Blog

  • चीन में धर्म की भी 'जासूसी'! अस्पताल से स्कूल तक आस्था पर निगरानी, मांगी जा रही जानकारी

    चीन में धर्म की भी 'जासूसी'! अस्पताल से स्कूल तक आस्था पर निगरानी, मांगी जा रही जानकारी


    नई दिल्ली। चीन में धार्मिक मान्यताओं पर सरकारी निगरानी का दायरा बढ़ने का दावा किया जा रहा है। चेंगदू के एक सरकारी अस्पताल में स्थायी कर्मचारियों के अलावा कॉन्ट्रैक्ट और अस्थायी कर्मचारियों से भी उनकी धार्मिक आस्था की जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है। कर्मचारियों से पूछा गया कि वे किसी धर्म को मानते हैं या नहीं। यहां तक कि किसी धर्म को न मानने वालों की जानकारी भी दर्ज करने की बात कही गई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल ने इसे कर्मचारियों की धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा एक बड़ा सर्वे बताया और इसे वैचारिक, जातीय एवं धार्मिक मामलों की नियमित जांच से जोड़ा गया। इस प्रक्रिया में कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य भी शामिल बताए गए हैं। चीन में पार्टी सदस्यों के लिए धार्मिक आस्था रखने पर प्रतिबंध होने की बात कही जाती है। ऐसे में किसी कर्मचारी के खुद को धार्मिक बताने पर उसे अपनी पार्टी शाखा को इसकी जानकारी देने के लिए कहा गया।

    स्कूलों में छात्रों और परिवारों की भी जानकारी

    धार्मिक पहचान की कथित निगरानी केवल सरकारी अस्पतालों तक सीमित नहीं बताई जा रही। रिपोर्ट में सिचुआन के एक विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कर्मचारी के हवाले से कहा गया है कि शिक्षण संस्थानों में छात्रों के साथ-साथ उनके परिवारों की धार्मिक पृष्ठभूमि की जानकारी भी जुटाई जा रही है और इसे उच्च अधिकारियों तक भेजा जाता है।

    चेंगदू शिक्षा विभाग से जुड़े एक कर्मचारी के मुताबिक, बच्चों के स्कूल में दाखिले से पहले उनके परिवारों की नियमित पृष्ठभूमि जांच होती है। इसमें परिवार की धार्मिक पहचान से जुड़ी जानकारी भी शामिल होने का दावा किया गया है। यानी कथित तौर पर निगरानी सिर्फ व्यक्ति की धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके परिवार की पृष्ठभूमि तक भी पहुंच रही है।

    ‘सिनिसाइजेशन ऑफ रिलिजन’ के तहत बढ़ा नियंत्रण

    चीन में धार्मिक गतिविधियों पर कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण पहले से ही सख्त रहा है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में धार्मिक मामलों पर पार्टी की निगरानी और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। चीन की ‘सिनिसाइजेशन ऑफ रिलिजन’ नीति के तहत धार्मिक संगठनों और उनकी गतिविधियों को चीनी राजनीतिक एवं सांस्कृतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालने की कोशिश की जाती है।

  • कैंसर पर जोंटी रोड्स का बड़ा संदेश, फिटनेस के साथ सही खानपान और जीवनशैली को बताया अहम

    कैंसर पर जोंटी रोड्स का बड़ा संदेश, फिटनेस के साथ सही खानपान और जीवनशैली को बताया अहम


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने कैंसर को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है। अपने क्रिकेट करियर में शानदार फील्डिंग के लिए दुनिया भर में पहचान बनाने वाले रोड्स ने मुंबई में आयोजित एक कैंसर जागरूकता कार्यक्रम में जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़े विकल्पों पर बात की। वह SSO Cancer Hospitals से ब्रांड एंबेसडर के तौर पर जुड़े हुए हैं और हाल ही में अस्पताल की ओर से शुरू किए गए Head and Neck Cancer Centre of Excellence के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

