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  • उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”

    उज्जैन में सनसनी: कृषि अध्ययनशाला के गेट पर धमकी भरा संदेश, लिखा- “तुम सब मरोगे”


    नई दिल्ली| उज्जैन में स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला में सोमवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब परिसर के मुख्य गेट पर अज्ञात लोगों द्वारा डरावना संदेश लिखा पाया गया। दीवार पर कुंकू से “तुम सब मरोगे” लिखा हुआ मिला, जिससे शिक्षक, कर्मचारी और छात्र भयभीत हो गए।
    यह घटना रात करीब 2 से 3 बजे के बीच की बताई जा रही है। रविवार की छुट्टी के बाद जब सोमवार सुबह चौकीदार आशीष बोरिंग चालू करने पहुंचे, तो उन्होंने गेट के पास मटकी, लाल कपड़ा और तंत्र क्रिया जैसे प्रतीक देखे। इसी दौरान दीवार पर लिखा यह डरावना संदेश भी सामने आया।
    घटना स्थल पर मिले इन संदिग्ध सामानों ने पूरे परिसर में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। बताया जा रहा है कि यह नई बिल्डिंग है, जहां करीब 10 दिन पहले ही कक्षाएं शुरू हुई हैं और लगभग 1100 विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं।
    घटना के समय चौकीदार ने बताया कि रात करीब 2 बजे तक स्टाफ परिसर में मौजूद था, लेकिन इसके बाद यह घटना घटित हुई। सुबह जैसे ही यह मामला सामने आया, शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
    सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भवन के बाहर CCTV कैमरे नहीं लगे हैं, जिसके कारण अज्ञात शरारती तत्वों की पहचान करना मुश्किल हो रहा है। फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन और अधिकारी मामले की जांच में जुटे हुए हैं।
    घटना के बाद दीवार पर लिखा संदेश पुताई कर मिटा दिया गया है, लेकिन परिसर में भय और असुरक्षा का माहौल अभी भी बना हुआ है। अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि यह किसी अंधविश्वास से जुड़ी हरकत है या जानबूझकर दहशत फैलाने की कोशिश।

  • सड़क सुरक्षा पर हाईकोर्ट का सवाल- अवैध कट और धीमी एंबुलेंस सेवा पर मांगा जवाब

    सड़क सुरक्षा पर हाईकोर्ट का सवाल- अवैध कट और धीमी एंबुलेंस सेवा पर मांगा जवाब

    नई दिल्ली|  मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सड़क सुरक्षा को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अहम सवाल खड़े किए हैं। चीफ जस्टिस Sanjeev Sachdeva और जस्टिस Vinay Saraf की डिविजन बेंच ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि जब ओला-उबर जैसी कैब सेवाएं कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती?

    कोर्ट ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

    याचिका डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी Mahavir Singh द्वारा दायर की गई है, जिसमें उन्होंने मांग की है कि सड़क दुर्घटनाओं में जान बचाने के लिए ओला-उबर जैसी रियल टाइम एंबुलेंस सेवा लागू की जाए। उनका कहना है कि समय पर मेडिकल सहायता न मिलने के कारण कई जिंदगियां बचाई नहीं जा पातीं।

    याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। खासतौर पर भोपाल-जबलपुर हाईवे का जिक्र करते हुए बताया गया है कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं, जो लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

    कोर्ट में यह भी कहा गया कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि एंबुलेंस की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है।

    हाईकोर्ट ने सभी पक्षों से विस्तृत जवाब और रिपोर्ट तलब करते हुए अगली सुनवाई में पूरी जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस टिप्पणी के बाद अब सड़क सुरक्षा और एंबुलेंस सिस्टम को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।


  • ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले पर किया जानलेवा हमला, सड़क पर तड़पता छोड़ा

    ग्वालियर में सनसनीखेज वारदात, जीजा ने साले पर किया जानलेवा हमला, सड़क पर तड़पता छोड़ा


    नई दिल्ली| मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक रूह कँपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ रिश्तों का कत्ल करने की कोशिश की गई। थाटीपुर थाना क्षेत्र की मेहरा कॉलोनी में एक जीजा ने अपने ही साले पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। महज एक मामूली बहस के बाद, आवेश में आए जीजा ने सब्जी काटने वाले चाकू से अपने साले के शरीर को छलनी कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, हमला इतना तेज और बेरहम था कि पीड़ित को संभलने तक का मौका नहीं मिला। गर्दन, पेट, पीठ और सीने पर एक के बाद एक 24 वार किए गए, जिससे युवक खून से लथपथ होकर सड़क पर ही गिर पड़ा और तड़पने लगा।

