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  • श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का आज से शुभारंभ, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भगवती नगर से दिखाएंगे हरी झंडी

    श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का आज से शुभारंभ, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भगवती नगर से दिखाएंगे हरी झंडी

    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर में 21वीं श्री बाबा बूढ़ा अमरनाथ यात्रा का सोमवार से विधिवत शुभारंभ हो रहा है। केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सुबह जम्मू स्थित भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को पुंछ में स्थित पवित्र धाम के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह धार्मिक यात्रा 28 अगस्त तक चलेगी, जिसके लिए जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

    यात्रा की पूर्व संध्या पर रविवार को जम्मू के अभिनव थिएटर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्कार भारती तथा कला, भाषा एवं संस्कृति अकादमी की ओर से आयोजित इस भजन संध्या में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने औपचारिक रूप से यात्रा समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पूरा परिसर श्रद्धालुओं और कलाकारों के ‘बम बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।

    उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने कहा कि भगवान शिव सत्य, एकता और आध्यात्मिक शक्ति के शाश्वत प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बूढ़ा अमरनाथ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं का प्रत्येक कदम समाज को निरंतर उन्नति और सद्भाव की दिशा में ले जाता है। बाबा के दर्शन से प्राप्त होने वाली आध्यात्मिक ऊर्जा समाज में आपसी भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को और अधिक मजबूती प्रदान करती है।

    उपराज्यपाल ने सभी नागरिकों से धर्म और करुणा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ठहरने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए संपूर्ण यात्रा मार्ग और पुंछ क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

    भजन संध्या के दौरान गायिका रितिमा और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत भक्ति भजनों ने समां बांध दिया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में संत शिरोमणि दिनेश भारती, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता शक्तिदास शर्मा, सतपाल शर्मा, जम्मू के मंडलायुक्त रमेश कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में भाग लेने के लिए जम्मू पहुंचे हैं।

  • होर्मुज का इंतजार छोड़ दुनिया खोज रही नया रास्ता, साइबेरिया के ऊपर से होगा व्यापार; भारत भी भेजेगा जहाज

    होर्मुज का इंतजार छोड़ दुनिया खोज रही नया रास्ता, साइबेरिया के ऊपर से होगा व्यापार; भारत भी भेजेगा जहाज


    नई दिल्ली । होर्मुज और स्वेज नहर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को लेकर लगातार बनी अनिश्चितता ने दुनिया के सामने वैकल्पिक व्यापारिक रास्तों की जरूरत बढ़ा दी है। इसी बीच रूस के साइबेरियाई तट के ऊपर से गुजरने वाले आर्कटिक समुद्री मार्ग यानी नॉर्दर्न सी रूट को लेकर गतिविधियां तेज हो रही हैं। चीन यूरोप के साथ व्यापार के लिए इस बर्फीले रास्ते का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है। वहीं भारत भी इस मार्ग की संभावनाओं को देखते हुए 2027 में परीक्षण के लिए अपना जहाज भेजने की योजना बना रहा है।

    वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा समुद्री मार्गों पर निर्भर है। लाल सागर और स्वेज नहर क्षेत्र में तनाव के कारण पहले ही जहाजों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा है। दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी भू-राजनीतिक तनाव ने ऊर्जा और समुद्री व्यापार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है। ऐसे हालात में किसी एक रास्ते पर निर्भर रहने के बजाय वैकल्पिक मार्ग विकसित करना रणनीतिक जरूरत बनता जा रहा है।

    नॉर्दर्न सी रूट रूस के आर्कटिक तट के साथ चलता है और पूर्वी एशिया को यूरोप से जोड़ता है। चीन से उत्तरी यूरोप तक समुद्री यात्रा इस रास्ते से करीब 18 से 20 दिनों में पूरी होने की संभावना बताई जाती है। इसके मुकाबले स्वेज नहर के रास्ते यात्रा में लगभग 40 दिन तक लग सकते हैं जबकि अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप के रास्ते जहाजों को करीब 50 दिन तक का समय लग सकता है। कम दूरी का मतलब ईंधन और परिचालन लागत में संभावित कमी भी हो सकता है।