    रोड्स ने कहा कि कैंसर जैसी बीमारी को केवल अचानक होने वाली समस्या के तौर पर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने अपनी बात रखते हुए आदतों तनाव और जीवनशैली से जुड़े फैसलों को स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि व्यक्ति को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे विकल्प चुनने चाहिए जो लंबे समय तक उसके स्वास्थ्य के लिए बेहतर साबित हों। हालांकि कैंसर के मामले में यह समझना भी जरूरी है कि बीमारी का कोई एक कारण नहीं होता और हर मरीज के कैंसर को उसकी जीवनशैली से जोड़ना सही नहीं है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार कैंसर कई तरह की बीमारियों का समूह है और इसके पीछे आनुवंशिक कारणों के साथ पर्यावरणीय और व्यवहार से जुड़े कई कारक हो सकते हैं। तंबाकू का सेवन शराब अस्वास्थ्यकर खानपान शारीरिक निष्क्रियता अधिक वजन वायु प्रदूषण और कुछ संक्रमण कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। WHO के मुताबिक 2022 में दुनिया भर में कैंसर के नए मामलों में करीब 37 प्रतिशत मामले ऐसे कारणों से जुड़े थे जिन्हें रोकथाम की रणनीतियों के जरिए कम किया जा सकता है।

    रोड्स ने अपनी फिटनेस यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ी होने के कारण व्यायाम और फिटनेस उनकी जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिट व्यक्ति को कैंसर नहीं हो सकता ऐसा कहना सही नहीं होगा। उनका संदेश मुख्य रूप से लोगों को अपने स्वास्थ्य को लेकर जागरूक करने और बेहतर विकल्प चुनने पर केंद्रित था। दरअसल कैंसर का जोखिम कम करने के लिए केवल व्यायाम ही पर्याप्त नहीं है बल्कि तंबाकू से दूरी स्वस्थ वजन संतुलित खानपान नियमित शारीरिक गतिविधि और शराब से बचाव जैसे कई कदम महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

    जोंटी रोड्स ने भारत में अपने परिवार के साथ लंबे समय तक रहने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह भारत को केवल एक पर्यटक के रूप में नहीं देखते। उन्होंने यहां लोगों की जीवनशैली और स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को करीब से देखने की बात कही। उनका उद्देश्य अपने अनुभव के जरिए लोगों को कैंसर के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करने और समय रहते जागरूक होने के लिए प्रेरित करना है।

    कैंसर को लेकर जागरूकता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू समय पर जांच और इलाज भी है। WHO के अनुसार कई तरह के कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने और उचित उपचार मिलने पर इलाज संभव है। यही वजह है कि शरीर में लगातार बने रहने वाले असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच और जोखिम कारकों को कम करने की कोशिश बीमारी के बोझ को घटाने में मदद कर सकती है।

    रोड्स ने कैंसर को लेकर डर के बजाय जागरूकता और सकारात्मक सोच पर जोर दिया। उनका कहना था कि भारत में कैंसर के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर और चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं और मरीजों को बीमारी का सामना हिम्मत के साथ करना चाहिए। उनका संदेश यही है कि स्वास्थ्य को लेकर छोटे लेकिन लगातार किए जाने वाले सही फैसले लंबे समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि किसी व्यक्ति को कैंसर होने या न होने का फैसला केवल उसकी जीवनशैली से नहीं किया जा सकता और किसी भी लक्षण या जोखिम की स्थिति में डॉक्टर की सलाह ही सबसे महत्वपूर्ण है।

  • MP के 11 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, सीधी-मऊगंज-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी

    MP के 11 जिलों में आज हैवी रेन अलर्ट, सीधी-मऊगंज-डिंडौरी में अति भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बंगाल की खाड़ी से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम का असर अगले दो दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से यानी जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में रहेगा। इसके बाद सिस्टम पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग को प्रभावित करेगा।

    सोमवार को सीधी, मऊगंज और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे में 4 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। वहीं सतना, पन्ना, दमोह, कटनी, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी है।

    इन जिलों में भी बारिश के आसार
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पांढुर्णा, रीवा, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    भोपाल-ग्वालियर-चंबल में 17 से 19 अगस्त तक असर
    मौसम विभाग के मुताबिक मौजूदा सिस्टम का असर भोपाल, ग्वालियर और चंबल संभाग में भी रहेगा। 17, 18 और 19 अगस्त को इन संभागों के कुछ जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि 15 से 21 अगस्त तक पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पूर्वी हिस्से में 15 से 19 अगस्त तक तेज बारिश होगी, जबकि इसके बाद पश्चिमी हिस्से में सिस्टम का असर बढ़ेगा।

