MC14) के दूसरे दिन भारत का नेतृत्व करते हुए सर्वसम्मति आधारित फैसलों पर जोर दिया उन्होंने कहा कि किसी भी देश पर ऐसे नियम नहीं थोपे जाने चाहिए जिनसे वह सहमत न हो

    गोयल ने मौजूदा गतिरोध को खत्म करने और सदस्य देशों के बीच भरोसा दोबारा बनाने की जरूरत बताई उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ में चर्चाएं पूरी तरह पारदर्शी, समावेशी और सदस्य देशों के नेतृत्व में होनी चाहिए और अगर संस्थागत ढांचे में बिखराव हुआ तो वैश्विक व्यापार प्रणाली कमजोर हो जाएगी

    भारत ने समान अवसर (level playing field) बनाए रखने की बात की और कहा कि उरुग्वे दौर से उत्पन्न असमानताओं को दूर करना जरूरी है साथ ही खाद्य सुरक्षा, पब्लिक स्टॉकहोल्डिंग (PSH), स्पेशल सेफगार्ड मैकेनिज्म (SSM) और कपास जैसे लंबित मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही गई

    डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान तंत्र की कमजोर स्थिति पर भारत ने चिंता जताई और कहा कि सही तरीके से फैसले नहीं होंगे तो नियम लागू नहीं हो पाएंगे और इसका सबसे अधिक असर छोटे देशों पर पड़ेगा इसके अलावा पारदर्शिता के नाम पर व्यापारिक जवाबी कार्रवाई या घरेलू नीतियों को चुनौती देने के प्रयासों पर सावधानी बरतने को कहा गया

    बैठक में Rajesh Aggarwal ने डब्ल्यूटीओ सुधारों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने और स्पष्ट लक्ष्य तय करने की आवश्यकता पर बल दिया

    पीयूष गोयल ने इस दौरान अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, मोरक्को और ओमान के प्रतिनिधियों से अलग-अलग मुलाकात भी की जिसमें व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई

    यह डब्ल्यूटीओ सम्मेलन 26 मार्च से शुरू होकर 29 मार्च तक चलेगा और इसमें वैश्विक व्यापार की दिशा तय करने वाले कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी

  • सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल, एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से विकास का नया मॉडल तैयार

    सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल, एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से विकास का नया मॉडल तैयार


    भोपाल । मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच आर्थिक सांस्कृतिक और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से 31 मार्च 2026 को एमपी यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 का आयोजन वाराणसी में किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आयोजित यह सम्मेलन अंतरराज्यीय सहयोग को केवल नीतिगत स्तर तक सीमित न रखकर उसे व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

    इस सम्मेलन की शुरुआत काशी के प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से होगी जहां तीर्थस्थल प्रबंधन क्राउड कंट्रोल और आधुनिक अधोसंरचना के सफल मॉडल का अवलोकन किया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर मध्यप्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार की दिशा में ठोस रणनीति तैयार की जाएगी जिससे तीर्थ पर्यटन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

    सम्मेलन का प्रमुख फोकस ओडीओपी जीआई टैग उत्पादों पारंपरिक शिल्प कृषि और फूड उत्पादों को एकीकृत मंच प्रदान करना होगा। उत्तरप्रदेश की ओडीओपी पहल के अनुभवों से यह समझ विकसित की जाएगी कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में कैसे प्रतिस्पर्धी बनाया जा सकता है। दोनों राज्यों के उत्पादों को साझा ब्रांडिंग के तहत प्रस्तुत करने से निर्यात को बढ़ावा मिलने और मूल्य संवर्धन के नए अवसर खुलने की संभावना है।

    इस अवसर पर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे जिनके माध्यम से व्यापार औद्योगिक निवेश कौशल विकास और पर्यटन क्षेत्र में साझेदारी को औपचारिक रूप दिया जाएगा। यह समझौते केवल दस्तावेजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेंगे बल्कि जमीनी स्तर पर लागू कर उद्योगों उद्यमियों और शिल्पकारों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

    सम्मेलन में उद्योग जगत निवेशकों नीति निर्माताओं और शिल्पकारों को एक साझा मंच मिलेगा जहां वे निवेश अवसरों लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना और नीतिगत प्रोत्साहनों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। वस्त्र हस्तशिल्प एमएसएमई खाद्य प्रसंस्करण और पर्यटन जैसे विविध क्षेत्रों की सहभागिता इस आयोजन को बहुआयामी बनाएगी और उद्योग सरकार समन्वय को नई मजबूती देगी।