    फिलहाल चीन से यूरोप जाने वाले कंटेनर जहाज हिंद महासागर अरब सागर लाल सागर और स्वेज नहर से होते हुए भूमध्य सागर तक पहुंचते हैं। आर्कटिक मार्ग में जहाज चीन के उत्तरी हिस्से से निकलकर रूस के साइबेरियाई तट के ऊपर से आर्कटिक महासागर में प्रवेश करते हैं और फिर यूरोप की ओर बढ़ते हैं। यही वजह है कि चीन इस मार्ग को आइस सिल्क रोड के नाम से भी देख रहा है।

    चीन के लिए इस मार्ग की अहमियत केवल समय और लागत तक सीमित नहीं है। चीन लंबे समय से अपने व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए कुछ समुद्री मार्गों पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर चिंतित रहा है। मलक्का जलडमरूमध्य को लेकर उसकी रणनीतिक चिंता को मलक्का दुविधा कहा जाता है। ऐसे में वैकल्पिक समुद्री मार्ग चीन को व्यापारिक जोखिम कम करने का विकल्प दे सकता है।

    भारत भी आर्कटिक क्षेत्र में अपनी रणनीतिक और आर्थिक मौजूदगी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रूस के साथ ऊर्जा और व्यापारिक संबंधों के अलावा यूरोप तक बेहतर समुद्री संपर्क भारत के लिए इस मार्ग को महत्वपूर्ण बनाता है। इसी संभावनाओं को परखने के लिए भारत 2027 में इस रास्ते पर परीक्षण के लिए अपना जहाज भेजने की तैयारी कर रहा है। इससे भारत को इस मार्ग की व्यावहारिक चुनौतियों और संभावित आर्थिक फायदे को समझने का मौका मिलेगा।

    हालांकि आर्कटिक समुद्री मार्ग को पूरी तरह आसान विकल्प मानना जल्दबाजी होगी। यहां अत्यधिक ठंड बर्फ की स्थिति और मौसम संबंधी चुनौतियां जहाजों के संचालन को कठिन बना सकती हैं। विशेष प्रकार के जहाज और बेहतर नेविगेशन व्यवस्था की जरूरत पड़ सकती है। इसके बावजूद समुद्री व्यापार में विविधता लाने और पारंपरिक मार्गों पर निर्भरता घटाने की दिशा में यह रास्ता आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    अगर आर्कटिक मार्ग का व्यावसायिक इस्तेमाल बड़े स्तर पर बढ़ता है तो एशिया और यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के समीकरण बदल सकते हैं। चीन के साथ रूस की साझेदारी और भारत की संभावित भागीदारी इस पूरे मार्ग को केवल व्यापार का विकल्प नहीं बल्कि बदलती वैश्विक भू-राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना सकती है।

  • एक्सरसाइज के बावजूद क्यों नहीं घट रहा फैट, विशेषज्ञों ने ओवरट्रेनिंग और हार्मोनल असंतुलन पर जताई चिंता

    एक्सरसाइज के बावजूद क्यों नहीं घट रहा फैट, विशेषज्ञों ने ओवरट्रेनिंग और हार्मोनल असंतुलन पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।नियमित रूप से कड़ा व्यायाम करने और खानपान पर ध्यान देने के बावजूद वजन नियंत्रित न होना एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वजन घटाने के प्रयास में अक्सर लोग अत्यधिक पसीना बहाते हैं, लेकिन परिणाम उम्मीद के विपरीत मिलते हैं। इस स्थिति के पीछे केवल आहार ही मुख्य वजह नहीं होती, बल्कि शरीर को पर्याप्त आराम न देना, खराब नींद और जरूरत से ज्यादा वर्कआउट करना भी एक बड़ा कारण हो सकता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि व्यायाम के बाद मांसपेशियों की रिकवरी के लिए शरीर को पर्याप्त समय मिलना अत्यंत आवश्यक है। जब कोई व्यक्ति लगातार भारी वर्कआउट करता है और रात में गहरी नींद नहीं ले पाता, तो शरीर में अंदरूनी तनाव बढ़ने लगता है। यह स्थिति ऊर्जा स्तर, पाचन क्रिया और दैनिक कार्यक्षमता को प्रभावित करती है। अत्यधिक शारीरिक परिश्रम के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त हो सकता है और हार्मोनल संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे फैट घटने के बजाय जमा होने लगता है।

