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  • LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची

    LPG टैंकर में घुसकर लापता क्रू की तलाश करने वाले लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम को शौर्य चक्र, 78 वीरता पुरस्कारों की पूरी सूची


    नई दिल्ली।
    80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है। इनमें 13 मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं। पुरस्कारों में 9 कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, 36 सेना पदक, 3 नौसेना पदक और 5 वायु सेना पदक शामिल हैं। इसके अलावा सेना, नौसेना और वायुसेना के जवानों के लिए 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज को भी मंजूरी दी गई है।

    इन पुरस्कारों में भारतीय नौसेना के INS त्रिकंद के NBCD ऑफिसर लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार का नाम खास तौर पर सामने आया है। उन्हें अदम्य साहस, नेतृत्व क्षमता और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा।

    जान की परवाह किए बिना चलाया था रेस्क्यू ऑपरेशन

    लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने अक्टूबर 2025 में अदन की खाड़ी में बेहद जोखिम भरे बचाव अभियान का नेतृत्व किया था। यह इलाका हूती हमलों के खतरे के कारण पहले से ही बेहद संवेदनशील माना जाता था।

    घटना 18 अक्टूबर 2025 की है। उस दिन कैमरून के झंडे वाला LPG टैंकर MT Falcon भीषण विस्फोट के बाद आग की चपेट में आ गया था। हादसे के बाद जहाज से खतरनाक LPG गैस का रिसाव हो रहा था और किसी भी समय दूसरा बड़ा विस्फोट होने का खतरा बना हुआ था।

    टैंकर पर सवार दो भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गए थे। ऐसे समय में लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार ने खुद आगे बढ़कर खोज और राहत अभियान की कमान संभाली।

    जहरीली गैस और धुएं के बीच बार-बार जहाज में घुसे

    रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शिवम कुमार ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना क्षतिग्रस्त टैंकर के बेहद खतरनाक हिस्सों में प्रवेश किया। वहां जहरीली गैस, तेज गर्मी और घना धुआं मौजूद था और किसी भी वक्त स्थिति जानलेवा हो सकती थी।

    उन्होंने तकनीकी और सुरक्षा जोखिमों का आकलन करते हुए अभियान को आगे बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने लापता भारतीय क्रू सदस्यों के अवशेषों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई।

    उनका यह अभियान न केवल असाधारण साहस बल्कि संकट की स्थिति में नेतृत्व, तकनीकी दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा का भी उदाहरण माना गया है।

    वीरता पुरस्कार विजेताओं की सूची

    कीर्ति चक्र
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल मनियो फ्रांसिस पीएफ, एससी, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    2. मेजर जितेंद्र राठी, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    3. हवलदार गजेंद्र सिंह, 2 पैरा (विशेष बल) (मरणोपरांत) – सेना
    4. श्री जगबीर सिंह, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    5. श्री जसवंत सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    6. श्री बलविंदर सिंह, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    7. श्री तारिक हुसैन, सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    8. श्री बशीर अहमद, हेड कांस्टेबल (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    9. श्री सुनील कुमार, इंस्पेक्टर एसटीएफ (मरणोपरांत) – गृह मंत्रालय (MHA)
    बार टू शौर्य चक्र
    1. मेजर आदित्य प्रताप सिंह, एससी, एसएम, द राजपूताना राइफल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    शौर्य चक्र
    1. मेजर परमवीर, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    2. मेजर तरुण वासुदेवन, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    3. मेजर केशव कुमार, 12 डोगरा – सेना
    4. मेजर गौरव सिंह ब्रिजवाल, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    5. मेजर विपीन कुमार, कोर ऑफ सिग्नल्स, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    6. नायब सूबेदार शंकर राम, 3 असम राइफल्स – सेना
    7. नायब सूबेदार डब्बल सिंह बिष्ट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    8. हवलदार जगतार सिंह, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    9. लांस नायक नरेंद्र सिंधु, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    10. लांस नायक कपिल देव, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    11. सिपाही जसविंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    12. लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार – नौसेना
    13. स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    14. श्री धीरज सिंह कटोच, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    15. श्री अजय सिंह चिब, इंस्पेक्टर – गृह मंत्रालय (MHA)
    16. श्री सुखवीर सिंह, डिप्टी एसपी – गृह मंत्रालय (MHA)
    17. श्री नियाज अहमद, सहायक उप-निरीक्षक – गृह मंत्रालय (MHA)
    18. श्री अंजनी कुमार, डिप्टी कमांडेंट – गृह मंत्रालय (MHA)
    19. श्री दीपक साह, कांस्टेबल – गृह मंत्रालय (MHA)