    इसके साथ ही आयोजित प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं ओडीओपी उत्पादों जीआई टैग हस्तशिल्प और प्रमुख पर्यटन स्थलों को एकीकृत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी निवेशकों के लिए राज्य की संभावनाओं को समझने और उनसे जुड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

    शिल्पकारों के लिए गंगा नर्मदा क्राफ्ट कॉरिडोर जैसी अभिनव पहल भी इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगी जिसमें चंदेरी और महेश्वरी शिल्पकार बनारसी कारीगरों के साथ मिलकर साझा ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर काम करेंगे। इससे पारंपरिक शिल्प को नई पहचान मिलने के साथ कारीगरों की आय और आजीविका में वृद्धि होगी।

    धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए काशी उज्जैन चित्रकूट सर्किट पर भी विशेष चर्चा होगी जिसमें पर्यटन को एक संयुक्त उत्पाद के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। इस पहल से दोनों राज्यों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    कुल मिलाकर यह सम्मेलन निवेश निर्यात रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में यह पहल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बीच सहयोग को दीर्घकालिक और परिणामदायी दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

  • पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..

    पेट्रोल गैस और खाद की सप्लाई पर गुजरात सरकार सख्त सीएम भूपेंद्र पटेल ने की समीक्षा..


    नई दिल्ली: 
    Bhupendra Patel की अध्यक्षता में Gandhinagar में एक अहम हाई लेवल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें राज्य में पेट्रोल डीजल गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता और सप्लाई सिस्टम की विस्तृत समीक्षा की गई यह बैठक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बुलाई गई थी

    यह बैठक Narendra Modi द्वारा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ की गई वीडियो कॉन्फ्रेंस के बाद आयोजित की गई जिसमें उन्होंने पेट्रोल डीजल गैस फर्टिलाइजर और खाद्य सामग्री की आपूर्ति को लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए थे

    बैठक में स्पष्ट किया गया कि गुजरात में फिलहाल पेट्रोल डीजल गैस और खाद समेत सभी जरूरी वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि भविष्य में भी सप्लाई में किसी तरह की कमी न आए इसके लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और बेहतर तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए

    इस दौरान राज्य में पीएनजी कनेक्शन को तेजी से बढ़ाने पर भी जोर दिया गया मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को जल्द लागू करने और खासकर रिहायशी इलाकों शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए

    मीटिंग में जानकारी दी गई कि गुजरात देश में सबसे अधिक लगभग 23 प्रतिशत पीएनजी कनेक्शन वाला राज्य है वहीं देश के करीब 12 प्रतिशत सीएनजी फिलिंग स्टेशन भी यहीं संचालित हैं पिछले 10 दिनों में राज्य में 12 हजार से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन और 300 से अधिक कमर्शियल कनेक्शन दिए गए हैं जो तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है

    राज्य में एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सरकार सतर्क है करीब 1.28 करोड़ घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तेल और गैस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है साथ ही उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है जिसमें अब तक 10 हजार शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है

    मुख्यमंत्री ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी है ताकि लोगों में किसी भी तरह की कमी का डर न फैले

    इसके अलावा फर्टिलाइजर की उपलब्धता पर भी संतोष जताया गया और कृषि विभाग को खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया पोर्ट्स पर कार्गो मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और सप्लाई चेन में किसी भी रुकावट को रोकने के निर्देश भी दिए गए

    सरकार ने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने पर भी जोर दिया ताकि वैश्विक हालात के बीच आर्थिक दबाव कम किया जा सके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने का फैसला लिया गया ताकि सप्लाई चेन मजबूत बनी रहे

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखें ये चीजें, बढ़ेगा समृद्धि और सुख-शांति

    वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखें ये चीजें, बढ़ेगा समृद्धि और सुख-शांति


    नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। हमारे आस-पास हर वस्तु अपनी खास ऊर्जा रखती है, जिसका असर हमारे जीवन पर पड़ता है। जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। सही वास्तु वाला घर सुख-समृद्धि और शांति लेकर आता है, जबकि वास्तु दोष होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।

    घर में कुछ विशेष शुभ वस्तुएं रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और करियर तथा व्यवसाय में उन्नति के मार्ग खुलते हैं। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में।

    श्रीमद् भगवद् गीता

    भगवद् गीता को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र ग्रंथ माना जाता है। घर में गीता रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित पाठ से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं।

    चांदी का सिक्का

    चांदी का सिक्का वास्तु में शुभ माना जाता है। चांदी का संबंध चंद्र ग्रह से है, जो मन को शांत और स्थिर रखने में मदद करता है। इसे तिजोरी या धन स्थान पर रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