    क्रॉनिक डिजीज विशेषज्ञों के मुताबिक, बिना किसी विश्राम दिवस के रोज कड़ा व्यायाम करने से शरीर में क्रॉनिक लो-ग्रेड इंफ्लेमेशन यानी अंदरूनी सूजन और तनाव उत्पन्न होता है। यह अंदरूनी तनाव हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित करता है, जिससे विशेष रूप से पेट के आसपास फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके अलावा, ओवरट्रेनिंग के कारण महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमतिता जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं, जो कि शरीर द्वारा अत्यधिक थकान का स्पष्ट संकेत है।

    व्यायाम से शरीर पूरी तरह थक जाने के बाद भी यदि रात में नींद न आने की समस्या हो रही है, तो यह ओवरट्रेनिंग और एड्रिनल ग्लैंड पर पड़ रहे अत्यधिक दबाव को दर्शाता है। ऐसी स्थिति में शरीर थायरॉइड और चयापचय दर को धीमा कर देता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया पूरी तरह रुक जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फिटनेस के लिए हमेशा अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही कसरत करनी चाहिए।

    एक स्वस्थ जीवन शैली और प्रभावी वजन नियंत्रण के लिए केवल कठिन वर्कआउट ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ संतुलित आहार, समय पर पर्याप्त आराम और प्रतिदिन कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेना अनिवार्य है। शरीर को अत्यधिक थका देने के बजाय संयमित दिनचर्या अपनाकर ही टिकाऊ फिटनेस और सही वजन प्राप्त किया जा सकता है।

  • मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम 17 अगस्त 2026: MP में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश 17 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर तेज दिखाई दे सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम अधिक सक्रिय रहने के संकेत हैं जहां 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 17 अगस्त को Very Heavy Rain का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद भी 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। IMD के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं पूरे मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त के दौरान कई क्षेत्रों में व्यापक बारिश का दौर बने रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में 17 अगस्त को बारिश का असर केवल एक-दो जिलों तक सीमित रहने के बजाय राज्य के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकता है।

    राजधानी भोपाल की बात करें तो 17 अगस्त को आसमान में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थानीय पूर्वानुमान में सोमवार को बादल और बीच-बीच में बारिश की स्थिति बताई गई है। तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी के संकेत नहीं हैं। ऐसे में राजधानी में मौसम सुहावना रहने के साथ कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हो सकती है।

    इंदौर में भी 17 अगस्त को मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद नहीं है। IMD के शहर आधारित पूर्वानुमान के अनुसार इंदौर में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और बारिश या गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ऐसे में शहरवासियों को दिन के दौरान अचानक बारिश के लिए तैयार रहना होगा।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। IMD के चेतावनी बुलेटिन में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति का संकेत दिया गया है। बारिश के दौरान निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने तथा नदी नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी पर भी नजर रखना जरूरी होगा। ऐसे मौसम में लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी जाती है।

    देश के स्तर पर भी 17 अगस्त को मानसून काफी सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार 15 से 21 अगस्त के बीच कई राज्यों में व्यापक बारिश की स्थिति बन सकती है। पूर्वी और मध्य भारत के अलावा देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसका असर सड़क और रेल यातायात के साथ स्थानीय जनजीवन पर पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त को मध्य प्रदेश में मौसम राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है। भोपाल और इंदौर में बादल और बारिश की संभावना है जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। तेज बारिश के दौरान बिजली चमकने और हवाओं की स्थिति को देखते हुए खुले मैदानों में जाने से बचना और पेड़ों के नीचे खड़े न होना बेहतर रहेगा। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है इसलिए स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • बंबई उच्च न्यायालय लिपिक भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप, अभ्यर्थियों का छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन

    बंबई उच्च न्यायालय लिपिक भर्ती परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ी का आरोप, अभ्यर्थियों का छत्रपति संभाजीनगर में प्रदर्शन