    बार टू सेना पदक (वीरता)
    1. मेजर डीएस पाओशो, एसएम, 7 मद्रास – सेना
    2. मेजर अनुज महाजन, एसएम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 36 असम राइफल्स – सेना
    3. मेजर कृष्ण कांत, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    4. सूबेदार रमेश कुमार, एसएम, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) – सेना
    5. नायब सूबेदार राजेंद्र सिंह, एसएम, 2 पैरा (विशेष बल) – सेना
    सेना पदक (वीरता)
    1. लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्कर विजय चौधरी, 27 (इंडिपेंडेंट) आरएंडओ फ्लाइट – सेना
    2. लेफ्टिनेंट कर्नल सोनम तोपदेन भूटिया, 2/8 गोरखा राइफल्स – सेना
    3. मेजर सुधांशु शेखर पाणी, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    4. मेजर मोहित पोडिया, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 37 असम राइफल्स – सेना
    5. मेजर आर साहिल, द गढ़वाल राइफल्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    6. मेजर बालेन्दु कुमार झा, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    7. मेजर रवि शंकर जोशी, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    8. मेजर रूपम दास, 8 बिहार – सेना
    9. मेजर अर्णव बाली, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 9 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    10. मेजर अंशुमान रंजन, 4 पैरा (विशेष बल) – सेना
    11. मेजर अरविंद कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 33 असम राइफल्स – सेना
    12. कैप्टन करन सिंह चीमा, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    13. कैप्टन हरीश सिंह देवाली, द मराठा लाइट इन्फैंट्री, 17 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    14. कैप्टन मोहित रावत, कोर ऑफ सिग्नल्स, 44 असम राइफल्स – सेना
    15. कैप्टन अंशुमान सिंह, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    16. कैप्टन बाने स्वरांज सुधीर, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    17. कैप्टन पृथ्वीराज जयसिंह निघोट, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    18. कैप्टन साविक, 5/9 गोरखा राइफल्स – सेना
    19. लेफ्टिनेंट भानु प्रताप सिंह, 12 डोगरा – सेना
    20. लेफ्टिनेंट अमन पांडे, 8 बिहार – सेना
    21. असिस्टेंट कमांडेंट बिकाश राय, 11 असम राइफल्स – सेना
    22. सूबेदार पवन कुमार, 11 पैरा (विशेष बल) – सेना
    23. सूबेदार परभात गौड़, पैरा रेजीमेंट, 9 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    24. सूबेदार कणसे नामदेव बालकृष्ण, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    25. सूबेदार बलजिंदर सिंह, 7 सिख लाइट इन्फैंट्री – सेना
    26. नायब सूबेदार दयाल सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    27. हवलदार एल जोएल कॉम, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    28. हवलदार मुल्ला आबिदअली अशरफअली, 18 मराठा लाइट इन्फैंट्री – सेना
    29. लांस हवलदार पलाश घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    30. नायक अली मोहम्मद खान, 24 ग्रेनेडियर्स – सेना
    31. लांस नायक सुजय घोष, पैरा रेजीमेंट, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    32. लांस नायक अभिमन्यु सिंह, 21 ग्रेनेडियर्स – सेना
    33. लांस नायक बिधा सिंह, द जाट रेजीमेंट, 34 राष्ट्रीय राइफल्स – सेना
    34. लांस नायक प्रीतपाल सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    35. सिपाही हरमिंदर सिंह, सिख लाइट इन्फैंट्री, 19 राष्ट्रीय राइफल्स (मरणोपरांत) – सेना
    36. पैराट्रूपर हिमांशु कुमार, 21 पैरा (विशेष बल) – सेना
    नौ सेना पदक (वीरता)
    1. कमांडर विनीत शर्मा – नौसेना
    2. कमांडर युवराज कुमार – नौसेना
    3. अविनाश अण्णासो, पीओए (एफडी) – नौसेना
    वायु सेना पदक (वीरता)
    1. ग्रुप कैप्टन राहुल जगोता, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    2. ग्रुप कैप्टन राहुल रावत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    3. विंग कमांडर आशीष राजपूत, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    4. फ्लाइट लेफ्टिनेंट यश, फ्लाइंग (पायलट) – वायु सेना
    5. मास्टर वारंट ऑफिसर रविंदरजीत सिंह, पैराशूट जंप इंस्ट्रक्टर – वायु सेना
    मेंशन-इन-डिस्पैचेज
    राष्ट्रपति ने 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेज की भी मंजूरी दी है, जिनमें भारतीय सेना के 75, भारतीय नौसेना के 04 और भारतीय वायु सेना के 10 कर्मी शामिल हैं.
    भारतीय सेना
    ऑपरेशन रक्षक
    • कर्नल रणवीर सिंह, 207 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक जोशी, एसएम, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल हिमांशु शर्मा, 21 काउंटर इंसर्जेंसी इंटेलिजेंस यूनिट
    • लेफ्टिनेंट कर्नल आदित्य जसरोटिया, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर देवश्री अरविंद शर्मा, 25 मद्रास
    • मेजर कुणाल नरूला, 662 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर स्वप्निल श्रीवास्तव, द राजपूताना राइफल्स, 9 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अक्षय सिंह, द डोगरा रेजीमेंट, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अरुण, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 11 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर अब्दुलअजीज एम, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, 26 राष्ट्रीय राइफल्स
    • मेजर रोहित शर्मा, 290 फील्ड रेजीमेंट
    • कैप्टन मुनिराज टी, आर्मी मेडिकल कोर, 19 राष्ट्रीय राइफल्स
    • सुल्तान महमूद, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, उधमपुर