    सुलह की कोशिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
    पुलिस जांच में सामने आया है कि इस विवाद की जड़ें चार साल पुरानी हैं। मुरैना निवासी देवेंद्र रजक की बहन की शादी ग्वालियर के कृष्णा रजक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष पति कृष्णा, उसका भाई सोनू और पिता राम अवतारलगातार विवाहिता को प्रताड़ित कर रहे थे। 25 अप्रैल को देवेंद्र अपनी बहन के दुखों को दूर करने और मामले में बीच-बचाव कर सुलह कराने के उद्देश्य से मुरैना से ग्वालियर आया था। उसे उम्मीद थी कि बातचीत से मसला हल हो जाएगा, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    जब देवेंद्र ने अपनी बहन को साथ भेजने की बात कही, तो कृष्णा आग बबूला हो गया। बात गाली-गलौज से शुरू होकर हाथापाई तक पहुँच गई। इसी बीच कृष्णा घर के अंदर से चाकू निकाल लाया और अपनी बहन के सामने ही उसके भाई पर टूट पड़ा।

    वीडियो में कैद हुई दरिंदगी, दो आरोपी गिरफ्तार
    इस पूरी वारदात का एक विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी कृष्णा अपने साले पर ताबड़तोड़ हमला करता दिख रहा है। हमले के दौरान देवेंद्र की बहन अपने भाई को बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन पत्थर दिल हमलावर नहीं रुका। वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी अपनी बाइक उठाकर मौके से फरार हो गया।

    स्थानीय लोगों और बहन ने तत्परता दिखाते हुए घायल देवेंद्र को अस्पताल पहुँचाया, जहाँ वह फिलहाल जीवन और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून बह जाने और महत्वपूर्ण अंगों पर चोट लगने के कारण उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

    पुलिस की कार्रवाई: ससुर की तलाश जारी
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल करते हुए दबिश दी। सीएसपी मुरार, अतुल सोनी ने पुष्टि की है कि मुख्य आरोपी कृष्णा रजक और उसके भाई सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, उनका पिता राम अवतार अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की टीमें फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने हत्या के प्रयास की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

  • बीजेपी की अहम बैठक ओरछा में तय, प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी, जल्द आएगी सदस्यों की सूची

    बीजेपी की अहम बैठक ओरछा में तय, प्रदेश अध्यक्ष ने दी जानकारी, जल्द आएगी सदस्यों की सूची


    नई दिल्ली| भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक अहम बैठक के दौरान मध्यप्रदेश की सियासत से जुड़ा बड़ा फैसला सामने आया है। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत आयोजित इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने घोषणा की कि आगामी प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ऐतिहासिक नगरी ओरछा में आयोजित की जाएगी।

    यह बैठक मई 2026 में होने जा रही है और इसे खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि यह Hemant Khandelwal के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पहली प्रदेश कार्यसमिति बैठक होगी। संगठन के भीतर इसे नई रणनीति और दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    हालांकि, अभी तक प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह सूची एक या दो दिनों में जारी की जा सकती है, जिसके बाद संगठनात्मक ढांचे को और स्पष्ट रूप दिया जाएगा।

    इस बैठक में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे, जिनमें राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री Shivprakash, प्रदेश प्रभारी Dr. Mahendra Singh, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री Ajay Jamwal और प्रशिक्षण महाअभियान के जोन प्रभारी केसी पटेल प्रमुख रूप से मौजूद थे।

    बैठक में संगठनात्मक मजबूती, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और बूथ स्तर तक संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। पं. दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026 के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ओरछा में होने वाली यह बैठक भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, क्योंकि इससे आने वाले समय में संगठन की दिशा और गति दोनों तय होंगी।

  • इंदौर में पानी संकट पर पार्षद का बड़ा बयान, बोले- अब महापौर-निगम कमिश्नर से लेंगे पानी

    इंदौर में पानी संकट पर पार्षद का बड़ा बयान, बोले- अब महापौर-निगम कमिश्नर से लेंगे पानी