    नई दिल्ली ।
    बंबई उच्च न्यायालय में लिपिक पद के लिए आयोजित ऑनलाइन टाइपिंग परीक्षा के दौरान तकनीकी और सर्वर संबंधी गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं। परीक्षा प्रक्रिया में आई बाधाओं से आक्रोशित कई अभ्यर्थियों ने रविवार को छत्रपति संभाजीनगर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रणालीगत कमियों के कारण कई उम्मीदवारों को बिना किसी गलती के अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है।

    प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके प्रभावित उम्मीदवारों से मिलने सुराणा नगर स्थित परीक्षा केंद्र पहुंचे। अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए दीपके ने परीक्षा को नए सिरे से दोबारा आयोजित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित अभ्यर्थियों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे इस संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। दीपके ने अधिकारियों पर अभ्यर्थियों की शिकायतों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।

    परीक्षार्थियों के अनुसार, सुबह के सत्र में परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन में पीलापन आने और कीबोर्ड द्वारा काम करना बंद कर देने जैसी गंभीर समस्याएं आईं। कई केंद्रों पर सर्वर की सुस्ती के कारण अभ्यर्थी अपना मूल्यांकन कार्य सुचारू रूप से पूरा नहीं कर सके। अभ्यर्थियों ने आशंका जताई है कि इन तकनीकी खामियों के कारण उनके भविष्य पर विपरीत असर पड़ेगा, इसलिए प्रभावित सत्र की परीक्षा दोबारा आयोजित कराई जानी चाहिए।

    उच्च न्यायालय प्रशासन की ओर से जारी एक आधिकारिक संदेश में स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा का आयोजन तय एजेंसी के माध्यम से कराया गया था। हालांकि, प्रशासन ने माना कि औरंगाबाद और कल्याण जैसे कुछ केंद्रों पर तकनीकी बाधाएं दर्ज की गई हैं। एजेंसी द्वारा संचालित इस प्रक्रिया की विस्तृत जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई के संबंध में उम्मीदवारों को आधिकारिक रूप से सूचित किया जाएगा।

    उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय की औरंगाबाद और नागपुर पीठ के अंतर्गत 1,300 लिपिकीय पदों के लिए यह परीक्षा तीन सत्रों में आयोजित की गई थी। इसके लिए पूरे राज्य से लगभग 13,000 उम्मीदवार पात्र पाए गए थे, जिनमें से अकेले मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र के करीब 2,900 अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के केंद्रों पर भाग लिया था। मध्य प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों के प्रतियोगी परीक्षा विशेषज्ञों की नजरें भी इस भर्ती मामले के आगामी प्रशासनिक घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

  • BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में महामंथन, पर्यावरण पर 4 बड़े मुद्दों को लेकर बनेगी साझा रणनीति

    BRICS Summit 2026 से पहले दिल्ली में महामंथन, पर्यावरण पर 4 बड़े मुद्दों को लेकर बनेगी साझा रणनीति


    नई दिल्ली । ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में सदस्य देशों के पर्यावरण मंत्रियों की अहम बैठक होने जा रही है। भारत की अध्यक्षता में 18 अगस्त को आयोजित होने वाली इस बैठक में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। बैठक का मुख्य फोकस सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने जंगलों की आग से निपटने सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करने और जलवायु परिवर्तन के असर के प्रति बेहतर अनुकूलन की रणनीति तैयार करने पर रहेगा। माना जा रहा है कि बैठक के बाद इन मुद्दों को लेकर साझा बयान भी जारी किया जा सकता है।

    पर्यावरण मंत्रियों की बैठक से एक दिन पहले 17 अगस्त को पर्यावरण कार्य समूह और जलवायु परिवर्तन एवं टिकाऊ विकास से जुड़े संपर्क समूह के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक भी होगी। इन बैठकों को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 की व्यापक थीम सुदृढ़शीलता नवाचार सहयोग और सतत विकास से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास को लेकर सामूहिक सहयोग को और मजबूत करना है।