    • सूबेदार मनोज कुमार, 4 पैरा (विशेष बल)
    • नायब सूबेदार करमबीर, 21 ग्रेनेडियर्स
    • नायक मुकेश सिंह, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • नायक रोशन कुमार, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 3 राष्ट्रीय राइफल्स
    • नायक रजत शर्मा, 12 डोगरा
    • नायक नंदन सिंह गुसाईं, 4 पैरा (विशेष बल)
    • राइफलमैन रंजीत सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन रमेश सिंह, द गढ़वाल राइफल्स, 36 राष्ट्रीय राइफल्स
    • राइफलमैन गोविंद सिंह, द राजपूताना राइफल्स, 57 राष्ट्रीय राइफल्स
    • पैराट्रूपर मधुकर शैलेश चौगुले, 2 पैरा (विशेष बल)
    • आर्मी डॉग टाइसन (C071), रिमाउंट वेटनरी कोर, 2 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन हिफाजत
    • मेजर सी साई विवेक, एसएम, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 33 असम राइफल्स
    • मेजर राजकुमार संजीव, जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स, 31 असम राइफल्स
    • कैप्टन अथर्व श्रीरंग जाधव, 5/9 गोरखा राइफल्स
    • सूबेदार तिल बहादुर डांगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • सूबेदार अमित कुमार, 2 महार
    • सूबेदार जरनैल सिंह, 2 महार
    • हवलदार देवेंद्र सिंह नेगी, 21 पैरा (विशेष बल)
    • हवलदार डोंगरे गुलाबराव शामराव, 2 महार
    • नायक कपिल देव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • नायक सुनील कुमार, 2 महार
    • लांस नायक बिन्नार योगेश पोपट, 21 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर राहुल कुमार यादव, 21 पैरा (विशेष बल)
    • अग्निवीर हरिओम, 2 महार
    • अग्निवीर कृष्ण कुमार, 2 महार
    ऑपरेशन आर्किड
    • मेजर लक्ष्यद्वीप कांकेर, आर्मी एयर डिफेंस, 4 असम राइफल्स
    • पैराट्रूपर बिकाश काकती, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर योग राज, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर लालतन सांगा, 11 पैरा (विशेष बल)
    • पैराट्रूपर दीपचंद कारगवाल, एसएम, 21 पैरा (विशेष बल)
    ऑपरेशन मेघदूत
    • मेजर देवेश भंडारी, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर ऋषिकेश पाठक, 24 पंजाब
    ऑपरेशन स्नो लेपर्ड
    • लेफ्टिनेंट कर्नल राकेश वशिष्ठ, 301 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (SO)
    • मेजर अभिमन्यु यादव, 16 पंजाब
    • मेजर राजीव मील, 203 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (UH)
    • मेजर राहुल मेहता, रेजीमेंट ऑफ आर्टिलरी, 5 विकास (SFF)
    • कैप्टन मोहित गंजू, असम रेजीमेंट, 59 राष्ट्रीय राइफल्स
    • कैप्टन गौरव कुमार, 60 आर्मर्ड रेजीमेंट
    ऑपरेशन चक्रव्यूह
    • मेजर अमित नैन, 19 गढ़वाल राइफल्स
    ऑपरेशन चेथेबा
    • मेजर देबाशीष पुस्टी, आर्मर्ड रेजीमेंट, 13 असम राइफल्स
    ऑपरेशन खोइजुमान
    • मेजर अभिषेक कुमार सिंह, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन माउंट कांगतो
    • मेजर कार्तिक यादव, आर्मी एयर डिफेंस, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    ऑपरेशन तलाश
    • मेजर विशाल राणा, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • मेजर ज़ुबैर अहमद इटू, कोर ऑफ इंजीनियर्स, 19 असम राइफल्स
    ऑपरेशन अवांग लेखाई
    • मेजर शर्मा तनुज दिलीप, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन खोज
    • लेफ्टिनेंट शिवम पांडे, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    ऑपरेशन नोंगरेन II
    • सिपाही शुभम कुमार, 8 बिहार
    ऑपरेशन माओवा-कियेवी
    • राइफलमैन एच यांग पांग शानयेई फोम, 22 असम राइफल्स
    ऑपरेशन सिक्योर शील्ड-XLII
    • राइफलमैन देलबोर अली मोंडल, 3 असम राइफल्स
    • राइफलमैन अडेपु राकेश, 3 असम राइफल्स
    ऑपरेशन चानबिरोक
    • राइफलमैन भोज बहादुर राना मगर, 2/8 गोरखा राइफल्स
    विविध ऑपरेशन
    • लांस नायक जसपुनीत सिंह, 22 सिख
    • लेफ्टिनेंट कर्नल रोहित सिंह साही (सेवानिवृत्त)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सुहेल सिंह गिल, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • लेफ्टिनेंट कर्नल सौबाम किनोबाबू सिंह, एसएम, 2 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
    • लेफ्टिनेंट कर्नल विकास पांडे, 667 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • मेजर निकम निखिल जनार्दन, 2/8 गोरखा राइफल्स
    • मेजर अभिषेक अर्जुन, द गढ़वाल राइफल्स, 666 आर्मी एविएशन स्क्वाड्रन (R&O)
    • कैप्टन अरुण कुमार सोलानिया, 2 महार
    • हवलदार ऐजाज अहमद, 159 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नेहखोहाओ हाओकिप, 165 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी)
    • हवलदार नरेश शर्मा, 18 जम्मू एंड कश्मीर राइफल्स
    भारतीय नौसेना
    1. कमांडर निखिल चुघ
    2. लेफ्टिनेंट अजय जोस एन जोसेफ
    3. अश्विन संतोष, एवीआर सी (सीडी)
    4. अभिषेक सी धनवड़े, सी I (सीडी)
    भारतीय वायु सेना
    1. विंग कमांडर राजा रेड्डी ललिता नागेश कुमार, फ्लाइंग (पायलट)
    2. विंग कमांडर अम्मर हैदर नकवी, फ्लाइंग (पायलट)
    3. विंग कमांडर मनोज पुरी गोस्वामी, एडमिनिस्ट्रेशन/एयर ट्रैफिक कंट्रोलर
    4. स्क्वाड्रन लीडर कुंदरापु कौशिक, फ्लाइंग (पायलट)
    5. फ्लाइट लेफ्टिनेंट पार्थसारथी मुले, फ्लाइंग (पायलट)
    6. मास्टर वारंट ऑफिसर ब्रह्म प्रकाश, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर (सेवानिवृत्त)
    7. मास्टर वारंट ऑफिसर अनूप सिंह, पैरा जंपिंग इंस्ट्रक्टर
    8. कॉर्पोरल मोहन लाल सैनी, भारतीय वायु सेना (सुरक्षा)
    9. विंग कमांडर सीआर प्रदीप, फ्लाइंग (पायलट)
    10. स्क्वाड्रन लीडर अविरल गांधी, फ्लाइंग (पायलट)

  • सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर

    सीवरेज प्रोजेक्ट में सुस्ती पड़ी भारी, पांच कंपनियों पर गिरी गाज; नई सरकारी निविदाओं से भी बाहर


    भोपाल। भोपाल में अमृत मिशन की सीवरेज परियोजनाओं में लगातार हो रही देरी को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने काम की धीमी रफ्तार और अनुबंध की शर्तों के पालन में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए भोपाल देवास सतना और पीथमपुर की पांच परियोजनाओं से जुड़ी ठेकेदार कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। कार्रवाई के बाद संबंधित कंपनियां ब्लैकलिस्ट की अवधि में विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी। यह कदम उन परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है जिनका सीधा संबंध शहरों की बुनियादी सुविधाओं से है।

    नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया। इसके बाद परियोजनाओं की वास्तविक प्रगति और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा की गई। विभाग की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि अमृत मिशन जैसी जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में अनावश्यक देरी को अब सामान्य प्रक्रिया मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। इससे पहले भी विभाग की समीक्षा बैठकों में धीमी प्रगति वाले कामों पर सस्पेंशन एलडी और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं।

    भोपाल में अमृत 2.0 की दो सीवरेज परियोजनाएं इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। पैकेज-2 के लिए मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड और पैकेज-3 के लिए मेसर्स एलसी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है। राजधानी में सीवरेज नेटवर्क से जुड़े इन कामों की धीमी प्रगति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सीवरेज परियोजनाओं में सड़क खुदाई पाइपलाइन बिछाने सीवर नेटवर्क तैयार करने और घरों को कनेक्शन देने जैसे काम शामिल होते हैं। ऐसे कार्यों में देरी का सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है।

    देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हुई है। वहीं सतना की अमृत 1.0 परियोजना से जुड़ी मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है। पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर एंड बी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड कार्रवाई के दायरे में आई है। इस तरह चार शहरों की पांच परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों पर कार्रवाई की गई है।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने अधिकारियों और ठेकेदारों को साफ संदेश दिया है कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे जनता से जुड़ी हैं। इसलिए तय समय के अनुसार काम पूरा नहीं करना और अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। विभाग ने बचे हुए काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश भी दिए हैं। परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के जरिए उनकी भौतिक और वित्तीय प्रगति पर नजर रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।

    मध्य प्रदेश सरकार पहले भी शहरी विकास योजनाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई करती रही है। जनवरी 2026 में हुई अमृत मंथन कार्यशाला के दौरान भी 35 परियोजनाओं की धीमी प्रगति सामने आने के बाद ठेकेदारों को नोटिस देने और 13 संविदाकारों को ब्लैकलिस्ट करने की जानकारी सामने आई थी।

    अब ताजा कार्रवाई से यह संकेत स्पष्ट है कि अमृत मिशन की परियोजनाओं में देरी को लेकर विभाग अपना रुख और सख्त कर रहा है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा जारी रहेगी और यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार पक्षों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन

    विभाजन विभीषिका दिवस पर CM का बड़ा संदेश, बोले- बंटवारे का दर्द आज भी व्यथित करता है मन


    भोपाल। विभाजन विभीषिका दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को भोपाल के शौर्य स्मारक पहुंचे। यहां उन्होंने भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने तथा विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लोगों को याद किया। मुख्यमंत्री ने शौर्य स्मारक परिसर में नवनिर्मित डिजिटल लाइब्रेरी का शुभारंभ भी किया। इस डिजिटल लाइब्रेरी में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और वहां मौजूद डिजिटल सामग्री के बारे में जानकारी ली।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की तिरंगा यात्रा को शौर्य स्मारक तिराहे से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा भारत माता चौराहा यानी डिपो चौराहा तक पहुंची। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहा हर घर तिरंगा अभियान देशभर में राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का उत्सव बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश के अलग अलग हिस्सों में तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहरा रहा है।

    विभाजन विभीषिका दिवस के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने 1947 के उस दौर को याद किया जब भारत के विभाजन के कारण बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर और संपत्ति छोड़कर पलायन करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि विभाजन के समय लोगों ने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया और इस त्रासदी की पीड़ा को याद कर आज भी मन व्यथित हो उठता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय से सीख लेते हुए देशवासियों को एकता भाईचारे और अखंड राष्ट्रीय भावना को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन केवल सीमाओं के बदलने की घटना नहीं थी बल्कि इससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए। लोगों को अपने घरों से विस्थापित होना पड़ा और अनेक परिवारों ने अपनों को खोया। ऐसे में विभाजन विभीषिका दिवस का उद्देश्य इतिहास की उस त्रासदी को याद करना और आने वाली पीढ़ियों को उसके बारे में जानकारी देना भी है। शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम के जरिए इसी इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

    इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम और देश के इतिहास से जुड़ी सामग्री को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। इससे युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के विभिन्न पहलुओं और देश के लिए बलिदान देने वाली विभूतियों के योगदान को समझने का अवसर मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कांग्रेस पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्य को नहीं जानती तो सत्याग्रह की बात कैसे करेगी। उन्होंने पार्टी को आत्ममंथन और आत्ममूल्यांकन करने की सलाह देते हुए अपने राजनीतिक विचार रखे। हालांकि कार्यक्रम का मुख्य केंद्र विभाजन की त्रासदी को याद करना और राष्ट्रभक्ति तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश देना रहा।

    डॉ. मोहन यादव ने भारत के भविष्य को लेकर भी अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और युवा देश है तथा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ राष्ट्रीय विकास में भागीदारी की बात कही।