    प्रदेश में अब तक 21.4 इंच बारिश
    मौसम केंद्र के अनुसार, प्रदेश में अब तक 544.4 मिमी यानी 21.4 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश 24.4 इंच (618.8 मिमी) से करीब 3 इंच कम है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 12% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 18% और पश्चिमी हिस्से में 6% कम बारिश दर्ज की गई है।

    43 जिलों में 2% से 54% तक कम बारिश
    पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में 2% से 54% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 48% तक कम बारिश हुई है।

    12 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
    भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • 17 अगस्त का राशिफल: सावन सोमवार और नाग पंचमी का खास संयोग, करियर धन और रिश्तों में आएंगे बड़े बदलाव

    17 अगस्त का राशिफल: सावन सोमवार और नाग पंचमी का खास संयोग, करियर धन और रिश्तों में आएंगे बड़े बदलाव


    नई दिल्ली । 17 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी का संयोग होने के साथ सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की यह स्थिति अलग अलग राशियों के जीवन में अलग प्रभाव डाल सकती है। कुछ जातकों को करियर और धन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं जबकि कुछ लोगों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है। रिश्तों में संवाद और कार्यक्षेत्र में संयम आज सफलता की कुंजी बन सकता है।

    मेष राशि वालों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बन सकते हैं लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। परिवार में किसी सदस्य की सेहत को लेकर थोड़ी चिंता हो सकती है। प्रेम संबंधों में बातचीत से गलतफहमियां दूर की जा सकती हैं।

    वृषभ राशि के जातकों के लिए आज मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत हैं लेकिन किसी बड़े निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा। परिवार में सुखद माहौल बना रह सकता है। किसी पुराने परिचित से मुलाकात मन को प्रसन्न कर सकती है।

    मिथुन राशि वालों को आज कार्यक्षेत्र में अपनी बात सोच समझकर रखने की जरूरत होगी। मेहनत के बावजूद परिणाम उम्मीद के मुताबिक आने में समय लग सकता है। आर्थिक लेनदेन में सावधानी रखें। किसी को बिना जांचे परखे पैसा उधार देने से बचें। परिवार में छोटी बात को विवाद का रूप न दें।

    कर्क राशि के लिए दिन मिला जुला रह सकता है। करियर में नए अवसर दिखाई दे सकते हैं लेकिन निर्णय लेते समय भावनाओं के बजाय तथ्यों पर ध्यान देना जरूरी होगा। धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन विशेष रह सकता है क्योंकि सूर्य सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को लेकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों की नजर आपके काम पर रह सकती है। हालांकि अहंकार से बचना और सहयोगियों के साथ विनम्र व्यवहार करना जरूरी होगा।

    कन्या राशि के जातकों को आज अधूरे काम पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फायदा मिल सकता है लेकिन किसी निर्णय को लेकर असमंजस बना रह सकता है। आर्थिक मामलों में अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूरी बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या बनाए रखना बेहतर रहेगा।

    तुला राशि वालों के लिए दिन करियर और रिश्तों के लिहाज से अच्छा रह सकता है। वरिष्ठों से सहयोग मिलने के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में आपकी भूमिका बढ़ सकती है। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। साझेदारी से जुड़े काम में लाभ हो सकता है लेकिन सभी शर्तों को ध्यान से समझना जरूरी होगा। 17 अगस्त को रिश्तों में सकारात्मक बदलाव की संभावना भी ज्योतिषीय पूर्वानुमानों में जताई गई है।

    वृश्चिक राशि वालों को आज सावधानी से कदम बढ़ाने की जरूरत है। कामकाज में अचानक जिम्मेदारी बढ़ सकती है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। यात्रा के दौरान सतर्क रहें। परिवार और मित्रों का सहयोग मुश्किल समय में राहत देगा। धार्मिक कार्यों में मन लगाने से मानसिक शांति मिल सकती है।

    धनु राशि के लिए दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। करियर में आपका प्रदर्शन प्रभाव छोड़ सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। परिवार में सामंजस्य रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है। प्रेम संबंधों में भी दिन अच्छा रह सकता है।

    मकर राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का दिन है। नौकरी और व्यापार में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रहने के संकेत हैं लेकिन जोखिम वाले निवेश से बचना उचित होगा। परिवार में किसी बुजुर्ग की सलाह उपयोगी साबित हो सकती है। धार्मिक कार्यों में भाग लेने से मन को शांति मिलेगी।