    बैठक में सबसे अहम मुद्दों में से एक सर्कुलर इकोनॉमी यानी चक्रीय अर्थव्यवस्था रहेगा। इसका उद्देश्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ कचरे को कम करना और दोबारा उपयोग की संभावनाओं को बढ़ाना है। इसके लिए विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व जैसे नीतिगत ढांचे को मजबूत करने और प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन की दिशा में सदस्य देशों के अनुभव साझा किए जाएंगे। माना जा रहा है कि अलग अलग देशों में अपनाई जा रही सफल व्यवस्थाओं से सीख लेकर संसाधनों के कुशल उपयोग के लिए साझा रणनीति पर जोर दिया जाएगा।

    जंगल की आग का प्रबंधन भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। दुनियाभर में बढ़ती जंगल की आग पर्यावरण के साथ साथ वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। ऐसे में ब्रिक्स देश डेटा संग्रह निगरानी क्षमता निर्माण और समय रहते आग का पता लगाने जैसी व्यवस्थाओं पर सहयोग बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। रोकथाम से लेकर तैयारी और आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया तक एक बेहतर व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

    तीसरा प्रमुख मुद्दा सतत जीवनशैली का है। संसाधनों के बढ़ते इस्तेमाल और पर्यावरण पर पड़ रहे दबाव को देखते हुए लोगों की जीवनशैली में ऐसे बदलाव लाने पर जोर दिया जा रहा है जिससे विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कायम रह सके। ब्रिक्स देशों के बीच ज्ञान साझा करने और सफल प्रयोगों को एक दूसरे तक पहुंचाने पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर ऐसे नए और व्यावहारिक मॉडल विकसित करना है जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।

    चौथा महत्वपूर्ण मुद्दा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति अनुकूलन का रहेगा। इसमें समुदायों को केंद्र में रखकर जलवायु जोखिमों से निपटने की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय अनुभवों को आधुनिक उपायों के साथ जोड़कर जलवायु अनुकूलन को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा सदस्य देशों के बीच तकनीकी सहयोग और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान प्रदान को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा।

    दिल्ली में होने वाली यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन वैश्विक स्तर पर बड़ी चुनौतियां बन चुके हैं। ऐसे में ब्रिक्स देशों के बीच साझा प्रयासों और नीतिगत सहयोग को मजबूत करने की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। बैठक के निष्कर्ष और संभावित साझा बयान से यह संकेत मिल सकता है कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए किस तरह की सामूहिक रणनीति को आगे बढ़ाना चाहता है।

  • सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों की फिटनेस और ट्रेनिंग पर उठाए सवाल, हैमस्ट्रिंग की चोटों पर जताई चिंता

    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों की लगातार चोटों ने फिटनेस और प्रशिक्षण के मौजूदा तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वॉशिंगटन सुंदर, साई सुदर्शन, नीतीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे कई प्रमुख खिलाड़ी अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। इस बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का बचाव करते हुए खिलाड़ियों की मूल ट्रेनिंग प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

    सुनील गावस्कर का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों में बार-बार सामने आ रही हैमस्ट्रिंग की समस्या को सामान्य मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि इसके पीछे के मूल कारणों को समझने के लिए खिलाड़ियों के नियमित प्रशिक्षण और वर्कलोड मैनेजमेंट की गहराई से समीक्षा की जानी बेहद जरूरी है। अधिकतर खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय चोटिल होते हैं, लेकिन बाद में दोष बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के फिजियो और मेडिकल स्टाफ पर मढ़ दिया जाता है।

    आधुनिक क्रिकेट में अपनाए जा रहे वर्कलोड मैनेजमेंट पर टिप्पणी करते हुए पूर्व कप्तान ने कहा कि अभ्यास सत्र के दौरान गेंदबाजों पर लगाई जाने वाली गेंदें फेंकने की सीमा हमेशा लाभदायक नहीं होती। उन्होंने उदाहरण देते हुए स्पष्ट किया कि जब एक टी20 मुकाबले में गेंदबाज को कम से कम चार ओवर यानी 24 गेंदें फेंकनी होती हैं, तो अभ्यास में उसे 20 से कम गेंदें फेंकने तक सीमित रखना व्यावहारिक नहीं है। इससे खिलाड़ी मैदान की वास्तविक परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाते।

