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  • देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित

    देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आज से होगी शुरू…. गुवाहाटी-हावड़ा के बीच होगी संचालित


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक (Making long-distance travel comfortable) और तेज बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन (Vande Bharat Sleeper Train) आज (गुरुवार, 22 जनवरी) से कामाख्या (गुवाहाटी) और हावड़ा (पश्चिम बंगाल) के बीच अपनी व्यावसायिक सेवा शुरू करने जा रही है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) द्वारा संचालित यह ट्रेन रातों-रात सफर करने वाले यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं और कम समय में यात्रा पूरी करने का एक नया विकल्प पेश करेगी।

    रेलवे के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 27576 बनकर कामाख्या-हावड़ा की यात्रा करेगी। यह ट्रेन 22 जनवरी से शुरू हो रही है। बुधवार को छोड़कर यह सप्ताह के सभी दिन चलेगी। यह कामाख्या से शाम 18:15 बजे निकलेगी और अगली सुबह 08:15 बजे हावड़ा पहुंचेगी। वहीं, ट्रेन नंबर 27575 (हावड़ा-कामाख्या)की व्यावसायिक शुरुआत 23 जनवरी से होगी। गुरुवार को छोड़कर यह प्रतिदिन चलेगी। यह हावड़ा से शाम 18:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगली सुबह 08:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी। यह ट्रेन लगभग 14 घंटे में अपना सफर पूरा करेगी।

    यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं। इसमें AC फर्स्ट क्लास के एक, AC 2-टियर के चार कोच और AC 3-टियर के 11 कोच हैं।


    इन स्टेशनों पर स्टॉपेज

    हावड़ा और कामाख्या के बीच यह ट्रेन 13 महत्वपूर्ण स्टेशनों पर रुकेगी। उनमें बंडिल, नबद्वीप धाम, कटवा, अजीमगंज, न्यू फरक्का, मालदा टाउन, अलुआबारी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, जलपाईगुड़ी रोड, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, न्यू बोंगाईगांव और रंगिया शामिल है।

    हावड़ा से कामख्या के बीच की यात्रा के लिए थर्ड एसी का किराया 2435 रुपये है। वहीं सेकेंड एसी के लिए 3145 और फर्स्ट एसी के लिए 3855 रुपये खर्च करने होंगे।

    वंदे भारत के इस स्लीपर वेरिएंट के आने से पूर्वी भारत और उत्तर-पूर्व के बीच संपर्क काफी मजबूत होगी। पारंपरिक लंबी दूरी की ट्रेनों के मुकाबले यह ट्रेन न केवल तेज है, बल्कि इसमें सुरक्षा और आराम के अंतरराष्ट्रीय मानकों का ध्यान रखा गया है।

  • MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    MP के उत्तरी जिलों में बारिश की संभावना, बढ़ेगी ठंड, कोहरा भी बना रहेगा चुनौती

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जनवरी (शुक्रवार) को प्रदेश के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर प्रमुख हैं। बारिश के साथ ही इन जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और रात के समय तापमान में गिरावट भी आ सकती है।

    मौसम विभाग ने बताया कि 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है, जिससे ठंड का असर और बढ़ जाएगा। फिलहाल प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरे का असर बना हुआ है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में हल्का कोहरा देखने को मिला।

    मौसम विभाग ने पश्चिम और उत्तर भारत में सक्रिय दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण आने वाले दिनों में प्रदेश में मौसम बदलने की संभावना जताई है। इन सिस्टम्स के प्रभाव से 24 जनवरी से मध्य प्रदेश में बादल छाने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    तापमान का हाल (23 जनवरी 2026 तक):
    सबसे ठंडे जिले:
    मंदसौर: 5.1°C
    राजगढ़: 6.2°C
    नौगांव: 7°C
    शाजापुर: 7.1°C
    कटनी (करौंदी): 7.6°C
    दतिया: 7.9°C
    खजुराहो: 8°C
    रीवा: 8.2°C
    शिवपुरी: 9°C
    पचमढ़ी: 9.2°C