     पांच कौड़ियां

    कौड़ियों को मां लक्ष्मी से जोड़ा गया है और इन्हें धन का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन 5 साबुत कौड़ियों को हल्दी लगाकर पूजा स्थान या धन स्थान पर रखने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

    हल्दी की गांठ

    हल्दी का संबंध भगवान विष्णु से है। जहां भगवान विष्णु का वास होता है, वहां मां लक्ष्मी भी निवास करती हैं। तिजोरी या धन स्थान पर हल्दी की गांठ रखने से आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और घर में धन-धान्य में वृद्धि होती है।

    गुलाब का पौधा

    गुलाब का फूल मां लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है। वास्तु के अनुसार सही दिशा में गुलाब का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर का वातावरण सुखद बनता है, मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और वास्तु दोष दूर होते हैं।

    इन 5 वास्तु उपायों को अपनाकर घर में सकारात्मक ऊर्जा, धन-संपन्नता और शांति बनी रहती है। नियमित रूप से इन वस्तुओं की देखभाल और सही दिशा में रखकर आप मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

  • रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: अदाणी डिफेंस ने सेना को सौंपी पहली प्रहार मशीन गन

    रक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम: अदाणी डिफेंस ने सेना को सौंपी पहली प्रहार मशीन गन


    नई दिल्ली। शनिवार को अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय सशस्त्र बलों को 2,000 ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन (एलएमजी) की पहली खेप सौंप दी। इस मौके पर कंपनी के सीईओ आशीष राजवंशी ने इसे ‘मेक इन इंडिया’ पहल में एक बड़ा मील का पत्थर बताया।

    7.62 मिमी कैलिबर की आधुनिक मशीन गन

    यह 7.62 मिमी कैलिबर वाली ‘प्रहार’ लाइट मशीन गन ग्वालियर के बाहरी इलाके में स्थित कंपनी के स्मॉल आर्म्स कॉम्प्लेक्स में तैयार की गई है। सीईओ राजवंशी ने कहा कि कंपनी को सात साल में कुल 41,000 एलएमजी देने का लक्ष्य मिला है, लेकिन टीम की मेहनत और क्षमता के दम पर यह लक्ष्य तीन साल से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है।

    पहली खेप और उत्पादन क्षमता

    पहली 2,000 एलएमजी की डिलीवरी के बाद अदाणी डिफेंस ने हर महीने 1,000 मशीन गन बनाने की क्षमता हासिल कर ली है। यह अब तक का एक रिकॉर्ड है और इसे कंपनी की तकनीकी दक्षता और उत्पादन क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।

    ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की यात्रा

    सीईओ ने बताया कि यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया’ रणनीति और शुरुआती दौर में तकनीकी सहयोग से संभव हो पाई। उन्होंने कहा कि साल 2020 में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के साथ यह यात्रा शुरू हुई और पिछले छह वर्षों में अदाणी डिफेंस एक छोटे कंपोनेंट निर्माता से पूरी तरह हथियार बनाने वाली ओईएम कंपनी बन गई है।

    रक्षा मंत्रालय की मौजूदगी

    कार्यक्रम में रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ए अनबरसु भी मौजूद रहे। उन्होंने सेना के लिए भेजी जा रही पहली खेप वाले ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अनबरसु ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत अब रक्षा सौदों को तेजी से उत्पादन और डिलीवरी में बदलने की क्षमता रखता है, जो देश की रक्षा ताकत को और मजबूत करेगा।

    सीईओ का संदेश

    आशीष राजवंशी ने यह भी बताया कि कंपनी ने टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की मदद से शुरुआत की थी, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया में कंपनी स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बन चुकी है। उनका कहना है कि यह कदम भारतीय सशस्त्र बलों के लिए आधुनिक हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ देश में रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा।

  • गर्मियों में बालकनी को बनाएं हरा भरा ये 8 पौधे रखेंगे हवा और मूड दोनों फ्रेश

    गर्मियों में बालकनी को बनाएं हरा भरा ये 8 पौधे रखेंगे हवा और मूड दोनों फ्रेश

    नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप और गर्म हवाएं लेकर आता है ऐसे में घर की बालकनी अगर हरी भरी हो तो न सिर्फ आंखों को सुकून मिलता है बल्कि यह हमारे मूड और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालती है पौधे प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर की तरह काम करते हैं और घर के माहौल को ताजगी से भर देते हैं अगर आप भी अपनी बालकनी को इस गर्मी में फ्रेश और खूबसूरत बनाना चाहते हैं तो कुछ खास पौधे आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं

    रोज़मेरी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसकी खुशबू दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है इसे आप अपने किचन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे स्वाद और सेहत दोनों का फायदा मिलता है