    फिटनेस के तय पैमानों पर बात करते हुए गावस्कर ने स्पष्ट किया कि केवल जिम में पसीना बहाकर हासिल की गई शारीरिक क्षमता पर्याप्त नहीं है। मैदान की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप शरीर को ढालना और मैच फिट होना अधिक आवश्यक है। बार-बार लगने वाली चोटों से टीम का संतुलन भी प्रभावित होता है, जिस पर कप्तान शुभमन गिल भी पूर्व में चिंता जाहिर कर चुके हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच अब इस विषय पर गंभीर बहस छिड़ गई है।

    आगामी बड़े टूर्नामेंटों और विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों का लगातार स्वस्थ और उपलब्ध रहना बेहद आवश्यक माना जा रहा है। यदि वर्कलोड और ट्रेनिंग के तरीकों में समय रहते सुधार नहीं किया गया तो इसका असर टीम के समग्र प्रदर्शन पर पड़ सकता है। फिलहाल बीसीसीआई और प्रबंधन द्वारा इस दिशा में उठाए जाने वाले आगामी कदमों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

  • अभिनेता सनी देओल ने गदर 3 के संभावित विचार पर दी प्रतिक्रिया, पोते की बीवी लाने के सुझाव को बताया दिलचस्प

    अभिनेता सनी देओल ने गदर 3 के संभावित विचार पर दी प्रतिक्रिया, पोते की बीवी लाने के सुझाव को बताया दिलचस्प


    नई दिल्ली । 
    बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल ने अपनी प्रसिद्ध फिल्म फ्रेंचाइजी के अगले भाग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक दिलचस्प प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में अपनी नई फिल्म की रिलीज के बाद आयोजित एक विशेष बातचीत के दौरान जब उनसे गदर 3 के संभावित कथानक को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे हास्यप्रद और विचारणीय बताया। अभिनेता ने संकेत दिया कि फिल्म निर्माण के इस विचार को निर्देशक के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है।

    बातचीत के दौरान एक प्रशंसक की टिप्पणी का हवाला दिया गया, जिसमें पहली और दूसरी फिल्म के घटनाक्रमों की तुलना करते हुए तीसरी किश्त की संभावित कहानी पर चुटकी ली गई थी। इस टिप्पणी में कहा गया था कि पहली फिल्म में मुख्य पात्र अपनी पत्नी को वापस लाने सीमा पार गया था, जबकि दूसरी फिल्म में पुत्र और उसकी पत्नी का संदर्भ था। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रशंसक ने पूछा कि क्या तीसरे भाग में पोते और उसकी पत्नी की कहानी देखने को मिलेगी। इस पर अभिनेता ने सहजता से हंसते हुए प्रतिक्रिया दी कि यह विचार बुरा नहीं है और वे इस बारे में निर्देशक अनिल शर्मा से बात करेंगे।

    गदर फ्रेंचाइजी भारतीय सिनेमा के इतिहास में व्यावसायिक दृष्टिकोण से अत्यंत सफल रही है। वर्ष 2001 में प्रदर्शित हुई इसकी पहली किश्त ने बॉक्स ऑफिस पर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की थी। इसके दो दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2023 में इसका दूसरा भाग दर्शकों के सामने आया, जिसने कमाई के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। दोनों ही फिल्मों का निर्देशन अनिल शर्मा द्वारा किया गया था और दोनों में ही मुख्य पात्र तारा सिंह की भूमिका को दर्शकों का भरपूर स्नेह मिला।

    फिल्म के मुख्य चरित्र तारा सिंह पर चर्चा करते हुए अभिनेता ने कहा कि यह किरदार लोगों के दिलों के बेहद करीब रहा है। यह एक सकारात्मक और भावनात्मक जुड़ाव महसूस कराने वाली फिल्म श्रृंखला रही है, जिसे हर वर्ग के दर्शकों ने सराहा है। यही कारण है कि इस फ्रेंचाइजी के हर नए विचार को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी रहती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फ्रेंचाइजी का विशेष आकर्षण हमेशा से रहा है।