    बड़े शहर:
    ग्वालियर: 9°C
    भोपाल: 10.8°C
    इंदौर: 12.2°C
    उज्जैन: 12°C
    जबलपुर: 12.5°C

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। प्रदेश के नागरिकों को सलाह दी गई है कि ठंड और कोहरे के कारण वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और गर्म कपड़े पहनें। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि 26–28 जनवरी तक भी तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा। इस दौरान रात के तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि और गिरावट दोनों देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे के साथ मौसम बदलते रहेंगे, और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में हल्की बारिश के बाद सर्दी बढ़ने की संभावना है।

  • बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनें: सरस्वती पूजा में रंग का महत्व और शुभ संकेत

    बसंत पंचमी के दिन पीला क्यों पहनें: सरस्वती पूजा में रंग का महत्व और शुभ संकेत

    नई दिल्ली। बसंत पंचमी का त्योहार हर साल ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होकर मनाया जाता है। इस साल यह पर्व 23 जनवरी, 2026 को माघ शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को पड़ रहा है। इस खास दिन पर लोग विधिवत पूजा अर्चना करते हैं और देवी सरस्वती से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। परंतु क्या आपने कभी सोचा है कि इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनने की परंपरा क्यों है और इसका महत्व क्या है? जानिए इस पवित्र दिन के पीछे के धार्मिक और सांस्कृतिक कारण।

    बसंत पंचमी का महत्व

    बसंत पंचमी वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है और इसे देवी सरस्वती की पूजा अर्चना के लिए मनाया जाता है। देवी सरस्वती ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मानी जाती हैं। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, उन्हें चार हाथों वाली देवी के रूप में दर्शाया गया है, जिनमें वेद, वीणा, सफेद कमल और माला होती है। देवी सरस्वती सृष्टि के मूल स्रोत और ब्रह्मांड की रचनात्मक शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। इस दिन उनके सामने पीले भोग और फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।

    सरस्वती पूजा में पीले रंग का महत्व

    पीला रंग बसंत ऋतु और प्रकृति में बदलाव का प्रतीक है। यह ऊर्जा, प्रकाश और नई शुरुआत का रंग माना जाता है। इसलिए लोग इस दिन पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, पीले फूल चढ़ाते हैं और देवी को पीली साड़ी पहनाकर उनका पूजन करते हैं। पीले रंग का ज्ञान और शिक्षा से भी गहरा संबंध है, इसे गुरु बृहस्पति और अन्य ज्ञानदेवताओं के रंग के रूप में देखा जाता है। इस दिन पीला रंग पहनने से न केवल आध्यात्मिक लाभ होता है, बल्कि यह खुशी और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है।

    खुशी और आशीर्वाद का प्रतीक

    पीला रंग केवल धार्मिक महत्व तक सीमित नहीं है। यह उत्साह, आनंद और आशावाद का भी प्रतीक है। सरसों के खेतों की तरह खिले फूल, हल्दी से बनी मिठाइयाँ और भक्तों द्वारा पहने जाने वाले पीले कपड़े इस दिन की रौनक बढ़ाते हैं। इस दिन पीले रंग के माध्यम से मन में सकारात्मक ऊर्जा और ज्ञान की प्राप्ति होती है।

    कैसे मनाएं बसंत पंचमी

    इस बसंत पंचमी पर अपने घर और मंदिरों को पीले फूलों से सजाएं, देवी को पीला भोग अर्पित करें और पीले रंग के कपड़े पहनें। इस अवसर पर माता सरस्वती से ज्ञान, संपन्नता और खुशहाली की प्रार्थना करें। नई किताबें पढ़ना, संगीत और कला में रुचि दिखाना भी इस दिन का महत्व बढ़ाता है। इस प्रकार, बसंत पंचमी सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है।

  • अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमेरिकी ग्रुप का बड़ा दावा, बोइंग-787 के बारे में किया ये खुलासा

    अहमदाबाद प्लेन क्रैश पर अमेरिकी ग्रुप का बड़ा दावा, बोइंग-787 के बारे में किया ये खुलासा


    नई दिल्ली
    । पिछले साल 12 जून का दिन भारत (India) के एविएशन इतिहास (Aviation History) के सबसे काले दिनों में गिना जाता है। उस हादसे का असर पूरी दुनिया पर हुआ था। हादसे के बाद दुनियाभर से हवाई यात्रा (Air travel) की सुरक्षा पर सवाल सामने आने लगे। अब अमेरिका के एक सेफ्टी कैंपेन ग्रुप ने आरोप लगाया है कि जो एयर इंडिया का बोइंग-787 (Air India’s Boeing-787) अहमदाबाद में हादसे का शिकार हुआ, वो अपनी पूरी सर्विस लाइफ के दौरान कई तकनीकि समस्याओं से जूझ रहा था। सेफ्टी कैंपेन ग्रुप ने बताया कि बोइंग-787 से जुड़ी कमियों को पूरी दुनिया में कम करके आंका जा रहा है।


    सर्विस के पहले ही दिन फेलियर का सामना’
    इस मामले की जानकारी रखने वाले बताते हैं कि फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने बीते 12 जनवरी को अमेरिकी सीनेट में प्रेजेंटेशन सब्मिट किया। प्रेजेंट किए गए डाक्यूमेंट्स को द्वारा चेक किए गए। सेफ्टी ग्रुप के अनुसार, उनके पास मौजूद रिकॉर्ड बताते हैं कि वीटी-एएनबी (VT-ANB) रजिस्टर्ड विमान एयर इंडिया के साथ सर्विस के पहले ही दिन फेलियर का सामना करना पड़ा था।


    FAS ने गिनाई कमियां

    फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी ने आरोप लगाया है कि ये समस्याएं इंजीनियरिंग, मैनुफैक्चरिंग, क्वालिटी और मेंटेनेंस की कमियों के कारण थीं। ग्रुप ने बताया कि इस विमान में इलेक्ट्रॉनिक और सॉफ्टवेयर फॉल्ट था। इसके साथ ही सर्किट ब्रेकर के बार-बार ट्रिप हो जाना, वायरिंग डैमेज, शॉर्ट सर्किट, बिजली की कमी और पावर सिस्टम का ज्यादा गर्म हो जाने जैसी समस्याएं भी इसमें थीं।

    एफएएस द्वारा किए गए दावों पर बोइंग की तरफ से कहा गया कि वो संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन प्रोटोकॉल का पालन करते हुए एएआईबी पर भरोसा करेंगे। इस मामले पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही एयर इंडिया की तरफ से इस मामले पर जवाब नहीं दिया गया है।

    एएआईबी द्वारा जारी की गई शुरुआती जांच रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए फाउंडेशन ने दावा किया कि उनकी जांच से मिली जानकारी पायलट की गलती की तरफ इशारा करती है, खासकर फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर हुई गलती बताई जा रही है। इस मामले एफएएस ने 737 मैक्स क्रैश की शुरुआती जांच से की और बताया कि किस तरह से पायलटों पर दोष डालने का एक पैटर्न बन गया है।

  • Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस

    Delhi की इस कॉलोनी में 8 माह से जमा है गंदा पानी, नरकीय जीवन जीने को मजबूर लोग… भड़की कांग्रेस


    नई दिल्ली।
    दिल्ली (Delhi) की किराड़ी विधानसभा (Kirari Assembly) के शर्मा एन्क्लेव (Sharma Enclave) में लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पिछले आठ महीनों से कॉलोनी की गलियों में सीवर का गंदा पानी जमा है जिससे करीब ढाई हजार लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। निवासियों का कहना है कि अन्य इलाकों का गंदा पानी (Dirty water) यहां आकर जमा हो रहा है लेकिन निकासी के लिए सीवर लाइन नहीं है। कांग्रेस ने हालात बयां करता हुए VIDEO पोस्ट करते हुए दिल्ली सरकार पर जोरदार हमला बोला है।