    शौर्य स्मारक में आयोजित कार्यक्रम ने स्वतंत्रता दिवस से पहले भोपाल में राष्ट्रभक्ति का माहौल और मजबूत किया। एक तरफ विभाजन की पीड़ा को याद कर इतिहास से सीख लेने का संदेश दिया गया तो दूसरी ओर तिरंगा यात्रा के जरिए देश के प्रति सम्मान और एकता की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्रीय एकता भाईचारे और देश की अखंडता को मजबूत करने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

  • नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह

    नर्सिंग छात्रों के प्रदर्शन के बीच बड़ा एक्शन, MP Nursing Council के Registrar पद से हटाए गए मुकेश सिंह


    भोपाल। भोपाल में मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल से जुड़ा एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। नर्सिंग परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और लंबित रिजल्ट को लेकर छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच काउंसिल के Registrar मुकेश सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई Deputy CM और लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के निर्देश के बाद की गई बताई जा रही है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की नाराजगी के बीच हुई इस कार्रवाई को सरकार की ओर से अहम कदम माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े मामलों पर पहले भी न्यायिक स्तर पर गंभीर सवाल उठते रहे हैं और हाईकोर्ट ने हाल में काउंसिल के Registrar को राज्य के नर्सिंग कॉलेजों से संबंधित रिकॉर्ड के साथ पेश होने के निर्देश दिए थे।

    दरअसल नर्सिंग छात्रों के संगठन NSO से जुड़े छात्र 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में देरी और रिजल्ट समय पर जारी नहीं होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई और दूसरे संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी लंबित परिणामों के कारण प्रभावित होने की बात कही जा रही है। छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन किया और इसी बीच Registrar को हटाने की कार्रवाई सामने आई है।

    प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे प्रमुख मांग GNM और BSc Nursing के लंबित रिजल्ट जल्द जारी करने की है। विद्यार्थियों का कहना है कि लंबे समय से परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्रों को जल्द राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही आगामी नर्सिंग परीक्षाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द आयोजित कराने की मांग भी की गई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा और परिणाम में लगातार देरी होने से उनका पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो रहा है और भविष्य की पढ़ाई तथा नौकरी से जुड़ी योजनाएं भी अटक रही हैं।

    छात्रों ने छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि SC ST और OBC वर्ग के विद्यार्थियों के साथ पैरामेडिकल छात्रों को भी छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाए। इसके अलावा EWS और General वर्ग के जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए भी छात्रवृत्ति की व्यवस्था करने की मांग सामने आई है। छात्रों का कहना है कि आर्थिक परेशानियों के कारण कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं और छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक व्यापक बनाया जाना चाहिए।

    नर्सिंग छात्रों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जोड़ने की है। इसके साथ ही Faculty Management System लागू करने की मांग भी की जा रही है। छात्रों का तर्क है कि संस्थानों में फैकल्टी और शैक्षणिक व्यवस्था की बेहतर निगरानी के लिए पारदर्शी सिस्टम जरूरी है। नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी भी पहले से रही है और अदालत ने दस्तावेजों तथा छात्रों की व्यवस्था से संबंधित मामलों में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

    ऐसे में Registrar को हटाने की कार्रवाई को नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि लंबित रिजल्ट परीक्षा आयोजन छात्रवृत्ति और संस्थानों से जुड़े छात्रों के सभी मुद्दों का समाधान अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्भर करेगा। छात्रों की नजर अब इस बात पर है कि लंबित परिणाम कब जारी होते हैं और आगामी परीक्षाओं को लेकर सरकार और काउंसिल क्या निर्णय लेती है।

  • नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    नागपंचमी पर सांपों को दूध पिलाने से बचाएं जान, उज्जैन में भगतजी संस्थान चलाएगा विशेष जागरूकता अभियान

    उज्जैन धार्मिक नगरी उज्जैन में नागपंचमी के पावन अवसर पर जीवों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक अनोखा जागरूकता अभियान आयोजित किया जाएगा। अक्सर नागपंचमी के दौरान परंपराओं के नाम पर सांपों को दूध पिलाने का चलन देखा जाता है। हालांकि, जीव विशेषज्ञों के अनुसार जबरन तरल पदार्थ या दूध पिलाने से सांपों के फेफड़ों में संक्रमण हो सकता है, जिससे उनकी मृत्यु की आशंका अत्यधिक बढ़ जाती है। इसी भ्रम को दूर करने और लोगों में संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से भगतजी सेवा संस्थान द्वारा एक विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई है।

    संस्थान द्वारा यह आयोजन पर्यावरण बचाओ – सरीसृप मुस्कुराओ थीम के तहत आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सांपों के प्रति पारंपरिक भ्रांतियों से दूर करना और उन्हें जीव संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना है। आयोजन में विशेषज्ञों की उपस्थिति रहेगी जो लोगों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों को पहचानने, उनसे दूरी बनाए रखने, और दुर्भाग्यवश सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले प्राथमिक उपचार एवं बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देंगे।

    इस जागरूकता कार्यक्रम को आकर्षक और जन-सामान्य से जोड़ने के लिए एक अनूठी प्रतियोगिता का भी समावेशन किया गया है। सुबह के समय नियमित भ्रमण और व्यायाम करने वाले नागरिकों के लिए नागिन धुन पर एरोबिक्स एक्सरसाइज की स्पर्धा आयोजित की जाएगी। इस अनूठे प्रदर्शन के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यायाम प्रेमियों को आयोजकों की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