    हालांकि, फिल्म के तीसरे भाग की आधिकारिक पुष्टि को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। पूर्व में दिए गए बयानों में निर्देशक अनिल शर्मा ने स्पष्ट किया था कि वे गदर 3 का निर्माण तभी करेंगे जब उनके पास एक अत्यंत प्रभावशाली और मजबूत पटकथा होगी। उन्होंने कहा था कि कहानी का स्तर पहली और दूसरी फिल्म से भी अधिक दमदार होना अनिवार्य है, तभी इसके निर्माण का औचित्य साबित होगा।

    वर्तमान में अभिनेता की नई फिल्म सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है, जिसे दर्शकों की ओर से प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। इसके साथ ही गदर 3 को लेकर सामने आए इस बयान ने एक बार फिर से सिनेमाई गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह प्रशंसक का विचार वाकई किसी आधिकारिक पटकथा का रूप ले पाता है या नहीं।

  • सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को अलमारी में मिले नोटों से भरे 4 बैग, 3 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद

    सागर में हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस को अलमारी में मिले नोटों से भरे 4 बैग, 3 करोड़ से ज्यादा नकदी बरामद

    सागर। सागर शहर के तिली क्षेत्र में रविवार को हथियार की तलाश में पहुंची पुलिस उस समय हैरान रह गई, जब तलाशी के दौरान एक अलमारी से नकदी से भरे चार बैग बरामद हुए। बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं। पुलिस के अनुसार, बरामद नकदी की रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक है। देर रात तक इलेक्ट्रॉनिक मशीन से नोटों की गिनती की जाती रही।

    मामला गोपालगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि स्थानीय निवासी सौरभ अहिरवार ने सोशल मीडिया पर पिस्टल के साथ तस्वीर पोस्ट की है। इसके बाद घर में अवैध हथियार होने की आशंका पर पुलिस की विशेष टीम ने तिली स्थित उसके मकान पर तलाशी की।

    बंद अलमारी खोलते ही मिले नकदी से भरे बैग

    पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे में रखी एक बंद अलमारी को पंचनामा तैयार कर खुलवाया गया। अलमारी के भीतर चार भारी बैग रखे मिले। जब बैग खोले गए तो उनमें 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां देखकर पुलिस अधिकारी भी चौंक गए।

    मामले की सूचना मिलते ही एसपी अनुराग सुजानिया और एएसपी नरेंद्र सोलंकी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बरामद रकम इतनी अधिक थी कि नोटों की गिनती के लिए इलेक्ट्रॉनिक करेंसी काउंटर मशीन मंगानी पड़ी।


    देर रात तक होती रही नोटों की गिनती

    पुलिस के अनुसार, नोटों की गिनती दोपहर बाद शुरू हुई और रात करीब 12 बजे तक चलती रही। शुरुआती गिनती में अकेले एक बैग से करीब 1.33 करोड़ रुपये मिलने की बात सामने आई है। चारों बैगों की कुल रकम 3 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

    पूरी कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पुलिस ने नोटों की बरामदगी और गिनती की वीडियोग्राफी भी कराई।

    रिश्तेदार के पैसे होने का दावा

    पूछताछ में परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि बरामद रकम भोपाल निवासी उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार की है। परिजनों का दावा है कि करीब आठ महीने पहले रमेश ने यह रकम अमानत के तौर पर यहां रखी थी।

    हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए दस्तावेज और रकम के स्रोत की जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि मामले में हवाला कारोबार या बेनामी और अघोषित संपत्ति का कोण भी हो सकता है।

    40 लाख के प्लॉट की भी जानकारी जुटा रही पुलिस

    स्थानीय स्तर पर यह भी जानकारी सामने आई है कि परिवार के रहन-सहन में हाल के दिनों में अचानक बदलाव आया था। पुलिस को सौरभ द्वारा हाल में करीब 40 लाख रुपये का प्लॉट खरीदे जाने की जानकारी भी मिली है। अब पुलिस इस संपत्ति की खरीद और बरामद नकदी के बीच किसी संबंध की भी जांच कर रही है।

    मामले की सूचना आयकर और राजस्व विभाग को दे दी गई है। पुलिस और संबंधित विभाग अब बरामद रकम के वैध स्रोत, उसके मालिकाना हक और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। हथियार की तलाश में शुरू हुई कार्रवाई अब करोड़ों रुपये की नकदी के स्रोत की जांच तक पहुंच गई है।