    10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बुधवार को किराड़ी विधानसभा के शर्मा एन्क्लेव का दौरा किया। देवेंद्र यादव ने इलाके में भारी जलभराव और घरों के भीतर दूषित पानी जमा होने की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की लापरवाही के कारण यहां के 10 हजार लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।


    पानी की निकासी पूरी तरह बंद

    दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि शर्मा एन्क्लेव के निवासियों की शिकायतें मिलने के बाद वह उनकी दयनीय स्थिति देखने आए हैं। आलम यह है कि कॉलोनी की हर गली प्रदूषित पानी से भरी हुई है। हैरानी की बात यह है कि लोग ऐसी खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं। इस कॉलोनी में पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है।


    150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी

    देवेंद्र यादव ने यह भी दावा किया कि कॉलोनी की लगभग 150 गलियों में 3 से 4 फीट पानी भरा होने से यहां की 10 हजार की आबादी प्रभावित है। कई घरों के अंदर पानी चला गया है। हालात इतने खराब हैं कि बहुत सारे लोग घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। कुछ लोग बचे हैं जो बीमारियों का सामना कर रहे हैं। यादव ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल को पत्र लिखकर तत्काल दखल देने की मांग की है।

    जमकर बरसे राहुल गांधी
    वहीं राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सिस्टम सत्ता के सामने बिक चुका है। सब एक-दूसरे की पीठ थपथपाते हैं और मिलकर जनता को रौंदते हैं। लालच की महामारी फैल चुकी है, जिसका सबसे डरावना चेहरा शहरी सड़न है। हर आम भारतीय की जिंदगी आज नर्क की यातना बन गई है। हमारा समाज इसलिए मर रहा है क्योंकि हमने इस सड़न को न्यू नॉर्मल मान लिया है – सुन्न, निशब्द, बेपरवाह… जवाबदेही मांगो वरना सड़न हर दरवाजे तक पहुंचेगी।

  • T20 में सिंह का धमाका: सूर्यकुमार को पीछे छोड़ा और धोनी के साथ जुड़े ‘बिग फिनिशिंग हीरो’ क्लब में

    T20 में सिंह का धमाका: सूर्यकुमार को पीछे छोड़ा और धोनी के साथ जुड़े ‘बिग फिनिशिंग हीरो’ क्लब में


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा फिनिशर रिंकू सिंह ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी जबरदस्त धाक जमा दी है। बुधवार 21 जनवरी को नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में रिंकू ने आखिरी ओवर में दो छक्के जड़कर अपने खेल का जलवा दिखाया। इस प्रदर्शन के साथ ही रिंकू सिंह ने महान फिनिशर एमएस धोनी के रिकॉर्ड के बराबरी कर ली।

    रिंकू सिंह अब टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए आखिरी ओवर में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने सूर्यकुमार यादव का रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि इस सूची में सबसे आगे हार्दिक पांड्या हैं।

    हार्दिक पांड्या ने 20वें ओवर में अब तक 99 गेंदों का सामना करते हुए 15 छक्के जड़े हैं, जबकि रिंकू ने मात्र 38 गेंदों में 12 छक्के जड़े। वहीं, धोनी ने 132 गेंदों में 12 छक्के लगाए थे। सूर्यकुमार यादव ने 28 गेंदों में 11 छक्के, दिनेश कार्तिक ने 49 गेंदों में 9 और विराट कोहली ने 58 गेंदों में 8 छक्के आखिरी ओवर में लगाए हैं।