    कुंभ राशि के जातकों को आज संयम से काम लेना चाहिए। कार्यक्षेत्र में किसी महत्वपूर्ण जानकारी का पता चल सकता है जो आगे की रणनीति बदल सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। रिश्तों में बराबरी और स्पष्ट बातचीत बनाए रखें। जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    मीन राशि वालों के लिए दिन करियर और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाने वाला रहेगा। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है हालांकि खर्चों को नियंत्रित रखना जरूरी होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी पुराने तनाव से राहत मिल सकती है।

    कुल मिलाकर 17 अगस्त का दिन धार्मिक आस्था और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सावन सोमवार और नाग पंचमी के अवसर पर भगवान शिव की पूजा और नाग देवता के प्रति श्रद्धा की परंपरा निभाई जाती है। राशिफल को सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन के रूप में लेना चाहिए। किसी भी बड़े आर्थिक करियर या व्यक्तिगत निर्णय का आधार केवल राशिफल को नहीं बनाना चाहिए।

  • UGC-NET के तीन विषयों की फिर होगी परीक्षा, NTA ने जारी किया शेड्यूल; जानें क्या रही वजह

    UGC-NET के तीन विषयों की फिर होगी परीक्षा, NTA ने जारी किया शेड्यूल; जानें क्या रही वजह


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने UGC-NET जून 2026 सत्र के अभ्यर्थियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। परीक्षा में प्रश्नों की पुनरावृत्ति, तथ्यात्मक एवं टाइपोग्राफिकल त्रुटियों और भाषा संबंधी गड़बड़ियों की शिकायतों के बाद इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। NTA ने री-एग्जाम की तारीखें भी घोषित कर दी हैं।

    एजेंसी का यह निर्णय विशेषज्ञ समिति की जांच के बाद आया है। समिति ने अभ्यर्थियों की ओर से उठाई गई आपत्तियों और प्रश्नपत्रों में सामने आई खामियों की समीक्षा की थी। इसके बाद परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन तीन विषयों की परीक्षा फिर से कराने की सिफारिश की गई।

    9 और 10 सितंबर को होगी री-एग्जाम

    NTA की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक तीनों विषयों की दोबारा परीक्षा इस प्रकार होगी! 

    विषय परीक्षा की तारीख शिफ्ट समय
    इंग्लिश 9 सितंबर 2026 शिफ्ट-1 सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक
    कॉमर्स 9 सितंबर 2026 शिफ्ट-2 दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक
    सोशियोलॉजी 10 सितंबर 2026 शिफ्ट-1 सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक

    प्रश्नपत्र में मिली थीं कई तरह की गड़बड़ियां

    UGC-NET परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने इन विषयों के प्रश्नपत्रों को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई थीं। शिकायतों में सवाल दोहराए जाने, तथ्यात्मक त्रुटियों, टाइपिंग की गलतियों और अनुवाद में विसंगतियों का मुद्दा प्रमुख था।

    विशेषज्ञ समिति ने प्रश्नपत्रों की समीक्षा के दौरान इन शिकायतों की जांच की। खास तौर पर अंग्रेजी और हिंदी भाषा में दिए गए प्रश्नों के बीच कुछ जगहों पर अंतर पाया गया, जिससे अभ्यर्थियों के सामने सही विकल्प चुनने को लेकर परेशानी की स्थिति बनी।

    समिति की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर NTA ने इन तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है।

    री-एग्जाम के लिए नहीं देनी होगी अतिरिक्त फीस

    NTA ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा में शामिल होने के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। संबंधित अभ्यर्थी बिना अतिरिक्त फीस के री-एग्जाम में शामिल हो सकेंगे।

    84 अन्य विषयों के परिणाम पर असर नहीं

    एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा के कारण अन्य 84 विषयों के परिणाम प्रभावित नहीं होंगे। इन विषयों के परिणाम निर्धारित प्रक्रिया और कार्यक्रम के अनुसार जारी किए जाएंगे।

    सीटों के आवंटन में नहीं होगी कटौती

    NTA के अनुसार, री-एग्जाम के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्रता तय करते समय विषयवार सीटों के आवंटन में भी कोई कटौती नहीं की जाएगी। पहले से निर्धारित सीट और कोटा व्यवस्था पूर्ववत लागू रहेगी।

    इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्होंने प्रश्नपत्र की खामियों के कारण परीक्षा परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई थी। अब इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख पर दोबारा परीक्षा देनी होगी।

  • नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना की, बोले पुलिस की आधुनिकता से लोगों का भरोसा और सुरक्षा बढ़ी

    नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की सराहना की, बोले पुलिस की आधुनिकता से लोगों का भरोसा और सुरक्षा बढ़ी

    नई दिल्ली । प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में हुए बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ा है। लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस के थीम गीत ‘खाकी का सितारा’ के विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की भी प्रशंसा की और कहा कि इतने बड़े तथा विविधताओं वाले राज्य में प्रभावी कानून व्यवस्था बनाए रखना आसान काम नहीं है।

    नाना पाटेकर ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती। इसके लिए स्पष्ट नीति, मजबूत नेतृत्व और निर्णय लेने की दृढ़ इच्छाशक्ति भी जरूरी है। उनके मुताबिक कानून व्यवस्था को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल किए जाने के सकारात्मक परिणाम अब प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं।

    अभिनेता ने कहा कि उन्होंने पिछले कई दशकों के दौरान उत्तर प्रदेश को बदलते हुए देखा है। उनके अनुसार प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों के विश्वास में वृद्धि हुई है। प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव दिखाई देता है और सरकार के कामकाज में निर्णय लेने की स्पष्टता नजर आती है।

    नाना पाटेकर ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस को आधुनिक संसाधन और नई तकनीक उपलब्ध कराने के साथ उसके आत्मविश्वास को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि आधुनिक तकनीक से लैस पुलिस बदलती परिस्थितियों में अपराध से निपटने में अधिक सक्षम हो सकती है।

    उन्होंने पुलिस और नागरिकों की संयुक्त भूमिका पर भी जोर दिया। नाना पाटेकर ने कहा कि पुलिस जितनी आधुनिक और सक्षम होगी, नागरिकों की सुरक्षा उतनी बेहतर होगी। वहीं जागरूक नागरिक अपराधियों के लिए चुनौतियां बढ़ा सकते हैं। उन्होंने खासतौर पर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को गंभीर चुनौती बताया।

    अभिनेता ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, केंद्रीय जांच एजेंसी या किसी अन्य सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करके फोन अथवा वीडियो कॉल पर डराने की कोशिश करे और पैसे की मांग करे, तो लोगों को सावधान हो जाना चाहिए।

    नाना पाटेकर ने कहा कि साइबर अपराधियों की सबसे बड़ी ताकत केवल तकनीक नहीं, बल्कि लोगों के मन में पैदा किया गया डर है। इसी डर का फायदा उठाकर ठग लोगों से उनकी मेहनत की कमाई हासिल करने का प्रयास करते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या वीडियो बातचीत में दबाव में आकर आर्थिक लेनदेन नहीं करना चाहिए।

    उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए तैयार की गई फिल्म की भी सराहना की। उनका कहना था कि अगर कलाकारों की भागीदारी से किसी परिवार की जीवनभर की कमाई बचाई जा सके या किसी बुजुर्ग को साइबर ठगी का शिकार होने से रोका जा सके, तो यह समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान होगा।

    नाना पाटेकर ने उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और जवानों की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों को वास्तविक परिस्थितियों में तत्काल निर्णय लेना पड़ता है। उनके पास फिल्मों की तरह गलती सुधारने या दोबारा प्रयास करने का अवसर नहीं होता। कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेना उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।

    उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश पुलिस आगे भी जनता के विश्वास को मजबूत बनाए रखेगी और प्रदेश को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। उनके बयान के दौरान कानून व्यवस्था के साथ साइबर सुरक्षा और नागरिक जागरूकता को भी प्रमुख मुद्दे के रूप में सामने रखा गया।

  • इमरान हाशमी के फैंस के लिए बड़ी खबर, ‘आवारापन 2’ के बाद अब ‘जन्नत 3’ की कहानी तैयार करने में जुटे मेकर्स

    इमरान हाशमी के फैंस के लिए बड़ी खबर, ‘आवारापन 2’ के बाद अब ‘जन्नत 3’ की कहानी तैयार करने में जुटे मेकर्स