    पर्यावरणविदों और वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि सांप पारिस्थितिकी तंत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और चूहों को नियंत्रित रखकर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं। अंधविश्वास और अज्ञानता के कारण हर साल कई बेजुबान जीवों की जान चली जाती है। ऐसे में इस प्रकार के नवाचार और जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बेजुबान जीवों की रक्षा करने में अत्यंत प्रभावकारी सिद्ध हो सकते हैं।

  • गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन

    गांधी मेडिकल कॉलेज में पूर्व छात्रों का बड़ा तोहफा, उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया एरीना का उद्घाटन


    भोपाल। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल के 71वें स्थापना दिवस समारोह में मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पूर्व छात्रों के सहयोग से तैयार किए गए आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा से जुड़े अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक, पूर्व छात्र और विद्यार्थी मौजूद रहे।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है। एमबीबीएस, स्नातकोत्तर और विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा की सीटों में लगातार वृद्धि के प्रयास किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने के साथ सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को अत्याधुनिक और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा राज्य के भीतर उपलब्ध कराना है, ताकि बेहतर इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

    राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बदलती परिस्थितियों में बीमारियों का बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। बीमारी की रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, स्वच्छता, पोषण और स्वास्थ्य जागरूकता को भी समान महत्व देना जरूरी है।

    उन्होंने सामाजिक संगठनों, संस्थाओं और जागरूक नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकारी प्रयासों को प्रभावी बनाने में समाज की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन के लगातार सहयोग की सराहना की और कहा कि पूर्व छात्रों का अपनी संस्था से जुड़ाव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।

    विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अंगदान का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी जरूरतमंद को नया जीवन देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप देने की जरूरत बताई।

    कार्यक्रम के दौरान गांधी मेडिकल कॉलेज में मल्टीडिसिप्लिनरी ट्यूमर बोर्ड का भी शुभारंभ किया गया। इसके तहत कैंसर उपचार से जुड़े अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ मिलकर मरीज के मामले पर विचार करेंगे और उपचार की समन्वित रणनीति तैयार करेंगे। इससे मरीजों को अलग-अलग विभागों के बीच भटकने की आवश्यकता कम होने और उपचार प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।

    राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने चिकित्सकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सेवा भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने स्थापना दिवस पर करीब 9,000 वर्गफुट क्षेत्र में निर्मित आधुनिक फुटसल स्पोर्ट्स एरीना कॉलेज को समर्पित किया। इसकी अनुमानित लागत करीब 35 लाख रुपये बताई गई। इसे विद्यार्थियों में फिटनेस, टीमवर्क, अनुशासन और तनावमुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देने की दिशा में उपयोगी पहल माना गया।

    एलुमनाई एसोसिएशन ने कॉलेज और छात्र हित के भविष्य के विकास कार्यों के लिए करीब एक करोड़ रुपये का स्थायी कॉर्पस फंड भी तैयार किया है। समारोह में स्वच्छता जागरूकता प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस पर कॉलेज के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा चिकित्सकों को शुभकामनाएं देते हुए संस्थान की निरंतर प्रगति की कामना की गई।

  • भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश

    भोपाल की सड़कों पर उमड़ा तिरंगों का सैलाब, एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा; नशामुक्ति का भी संदेश


    भोपाल। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में देशभक्ति का विशाल नजारा देखने को मिला। हर घर तिरंगा अभियान के तहत शुक्रवार को करीब 32 किलोमीटर लंबी भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। कर्मश्री संस्था और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल हुए। यात्रा कोलार सिक्स लेन स्थित मदर टेरेसा स्कूल के सामने से शुरू होकर संत नगर स्थित भैंसाखेड़ी मंडी तक पहुंच रही है। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में एक लाख से अधिक नागरिकों के शामिल होने का दावा किया गया है जबकि करीब 50 हजार वाहनों का पंजीयन कराया गया है।

    32 किलोमीटर लंबे रूट पर जगह जगह स्वागत मंच बनाए गए हैं। आयोजन समिति के अनुसार यात्रा का 1100 से ज्यादा स्थानों पर स्वागत किया जा रहा है। रास्ते में बड़ी संख्या में युवा महिलाएं सामाजिक संगठनों के सदस्य और आम नागरिक हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। कई जगह पुष्प वर्षा के साथ यात्रा का स्वागत किया गया। देशभक्ति के गीतों और भारत माता की जय के नारों से भोपाल की सड़कें गूंजती नजर आईं। यात्रा में स्कूली बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली।

    यात्रा में शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे पूरा भोपाल सड़कों पर उतर आया है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत देशभर में राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना के साथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवा शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि तिरंगे के साथ युवा देश के सम्मान स्वाभिमान और गौरव को नई ऊंचाई देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता का भी उल्लेख किया और कहा कि देश अब अपने दुश्मनों से निपटने के लिए उनकी सीमा में जाकर कार्रवाई करने में सक्षम है।

    यात्रा के आयोजक और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश के निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यात्रा में इस बार सामाजिक जागरूकता को भी प्रमुखता दी गई है। शहर के अलग अलग स्थानों पर बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर नशामुक्ति से जुड़े संदेश दिखाई दिए। इनमें Gen-Z Against Addiction और नशा मुक्त युवा जैसे संदेश शामिल हैं।

    रामेश्वर शर्मा ने यात्रा के दौरान अखंड भारत से जुड़ा राजनीतिक बयान भी दिया। उन्होंने लाहौर ढाका और कराची का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इन्हें नहीं भूला है और भविष्य में वहां भी तिरंगा फहराने की बात कही। यह बयान यात्रा के दौरान दिए गए उनके राजनीतिक संदेश का हिस्सा रहा।


    भोपाल में इस तरह की विशाल तिरंगा यात्रा को लेकर प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। इतने लंबे रूट पर बड़ी संख्या में वाहनों और नागरिकों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। अलग अलग स्थानों पर यात्रा के सुचारू संचालन के लिए व्यवस्थाएं की गईं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इससे पहले भी भोपाल में हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है। इस अभियान का उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित करना है।

    इस तरह भोपाल की 32 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा में राष्ट्रभक्ति के साथ युवाओं को नशे से दूर रहने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया गया। तिरंगे के साथ उमड़ी भीड़ और शहरभर में बने स्वागत मंचों ने स्वतंत्रता दिवस से पहले राजधानी में उत्सव का माहौल बना दिया।

  • विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आलोक शर्मा का बयान, विदेशी फंडिंग वाली संस्थाओं की जांच पर दिया जोर

    विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आलोक शर्मा का बयान, विदेशी फंडिंग वाली संस्थाओं की जांच पर दिया जोर


    भोपाल। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बीजेपी सांसद आलोक शर्मा ने देश में काम कर रहे गैर सरकारी संगठनों यानी NGO को मिलने वाली विदेशी आर्थिक मदद को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से होने वाले जनहित के कार्यों का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन विदेशी स्रोतों से मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर पारदर्शिता भी जरूरी है। उनके मुताबिक किसी संगठन को विदेश से मिलने वाले पैसे का स्रोत क्या है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा है इसकी जानकारी स्पष्ट होनी चाहिए। 14 अगस्त को देश में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिन 1947 के विभाजन के दौरान प्रभावित लोगों के संघर्ष और पीड़ा को याद किया जाता है।

    आलोक शर्मा ने कहा कि देश में बड़ी संख्या में सामाजिक और गैर सरकारी संस्थाएं शिक्षा स्वास्थ्य राहत और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में काम करती हैं। ऐसे संगठनों की भूमिका कई स्तरों पर महत्वपूर्ण हो सकती है। लेकिन जब किसी संस्था को विदेश से आर्थिक मदद मिलती है तो उसके वित्तीय स्रोत और फंड के इस्तेमाल की निगरानी भी जरूरी हो जाती है। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए कहा कि नियमों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए और यदि कोई संस्था निर्धारित नियमों का उल्लंघन करती है तो संबंधित एजेंसियों को नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

    सांसद ने विदेशी फंडिंग के इस्तेमाल को लेकर विशेष रूप से पारदर्शिता पर जोर दिया। उनका कहना था कि किसी भी सामाजिक संगठन को मिलने वाली आर्थिक सहायता का उद्देश्य स्पष्ट होना चाहिए। यदि पैसा किसी विशेष सामाजिक या जनकल्याणकारी काम के लिए प्राप्त हुआ है तो उसका इस्तेमाल उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशहित से जुड़े मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। हालांकि उनके बयान में किसी विशेष NGO पर अनियमितता का आरोप नहीं लगाया गया है। इसलिए इसे विदेशी फंडिंग की सामान्य निगरानी और पारदर्शिता की मांग के तौर पर देखा जाना चाहिए।

    विदेशी आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए भारत में पहले से ही कानूनी और नियामकीय व्यवस्था मौजूद है। विदेशी योगदान से जुड़े मामलों में FCRA यानी Foreign Contribution Regulation Act के तहत नियम लागू होते हैं। इसी व्यवस्था के तहत विदेशी योगदान प्राप्त करने वाले संगठनों से उसके स्रोत और इस्तेमाल से संबंधित जानकारी तथा निर्धारित अनुपालन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में आलोक शर्मा का बयान इसी व्यापक बहस के बीच सामने आया है कि विदेशी सहायता का इस्तेमाल पूरी पारदर्शिता के साथ और कानून के दायरे में होना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान आलोक शर्मा ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व पर भी बात की। उन्होंने 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों को अपने घर और जमीन छोड़कर विस्थापित होना पड़ा था। केंद्र सरकार ने 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

    आलोक शर्मा भोपाल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के सांसद हैं और 18वीं लोकसभा के लिए 2024 में निर्वाचित हुए थे। PRS India के अनुसार उनका लोकसभा कार्यकाल जून 2024 से जारी है।

    सांसद के बयान के बाद NGO की विदेशी फंडिंग और उसके नियमन को लेकर चर्चा फिर तेज होने की संभावना है। सामाजिक संस्थाओं के योगदान और विदेशी सहायता के बीच संतुलन बनाते हुए पारदर्शिता सुनिश्चित करना इस बहस का अहम हिस्सा है। सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन हो और जहां कोई वास्तविक उल्लंघन सामने आए वहां कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए। वहीं सामाजिक संगठनों के लिए भी जरूरी है कि वे अपने वित्तीय स्रोत और खर्च से जुड़ी जानकारी नियमानुसार स्पष्ट रखें ताकि उनके काम को लेकर जनता का भरोसा कायम रहे।

  • उज्जैन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, सुख-शांति के लिए की विशेष प्रार्थना

    उज्जैन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने किए महाकालेश्वर के दर्शन, सुख-शांति के लिए की विशेष प्रार्थना

    मध्य प्रदेश।  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन किया और मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की।

    उज्जैन की धार्मिक पहचान भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से जुड़ी हुई है। इसी आस्था के केंद्र में विधानसभा अध्यक्ष के पहुंचने पर मंदिर परिसर में निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार उनका स्वागत किया गया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने उनका स्वागत और सत्कार किया।

    मंदिर पहुंचने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने पूजा की विभिन्न प्रक्रियाओं में हिस्सा लेते हुए प्रदेश और देशवासियों के कल्याण की कामना की। पूजन के दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में सुख-शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए भगवान महाकाल से प्रार्थना की।