    एलोवेरा गर्मियों का सुपरस्टार पौधा माना जाता है इसका जेल त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और जलन में राहत देता है साथ ही यह हवा को साफ रखने में भी मदद करता है जिससे घर का वातावरण हेल्दी बना रहता है

    चमेली के सफेद फूल और उसकी भीनी खुशबू आपके मन को शांति देती है यह तनाव को कम करने में मददगार होती है और आपकी बालकनी को खूबसूरत भी बनाती है

    पीस लिली न केवल देखने में आकर्षक होती है बल्कि यह हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को भी कम करती है इसके पत्ते वातावरण में नमी बनाए रखते हैं जिससे गर्मी में राहत मिलती है

    पुदीना एक ऐसा पौधा है जो तुरंत ताजगी का एहसास कराता है इसकी खुशबू थकान दूर करती है और इसकी पत्तियों से बनी चाय पाचन के लिए भी फायदेमंद होती है

    इंग्लिश आइवी खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें एलर्जी की समस्या होती है यह हवा में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों को कम करने में मदद करता है और बालकनी को हरा भरा लुक देता है

    बाल्सम के रंग बिरंगे फूल बालकनी को जीवंत बना देते हैं साथ ही यह कीड़े मकोड़ों को दूर रखने में भी मदद करते हैं जिससे आपका वातावरण साफ और सुरक्षित रहता है

    तुलसी एक पवित्र और औषधीय पौधा है जो तनाव कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है इसकी मौजूदगी से घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है

    अगर आप इन पौधों को अपनी बालकनी में लगाते हैं तो न सिर्फ गर्मी का असर कम महसूस होगा बल्कि आपका घर एक ताजगी भरा और सुकून देने वाला स्थान बन जाएगा

  • गर्मियों में इलायची का कमाल: गले की खराश और मुंह के छाले में राहत

    गर्मियों में इलायची का कमाल: गले की खराश और मुंह के छाले में राहत


    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बढ़ती गर्मी के कारण पेट, गले और मुंह की कई छोटी-बड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में रसोई में मिलने वाली छोटी-सी इलायची सेहत के लिए बाध्य साबित हो सकती है। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है, जो खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ गर्मी से होने वाली व्यवस्थाओं में भी आराम देती है।

    पेट की समस्याओं में राहत

    गर्मियों में सबसे ज्यादा समस्या अपच, एसिडिटी और खाने के बाद खट्टी डकार की होती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, रोजाना एक इलायची चबाने से पेट की हाइपर एसिडिटी कंट्रोल हो जाती है। इससे सीने में जलन, भारीपन और गैस जैसी सुविधाएं कम होती हैं। भोजन के बाद इलायची को धीरे-धीरे चबाने की आदत डालें, पेट से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत रहता है।

    गले की खराश और खांसी में राहत

    गर्मी में गला अक्सर खराब हो जाता है और खांसी या आवाज बैठ जाने जैसी समस्या आम हो जाती है। ऐसे में 1-2 इलायची धीरे-धीरे चबाकर उसका रस गले से नीचे जाने दें। इससे गले की खराश में तुरंत आराम मिलता है और खांसी भी कम होती है। यह तरीका बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित और असरदार है।

    मुंह के छालों और हिचकी में फायदेमंद

    गर्मियों में मुंह के छालों की समस्या भी बढ़ जाती है। इलायची को मिश्री के साथ चबाने से छालों में जलन और दर्द कम होता है और जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा इलायची हिचकी को रोकने में भी गति होती है। बार-बार हिचकी आने पर एक इलायची चबाएं या इसका पाउडर पानी के साथ लें, हिचकी तुरंत रुक जाएगी।

    मुंह की स्वच्छता और संक्रमण से बचाव

    इलायची मुंह के बैक्टीरिया और संक्रमण को भी दूर करती है। भोजन के बाद एक इलायची चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती और दांत स्वस्थ रहते हैं। इलायची में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने और संक्रमण से बचाव करने में मदद करते हैं।

    सेवन के आसान तरीके

    इलायची का सेवन कई आसान तरीकों से किया जा सकता है:

    चाय मेंह
    दूध में भूनें
    सीधे चबाकर

    गर्मियों में इलायची वाली चाय या दूध पीना शरीर को ठंडक देता है, पाचन तंत्र को मजबूत रखता है और मानसिक तनाव को कम करता है।

    एक्सपोर्ट की सलाह

    विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना 1-2 इलायची का सेवन जरूर करें। यह छोटी-सी आदत पेट, गले और मुंह की कई दवाओं को जड़ से दूर रख सकती है। हालांकि, अगर समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।