    नई दिल्ली । इमरान हाशमी के प्रशंसकों के लिए एक और बड़ी खबर सामने आई है। अभिनेता की हालिया फिल्म ‘आवारापन 2’ को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया के बीच उनकी लोकप्रिय फिल्म ‘जन्नत’ के तीसरे पार्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्माता विशेष भट्ट ने पुष्टि की है कि ‘जन्नत 3’ पर काम शुरू हो चुका है और फिलहाल इसकी स्क्रिप्ट तैयार की जा रही है।

    ‘आवारापन 2’ 14 अगस्त को रिलीज हुई थी और इसके बाद से फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा बनी हुई है। इसी सफलता के बीच विशेष भट्ट ने बताया कि अब उनका ध्यान ‘जन्नत’ फ्रैंचाइजी की अगली फिल्म पर है। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म की कहानी और स्क्रिप्ट को विकसित करने का काम चल रहा है, हालांकि अभी इसके निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    इमरान हाशमी के करियर में ‘जन्नत’ फ्रैंचाइजी का खास स्थान रहा है। साल 2008 में रिलीज हुई पहली ‘जन्नत’ में उन्होंने अर्जुन दीक्षित की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनके साथ सोनल चौहान मुख्य भूमिका में नजर आई थीं। रोमांस, अपराध और क्रिकेट सट्टेबाजी की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म को दर्शकों के बीच अच्छी लोकप्रियता मिली थी।

    इसके बाद साल 2012 में ‘जन्नत 2’ रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भी इमरान हाशमी मुख्य भूमिका में थे। दोनों फिल्मों का निर्देशन कुणाल देशमुख ने किया था। अब तीसरे भाग की चर्चा ने फ्रैंचाइजी के पुराने प्रशंसकों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि ‘जन्नत 3’ में इमरान हाशमी की भूमिका और बाकी कलाकारों को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल यह प्रोजेक्ट शुरुआती चरण में है और सबसे ज्यादा ध्यान इसकी कहानी पर दिया जा रहा है। ऐसे में फिल्म की शूटिंग कब शुरू होगी, इसका निर्देशन कौन करेगा और इसमें इमरान के साथ कौन से कलाकार दिखाई देंगे, इन सवालों के जवाब आगे सामने आने की उम्मीद है।

    विशेष भट्ट ने ‘आवारापन 2’ को लेकर भी बताया कि फिल्म को बनाने के दौरान टीम को शुरुआती दौर में चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। डिस्ट्रीब्यूटर्स की ओर से शुरुआत में ज्यादा रुचि नहीं दिखाई गई, जिसके बाद निर्माताओं ने अपने स्तर पर फिल्म में निवेश किया। फिल्म तैयार होने के बाद इसके प्रति बाजार में दिलचस्पी बढ़ी।

    ‘आवारापन 2’ और ‘जन्नत 3’ दो अलग-अलग फ्रैंचाइजी की फिल्में हैं, लेकिन दोनों के साथ इमरान हाशमी का नाम जुड़ा है। अभिनेता की फिल्मों में रोमांस, एक्शन और सस्पेंस के मेल को दर्शकों ने लंबे समय से पसंद किया है। ऐसे में ‘जन्नत 3’ की घोषणा उनके प्रशंसकों के लिए खास उत्सुकता का विषय बन गई है।

    हालांकि अभी फिल्म की रिलीज डेट, निर्देशक, पूरी स्टारकास्ट और कहानी से जुड़ी जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि ‘जन्नत 3’ की स्क्रिप्ट पर काम शुरू हो चुका है और ‘आवारापन 2’ की सफलता के बाद इमरान हाशमी से जुड़ा यह नया प्रोजेक्ट चर्चा में आ गया है।

  • रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सेहत से जुड़ी चिंता बढ़ी, ऑडिट में दूषित पानी और स्वच्छता व्यवस्था की खामियां उजागर

    रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सेहत से जुड़ी चिंता बढ़ी, ऑडिट में दूषित पानी और स्वच्छता व्यवस्था की खामियां उजागर

    नई दिल्ली ।रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराई जाने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट ने गंभीर कमियां उजागर की हैं। रिपोर्ट में देश के कई गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की गुणवत्ता, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं के मानकों का पर्याप्त पालन नहीं होने की बात सामने आई है। जांच के दौरान कुछ स्टेशनों के वाटर कूलर और नलों के पानी में ई-कोलाई तथा टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए।

    यह ऑडिट वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच देश के 512 गैर-उपनगरीय रेलवे स्टेशनों पर किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे बोर्ड ने यात्रियों के लिए पेयजल, शौचालय, बैठने की जगह और अन्य सुविधाओं को लेकर नियम और दिशा-निर्देश निर्धारित किए थे, लेकिन कई क्षेत्रीय रेलवे जोन में इनका प्रभावी पालन नहीं हुआ।

    जांच में छह अलग-अलग रेलवे जोन के 59 स्टेशनों पर पेयजल की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच तक नहीं कराए जाने की बात सामने आई। जिन स्टेशनों के पानी के नमूनों की जांच हुई, उनमें भी कुछ स्थानों पर गुणवत्ता मानकों से जुड़ी गंभीर समस्याएं मिलीं।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, कल्याण, लोनावाला और भिवंडी रोड जैसे स्टेशनों के वाटर कूलर से लिए गए नमूनों में ई-कोलाई की मौजूदगी पाई गई। दक्षिण रेलवे के कोयंबटूर और पलक्कड़ जंक्शन तथा दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद स्टेशन के पेयजल नमूनों में भी ई-कोलाई पाया गया।

    पूर्वी रेलवे के मधुपुर स्टेशन का पानी भी गुणवत्ता जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरा। इसके अलावा अलग-अलग वर्षों में कई रेलवे जोन के अनेक स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर लगे नलों के पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए जाने की जानकारी रिपोर्ट में दी गई है। ऐसे बैक्टीरिया दूषित जल की ओर संकेत करते हैं और इनके कारण संक्रमण तथा पेट से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों के शौचालयों और अन्य सुविधाओं की स्थिति पर भी चिंता जताई गई है। यात्री सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों के अनुसार 2,035 स्टेशनों पर पानी के नलों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। वहीं 403 स्टेशनों पर जरूरत के मुताबिक मूत्रालय और 201 स्टेशनों पर निर्धारित मानकों के अनुसार शौचालय उपलब्ध नहीं पाए गए।

    रेलवे बोर्ड ने अप्रैल 2018 में सभी स्टेशनों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इनमें पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शेड, शौचालय, पंखे, फुट ओवर ब्रिज और यात्री सूचना बोर्ड जैसी सुविधाएं शामिल थीं। हालांकि ऑडिट में शामिल 512 स्टेशनों में से 458 पर ये सुविधाएं या तो उपलब्ध नहीं थीं या निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि न्यू दिल्ली, हावड़ा, सियालदह, मुंबई सेंट्रल और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जैसे प्रमुख स्टेशनों पर भी कुछ आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं थीं या उनकी स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इनमें सीटें, पंखे, वाटर कूलर, डस्टबिन और ट्रेन सूचना डिस्प्ले जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    कैग ने रेलवे प्रशासन को पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की जरूरत बताई है। साथ ही जल आपूर्ति तंत्र की नियमित निगरानी और पानी की गुणवत्ता की व्यवस्थित जांच सुनिश्चित करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित पेयजल और निर्धारित मानकों के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

  • CJI सूर्यकांत के बयान के बाद भी NALSAR विवाद जारी, NLSIU छात्रों ने दीक्षांत समारोह में उनके आमंत्रण पर जताई आपत्ति

    CJI सूर्यकांत के बयान के बाद भी NALSAR विवाद जारी, NLSIU छात्रों ने दीक्षांत समारोह में उनके आमंत्रण पर जताई आपत्ति


    नई दिल्ली । 
    भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के बयान और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के विवादित आदेश को वापस लिए जाने के बावजूद NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़ा विवाद पूरी तरह शांत नहीं हुआ है। अब नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी इस मामले में NALSAR के विद्यार्थियों के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने CJI सूर्यकांत और BCI के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को आगामी दीक्षांत समारोह में बुलाए जाने को लेकर आपत्ति जताई है।

    यह विवाद उस समय शुरू हुआ था, जब हैदराबाद स्थित NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों ने CJI के प्रस्तावित कैंपस दौरे को लेकर विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद BCI ने 2026 बैच के छात्रों के अधिवक्ता के रूप में नामांकन पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। आदेश में राज्य बार काउंसिलों को अगले निर्देश तक इन छात्रों का नामांकन नहीं करने को कहा गया था।