  • भोपाल में सजेगा अनुभव और हुनर का मंच, MCU के अभ्युदय 2026 में पीयूष मिश्रा समेत 50 पूर्व छात्र करेंगे संवाद

    भोपाल में सजेगा अनुभव और हुनर का मंच, MCU के अभ्युदय 2026 में पीयूष मिश्रा समेत 50 पूर्व छात्र करेंगे संवाद


    भोपाल । भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में सोमवार से तीन दिवसीय सत्रारंभ कार्यक्रम अभ्युदय 2026 का आगाज होने जा रहा है। इस बार आयोजन को मैं और मेरा विश्वविद्यालय थीम के साथ खास रूप दिया गया है। कार्यक्रम के पहले दिन 18 अगस्त को बॉलीवुड और रंगमंच के चर्चित अभिनेता लेखक गीतकार और गायक पीयूष मिश्रा विद्यार्थियों से रूबरू होंगे। वह सुबह 10:30 बजे विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

    अभ्युदय 2026 को इस बार केवल नए सत्र के स्वागत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि इसे विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच संवाद का बड़ा मंच बनाया गया है। विश्वविद्यालय के मीडिया हेड डॉ. पवित्र श्रीवास्तव के अनुसार आयोजन की सबसे खास बात यह रहेगी कि एमसीयू के करीब 35 वर्षों के इतिहास में पढ़कर निकले लगभग 50 पूर्व विद्यार्थी पहली बार एक साथ सत्रारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। अलग अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके ये पूर्व छात्र नए विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे और उन्हें पढ़ाई के साथ करियर की दिशा समझने में मदद करेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान पूर्व विद्यार्थियों के लिए दस अलग अलग संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में पूर्व छात्र अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा करेंगे। साथ ही मीडिया और संचार के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच रोजगार और करियर की नई संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इससे नए विद्यार्थियों को यह समझने का मौका मिलेगा कि विश्वविद्यालय में हासिल की गई शिक्षा को व्यावहारिक दुनिया में किस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

    अभ्युदय 2026 की एक और खासियत इसका अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव है। इस बार एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी अमेरिका ब्रिटेन कनाडा ऑस्ट्रेलिया दुबई सिंगापुर और दक्षिण अफ्रीका सहित सात देशों से कार्यक्रम से जुड़ेंगे। विदेशों में अपनी पेशेवर पहचान बनाने वाले ये पूर्व छात्र भी नए विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें प्रिंट मीडिया टेलीविजन डिजिटल मीडिया मीडिया मैनेजमेंट विज्ञापन जनसंपर्क प्रशासन और राजनीति जैसे अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी शामिल हैं।

    पहले दिन पीयूष मिश्रा की मौजूदगी भी विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रहेगी। अभिनेता के साथ साथ लेखक गीतकार और गायक के रूप में अपनी अलग पहचान बनाने वाले पीयूष मिश्रा युवाओं के बीच अपने अनुभव साझा करेंगे। उनका रचनात्मक सफर और रंगमंच से लेकर सिनेमा तक का अनुभव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक हो सकता है। उनके संवाद के जरिए विद्यार्थियों को रचनात्मक क्षेत्रों में करियर की चुनौतियों और संभावनाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

    तीन दिनों तक चलने वाले अभ्युदय 2026 का समापन 20 अगस्त को होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद रजनीश होंगे। खास बात यह है कि वह भी एमसीयू के पूर्व विद्यार्थी रहे हैं। ऐसे में आयोजन का समापन भी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों और वर्तमान विद्यार्थियों के बीच जुड़ाव की भावना को मजबूत करने वाला होगा।

    कुल मिलाकर अभ्युदय 2026 नए विद्यार्थियों के लिए केवल सत्रारंभ कार्यक्रम नहीं बल्कि अनुभवों से सीखने और करियर की नई दिशाओं को समझने का अवसर बनने जा रहा है। वरिष्ठ कलाकारों से संवाद और देश विदेश में सक्रिय पूर्व छात्रों की मौजूदगी के जरिए विश्वविद्यालय इस आयोजन को अपने 35 वर्षों के सफर और भविष्य की संभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रहा है।