    नई दिल्ली| इंदौर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की किल्लत ने एक बार फिर हालात बिगाड़ दिए हैं। शहर के कई इलाकों में जल संकट गहराता जा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच वार्ड 75 से एक अनोखी और गंभीर स्थिति सामने आई है, जहां पार्षद ने खुद ही महापौर और नगर निगम कमिश्नर से पानी की मांग कर दी है।
    वार्ड 75 के पार्षद कुणाल सोलंकी ने नगर निगम महापौर Pushyamitra Bhargav और निगम कमिश्नर Kshitij Singhal को पत्र लिखकर 10 पानी के टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वार्ड का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में आता है, जहां नर्मदा जल आपूर्ति ठीक से नहीं पहुंच पा रही है।
    पार्षद के मुताबिक, स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई इलाकों में बोरिंग भी सूखने लगे हैं, जिससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने बताया कि गर्मी के चलते पानी की खपत बढ़ गई है, लेकिन सप्लाई बेहद सीमित है।
    हालांकि, प्रशासन की ओर से समय पर टैंकर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण पार्षद ने खुद ही कुछ अस्थायी व्यवस्था की है, लेकिन वह भी पर्याप्त साबित नहीं हो रही है। उन्होंने साफ कहा है कि यह व्यवस्था केवल आंशिक राहत दे पा रही है, जबकि समस्या व्यापक है।
    पार्षद कुणाल सोलंकी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे वार्ड के लोगों के साथ महापौर और नगर निगम कमिश्नर के घर जाकर पानी की मांग करेंगे। इस बयान ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गर्मियों में ऐसी स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। इस बार भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं और लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
    अब देखना होगा कि नगर निगम इस समस्या को कितनी जल्दी हल करता है या फिर इंदौर के इस वार्ड में पानी संकट और गहराता है।

  • संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा

    संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा


    नई दिल्ली| बॉलीवुड अभिनेता Sanjay Dutt एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या किरदार को लेकर नहीं, बल्कि विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर उठे विवाद के कारण। मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस गाने के कथित आपत्तिजनक बोलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें और अभिनेत्री Nora Fatehi को तलब किया।
    रविवार को Sanjay Dutt सरिता विहार स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद उन्होंने आयोग के सामने अपनी सफाई दी और कथित विवादित बोलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उनके वकील हेमंत शाह के अनुसार, अभिनेता ने स्पष्ट किया कि जिस समय शूटिंग हुई थी, उस दौरान गाना कन्नड़ भाषा में था और उन्हें इसके अर्थ की पूरी जानकारी नहीं थी। बाद में हिंदी डबिंग के दौरान इसके कुछ शब्दों पर आपत्ति उठी।
    मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब संजय दत्त ने न सिर्फ माफी मांगी, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का बड़ा फैसला भी लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे, जिससे यह विवाद एक सकारात्मक पहल में बदलता नजर आ रहा है।
    हालांकि, दूसरी ओर Nora Fatehi लगातार दूसरी बार आयोग के सामने पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोरा फतेही को 27 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया गया है।
    इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ विवादित गीत को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर संजय दत्त के सामाजिक कदम को लेकर उनकी चर्चा भी हो रही है। अब देखना होगा कि आने वाली सुनवाई में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र, घोषित करने की आवश्यकता नहीं

    मोहन भागवत का बड़ा बयान, कहा- भारत पहले से ही हिंदू राष्ट्र, घोषित करने की आवश्यकता नहीं

    नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अयोध्या राम मंदिर और भारत की सांस्कृतिक पहचान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सत्ता में बैठे लोगों की प्रतिबद्धता और देशभर के लोगों के सहयोग से संभव हुआ है।

    यह कार्यक्रम डॉ. हेडगेवार स्मारक समिति द्वारा उन लोगों के सम्मान में आयोजित किया गया था, जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में नेतृत्व और योगदान दिया। भागवत ने कहा कि राम मंदिर भगवान राम की इच्छा का प्रतीक है और इसके निर्माण में पूरे समाज की भागीदारी रही है। उन्होंने इसकी तुलना गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा से करते हुए कहा कि जैसे भगवान कृष्ण की उंगली पर पर्वत टिक गया था, वैसे ही यह मंदिर भी सामूहिक सहयोग से संभव हुआ।