    रिंकू सिंह ने पहले टी20 में सिर्फ 20 गेंदों में 4 चौके और 3 छक्कों की मदद से 44 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 220 रहा। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 238 रनों का विशाल स्कोर बनाया।

    पिछली सीरीज तक रिंकू टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अब उन्होंने अपने प्रदर्शन से टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी जगह पक्की कर ली है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में रिंकू सिंह जैसी परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने वाली खतरनाक फिनिशर दुनिया में कम ही हैं।

  • बाहुबली के इस सीन पर 5 करोड़ रुपये खर्च: राजामौली ने हर मिनट बहाया 2000 लीटर पानी

    बाहुबली के इस सीन पर 5 करोड़ रुपये खर्च: राजामौली ने हर मिनट बहाया 2000 लीटर पानी

    नई दिल्ली। एसएस राजामौली की साल 2015 में आई फिल्म ‘बाहुबली – द बिगनिंग’ एक कल्ट हिट साबित हुई थी। फिल्म की शूटिंग के दौरान कई तरह की पाबंदियां थीं, लेकिन उनके बावजूद राजामौली ने अपनी फिल्म में परफेक्शन लाने के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया। फिल्म में एक सीन ऐसा था जिसे शूट करने के लिए राजामौली ने 5 करोड़ रुपये खर्च कर दिए थे। राजामौली चाहते तो यह सीन VFX की मदद से बड़ी आसानी से शूट किया जा सकता था, लेकिन वो ग्राउंड पर चीजें करके उसे रियल फील के साथ दिखाना चाहते थे।
    राजामौली को नहीं मिल रहा था वैसा व्यू
    एक और भी ज्यादा दिलचस्प बात यह है कि जिस सीन के लिए राजामौली ने इतने पैसे पानी की तरह बहा दिए वो सिर्फ 8 मिनट तक स्क्रीन पर रहने वाला था। तो चलिए जानते हैं क्या था यह सीन और इसके लिए क्यों राजामौली इसे बहुत रियल रखना चाहते थे? दरअसल यह राजामौली की फिल्म का ओपनिंग सीन था जिसे वह बहुत परफेक्ट रखना चाहते थे। यह वही झरने वाला सीन था जिससे प्रभास छलांग लगाते हैं। राजामौली ने देश भर के कई झरनों पर यह सीन करने को लेकर विचार किया लेकिन उन्हें मन मुताबिक व्यू नहीं मिल पा रहा था।
    हर मिनट बहाया गया 2000 लीटर पानी
    इसके बाद राजामौली ने खुद ही एक वॉटरफॉल क्रिएट करने का फैसला कर लिया। उन्होंने रामोजी फिल्म सिटी में 25 क्रू मेंबर्स के साथ 100 फीट का एक सेट खड़ा किया। इसमें आधा से ज्यादा सेट को रियल रखा गया और बाकी को ग्रीन स्क्रीन से ढंक दिया। हर एक सेकंड इस सेट के ऊपर से 33 लीटर ऑफ पानी स्प्रे किया जा रहा था जो एक्ट करते वक्त प्रभास को असली वॉटरफॉल वाला फील देता। यानि कुल मिलाकर 2000 लीटर पानी हर मिनट इस सीन के लिए बहाया जा रहा था।

    बना दी भारत की सबसे बड़ी ग्रीन स्क्रीन
    इस पूरे सेटअप को ग्रीनस्क्रीन से कवर किया गया था जिसे उस वक्त के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा ग्रीनस्क्रीन सेट कहा जा सकता है। इतना ही नहीं, फिल्म में आप राजामौली को जो छलांग लगाते हुए देखते हैं वो असल में प्रभास ने किया था। इस तरह 8 मिनट के इस सीन को बनाने में 5 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ था। ऐसी कई वजहें हैं जिनकी वजह से राजामौली को बॉलीवुड के उन फिल्ममेकर्स में गिना जाता है जो अपने सीन और अपनी फिल्म में परफेक्शन डालने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

  • ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता इन देशों ने ठुकराया, भारत कर रहा विचार

    ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता इन देशों ने ठुकराया, भारत कर रहा विचार


    नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस Board of Peace में शामिल होने के लिए कई देशों को आमंत्रित किया गया, लेकिन कुछ प्रमुख देशों ने इसे ठुकरा दिया है। वहीं, कई देशों ने अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है जिसमें भारत भी शामिल है। खबर है कि भारत इस पहल के संवेदनशील पहलुओं पर विचार कर रहा है और अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।अमेरिका ने गाजा पट्टी में इजरायल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण के तहत यह बोर्ड गठित किया है। इसमें विश्व के कई नेताओं को शामिल होने का न्योता दिया गया है।

    बोर्ड में शामिल नहीं हो रहे प्रमुख देश:
    फ्रांस, नॉर्वे, स्वीडन ने ट्रंप के न्योते को ठुकराया। वहीं, ब्रिटेन, चीन, क्रोएशिया, इटली, यूरोपीय यूनियन की कार्यकारी शाखा, पराग्वे, रूस, सिंगापुर, स्लोवेनिया, तुर्किये और यूक्रेन ने अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है।

    न्योता स्वीकार करने वाले देश:
    अर्जेंटीना, आर्मीनिया, अजरबैजान, बहरीन, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, कजाखस्तान, कोसोवो, मोरक्को, संयुक्त अरब अमीरात, वियतनाम और पाकिस्तान ने न्योता स्वीकार कर लिया है। वाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कुल 30 देशों को शामिल किया जा सकता है, जबकि 50 देशों को न्योता भेजा गया था।भारत के इस कदम पर ध्यान दुनिया भर की नजरें बनी हुई हैं। कहा जा रहा है कि भारत बोर्ड के कुछ बिंदुओं पर विचार कर रहा है और जल्द ही अपनी स्थिति साफ करेगा।

  • ठंड और कोहरे के चलते भारतीय रेलवे ने रद्द की 24 ट्रेनों की सेवाएं, यात्रा से पहले जरूर चेक करें लिस्ट

    ठंड और कोहरे के चलते भारतीय रेलवे ने रद्द की 24 ट्रेनों की सेवाएं, यात्रा से पहले जरूर चेक करें लिस्ट

    नई दिल्ली। बढ़ती ठंड और कोहरे के कारण भारतीय रेलवे ने यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 24 ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। रात और सुबह के समय कम विजिबिलिटी के चलते कई रूट्स पर ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो रही थी, जिससे लगातार लेट और सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे थे।

    रेलवे ने घोषणा की है कि ये 24 ट्रेनें 1 दिसंबर 2025 से 28 फरवरी 2026 तक कई अहम रूट्स पर पूरी तरह रद्द रहेंगी। इस फैसले का असर दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई बड़े राज्यों के लाखों यात्रियों पर पड़ सकता है।

    यात्री सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय IRCTC या रेलवे इन्क्वायरी वेबसाइट पर ट्रेन की स्टेटस चेक करें। इससे आखिरी समय में रूट या ट्रेन बदलने की परेशानी से बचा जा सकता है।

    रद्द ट्रेनों की कुछ प्रमुख लिस्ट:

    14112 प्रयागराज जं.-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस – 25 फरवरी 2026 तक रद्द
    14111 मुजफ्फरपुर-प्रयागराज जं. एक्सप्रेस – 25 फरवरी 2026 तक रद्द
    22198 वीरांगना लक्ष्मीबाई (झांसी)-कोलकाता एक्सप्रेस – 27 फरवरी 2026 तक रद्द
    12327 हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस – 27 फरवरी 2026 तक रद्द
    14003 मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस – 28 फरवरी 2026 तक रद्द
    14523 बरौनी-अंबाला हरिहर एक्सप्रेस – 26 फरवरी 2026 तक रद्द
    14617 पूर्णिया कोर्ट-अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस – 2 मार्च 2026 तक रद्द
    15903 डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस – 27 फरवरी 2026 तक रद्द
    15620 कामाख्या-गया एक्सप्रेस – 23 फरवरी 2026 तक रद्द
    12873 हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस – 26 फरवरी 2026 तक रद्द
    22857 संतरागाछी-आनंद विहार एक्सप्रेस – 2 मार्च 2026 तक रद्द
    18103 टाटा-अमृतसर एक्सप्रेस – 25 फरवरी 2026 तक रद्द

    यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे टिकट बुक करने से पहले ट्रेन स्टेटस और वैकल्पिक रूट की जानकारी अवश्य जांच लें।

  • इमैनुएल बोले, अमेरिका ने कोई ऐसा कदम उठाया तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे

    इमैनुएल बोले, अमेरिका ने कोई ऐसा कदम उठाया तो हम जवाबी कार्रवाई करेंगे


    वॉशिगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी देकर उस यूरोप को अपने खिलाफ एकजुट कर लिया है, जिसे अमेरिका का सहयोगी माना जाता है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने खुलकर डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करना शुरू कर दिया है। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने 8 यूरोपीय देशों पर 10 फीसदी का अतिरिक्त इंपोर्ट टैक्स लगाने की धमकी दी है तो वहीं फ्रांस ने भी जवाबी ऐक्शन की धमकी दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का कहना है कि यदि अमेरिका ने ऐसा कोई कदम उठाया तो फिर हम भी ऐसी ही जवाबी कार्रवाई देंगे। इसके अलावा ट्रंप की आलोचना यूरोपीय नेता यह कहते हुए भी कर रहे हैं कि उन्होंने इंटरनेशनल कानूनों को प्रभावित किया है।
    इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि आज दुनिया में दबंग राजनीति की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज ऐसी स्थिति हो गई है कि विवाद सामान्य हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘आज वैश्विक नीति इस स्थिति में चली गई है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों को पैरों तले रौंदा जा रहा है। ऐसा लगता है कि उसी की चल रही है, जो सबसे मजबूत है। बिना सामूहिक सहयोग के ऐसी स्थिति हो जाएगी, जिसमें अप्रत्याशित प्रतिस्पार्धा होगी।’ उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि यूरोप को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि अंतहीन टैरिफ लादे जा रहे हैं, जिन्हें किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
    मैक्रों ने ट्रंप से लेकर व्लादिमीर पुतिन तक की लगाई क्लास

    यही नहीं मैक्रों ने ट्रंप के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह भी साम्राज्यवादी विस्तार चाहते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि 2024 में ही लगभग 60 जंग दुनिया भर में हुईं। इनमें से कुछ ही जंगें खत्म हो सकी हैं।

    उन्होंने कहा कि यूरोप किसी के आगे झुकेगा नहीं। यदि कोई हमारे खिलाफ टैरिफ लगाता है तो फिर हम भी जवाबी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि खेल के नियमों का पालन दूसरी तरफ से नहीं हो रहा है तो फिर हम ही ऐसा क्यों करें। हम भी सख्त कदम उठाने से हिचकेंगे नहीं।
    ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए ट्रंप ने क्या दी है दलील

    डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क के अर्धस्वायत्त इलाके ग्रीनलैंड को अमेरिकी कब्जे में लेने की बात कही है। उनका कहना है कि यदि अमेरिका इस इलाके पर कंट्रोल नहीं करता है तो फिर रूस और चीन ऐसा कर सकते हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ग्रीनलैंड के पीएम जेन्स-फ्रेडरिक नील्सन ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इंटरनेशनल कानून कोई खेल नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप जैसा कर रहे हैं, वह दुनिया के सारे नियमों को तोड़ने वाला है। यदि ऐसा ही जारी रहा तो दुनिया में अलायंस टूट जाएंगे और यह बेहद खराब स्थिति होगी।