    दर्शन के बाद नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बाबा महाकाल के दर्शन करने का सौभाग्य उन्हें प्राप्त हुआ है। उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि मध्य प्रदेश और देश में सुख-समृद्धि बनी रहे तथा सभी प्रदेशवासियों का कल्याण हो।

    उन्होंने उज्जैन को आस्था और धार्मिक परंपराओं की महत्वपूर्ण नगरी बताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की नगरी में आकर दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मंदिर में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल दिखाई दिया।

    नरेंद्र सिंह तोमर का यह दौरा ऐसे समय हुआ जब उज्जैन लगातार धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। महाकालेश्वर मंदिर में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु नियमित रूप से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    विधानसभा अध्यक्ष के मंदिर दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त रखी गई थी। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस तथा सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाओं को संभाला।

    दर्शन और पूजन के दौरान मंदिर की सामान्य व्यवस्थाओं को भी बनाए रखा गया। श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहीं। मंदिर प्रबंध समिति के अधिकारी और कर्मचारी भी इस दौरान मौजूद रहे।

    पूजन कार्यक्रम पूरा होने के बाद नरेंद्र सिंह तोमर मंदिर परिसर से रवाना हो गए। उनके दौरे के दौरान मुख्य रूप से धार्मिक आस्था और प्रदेश तथा देश की खुशहाली की कामना पर जोर रहा।

    महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने एक बार फिर प्रदेशवासियों के कल्याण और देश में सुख-समृद्धि की कामना दोहराई। उनका यह धार्मिक दौरा उज्जैन की धार्मिक परंपरा और जनप्रतिनिधियों की आस्था से जुड़ा कार्यक्रम रहा।

  • राशन के पैसे के इस्तेमाल पर डिजिटल निगरानी, CBDC आधारित DBT से बदलेगी खाद्य सब्सिडी की व्यवस्था

    राशन के पैसे के इस्तेमाल पर डिजिटल निगरानी, CBDC आधारित DBT से बदलेगी खाद्य सब्सिडी की व्यवस्था


    चंडीगढ़। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS में खाद्य सब्सिडी की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में CBDC यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर व्यवस्था का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने की। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं।

    इस नई व्यवस्था को खाद्य सब्सिडी के डिजिटल वितरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयोग माना जा रहा है। सरकारी योजना के तहत चंडीगढ़ और दादरा एवं नगर हवेली ऐसे पहले केंद्र शासित प्रदेश हैं जहां पात्र लाभार्थियों तक खाद्य सब्सिडी प्रोग्रामेबल CBDC यानी डिजिटल रुपये के रूप में पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसका मकसद सब्सिडी के वितरण को पारदर्शी और ट्रेसेबल बनाने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सहायता निर्धारित उद्देश्य के लिए ही इस्तेमाल हो।

    CBDC आधारित DBT की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रोग्रामेबल होना है। सामान्य बैंक खाते में मिलने वाली नकद राशि का इस्तेमाल लाभार्थी अपनी जरूरत के मुताबिक कर सकता है लेकिन इस व्यवस्था में डिजिटल लाभ को एक निर्धारित उद्देश्य से जोड़ा जा सकता है। खाद्य सब्सिडी के मामले में राशि का इस्तेमाल राशन और जरूरी खाद्य वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकेगा। इसके लिए अधिकृत या सूचीबद्ध दुकानदारों के माध्यम से डिजिटल भुगतान की व्यवस्था होगी।

    इस व्यवस्था से लाभार्थियों को खाद्य वस्तुओं के चयन में भी अधिक विकल्प मिलने की बात कही गई है। गेहूं और चावल के अलावा दाल या अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा सकता है। तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि सब्सिडी की राशि को किसी दूसरे काम में डायवर्ट न किया जा सके। शिवराज सिंह चौहान ने इस पहल को तकनीक और जनकल्याणकारी योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया और इसे विकसित करने वाली विभागीय टीम की सराहना की।

    चंडीगढ़ में शुरू किया गया मॉडल केवल स्थानीय प्रयोग तक सीमित नहीं माना जा रहा है। सरकार इसे भविष्य में अन्य क्षेत्रों में लागू किए जाने वाले मॉडल के रूप में देख रही है। इससे खाद्य सब्सिडी के वितरण में होने वाले लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा और पूरी प्रक्रिया को अधिक ट्रेसेबल बनाया जा सकेगा। इससे सरकारी सहायता के सही लाभार्थी तक पहुंचने और उसके निर्धारित उद्देश्य में इस्तेमाल होने की निगरानी मजबूत होने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और गरीबों के हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि कृषि नीति और खाद्य सुरक्षा से जुड़े फैसलों में किसान हित और जनहित सर्वोच्च रहेंगे। उन्होंने देश में गेहूं और धान के पर्याप्त भंडार का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर खाद्यान्न का निर्यात भी कर सकता है।

    केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को भी गरीब परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा बताया। उनका कहना था कि खाद्य सुरक्षा से परिवारों के खर्च का बोझ कम होता है और बची हुई राशि बच्चों की शिक्षा तथा दूसरी जरूरी जरूरतों पर खर्च की जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ बिना अनावश्यक बाधा के पहुंचे।

    शिवराज सिंह चौहान ने तकनीक आधारित इस पहल को सरकार की उस सोच से जोड़ा जिसमें सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों और फाइलों तक सीमित न रहकर सीधे लोगों की जिंदगी में दिखाई देना चाहिए। CBDC आधारित DBT इसी दिशा में एक नया प्रयोग है जिसमें डिजिटल रुपये के जरिए खाद्य सब्सिडी को अधिक उद्देश्यपूर्ण और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।