    भागवत ने योगी अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि सनातन धर्म के पुनरुत्थान के लिए भारत का उभार आवश्यक है। उनके अनुसार यह प्रक्रिया 1857 से ही शुरू हो गई थी। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए ‘द गार्डियन’ के एक लेख का हवाला दिया, जिसमें भारत की राजनीतिक और ऐतिहासिक दिशा पर टिप्पणी की गई थी। भागवत ने कहा कि तकनीकी रूप से आजादी 1947 में मिली थी, लेकिन वास्तविक आत्मविश्वास बाद में मजबूत हुआ।

    उन्होंने यह भी कहा कि यदि सत्ता में बैठे लोग प्रतिबद्ध नहीं होते और जनआंदोलन नहीं चलता, तो राम मंदिर का निर्माण संभव नहीं था। भागवत के अनुसार, पहले ‘हिंदू राष्ट्र’ की बातों को लोग गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन अब यह विचार व्यापक रूप से स्वीकार किया जाने लगा है।

    उन्होंने कहा कि जैसे सूरज का पूर्व से उगना एक प्राकृतिक सत्य है और उसे घोषित करने की आवश्यकता नहीं होती, वैसे ही भारत का हिंदू राष्ट्र होना भी एक वास्तविकता है। अंत में उन्होंने कहा कि अब समय है देश को और अधिक समृद्ध और मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का, और भारत का उदय पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

  • 100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?


    नई दिल्ली| रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं।

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ का सबसे महंगा एक्टर है ये?
    हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा ‘राजा शिवाजी’ बॉलीवुड की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर हर किसी में एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है।

    इस दिन थिएटर में होगी रिलीज
    रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं। इस बीच आइए जानते हैं कि फिल्म के लिए किसने कितनी फीस ली है?

    रितेश देशमुख
    ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल कर रहे हैं। टाइम्स नाउ के मुताबिक, एक्टर ने इस रोल के लिए मोटी फीस ली है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने फिल्म के लिए 15 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये के बीच कमाई की है। वो फिल्म के सबसे महंगे एक्टर हैं।

    जेनेलिया डिसूजा
    रितेश देशमुख की पत्नी और एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी इस फिल्म में लीड रोल में हैं। एक्ट्रेस मूवी में सईबाई भोसले का अहम रोल निभा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं।

    अभिषेक बच्चन
    अभिषेक बच्चन फिल्म में संभाजी शाहजी भोसले के रोल में दिखेंगे। यह उनका मराठी सिनेमा में डेब्यू है। खबर है कि उन्हें इस रोल के लिए 6 करोड़ से 8 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    संजय दत्त
    बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय दत्त इस हिस्टोरिकल ड्रामा में अफजल खान का रोल कर रहे हैं। ट्रेलर में उनकी एक्टिंग की पहले ही तारीफ हो चुकी है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए 8 करोड़ से 10 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इसके अलावा संजय ‘खलनायक 2’ को लेकर भी खबरों में हैं।

    फरदीन खान
    एक्टर फरदीन खान मूवी में मुगल बादशाह शाहजहां का रोल कर रहे हैं। खबर है कि उन्हें अपनी एक्टिंग के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये मिले हैं।

    भाग्यश्री

    ‘मैंने प्यार किया’ एक्टर भाग्यश्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई का अहम रोल किया है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    महेश मांजरेकर
    एक्टर महेश मांजरेकर राजा शिवाजी में लखुजीराव जाधव का रोल करेंगे। खबर है कि उन्होंने अपने रोल के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    विद्या बालन
    फिल्म में विद्या बालन, मोहम्मद आदिल शाह (संजय दत्त) की मां ताजुल मुक्खिदारत हाजी बड़ी साहिबा के रोल में नजर आएंगी। मूवी के लिए उनकी फीस लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

  • कच्चा माल महंगा होने से ऑटो इंडस्ट्रीज पर संकट… बढ़ सकती हैं कारों की कीमतें

    कच्चा माल महंगा होने से ऑटो इंडस्ट्रीज पर संकट… बढ़ सकती हैं कारों की कीमतें


    नई दिल्ली।
    ऑटोमोबाइल कंपनियों (Automobile Companies) के सामने लागत का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मार्च 2026 से स्टील, मेटल और प्लास्टिक जैसे जरूरी कच्चे माल की कीमतों (Raw Materials Prices) में तेज उछाल आया है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ेगा और गाड़ियों की मांग भी घट सकती है। यह जानकारी सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) (Society of Indian Automobile Manufacturers – SIAM) के ताजा आंकड़ों में सामने आई है।