    मामला सामने आने के बाद व्यापक प्रतिक्रिया हुई और कुछ ही समय में BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया। इसके बाद 14 अगस्त को CJI सूर्यकांत ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह उनके और छात्रों के बीच की बातचीत है। उन्होंने छात्रों के विरोध के अधिकार पर भी जोर दिया और BCI के कदम पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।

    इसके बावजूद NALSAR के छात्रों के समर्थन में अब NLSIU के छात्रों और पूर्व छात्रों का बयान सामने आया है। 15 अगस्त को जारी इस बयान पर 2026 बैच के 165 स्नातक छात्रों, 409 मौजूदा छात्रों और 128 पूर्व छात्रों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें BCI की ओर से NALSAR के खिलाफ की गई कार्रवाई की आलोचना की गई है।

    छात्रों का कहना है कि भले ही BCI ने नामांकन रोकने और जांच से संबंधित कार्रवाई समाप्त कर दी हो, लेकिन किसी वैधानिक संस्था द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई शुरू किया जाना गंभीर विषय है। उनके अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और छात्रों के विरोध के अधिकार को लेकर महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं।

    NLSIU से जुड़े छात्रों और पूर्व छात्रों ने यह भी कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे में उनका मानना है कि जिन छात्रों के साथ विवाद हुआ, उनके प्रति कथित तौर पर कठोर रुख अपनाने वाले लोगों को उसी समारोह में डिग्री प्रदान करने के लिए आमंत्रित करना उचित नहीं होगा।

    बयान में BCI से NALSAR के छात्रों और फैकल्टी से बिना शर्त माफी मांगने की मांग भी की गई है। छात्रों ने कहा कि विरोध और अपनी बात रखने के अधिकार को किसी संस्थागत कार्रवाई के डर से प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसे मामलों का असर केवल एक विश्वविद्यालय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि देश के दूसरे छात्रों और नागरिकों तक भी संदेश पहुंचता है।

    NLSIU के छात्रों ने BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पर भी आपत्ति जताई है। साथ ही उन्होंने NALSAR के उस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग का समर्थन किया है, जिसके तहत CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाना प्रस्तावित है।

    फिलहाल BCI का पूर्व आदेश वापस लिया जा चुका है और CJI भी छात्रों के साथ संवाद के अधिकार की बात कह चुके हैं। इसके बावजूद छात्रों और पूर्व छात्रों की नई प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि संस्थागत अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने को लेकर विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

  • रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    भोपाल:  रक्षाबंधन के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे ने अतिरिक्त यात्री सुविधाओं की तैयारी की है। भोपाल और रीवा के बीच 25 से 31 अगस्त तक अलग-अलग तारीखों में विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही रीवा और रानी कमलापति के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।

    रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, त्योहार के दौरान भोपाल-रीवा रेल मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 02155 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 25 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी।

    इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02156 के रूप में 26 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रीवा से रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। इससे त्योहार के दौरान दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    इसके अलावा गाड़ी संख्या 02189 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 26 और 27 अगस्त को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों तारीखों में रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02190 के रूप में 27 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर रीवा से चलेगी और रात 9 बजे भोपाल पहुंचेगी।

    रक्षाबंधन के बाद 29 और 30 अगस्त को भी यात्रियों के लिए विशेष रेल सुविधा उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या 02154 रीवा से 29 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02180 भी 30 अगस्त को रीवा से भोपाल के लिए संचालित होगी।

    इसके बाद गाड़ी संख्या 02179 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 31 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इन विशेष ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    विशेष ट्रेनों का मार्ग विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना से होकर रहेगा। इससे केवल भोपाल और रीवा के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि मार्ग में आने वाले कई शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।

    इसके अलावा रीवा-रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। 7 अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 तक इस ट्रेन में 8 की जगह 16 कोच वाली रेक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    कोच की संख्या दोगुनी किए जाने से ट्रेन में उपलब्ध सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे त्योहारी सीजन में आरक्षित टिकट की मांग पूरी करने और यात्रियों को अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन के समय और ठहराव की जानकारी की पुष्टि करने की अपील की है। यात्रियों को स्टेशन, रेलवे की हेल्पलाइन 139 और रेल ऐप के माध्यम से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों और बढ़ी हुई क्षमता से भोपाल-रीवा मार्ग पर यात्रियों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।