    पश्चिम एशिया में जंग का सीधा असर

    एक खबर के मुताबिक पश्चिम एशिया में जंग के चलते स्टील के दाम बढ़े हैं। मार्च 2026 में स्टील का भाव करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 60,000 रुपये प्रति टन पर पहुंच गया। वहीं, स्टेनलेस स्टील 16 प्रतिशत महंगा होकर 2 लाख रुपये प्रति टन से ऊपर निकल गया, जिससे गाड़ियों के बॉडी और दूसरे पुर्जों की लागत बढ़ गई।


    कोकिंग कोल से लेकर कीमती धातु तक, सब हुआ महंगा

    स्टील बनाने में इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोल की कीमत में 31 प्रतिशत का उछाल देखा गया। एल्युमीनियम (27 प्रतिशत) और कॉपर (28 प्रतिशत) के दाम लगभग एक-तिहाई बढ़ चुके हैं। गाड़ियों के इंटीरियर और पुर्जों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के दाम और भी तेजी से बढ़े हैं। पॉलीप्रोपाइलीन जैसे थर्मोप्लास्टिक 34 प्रतिशत महंगा होकर 136.2 रुपये प्रति किलो (पिछले साल 102 रुपये था) हो गया है, जबकि पॉलीकार्बोनेट 9 प्रतिशत बढ़कर 227 रुपये प्रति किलो पहुंच गया।


    एमिशन कंट्रोल पर भारी पड़ेगी कीमती धातुओं की महंगाई

    गाड़ियों में प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली में उपयोग होने वाली कीमती धातुओं के दामों में भी उछाल आया है। प्लैटिनम 124 प्रतिशत बढ़कर 6,196 रुपये प्रति ग्राम, रोडियम 121 प्रतिशत बढ़कर 33,000 रुपये प्रति ग्राम से अधिक और पैलेडियम 74 प्रतिशत बढ़कर 4,712 रुपये प्रति ग्राम हो गया है। इससे कारों में लगने वाले एमिशन कंट्रोल डिवाइस की लागत काफी बढ़ गई है।


    रुपये की कमजोरी से और बढ़ेगी मुश्किल

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल इस कीमत बढ़ोतरी का तुरंत असर मांग पर नहीं दिखेगा, लेकिन अगर यह दबाव लंबा चला तो लोग गाड़ी खरीदने में देरी कर सकते हैं। एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के गौरव बांगर ने बताया कि धातुओं, पॉलिमर और कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतें कार निर्माताओं के मुनाफे को निचोड़ रही हैं। कमजोर रुपये ने समस्या और बढ़ा दी है, जिससे कंपनियों को अपने मार्जिन बचाने के लिए गाड़ियों के दाम बढ़ाने होंगे।


    कुल इनपुट लागत का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा स्टील का

    उद्योग के जानकारों का कहना है कि वैल्यू चेन पर इसका असर साफ दिख रहा है। अकेले स्टील ही गाड़ी की कुल इनपुट लागत का 50 से 60 प्रतिशत हिस्सा होता है। टीओआई को एक कारोबारी ने बताया, “यह दबाव बिल्कुल असली है और कंपनियां इसकी मार झेल रही हैं।”

  • UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम

    UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी (More Simple and Transparent) होने जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में बदलाव के बाद अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है. इसका मकसद है लोगों को तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के वाहन खरीदने-बेचने की सुविधा देना।


    क्या है नई ADRV व्यवस्था?

    सरकार ने अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर यानी ADRV system को कानूनी मान्यता दी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होंगी. अब वाहन ट्रांसफर, दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन जैसे काम डिजिटल तरीके से होंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी भी बनेगी।


    डीलरों के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट जरूरी

    नई व्यवस्था के तहत अब जो भी डीलर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करेंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. यह सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन के जरिए ही जारी किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और अधिकृत डीलर ही इस बाजार में काम करें, जिससे ग्राहकों को ठगी का सामना न करना पड़े।


    पांच साल तक मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

    डीलरों को मिलने वाला यह ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट पांच साल तक वैलिड रहेगा. इससे उनकी जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी तरह के फर्जी लेनदेन पर रोक लगेगी. अगर कोई डीलर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान हो जाएगा.


    वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा

    इस नई डिजिटल व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा होगा. अब वे अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.


    पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

    सरकार का यह कदम पुराने वाहन बाजार को संगठित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. ऑनलाइन प्रक्रिया से हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे विवाद और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था यूपी में वाहन खरीद-फरोख्त को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगी।